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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 07:37:09 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Vikram-1 के सफल लॉन्च के साथ भारत ने रचा इतिहास, ऐसा करने वाला बना तीसरा देश]]></title>
		<description>स्काईरूट एयरोस्पेस का Vikram-1 रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च हो गया है। इसके साथ भारत ने प्राइवेट स्पेस सेक्टर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की पहली प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से विक्रम-1 (Vikram-1) ऑर्बिटल रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च करके बड़ा इतिहास रच दिया है। यह रॉकेट पूरी तरह से स्वदेशी है। इस स्पेस मिशन को &#8216;आगमन&#8217; नाम दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत ऐसा करने वाला तीसरा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका और चीन में प्राइवेस स्पेस कंपनियों ने रॉकेट लॉन्च किए थे।</p>
<h2>सफल हुआ मिशन</h2>
</p>
<p>कंपनी ने बताया कि विक्रम-1 ने टेस्ट फ्लाइट 1 को सफलता के साथ पूरा कर लिया है। यह रॉकेट ऑर्बिट में पहुंच गया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">ORBIT ACHIEVED. 🚀</p>
</p>
<p>Vikram-1 Test Flight-1 has reached orbit. India&#8217;s first privately developed orbital rocket has completed its final burn and injected its payloads into a ~450 km orbit, making India the third country in the world with private orbital launch capability.…</p>
</p>
<p>— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) <a href="https://x.com/SkyrootA/status/2078372300534252029?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 18, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>क्या-क्या लेकर गया रॉकेट ?</h2>
</p>
<p>स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस रॉकेट को पहले टेस्ट फ्लाइट के तौर पर लॉन्च किया है। इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य 450 किलोमीटर की लो-अर्थ ऑर्बिट में सैटेलाइट को स्थापित करना है। दिलचस्प बात ये है कि रॉकेट डिटेल कैप्चर करने के लिए स्कोप सैटेलाइट ही नहीं बल्कि डायमंड आर्ट पीस, माइक्रो-आर्ट पीस और पीएम मोदी की ओर से लिखा गया पोस्टकार्ड लेकर गया है।</p>
<h2>कितनी है पेलोड की क्षमता ?</h2>
</p>
<p>विक्रम-1 नाम इंडियन स्पेस प्रोग्राम के फादर डॉ. विक्रम साराभाई के सम्मान में रखा गया है। इस रॉकेट के अधिकतम पेलोड की क्षमता 500 किलोग्राम है, लेकिन इसे अभी सिर्फ 350 किलोग्राम के पेलोड के साथ लॉन्च किया गया है। इसके जरिए 350 किलो की सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट और 260 किलो की सैटेलाइट को सन सिंक्रोनस ऑर्बिट में पहुंचाया जा सकता है।</p>
</p>
<p>इस रॉकेट का वजन 40 टन है। इसकी ऊंचाई सात मंजिला बिल्डिंग के बराबर है। यह 8 किलोमीटर प्रति सेकेंड की स्पीड से सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जा सकता है। अब थ्रस्ट पावर की बात करें, तो यह 1200 किलोन्यूटन है। इसमें 3डी-प्रिंटेड लिक्विड इंजन का उपयोग किया गया है। इनका वजन कम है, जिससे टेक ऑफ करने में आसानी होती है।</p>
<h2>2022 में किया था टेस्ट</h2>
</p>
<p>स्काईरूट एयरोस्पेस ने साल 2022 में विक्रम-एस रॉकेट को टेस्ट लॉन्च किया था। इस रॉकेट को पृथ्वी की सतह से 301.4 सेकंड दूर भेजा गया। इसकी सफलता के बाद विक्रम-1 रॉकेट को तैयार किया गया, जिसे आज लॉन्च किया गया है।</p>
<h2>Vikram-2</h2>
</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, साल 2027 में विक्रम-2 रॉकेट को लॉन्च किया जाएगा। लो अर्थ ऑर्बिट में इस रॉकेट का पेलोड 900 किलोग्राम और सन-सिंक्रोनस ऑर्बिट में 600 किलोग्राम होगा। इसे विक्रम-1 की तरह डिजाइन किया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Skyroot-Vikram-1.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Skyroot Aerospace's Vikram-1 rocket]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/vikram-1-india-private-orbital-rocket-launch-successfully-mission-aagaman-1669224/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/vikram-1-india-private-orbital-rocket-launch-successfully-mission-aagaman-1669224/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 09:11:18 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Vikram-1: अंतरिक्ष में भारत के 'आगमन' की तैयारी पूरी, आज पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट होगा लॉन्च, रहें तैयार]]></title>
