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	<title><![CDATA[Tips and Tricks: Latest Gadgets Guide &amp; News in Hindi | Photos, Videos &amp; Articles on Gadgets, Mobiles, Smart Phones &amp; Mobile Apps | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Tips and Tricks: Latest Gadgets Guide &amp; News in Hindi | Photos, Videos &amp; Articles on Gadgets, Mobiles, Smart Phones &amp; Mobile Apps | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Wed, 27 May 2026 04:23:49 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[इन छोटी-छोटी गलतियों से कम हो जाती है Android फोन की लाइफ, आज ही करें सुधार]]></title>
		<description>Android फोन अहम जरूरत में से एक है। हालांकि, लोग फोन यूज करते वक्त गलतियां कर देते हैं, जिससे डिवाइस की लाइफ कम होने के साथ और परफॉर्मेंस भी कम हो जाती है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के डिजिटल दौर में Android स्मार्टफोन हमारी जिन्दगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। इस डिवाइस के माध्यम से हम अपनों जुड़े ही नहीं रहते बल्कि ऑफिस काम कर सकते हैं और मनोरंजन के लिए मूवी देखने के साथ गेम तक खेल सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर लोग फोन यूज करते वक्त ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे स्मार्टफोन की लाइफ कम हो जाती है। बैटरी बैकअप पर भी बुरा असर पड़ता है। हम आपको इस टेक गाइड में ऐसी ही गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अक्सर अंजाने में करते हैं। इन्हें न दोहराने से आपका मोबाइल फोन ठीक काम करेगा और उसकी लाइफ भी बढ़ जाएगी।</p>
<h2>Software अपडेट</h2>
</p>
<p>अक्सर देखा गया है कि लोग सॉफ्टवेयर अपडेट को नजरअंदाज कर देते हैं। यह सबसे बड़ी गलती है। इन अपडेट को स्किप करने से फोन की सुरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। हमारी राय है कि सॉफ्टवेयर अपडेट को भूलकर भी अनदेखा न करें। जब भी यह अपडेट आए, तो उसे जरूर डाउनलोड करें। इससे फोन को अतिरिक्त सिक्योरिटी लेयर मिलेगी। इसके साथ ही डिवाइस में बग्स आए हैं, जो भी हट जाएंगे। फोन की परफॉर्मेंस में भी सुधार होगा।</p>
<h2>Mobile ऐप्स</h2>
</p>
<p>अननोन सोर्स से ऐप डाउनलोड करने से डेटा लीक होने की संभावना बढ़ जाती है। इस खतरे को कम करने के लिए यह गलती न करें। हमेशा गूगल प्ले-स्टोर (Google Play Store) से मोबाइल ऐप को डाउनलोड करें। यह ट्रास्टेड प्लेटफॉर्म है। यहां सभी ऐप सिकयोर्ड हैं।</p>
<h2>App परमिशन</h2>
</p>
<p>हम में से अधिकतर लोग फोन में ऐप इंस्टॉल करने के बाद बिना ध्यान दिए कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसे सेंसिटिव फंक्शन का एक्सेस दे देते हैं। इसके बाद ऐप को इन फीचर को इस्तेमाल करने की अनुमति मिल जाती है, जिसका उपयोग वे अपने फायदे के लिए करते हैं। ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए।</p>
</p>
<p>ऐप डाउनलोड करने के बाद परमिशन को ध्यान से पढ़ें। यदि जरूरत है, तो तभी एक्सेस प्रदान करें, नहीं तो एक्सेस न दें। इससे आपका फोन सुरक्षित रहेगा और कोई भी आपके डेटा का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।</p>
<h2>Security फीचर्स</h2>
</p>
<p>एंड्रॉइड फोन वैसे तो सुरक्षित होते हैं, लेकिन ओपन सोर्स होने की वजह से डेटा चोरी व फोन हैक होने का खतरा बना रहता है। इसलिए अपने फोन में पिन, पैटर्न, पासवर्ड, फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक फीचर को एक्टिवेट करके रखें। इससे कोई भी बाहरी व्यक्ति आपका फोन अनलॉक नहीं कर पाएगा। वहीं, 2FA (Two-Factor Authentication) फीचर को ऑन रखने से फोन को सुरक्षा लेयर मिलेगी।</p>
