<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><!-- generated-on='June 21, 2026 11:00 pm' -->
<rss version='2.0' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/'
	xmlns:wfw='http://wellformedweb.org/CommentAPI/' xmlns:dc='http://purl.org/dc/elements/1.1/'
	xmlns:atom='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:sy='http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/'
	xmlns:slash='http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/'>
  <channel>
	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Sun, 21 Jun 2026 23:00:03 +0000</lastBuildDate>
	<link>https://www.techlusive.in/hi/news/</link>
	<atom:link href='https://www.techlusive.in/rss-feeds/news-hindi.xml' rel='self' type='application/rss+xml' />
	 <item>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 09:30:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Adobe Firefly AI Assistant: अब Photoshop और Premiere Pro में AI करेगा कई काम, जानिए क्या बदला]]></title>
		<description>Adobe ने Firefly AI Assistant को Photoshop, Premiere Pro और दूसरे Creative Cloud Apps में जोड़ दिया है। अब यूजर्स कई एडिटिंग और डिजाइन से जुड़े काम सिर्फ टेक्स्ट कमांड देकर कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि यह AI क्रिएटर्स का समय बचाएगा और उनके काम को पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाएगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Adobe ने अपने AI प्लेटफॉर्म Firefly को बड़ा अपडेट देते हुए Firefly AI Assistant को सीधे अपने फेमस Creative Cloud Apps में शामिल कर दिया है। अब Photoshop, Premiere Pro, Illustrator, InDesign और Frame.io जैसे ऐप्स के अंदर ही यूजर्स AI Assistant की मदद ले सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य क्रिएटर्स की क्रिएटिविटी को बदलना नहीं, बल्कि उनके समय लेने वाले और दोहराए जाने वाले कामों को आसान बनाना है। इससे डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट क्रिएटर बिना अलग-अलग टूल्स के बीच स्विच किए तेजी से काम कर सकेंगे।</p>
<h2><strong>Photoshop, Premiere Pro और Illustrator में AI क्या-क्या काम करेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस अपडेट के बाद Firefly AI Assistant एक साइडबार के रूप में ऐप्स के अंदर उपलब्ध होगा। Photoshop में यूजर सिर्फ टेक्स्ट कमांड देकर बैकग्राउंड बदल सकते हैं, कई तस्वीरों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए एक साथ रीसाइज कर सकते हैं और पूरे प्रोजेक्ट पर एक जैसी एडिटिंग लागू कर सकते हैं। वहीं Premiere Pro में AI फुटेज को व्यवस्थित करने, क्लिप्स का नाम बदलने, इंटरव्यू के सवाल पहचानने, टाइमलाइन पर मार्कर लगाने और वीडियो का शुरुआती रफ कट तैयार करने जैसे काम कर सकेगा। Illustrator में यह स्प्रेडशीट डेटा से कई डिजाइन वर्जन तैयार करने और प्रिंटिंग से जुड़ी संभावित गलतियों की जांच करने में मदद करेगा। InDesign में भी AI कई पेजों पर एक साथ नई ब्रांडिंग और लेआउट अपडेट कर सकेगा।</p>
<h2><strong>Firefly के नए AI फीचर्स क्रिएटर्स के लिए कैसे फायदेमंद होंगे?</strong></h2>
</p>
<p>Adobe ने Firefly में कुछ नए AI फीचर्स भी जोड़े हैं जो बड़े क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स को संभालना आसान बनाएंगे। इनमें &#8216;Elements&#8217; नाम का फीचर शामिल है, जिसकी मदद से यूजर AI द्वारा बनाए गए कैरेक्टर, ऑब्जेक्ट और लोकेशन को सेव करके बाद में दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे किसी Ads Campaign, कहानी या बड़े प्रोजेक्ट में एक जैसी विजुअल पहचान बनाए रखना आसान होगा। इसके अलावा यूजर AI से बने कंटेंट को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में व्यवस्थित कर सकेंगे। Firefly अब Logos, Colors और Design Styles को बनाए रखते हुए पूरी ब्रांड पहचान तैयार करने में भी मदद करेगा। इतना ही नहीं, यह कई वीडियो क्लिप्स से शुरुआती वीडियो एडिट तैयार कर सकता है और स्टोरीबोर्ड को वीडियो में बदलने की क्षमता भी रखता है।</p>
<h2><strong>Adobe अपने AI टूल्स को दूसरे प्लेटफॉर्म्स तक क्यों पहुंचा रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>Adobe ने यह भी घोषणा की है कि उसकी AI टेक्नोलॉजी अब सिर्फ Creative Cloud ऐप्स तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी Firefly को ChatGPT, Microsoft Copilot और Claude जैसे AI प्लेटफॉर्म्स के साथ इंटीग्रेट कर रही है, जबकि Google Gemini और Slack सपोर्ट भी जल्द आने वाला है। इसका मतलब है कि यूजर्स भविष्य में Adobe के कई क्रिएटिव AI फीचर्स का इस्तेमाल बिना Creative Cloud Apps खोले भी कर सकेंगे। Adobe के अनुसार 16,000 से ज्यादा क्रिएटर्स पर किए गए सर्वे में 75% लोगों ने कहा कि AI उनके क्रिएटिव वर्कफ्लो का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जबकि 85% लोगों का मानना है कि आखिरी क्रिएटिव फैसला हमेशा इंसान के हाथ में ही रहना चाहिए। Firefly AI Assistant का पब्लिक बीटा रोलआउट शुरू हो चुका है, जबकि नया Firefly Creative Studio फिलहाल प्राइवेट बीटा में उपलब्ध है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Adobe-Firefly-AI.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Adobe's Firefly AI Assistant is now available inside Photoshop, Premiere Pro, Illustrator and other Creative Cloud apps. (Image credit: Adobe)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/adobe-firefly-ai-assistant-comes-to-photoshop-premiere-pro-and-illustrator-new-features-explained-1666615/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/adobe-firefly-ai-assistant-comes-to-photoshop-premiere-pro-and-illustrator-new-features-explained-1666615/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 08:44:56 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[International Yoga Day 2026: Apple Watch यूजर्स की हुई बल्ले-बल्ले! योगा करने पर मिलेगा खास रिवॉर्ड]]></title>
