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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 08:12:52 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[PhonePe की दादागीरी, Wallet यूज न करने वालों को देना होगा 100 रुपये का Fine!]]></title>
		<description>PhonePe ने यूजर्स को दिया झटका। Wallet यूज न करने वाले यूजर्स को कहा सर्विस इस्तेमाल न करने की फीस भरो... लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए की शिकायत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>PhonePe wallet Charge:</strong> पेड सर्विस व फीचर्स के बारे में तो आपने सुना ही होगा, जहां किसी फीचर व सर्विस को एक्सेस करने के लिए आपको अलग से पैसे देने पड़ते हैं। हालांकि, क्या आपने कभी सुना है किसी सर्विस का इस्तेमाल न करने पर भी आपको पैसे देने होंगे? नहीं हां&#8230; लेकिन PhonePe यूजर्स इन दिनों कुछ इसी तरह की शिकायत करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए कई यूजर्स ने शिकायत की है कि उन्हें फोनपे की तरफ से एक मैसेज/नोटिफिकेशन प्राप्त होता है, जिसमें कहा गया है कि यदि आप PhonePe wallet का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो आपको अलग से फीस भरनी होगी। जी हां, फीचर न इस्तेमाल करने की फीस। आइए जानते हैं पूरा मामला।</p>
</p>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे X व Reddit पर कुछ पोस्ट सामने आए हैं। इन पोस्ट के जरिए यूजर्स ने शिकायत की है कि PhonePe उन्हें नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी दे रहा है कि यदि उनका <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-use-phonepe-echallan-feature-know-full-process-step-by-step-1652097/">PhonePe</a> wallet 1 साल यानी 12 महीने तक इनएक्टिव रहेगा, तो उन्हें इसकी फीस भरनी होगी। हैरान करने वाली बात यह है कि यह फीस उनके अकाउंट से अपने-आप ही कट जाएगी।</p>
</p>
<div id="attachment_1666373" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe-1.png"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1666373" class="wp-image-1666373 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe-1.png" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1666373" class="wp-caption-text">Reddit post</p>
</div>
<h2>हर 3 महीने में देने होंगे 100 रुपये</h2>
</p>
<p>टिप्सटर Abhishek Yadav ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए इस मैसेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट के साथ जानकारी दी गई है कि इन-एक्टिव फोनपे वॉलेट के लिए यूजर्स से 100 रुपये हर 3 महीने में चार्ज किए जाएंगे। इसके अलावा, अगर आप अपना वॉलेट बंद करना चाहते हैं, तो आपको पहले इसके लिए पूरी KYC प्रोसेस पूरा करना होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">⚠️ Seriously, what is this, PhonePe?</p>
</p>
<p>PhonePe has started warning users that inactive wallets will be charged ₹100 every quarter after 12 months of inactivity.</p>
</p>
<p>Most people don&#8217;t even use PhonePe Wallet. They use UPI directly from their bank account and may not even know a… <a href="https://t.co/SZHFcgASng" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/SZHFcgASng</a></p>
</p>
<p>— Abhishek Yadav (@yabhishekhd) <a href="https://x.com/yabhishekhd/status/2067252170278457825?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">June 17, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>क्या है PhonePe wallet?</h2>
</p>
<p>अगर आपके जहन में भी यह सवाल आ रहा है कि आखिर फोनपे वॉलेट है क्या? तो जान लें यह PhonePe ऐप के साथ आने वाली इन-बिल्ट सर्विस है। यूजर बैंक अकाउंट के जरिए इस वॉलेट को रिचार्ज करके इसमें पैसे डालते हैं। इसके बाद इस वॉलेट में मौजूद राशि का इस्तेमाल किसी भी भुगतान के लिए कर सकते हैं।</p>
<h2>Offline काम आता है Wallet</h2>
</p>
<p>UPI के जमाने में अगर आप सोच रहे हैं कि कोई वॉलेट क्यों इस्तेमाल करेगा&#8230; तो इसका जवाब यह है कि यह सर्विस ऑफलाइन भी काम करती है। कई बार आप ऐसी जगह पर होते हैं, जहां फोन में नेटवर्क नहीं आता या फिर आपके फोन में इंटरनेट नहीं बचता, तो आप वॉलेट के जरिए ऑफलाइन पेमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा, बैंक का सर्वर डाउन होने के बाद भी आप वॉलेट के जरिए पैसे का भुगतान कर सकते हैं।</p>