<h2>Cache</h2>
</p>
<p>एंड्रॉइड स्मार्टफोन में जब भी हम किसी वेबसाइट को खोलते हैं या फिर ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे फोन में कैशे फाइल स्टोर हो जाती हैं। ये अस्थायी डेटा व फाइल होती है। इससे ऐप व वेबसाइट तेज काम करते हैं और स्मूथली वर्क करते हैं। हालांकि, समय के साथ इन फाइल को डिलीट नहीं किया जाए, तो परफॉर्मेंस प्रभावित होती है, जिससे फोन स्लो काम करने लगता है। कई बार ऐप भी क्रैश हो जाते हैं। इसलिए डिवाइस की कार्य क्षमता को बरकरार रखने के लिए कैशे को डिलीट करते रहें।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 10:55:34 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[WhatsApp की स्टोरेज हो गई फुल, ऐसे करें खाली]]></title>
		<description></description>
		<content:encoded><![CDATA[<section class="type:slideshow">
<figure>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 09:52:33 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[नया कूलर खरीदते वक्त इन चीजों का रखें ध्यान, वरना बाद में होगा पछतावा]]></title>
		<description>गर्मी के मौसम में सही कूलर चुनना बेहद जरूरी है क्योंकि गलत कूलर खरीदने पर ना सिर्फ बिजली बिल बढ़ सकता है बल्कि ठंडी हवा भी सही तरीके से नहीं मिलती। बाजार में कई तरह के कूलर मौजूद हैं, इसलिए खरीदने से पहले कमरे का साइज, टैंक क्षमता, कूलिंग पैड और फीचर्स जैसी जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मी का मौसम तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे में लोगों ने अपने घरों के लिए कूलर खरीदना शुरू कर दिया है। AC की तुलना में कूलर कम बिजली खर्च करता है और बजट में भी आसानी से फिट हो जाता है। यही वजह है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग कूलर को पहली पसंद मानते हैं। हालांकि बाजार में अब कई तरह के एयर कूलर मौजूद हैं, जिनमें पर्सनल कूलर, टावर कूलर और डेजर्ट कूलर जैसे कई ऑप्शन शामिल हैं। ऐसे में सही कूलर चुनना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। अगर बिना सही जानकारी के कूलर खरीद लिया जाए, तो बाद में ना सिर्फ बिजली बिल बढ़ सकता है बल्कि कूलिंग भी अच्छी नहीं मिलती। इसलिए नया कूलर खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।</p>
<h2><strong>कमरे के हिसाब से कूलर चुनना क्यों जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>सबसे पहले अपने कमरे के साइज को ध्यान में रखकर ही कूलर खरीदना चाहिए। अगर आपका कमरा छोटा है तो पर्सनल कूलर बेहतर रहेगा, जबकि बड़े कमरे या हॉल के लिए डेजर्ट कूलर ज्यादा अच्छा ऑप्शन माना जाता है। कई लोग छोटे कूलर को बड़े कमरे में इस्तेमाल करते हैं, जिससे पूरे कमरे में ठंडी हवा नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा कूलर का एयर थ्रो भी काफी जरूरी होता है, ज्यादा एयर थ्रो वाला कूलर कमरे के हर कोने तक ठंडी हवा आसानी से पहुंचा सकता है। आजकल कई कूलर में मल्टीपल फैन स्पीड का फीचर भी मिलता है, जिससे जरूरत के हिसाब से हवा की स्पीड कंट्रोल की जा सकती है। इसलिए खरीदने से पहले एयर फ्लो और फैन स्पीड जरूर चेक करनी चाहिए।</p>
<h2><strong>बड़ी टैंक कैपेसिटी और इन्वर्टर सपोर्ट क्यों है जरूरी?</strong></h2>
</p>
<p>कूलर खरीदते समय पानी की टंकी की क्षमता पर भी खास ध्यान देना चाहिए। छोटे टैंक वाले कूलर में बार-बार पानी भरना पड़ता है, जिससे परेशानी बढ़ सकती है। वहीं बड़े टैंक वाले कूलर लंबे समय तक लगातार ठंडी हवा देते हैं और बार-बार पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही बिजली की खपत भी एक बड़ा फैक्टर है। आजकल मार्केट में ऐसे कूलर मौजूद हैं जो कम बिजली खर्च करते हैं और इन्वर्टर सपोर्ट के साथ भी आते हैं। ऐसे कूलर बिजली कटौती के दौरान भी आसानी से चल सकते हैं।</p>
