ChatGPT इस्तेमाल करने से पहले हो जाएं अलर्ट! नकली चैटबॉट चुरा रहा यूजर्स का डेटा

अगर आप ChatGPT का इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। ध्यान रखें कि इस AI चैटबॉट को सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट से एक्सेस करें वरना आपको बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।

Published By: Swati Jha | Published: Feb 24, 2023, 12:56 PM (IST)

हाइलाइट

  • साइबर क्रिमिनल्स ने एक बॉट डिजाइन किया है जो ChatGPT की तरह दिखता है।
  • इसे Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है।
  • यह Fake Bot यूजर्स की पर्सनल और कॉर्पोरेट फाइनेंस डिटेल्स को चोरी कर रहा है।

ChatGPT ने पिछले कुछ हफ्तों में काफी सुर्खियां बटोरी हैं। स्टाइल और फॉरमेट की बड़ी रेंज के कारण यह इंसानों की तरह सवालों का जवाब दे सकता है। इसी के साथ AI Chatbot के दिलचस्प जवाब यूजर्स का दिल जीत रहे हैं। हालांकि ChatGPT की पॉपुलैरिटी के बीच हैकर्स सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। और पढें: ChatGPT में आया ये धमाकेदार फीचर, यूजर्स को मिलेगा ये बड़ा फायदा

ChatGPT को आजमाने की जिज्ञासा अब Cybercriminals द्वारा यूजर्स को ठगने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। जालसाज एक खास तरीके से क्यूरेट किए गए नकली ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह सोशल मीडिया क्रेडेंशियल्स सहित आपकी सेंसटिव डिटेल्स को चुरा सकता है। और पढें: Google Gemini में आ सकता है बड़ा अपडेट, फिर आसानी से कर पाएंगे ChatGPT की पूरी हिस्ट्री ट्रांसफर

साइबर सिक्योरिटी फर्म Kaspersky के रिसर्चर्स की एक टीम ने पता लगाया है कि साइबर क्रिमिनल्स ने एक बॉट डिजाइन किया है जो ChatGPT की तरह दिखता है। इसे Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है। यह Fake Bot यूजर्स के Facebook, TikTok और Google अकाउंट क्रेडेंशियल्स जैसे डेटा, साथ ही पर्सनल और कॉर्पोरेट फाइनेंस डिटेल्स को चोरी कर रहा है। और पढें: OpenAI का बड़ा प्लान, जल्द मिल सकता है ChatGPT में AI वीडियो बनाने का फीचर

ट्रोजन के जरिए की जा रही सिस्टम में एंट्री

ताजा मामले में सोशल मीडिया यूजर्स को एक लिंक पर क्लिक करने का लालच दिया जाता है। यह लिंक यूजर्स को ChatGPT पर ले जाने का दावा करता है। असल में यह लिंक यूजर्स Fake Website पर रिडायरेक्ट करता है जो ChatGPT की नकल करता है और यूजर्स को विंडोज के लिए फेक ChatGPT वर्जन इंस्टॉल करने के लिए कहता है। इसके बाद इंस्टॉलेशन प्रोसेस शुरू होती है लेकिन एक एरर मैसेज के साथ अचानक खत्म हो जाती है। इस मैसेज में कहा जाता है कि प्रोग्राम इंस्टॉल नहीं किया जा सका। वहीं इन सबके पीछे, यूजर की जानकारी के बिना प्रोग्राम की इंस्टॉलेशन प्रोसेस आगे बढ़ती है और यूजर के कंप्यूटर पर एक नया Trojan इंस्टॉल हो जाता है।

ट्रोजन वायरस Google Chrome, Microsoft Edge, Firefox और Brave जैसे पॉपुलर ब्राउजर्स पर स्टोर की गई सेंसटिव जानकारी को चुरा सकता है। इतना ही नहीं Trojan लॉगिन क्रेडेंशियल्स को चुरा लेता है और साथ ही दूसरी जरूरी जानकारी भी पाने की कोशिश करता है, इसमें एडवरटाइजिंग अमाउंट और बिजनेस अकाउंट का करेंट बैलेंस शामिल है।

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