		<description>Aagaman mission के तहत भारत पहली बार प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 को अंतरिक्ष में भेजने वाला है। यह प्राइवेट स्पेस सेक्टर में भारत की पहली बड़ी उड़ान होने वाली है। यहां जानें खासियत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Vikram-1:</strong> भारत में ISRO के बाद पहली बार प्राइवेट स्पेस कंपनी अंतरिक्ष में इतिहास रचने को तैयार है। जी हां, Skyroot Aerospace नाम की कंपनी अपने पहले ऑर्बिटल रॉकेट Vikram-1 की टेस्ट फ्लाइट आज यानी 18 जुलाई को करने वाली है। इस मिशन को आगमन नाम दिया गया है। आपको बता दें, यह मिशन भारत के लिए कई आयामों में खास रहने वाला है। पहला कि यह पूरी तरह से स्वदेशी रॉकेट है। साथ ही भारत में पहली बार कोई प्राइवेट स्पेस कंपनी अंतरिक्ष में अपना ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने वाली है। इसके अलावा, यह रॉकेट पहली बार अपने साथ सोना-हीरा अंतरिक्ष में लेकर जा रहा है। आइए जानते हैं इस मिशन से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Skyroot Aerospace ने अपने ऑफिशियल <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/instagram-and-facebook-down-worldwide-users-flood-x-with-complaints-1665724/">X</a> हैंडल के जरिए कंफर्म किया कि मिशन आगमन के तहत Vikram-1 की पहली Test Flight कल 18 जुलाई सुबह 11:30 बजे लॉन्च की जाएगी। इस पोस्ट मे कंपनी ने रिवील किया कि यह भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल लॉन्च है, जो कि श्रीहरिकोटा में मौजूद सतीश धवन स्पेस सेंटर (SDSC-SHAR) के लॉन्च पैड से होने वाला है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">It’s official. 🚀</p>
<p>July 18. 11:30 AM IST.</p>
<p>Vikram-1. Test Flight-1. Mission Aagaman.</p>
</p>
<p>India’s first private orbital launch from the historic First Launch Pad at SDSC-SHAR, Sriharikota.</p>
</p>
<p>The countdown begins. 🇮🇳<a href="https://x.com/hashtag/Vikram1?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#Vikram1</a> <a href="https://x.com/hashtag/MissionAagaman?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#MissionAagaman</a> <a href="https://x.com/hashtag/SkyrootAerospace?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#SkyrootAerospace</a> <a href="https://x.com/hashtag/OpeningSpaceForAll?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#OpeningSpaceForAll</a> <a href="https://t.co/tGHCbQzsm8" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/tGHCbQzsm8</a></p>
</p>
<p>— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) <a href="https://x.com/SkyrootA/status/2077678346390139145?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 16, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>रॉकेट का नाम Vikram-1 क्यों रखा गया?</h2>
</p>
<p>Skyroot Aerospace ने इस रॉकेट का नाम Vikram-1 रखा है। दरअसल, कंपनी ने इस रॉकेट का नाम डॉ विक्रम साराभाई के सम्मान में दिया है, जिन्हें भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। विक्रम-1 रॉकेट की बात करें, तो यह अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स ही नहीं भेज सकता बल्कि इसके साथ कुछ खास चीजें भी अंतरिक्ष में भेजी जा रही हैं। इस रॉकेट के साथ भारत पहली बार सोने से बनी एक कलाकृति स्पेस में भेज रहा है, जिसमें भारत के महान वैज्ञानिकों सी. वी. रमन, डॉ. विक्रम साराभाई और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की मूर्तियां बनी हुई है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Flying alongside them: Cosmos Diamonds&#8217; artwork Cosmic Bloom, and a Microart by Ajay Kumar Mattewada — an 18K gold rocket holding micro-sculptures of Sir C.V. Raman, Dr. Vikram Sarabhai (Vikram-1&#8217;s namesake), and Dr. A.P.J. Abdul Kalam, each smaller than a grain of rice. <a href="https://t.co/gorfigyYCv" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/gorfigyYCv</a></p>
</p>
<p>— Skyroot Aerospace (@SkyrootA) <a href="https://x.com/SkyrootA/status/2074004047397585127?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 6, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>Vikram-1 की अन्य खूबियां</h2>
</p>
<p>Vikram-1 की अन्य खूबियों की बात करें, तो यह कार्बन कंपोजिट से बना पहला रॉकेट है, जो कि मजबूत स्टील की तुलना में काफी ज्यादा हल्का होता है। ऐसे में यह रॉकेट अपने साथ ज्यादा से ज्यादा वजनी समान स्पेस में ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा, यह रॉकेट 350 किलोग्राम के छोटे सैटेलाइट्स को Low Earth Orbit में ले जानें में सक्षम है। कंपनी का दावा है कि इस रॉकेट को कम बजट और कम समय में तैयार किया गया है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="New India's Big Leap | Skyroot's Vikram-1 and the Rise of Private Spaceflight" src="https://www.youtube.com/embed/jkgssIPp2jc" width="756" height="425" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
]]></content:encoded>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 14:56:23 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[भारत में अगले साल 2027 से चलेगी Bullet Train! साल 2030 में मिलेंगी जापान की एडवांस E10 सीरीज ट्रेन]]></title>