<h2>सर्विस यूज न करने पर चार्ज वसूलना लीगल है?</h2>
</p>
<p>हां, कंपनी लीगली अपने यूजर से इस तरह के चार्ज वसूल कर सकती है। दरअसल, जब भी आप कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो आपको लॉग-इन करते समय टर्म्स-एंड-कंडिशन को Accept करना होता है। इसी तरह के टर्म्स एंड कंडिशन वाले सेक्शन में कंपनी यूजर्स को इस तरह के कानूनी दांव-पेंच के लिए मनवा लेती है।</p>
<h2>100 रुपये देने से कैसे बचें?</h2>
</p>
<p>अगर आप कंपनी की इस शर्त के तहत 100 रुपये नहीं देना चाहते, तो आपको अपना वॉलेट बंद करना होगा। इसके लिए आपको पहले केवाईसी का प्रोसेस पूरा करना होगा, जिसके बाद आप सर्विस को पूरी तरह से बंद कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Phonepe.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Phonepe]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:37:47 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास बन सकते हैं विशाल ग्रह, वैज्ञानिकों की नई खोज ने चौंकाया]]></title>
		<description>ब्रह्मांड में ग्रहों के बनने को लेकर वैज्ञानिकों ने एक चौंकाने वाली संभावना पेश की है। नए अध्ययन के अनुसार, सिर्फ तारों के आसपास ही नहीं बल्कि सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास भी विशाल ग्रह बन सकते हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रह्मांड में ग्रहों के बनने की प्रक्रिया को लेकर वैज्ञानिकों ने एक हैरान करने वाली संभावना पेश की है। अब तक माना जाता था कि ग्रह आमतौर पर तारों के आसपास मौजूद गैस और धूल के बादलों से बनते हैं, लेकिन नए अध्ययन में दावा किया गया है कि सुपरमैसिव ब्लैक होल के आसपास भी विशाल ग्रह बन सकते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार आकाशगंगाओं के केंद्र में मौजूद बेहद चमकदार और Active Area, जिन्हें Active Galactic Nuclei (AGN) कहा जाता है, ग्रहों के बनने की जगह बन सकते हैं। ये क्षेत्र इतने चमकीले होते हैं कि कई बार अपनी पूरी आकाशगंगा के सभी तारों की रोशनी को भी पीछे छोड़ देते हैं। ब्लैक होल के आसपास मौजूद गैस और धूल के बीच होने वाला घर्षण इतनी ज्याजा एनर्जी पैदा करता है कि पूरा इलाका तेज रोशनी से चमकने लगता है।</p>
<h2><strong>AGN क्या होता है और इसमें ग्रह कैसे बन सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के मुताबिक AGN तब बनते हैं जब किसी सुपरमैसिव ब्लैक होल के चारों ओर बड़ी मात्रा में गैस और धूल जमा हो जाती है। यह पदार्थ एक चपटी डिस्क के रूप में ब्लैक होल के चारों ओर घूमता रहता है और धीरे-धीरे उसका हिस्सा ब्लैक होल में समा जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान भारी मात्रा में एनर्जी निकलती है, जिससे AGN बेहद चमकीले दिखाई देते हैं। पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि इन क्षेत्रों का वातावरण बहुत अशांत और उथल-पुथल भरा होता है, इसलिए यहां ग्रह बनना लगभग असंभव है, लेकिन नई रिसर्च से संकेत मिले हैं कि AGN डिस्क के बाहरी हिस्सों में तापमान और परिस्थितियां ग्रहों के निर्माण के लिए अनुकूल हो सकती हैं।</p>
<h2><strong>ये नए ग्रह कितने बड़े और अलग हो सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>अध्ययन के मुताबिक, ब्लैक होल के आसपास बनने वाले ग्रह आम ग्रहों से काफी अलग हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के Researcher Bhupendra Mishra के अनुसार, इनमें से कुछ ग्रह आकार और वजन में बृहस्पति ग्रह (Jupiter Planet) जितने बड़े या उससे भी बड़े हो सकते हैं। ये ज्यादातर गैस से बने विशाल ग्रह होंगे, इनका तापमान काफी ज्यादा होने की वजह से ये किसी आग के गोले या पिघले हुए लावे जैसी दुनिया की तरह दिखाई दे सकते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि एक Active Galactic Nuclei (AGN) के आसपास लाखों से लेकर करोड़ों तक ग्रह बन सकते हैं। अगर भविष्य में यह सिद्धांत सही साबित होता है, तो ग्रहों के बनने की हमारी मौजूदा समझ पूरी तरह बदल सकती है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिक इन छिपे हुए ग्रहों को कैसे खोजेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि इन ग्रहों को सीधे देख पाना आसान नहीं होगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि इन्हें खोजने के लिए ग्रैविटेशनल लेंसिंग नाम की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस टेक्नोलॉजी में किसी बहुत भारी चीज, जैसे ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण उसके पीछे से आने वाली रोशनी को मोड़ देता है। इससे ऐसी चीजों का पता लगाने में मदद मिलती है जो सामान्य तौर पर दिखाई नहीं देतीं। Researcher Bhupendra Mishra का कहना है कि इन ग्रहों को ढूंढ़ना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। इसके लिए और ज्यादा रिसर्च और बेहतर टेक्नोलॉजी की जरूरत होगी। अगर भविष्य में ऐसे ग्रहों के सबूत मिल जाते हैं, तो इससे ब्लैक होल और ग्रहों के बनने से जुड़े कई बड़े रहस्यों को समझने में मदद मिल सकती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Black-Hole.