		<description>International Yoga Day 2026 के मौके पर Apple ने Apple Watch यूजर्स के लिए एक खास फिटनेस चैलेंज शुरू किया है। इस चैलेंज में सिर्फ योग करने पर यूजर्स को रिवॉर्ड्स मिलेंगे।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>International Yoga Day 2026 के मौके पर Apple ने अपने Apple Watch यूजर्स के लिए एक खास फिटनेस चैलेंज पेश किया है। हर साल की तरह इस बार भी कंपनी लोगों को फिट और एक्टिव रहने के लिए एक लिमिटेड-एडिशन रिवॉर्ड दे रही है। Apple समय-समय पर Global Running Day, World Mental Health Day और बाकी हेल्थ इवेंट्स के दौरान ऐसे खास Watch Awards जारी करता है। इनका मकसद यूजर्स को अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने और नियमित रूप से एक्टिव रहने के लिए प्रेरित करना है। आज योग दिवस के अवसर पर Apple Watch यूजर्स को योग से जुड़ा एक खास डिजिटल बैज और बाकी इनाम जीतने का मौका मिल रहा है।</p>
<h2><strong>कितनी देर तक करना होगा योगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस खास रिवॉर्ड को पाने के लिए Apple Watch यूजर्स को कम से कम 10 मिनट या उससे ज्यादा समय तक योग वर्कआउट रिकॉर्ड करना होगा। इसके लिए Apple Watch में मौजूद Yoga Workout को शुरू करना जरूरी है, जैसे ही यूजर सफलतापूर्वक 10 मिनट का योग सत्र पूरा कर लेते हैं, उन्हें Apple की ओर से एक खास In-app Badge दिया जाएगा। इसके साथ ही कुछ खास एनिमेटेड योग स्टिकर्स भी मिलेंगे, जिन्हें Messages ऐप में दोस्तों और परिवार के साथ शेयर किया जा सकता है। यह चैलेंज सिर्फ एक दिन के लिए उपलब्ध है, इसलिए आज योग करने वाले यूजर्स को ही इसका लाभ मिलेगा।</p>
<h2><strong>Apple ऐसे फिटनेस चैलेंज क्यों आयोजित करता है?</strong></h2>
</p>
<p>Apple का कहना है कि ऐसे फिटनेस चैलेंज लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। Apple Watch में मौजूद तीन एक्टिविटी रिंग्स Move, Exercise और Stand यूजर्स को रोजाना अपने फिटनेस लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती हैं। वहीं, विशेष अवसरों पर मिलने वाले ये लिमिटेड-एडिशन अवॉर्ड्स लोगों को अतिरिक्त मोटिवेशन देते हैं। योग दिवस पर शुरू किया गया यह चैलेंज भी उसी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को योग और नियमित व्यायाम के प्रति जागरूक करना है।</p>
<h2><strong>Apple Fitness+ सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स के लिए फायदे?</strong></h2>
</p>
<p>वहीं, Apple Fitness+ सब्सक्रिप्शन लेने वाले यूजर्स के लिए भी कंपनी ने खास तैयारी की है। Fitness+ Member आज &#8216;Morning Yoga with Jessica&#8217; नाम का एक खास योग सेशन एक्सेस कर सकते हैं। भारत में Apple Fitness+ की कीमत 149 रुपये प्रति माह और 999 रुपये प्रति वर्ष है। यूजर्स इसे iPhone के Fitness App के जरिए सब्सक्राइब कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/IYD-Apple.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Apple Watch users can unlock a special International Yoga Day award by completing a 10-minute yoga workout on June 21.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-watch-yoga-day-2026-challenge-earn-special-badge-with-10-minute-yoga-workout-1666609/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-watch-yoga-day-2026-challenge-earn-special-badge-with-10-minute-yoga-workout-1666609/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 08:01:44 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[217 प्रकाश-वर्ष दूर मिला एक अनोखा ग्रह, वैज्ञानिकों ने देखा वहां चौंकाने वाला नजारा]]></title>
		<description>पृथ्वी से 217 प्रकाश-वर्ष दूर मौजूद HD 80606 b नाम का एक अनोखा ग्रह वैज्ञानिकों को हैरान कर रहा है। James Webb Space Telescope (JWST) ने पाया कि यह ग्रह अपने तारे के करीब आते ही कुछ ही घंटों में बेहद तेजी से गर्म हो जाता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>पृथ्वी से करीब 217 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित HD 80606 b नाम का एक विशाल गैस ग्रह इन दिनों वैज्ञानिकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है। NASA के James Webb Space Telescope (JWST) ने इस अनोखे एक्सोप्लैनेट का अध्ययन करते हुए एक हैरान करने वाली खोज की है। वैज्ञानिकों ने पाया कि यह ग्रह अपने तारे के सबसे करीब पहुंचते ही कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 1100 डिग्री फारेनहाइट (करीब 600 डिग्री सेल्सियस) तक गर्म हो जाता है। यह बदलाव इतनी तेजी से हुआ कि रिसर्चर्स को भी इसकी तीव्रता देखकर आश्चर्य हुआ। HD 80606 b का एक वर्ष 111 दिनों का होता है और यह अपने अधिकांश समय बेहद ठंडे वातावरण में बिताता है, लेकिन कक्षा के एक खास हिस्से में पहुंचते ही इसकी स्थिति पूरी तरह बदल जाती है।</p>
<h2><strong>यह ग्रह अपने तारे के पास आते ही इतना गर्म क्यों हो जाता है?</strong></h2>
</p>
<p>HD 80606 b को सामान्य &#8216;Hot Jupiter&#8217; ग्रहों से अलग माना जाता है। इसका Mass Jupiter Planet से लगभग चार गुना ज्यादा है और इसकी कक्षा बहुत अधिक अंडाकार (Eccentric Orbit) है। अपने तारे से दूर रहने पर यह काफी ठंडा रहता है, लेकिन जब यह अपने तारे के सबसे नजदीकी बिंदु, जिसे पेरिआस्ट्रॉन कहा जाता है, पर पहुंचता है तो इसकी दूरी केवल 0.03 Astronomical unit (AU) रह जाती है। इस दौरान तारे से मिलने वाली एनर्जी अचानक कई गुना बढ़ जाती है, जिससे ग्रह का वातावरण तेजी से गर्म होने लगता है। इस अनोखी घटना को समझने के लिए NASA की Jet Propulsion Laboratory की वैज्ञानिक Tiffany Kataria और उनकी टीम ने JWST के MIRI इक्विपमेंट की मदद से ग्रह का अध्ययन किया।</p>