		<description>भारत की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की तैयारियां जोरों से चल रही है, जो कि मुबंई-अहमदाबाद से बीच चलने वाली है। कहा जा रहा है कि ये प्रोजेक्ट भारत में अगले साल 2027 से शुरू होने जा रहा है। साथ ही जापान साल भारत में अपनी एडवांस E10 सीरीज ट्रेन भी उपलब्ध कराएगा।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में मुंबई-अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अपडेट के मुताबिक, दोनों ही देशों ने प्रोजेक्ट सकारात्मक रूख अपनाते हैं भारत में हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट की टाइमलाइन रिवील कर दी है। कहा जा रहा है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला सेक्शन साल 2027 में ओपन कर दिया जाएगा। इसके अलावा, जापान भारत को अपनी एडवांस E10 सीरीज की बुलेट ट्रेन भी देने वाला है। आपको बता दें, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट को जापान की मदद से पूरा किया जा रहा है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Bullet Train भारत में अगले साल होगी शुरू!</h2>
</p>
<p>भारतीय रेलवे की तस्वीरें बदलती जा रही है। देशभर में मेट्रा का विस्तार, फिर वंदे भारत की शुरुआत और जल्द ही भारत में Bullet <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/irctc-new-website-in-beta-goes-live-with-faster-booking-and-cleaner-interface-how-to-book-train-ticket-1669171/">Train</a> का सपना भी साकार होने जा रहा है। सरकारी सूत्रों की मानें, तो भारत और जापान के बीच हाई-स्पीड ट्रेन प्रोडक्ट को लेकर बातचीत बेहद ही पॉजिटिव है और जल्द से जल्द इसको लागू किया जाएगा। कहा जा रहा है कि भारत में साल 2027 यानी अगले साल से बुलेट ट्रेन का पहला सेक्शन शुरू कर दिया जाएगा, जो कि मुंबई-अहमदाबाद के बीच स्थित होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">India-Japan discussions on the Mumbai-Ahmedabad high-speed train are progressing well. Japan will provide E10 series train in the early 2030s. The train is still under development. Meanwhile, construction work has rapidly progressed. The first section will be opened in 2027. Both… <a href="https://t.co/NwXnN5h3u9" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/NwXnN5h3u9</a></p>
</p>
<p>— ANI (@ANI) <a href="https://x.com/ANI/status/2078048673485988346?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 17, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>E10 Series Bullet Train भी मारेंगी भारत में एंट्री!</h2>
</p>
<p>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद जापान अपनी नेक्स्ट जनरेशन E10 सीरीज ट्रेनें भी भारत में उपलब्ध कराएगा। हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें, तो जापान इन ट्रेनों को भारत में साल 2030 के बाद भेजेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये ट्रेनें जापान में भी डेवलपमेंट और टेस्टिंग फेज में हैं। ऐसे में इन्हें भारत आने अभी कई साल बचे हैं। एडवांस ट्रेनों से पहले भारत अपनी हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट को रफ्तार देने के लिए बुलेट ट्रेन की शुरुआत करने वाला है।</p>
</p>
<p>रिपोर्ट्स की मानें, तो पहले सेक्शन के दौरान हाई-स्पीड ट्रेन 15 अगस्त 2027 को गुजरात के सूरत व बिलिमोरा के बीच चलेगी। इसके बाद अलग-अलग इलाकों में इसे फेज मैनर में शुरू किया जाएगा। कहा जा रहा है कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिसमें ट्रैक, स्टेशन व अन्य कामों को समय रहता पूरा किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य मुबंई और गुजरात के बीच ट्रैवल टाइमिंग को कम करके एक एडवांस ट्रेन नेटवर्क नागरिकों को प्रोवाइड करता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Bullet-train-India.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/india-first-bullet-train-section-will-be-opened-in-2027-mumbai-ahmedabad-high-speed-train-project-and-e10-series-trail-will-come-in-2030-1669193/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 06:25:24 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[इस एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ दौड़ेगी भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जानें यहां]]></title>
		<description>भारत में हाइड्रोजन ट्रेन चलने वाली है, जिसको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज हरी झंडी दिखाने वाले हैं। इसमें प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसे इसे पार्यवरण के अनुकूल और फ्यूल सेविंग बनाती है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में पहली बार हाइड्रोजन ट्रेन चलने का सपना आखिरकार साकार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है, जो हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच चलेगी। यह ट्रेन कुल 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इसमें 10 कोच को जोड़ा गया है। इस उपलब्धि के साथ भारत चीन, अमेरिका, जापान और जर्मनी के साथ उस सूची में शुमार हो गया है, जहां हाइड्रोजन से चलने वाली रेल गाड़ी चलती हैं।</p>
<h2>इन जिलों के बीच चलेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन</h2>
</p>
