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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 07:54:25 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google के Gmail और Keep में आने वाला है बड़ा AI फीचर, अब टाइप नहीं बोलकर कर सकेंगे काम]]></title>
		<description>Google जल्द ही Gmail, Google Keep और Google Docs में नया AI फीचर लाने वाला है। इसके बाद यूजर्स कई काम टाइप करने की बजाय सिर्फ बोलकर कर सकेंगे। इस फीचर से नोट्स बनाना, ईमेल खोजना, रिमाइंडर सेट करना और डॉक्यूमेंट तैयार करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google जल्द ही Gmail, Google Docs और Google Keep में नए Conversational AI फीचर्स लाने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने इन फीचर्स की पहली झलक मई में आयोजित Google I/O 2026 इवेंट के दौरान दिखाई थी और बताया था कि इन्हें इस गर्मी अमेरिका में रोलआउट किया जाएगा। अब लॉन्च से पहले इन नए फीचर्स की टेस्टिंग शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google Keep और Gmail में वॉइस आधारित AI इंटरफेस दिखाई दिया है, जिससे यूजर्स बिना टाइप किए सिर्फ बोलकर नोट्स बना सकेंगे, ईमेल से जुड़ी जानकारी खोज सकेंगे और कई रोजमर्रा के काम आसानी से कर पाएंगे। माना जा रहा है कि इन फीचर्स को Pixel 11 Series के लॉन्च के आसपास आधिकारिक तौर पर जारी किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>Google Keep का नया AI फीचर कैसे करेगा काम?</strong></h2>
</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, Google Keep में एक नया Live बटन दिया गया है, जो मौजूदा Create Note बटन के ऊपर दिखाई देता है। इस पर टैप करते ही वॉइस इंटरफेस खुल जाता है, जहां यूजर बोलकर नया नोट बना सकता है या पुराने नोट में बदलाव कर सकता है। इतना ही नहीं, यूजर अपनी आवाज से रिमाइंडर भी बना सकेगा, हालांकि यह रिमाइंडर Google Tasks में सेव होगा। स्क्रीन पर माइक्रोफोन को म्यूट करने, वॉइस कमांड भेजने और रिकॉर्डिंग रद्द करने जैसे ऑप्शन भी मिलते हैं। Google का कहना है कि यह फीचर बोले गए शब्दों को अपने आप व्यवस्थित नोट्स और लिस्ट में बदल देगा, जिससे नोट्स बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।</p>
<h2><strong>Gmail और Docs में क्या मिलेगा नया?</strong></h2>
</p>
<p>Google Gmail में भी इसी तरह का वॉइस AI इंटरफेस टेस्ट कर रहा है। इस फीचर की मदद से यूजर अपने इनबॉक्स से जुड़ी जानकारी सिर्फ सवाल पूछकर हासिल कर सकेगा। उदाहरण के लिए, किसी खास ईमेल को ढूंढना, पुराने मैसेज के बारे में पूछना या जरूरी जानकारी निकालना आसान हो जाएगा। वहीं Google Docs में आने वाला Docs Live फीचर यूजर्स को बोलकर आइडिया तैयार करने, पहला ड्राफ्ट लिखने और डॉक्यूमेंट को बेहतर बनाने की सुविधा देगा। इसके अलावा, यूजर की अनुमति मिलने पर यह Gmail, Google Drive, Google Chat और वेब से जरूरी जानकारी लेकर डॉक्यूमेंट तैयार करने में भी मदद करेगा। इसका उद्देश्य टाइपिंग कम करना और AI की मदद से काम को तेज बनाना है।</p>
<h2><strong>कब तक मिलेंगे ये नए AI फीचर्स?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल Google ने इन नए Conversational AI फीचर्स की लॉन्च तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन कंपनी ने पुष्टि की है कि इनका रोलआउट अमेरिका में इसी गर्मी शुरू होगा। शुरुआत में यह सुविधा Google AI Pro, Google AI Ultra और एलिजिबल Google Workspace यूजर्स के लिए Android और iPhone पर उपलब्ध होगी। माना जा रहा है कि Pixel 11 Series के लॉन्च के साथ इन फीचर्स को बड़े स्तर पर जारी किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो Gmail, Google Docs और Google Keep का इस्तेमाल पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट हो जाएगा, क्योंकि यूजर्स कई काम सिर्फ अपनी आवाज से कर पाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Google]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 06:59:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[BMW की फैक्ट्री में इंसानों की तरह काम कर रहे Humanoid Robot, बिना इंसानी मदद के संभाल रहे कई बड़े काम]]></title>
		<description>अब फैक्ट्रियों में सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि इंसानों की तरह चलने-फिरने और काम करने वाले Humanoid Robot भी नजर आने लगे हैं। BMW ने अपनी फैक्ट्री में Figure 03 रोबोट तैनात किए हैं, जो बिना इंसानी मदद के सामान पहचानने, छांटने, ट्रॉली खींचने और कई जरूरी काम खुद ही कर रहे हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अब तक फैक्ट्रियों में रोबोट का इस्तेमाल आम बात थी, लेकिन अब इंसानों की तरह चलने-फिरने और काम करने वाले Humanoid Robot भी असली फैक्ट्री में काम करने लगे हैं। BMW ने अमेरिका के साउथ कैरोलिना स्थित स्पार्टनबर्ग प्लांट में Figure AI के नए Figure 03 Humanoid Robot तैनात किए हैं। BMW और Figure AI ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ये रोबोट बिल्कुल इंसानों की तरह ट्रॉली खींचते, अलग-अलग पार्ट्स पहचानते, उन्हें छांटते और सही जगह पर रखते हुए दिखाई देते हैं। खास बात यह है कि ये पूरा काम बिना किसी इंसानी कंट्रोल के होता है। कंपनी का कहना है कि इससे फैक्ट्री में काम की रफ्तार बढ़ेंगी।</p>
<h2><strong>Figure 03 Robot इंसानों की तरह कौन-कौन से काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>वीडियो में चार Figure 03 Humanoid Robot फैक्ट्री फ्लोर पर काम करते दिखाई देते हैं। इनमें से एक रोबोट पहले ट्रॉली को पकड़कर अपनी तरफ खींचता है। इसके बाद वह अलग-अलग कंटेनरों में रखे कार के पार्ट्स को पहचानता है, उन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटता है और ट्रॉली में सही जगह पर रख देता है। काम पूरा होने के बाद रोबोट खुद ही अपने चार्जिंग स्टेशन पर लौट जाता है। Figure AI के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में किसी इंसान को रोबोट को कंट्रोल करने की जरूरत नहीं पड़ती। Figure 03 कंपनी के Helix 02 सिस्टम से चलता है, जो उसके हाथ, पैर, शरीर और संतुलन को एक साथ नियंत्रित करता है। इसी वजह से रोबोट भारी ट्रॉली खींचने के साथ-साथ चलते हुए भी सटीक तरीके से सामान उठा और रख सकता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">F.03 has arrived at BMW <a href="https://t.co/D9KKMRF4V3" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/D9KKMRF4V3</a></p>
</p>
