ई-रिक्शा के बाद ATM को बंद-चालू करने वाले ऐप का वीडियो वायरल, जानिए इस दावे का सच

ई-रिक्शा के बाद ऐप से ATM को बंद-चालू करने की वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, लेकिन क्या ऐसा सच में संभव है? आइए जानते हैं इस दावे का सच...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jul 07, 2026, 01:21 PM (IST) | Edited: Jul 07, 2026, 01:26 PM (IST)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो लोग एक मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को दूर से बंद और चालू कर रहे हैं। इससे पहले BAT-BMS ऐप का यूज करके ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के मामलों में सामने आए थे, हालांकि Techlusive इस विडियों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं क्या ऐप मदद से ATM मशीनों को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं... और पढें: आखिर क्या है BAT-BMS ऐप? जो कुछ ही सेकेंड्स में ई-रिक्शा को बीच सड़क पर कर रहा बंद, जानें डिटेल्स

वीडियो में क्या दिखाया गया है?

BAT-BMS जैसे मोबाइल ऐप्स कुछ समय पहले ही चर्चा में आए थे, जब लोग सोशल मीडिया पर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से ही बंद करके वीडियों डाल रहे थे। अब इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियों वयलरल हो रहा है, जिसमें BAT-BMS जैसा इंटरफेस वाले ऐप से ATM मशीन को बंद-चालू किया जा रहा है, हालांकि इसमें दिख रहे लोगों की अभी पहचान नहीं हुई है और न हीं ATM मशीन की देखभाल कर रहे कर्मचारी का पता चला है।

क्या ATM हैक हो सकता है?

Cyber ​​security एक्सपर्ट्स के अनुसार, ATM और ई-रिक्शा में काम कर रही टेक्नोलॉजी एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है।

  • ई-रिक्शा के कुछ मॉडल सस्ते Battery Management System (BMS) और असुरक्षित कनेक्शन की वजह से हैक हो सकते हैं।
  • ATM मशीनें बैंक के सुरक्षित नेटवर्क, VPN, एन्क्रिप्शन, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी और फायरवॉल जैसी कई सुरक्षा सिस्टम पर काम करती हैं। ऐसे में किसी मोबाइल ऐप से उन्हें कंट्रोल करना लगभग असंभव है।

सरकार ने क्या कार्रवाई की?

Ministry of Electronics and Information Technology(MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से BAT-BMS ऐप हटा दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के नाम वाले कई फर्जी ऐप्स अभी भी है और इनकों डाउनलोड न करें क्योंकि इनमें मैलवेयर हो सकता है।

वीडियों में किया गया दावा सहीं है या गलत?

सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज और वायरल होने के चक्कर में इस तरह के वीडियो बनाए जाते हैं। फिलहाल किसी बैंक ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और इसका कोई आधिकारिक सबूत भी सामने नहीं आया है। इसलिए ऐसे विडियों पर भरोसा न करें।

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