<h2><strong>JWST ने इस ग्रह के बारे में क्या नई जानकारी जुटाई?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों ने इस ग्रह को तब देखा जब वह अपने तारे के करीब पहुंच रहा था और फिर उससे दूर जा रहा था। JWST की खास टेक्नोलॉजी ने ग्रह और तारे से आने वाली रोशनी का बारीकी से अध्ययन किया। इससे वैज्ञानिकों को पता चला कि ग्रह का तापमान और उसका वायुमंडल समय के साथ कैसे बदलता है। अध्ययन में सामने आया कि ग्रह का तापमान वैज्ञानिकों की उम्मीद से भी ज्यादा बढ़ गया। पहले Spitzer Space Telescope के डेटा के आधार पर जो अनुमान लगाए गए थे, असली तापमान उनसे कहीं ज्यादा निकला। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह किसी एक्सोप्लैनेट पर अब तक देखे गए सबसे तेज और बड़े तापमान बदलावों में से एक है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों को ग्रह के वातावरण में कौन-सी गैसें मिलीं और यह खोज क्यों महत्वपूर्ण है?</strong></h2>
</p>
<p>इस अध्ययन की एक और बड़ी सफलता यह रही कि JWST ने ग्रह के वातावरण में मौजूद कुछ अहम गैसों का साफ पता लगाया। वैज्ञानिकों को मीथेन (Methane) और कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon Dioxide) जैसी गैसों के बेहतर संकेत मिले हैं। Cornell University के वैज्ञानिक Ryan Challener के मुताबिक, पहली बार इन गैसों को इतनी स्पष्टता से देखा गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज भविष्य में हॉट जुपिटर जैसे विशाल और बेहद गर्म ग्रहों के वातावरण और उनके व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/NASA-5.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[NASA]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/jwst-discovers-extreme-heating-on-exoplanet-hd-80606-b-temperature-rises-by-1100-degree-fahrenheit-in-hours-1666602/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/jwst-discovers-extreme-heating-on-exoplanet-hd-80606-b-temperature-rises-by-1100-degree-fahrenheit-in-hours-1666602/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 21 Jun 2026 06:46:47 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर गैलेक्सी से आया ये रहस्यमयी कण, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा]]></title>
		<description>ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी कणों में से एक न्यूट्रिनो को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ी खोज की है। अंटार्कटिका के IceCube Observatory ने 2021 में एक हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाया था। अब रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि यह कण पृथ्वी से करीब 11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर स्थित गैलेक्सी से आया था। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रह्मांड के सबसे रहस्यमयी कणों में से एक न्यूट्रिनो को लेकर वैज्ञानिकों ने बड़ी सफलता हासिल की है। अंटार्कटिका में स्थित IceCube Neutrino Observatory ने साल 2021 में एक बेहद हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो का पता लगाया था, जिसे IC 210922A नाम दिया गया। उस समय वैज्ञानिक यह नहीं जान पाए थे कि यह कण आखिर आया कहां से है। अब एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इसकी उत्पत्ति का पता लगा लिया है। उनके अनुसार यह न्यूट्रिनो &#8216;Shadow Blaster&#8217; नाम की एक Distant Starburst Galaxy से आया था, जो पृथ्वी से लगभग 11 अरब प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है। यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार ऐसे संकेत मिले हैं कि तेजी से नए तारे बनाने वाली आकाशगंगाएं भी हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो पैदा कर सकती हैं।</p>
<h2><strong>कैसे मिली न्यूट्रिनो के स्रोत की पहचान?</strong></h2>
</p>
<p>17 जून को प्रकाशित एक नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि उन्होंने Shadow Blaster, जिसका आधिकारिक नाम JCMT0402−0424 है, का अध्ययन कई शक्तिशाली दूरबीनों की मदद से किया। इसमें James Clerk Maxwell Telescope, Submillimeter Array और Atacama Large Millimeter Array जैसी Observatories शामिल थीं। इस गैलेक्सी की रोशनी रास्ते में मौजूद एक विशाल Elliptical Galaxy के गुरुत्वाकर्षण के कारण चार अलग-अलग तस्वीरों में बंट गई। इस प्रक्रिया को ग्रैविटेशनल लेंसिंग कहा जाता है। इसी प्रभाव की वजह से वैज्ञानिकों को इस बेहद दूर स्थित गैलेक्सी को अधिक विस्तार से देखने का मौका मिला और उसके अंदर की एक्टिविटी का अध्ययन संभव हो सका।</p>
<h2><strong>गैलेक्सी के अंदर क्या मिला?</strong></h2>
</p>
<p>रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि Shadow Blaster गैलेक्सी का बीच वाला हिस्सा उम्मीद से ज्यादा छोटा और घना है। इसका एक्टिल क्षेत्र सिर्फ करीब 1500 प्रकाश-वर्ष तक फैला है, लेकिन यहां गैस और धूल की बहुत बड़ी मात्रा मौजूद है, जिससे तेजी से नए तारे बन रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यहां किसी एक्टिव विशाल ब्लैक होल के सबूत नहीं मिले। अब तक वैज्ञानिक मानते थे कि ऐसे शक्तिशाली न्यूट्रिनो बनाने में ब्लैक होल की बड़ी भूमिका होती है, लेकिन इस रिसर्च ने उस सोच को बदल दिया है। इससे पता चलता है कि सिर्फ तेजी से तारे बनाने वाली गैलेक्सियां भी इतनी ज्यादा एनर्जी पैदा कर सकती हैं कि वहां से हाई-एनर्जी न्यूट्रिनो निकल सकें।</p>
