BHEL ने किया बड़ा कारनामा, बना दिया देश का पहला 1200 kV अल्ट्रा हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने देश का पहला स्वदेशी 1200 kV अल्ट्रा हाई वो
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Jul 21, 2026, 12:29 PM (IST)
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने देश का पहला स्वदेशी 1200 kV अल्ट्रा हाई वोल्टेज एसी (UHVAC) ट्रांसफॉर्मर बना लिया है। इसकी क्षमता 333 MVA है और इसे पूरी तरह BHEL की अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) टीम ने डिजाइन, तैयार और टेस्ट किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनके पास इतनी एडवांस UHVAC ट्रांसफॉर्मर टेक्नोलॉजी है। आपको बता दें इस तकनीक को दुनिया की बहुत कम कंपनियां ही डेवलप कर पाई हैं और इसका टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी आसानी से नहीं मिलता है।
इसको बनाने में कितनी मेहनत लगी?
इस ट्रांसफॉर्मर को तैयार करने में BHEL के इंजीनियरों ने करीब दो साल तक लगातार रिसर्च की है। कंपनी के मुताबिक, दूसरे देशों पर निर्भर रहने के बजाय पूरी टेक्नोलॉजी इन-हाउस विकसित की गई है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग भोपाल स्थित BHEL के नए ट्रांसफॉर्मर प्लांट में अत्याधुनिक मशीनों और हाई क्वालिटी जांच के साथ हुई है। इस प्रोजेक्ट पर BHEL ने PowerGrid के साथ हुए एक MoU के तहत काम किया।
यह ट्रांसफॉर्मर कहां लगाया जाएगा और इसका क्या काम होगा?
यह 333 MVA, 1150/400/33 kV सिंगल-फेज ऑटो ट्रांसफॉर्मर है, जिसे मध्य प्रदेश के बीना में बन रहे भारत के पहले 1200 kV नेशनल टेस्ट स्टेशन में लगाया जाएगा। इस टेस्ट स्टेशन में PowerGrid भी बनाई जा रही है। बता दें किसी भी सबस्टेशन में ट्रांसफॉर्मर सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण उपकरणों में से एक होता है। इसके जरिए 1200 kV बिजली ट्रांसमिशन तकनीक का परीक्षण किया जाएगा, जिससे भविष्य में देश के बड़े बिजली नेटवर्क को और ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा।
1200 kV ट्रांसमिशन नेटवर्क की जरूरत भारत को क्यों है?
भारत में अभी 765 kV ट्रांसमिशन सिस्टम का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है, लेकिन आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग और सोलर-विंड जैसी रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने और लंबी दूरी तक कम नुकसान के साथ बिजली पहुंचाने के लिए 1200 kV ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। ऐसे हाई वोल्टेज सिस्टम के जरिए एक ही लाइन से ज्यादा बिजली भेजी जा सकती है, जिससे नई ट्रांसमिशन लाइनों कम बनानी पड़ेंगी और बिजली का नुकसान भी कम होगा और बिजली सप्लाई पहले से ज्यादा तेज और बेहतर हो सकेगी।
BHEL ने इससे पहले कौन-कौन सी बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं?
BHEL ने हाल के समय में ट्रांसमिशन सेक्टर में कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। जैसे...
- भारत का पहला स्वदेशी 500 MVA, 765 kV ट्रांसफॉर्मर भी सफलतापूर्वक टेस्ट कर PowerGrid की एक परियोजना के लिए भेजा है।
- BHEL ने भोपाल स्थित अपने अल्ट्रा हाई वोल्टेज (UHV) टेस्ट लैब के लिए 1200 kV, 180 MVA टेस्टिंग ट्रांसफॉर्मर भी तैयार किया है।
BHEL क्या-क्या चीजें बनाती है?
BHEL भोपाल, हैदराबाद और झांसी में अपने प्लांट में बिजली से जुड़े कई बड़े उपकरण बनाती है। जैसे...
- ट्रांसफॉर्मर
- शंट रिएक्टर
- इंस्ट्रूमेंट ट्रांसफॉर्मर
- कैपेसिटर
- हाई वोल्टेज सर्किट ब्रेकर
- स्विचगियर
कंपनी हर साल करीब 45,000 MVA क्षमता के ट्रांसफॉर्मर और रिएक्टर बना सकती है। वहीं भोपाल में उसका एक खास प्लांट है, जिसकी क्षमता 12,000 MVA है। यहां बड़े और बेहद हाई वोल्टेज वाले ट्रांसफॉर्मर बनाए जाते हैं।
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।