Koo में जुड़ा खास फीचर, ChatGPT के जरिए पोस्ट कर सकेंगे क्रिएटर्स
देसी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo ने OpenAI के एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल ChatGPT को ऐप के साथ इंटिग्रेट किया है। यह टूल क्रिएटर्स और वेरिफाइड यूजर्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने में मदद करेगा।
Published By: Harshit Harsh | Published: Mar 13, 2023, 04:29 PM (IST)
हाइलाइट
- Koo ने एडवांस AI टूल ChatGPT को ऐप के साथ इंटिग्रेट किया है।
- इस फीचर को फिलहाल क्रिएटर्स और वेरिफाइड यूजर्स के लिए लाया गया है।
- यूजर्स ChatGPT की मदद से अपने पोस्ट कर सकेंगे।
Koo ने माइक्रोसॉफ्ट के एडवांस AI टूल ChatGPT को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के साथ इंटिग्रेट किया है। भारतीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने फिलहाल इस फीचर्स को प्लेटफॉर्म पर मौजूद क्रिएटर्स और वेरिफाइड यूजर्स के लिए लाइव किया है। जल्द ही, इसे सभी यूजर्स के लिए रोल आउट किया जाएगा। Koo के साथ ChatGPT के इंटिग्रेशन से क्रिएटर्स और वेरिफाइड यूजर्स अपने पोस्ट लिखने के लिए AI टूल का सहारा ले सकेंगे।
यूजर्स को मिलेंगे कई फायदे
माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म का कहना है कि ChatGPT के इंटिग्रेशन की वजह से क्रिएटर्स अपने पोस्ट तैयार करने में आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) की एडवांस क्षमताओं का फायदा उठा सकेंगे। इसकe जेनरेटिव AI फीचर क्रिएटर्स और यूजर्स को कई तरह से मदद करेगा। जैसे कि
अगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर को दिन की प्रमुख खबरें खोजना हो या किसी फेमस पर्सनेलिटी से कुछ पंक्तियां लेना या ड्राफ्ट में किसी विशेष विषय पर पोस्ट या ब्लॉग लिखने के लिए कहना हो, जैसे काम आसानी से किए जा सकेंगे। यूजर्स इस इंटिग्रेशन की मदद से अपने पोस्ट को वॉइस कमांड के जरिए पोस्ट कर सकेंगे।
ChatGPT इंटिग्रेशन वाला पहला सोशल मीडिया ऐप
ChatGPT इंटिग्रेशन वाला Koo दुनिया का पहला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन गया है। हालांकि, कई ग्लोबल टेकनोलॉजी कंपनियां ChatGPT जैसा एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल बना रहा है। Google ने पिछले दिनों अपने AI टूल की घोषणा की थी। जल्द ही कंपनी इसे अपने सर्च इंजन के साथ इंटिग्रेट करेगी। Open AI के साथ पार्टनरशिप में ChatGPT डेवलप करने वाली कंपनी Microsoft ने इससे पहले इस टूल को अपने सर्च इंज Bing के साथ इंटिग्रेट किया था।
Twitter के प्रतिद्वंदी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo में पहले भी कई तरह के फीचर्स जोड़े गए हैं, जिनमें सेल्फ वेरिफिकेशन, टॉक-टू-टाइप, एडिट, कई भाषाओं में ट्रांसलेशन आदि शामिल हैं। भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Koo को तीन साल पहले मार्च 2020 में लॉन्च किया गया था। इस ऐप को अब 20 से ज्यादा भाषाओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें कम्युनिटी फीचर्स भी शामिल हैं। कू ऐप को अब तक ग्लोबली 6 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। कंपनी का दावा है कि यह ऐप दुनिया के 100 देशों में इस्तेमाल किया जाता है।
टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल की लेटेस्ट खबरों के लिए आप हमें व्हाट्सऐप चैनल, फेसबुक, यूट्यूब और X, पर फॉलो करें।