<h2><strong>ब्रह्मांड को समझने में क्यों अहम है यह खोज?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के अनुसार न्यूट्रिनो पूरे ब्रह्मांड में बड़ी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन उनके स्रोतों की पहचान करना बेहद मुश्किल होता है। इस अध्ययन से पता चलता है कि स्टारबर्स्ट गैलेक्सियां Natural Cosmic-Ray Accelerator की तरह काम कर सकती हैं। रिसर्च के प्रमुख लेखक Yuji Urata का कहना है कि ऐसी गैलेक्सियां IceCube द्वारा दर्ज किए गए कुल डिफ्यूज न्यूट्रिनो बैकग्राउंड का लगभग 20% हिस्सा पैदा कर सकती हैं। करीब 10 अरब वर्ष पहले ब्रह्मांड में स्टारबर्स्ट गैलेक्सियों की संख्या काफी अधिक थी, इसलिए यह खोज यह समझने में मदद कर सकती है कि आज हमें इतने अधिक न्यूट्रिनो क्यों दिखाई देते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि भविष्य में होने वाली ऐसी खोजें ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली और रहस्यमयी घटनाओं के बारे में नई जानकारी दे सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/IceCube-Neutrino-Observatory.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[IceCube Neutrino Observatory]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/icecube-traces-high-energy-neutrino-to-distant-starburst-galaxy-11-billion-light-years-away-1666599/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/icecube-traces-high-energy-neutrino-to-distant-starburst-galaxy-11-billion-light-years-away-1666599/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:29:11 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Amazon Prime Day 2026 Sale की तारीखों का ऐलान, मात्र 999 रुपये में बनें सालभर के लिए Prime सदस्य]]></title>
		<description>Amazon Prime Day Sale 2026 की तारीखों का ऐलान हो गया है। इस सेल के दौरान प्राइम सदस्यों को विभिन्न प्रोडक्ट्स पर बंपर डील व डिस्काउंट ऑफर्स मिलने वाले हैं। यहां जानें सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Amazon Prime Day 2026 Sale</strong> की तारीखों का ऐलान हो गया है। यह सेल अगले महीने यानी जुलाई में लाइव होने जा रही है, जो कि सिर्फ Amazon Prime members के लिए ही लाइव होने वाली है। इस सेल के दौरान प्राइम सदस्य विभिन्न प्रोडक्ट्स पर डील व डिस्काउंट ऑफर्स का लाभ उठा सकेंगे। अगर आप जल्द ही नया स्मार्टफोन या फिर डिवाइस खरीदने की सोच रहे थे, तो प्राइम डे सेल आपके कई सुनहरे ऑफर्स लेकर आने वाली है। इस सेल के लिए अमेजन ने SBI व Axis Bank के साथ साझेदारी की है। इसका मतलब यह है कि इस सेल के दौरान इस बैंक के ग्राहकों को स्पेशल डिस्काउंट ऑफर्स का लाभ मिलेगी।</p>
<h2>Amazon Prime Day Sale 2026 Dates</h2>
</p>
<p>कंपनी ने फाइनली <a href="https://www.techlusive.in/hi/photo-gallery/7200mah-battery-50mp-camera-vivo-t5x-5g-809-emi-offer-on-flipkart-amazon-deal-price-in-india-specs-1665820/">Amazon</a> Prime Day Sale 2026 की डेट्स का ऐलान कर दिया है। यह सेल 4 जुलाई से शुरू होने वाली है, जो कि 6 जुलाई तक जारी रहेगी। तीन दिन चलने वाली यह सेल बंपर डील व डिस्काउंट ऑफर्स से लैस होगी। इसकी शुरुआत 4 जुलाई रात 12:00 AM पर होगी, जो कि 6 जुलाई रात 11:59 तक जारी रहेगी।</p>
<h2>Amazon Prime Day Sale 2026 Offers</h2>
</p>
<p>जैसे कि हमने बताया अमेजन की यह सेल सिर्फ प्राइम मेंबर्स के लिए ही है। इस सेल के दौरान प्राइम सदस्य स्मार्टफोन, होम अप्लाइंसेस, इलेक्ट्रोनिक्स आदि पर धमाकेदार डील व डिस्काउंट ऑफर्स मिलेंगे। ऑफर्स की बात करें, तो SBI व Axis Bank कार्ड के जरिए सेल के दौरान खरीदारी करने पर आपको 10 प्रतिशत तक का इंस्टेंट डिस्काउंट ऑफर प्राप्त होगा। इसके अलावा, यह ऑफर EMI ट्रांसजेक्शन पर भी मिल रहा है। इसके अलावा, Amazon Pay ICICI Bank Credit Card के जरिए यूजर्स को चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 5 प्रतिशत तक का कैशबैक मिल रहा है।</p>
</p>
<p>कंपनी का दावा है कि इस साल प्राइम डे के दौरान कंपनी 500 से ज्यादा नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने वाली है, जिसमें OnePlus व Samsung जैसे स्मार्टफोन ब्रांड्स भी शामिल है। वहीं, अमेजन प्रोडक्ट्स की बात करें, तो Echo स्मार्ट स्पीकर, डिस्प्ले व फायर टीवी जैसे डिवाइस पर 45 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर मिलेगा।</p>
<h2>Amazon Prime membership offers</h2>
</p>
<p>इसके अलावा, कंपनी नए सब्सक्राइबर्स के लिए लिमिटेड टाइम मेंबरशिप ऑफर भी लाई है। स्टैंडर्ड एनुअल प्राइम सब्सक्रिप्शन को 999 रुपये में खरीदा जा सकेगा, जिसकी कीमत 1499 रुपये है। वहीं, दूसरी ओर Prime Lite सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत 799 रुपये है, जिसे ऑफर के तहत 599 रुपये में पाया जा सकता है। Prime Shopping Edition को 299 रुपये में पाया जा सकेगा, जिसकी कीमत अभी 399 रुपये है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/amazon-prime-day-2026-sale-dates-announced-4-july-deal-and-discount-offers-prime-membership-price-just-rs-999-1666397/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/amazon-prime-day-2026-sale-dates-announced-4-july-deal-and-discount-offers-prime-membership-price-just-rs-999-1666397/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 10:35:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[FIFA World Cup 2026 में दिखी क्रिकेट वाली Snicko जैसी टेक्नोलॉजी, जानें कैसे करती है काम]]></title>
		<description>FIFA World Cup 2026 इस समय Sweden और Tunisia के बीच खेले गए मैच के कारण सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि इस मुकाबले में क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली Snicko जैसी टेक्नोलॉजी देखने को मिली। आइए नीचे जानते हैं क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>FIFA World Cup 2026</strong> का आगाज हो चुका है। इस बार टूर्नामेंट सिर्फ खिलाड़ियों और टीमों के परफॉर्मेंस की वजह से नहीं बल्कि एडवांस टेक्नोलॉजी के कारण भी चर्चा में बना है। फुलबॉल मैचों को अधिक सटीक और रोमांचक बनाने के लिए AR (Augmented Reality), AI (Artificial intelligence) और सेंसर लैस बॉल जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। खास बात यह है कि इस बार फुटबॉल में क्रिकेट की लोकप्रिय Snicko टेक से मिलती-जुलती तकनीक को भी यूज किया गया है, जिसकी झलक सोमवार को Sweden और Tunisia के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिली।</p>