<p>— Figure (@Figure_robot) <a href="https://x.com/Figure_robot/status/2071973301254324256?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">June 30, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>Figure 03 पहले वाले Robot से कितना अलग और स्मार्ट है?</strong></h2>
</p>
<p>BMW ने बताया कि यह Figure AI के साथ उसका पहला प्रोजेक्ट नहीं है। इससे पहले Figure 02 रोबोट ने साल 2025 में करीब 10 महीनों के दौरान लगभग 30,000 BMW X3 कारों की मैन्युफैक्चरिंग में मदद की थी। उस समय ये रोबोट बॉडी शॉप में वेल्डिंग के लिए शीट मेटल के हिस्सों को सही जगह लगाने जैसे काम करते थे। अब Figure 03 उससे भी ज्यादा एडवांस है। यह सिर्फ एक ही तरह का काम नहीं करता, बल्कि अलग-अलग आकार और प्रकार के पार्ट्स को पहचानकर सही क्रम में व्यवस्थित कर सकता है। कंपनी का कहना है कि फैक्ट्री में ट्रॉली, कंटेनर और पार्ट्स हर बार एक जैसी जगह पर नहीं होते। कई बार वे घूमे हुए या दूसरे सामान के पीछे छिपे रहते हैं। इसलिए Figure 03 को हर बार नई स्थिति समझकर फैसला लेना पड़ता है, जो इसे पहले के मॉडल से ज्यादा स्मार्ट बनाता है।</p>
<h2><strong>Humanoid Robot की दौड़ में कौन-कौन सी कंपनियां आगे हैं?</strong></h2>
</p>
<p>Figure AI हाल ही में तब भी चर्चा में आई थी, जब उसने Figure 03 रोबोट और एक इंसानी इंटर्न के बीच 8 घंटे का &#8216;Man vs Machine&#8217; पैकेज सॉर्टिंग मुकाबला कराया था। कंपनी का दावा है कि अब उसके पास इंसानी कर्मचारियों से ज्यादा रोबोट हैं, वहीं Humanoid Robot बनाने की दौड़ में दूसरी कंपनियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Elon Musk की Tesla अपने Optimus Robot पर काम कर रही है और जल्द इसे व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी में है। इसके अलावा चीन की Unitree और Agibot जैसी कंपनियां भी तेजी से ऐसे रोबोट डेवलप कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में Humanoid Robot का इस्तेमाल तेजी से बढ़ सकता है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[BMW humanoid robots]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 06:08:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Uber ने भारत में पेश किए नए सेफ्टी फीचर्स, अब Ride रिकॉर्ड करने से लेकर एम्बुलेंस बुलाने तक मिलेगी सुविधा]]></title>
		<description>Uber ने भारत में अपने ऐप में कई नए सेफ्टी फीचर्स जोड़े हैं। अब ड्राइवर राइड के दौरान वीडियो रिकॉर्ड कर सकेंगे, दुर्घटना होने पर ऐप से एम्बुलेंस बुला सकेंगे और यूजर अपनी पसंद का PIN भी सेट कर पाएंगे। इन नए फीचर्स का मकसद यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को पहले से बेहतर बनाना है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Uber ने भारत में अपने यूजर्स और ड्राइवरों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए कई नए सेफ्टी फीचर्स का ऐलान किया हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक इवेंट के दौरान कंपनी ने Record My Ride, Ambulance Assistance, Don&#8217;t Type &amp; Drive और Set Your Own PIN जैसे नए फीचर्स पेश किए। कंपनी का कहना है कि इनका मकसद सफर के दौरान सुरक्षा बढ़ाना, इमरजेंसी में तेजी से मदद पहुंचाना और ड्राइवरों का ध्यान सड़क पर बनाए रखना है। ये सभी फीचर्स Uber के पहले से मौजूद सुरक्षा टूल्स जैसे RideCheck, Audio Recording, Women Rider Preference और 24&#215;7 Safety Line को और मजबूत बनाएंगे।</p>
<h2><strong>Uber ने सबसे खास फीचर क्या पेश किया है?</strong></h2>
</p>
<p>Uber का सबसे खास नया फीचर Record My Ride है। इसके जरिए अगर किसी ड्राइवर को सफर के दौरान असुरक्षित महसूस होता है, तो वह सीधे Uber App से अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके Cab के अंदर का वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। कंपनी के मुताबिक यह वीडियो पूरी तरह एन्क्रिप्टेड रहेगा, यानी इसे न तो ड्राइवर देख पाएगा और न ही Uber। यह रिकॉर्डिंग तभी एक्सेस की जा सकेगी, जब ड्राइवर या यात्री किसी सुरक्षा शिकायत के साथ इसे खुद शेयर करेगा। Uber का दावा है कि इस तरह का एन्क्रिप्टेड इन-ऐप वीडियो रिकॉर्डिंग फीचर अपने आप में पहली बार पेश किया गया है। इसके अलावा कंपनी ने Dial 4242 के साथ मिलकर Ambulance Assistance फीचर भी शुरू किया है। अगर Uber ट्रिप के दौरान कोई दुर्घटना होती है, तो ड्राइवर या यात्री Uber की 24&#215;7 Safety Line के जरिए तुरंत एम्बुलेंस की मदद मांग सकते हैं।</p>
<h2><strong>कंपनी ने ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए क्या फीचर पेश किया है?</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने ड्राइवरों की सुरक्षा और सड़क पर ध्यान बनाए रखने के लिए Don&#8217;t Type &amp; Drive फीचर भी पेश किया है। इस फीचर के तहत अगर गाड़ी चल रही होगी, तो Uber Driver ऐप में ड्राइवर मैन्युअली टाइप करके किसी मैसेज का जवाब नहीं दे पाएंगे। जवाब देने के लिए उन्हें पहले सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकना होगा। Uber का मानना है कि इससे ड्राइविंग के दौरान ध्यान भटकने की संभावना कम होगी और सड़क हादसों का जोखिम भी घटेगा। वहीं यात्रियों के लिए Set Your Own PIN फीचर लाया गया है। पहले ट्रिप वेरिफिकेशन के लिए ऐप अपने आप PIN बनाता था, लेकिन अब यूजर अपनी पसंद का PIN खुद सेट और मैनेज कर सकेंगे। इससे ट्रिप शुरू होने से पहले पहचान की पुष्टि करना और आसान व सुरक्षित होगा।</p>
<h2><strong>Uber के इन नए फीचर्स से यात्रियों और ड्राइवरों को क्या फायदा मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>Uber का कहना है कि ये नए फीचर्स भारत में यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए लाए गए हैं। कंपनी पहले से RideCheck, Phone और Address Anonymisation, Safety Preferences, Seatbelt Reminder, Audio Recording, Women Rider Preference, Helmet Selfie Verification और 24&#215;7 Safety Line जैसी कई सुरक्षा सुविधाएं दे रही है। नए फीचर्स जुड़ने से सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा और इमरजेंसी में जल्दी मदद मिल सकेगी। Uber का कहना है कि तकनीक की मदद से वह हर राइड को ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहता है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Uber India]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 01 Jul 2026 03:07:20 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google लेकर आया Nano Banana 2 Lite, कम समय में बनाता है ज्यादा AI इमेज]]></title>