<h2><strong>कूलिंग पैड और एडवांस फीचर्स में क्या देखें?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा कूलिंग पैड की क्वालिटी भी कूलर की परफॉर्मेंस पर सीधा असर डालती है। हनीकॉम्ब पैड वाले कूलर बेहतर कूलिंग देने के साथ ज्यादा टिकाऊ भी माने जाते हैं। वहीं कुछ सस्ते मॉडल में खराब क्वालिटी के पैड लगाए जाते हैं, जो जल्दी खराब हो जाते हैं और कूलिंग भी कम देते हैं। आजकल कई मॉडर्न कूलर में रिमोट कंट्रोल, आइस चैंबर, ऑटो वाटर फिल और टाइमर जैसे एडवांस फीचर्स भी दिए जा रहे हैं। ऐसे फीचर्स इस्तेमाल को और ज्यादा आसान बना देते हैं। इसलिए नया कूलर खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं बल्कि उसकी क्वालिटी, फीचर्स और जरूरत के हिसाब से सही मॉडल चुनना बेहद जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Cooler Buying Tips]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 26 May 2026 04:34:44 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[तेज गर्मी में आपका फोन हो रहा ओवर हीट, अभी अपनाएं काम के Smart Tips]]></title>
		<description>गर्मी के सीजन में तापमान बढ़ने से फोन में ओवर हीटिंग की समस्या आने लगती है। अच्छी बात यह है कि कुछ तरीकें हैं, जिनका पालन करने से इस परेशानी को ठीक किया जा सकता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>तेज गर्मी से सिर्फ लोग नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज भी प्रभावित हो रहे हैं। जहां एक तरफ गर्मी के कारण लैपटॉप व टैबलेट जैसे गैजेट हीटअप हो रहे हैं, तो दूसरी तरफ मोबाइल फोन में भी हीटिंग की समस्या आ रही है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने से फोन जल्दी गर्म हो जा रहे हैं। इस वजह से परफॉर्म बिगड़ रही है और बैटरी भी जल्दी खत्म हो रही है। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं, तो इस खबर में आपको समस्या का समाधान मिलेगा। हम आपको यहां कुछ तरीके बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने स्मार्टफोन को हीट होने से बचा सकेंगे।</p>
<h2>फोन को आराम दें</h2>
</p>
<p>स्मार्टफोन के हीट होने पर उसे कुछ देर के लिए छोड़ दें। यदि इंटरनेट ऑन है या फिर वाई-फाई कनेक्ट है, तो उसे बंद कर दें। इससे डिवाइस काम करना बंद कर देगा और ठंडा होना शुरू हो जाएगा। उसका तापमान सामान्य स्तर पर आ जाएगा।</p>
<h2>धूप से रखें दूर</h2>
</p>
<p>तेज धूप या फिर ज्यादा टेम्परेचर वाले माहौल में फोन यूज करने से हीटिंग की दिक्कत आ सकती है। हमारी राय है कि जब भी आप बाहर निकलें, तो मोबाइल फोन का कम से कम इस्तेमाल करें। इससे डिवाइस जल्दी गर्म नहीं होगा और अपने सामान्य तापमान पर बना रहेगा।</p>
<h2>यूसेज करें कम</h2>
</p>
<p>एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर लोग फोन गर्म होने पर भी उसका घंटों इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से डिवाइस अधिक गर्म हो जाता है, जिससे उसके खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए। अगर हैंडसेट गर्म है, तो उसका इस्तेमाल ज्यादा न करें। ऐसा करने से उसके पार्ट्स ठीक रहेंगे और परफॉर्मस पर बुरा असर नहीं पड़ेगा।</p>
<h2>बैकग्राउंड ऐप्स</h2>
</p>
<p>कई बार बैकग्राउंड में ऐप एक्टिव रहने से भी फोन में हीटिंग की समस्या आने लगती है। इस दिक्कत को सही करने के लिए बैकग्राउंड में चल रहे ऐप को बंद कर दें। इससे हीटिंग की समस्या खत्म हो जाएगी और मोबाइल फोन पहले की तरह काम करने लगेगा।</p>
<h2>फोन कवर</h2>
</p>