<h2>क्या है Snicko टेक्नोलॉजी ?</h2>
</p>
<p>Snicko टेक्नोलॉजी बहुत लोकप्रिय है। इसका इस्तेमाल क्रिकेट (Cricket) में किया जाता है। इसे Snickometer मशीन से नाम मिला है। इसका उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि क्या बॉल बेट या फिर दस्तानों को छूकर निकली है या नहीं। इसके लिए स्टंप के पास बेहद ही संवेदनशील माइक्रोफोन लगाए जाते हैं, जो हल्की सी आवाज को भी रिकॉर्ड कर लेते हैं।</p>
</p>
<p>जब बॉल बल्ले के संपर्क में आती है, तो मीटर में दिखाई देने वाली वेवफॉर्म तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं। इससे थर्ड अंपायर को यह समझने में आ जाता है कि बॉल बैट या फिर ग्लव से टच हुई है। इससे निर्णय लेने में आसानी होती है।</p>
<h2>किस मैच में देखने को मिली झलक ?</h2>
</p>
<p>फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इस हफ्ते सोमवार को Sweden और Tunisia के बीच खेले गए मैच में Snicko जैसी टेक्नोलॉजी देखने को मिली। इस मुकाबले के 84वें मिनट में Sweden के खिलाड़ी Mattias Svanberg ने गोल किया, लेकिन शुरुआत में इसे ऑफसाइड मानकर रद्द किया गया। हालांकि, बहस के बाद इसकी जांच की जिम्मा VAR अधिकारियों को सौंपा गया।</p>
</p>
<p>इसके लिए आधिकारियों ने मैच में इस्तेमाल हो रही Adidas Trionda स्मार्ट बॉल के डेटा को मॉनिटर किया, जिसमें खास माइक्रोचिप लगी हैं। इनकी खूबी है कि ये किसी खिलाड़ी से टकराते ही उसके सिग्नल रिकॉर्ड कर लेती हैं और उसे वेवफॉर्म के रूप में दर्शाती है। इस ही वेवफॉर्म से पुष्टि हुई कि Isak ने गेंद को हल्का सा टच किया था। इसके बाद ऑफसाइड के फैसले को बदला गया और उस गोल को मान्य माना गया।</p>
<h2>क्या मुकाबले में इस्तेमाल हुई तकनीक Snicko जैसी है ?</h2>
</p>
<p>फुलबॉल में इस्तेमाल किए जाने वाली टेक्नोलॉजी क्रिकेट की Snicko जैसी नहीं है। दोनों के काम करने का तरीका अलग है। क्रिकेट में माइक्रोफोन स्टंप के पास होते हैं, जबकि फुटबॉल में IMU सेंसर बॉल में लगा होता है, जो बॉल और खिलाड़ी के संपर्क में आने पर वेवफॉर्म में रूप में रिकॉर्ड कर लेता है। हालांकि, इन दोनों तकनीक का परिणाम दिखना तरीका लगभग एक जैसा है।</p>
</p>
<p>स्क्रीन पर वेवफॉर्म देखने को मिलती है, जिससे पता चल जाता है कि बॉल प्लेयर को छूकर निकली है या नहीं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फीफा इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल पिछले पांच साल से कर रही है। इसका उपयोग सबसे पहले 2022 वर्ल्ड कप में किया गया था।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/football-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/fifa-world-cup-2026-snicko-like-technology-in-football-know-what-is-it-and-how-it-works-1666369/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/fifa-world-cup-2026-snicko-like-technology-in-football-know-what-is-it-and-how-it-works-1666369/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 09:46:20 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google ने पेश किया नया AI Home Speaker, Gemini के साथ मिलेंगे ये सब फीचर्स, कीमत बस इतनी]]></title>
		<description>Google ने अपना नया AI-Powered Google Home Speaker पेश कर दिया है, जो Gemini AI के साथ आता है। यह स्मार्ट स्पीकर सिर्फ म्यूजिक चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही कमांड में कई काम कर सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने नए AI-Powered स्मार्ट स्पीकर Google Home Speaker की ग्लोबल बिक्री शुरू कर दी है। कंपनी ने चुनिंदा देशों में इसके लिए प्री-ऑर्डर लेना शुरू कर दिया है। Google ने इस स्मार्ट स्पीकर को अक्टूबर 2025 में पेश किया था और अब यह बाजार में आने के लिए तैयार है। इसकी कीमत 99.99 डॉलर (करीब 8,900 रुपये) रखी गई है। फिलहाल इसे अमेरिका और न्यूजीलैंड समेत कुछ बाजारों में प्री-ऑर्डर किया जा सकता है, जबकि इसकी शिपिंग 25 जून से शुरू होगी। यह Berry, Hazel, Jade और Porcelain जैसे चार कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। Google का कहना है कि यह स्पीकर Gemini AI की मदद से पहले से ज्यादा स्मार्ट और यूजफुल अनुभव देगा।</p>
<h2><strong>Gemini AI वाला यह स्मार्ट स्पीकर क्या-क्या कर सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>Google Home Speaker की सबसे बड़ी खासियत इसका Gemini for Home वॉयस असिस्टेंट है। यह यूजर्स को सामान्य वॉयस कमांड से कहीं ज्यादा एडवांस सुविधाएं देता है। यूजर्स एक ही कमांड में कई काम कर सकते हैं, Gemini Live का इस्तेमाल कर सकते हैं और Home Briefs फीचर के जरिए यह जान सकते हैं कि उनकी गैरमौजूदगी में घर में क्या एक्टिविटी हुईं। स्पीकर पर मौजूद खास Light Ring यूजर्स को विजुअल फीडबैक भी देता है। यह डायनामिक लाइट दिखाती है कि Gemini आपकी बात सुन रहा है, सोच रहा है, जवाब तैयार कर रहा है या Gemini Live मोड में काम कर रहा है।</p>
<h2><strong>ऑडियो और स्मार्ट फीचर्स में क्या खास मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>ऑडियो के मामले में भी Google Home Speaker को काफी बेहतर बनाया गया है। इसमें 58mm का फुल-रेंज ड्राइवर दिया गया है जो 360-डिग्री ऑडियो आउटपुट देता है। इसे Google TV Streamer के साथ कनेक्ट किया जा सकता है और दो स्पीकर्स को एक साथ पेयर करके होम थिएटर जैसा स्पेशल सराउंड साउंड अनुभव भी लिया जा सकता है। बेहतर वॉयस रिकग्निशन के लिए इसमें तीन Far-Field माइक्रोफोन दिए गए हैं। इसके अलावा यूजर्स को माइक्रोफोन को तुरंत बंद करने के लिए एक फिजिकल म्यूट स्विच भी मिलता है, जिससे प्राइवेसी पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है।</p>