		<description>Google Nano Banana 2 Lite को पेश किया गया है। यह कंपनी का किफायती एआई मॉडल है, जो कम समय में अधिक एआई इमेज जनरेट कर सकता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Google Nano Banana 2 Lite Launched:</strong> टेक जाइंट गूगल ने AI क्षेत्र में अपनी धाक जमाने के लिए नया नैनो बनाना 2 लाइट वीडियो-इमेज जनरेटर टूल लॉन्च कर दिया है। यह पिछले मॉडल से कई गुना बेहतर और तेज है। इस टूल को खासतौर पर हाई-वॉल्यूम वर्कलोड के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल उन यूजर्स के बहुत काम आएगा, जो बड़ी संख्या में इमेज जनरेट करते हैं।</p>
<h2>तेजी से बनेंगी इमेज</h2>
</p>
<p><strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-chrome-autofill-now-supports-passport-driver-license-and-vehicle-details-on-android-iphone-1666979/">गूगल</a></strong> के अनुसार, लेटेस्ट Nano Banana 2 Lite मॉडल बेहद फास्ट है। यह सिर्फ 4 सेकेंड में AI इमेज बना सकता है। इसके आने से कंटेंट क्रिएटर्स और डिजाइनर्स का काम आसान हो जाएगा। वे इसके जरिए कम समय में ढेरों इमेज बनाने के साथ उन्हें एडिट भी कर सकेंगे।</p>
</p>
<p>कंपनी ने बताया कि लेटेस्ट एआई मॉडल पुराने मॉडल की तुलना में सस्ता है। इसके द्वारा बनाई गई 1000 एआई इमेज की लागत 0.034 डॉलर आती है। दाम कम होने से यह मॉडल उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन बनकर सामने आ सकता है, जो अधिक एआई कंटेंट बनाते हैं। इसकी तेज स्पीड और कम लागत इसे कंटेंट क्रिएटर्स और कंपनियों के लिए बेहतर विकल्प बनाती है।</p>
<h2>कैसे कर पाएंगे नए AI मॉडल का इस्तेमाल ?</h2>
</p>
<p>कंपनी की मानें, तो <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-launches-nano-banana-2-ai-fast-high-quality-image-generation-and-editing-1648651/">Nano Banana 2</a></strong> Lite का इस्तेमाल Google AI Studio, Gemini API और Google की Gemini Enterprise Agent Platform के जरिए किया जा सकेगा। इसका सपोर्ट पुराने मॉडल की जगह मिलेगा। इसके साथ इस एआई टूल को Legacy Model&#8221; यानी पुराना मॉडल भी घोषित किया गया है।</p>
<h2>पिछले साल लॉन्च हुआ Nano Banana</h2>
</p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गूगल ने पिछले साल Gemini 3.1 Flash पर आधारित पहला Nano Banana मॉडल लॉन्च किया था। इसके बाद फरवरी 2026 में Nano Banana 2 एआई टूल को लाया गया। यह एआई की मदद से सटीक डेटा तैयार करने से लेकर रियलिस्टिक AI इमेज तक बना सकता है।</p>
</p>
<p>नैनो बनाना 2 के अलावा Nano Banana Pro को भी उतारा गया है। इसे एडवांस और प्रोफेशनल जरूरतों के लिए बनाया गया है। यह मौजूदा मॉडल की तुलना में अधिक पावरफुल और स्मार्ट है। हालांकि, इसके इस्तेमाल के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।</p>
<h2>FAQs</h2>
</p>
<p>1. क्या है Google Nano Banana 2 Lite ?</p>
<p>Ans. यह कंपनी का लेटेस्ट एआई मॉडल है। इसे हाल ही में लॉन्च किया गया है। इस पर प्रॉम्ट देकर कम समय में अधिक इमेज बनाई जा सकती है।</p>
</p>
<p>2. नैनो बनाना 2 लाइट की खूबी क्या है ?</p>
<p>Ans. इस एआई मॉडल की स्पीड बहुत तेज है। यानी कि यह कम वक्त में ज्यादा इमेज बना सकता है। इसकी लागत भी कम है।</p>
</p>
<p>3. Nano Banana को कब लॉन्च किया गया था ?</p>
<p>Ans. इस एआई टूल को पिछले साल यानी 2025 में पेश किया गया था।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 06:04:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[GTA 6 के प्री-ऑर्डर को लेकर मचा बवाल, Microsoft ने दिया करारा जवाब]]></title>
		<description>GTA 6 के प्री-ऑर्डर को लेकर नया विवाद सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि PlayStation पर इस गेम के प्री-ऑर्डर Xbox से कई गुना ज्यादा हैं। अब Microsoft ने इन दावों को गलत बताया है और कहा है कि बिना आधिकारिक आंकड़ों के ऐसी तुलना करना सही नहीं है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>GTA 6 को लेकर हाल ही में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि PlayStation पर इस गेम के प्री-ऑर्डर Xbox के मुकाबले 8 गुना ज्यादा हो रहे हैं। अब Microsoft ने इन दावों को गलत बताया है। कंपनी का कहना है कि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में जो आंकड़े शेयर किए जा रहे हैं, वे असली प्री-ऑर्डर डेटा पर आधारित नहीं हैं। Microsoft के मुताबिक, GTA 6 को Xbox प्लेटफॉर्म पर भी &#8216;रिकॉर्ड ऑर्डर्स&#8217; मिल रहे हैं। कंपनी ने लोगों से कहा है कि गेम की बिक्री का अनुमान लगाने के लिए अफिलिएट लिंक के क्लिक या ट्रैकिंग डेटा पर भरोसा नहीं करना चाहिए।</p>
<h2><strong>Microsoft ने प्री-ऑर्डर वाले दावे को क्यों खारिज किया?</strong></h2>
</p>
<p>यह विवाद तब शुरू हुआ जब IGN की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि उसकी डील-ट्रैकिंग सर्विस IGN Finds के डेटा के अनुसार PlayStation पर GTA 6 के प्री-ऑर्डर Xbox की तुलना में लगभग 8 गुना ज्यादा हैं, हालांकि Microsoft ने Windows Central को दिए बयान में साफ कहा कि यह आंकड़ा वास्तविक प्री-ऑर्डर डेटा नहीं है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि लोगों को आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि अफिलिएट लिंक की एक्टिविटी को बिक्री का सही पैमाना नहीं माना जा सकता।</p>
<h2><strong>PlayStation और Xbox की बिक्री के आंकड़े क्या बताते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft ने अभी तक GTA 6 के प्री-ऑर्डर की कोई आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, वहीं बाजार के अनुमान बताते हैं कि PlayStation 5 का यूजर बेस Xbox Series X/S से काफी बड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 के First Quarter तक PS5 की कुल बिक्री करीब 9.37 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकती है, जबकि Xbox Series X/S की बिक्री लगभग 3.5 करोड़ यूनिट रहने का अनुमान है। ऐसे में PlayStation पर ज्यादा प्री-ऑर्डर होना संभव माना जा सकता है, लेकिन Microsoft का कहना है कि इससे 8:1 का दावा सही साबित नहीं हो जाता। कंपनी ने दोहराया कि बिना आधिकारिक डेटा के किसी भी तुलना को सही नहीं माना जाना चाहिए।</p>