<p>गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से स्मार्टफोन का टेम्परेचर भी बढ़ने लगता है। अगर फोन पर कवर लगा हो, तो यह समस्या और भी बढ़ जाती है, क्योंकि फोन कवर हवा को पास नहीं होने देता है, जिससे हीट अंदर सर्कुलेट होने लगती है और तापमान बढ़ जाता है। इस परेशानी से निपटने के लिए फोन के कवर को कुछ समय के लिए हटा दें, फिर इस्तेमाल करें।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 10:46:17 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[कम बिजली खाने वाला Cooler खरीदना है? इन 5 बातों का रखें खास ख्याल]]></title>
		<description>Cooler Tips: अगर आप अपने घर के लिए कम बिजली खाने वाला कूलर खरीदना चाहते हैं, तो Blower vs Fan से लेकर Copper Winding तक...बस इन 5 बातों का आपको रखना है खास ख्याल।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मी के मौसम में अगर आप अपने घर के लिए नया कूलर खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको कुछ जरूरी बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखकर न केवल आपका कमरा जल्द से जल्द ठंडा हो जाएगा बल्कि बिजली की खपत भी कम होगी और आपका बिजली का बिल भी कम रहेगा। AC खरीदे वक्त अक्सर लोग Rating का ध्यान रखते हैं। मार्केट में 1 से 5 रेटिंग एसी खरीद के लिए उपलब्ध हैं। 1 स्टार मतलब ज्यादा बिजली खाने वाला एसी और 5 स्टार मतलब कम बिजली खपत वाला एसी। हालांकि, कूलर लेते वक्त इस बात का ध्यान नहीं रखते और अंजाने में ऐसा कूलर घर ले आते हैं, जो कूलिंग तो करेगा लेकिन कूलिंग के साथ-साथ आपके बिजली बिल को बढ़ाकर आपका सिर दर्द भी बढ़ा सकते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल में उन 5 बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको कम बिजली खाने वाले कूलर का चयन करने में मदद करेंगी। अगर आप इन टेक्निकल फीचर्स पर नजर रखें, तो आप अपने घर के लिए बेस्ट कूलर का चयन कर सकते हैं।</p>
<h2>Blower vs Fan</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663768" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-2.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>मार्केट में 2 तरह के कूलर आते हैं, जिसमें Fan Cooler और Blower Cooler शामिल होते हैं। पंखे वाले कूलर की बात करें, तो यह कूलर के अंदर मौजूद फैन कूलिंग पैड्स की हवा को बाहर फेंकता है, जिससे पूरे कमरे में कूलिंग मिलती है। वहीं, दूसरी ओर ब्लोअर सिर्फ एक दिशा में तेज हवा देता है। ब्लओर से आने वाली हवा का दवाब काफी ज्यादा होता है। अगर आप कम बिजली खपत वाले कूलरी की तलाश कर रहे हैं, तो ब्लोअर की तुलना में फैन वाला कूलर आपके लिए बेस्ट ऑप्शन होगा। यह कम बिजली की खपत करके आपको शानदार कूलिंग प्रोवाइड करते हैं।</p>
<h2>Motor Wattage</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Air-cooler.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1660415" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Air-cooler.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>कूलर खरीदते वक्त सबसे पहले कूलर की मोटर पर ध्यान देना चाहिए। जितने ज्यादा वॉट की मोटर होगी, उतनी ज्यादा बिजली की खपत कूलर करेगा। एक समान्य कूलर 100 से 250W मोटर के साथ आता है, जो कि 0.1 या फिर 0.2 यूनिट प्रति घंटा बिजली खाता है। आपको बता दें, यह 1.5 टन AC की तुलना में 5 से 7 गुना कम बिजली की खपत होती है। छोटे कमरे के लिए 100 से 150W मोटर सही रहती है। बड़े कमरे के लिए आपको 250W तक की मोटर वाला कूलर ले सकते हैं।</p>
<h2>Copper Winding</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-3.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663769" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-3.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>वॉट के अलावा, हमेशा ऐसा कूलर लेना चाहिए जिसकी मोटर Copper Winding के साथ आती हों। कॉपर वाइंडिंग मोटर एल्यूमीनियम मोटर की तुलना में में ज्यादा लंबे समय तक चलती है। इसी के साथ इस तरह की मोटर बिजल खपत भी कम करती हैं।</p>