<p>देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा की जींद सिटी से पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रबड़ा, लाठ, मोहन हरियाणा, बरवासनी कवर करके सोनीपत तक जाएगी। इसमें सफर करने के लिए 5 से 25 रुपये तक का किराया देना होगा। इसमें एक बार में 2600 यात्री यात्रा कर सकेंगे, जिन्हें बैठाने के लिए 682 सीट लगाई गई हैं।</p>
<h2>किस टेक्नोलॉजी पर चलती है ट्रेन ?</h2>
</p>
<p>हाइड्रोजन ट्रेन में प्रोटॉन एक्सचेंज मेम्ब्रेन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। इसकी छत पर सिलेंडर लगे हैं। इसमें हाइड्रोजन गैस भरी है, जिसे बाहर हवा में मौजूद ऑक्सीजन से मिलाया जाता है। इससे ट्रेन को चलने में मदद मिलती है। इस दौरान सिर्फ पानी की भाप निकलती है। कार्बन न निकलने से प्रदूषण नहीं होता है और पर्यावरण बचा रहता है।</p>
</p>
<p>विशेज्ञों की मानें, तो हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन आम डीजल व बिजली से चलने वाली ट्रेन की तुलना में ज्यादा बेहतर है। इसे चलाने के लिए न बिजली और न डीजल की जरूरत पड़ती है। इससे फ्यूल सेव होता है। अच्छी बात यह है कि इसकी मेंटेनेंस भी बहुत कम है। इसका मतलब है कि ज्यादा खर्च नहीं आता है।</p>
<h2>बनाया एडवांस स्टेशन</h2>
</p>
<p>भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन के लिए जींद में हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाया है। यहां 3000 किलोग्राम गैस को स्टोर किया जा सकता है। सुरक्षा को ध्यान में रखकर गैस लीक डिटेक्टर, फ्लेम और स्मोक डिटेक्टर लगाए गए हैं। इसके अलावा, एडवांस तकनीक वाले सिस्टम भी इंस्टॉल किए गए हैं, जो गैस लीक होने पर स्प्लाई को रोक देंगे।</p>
<h2>भारत के लिए क्यों अहम है यह ट्रेन ?</h2>
</p>
<p>इस ट्रेन ने दुनियाभर में पैसेंजर कैपेसिटी के मामले में नया गोल सेट किया है। चीन और जर्मनी की ज्यादातर हाइड्रोजन ट्रेन में 2 से 3 डिब्बे होते हैं, लेकिन भारत में चलने वाली ट्रेन में 10 कोच को शामिल किया गया है, जिसमें 2000 से ज्यादा पैसेंजर बैठ सकते हैं। यह 1200 किलोवॉट के फ्यूल सेल सिस्टम की मदद से चलती है, जो इसे अन्य देशों में चलने वाली ट्रेन से अधिक पावरफुल बनाती है।</p>
</p>
<p>इस ट्रेन की ओरिजनल स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। हालांकि, इसे 75 किलोमीटर की रफ्तार से चलाने की मंजूरी मिली है।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/india-first-hydrogen-train-with-proton-exchange-membrane-fuel-cell-technology-explained-1669154/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/india-first-hydrogen-train-with-proton-exchange-membrane-fuel-cell-technology-explained-1669154/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 03:13:29 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google Vids हुआ पहले से ज्यादा स्मार्ट, मिनटों में बना सकेंगे खुद की AI Video]]></title>
		<description>Google Vids सिर्फ एआई टूल नहीं रहा बल्कि AI Video क्रिएशन प्लेटफॉर्म बन गया है। इसके जरिए आप टेक्स्ट लिखकर खुद की एआई वीडियो बना सकते हैं, जिन्हें एडिट भी किया जा सकेगा।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Google</strong> ने अपने AI वीडियो क्रिएशन टूल Google Vids को अपग्रेड कर दिया है। इस अपडेशन के तहत प्लेटफॉर्म पर अब आप अपनी खुद की एआई वीडियो बना सकते हैं। कंपनी का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर जोड़े गए नए फीचर्स से अपनी पसंदीदा वीडियो बनाई जा सकती हैं। इसकी मदद से अपनी सोच को वीडियो में ढाला जा सकेगा।</p>
<h2>प्लेटफॉर्म पर आए नए फीचर्स</h2>
</p>
<p>गूगल के अनुसार, <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/google-photos-gets-video-remix-feature-allow-to-users-to-edit-videos-in-few-minutes-1668522/">Google</a></strong> Vids में पर्सनल अवतार (Personal Avatars) फीचर को लाया गया है। इस नए टूल की मदद से आप खुद का डिजिटल अवतार क्रिएट कर सकते हैं, जो दिखने में और बोलने में आपकी तरह होगा। इससे वीडियो अधिक वास्तविक और पर्सनल लगेगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा व्यूअर्स जुड़ने की संभावना बढ़ जाएगी।</p>
</p>
<p>पर्सनल अवतार्स को एड करने के अलावा गूगल विड्स में एआई मॉडल जेमिनी ऑमिनी (Gemini Omni) का भी सपोर्ट दिया गया है। इससे वीडियो जनरेट करने में आसानी होगी। इन दोनों अपडेट्स से सिर्फ प्रॉम्ट देकर शानदार एआई वीडियो बनाई जा सकेगी।</p>
<h2>कैसे बनाए वीडियो ?</h2>
</p>
<p>कंपनी का कहना है कि गूगल विड्स पर वीडियो बनाने के लिए यूजर्स को सिर्फ सिंपल प्रॉम्प्ट देने के साथ अपनी फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद Omni उस जानकारी को जोड़कर शानदार वीडियो बना देगा, जैसी यूजर्स चाहते हैं।</p>
<h2>मिलेंगे कस्टामाजेशन ऑप्शन</h2>
</p>
<p>गूगल विड्स पर कस्टामाइजेशन का सपोर्ट भी मिलेगा। इससे एआई वीडियो में लाइटिंग को ठीक करने से लेकर बैकग्राउंड तक को जोड़ा जाएगा। इसके साथ स्पेशल इफेक्ट भी एड किए जा सकेंगे। यदि आप वीडियो क्रिएट करते वक्त गलती करते हैं, तो उस गलती को ओमनी की मदद लेकर उसे आसानी से सही कर सकेंगे। इसके लिए आपको पूरी वीडियो को न शुरुआत से एडिट करने और डिलीट करने की जरूरत पड़ेगी।</p>