<h2><strong>GTA 6 के असली प्री-ऑर्डर आंकड़े कब सामने आ सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल न तो Microsoft और न ही Sony ने GTA 6 के प्री-ऑर्डर के आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। माना जा रहा है कि गेम के पब्लिशर Take-Two Interactive अपनी अगली वित्तीय रिपोर्ट, जो अगस्त 2026 के आखिर में आने की उम्मीद है, उसमें इस बारे में कुछ जानकारी दे सकता है। इस बीच कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि GTA 6 ने प्री-ऑर्डर शुरू होने के पहले घंटे में ही करीब 1 अरब डॉलर की बुकिंग हासिल कर ली थी, लेकिन इसकी भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि GTA 6 के प्री-ऑर्डर 25 जून से शुरू हुए थे और इसके स्टैंडर्ड एडिशन की कीमत 79.99 डॉलर रखी गई है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/GTA-VI.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[GTA 6 Pre-Orders Live in India]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 30 Jun 2026 05:11:13 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[NASA के 5 सबसे महंगे मिशन, जिनमें खर्च हुए अरबों डॉलर]]></title>
		<description>NASA ने अंतरिक्ष में कई ऐसे मिशन पूरे किए हैं, जिन्होंने दुनिया को अनोखी जानकारी दी। चांद पर इंसान भेजने से लेकर अंतरिक्ष में लैब बनाने और दूर मौजूद ग्रहों-तारों का अध्ययन करने तक, इन मिशनों पर अरबों डॉलर खर्च हुए। आइए जानते हैं NASA के 5 सबसे महंगे मिशन और उनकी खास बातें।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>NASA ने पिछले कई दशकों में ऐसे अंतरिक्ष मिशन पूरे किए हैं, जिन्होंने इंसानों की अंतरिक्ष को लेकर सोच ही बदल दी। चांद पर इंसान भेजने से लेकर अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने और ब्रह्मांड की सबसे दूर की तस्वीरें लेने तक, NASA ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। लेकिन इन मिशनों को पूरा करना बिल्कुल आसान नहीं था। नई टेक्नोलॉजी, रॉकेट, अंतरिक्ष यान, वैज्ञानिक रिसर्च, सुरक्षा और कई सालों तक चलने वाले ऑपरेशन पर अरबों डॉलर खर्च होते हैं। यही वजह है कि NASA के कुछ मिशन इतिहास के सबसे महंगे अंतरिक्ष मिशनों में गिने जाते हैं। आइए जानते हैं NASA के ऐसे 5 सबसे महंगे मिशनों के बारे में, जिन पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च हुआ।</p>
<h2><strong>Apollo Program (1960 &#8211; 1973)</strong></h2>
</p>
<h3><strong>Apollo Program क्या था?</strong></h3>
</p>
<p>Apollo Program NASA का वह मिशन था, जिसका लक्ष्य इंसानों को पहली बार चांद पर उतारना था। यह प्रोग्राम 1960 के दशक में शुरू हुआ और 1969 में Apollo 11 ने पहली बार इंसानों को चांद पर पहुंचाया।</p>
<h3><strong>इस पर कितना खर्च हुआ?</strong></h3>
</p>
<p>Apollo Program पर उस समय करीब 25.8 अरब डॉलर खर्च हुए थे। आज की कीमत के हिसाब से इसकी लागत लगभग 257 अरब डॉलर के बराबर मानी जाती है। यह NASA के सबसे महंगे प्रोग्राम्स में से एक था।</p>
<h3><strong>इस कार्यक्रम में क्या हादसा हुआ था?</strong></h3>
</p>
<p>1967 में Apollo 1 की ग्राउंड टेस्टिंग के दौरान केबिन में आग लग गई थी। इस हादसे में तीनों अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। इसके बाद NASA ने स्पेसक्राफ्ट के डिजाइन और सुरक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए।</p>
<h3><strong>Apollo Program की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?</strong></h3>
</p>
<p>Apollo Program की सबसे बड़ी सफलता इंसानों को सुरक्षित चांद पर उतारना और वापस पृथ्वी पर लाना थी। इसके अलावा चंद्रमा से कई Scientific Samples और Important Information भी जुटाई गईं।</p>
<h3><strong>Apollo Program का असर क्या रहा?</strong></h3>
</p>
<p>इस मिशन ने अंतरिक्ष विज्ञान के साथ-साथ कंप्यूटर, इंजीनियरिंग और नई टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट को भी तेज किया। आज भी इसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी अंतरिक्ष उपलब्धियों में गिना जाता है।</p>
<h2><strong>Space shuttle program (1972 &#8211; 2011)</strong></h2>
</p>
<h3><strong>स्पेस शटल प्रोग्राम क्या था?</strong></h3>
</p>
<p>NASA ने 1972 में स्पेस शटल प्रोग्राम शुरू किया था। इसका मकसद ऐसा अंतरिक्ष यान बनाना था, जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। इसकी पहली सफल उड़ान 12 अप्रैल 1981 को हुई और यह प्रोग्राम 2011 तक चला। इस दौरान कुल 135 मिशन पूरे किए गए।</p>
<h3><strong>इस पर कितना खर्च हुआ?</strong></h3>
</p>
<p>स्पेस शटल प्रोग्राम पर करीब 113.7 अरब डॉलर (2011 तक) खर्च हुए। महंगाई के हिसाब से देखें तो इसकी लागत 200 अरब डॉलर से भी ज्यादा मानी जाती है। बाद में एक मिशन की औसत लागत लगभग 1.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी।</p>
<h3><strong>इस प्रोग्राम की सबसे बड़ी उपलब्धियां क्या थीं?</strong></h3>
</p>
<p>स्पेस शटल ने सैकड़ों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष तक पहुंचाया। इसी की मदद से Hubble Space Telescope को लॉन्च और बाद में उसकी सर्विसिंग की गई। इसके अलावा International Space Station (ISS) के कई बड़े हिस्सों को भी अंतरिक्ष में ले जाकर जोड़ा गया।</p>
<h3><strong>इस प्रोग्राम में क्या चुनौतियां आईं?</strong></h3>
</p>
<p>1986 में Challenger और 2003 में Columbia दुर्घटना में सभी अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। इन हादसों के बाद सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे और मिशनों पर भी असर पड़ा।</p>
<h3><strong>यह प्रोग्राम क्यों बंद हुआ?</strong></h3>
</p>
<p>स्पेस शटल टेक्नोलॉजी काफी शानदार थी, लेकिन इसे चलाना काफी महंगा पड़ता था। हर मिशन की लागत बढ़ती गई और सुरक्षा जोखिम भी सामने आए। इन्हीं कारणों से NASA ने 2011 में इस प्रोग्राम को बंद कर दिया।</p>
<h2><strong>International Space Station (1998 &#8211; present)</strong></h2>
</p>
<h3><strong>ISS क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>International Space Station (ISS) पृथ्वी के चारों ओर घूमने वाली एक बड़ी Space Laboratory है। इसे कई देशों ने मिलकर बनाया है। नवंबर 2000 से इसमें लगातार अंतरिक्ष यात्री रह रहे हैं और यह आज भी काम कर रहा है।</p>
<h3><strong>ISS पर कितना खर्च आता है?</strong></h3>
</p>
<p>NASA हर साल ISS पर लगभग 3 से 4 अरब डॉलर खर्च करता है। अब तक अमेरिका इस प्रोजेक्ट पर करीब 75 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश कर चुका है। इसमें स्टेशन का निर्माण, रखरखाव और मिशन शामिल हैं।</p>
<h3><strong>ISS में क्या काम होता है?</strong></h3>
</p>
<p>ISS में वैज्ञानिक बिना गुरुत्वाकर्षण (Microgravity) के कई तरह के प्रयोग करते हैं। यहां Medicines, New Technologies, Biology, Space और Earth से जुड़े रिसर्च किए जाते हैं, जिनका फायदा भविष्य के मिशनों में मिलता है।</p>
<h3><strong>ISS की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>ISS दुनिया का पहला ऐसा स्पेस स्टेशन है, जहां 20 साल से ज्यादा समय से लगातार इंसान रह रहे हैं। इसने अंतरिक्ष में कई देशों के सहयोग का नया उदाहरण पेश किया और निजी कंपनियों के लिए भी रास्ता खोला।</p>