<h2><strong>Google Home Speaker में कौन-कौन से हार्डवेयर और कनेक्टिविटी फीचर्स हैं?</strong></h2>
</p>
<p>हार्डवेयर की बात करें तो Google Home Speaker में Quad core Cortex-A55 Processor और एक डेडिकेटेड Neural Processing Unit (NPU) दिया गया है, जो Gemini AI फीचर्स को तेज और बेहतर तरीके से चलाने में मदद करता है। इसमें 1GB LPDDR4 RAM और 4GB eMMC स्टोरेज मौजूद है। कनेक्टिविटी के लिए Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4 और Thread 1.3 Border Router सपोर्ट मिलता है। यह Google Home App और Matter सपोर्टेड स्मार्ट होम डिवाइसेज के साथ भी काम करता है। कॉम्पैक्ट डिजाइन वाला यह स्पीकर 3.4-inch ऊंचा और 4.2-inch चौड़ा है, इसे 30W USB Type-C एडॉप्टर से पावर मिलती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Google-Home-Speaker.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Home Speaker]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-home-speaker-goes-global-price-gemini-ai-features-specs-and-availability-1666389/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-home-speaker-goes-global-price-gemini-ai-features-specs-and-availability-1666389/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 08:12:52 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[PhonePe की दादागीरी, Wallet यूज न करने वालों को देना होगा 100 रुपये का Fine!]]></title>
		<description>PhonePe ने यूजर्स को दिया झटका। Wallet यूज न करने वाले यूजर्स को कहा सर्विस इस्तेमाल न करने की फीस भरो... लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए की शिकायत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>PhonePe wallet Charge:</strong> पेड सर्विस व फीचर्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जहां किसी फीचर व सर्विस को एक्सेस करने के लिए आपको अलग से पैसे देने पड़ते हैं। हालांकि, क्या आपने कभी सुना है किसी सर्विस का इस्तेमाल न करने पर भी आपको पैसे देने होंगे? नहीं हां&#8230; लेकिन PhonePe यूजर्स इन दिनों कुछ इसी तरह की शिकायत करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें फोनपे की तरफ से एक मैसेज/नोटिफिकेशन प्राप्त होता है, जिसमें कहा गया है कि यदि आप PhonePe wallet का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो आपको अलग से फीस भरनी होगी। जी हां, फीचर न इस्तेमाल करने की फीस। आइए जानते हैं पूरा मामला।</p>
</p>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X व Reddit पर कुछ पोस्ट सामने आए हैं। इन पोस्ट के जरिए यूजर्स ने शिकायत की है कि PhonePe उन्हें नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी दे रहा है कि यदि उनका <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-use-phonepe-echallan-feature-know-full-process-step-by-step-1652097/">PhonePe</a> wallet 1 साल यानी 12 महीने तक इनएक्टिव रहेगा, तो उन्हें इसकी फीस भरनी होगी। हैरान करने वाली बात यह है कि यह फीस उनके अकाउंट से अपने-आप ही कट जाएगी।</p>
</p>
<div id="attachment_1666373" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe-1.png"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1666373" class="wp-image-1666373 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe-1.png" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1666373" class="wp-caption-text">Reddit post</p>
</div>
<h2>हर 3 महीने में देने होंगे 100 रुपये</h2>
</p>
<p>टिप्सटर Abhishek Yadav ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए इस मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट के साथ जानकारी दी गई है कि इन-एक्टिव फोनपे वॉलेट के लिए यूजर्स से 100 रुपये हर 3 महीने में चार्ज किए जाएंगे। इसके अलावा, अगर आप अपना वॉलेट बंद करना चाहते हैं, तो आपको पहले इसके लिए पूरी KYC प्रोसेस पूरा करना होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">⚠️ Seriously, what is this, PhonePe?</p>
</p>
<p>PhonePe has started warning users that inactive wallets will be charged ₹100 every quarter after 12 months of inactivity.</p>
</p>
<p>Most people don&#8217;t even use PhonePe Wallet. They use UPI directly from their bank account and may not even know a… <a href="https://t.co/SZHFcgASng" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/SZHFcgASng</a></p>
</p>
<p>— Abhishek Yadav (@yabhishekhd) <a href="https://x.com/yabhishekhd/status/2067252170278457825?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">June 17, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>क्या है PhonePe wallet?</h2>
</p>
<p>अगर आपके जहन में भी यह सवाल आ रहा है कि आखिर फोनपे वॉलेट है क्या? तो जान लें यह PhonePe ऐप के साथ आने वाली इन-बिल्ट सर्विस है। यूजर बैंक अकाउंट के जरिए इस वॉलेट को रिचार्ज करके इसमें पैसे डालते हैं। इसके बाद इस वॉलेट में मौजूद राशि का इस्तेमाल किसी भी भुगतान के लिए कर सकते हैं।</p>
<h2>Offline काम आता है Wallet</h2>
</p>
<p>UPI के जमाने में अगर आप सोच रहे हैं कि कोई वॉलेट क्यों इस्तेमाल करेगा&#8230; तो इसका जवाब यह है कि यह सर्विस ऑफलाइन भी काम करती है। कई बार आप ऐसी जगह पर होते हैं, जहां फोन में नेटवर्क नहीं आता या फिर आपके फोन में इंटरनेट नहीं बचता, तो आप वॉलेट के जरिए ऑफलाइन पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, बैंक का सर्वर डाउन होने के बाद भी आप वॉलेट के जरिए पैसे का भुगतान कर सकते हैं।</p>
<h2>सर्विस यूज न करने पर चार्ज वसूलना लीगल है?</h2>
</p>
<p>हां, कंपनी लीगली अपने यूजर से इस तरह के चार्ज वसूल कर सकती है। दरअसल, जब भी आप कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो आपको लॉग-इन करते समय टर्म्स-एंड-कंडिशन को Accept करना होता है। इसी तरह के टर्म्स एंड कंडिशन वाले सेक्शन में कंपनी यूजर्स को इस तरह के कानूनी दांव-पेंच के लिए मनवा लेती है।</p>