</p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल विड्स को साल 2024 में एआई तकनीक से लैस टूल के रूप में लॉन्च किया गया था, लेकिन इन अपग्रेड्स के साथ अब यह प्लेटफॉर्म वीडियो क्रिएशन टूल बन गया है। इसकी मदद से खुद की AI Videos बनाई जा सकती हैं, जिन पर SynthID वॉटरमार्क लगा होगा। इससे व्यूअर्स को पता चल जाएगा कि वीडियो एआई द्वारा तैयार की गई है। यह वीडियो रियल नहीं है।</p>
<h2>पिछले साल लॉन्च हुआ AI Mode</h2>
</p>
<p>अंत में आपको बताते चलें कि गूगल का इस समय पूरा फोकस एआई पर है। गूगल विड्स को अपग्रेड करने से पहले पिछले साल यानी 2025 में गूगल सर्च को अपडेट किया था, जिसके तहत <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-launches-free-ai-research-foundations-course-in-india-learn-llms-gemini-ai-development-1668930/">AI</a> Mode को जोड़ा गया। इस फीचर के माध्यम से प्लेटफॉर्म पर मुश्किल सवाल पूछे जा सकते हैं, जिनका सटीक जवाब सेकेंडों में मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में प्रश्न पूछे जा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-vids-gets-personal-avatars-omni-helps-to-generate-own-ai-videos-1669131/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 10:57:16 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[SIR BLO OTP Scam: 'मैं आपका BLO बोल रहा हूं, ओटीपी आया होगा शेयर कर दीजिए'.... इस कॉल से रहें सावधान]]></title>
		<description>SIR BLO OTP Scam: SIR फॉर्म के नाम पर अब साइबर क्रिमिनल्स भी एक्टिव हो चुके हैं, जो फॉर्म सबमिट करने के लिए आपके OTP की मांग करते हैं। इस तरह की फ्रॉड कॉल्स से अलर्ट हो जाने की जरूरत है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>SIR BLO OTP Scam:</strong> देशभर में अभी SIR (SPECIAL INTENSIVE REVISION) की प्रक्रिया चल रही है। कई लोग इस फॉर्म को भर चुके हैं, तो कई लोग अभी भी इंटरनेट पर यह लिखकर सर्च कर रहे हैं कि &#8216;SIR फॉर्म कैसे भरे?&#8217;। लोगों की इसी कंफ्यूजन का फायदा उठाने के लिए अब साइबर क्रिमिनल्स भी एक्टिव हो चुके हैं। अब वो एसआईआर के नाम पर मासूम लोगों को ठगने की फिराक में हैं। SIR से जुड़ी जानकारी देने वाले कई CEO (Chief Electoral Officer) ने लोगों को इस तरह के स्कैम से बचने की सलाह दी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि स्कैर्स सिर्फ उन लोगों को ही अपना शिकार नहीं बना रहे हैं, जो फॉर्म भरना नहीं जानते बल्कि जो लोग पहले ही अपना फॉर्म भरकर BLO (Booth level Officer) को सबमिट कर चुके हैं&#8230; उन्हें भी ठगने के नए-नए तरीके निकाले जा रहे हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>CEO Haryana ने अपने ऑफिशियल <a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/instagram-plus-whatsapp-plus-and-facebook-plus-paid-subscriptions-plan-launched-by-meta-price-in-india-and-exclusive-features-details-1666236/">Facebook</a> पेज पर वीडियो शेयर करके इस तरह के Online Scam से बचने की सलाह दी है। वीडियो में बताया गया है कि कैसे SIR के नाम पर साइबर ठग आपको लूटने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, बताया गया है कि कुछ लोग इस तरह के स्कैम का शिकार हो चुके है। इसी वजह से इस तरह की वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।</p>
</p>
<p><iframe loading="lazy" style="border: none; overflow: hidden;" src="https://www.facebook.com/plugins/video.php?height=476&amp;href=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Freel%2F1319821213074835%2F&amp;show_text=true&amp;width=263&amp;t=0" width="263" height="591" frameborder="0" scrolling="no" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2>BLO OTP Scam क्या है?</h2>
</p>
<p>BLO OTP Scam की बात करें, तो इस स्कैम में एक शख्स आपके फोन पर कॉल करेगा और कहेगा कि मैं आपका BLO बोल रहा है। आपको बता दें, SIR फॉर्म बांटने व सबमिट करने के लिए हर एरिया का अपना BLO (Booth level Officer) निर्धारित किया गया है। यह बीएलओ न केवल फॉर्म देते हैं बल्कि फॉर्म भरने में भी आपकी मदद करते हैं। ऐसे में स्कैमर्स आपका नंबर निकालकर आपका BLO बनकर कॉल कर रहे हैं। कॉल पर कहा जा रहा है &#8220;आपने जो ऑफलाइन SIR फॉर्म भरा था, उसे अपडेट या फिर सबमिट कर रहा हूं&#8230; लेकिन अपडेट करते हुए कोई समस्या आ रही है जिसकी वजह से फॉर्म सबमिट नहीं हो पा रहा&#8230; फॉर्म सबमिट करने के लिए आपके नंबर पर एक OTP आएगा.. वो बता दीजिए।&#8221;</p>
</p>
<p>इस वक्त देशभर के लोगों में SIR फॉर्म भरने व सबमिट करने की इतनी टेंशन है कि आप बिना कुछ सोचे-समझे सामने वाले की बातों पर भरोसा कर लेते हैं और उन्हें अपने फोन पर आया OTP दे देते हैं। जैसे कि आप स्कैमर्स को फोन पर आया ओटीपी शेयर करते हैं, वैसे ही आपके अकाउंट से मोटा अमाउंट कट जाता है।</p>
<h2>ECI से जुड़ा कोई व्यक्ति OTP नहीं मांगता</h2>
</p>