<h3><strong>ISS का भविष्य क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>ISS अब काफी पुराना हो चुका है और इसकी देखभाल का खर्च लगातार बढ़ रहा है। NASA की योजना है कि इसे साल 2030 में रिटायर करके नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वातावरण में गिराया जाएगा।</p>
<h2><strong>Hubble Space Telescope (1990 &#8211; present)</strong></h2>
</p>
<h3><strong>Hubble Space Telescope क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>Hubble Space Telescope एक अंतरिक्ष दूरबीन है, जिसे 1990 में Space Shuttle Discovery के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया था। यह पृथ्वी के बाहर से ब्रह्मांड की बेहद साफ तस्वीरें भेजती है।</p>
<h3><strong>इस पर कितना खर्च हुआ?</strong></h3>
</p>
<p>NASA के अनुसार Hubble Space Telescope मिशन पर अब तक करीब 16 अरब डॉलर (2021 की कीमत के अनुसार) खर्च हुए हैं। इसमें इसका Development और Operations शामिल है, लेकिन स्पेस शटल की सर्विसिंग लागत इसमें शामिल नहीं है।</p>
<h3><strong>Hubble Space Telescope ने क्या खोजें कीं?</strong></h3>
</p>
<p>Hubble Space Telescope ने लाखों अंतरिक्ष तस्वीरें लीं और हजारों वैज्ञानिक रिसर्च में मदद की। इसने ब्रह्मांड की उम्र लगभग 13.8 अरब साल होने का अनुमान मजबूत किया और डार्क एनर्जी के सबूत भी दिए।</p>
<h3><strong>इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?</strong></h3>
</p>
<p>Hubble Space Telescope की Deep Field तस्वीरों ने हजारों दूर की आकाशगंगाओं को दिखाया, जिन्हें पहले कभी नहीं देखा गया था। इसने Black holes, supernovae, Planets और Nebulae का भी गहराई से अध्ययन किया।</p>
<h3><strong>आज Hubble Space Telescope क्यों खास है?</strong></h3>
</p>
<p>30 साल से ज्यादा समय बाद भी Hubble Space Telescope वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी शानदार तस्वीरों ने आम लोगों में भी अंतरिक्ष के प्रति रुचि बढ़ाई और विज्ञान को नई पहचान दिलाई।</p>
<h2><strong>James Webb Space Telescope (2003 &#8211; present)</strong></h2>
</p>
<h3><strong>James Webb Space Telescope क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>James Webb Space Telescope (JWST) NASA की सबसे आधुनिक अंतरिक्ष दूरबीन है। इसका डेवलपमेंट 2003 में शुरू हुआ और इसे दिसंबर 2021 में लॉन्च किया गया। यह पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर L2 पॉइंट पर काम कर रही है।</p>
<h3><strong>इस पर कितना खर्च हुआ?</strong></h3>
</p>
<p>JWST की कुल अनुमानित लागत करीब 9.7 अरब डॉलर रही। इसमें दूरबीन का डेवलपमेंट, टेस्टिंग, लॉन्च और शुरुआती ऑपरेशन का खर्च शामिल है। इसकी मुश्किल टेक्नोलॉजी के कारण यह NASA की सबसे महंगी दूरबीनों में से एक है।</p>
<h3><strong>JWST का मुख्य काम क्या है?</strong></h3>
</p>
<p>यह दूरबीन ब्रह्मांड के सबसे शुरुआती तारों और आकाशगंगाओं को देखने के लिए बनाई गई है, साथ ही यह दूसरे ग्रहों के वातावरण का अध्ययन करती है और यह जानने की कोशिश करती है कि वहां जीवन की संभावना हो सकती है या नहीं।</p>
<h3><strong>JWST ने अब तक क्या खोजा है?</strong></h3>
</p>
<p>JWST ने शुरुआती ब्रह्मांड में उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी और Bright Galaxies खोजी हैं। इसके अलावा इसने कई एक्सोप्लैनेट के वातावरण में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों का पता लगाया है।</p>
<h3><strong>JWST क्यों खास माना जाता है?</strong></h3>
</p>
<p>JWST अब तक ब्रह्मांड की सबसे साफ और गहराई वाली तस्वीरें भेज चुका है। इसकी खोजों ने ब्रह्मांड की शुरुआत, ब्लैक होल, दूर के ग्रहों और तारों के बनने की प्रक्रिया को समझने में वैज्ञानिकों की बड़ी मदद की है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Most-Expensive-NASA-Space-Missions.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Most Expensive NASA Space Missions]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/top-5-most-expensive-nasa-space-missions-in-history-apollo-program-space-shuttle-international-space-station-hubble-space-james-webb-space-telescope-1667542/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 09:38:30 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Moto Pad 70 Pro टैब 10200mAh बैटरी के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>Moto Pad 70 Pro टैब भारत में लॉन्च हो गया है। टैब में कंपनी ने 11.2 इंच स्क्रीन दी है। इसकी बैटरी 10200mAh की है। यहां जानें टैब की कीमत और खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Moto Pad 70 Pro</strong> कंपनी का लेटेस्ट फ्लैगशिप टैब है, जो कि भारत में फाइनली लॉन्च हो गया है। फीचर्स की बात करें, तो मोटो के इस टैब में आपको 13 इंच बड़ी स्क्रीन मिलती है। इसके अलावा, यह टैब Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर से लैस है। कंपनी ने इसमें 8GB RAM व 256GB तक की स्टोरेज की है। स्टोरेज को आप 2TB तक बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, फोटोग्राफी के लिए टैब में 13MP का बैक कैमरा मिलता है। इसके साथ सेल्फी कैमरा भी मौजूद है। टैब की बैटरी 10,200mAh की है, जिसके साथ कंपनी ने फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी पेश किया हुआ है। ऑडियो के लिए इसमें क्वाड-स्पीकर सेटअप दिया है। आइए जानते हैं इस टैब से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Moto Pad 70 Pro Price in India, Availability</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/motorola-edge-70-pro-plus-sale-today-flipkart-price-in-india-specification-1665533/">Moto</a> Pad 70 Pro को 36,999 रुपये की कीमत में पेश किया है। यह दाम टैब के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज मॉडल का है। इसका एक 256GB स्टोरेज मॉडल भी है, जिसकी कीमत 39,999 रुपये है। इस टैब को आप मोटोरोला Snap-on Keyboard के साथ खरीदते हैं, तो इसकी कीमत 45,999 रुपये हो जाती है। कीबोर्ड की खुद की कीमत 5,999 रुपये है। लॉन्च ऑफर की बात करें, तो बैंक कार्ड के जरिए टैब पर अलग से 4000 रुपये का ऑफ भी मिल रहा है। टैब की सेल 4 जुलाई से Flipkart व कंपनी की साइट पर शुरू होगी। कंपनी ने टैब में सिंगल Pantone Titan कलर ऑप्शन पेश किया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">See every detail, exactly as it should be.</p>
</p>