<h2>Honeycomb Pads</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-5.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663770" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tips-5.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>पुराने समय में घास वाले कूलर आया करते थे, लेकिन अब मार्केट में हनीकॉम्ब पैड वाले कूलर आने लगे हैं। ये हनीकॉम्ब पैड वाले पानी को अच्छी तरह से सोखते हैं और लंबे समय तक कमरे में ठंडी हवा देते हैं।</p>
<h2>Water Tank Size</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/06/air-cooler-in-rainy-season.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1566216" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/06/air-cooler-in-rainy-season.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>कूलर खरीदते वक्त अपने कमरे व वॉटर टैंक साइज को भी ध्यान रखना जरूरी है। अक्सर लोग गलत साइज के कूलर खरीद लेते हैं, जिससे कमरे में ठंडक काफी देर में होती है और बिजली की खपत काफी ज्यादा होती है। छोटे कमरे के लिए 15 से 20 लीटर वॉटर टैंक बेस्ट रहता है। वहीं, बड़े कमरे के लिए 40 से 50 लीटर वॉटर टैंक वाला कूलर खरीदना चाहिए। यदि आप बड़े कमर में छोटे टैंक वाला कूलर लगाते हैं, तो बिजली की बर्बादी तो होती ही है और कमरा ठंडा होने में भी काफी समय लगता है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Cooler Tips]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 10:16:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[WhatsApp की ये 7 आदतें चुपचाप भर देती हैं फोन की Storage]]></title>
		<description>WhatsApp की ये 7 आदतें चुपचाप भर देती हैं फोन की Storage</description>
		<content:encoded><![CDATA[<section class="type:slideshow">
<figure>
						<img src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/WhatsApp-Image-2026-05-25-at-3.41.51-PM-2.jpeg" /><figcaption></figcaption></figure>
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</section>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 25 May 2026 06:31:56 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[बार-बार AC ऑन-ऑफ करना पड़ सकता है भारी, तेजी से बढ़ेगा बिजली बिल]]></title>
		<description>भीषण गर्मी में AC लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है, लेकिन बिजली का बढ़ता बिल हर किसी की चिंता बढ़ा देता है। कई लोग बिजली बचाने के लिए AC को बार-बार ऑन और ऑफ करते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह तरीका उल्टा ज्यादा बिजली बिल बड़ा देता है। इससे AC की परफॉर्मेंस और मशीन की लाइफ पर भी असर पड़ता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भीषण गर्मी में AC लोगों की सबसे बड़ी जरूरत बन जाता है, लेकिन जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे बिजली का बिल भी लोगों की चिंता बढ़ा देता है। इसी वजह से कई लोग बिजली बचाने के लिए एक तरीका अपनाते हैं, जिसमें वे कमरे के ठंडा होते ही AC बंद कर देते हैं और फिर गर्मी लगने पर दोबारा चालू कर देते हैं। लोगों को लगता है कि ऐसा करने से बिजली की खपत कम होगी, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बार-बार AC ऑन और ऑफ करना बिजली बचाने के बजाय बिल बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं, इससे AC पर भी बुरा असर पड़ता है और मशीन जल्दी खराब हो सकती है।</p>