<p>वीडियो में साफ कहा गया है कि ECI से जुड़ा कोई व्यक्ति या BLO आपसे SIR से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए OTP नहीं मांगते। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति आपको कॉल करके SIR फॉर्म सबमिट करने या फिर 2002 की वोटर लिस्ट में आपके नाम को वेरिफाई करने के लिए ओटीपी की मांग करता है, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं और फोन काट दें।</p>
</p>
<p>कई स्कैमर्स लोगों पर ओटीपी शेयर करने का दबाव डालते हैं और कहते हैं कि ओटीपी शेयर नहीं किया तो आपका नाम वोटर लिस्ट से कट जाएगा। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में जाकर उस व्यक्ति व उसके फोन नंबर की शिकायत दर्ज कर दें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-91.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Ai generated image]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/sir-blo-otp-scam-never-share-otps-or-financial-information-to-anyone-during-sir-2026-1669082/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 08:11:29 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Swiggy Instamart से अब घर बैठे मंगाएं LPG सिलेंडर, जानें कैसे करें ऑर्डर]]></title>
		<description>अब LPG सिलेंडर मंगवाने के लिए गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। Swiggy ने HPCL के साथ मिलकर Instamart पर घर बैठे इसे ऑर्डर करने की सुविधा शुरू की है...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>क्या आपका भी LPG सिलेंडर खत्म हो गया है और गैस एजेंसी जा रहे हैं, तो रुक जाइए। Swiggy ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ मिलकर भारत की पहली क्विक-कॉमर्स LPG सिलेंडर डिलीवरी सर्विस शुरू की है। फिलहाल ये सिर्फ बेंगलुरु में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उपल्ब्ध है। इस नई सुविधा के जरिए ग्राहक Swiggy Instamart ऐप से LPG सिलेंडर ऑर्डर कर सकेंगे। आपको बता दें इन सिलेंडरों को खरीदने के लिए पहले से कोई HP Gas कनेक्शन लेने की जरूरी नहीं होगी। कंपनी ने फिलहाल सिलेंडर की कीमतों की जानकारी शेयर नहीं की है।</p>
<h2><strong>कितने किलो के सिलेंडर मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>ऐप पर घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो का LPG सिलेंडर नहीं मिलेगा। अभी ग्राहक 5 किलो का मेटल और 10 किलो का कंपोजिट सिलेंडर खरीद सकते हैं। आप इसे स्विगी इंस्टामार्ट ऐप पर जाकर सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखने वाली बात यह है कि पहली बार ऑर्डर करने पर आपको अपनी पहचान वेरीफाई करनी होगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Everyday essentials are evolving &#8211; and so is the way they reach you.</p>
</p>
<p>With HP Navya × Swiggy Instamart, we’re bringing together trusted energy and the convenience of quick commerce to create a smarter LPG experience.</p>
</p>
<p>The journey begins with our pilot launch in Kanakapura,… <a href="https://t.co/WEx2AEYOSC" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/WEx2AEYOSC</a></p>
</p>
<p>— Hindustan Petroleum Corporation Limited (@HPCL) <a href="https://x.com/HPCL/status/2077364686128103582?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 15, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>Swiggy Instamart से कैसे ऑर्डर करें सिलेंडर?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>सबसे पहले अपने फोन में Swiggy ऐप खोलें और Instamart सेक्शन में जाएं। यहां आपको HPCL का 5 किलो मेटल LPG सिलेंडर और 10 किलो कंपोजिट LPG सिलेंडर का ऑप्शन मिलेगा।</li>
<li>अगर आप पहली बार HPCL का यह सिलेंडर खरीद रहे हैं, तो आपको अपनी पहचान वेरीफाई करनी होगी।</li>
<li>सिलेंडर चुनने और जरूरी जानकारी देने के बाद ऑर्डर कन्फर्म करें। इसके बाद HPCL के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क के जरिए आपका सिलेंडर घर तक पहुंचाया जाएगा।</li>
<li>जब सिलेंडर खाली हो जाएगा, तो अगली बार ग्राहक खाली सिलेंडर HPCL को वापस देकर नया भरा हुआ सिलेंडर रिफिल के रूप में लेना होगा।</li>
</ul>
<h2><strong>क्यों है यह पहल खास?</strong></h2>
</p>
<p>सिलेंडर की डिलीवरी पूरी सुरक्षा और सरकारी नियमों का पालन करते हुए HPCL के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए की जाएगी। हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की वजह से LPG की सप्लाई में काफी दिक्कतें आई थी। ऐसे में कंपनियों का कहना है कि बेहतर डिलीवरी नेटवर्क की मदद से ग्राहकों तक गैस सिलेंडर जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। छोटे सिलेंडर उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद होंगे जो किराए के घर में रहते हैं या उनका छोटा परिवार है।</p>
<h2><strong>दूसरे शहरों में कब मिलेगी सुविधा?</strong></h2>
</p>