<p>Moto Pad 70PRO starting at 32,999*. Sale starts 4th July on Flipkart, <a href="https://t.co/azcEfy2uaW" rel="nofollow" target="_blank">https://t.co/azcEfy2uaW</a> and leading retail stores. <a href="https://t.co/k9jGncs724" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/k9jGncs724</a></p>
</p>
<p>— Motorola India (@motorolaindia) <a href="https://x.com/motorolaindia/status/2071118907524694050?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">June 28, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>Moto Pad 70 Pro Specifications, Features</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो Moto Pad 70 Pro में 13 इंच का LCD टच स्क्रीन मिलती है। इस डिस्प्ले का रिफ्रेश रेट 144Hz का है। वहीं, इसमें 800 Nits की पीक ब्राइटनेस दी गई है। डिस्प्ले का रेजलूशन 3,504 × 2,190 पिक्सल है। टैब के साथ Moto Pen Pro सपोर्ट भी दिया गया है। साथ ही टैब Android 16-बेस्ड Hello UI पर काम करता है। कंपनी ने वादा किया है कि इसमें Android 18 तक OS अपडेट्स मिलेंगे। वहीं, सिक्योरिटी पैच अपडेट भी 4 साल तक के लिए उपलब्ध होंगे।</p>
</p>
<p>इसके अलावा, यह टैब Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर से लैस है। इसमें 8GB RAM व 256GB तक की स्टोरेज मिलेगी। टैब की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया जा सकता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 13MP का कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है। ऑडियो के लिए इसमें JBL-tuned speakers मिलते हैं, जिसके साथ Dolby Atmos व a dual-microphone सेटअप मिलता है। टैब की बैटरी 10,200mAh की है, जिसके साथ आपको 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें वाई-फाई 7, ब्लूटूथ आदि का सपोर्ट मिलता है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th><strong>स्पेसिफिकेशन</strong></th>
</p>
<th><strong>Moto Pad 70 Pro</strong></th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>डिस्प्ले</strong></td>
</p>
<td>13-इंच LCD टचस्क्रीन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>रिफ्रेश रेट</strong></td>
</p>
<td>144Hz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>पीक ब्राइटनेस</strong></td>
</p>
<td>800 Nits</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>रेजोल्यूशन</strong></td>
</p>
<td>3504 × 2190 पिक्सल</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्टाइलस सपोर्ट</strong></td>
</p>
<td>Moto Pen Pro</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>प्रोसेसर</strong></td>
</p>
<td>Snapdragon 8s Gen 4</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>रैम</strong></td>
</p>
<td>8GB</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्टोरेज</strong></td>
</p>
<td>256GB</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्टोरेज एक्सपेंडेबल</strong></td>
</p>
<td>माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 2TB तक</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ऑपरेटिंग सिस्टम</strong></td>
</p>
<td>Android 16 आधारित Hello UI</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>OS अपडेट</strong></td>
</p>
<td>Android 18 तक</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>सिक्योरिटी अपडेट</strong></td>
</p>
<td>4 साल तक</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>रियर कैमरा</strong></td>
</p>
<td>13MP</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>फ्रंट कैमरा</strong></td>
</p>
<td>8MP</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ऑडियो</strong></td>
</p>
<td>JBL-tuned Speakers, Dolby Atmos, Dual Microphones</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>बैटरी</strong></td>
</p>
<td>10,200mAh</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>फास्ट चार्जिंग</strong></td>
</p>
<td>44W</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>कनेक्टिविटी</strong></td>
</p>
<td>Wi-Fi 7, Bluetooth</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>Moto Pad 70 Pro को ये टैब देंगे टक्कर</h2>
</p>
<h2><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Lenovo-Idea-Tab-Pro-Gen-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1659726 size-large" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Lenovo-Idea-Tab-Pro-Gen-2-1024x768.jpg" alt="" width="1024" height="768" /></a></h2>
</p>
<p>&nbsp;</p>
</p>
<p>Lenovo Idea Tab Pro के 12GB RAM + 256GB स्टोरेड को 35,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस टैब में 12.7 इंच डिस्प्ले मिलता है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz का है। इसके अलावा, टैब MediaTek Dimensity 8300 प्रोसेसर से लैस है। ऑडियो के लिए JBL स्पीकर्स दिए गए हैं। टैब की बैटरी 10200mAh की है, जिसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है।</p>
<h2>Xiaomi Pad 8</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/Xiaomi-Pad-8-2-1.png"><img loading="lazy" class="aligncenter wp-image-1653353 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/Xiaomi-Pad-8-2-1.png" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Xiaomi Pad 8 के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज को 35,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस टैब में 11.2 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, टैब Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर से लैस है। टैब की बैटरी 9200mAh की है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Untitled-design-31.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/moto-pad-70-pro-launched-in-india-with-10200mah-battery-price-and-specs-1667498/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/moto-pad-70-pro-launched-in-india-with-10200mah-battery-price-and-specs-1667498/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 04:27:13 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या LPG से बेहतर है Ethanol Stove? जानें ये कैसे करता है काम]]></title>
