Elon Musk के X पर लगा 3 करोड़ का जुर्माना, डोनाल्ड ट्रंप के रिकॉर्ड में देरी का आरोप
Elon Musk की कंपनी X पर डोनाल्ड ट्रंप के रिकॉर्ड को देरी से देने का आरोप लगा है। इसे कोर्ट ने अवमानना मानते हुए 3.5 लाख डॉलर यानी लगभग 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
Published By: harshit harsh | Published: Aug 10, 2023, 09:47 AM (IST) | Edited: Aug 10, 2023, 09:50 AM (IST)
हाइलाइट
- Elon Musk की कंपनी X पर अमेरिकी कोर्ट ने 3 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
- सोशल मीडिया कंपनी पर यह जुर्माना डोनाल्ड ट्रंप के रिकॉर्ड से संबंधित था।
- कोर्ट ने तय सीमा में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर कंपनी यह जुर्माना लगाया है।
Elon Musk की माइक्रोब्लॉगिंग कंपनी X (पहले Twitter) पर अमेरिका की अपील कोर्ट ने 3.5 लाख डॉलर (लगभग 3 करोड़ रुपये) का जुर्माना लगाया है। मस्क की कंपनी पर यह जु्र्माना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से संबंधित रिकॉर्ड छिपाने की वजह से लगा है। अपील कोर्ट के जज ने कंपनी पर ट्रंप से संबंधित सर्च वारंट पर तयसीमा के अंदर रिकॉर्ड्स नहीं देने पर यह जुर्माना लगा है। बुधवार 9 अगस्त 2023 को अमेरिकी कोर्ट में ट्रंप मामले में सुनवाई की जा रही थी, जिसमें जस्टिस डिपार्टमेंट की अपील पर एलन मस्क की कंपनी को दोषी पाया गया।
क्या है मामला?
स्पेशल काउंसेल जॉन जैक स्मिथ के ऑफिस से ट्विटर (अब X) को डोनाल्ड ट्रंप के 2020 चुनाव वाले मामले में वारंट जारी किया गया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि X ने जारी किए गए वारंट के नॉन-डिस्क्लोजर आदेश के बारे में फर्स्ट अमेंडमेंट की चिंताओ को उठाया था, क्योंकि कंपनी इसके बारे में ट्रंप को पहले ही सूचित करना चाहती थी। इसे वारंट का अवमानना मानते हुए X पर यह जुर्माना लगा है।
इस मामले में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट Truth Social पर कहा कि जस्टिस डिपार्टमेंट चोरी-छिपे ट्विटर (X) पर अटैक कर रहा है क्योंकि सोशल मीडिया कंपनी ने मेरे सिविल राइट्स से जुड़ा सवाल उठाया। डोनाल्ट ट्रंप के ट्वीट्स पब्लिकली देखे जा सकते हैं और कंपनी X अकाउंट्स क डायरेक्ट मैसेज, ट्वीट के ड्राफ्ट, लोकेशन डेटा और ट्वीट भेजने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले डिवाइस के प्रकार पर गैर-सार्वजनिक जानकारी भी रखती है। कोर्ट की राय में कहा गया है कि यह वारंट 6 जनवरी, 2021 को ट्रंप के समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल की घेराबंदी के आसपास की घटनाओं में स्मिथ की जांच से संबंधित था, जबकि उस समय तक डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले हफ्ते उसपर लगे अभियोग के लिए दोषी नहीं होने का अनुरोध किया था जिसमें उन पर नवंबर 2020 के चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन से मिली हार को पलटने की साजिश रचने का आरोप लगा था। डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से 2024 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
क्यों लगा जुर्माना?
एलन मस्क की कंपनी X (Twitter) की तरफ से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जस्टिस डिपार्टमेंट के वारंट में ट्रंप से संबंधित नॉन डिस्क्लोजर ऑर्डर के लिए 180 दिनों की समय-सीमा तय की गई थी। इसकी डेडलइन पहले 27 जनवरी 2023 थी, जिसके बााद नई डेडलाइन 7 फरवरी 2023 तक की गई थी। X ने ट्रंप के रिकॉर्ड को 9 फरवरी 2023 की शाम को उपलब्ध कराया था। इसकी वजह से कंपनी पर 50,000 डॉलर प्रति दिन और हर अगले दिन दोगुना जुर्माने के हिसाब से यह फाइन तय किया गया।
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