CNG कारों का जलवा, नोएडा में 16 फीसदी बढ़ी बिक्री!

CNG Sale: ग्रेटर नोएडा में सीएनजी के दाम बढ़ने के बावजूद सीएनजी व्हिकल रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले साल अगस्त में 73740 सीएनजी व्हिकल रजिस्टर हुए थे, जो कि इस साल 16 फीसदी बढ़कर 88071 हो गए हैं।

Published By: Manisha | Published: Sep 03, 2023, 05:55 PM (IST)

हाइलाइट

  • पेट्रोल-डीजल के मुकाबले CNG के दाम हैं कम
  • नोएडा में 16 प्रतिशत बढ़ी सेल
  • हर महीने 1200 व्हिकल का हो रहा रजिस्ट्रेशन

Noida CNG Sale: पेट्रोल और डीजल की तरह पिछले दिनों दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम भी बढ़ा दिए गए थे। हालांकि, बढ़े हुए सीएनजी के दाम का असर नोएडा में देखने को नहीं मिला रहा है। लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो ग्रेटर नोएडा में सीएनजी के दाम बढ़ने के बावजूद सीएनजी व्हिकल रजिस्ट्रेशन में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। पिछले साल अगस्त में 73740 सीएनजी व्हिकल रजिस्टर हुए थे, जो कि इस साल 16 फीसदी बढ़कर 88071 हो गए हैं। और पढें: भारत की सबसे सस्ती CNG कारें, देखें लिस्ट

रिपोर्ट की मानें, तो पिछले साल अगस्त 2022 में 73740 CNG व्हिकल्स का रजिस्ट्रेशन किया गया था। वहीं, यह संख्या इस साल अगस्त 2023 में 88071 पहुंच गई है। सीएनजी के बाद पेट्रोल वाहनों को लोग सबसे ज्यादा खरीदना पसंद करते हैं। डीजल व्हिकल की बिक्री अब काफी कम हो गई है। पेट्रोल के बढ़ते दाम और डीजल की कम होती लोकप्रियता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में सीएनजी वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ सकती है। और पढें: Tata Tiago और Tigor के CNG AMT वेरिएंट लॉन्च, जानें कीमत

रिपोर्ट में परिवहन विभाग से मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि इस साल हर महीने तकरीबन 1200 सीएनजी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो रहा है।

CNG की बिक्री बढ़ने का अहम कारण-

CNG की कीमत में हाल ही में बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन इसके दाम अब भी पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले काफी कम है। इसी कारण लोग पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी वाहन खरीद रहे हैं। रिपोर्ट की मानें, तो एक आदमी 8 से 10 साल तक सीएनजी कार चलता है, जिससे ईंधन की खपत पर कम खर्चा आता है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता हुई कम

नोएडा में फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों का क्रेज कम है। यहां अभी केवल ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन सबसे ज्यादा होते हैं। रिपोर्ट की मानें, तो इस साल जनवरी में 729 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन किया गया। वहीं, इसकी तुलना में निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन काफी कम हैं, जिसकी संख्या सिर्फ 100 है।

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