<h2><strong>AC बार-बार ऑन-ऑफ करने से बिजली कंजप्शन क्यों बढ़ जाता है?</strong></h2>
</p>
<p>दरअसल, हर बार AC चालू होने पर उसका कंप्रेसर सबसे ज्यादा बिजली खींचता है। कंप्रेसर AC का सबसे जरूरी हिस्सा होता है, जब AC दोबारा स्टार्ट होता है तो कंप्रेसर को तेज पावर की जरूरत पड़ती है, जिससे अचानक बिजली की खपत बढ़ जाती है। अगर कोई व्यक्ति बार-बार AC बंद और चालू करता है तो यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है और कुल मिलाकर ज्यादा बिजली खर्च होती है। इसके अलावा लगातार स्टार्ट और स्टॉप होने से कंप्रेसर, कैपेसिटर और दूसरे इलेक्ट्रिकल पार्ट्स पर दबाव बढ़ता है। इससे AC की परफॉर्मेंस घट सकती है और रिपेयरिंग का खर्च भी बढ़ सकता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अगर AC बंद करना जरूरी हो, तो उसे कम से कम 30 से 35 मिनट बाद ही दोबारा चालू करना चाहिए।</p>
<h2><strong>इन्वर्टर AC कैसे बचाते हैं बिजली?</strong></h2>
</p>
<p>आजकल आने वाले इन्वर्टर AC इस समस्या को काफी हद तक खुद संभाल लेते हैं। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी वाले AC में तापमान सेट होने के बाद कंप्रेसर पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि उसकी स्पीड कम हो जाती है। इससे कम बिजली खर्च होती है और कमरे का तापमान भी लगातार संतुलित बना रहता है, जैसे ही कमरे में गर्मी बढ़ती है, कंप्रेसर धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ा देता है। यही कारण है कि इन्वर्टर AC पुराने मॉडल्स की तुलना में ज्यादा बिजली बचाते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे AC में &#8216;Auto Mode&#8217; का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है। Auto Mode खुद तय करता है कि AC को कब ज्यादा काम करना है और कब कम, जिससे लगातार ठंडक भी मिलती रहती है और बिजली की खपत भी कंट्रोल में रहती है।</p>
<h2><strong>बिजली का बिल कम रखने के लिए क्या करें?</strong></h2>
</p>
<p>अगर लोग सच में बिजली का बिल कम करना चाहते हैं, तो उन्हें AC को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक AC का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना सबसे सही माना जाता है। इसके अलावा कमरे की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने चाहिए ताकि ठंडी हवा बाहर न जाए। AC के फिल्टर की नियमित सफाई भी जरूरी है क्योंकि गंदे फिल्टर मशीन पर ज्यादा दबाव डालते हैं और बिजली की खपत बढ़ा देते हैं। समय-समय पर सर्विसिंग कराने से AC की लाइफ बढ़ती है और उसकी कूलिंग बेहतर बनी रहती है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[AC]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 15:46:10 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google Maps में आया जबरदस्त AI अपडेट, सफर होगा आसान]]></title>
		<description>Google Maps में आया जबरदस्त AI अपडेट, सफर होगा आसान</description>
		<content:encoded><![CDATA[<section class="type:slideshow">
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/webstories/tips-and-tricks-hindi/google-maps-ai-update-new-ask-feature-makes-travel-easier-and-smarter-1663656/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 08:46:10 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[फोटो असली है या AI? अब ऐसे चलेगा पता, ChatGPT और Gemini बताएगा तस्वीर का सच]]></title>