<h2>100 रुपये देने से कैसे बचें?</h2>
</p>
<p>अगर आप कंपनी की इस शर्त के तहत 100 रुपये नहीं देना चाहते, तो आपको अपना वॉलेट बंद करना होगा। इसके लिए आपको पहले केवाईसी का प्रोसेस पूरा करना होगा, जिसके बाद आप सर्विस को पूरी तरह से बंद कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Phonepe]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/phonepe-may-charge-rs-100-inactivity-fee-very-3-months-for-inactive-wallets-1666368/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/phonepe-may-charge-rs-100-inactivity-fee-very-3-months-for-inactive-wallets-1666368/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:37:47 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास बन सकते हैं विशाल ग्रह, वैज्ञानिकों की नई खोज ने चौंकाया]]></title>
		<description>ब्रह्मांड में ग्रहों के बनने को लेकर वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली संभावना पेश की है। नए अध्ययन के अनुसार, सिर्फ तारों के आसपास ही नहीं बल्कि सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास भी विशाल ग्रह बन सकते हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रह्मांड में ग्रहों के बनने की प्रक्रिया को लेकर वैज्ञानिकों ने एक हैरान करने वाली संभावना पेश की है। अब तक माना जाता था कि ग्रह आमतौर पर तारों के आसपास मौजूद गैस और धूल के बादलों से बनते हैं, लेकिन नए अध्ययन में दावा किया गया है कि सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास भी विशाल ग्रह बन सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार आकाशगंगाओं के केंद्र में मौजूद बेहद चमकदार और Active Area, जिन्हें Active Galactic Nuclei (AGN) कहा जाता है, ग्रहों के बनने की जगह बन सकते हैं। ये क्षेत्र इतने चमकीले होते हैं कि कई बार अपनी पूरी आकाशगंगा के सभी तारों की रोशनी को भी पीछे छोड़ देते हैं। ब्लैक होल के आसपास मौजूद गैस और धूल के बीच होने वाला घर्षण इतनी ज्याजा एनर्जी पैदा करता है कि पूरा इलाका तेज रोशनी से चमकने लगता है।</p>
<h2><strong>AGN क्या होता है और इसमें ग्रह कैसे बन सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के मुताबिक AGN तब बनते हैं जब किसी सुपरमैसिव ब्लैक होल के चारों ओर बड़ी मात्रा में गैस और धूल जमा हो जाती है। यह पदार्थ एक चपटी डिस्क के रूप में ब्लैक होल के चारों ओर घूमता रहता है और धीरे-धीरे उसका हिस्सा ब्लैक होल में समा जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान भारी मात्रा में एनर्जी निकलती है, जिससे AGN बेहद चमकीले दिखाई देते हैं। पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि इन क्षेत्रों का वातावरण बहुत अशांत और उथल-पुथल भरा होता है, इसलिए यहां ग्रह बनना लगभग असंभव है, लेकिन नई रिसर्च से संकेत मिले हैं कि AGN डिस्क के बाहरी हिस्सों में तापमान और परिस्थितियां ग्रहों के निर्माण के लिए अनुकूल हो सकती हैं।</p>
<h2><strong>ये नए ग्रह कितने बड़े और अलग हो सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>अध्ययन के मुताबिक, ब्लैक होल के आसपास बनने वाले ग्रह आम ग्रहों से काफी अलग हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के Researcher Bhupendra Mishra के अनुसार, इनमें से कुछ ग्रह आकार और वजन में बृहस्पति ग्रह (Jupiter Planet) जितने बड़े या उससे भी बड़े हो सकते हैं। ये ज्यादातर गैस से बने विशाल ग्रह होंगे, इनका तापमान काफी ज्यादा होने की वजह से ये किसी आग के गोले या पिघले हुए लावे जैसी दुनिया की तरह दिखाई दे सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि एक Active Galactic Nuclei (AGN) के आसपास लाखों से लेकर करोड़ों तक ग्रह बन सकते हैं। अगर भविष्य में यह सिद्धांत सही साबित होता है, तो ग्रहों के बनने की हमारी मौजूदा समझ पूरी तरह बदल सकती है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिक इन छिपे हुए ग्रहों को कैसे खोजेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि इन ग्रहों को सीधे देख पाना आसान नहीं होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन्हें खोजने के लिए ग्रैविटेशनल लेंसिंग नाम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस टेक्नोलॉजी में किसी बहुत भारी चीज, जैसे ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण उसके पीछे से आने वाली रोशनी को मोड़ देता है। इससे ऐसी चीजों का पता लगाने में मदद मिलती है जो सामान्य तौर पर दिखाई नहीं देतीं। Researcher Bhupendra Mishra का कहना है कि इन ग्रहों को ढूंढ़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इसके लिए और ज्यादा रिसर्च और बेहतर टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी। अगर भविष्य में ऐसे ग्रहों के सबूत मिल जाते हैं, तो इससे ब्लैक होल और ग्रहों के बनने से जुड़े कई बड़े रहस्यों को समझने में मदद मिल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Black-Hole.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Black Hole]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-suggest-giant-planets-could-form-around-supermassive-black-holes-1666338/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-suggest-giant-planets-could-form-around-supermassive-black-holes-1666338/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 05:30:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Haier HQLED P7 Pro सीरीज AI फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>HQLED P7 Pro Series को भारतीय बाजार में उतारा गया है। इस लाइनअप में 43 इंच से 75 इंच तक के टीवी को जोड़ा गया है। इनमें गूगल टीवी ओएस और जेमिनी का सपोर्ट मिलता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Haier India</strong> ने भारत में अपनी स्मार्ट टीवी सीरीज HQLED P7 Pro को लॉन्च कर दिया है। इस लाइनअप के तहत 43 से लेकर 75 इंच तक के स्क्रीन साइज वाले टीवी को उतारा गया है। इन सभी टीवी में 50 वॉट पावर वाला स्पीकर दिया गया है। इसके साथ जेमिनी (Gemini) और AI पावर्ड पिक्चर का सपोर्ट मिलता है। कंपनी का कहना है कि इस टीवी सीरीज को खासतौर पर मनोरंजन के लिए लाया गया है। इससे यूजर्स का एक्सपीरिंयस बेहतर होगा।</p>
