WhatsApp में जल्द होगा बड़ा बदलाव! बिना SIM नहीं काम करेगा App
WhatsApp भारत में जल्द एक बड़ा बदलाव ला सकता है। कंपनी नए SIM Linkage Rule पर काम कर रही है, जिसके तहत बिना एक्टिव SIM के ऐप चलाना मुश्किल हो सकता है। आइए जानते हैं...
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Feb 24, 2026, 01:31 PM (IST) | Edited: Feb 24, 2026, 04:48 PM (IST)
भारत में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अब WhatsApp में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर नए 'SIM Linkage Rule' को लागू करने पर काम कर रही है। इस नियम के तहत भविष्य में ऐसा हो सकता है कि जिस फोन में Active SIM Card नहीं होगा, उसमें WhatsApp काम ही न करे। अभी तक यूजर्स किसी भी फोन में सिर्फ OTP डालकर लॉगिन कर सकते हैं लेकिन नए सिस्टम में SIM Active है कि नहीं इसकी जांच अनिवार्य हो सकती है। सरकार का मानना है कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ खामियां हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर ठगी और फिशिंग जैसे अपराध किए जा रहे हैं। इसलिए अब सुरक्षा को और सख्त बनाया जा रहा है।
मौजूदा सिस्टम में क्या कमी है?
मौजूदा सिस्टम की बात करें तो भारत में यूजर छह अंकों का OTP डालकर किसी भी डिवाइस पर WhatsApp अकाउंट चालू कर सकते हैं। लॉगिन के समय यह जरूरी नहीं होता कि जिस नंबर से अकाउंट बना है, वही SIM उस फोन में एक्टिव भी हो। एक बार लॉगिन पूरा हो जाने के बाद ऐप दोबारा यह जांच नहीं करता कि SIM चालू है या बंद। Ministry of Telecommunications के अनुसार, यही ढील साइबर अपराधियों के लिए मौका बन जाती है। अगर कोई नंबर बंद हो जाए या दोबारा किसी और को जारी कर दिया जाए, तो उसका गलत इस्तेमाल संभव है। इसी जोखिम को खत्म करने के लिए सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को SIM आधारित वेरिफिकेशन लागू करने के निर्देश दिए हैं।
बीटा वर्जन में क्या नया बदलाव दिखा?
नई जानकारी के मुताबिक, फीचर की बीटा टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। टेक वेबसाइट WABetaInfo ने खुलासा किया है कि एंड्रॉयड के 2.26.8.6 बीटा वर्जन में इस बदलाव के संकेत मिले हैं। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में दिखाया गया है कि WhatsApp SIM एक्टिवेशन की पुष्टि के लिए कोड आधारित प्रक्रिया अपना रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में ऐप बैकग्राउंड में यह जांच करेगा कि रजिस्टर्ड SIM फोन में मौजूद और एक्टिव है या नहीं। अगर SIM एक्टिव नहीं पाई गई, तो यूजर को दोबारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। यह कदम डिजिटल फ्रॉड को रोकने और यूजर्स की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।
नए नियम लागू होने पर यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?
नए सिस्टम के लागू होने के बाद WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका थोड़ा बदल सकता है। सिर्फ एक बार लॉगिन करना काफी नहीं होगा, बल्कि समय-समय पर SIM की पुष्टि करनी पड़ सकती है। अगर फोन में रजिस्टर्ड SIM मौजूद नहीं है या वह Inactive है, तो ऐप काम करना बंद कर सकता है। इससे उन लोगों को परेशानी हो सकती है जो बिना SIM वाले सेकेंडरी डिवाइस पर WhatsApp चलाते हैं लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह कदम अहम माना जा रहा है। सरकार और कंपनी दोनों का लक्ष्य है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धोखाधड़ी के मामलों को कम किया जाए और यूजर्स को सुरक्षित अनुभव मिले। आने वाले महीनों में इस फीचर को आधिकारिक रूप से लागू किया जा सकता है।
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