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Black Hole]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-suggest-giant-planets-could-form-around-supermassive-black-holes-1666338/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-suggest-giant-planets-could-form-around-supermassive-black-holes-1666338/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 05:30:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Haier HQLED P7 Pro सीरीज AI फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>HQLED P7 Pro Series को भारतीय बाजार में उतारा गया है। इस लाइनअप में 43 इंच से 75 इंच तक के टीवी को जोड़ा गया है। इनमें गूगल टीवी ओएस और जेमिनी का सपोर्ट मिलता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Haier India</strong> ने भारत में अपनी स्मार्ट टीवी सीरीज HQLED P7 Pro को लॉन्च कर दिया है। इस लाइनअप के तहत 43 से लेकर 75 इंच तक के स्क्रीन साइज वाले टीवी को उतारा गया है। इन सभी टीवी में 50 वॉट पावर वाला स्पीकर दिया गया है। इसके साथ जेमिनी (Gemini) और AI पावर्ड पिक्चर का सपोर्ट मिलता है। कंपनी का कहना है कि इस टीवी सीरीज को खासतौर पर मनोरंजन के लिए लाया गया है। इससे यूजर्स का एक्सपीरिंयस बेहतर होगा।</p>
<h2>HQLED P7 Pro सीरीज के फीचर्स</h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Feature Category</th>
</p>
<th>Details</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Series Name</td>
</p>
<td>Haier HQLED P7 Pro Series</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Screen Sizes</td>
</p>
<td>43-inch, 50-inch, 55-inch, 65-inch, 75-inch</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Display Technology</td>
</p>
<td>HQLED Display</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Color Gamut</td>
</p>
<td>93% Color Gamut</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>HDR Support</td>
</p>
<td>Dolby Vision and HDR10+ (50-inch and larger models)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Audio System</td>
</p>
<td>50W 2.1 Channel Speaker System</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Subwoofer</td>
</p>
<td>Available in 55-inch and larger models</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Audio Technologies</td>
</p>
<td>Dolby Atmos, Total Sonics Technology</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Operating System</td>
</p>
<td>Google TV</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI Assistant</td>
</p>
<td>Gemini Integration</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Voice Control</td>
</p>
<td>Voice Search and TV Control Support</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI Features</td>
</p>
<td>AI HDR Enhancer, AI Colour Boost, AI Motion, AI Noise Reduction</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Gaming Refresh Rate</td>
</p>
<td>120Hz (DLG)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Gaming Features</td>
</p>
<td>VRR (Variable Refresh Rate), ALLM (Auto Low Latency Mode), MEMC, Gaming Bar</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Connectivity Features</td>
</p>
<td>HaiCast Screen Mirroring, Bluetooth Speaker Mode, Wi-Fi</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Warranty</td>
</p>