		<description>आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है क्योंकि AI से बनी फोटो बिल्कुल असली जैसी दिखती हैं। अब लोग ChatGPT, Gemini और बाकी टूल्स की मदद से पता लगा सकते हैं कि तस्वीर असली है या AI से बनाई गई है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली तस्वीरों पर भरोसा करना पहले जितना आसान नहीं रहा। AI की मदद से अब ऐसी तस्वीरें बनाई जा रही हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं। कुछ महीने पहले तक AI से बनी फोटो को पहचानना आसान था क्योंकि उनमें चेहरों की बनावट अजीब दिखती थी या बैकग्राउंड में गड़बड़ी नजर आती थी, लेकिन अब नए AI टूल्स इतने एडवांस हो चुके हैं कि असली और नकली तस्वीर में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। यही वजह है कि लोग कई बार फेक फोटो को सच मानकर शेयर कर देते हैं।</p>
<h2><strong>AI फोटो में कौन-कौन सी गलतियां हो सकती हैं?</strong></h2>
</p>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली फर्जी सेलिब्रिटी फोटो, हादसों की नकली तस्वीरें और राजनीतिक पोस्टर तेजी से फैल रहे हैं। कई बार लोग बिना जांच किए इन्हें आगे भेज देते हैं। ऐसे में Google और OpenAI जैसी कंपनियां अब ऐसे टूल्स दे रही हैं जिनकी मदद से AI से बनी तस्वीरों की पहचान की जा सकती है, हालांकि AI इमेज अब काफी बेहतर हो गई हैं, लेकिन उनमें अभी भी कुछ गलतियां रह जाती हैं। तस्वीर को जूम करके देखने पर हाथ, उंगलियां, दांत, चश्मा, कान की बालियां या बैकग्राउंड में लिखा टेक्स्ट अजीब लग सकता है। कई बार बोर्ड पर लिखे शब्द समझ नहीं आते या भीड़ में लोगों के चेहरे एक जैसे दिखाई देते हैं। इसके अलावा लाइट और शैडो भी कई बार सही तरीके से मैच नहीं करते।</p>
<h2><strong>ChatGPT और Gemini कैसे बताते हैं कि फोटो असली है या नकली?</strong></h2>
</p>
<p>OpenAI ने अपनी तरफ से एक इमेज वेरिफिकेशन सिस्टम देना शुरू किया है, जिससे यह पता लगाया जा सकता है कि कोई तस्वीर AI से बनाई गई है या एडिट की गई है। इसके लिए यूजर को अपने फोन या कंप्यूटर में ब्राउजर खोलकर OpenAI का इमेज वेरिफिकेशन टूल सर्च करना होगा। इसके बाद जिस फोटो की जांच करनी है उसे अपलोड करना होगा। सिस्टम उस तस्वीर को स्कैन करके उसमें मौजूद AI से जुड़े मुश्किल मार्कर और पहचान को चेक करता है। जांच पूरी होने के बाद यह बताया जाता है कि फोटो AI टूल्स से बनाई गई है या नहीं। इसी तरह Google Gemini भी अब SynthID टेक्नोलॉजी के जरिए AI इमेज पहचानने में मदद कर रहा है। यूजर Gemini ऐप में फोटो अपलोड करके पूछ सकते हैं कि तस्वीर AI से बनी है या नहीं।</p>
<h2><strong>इस तरीके का भी कर सकते हैं इस्तेमाल?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा रिवर्स इमेज सर्च भी आज के समय में काफी काम का तरीका माना जाता है। किसी तस्वीर को सर्च इंजन पर अपलोड करके यह पता लगाया जा सकता है कि वह पहली बार कहां दिखाई दी थी। अगर एक ही फोटो अलग-अलग कहानियों के साथ वायरल हो रही हो या किसी भरोसेमंद न्यूज सोर्स पर मौजूद न हो, तो उसके फेक होने की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में AI कंटेंट और ज्यादा एडवांस होगा, इसलिए इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर वायरल तस्वीर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उसकी जांच करना बेहद जरूरी हो गया है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[AI-generated images are becoming more realistic and difficult to identify online. Here's how you can detect one.]]></media:description>
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		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-detect-ai-or-real-photos-using-chatgpt-and-gemini-simple-guide-1663630/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 07:14:19 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[गर्मियों में गाड़ी के टायर में नाइट्रोजन गैस भरवाए या नॉर्मल हवा, जान लें ये बात नहीं तो हो सकता है हादसा!]]></title>