<p>यह सर्विस केवल बेंगलुरु में शुरू की गई है और अभी इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। इस दौरान कंपनियां ग्राहकों की प्रतिक्रिया और सेवा की मांग का एनालिसिस करेगी। इसके बाद इसे देश के बाकी शहरों में भी शुरू किया जाएगा। Swiggy के Instamart प्लेटफॉर्म पर अब तक किराना, फल-सब्जियां, स्नैक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान मिलते थे। अब LPG सिलेंडर भी इसमें शामिल हो गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Swiggy-Instamart-LPG-Cylinder-Delivery.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Swiggy Instamart LPG Cylinder Delivery]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/swiggy-instamart-lpg-cylinder-delivery-how-to-order-hpcl-gas-cylinder-online-1669068/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 06:43:25 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Spider-Man के साथ Samsung का नया कैंपेन हुआ वायरल, नई Galaxy Z Series के लिए रिलीज किया दमदार टीजर]]></title>
		<description>सैमसंग ने अपनी नई Galaxy Z Series के लिए Spider-Man: Brand New Day के साथ खास कैंपेन शुरू किया है। कंपनी ने एक सिनेमैटिक टीजर जारी किया है। जानें इस टीजर में क्या-क्या दिखाया गया...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Samsung ने अपनी आने वाली Galaxy Z Series को प्रमोट करने के लिए Sony Pictures की फिल्म Spider-Man: Brand New Day के साथ पार्टनरशिप की है। कंपनी ने एक नया सिनेमैटिक टीजर जारी किया है। इस वीडियो में Spider-Man की लाइफ और सैमसंग गैलेक्सी डिवाइस को एक कहानी के जरिए दिखाया गया है। जिसमें अपना सुपरहीरो का फोन दुश्मनों से लड़ते हुए बार-बार टूट जाता है। फिर वो 3D प्रिंटर के जरिए सैमसंग के फ्लिप और फोल्ड फोन बनाकर यूज करता है। कंपनी का कहना है कि यह टीजर आने वाले Galaxy Unpacked इवेंट से पहले की झलक है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Samsung-Spider-Man-partnership.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1669064 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Samsung-Spider-Man-partnership.jpg" alt="Samsung Spider-Man partnership" width="1280" height="720" /></a></p>
<h2><strong>टीजर में क्या दिखाया?</strong></h2>
</p>
<p>इस कैंपेन के डायरेक्टर Kasra Farahani हैं। जो कि Marvel के प्रोडक्शन डिजाइनर भी हैं। वीडियो में Peter Parker यानी Spider-Man अपने अपार्टमेंट में सैमसंग का फ्लिप फोन यूज करते नजर आते हैं, वहीं एक्टर Jacob Batalon मूवी के Ned Leeds कैरेक्टर में ही होते है और सैमसंग के फोल्ड डिवाइस में Spidey Tracker की मदद से Spider-Man की लोकेशन पता करते हुए दिखाई देते हैं। कंपनी के अनुसार, इस टीजर में फैंस के लिए कई मजेदार Easter Eggs भी छिपाए गए हैं।</p>
</p>
<p><iframe loading="lazy" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ZI2WYzMx0ow?si=C4W3sHfTKE3U6jjc" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p>
<h2><strong>ये पार्टनरशिप क्यों खास है?</strong></h2>
</p>
<p>Samsung Electronics America की Chief Marketing Officer Keena Grigsby ने कहा कि Spider-Man हमेशा नई सोच, बहादुरी और हर मुश्किल का हल निकालने वाल सुपरहीरो है। इसी चीज को दिखाने के लिए Samsung ने Sony के साथ हाथ मिलाया है। उन्होंने बताया कि कंपनी फैंस के लिए ऐसा कैंपेन बनाना चाहती है जिसमें Galaxy डिवाइसेस मूवी का हिस्सा लगें। वहीं Samsung के नए ब्रांड एंबेसडर Jacob Batalon ने कहा कि Galaxy Z Fold7 का इस्तेमाल करना उनके लिए शानदार अनुभव रहा और ये डिवाइस मूवी में उनके किरदार के साथ पूरी तरह फिट बैठते हैं।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Samsung-Spider-Man-partnership-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1669063 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Samsung-Spider-Man-partnership-1.jpg" alt="Samsung Spider-Man partnership" width="1280" height="720" /></a></p>
<h2><strong>Galaxy Unpacked इवेंट कब होगा?</strong></h2>
</p>
<p>सैमसंग ने फैंस से कहा है कि वे SpideyTracker.com और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @SpideyTracker के जरिए इस कैंपेन से जुड़े नए अपडेट देख सकते हैं। कंपनी का अगला बड़ा इवेंट Samsung Galaxy Unpacked 22 जुलाई को होगा, जहां Galaxy Z Series के नए डिवाइस और कई बड़े ऐलान किए जाएंगे। इसका लाइव प्रसारण कंपनी की वेबसाइट, Samsung Newsroom और YouTube चैनल पर देखा जा सकेगा। इसके साथ ही सैमसंग ने प्री-ऑर्डर ऑफर का भी ऐलान किया है। ग्राहक अभी डिवाइस रिजर्व करके 30 डॉलर का Samsung Credit और दूसरे खास ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। वहीं कुछ ग्राहकों को 500 डॉलर का Samsung Gift Card जीतने का मौका भी मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Samsung-Spider-Man-partnership-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Samsung Spider-Man partnership]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/samsung-expands-spider-man-brand-new-day-partnership-unveils-new-galaxy-z-series-teaser-1669054/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/samsung-expands-spider-man-brand-new-day-partnership-unveils-new-galaxy-z-series-teaser-1669054/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 16 Jul 2026 05:00:09 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[अंतरिक्ष में बिना हवा के कैसे उड़ते हैं रॉकेट? जानिए इसके पीछे की साइंस]]></title>
