फोन 100% चार्ज होते ही प्लग से खुद हट जाएगा चार्जर, चीनी कंपनी का गजब जुगाड़ हो रहा वायरल

चीन की कंपनी Kuwajia का एक अनोखा चार्जर इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। यह चार्जर फोन 100% होते ही खुद सॉकेट से बाहर निकल जाता है। आइए जानते हैं...

Published By: Ashutosh Ojha | Published: Apr 20, 2026, 11:50 AM (IST)

चीन की कंपनी Kuwajia का एक अनोखा Auto-Eject’ फोन चार्जर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह चार्जर खास इसलिए है क्योंकि जैसे ही आपके फोन की बैटरी 100% होती है, यह अपने आप सॉकेट से बाहर निकल जाता है। कंपनी ने इसमें स्प्रिंग और इलेक्ट्रोमैग्नेट का इस्तेमाल किया है, जिससे चार्जिंग पूरी होते ही प्लग अपने आप अलग हो जाता है और बिजली सप्लाई तुरंत बंद हो जाती है। ऐसे समय में जब लोग अक्सर रातभर फोन चार्ज पर छोड़ देते हैं, तब यह टेक्नोलॉजी सामने आई है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। और पढें: क्या वायरलेस चार्जर से फोन चार्ज करना होता है सेफ? जानें ऐसे ही सवालों के जवाब

यह चार्जर काम कैसे करता है और क्या है इसकी खासियत?

इस चार्जर का काम करने का तरीका काफी दिलचस्प है। आमतौर पर हम जो चार्जर इस्तेमाल करते हैं, वे बैटरी फुल होने के बाद भी सॉकेट में लगे रहते हैं, जिससे कभी-कभी ओवरहीटिंग या बाकी समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन Kuwajia का यह चार्जर बैटरी फुल होते ही स्थिति को पहचान लेता है। इसके बाद इलेक्ट्रोमैग्नेट लॉक को रिलीज करता है और अंदर लगा स्प्रिंग प्लग को बाहर धकेल देता है। इससे बिजली की सप्लाई तुरंत कट जाती है और फोन सुरक्षित रहता है। कंपनी का दावा है कि यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो रातभर फोन चार्जिंग पर छोड़ देते हैं।

क्या आज के स्मार्टफोन में ओवरचार्जिंग सच में समस्या है?

हालांकि 2026 में ओवरचार्जिंग उतनी बड़ी समस्या नहीं रह गई है। आज के ज्यादातर स्मार्टफोन जैसे Samsung, Apple, Xiaomi और OnePlus पहले से ही स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के साथ आते हैं। ये सिस्टम बैटरी 100% होने पर चार्जिंग धीमी कर देते हैं या बंद कर देते हैं, ओवरहीटिंग से बचाते हैं और जरूरत के हिसाब से चार्जिंग को कंट्रोल करते हैं। ऐसे में नए फोन यूजर्स के लिए यह ऑटो-इजेक्ट चार्जर जरूरी नहीं लगता, लेकिन पुराने फोन या खराब वायरिंग वाले घरों में यह बेहतर काम कर सकता है।

क्या भारतीय यूजर्स के लिए यह चार्जर जरूरी है या सिर्फ एक ट्रेंड?

अगर भारत की बात करें, तो यहां कई घरों में अभी भी पुरानी वायरिंग या ढीले सॉकेट की समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में यह चार्जर कुछ लोगों के लिए यूजफुल हो सकता है, खासकर जहां वोल्टेज में उतार-चढ़ाव रहता है, हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह एक कूल गैजेट ज्यादा है, लेकिन जरूरत नहीं। वे कहते हैं कि मैकेनिकल पार्ट्स समय के साथ खराब हो सकते हैं और बार-बार प्लग का बाहर निकलना पुराने सॉकेट को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बेहतर है कि लोग ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें, नकली केबल से बचें, फोन को ठंडी जगह पर चार्ज करें और समय-समय पर सॉकेट की जांच कराएं।

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