Google का कड़ा एक्शन- 7,000 से ज्यादा YouTube चैनल्स को किया बंद, चीन-रूस से जुड़े थे तार
Google ने साल 2023 की पहली तिमाही में 7000 से ज्यादा YouTube चैनल्स को बंद किया है। कहा जा रहा है कि इन चैनल्स के तार कई देशों से जुड़े हुए थे, जिनमें रूस, चीन, ईरान आदि शामिल है।
Published By: Manisha
Published: Mar 03, 2023, 09:03 PM (IST)
हाइलाइट
- कई यूट्यूब चैनल्स के लिंक रूस से जुड़े थे
- 6,285 यूट्यूब चैनल चीनी से लिंक थे
- 40 यूट्यूब चैनल्स ईरान से जुड़े थे
Google ने साल 2023 की पहली तिमाही में 7000 से ज्यादा YouTube चैनल्स को बंद किया है। यह जानकारी खुद Google के Threat Analysis Group (थ्रेट एनालिसिस ग्रुप) द्वारा रिवील की गई है। Threat Analysis Group के सीनियर डायरेक्टर Shane Huntley ने अपन लेटेस्ट ब्लॉग पोस्ट के जरिए खुलासा किया है कि गूगल ने यह कदम क्यों उठाया। कहा जा रहा है कि इन चैनल्स के तार कई देशों से जुड़े हुए थे, जिनमें रूस, चीनी, ईरान आदि शामिल हैं।
Shane Huntley ने जानकारी दी कि साल 2023 की पहली तिमाही में 7000 से ज्यादा YouTube वीडियो को रिमूव किया गया है। इनमें से 87 चैनल्स को इसलिए रिमूव किया गया क्योंकि इनके तार रूस से जुड़े हुए थे। इन चैनल्स की कैंपेन Internet Research Agency (IRA) से जुड़ी हुई थी। यह रूस में ऐसा कॉन्टेंट शेयर कर रहे थे जो कि वाग्नेर ग्रुप और यूक्रेन में युद्ध को सपोर्ट कर रहे थे।
इसके अलावा, गूगल ने जांच के हिस्से के तौर पर 7 यूट्यूब चैनल्स को बंद किया है। यह कैपेंन के लिंक रशियन इंटेलिजेंस से जुड़े थे। यह चैनल्स रूस में ऐसे कॉन्टेंट शेयर कर रहे थे, जो कि रूसी सरकार व यूक्रेन युद्ध आदि को सपोर्ट कर रहे थे।
सिर्फ रूस ही नहीं चीनी लिंक के कारण भी कुछ यूट्यूब चैनल्स रिमूव हुए हैं। इनमें 6,285 यूट्यूब चैनल और 52 ब्लॉगर्स को हटाया गया है, जिनके तार चीन से जुड़े थे। यह चैनल्स और ब्लॉग ज्यादातर म्यूजिक, इंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल से जुड़े चीनी स्पैम कॉन्टेंट अपलोड कर रहे थे।
चीन-रूस के अलावा 40 यूट्यूब चैनल्स ईरान से जुड़े थे। इन 40 चैनल्स पर भी एक्शन लेते हुए रिमूव कर दिया गया है। यह चैनल्स इरानी सरकर का सपोर्ट और प्रदर्शनकारियों के विरोध में फारसी, हिंदी, और ऊर्दू भाषा में कॉन्टेंट शेयर कर रहे थे।
अंत में, लगभग 1,088 यूट्यूब चैनल्स अजरबैजान से लिंक होने के नाते हटाए गए हैं। इन चैनल्स पर ऐसे वीडियो शेयर किए जाते थे, जो कि अजरबैजान को सपोर्ट कर रहे थे और अर्मेनिया की आलोचना।
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