		<description>भीषण गर्मी में कार चलाते समय टायरों का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। तेज गर्मी और लंबे सफर के दौरान टायरों में प्रेशर बढ़ने से उनके फटने का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं गाड़ी के टायर में नाइट्रोजन गैस भरवाए या नॉर्मल हवा...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>देशभर में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और ऐसे मौसम में कार चलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है। गर्मियों में सबसे ज्यादा खतरा गाड़ी के टायरों को होता है। तेज धूप और गर्म सड़कों पर लंबी दूरी तय करने के दौरान टायरों के अंदर भरी हवा का तापमान तेजी से बढ़ता है। कई बार ज्यादा प्रेशर बनने की वजह से टायर फट जाते हैं, जिससे सड़क हादसे होने का खतरा बढ़ जाता है। हर साल गर्मियों में टायर ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में अगर आप भी अपनी कार से बाहर घूमने जा रहे हैं तो टायरों की सही देखभाल करना बेहद जरूरी है।</p>
<h2><strong>नाइट्रोजन गैस टायरों के लिए ज्यादा सुरक्षित कैसे होती है?</strong></h2>
</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों में कार के टायरों में सामान्य हवा की जगह नाइट्रोजन गैस भरवाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। नाइट्रोजन गैस सामान्य हवा की तुलना में ठंडी रहती है और जल्दी गर्म नहीं होती। यही वजह है कि टायर के अंदर प्रेशर अचानक नहीं बढ़ता और टायर फटने का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा नाइट्रोजन के मॉलिक्यूल्स बड़े होते हैं, इसलिए यह गैस टायर से जल्दी बाहर नहीं निकलती। इससे बार-बार हवा भरवाने की परेशानी भी कम हो जाती है।</p>
<h2><strong>नाइट्रोजन भरवाने से टायर और रिम को क्या फायदे मिलते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>नाइट्रोजन गैस का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें नमी नहीं होती। सामान्य हवा में मौजूद नमी गर्मी के मौसम में रिम और एलॉय व्हील में जंग लगने का कारण बन सकती है। वहीं नाइट्रोजन सूखी गैस होती है, जिससे टायर और रिम दोनों सुरक्षित रहते हैं। आजकल ज्यादातर कारों में ट्यूबलेस टायर दिए जाते हैं और ऐसे टायरों में नाइट्रोजन बेहतर परफॉर्मेंस करती है। टायर लंबे समय तक ठंडे रहते हैं, जिससे उनकी रबर जल्दी खराब नहीं होती और टायर की लाइफ भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि कई बड़ी टायर कंपनियां भी नाइट्रोजन के इस्तेमाल को बेहतर मानती हैं।</p>
<h2><strong>क्या नाइट्रोजन भरवाना महंगा है और क्यों है जरूरी?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि नाइट्रोजन गैस भरवाना सामान्य हवा की तुलना में थोड़ा महंगा पड़ता है। जहां सामान्य हवा पेट्रोल पंप पर मुफ्त में मिल जाती है, वहीं नाइट्रोजन भरवाने के लिए प्रति टायर लगभग 10 से 20 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके अलावा अभी हर जगह नाइट्रोजन की सुविधा उपलब्ध भी नहीं है, लेकिन अगर आप अपनी कार की सुरक्षा, टायर की लंबी उम्र और सुरक्षित सफर चाहते हैं तो गर्मियों में नाइट्रोजन गैस एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है, साथ ही समय-समय पर टायर प्रेशर चेक करना और घिसे हुए टायर बदलना भी बेहद जरूरी है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Nitrogen vs Normal Air in Car Tyres]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/nitrogen-vs-normal-air-in-car-tyres-which-is-better-for-summer-driving-1663622/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
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