Gen-Zs का नया स्ट्रेस बस्टर बन गई हैं ये Dopamine sites! जमकर हो रही शॉपिंग.. लेकिन पैसे नहीं हो रहे खर्च, जानें कैसे
Dopamine sites का क्रेज युवाओं के बीच काफी बढ़ता जा रहा है। इन साइट्स के जरिए Gen Z जमकर शॉपिंग करके अपना स्ट्रेस रिलीज करते हैं। खास बात यह है कि इन साइट्स के जरिए शॉपिंग करने पर उनका 1 भी रुपया खर्च नहीं होता। आइए जानते हैं कैसे।
Published By: Manisha | Published: Jun 16, 2026, 04:56 PM (IST)
Dopamine sites: Gen-Zs ऐसी जनरेशन हैं, जो नए-नए ट्रेंड्स लाकर अपने से पुरानी जनरेशन के लोगों को हमेशा चौंका देती है। कुछ ऐसा ही ट्रेंड एक बार फिर Gen Z लेकर आ गए हैं, जिसको सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है। दरअसल, Gen Z के बीच इन दिनों नया डिजिटल ट्रेंड फेमस हो रहा है। यह Dopamine sites का क्रेज है, जहां से वो लोग जमकर शॉपिंग तो कर रहे हैं... लेकिन उनके एक भी पैसे खर्च नहीं हो रहे हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है??? संभव है... दरअसल, ये Dopamine sites असल में कोई कोई शॉपिंग साइट्स नहीं है। ये बस देखने में असल वेबसाइट की तरह लगती है, जहां से आप अपने फेवरेट ऑर्डर को कार्ट में डालकर ऑर्डर तो करते हैं... लेकिन न तो उस ऑर्डर के पैसे कटते हैं और न ही वो ऑर्डर उन्हें कभी रिसीव होता है। इन साइट्स का उद्देश्य पैसे खर्च करके की गई शॉपिंग से मिलने वाली खुशी या फिर डोपामिन को बिना पैसे खर्च किए आप-तक पहुंचाना है। खास बात यह है कि जेन-जी इन साइट्स का काफी बढ़-चढ़कर इस्तेमाल कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।
क्या है Dopamine sites?
जैसे कि हमने बताया Dopamine sites असल जैसी दिखने वाली वेबसाइट्स हैं, जो कि असल में कुछ बेच नहीं रही हैं। आपने महसूस किया होगा कि शॉपिंग के बाद आपको एक अलग-सी खुशी मिलती है या फिर डोपामिन रश प्राप्त होता है... उसी खुशी को ये साइट्स बिना पैसे खर्च किए आपको प्रोवाइड कर रही हैं। ये साइट्स देखने में बिल्कुल असली लगती हैं, जिसमें शॉपिंग करने के लिए काफी सामान मौजूद होता है। आप अपने मनपसंद के सामान को कार्ट में डालते हैं और फिर ऑर्डर कर देते हैं। लेकिन असल में कोई असली ऑर्डर प्लेस नहीं हो रहा है... न ही आपके पैसे खर्च हो रहे हैं... और न ही आपको कोई ऑर्डर रिसीव होने वाला है। हालांकि, ये पूरी प्रक्रिया आपको असल-सी लगती है और आपको कुछ मिनटों खुशी प्राप्त होती है।
Gen-Zs के बीच क्यों पॉपुलर हो रही ऐसी साइट्स?
आपको बता दें, फिलहाल ये क्रेज दक्षिण कोरिया के युवाओं के बीच देखा जा रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में दूसरे देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। Jungwon University के प्रोफेसर Kim Heon-sik ने इन साइट्स की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी छोटे-छोटे डिजिटल एक्सपीरियंस से अपना स्ट्रेस कम करने की कोशिश करती है। इसी वजह से अब इन फेक साइट्स का क्रेज बढ़ता जा रहा है, जहां शॉपिंग का एक्सपीरियंस भी मिल जाता है और कोई पैसे भी खर्च नहीं होते।
इस तरह की साइट्स की लोकप्रियता का बढ़ना, दिखाता है कि अब डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ आपके आराम या फिर मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रह गया है। अब लोग अपने तनाव को कम करने व इमोशनल सपोर्ट के लिए भी डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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