		<description>एथेनॉल स्टोव ऐसी नई टेक्नोलॉजी है, जो कम खर्च, बेहतर कुकिंग और सुरक्षा का दावा करती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसका जिक्र किया है। आइए जानते हैं एथेनॉल स्टोव कैसे काम करता है और क्या यह LPG की जगह ले सकता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>देश में लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अब यही एथेनॉल रसोई गैस का ऑप्शन भी बन सकता है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल बेस्ड स्टोव टेक्नोलॉजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी LPG सिलेंडर पर लोगों की निर्भरता कम कर सकती है। अगर यह बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो इससे रसोई का खर्च घटाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी फायदा हो सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एथेनॉल स्टोव क्या है और यह LPG चूल्हे से कितना अलग और बेहतर हो सकता है।</p>
<h2><strong>आखिर एथेनॉल स्टोव कैसे करता है काम?</strong></h2>
</p>
<p>दरअसल, एथेनॉल स्टोव एक आधुनिक कुकिंग सिस्टम है, जो गन्ने, मक्के और दूसरे बायोमास से तैयार किए गए एथेनॉल ईंधन पर काम करता है। इस स्टोव में लिक्विड या जेल फॉर्म में एथेनॉल डाला जाता है, जिसे खास बर्नर टेक्नोलॉजी की मदद से जलाया जाता है। दावा किया जा रहा है कि यह बिना धुएं, बदबू और कालिख के तेज आंच देता है। इसके कारण खाना पकाने के बाद बर्तन काले नहीं होते और रसोई भी साफ रहती है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, एथेनॉल जलने पर 700 से 800 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पैदा कर सकता है, जिससे खाना जल्दी पकाने में मदद मिलती है।</p>
<h2><strong>LPG के मुकाबले एथेनॉल स्टोव कितना बेहतर और सस्ता हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>अगर LPG और एथेनॉल स्टोव की तुलना करें, तो एथेनॉल स्टोव को कई मामलों में बेहतर ऑप्शन माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें गैस लीक होने जैसी समस्या नहीं होती, जिससे यह सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा सुरक्षित हो सकता है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सिर्फ 1 लीटर एथेनॉल से करीब 15 घंटे तक तेज आंच मिल सकती है, जिससे ईंधन का खर्च भी कम हो सकता है। हालांकि, यह अवधि स्टोव की डिजाइन, बर्नर की क्षमता और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगी। दूसरी ओर LPG सिलेंडर की कीमतें समय-समय पर बदलती रहती हैं, जबकि एथेनॉल का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन होने पर इसकी लागत और कम हो सकती है।</p>
<h2><strong>क्या भविष्य में हर रसोई में दिखेगा एथेनॉल स्टोव?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल एथेनॉल स्टोव नई टेक्नोलॉजी है और अभी इसे हर घर तक पहुंचने में समय लगेगा। इसके लिए एथेनॉल ईंधन की आसान उपलब्धता, स्टोव की सही कीमत और अच्छा सप्लाई नेटवर्क जरूरी होगा। अगर ये सभी चीजें सही तरीके से तैयार हो जाती हैं, तो आने वाले समय में एथेनॉल स्टोव LPG सिलेंडर का अच्छा ऑप्शन बन सकता है। इससे रसोई का खर्च कम हो सकता है, खाना साफ तरीके से बनेगा और पर्यावरण को भी कम नुकसान होगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Ethanol-Stove.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Ethanol Stove]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/ethanol-stove-vs-lpg-what-is-an-ethanol-based-stove-benefits-cost-safety-explained-1667446/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/ethanol-stove-vs-lpg-what-is-an-ethanol-based-stove-benefits-cost-safety-explained-1667446/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 03:47:17 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Rocket और Space Shuttle में क्या अंतर है? जानिए दोनों कैसे करते हैं काम]]></title>
		<description>Rocket और Space Shuttle को अक्सर एक जैसा समझा जाता है, लेकिन दोनों का काम अलग होता है। आइए जानते हैं कि दोनों कैसे काम करते हैं और इनमें क्या अंतर है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अक्सर लोग Rocket और Space Shuttle को एक ही चीज समझ लेते हैं, हालांकि दोनों का काम और डिजाइन पूरी तरह अलग है। आसान भाषा में समझें तो रॉकेट वह लॉन्च व्हीकल होता है जो इंसानों या किसी सैटेलाइट को अंतरिक्ष तक पहुंचाता है, जबकि Space Shuttle एक खास तरह का दोबारा इस्तेमाल होने वाला स्पेसक्राफ्ट है, जो रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में जाता है और मिशन पूरा होने के बाद हवाई जहाज की तरह रनवे पर उतर आता है, यानी रॉकेट एक &#8216;डिलीवरी सिस्टम&#8217; है, जबकि Space Shuttle उस पर सवार वाहन है। Space Shuttle के लॉन्च के दौरान उसके दोनों साइड बूस्टर कुछ मिनट बाद अलग होकर समुद्र में गिर जाते है और बाद में उन्हें दोबारा इस्तेमाल के लिए रिकवर किया जाता है।</p>
<h2><strong>Falcon 9 और Space Shuttle कैसे करते हैं काम?</strong></h2>
</p>
<p>आधुनिक रॉकेट, जैसे SpaceX का Falcon 9, दो हिस्सों में काम करता है&#8230;</p>
<ul>
<li>पहला स्टेज रॉकेट पूरे सिस्टम को ऊपर ले जाता है और फिर अलग होकर वापस पृथ्वी पर सीधा लैंड कर जाता है।</li>
<li>इसके बाद दूसरा स्टेज कैप्सूल या सैटेलाइट को कक्षा (Orbit) तक पहुंचाता है।</li>
<li>दूसरी ओर Space Shuttle में दो सॉलिड रॉकेट बूस्टर, एक बड़ा फ्यूल टैंक और विमान जैसा ऑर्बिटर होता है।</li>
<li>मिशन के दौरान इसके बूस्टर और फ्यूल टैंक अलग हो जाते है, जबकि ऑर्बिटर अंतरिक्ष में अपना काम पूरा करके दोबारा पृथ्वी पर लौटता है।</li>
<li>सबसे बड़ा अंतर यह है कि Falcon 9 का पहला स्टेज सीधा खड़ा होकर लैंड करता है, जबकि Space Shuttle हवाई जहाज की तरह रनवे पर उतरता है।</li>
</ul>
<h2><strong>SpaceX के रॉकेट क्यों हैं ज्यादा बेहतर?</strong></h2>
</p>
<p>Space Shuttle के मुकाबले Falcon 9 जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी ने अंतरिक्ष मिशनों को काफी सस्ता और आसान बना दिया है। पहले ज्यादातर रॉकेट का पहला स्टेज समुद्र में गिर जाता था और उसका दोबारा इस्तेमाल नहीं हो पाता था, लेकिन SpaceX ने ऐसी टेक्नोलॉजी डेवलप की, जिससे रॉकेट का पहला स्टेज सुरक्षित वापस आकर दोबारा उड़ान भर सकता है। इससे लॉन्च की लागत में बड़ी कमी आई है, वहीं Space Shuttle का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाना, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचाना और सैटेलाइट की मरम्मत या तैनाती जैसे मिशन पूरे करना था। इसके विपरीत, आधुनिक रॉकेट अलग-अलग तरह के सैटेलाइट, कार्गो और इंसानों को अंतरिक्ष तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।</p>
<h2><strong>Space Shuttle क्यों हुआ बंद और अब क्या है नया सिस्टम?</strong></h2>