<h2>HQLED P7 Pro सीरीज के फीचर्स</h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Feature Category</th>
</p>
<th>Details</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Series Name</td>
</p>
<td>Haier HQLED P7 Pro Series</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Screen Sizes</td>
</p>
<td>43-inch, 50-inch, 55-inch, 65-inch, 75-inch</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Display Technology</td>
</p>
<td>HQLED Display</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Color Gamut</td>
</p>
<td>93% Color Gamut</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>HDR Support</td>
</p>
<td>Dolby Vision and HDR10+ (50-inch and larger models)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Audio System</td>
</p>
<td>50W 2.1 Channel Speaker System</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Subwoofer</td>
</p>
<td>Available in 55-inch and larger models</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Audio Technologies</td>
</p>
<td>Dolby Atmos, Total Sonics Technology</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Operating System</td>
</p>
<td>Google TV</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI Assistant</td>
</p>
<td>Gemini Integration</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Voice Control</td>
</p>
<td>Voice Search and TV Control Support</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI Features</td>
</p>
<td>AI HDR Enhancer, AI Colour Boost, AI Motion, AI Noise Reduction</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Gaming Refresh Rate</td>
</p>
<td>120Hz (DLG)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Gaming Features</td>
</p>
<td>VRR (Variable Refresh Rate), ALLM (Auto Low Latency Mode), MEMC, Gaming Bar</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Connectivity Features</td>
</p>
<td>HaiCast Screen Mirroring, Bluetooth Speaker Mode, Wi-Fi</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Warranty</td>
</p>
<td>3 Years</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Haier के मुताबिक, नई टीवी सीरीज में 43, 50, 55, 65 और 75 इंच स्क्रीन साइज वाले टीवी शामिल हैं। इन सभी में HQLED डिस्प्ले है। इसका कलर गेमट 93 प्रतिशत है। इसके 50 इंच और उससे बड़ी स्क्रीन वाले टीवी को Dolby Vision व HDR10+ का सपोर्ट दिया गया है। बेहतर साउंड के लिए टीवी में 50W वाला 2.1 चैनल स्पीकर सिस्टम मिलता है। वहीं, 55 इंच और उससे बड़ी स्क्रीन वाले टीवी में सब-वूफर भी दिया गया है। ये टीवी डॉल्बी एटमॉस और Total Sonics टेक्नोलॉजी से लैस हैं।</p>
</p>
<p>इन लेटेस्ट स्मार्ट टीवी में गूगल टीवी ओएस और Gemini दिया गया है। इससे यूजर्स बोलकर कंटेंट सर्च करने के साथ टीवी कंट्रोल कर सकते हैं। इसके साथ टीवी में AI HDR Enhancer, AI Colour Boost, AI Motion और AI Noise Reduction का सपोर्ट मिलता है।</p>
<h2>गेमिंग</h2>
</p>
<p>इस लेटेस्ट टीवी सीरीज में बेहतर गेमिंग के लिए कई फीचर दिए गए हैं, जिनमें 120Hz (DLG), Variable Refresh Rate (VRR), Auto Low Latency Mode (ALLM) और MEMC शामिल हैं। साथ में गेमिंग बार भी दिया गया है। इतना ही नहीं टीवी में HaiCast स्क्रीन मिरर, ब्लूटूथ स्पीकर मोड और वाई-फाई जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इन पर 3 साल की वारंटी मिल रही है।</p>
<h2>कितनी है कीमत ?</h2>
</p>
<p>इस टीवी सीरीज में आने वाले मॉडल की कीमत नीचे बताई गई है :-</p>
<ul>
<li>43-inch, कीमत 35,990 रुपये</li>
<li>50-inch, कीमत 43,490 रुपये</li>
<li>55-inch, कीमत 49,990 रुपये</li>
<li>65-inch, कीमत 67,990 रुपये</li>
<li>75-inch, कीमत 90,990 रुपये</li>
</ul>
<p>इन स्मार्ट टीवी को क्रोमा जैसे रिटेल स्टोर से खरीदा जा सकता है।</p>
<h2>जनवरी में लॉन्च की ये टीवी सीरीज</h2>
</p>
<p>हायर ने HQLED P7 Pro टीवी सीरीज से पहले H5E Series 4K Ultra HD Smart Google TV को जनवरी में पेश किया था। इस टीवी की सेल फ्लिपकार्ट से की जा रही है। इसकी कीमत 25,990 रुपये से शुरू होती है। फीचर्स पर आए, तो टीवी को 43 से 65 इंच स्क्रीन साइज में पेश किया गया है। इनमें 4के अल्ट्रा एचडी रेजलूशन वाली स्क्रीन दी गई है। इसे HDR10 का सपोर्ट मिलता है।</p>
</p>
<p>इस स्मार्ट टीवीज में बेहतर मूवी और गेमिंग के लिए ब्लर किया गया है। इसमें 6 से ज्यादा पिक्चर मोड मिलता है। इसके अलावा, टीवी में 2 जीबी रैम और 32 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। यही नहीं 20 वॉट के स्पीकर दिए गए हैं, जो डॉल्बी ऑडियो से लैस हैं। कनेक्टिविटी के लिए टीवीज में वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.1, 4 एचडीएमआई और 2 यूएसबी टाईप-पोर्ट जैसे स्पेक्स दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Haier-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/haier-hqled-p7-pro-series-google-tvs-launched-in-india-with-ai-features-know-price-features-1666320/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/haier-hqled-p7-pro-series-google-tvs-launched-in-india-with-ai-features-know-price-features-1666320/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
</rss>