		<description>अंतरिक्ष में रॉकेट एक खास विज्ञान की मदद से उड़ते हैं। आज हम इसी के बारे में जानेंगे, कि आखिर बिना हवा के उन्हें आगे बढ़ने की ताकत कहां से मिलती है?</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>कभी आपने सोचा है रॉकेट अंतरिक्ष में कैसे उड़ते हैं, बल्कि वहां तो हवा भी नहीं होती। हालांकि कई लोगों को लगता हैं ये भी हवाई जहाज वाले कॉन्सेप्ट पर उड़ते होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हैं। दरअसल, हवाई जहाज अपने पंखों के ऊपर और नीचे बहने वाली हवा की वजह से उड़ान भरते हैं। वहीं रॉकेट अपने इंजन की जबरदस्त ताकत से आगे बढ़ते हैं। इसी ताकत को थ्रस्ट कहा जाता है। यही वजह है कि ज्यादातर रॉकेट में एरोप्लेन की तरह पंख नहीं होते। उनका मकसद हवा में उड़ना नहीं, बल्कि पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलकर अंतरिक्ष तक पहुंचना होता है।</p>
<h2><strong>रॉकेट कैसे उड़ता है?</strong></h2>
</p>
<p>रॉकेट का साइंस न्यूटन के तीसरे नियम पर काम करता है। जिसमें कहा गया है कि हर क्रिया की बराबर और उलटी प्रतिक्रिया होती है। जब रॉकेट का इंजन बहुत तेजी से गर्म गैसों को नीचे की ओर बाहर फेंकता है, तो उसी ताकत से रॉकेट ऊपर की ओर उठता है। इस धक्के को थ्रस्ट कहा जाता है। यही थ्रस्ट रॉकेट को आसमान की ओर ले जाता है। बता दें रॉकेट अपने इंजन का नोजल को घूमाकर दिशा भी बदल सकता है। इस टेक्नोलॉजी को गिम्बलिंग (Gimbaling) कहते हैं। अंतरिक्ष में सही कक्षा (Orbit) तक पहुंचने के लिए रॉकेट को करीब 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करनी पड़ती है।</p>
<h2><strong>पृथ्वी के वायूमंडल से निकलने के लिए रॉकेट को क्या परेशानी होती है?</strong></h2>
</p>
<p>जब रॉकेट अंतरिक्ष में जाता है तो उसे पृथ्वी के अंदर हवा काफी रोकती है। इस एयर रेजिस्टेंस को Drag कहा जाता है। इसकी वजह से इसे ऊपर जाने के लिए ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। इसलिए वैज्ञानिक इसका आकार ऐसा बनाते हैं कि हवा का असर उस पर कम से कम हो और ये तेजी से उड़े। वहीं रॉकेट ऊपर जाता है, हवा पतली होती जाती है और यह रुकावट भी कम होने लगती है। अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद तो हवा बिल्कुल नहीं होती। ऐसे में रॉकेट का इंजन और बेहतर तरीके से काम करता है और पहले से ज्यादा थ्रस्ट पैदा कर सकता है।</p>
<h2><strong>अंतरिक्ष में कैसे बदलते हैं दिशा और रास्ता?</strong></h2>
</p>
<p>जब कोई अंतरिक्ष यान, जैसे स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल, अंतरिक्ष में पहुंच जाता है, तो उसे दिशा बदलने के लिए हवा की जरूरत नहीं होती। इसके लिए उसमें रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (RCS) लगाया जाता है। इसमें कई छोटे-छोटे इंजन (थ्रस्टर) लगे होते हैं। जब इसे को दाएं-बाएं घुमाना हो, उसकी दिशा बदलनी हो या उसकी स्पीड को थोड़ा नियंत्रित करना हो, तो ये छोटे इंजन कुछ सेकंड में चालू हो जाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/How-Do-Rockets-Fly-in-Space.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[How Do Rockets Fly in Space]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/how-do-rockets-fly-in-space-without-air-the-science-explained-1669050/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/how-do-rockets-fly-in-space-without-air-the-science-explained-1669050/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 15 Jul 2026 15:07:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[MS Dhoni ने कान में कौन-सा डिवाइस लगाया है? क्या यह बड्स हैं?]]></title>
		<description>IND vs ENG मैच के दौरान MS Dhoni ने कान में क्या पहना है?</description>
		<content:encoded><![CDATA[<section class="type:slideshow">
<figure>
						<img src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Dhoni-2.jpg" /><figcaption></figcaption></figure>
<figure>
						<img src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Dhoni.jpg" /><figcaption></figcaption></figure>
<figure>
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						<img src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Dhoni-4.jpg" /><figcaption></figcaption></figure>
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<figure>
						<img src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Dhoni-1.jpg" /><figcaption></figcaption></figure>
</section>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Dhoni-4.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/webstories/news-hindi/what-is-ms-dhoni-wearing-in-his-ear-during-ind-vs-eng-match-1668985/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
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