</p>
<p>NASA ने करीब 30 साल तक Space Shuttle का इस्तेमाल किया, लेकिन 2011 में इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह बढ़ता खर्च और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां थीं। 1986 में Challenger और 2003 में Columbia हादसे में सभी अंतरिक्ष यात्रियों की जान चली गई। इसके बाद NASA ने अंतरिक्ष मिशनों के लिए प्राइवेट कंपनियों की मदद लेना शुरू किया। SpaceX ने Falcon 9 रॉकेट और Crew Dragon कैप्सूल बनाए। इन्हीं की मदद से 2020 में अमेरिका ने फिर से अपनी धरती से अंतरिक्ष यात्रियों को सफलतापूर्वक ISS भेजा। आज Falcon 9 जैसे दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट अंतरिक्ष यात्रा का नया तरीका बन चुके हैं।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Rocket vs Space Shuttle]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 28 Jun 2026 06:59:22 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Xbox खरीदना अब होगा महंगा, GTA 6 लॉन्च से पहले Microsoft ने बढ़ाए Series X और Series S के दाम]]></title>
		<description>अगर आप नया Xbox खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। Microsoft ने Xbox Series X और Series S की कीमतें फिर बढ़ा दी हैं। नई कीमतें 1 अगस्त से लागू होंगी। कंपनी का कहना है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स महंगे होने की वजह से यह फैसला लिया गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आप नया Xbox खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे। Microsoft ने Xbox Series X और Xbox Series S की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई कीमतें 1 अगस्त से लागू होंगी और लगभग सभी Xbox मॉडल महंगे हो जाएंगे। कंपनी ने यह भी पुष्टि की है कि 2TB वाला Xbox मॉडल अब आधिकारिक तौर पर बंद किया जा रहा है। Microsoft का कहना है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती कीमतों की वजह से यह फैसला लेना पड़ा। हाल ही में Apple ने भी कई MacBook और iPad की कीमतें बढ़ाई थीं, जिससे साफ है कि महंगे कंपोनेंट्स का असर पूरी टेक इंडस्ट्री पर पड़ रहा है।</p>
<h2><strong>अब Xbox Series X और Series S की नई कीमत कितनी है?</strong></h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th><strong>Xbox Console</strong></th>
</p>
<th align="right"><strong>पुरानी कीमत</strong></th>
</p>
<th align="right"><strong>नई कीमत</strong></th>
</p>
<th align="right"><strong>कितनी बढ़ी</strong></th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Xbox Series S (512GB)</td>
</p>
<td align="right">$399.99</td>
</p>
<td align="right">$499.99</td>
</p>
<td align="right">+$100</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Xbox Series S (1TB)</td>
</p>
<td align="right">$449.99</td>
</p>
<td align="right">$599.99</td>
</p>
<td align="right">+$150</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Xbox Series X Digital (1TB)</td>
</p>
<td align="right">$599.99</td>
</p>
<td align="right">$749.99</td>
</p>
<td align="right">+$150</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Xbox Series X (1TB Disc)</td>
</p>
<td align="right">$649.99</td>
</p>
<td align="right">$799.99</td>
</p>
<td align="right">+$150</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Xbox 2TB Model</td>
</p>
<td align="right">उपलब्ध</td>
</p>
<td align="right">बंद (Discontinued)</td>
</p>
<td align="right">—</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Microsoft के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में मेमोरी और स्टोरेज की लागत 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है और 2027 तक इसके और महंगा होने की आशंका है। कंपनी ने यह भी बताया कि गेमिंग कंसोल बहुत कम मुनाफे पर और कई बार लागत से भी कम कीमत पर बेचे जाते हैं।</p>
<h2><strong>Microsoft ने दाम बढ़ाने की वजह क्या बताई?</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft का कहना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण हाई-एंड मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की कमी बनी हुई है। इसी वजह से हार्डवेयर बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने पिछले साल भी Xbox की कीमतें बढ़ाई थीं, लेकिन सप्लायर्स के साथ कई महीनों तक काम करने के बाद भी लागत कम नहीं हुई, इसलिए फिर से दाम बढ़ाने पड़े। यह फैसला ऐसे समय आया है जब नवंबर में GTA 6 लॉन्च होने वाला है। माना जा रहा है कि GTA 6 की रिलीज के बाद PlayStation 5 और Xbox Series X|S की मांग तेजी से बढ़ सकती है, हालांकि चिप्स की कमी के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।</p>
<h2><strong>महंगे Xbox के बीच ग्राहकों को क्या राहत मिलेगी?</strong></h2>
</p>
<p>कीमतें बढ़ने के बावजूद Microsoft ग्राहकों को कुछ राहत देने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने बताया कि चुनिंदा बाजारों में Microsoft Store और Amazon के जरिए Buy Now, Pay Later और बिना ब्याज वाली फाइनेंसिंग की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा Trade-in प्रोग्राम के तहत पुराने Xbox को एक्सचेंज कर कैश या स्टोर क्रेडिट लिया जा सकेगा। Microsoft Certified Refurbished Console भी नए मॉडल की तुलना में 100 डॉलर तक कम कीमत पर उपलब्ध कराएगी। इस बीच Xbox बिजनेस भी चुनौतियों का सामना कर रहा है। कंपनी के नए Xbox CEO ने कहा है कि लगातार बढ़ती हार्डवेयर लागत के कारण भविष्य में गेमिंग बिजनेस के लिए नए बिजनेस मॉडल अपनाने पड़ सकते हैं। वहीं Microsoft के CEO Satya Nadella ने भी संकेत दिया है कि कंपनी अब गेमिंग बिजनेस को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने पर फोकस कर रही है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/XBOX.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Microsoft has announced higher prices for Xbox Series X and Series S consoles while discontinuing the 2TB model.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/xbox-series-x-series-s-price-hike-microsoft-raises-console-prices-ahead-of-gta-6-launch-1667412/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/xbox-series-x-series-s-price-hike-microsoft-raises-console-prices-ahead-of-gta-6-launch-1667412/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
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