<td>3 Years</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>Haier के मुताबिक, नई टीवी सीरीज में 43, 50, 55, 65 और 75 इंच स्क्रीन साइज वाले टीवी शामिल हैं। इन सभी में HQLED डिस्प्ले है। इसका कलर गेमट 93 प्रतिशत है। इसके 50 इंच और उससे बड़ी स्क्रीन वाले टीवी को Dolby Vision व HDR10+ का सपोर्ट दिया गया है। बेहतर साउंड के लिए टीवी में 50W वाला 2.1 चैनल स्पीकर सिस्टम मिलता है। वहीं, 55 इंच और उससे बड़ी स्क्रीन वाले टीवी में सब-वूफर भी दिया गया है। ये टीवी डॉल्बी एटमॉस और Total Sonics टेक्नोलॉजी से लैस हैं।</p>
</p>
<p>इन लेटेस्ट स्मार्ट टीवी में गूगल टीवी ओएस और Gemini दिया गया है। इससे यूजर्स बोलकर कंटेंट सर्च करने के साथ टीवी कंट्रोल कर सकते हैं। इसके साथ टीवी में AI HDR Enhancer, AI Colour Boost, AI Motion और AI Noise Reduction का सपोर्ट मिलता है।</p>
<h2>गेमिंग</h2>
</p>
<p>इस लेटेस्ट टीवी सीरीज में बेहतर गेमिंग के लिए कई फीचर दिए गए हैं, जिनमें 120Hz (DLG), Variable Refresh Rate (VRR), Auto Low Latency Mode (ALLM) और MEMC शामिल हैं। साथ में गेमिंग बार भी दिया गया है। इतना ही नहीं टीवी में HaiCast स्क्रीन मिरर, ब्लूटूथ स्पीकर मोड और वाई-फाई जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इन पर 3 साल की वारंटी मिल रही है।</p>
<h2>कितनी है कीमत ?</h2>
</p>
<p>इस टीवी सीरीज में आने वाले मॉडल की कीमत नीचे बताई गई है :-</p>
<ul>
<li>43-inch, कीमत 35,990 रुपये</li>
<li>50-inch, कीमत 43,490 रुपये</li>
<li>55-inch, कीमत 49,990 रुपये</li>
<li>65-inch, कीमत 67,990 रुपये</li>
<li>75-inch, कीमत 90,990 रुपये</li>
</ul>
<p>इन स्मार्ट टीवी को क्रोमा जैसे रिटेल स्टोर से खरीदा जा सकता है।</p>
<h2>जनवरी में लॉन्च की ये टीवी सीरीज</h2>
</p>
<p>हायर ने HQLED P7 Pro टीवी सीरीज से पहले H5E Series 4K Ultra HD Smart Google TV को जनवरी में पेश किया था। इस टीवी की सेल फ्लिपकार्ट से की जा रही है। इसकी कीमत 25,990 रुपये से शुरू होती है। फीचर्स पर आए, तो टीवी को 43 से 65 इंच स्क्रीन साइज में पेश किया गया है। इनमें 4के अल्ट्रा एचडी रेजलूशन वाली स्क्रीन दी गई है। इसे HDR10 का सपोर्ट मिलता है।</p>
</p>
<p>इस स्मार्ट टीवीज में बेहतर मूवी और गेमिंग के लिए ब्लर किया गया है। इसमें 6 से ज्यादा पिक्चर मोड मिलता है। इसके अलावा, टीवी में 2 जीबी रैम और 32 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। यही नहीं 20 वॉट के स्पीकर दिए गए हैं, जो डॉल्बी ऑडियो से लैस हैं। कनेक्टिविटी के लिए टीवीज में वाई-फाई, ब्लूटूथ 5.1, 4 एचडीएमआई और 2 यूएसबी टाईप-पोर्ट जैसे स्पेक्स दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Haier-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/haier-hqled-p7-pro-series-google-tvs-launched-in-india-with-ai-features-know-price-features-1666320/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 10:55:52 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[इंतजार खत्म! भारत में Instagram Plus, WhatsApp Plus और Facebook Plus पेड सब्सक्रिप्शन लॉन्च, जानें कीमत और Exclusive फीचर्स]]></title>
		<description>Instagram Plus, WhatsApp Plus और Facebook Plus पेड सब्सक्रिप्शन प्लान फाइनली भारत में लॉन्च हो गए हैं। इनकी कीमत मात्र 75 रुपये से शुरू होती है। ये पेड सब्सक्रिप्शन यूजर्स को कई एक्सक्लूसिव फीचर्स का एक्सेस देंगे।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Meta</strong> ने फाइनली अपने भारतीय यूजर्स के लिए Paid सब्सक्रिप्शन प्लान्स लॉन्च कर दिए हैं। ये पेड सब्सक्रिप्शन प्लान WhatsApp, Facebook और Instagram तीनों ही प्लेटफॉर्म के लिए रोलआउट हो चुके हैं। ये प्लान Instagram Plus, WhatsApp Plus और Facebook Plus नाम के साथ पेश किया है। ये सब्सक्रिप्शन प्लान यूजर्स को इन प्लेटफॉर्म पर एक्सक्लूसिव व एडवांस फीचर्स का एक्सेस देगा। इसमें कस्टमाइजेशन, एनालिटिक्स और इंगेजमेंट टूल्स आदि शामिल है। इंस्टाग्राम यूजर्स को प्रोफाइल कस्टमाइज करने का ऑप्शन मिलने वाला है, जिसमें वो नई थीम, फॉन्ट व स्टाइल का इस्तेमाल कर सकते हैं। व्हाट्सऐप पर यूजर्स को कस्टम चैट थीम, एनिमेटेड स्टिकर्स व कस्टम रिंगटोन का ऑप्शन मिलेगा। यहां जानें इन प्लान्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Instagram, Facebook and WhatsApp Paid Plan Price in India</h2>
</p>
<p>Meta ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/instagram-top-5-hidden-features-everyone-should-know-auto-scroll-reorder-grid-1665969/">Instagram</a> सब्सक्रिप्शन प्लान यानी Instagram Plus को भारत में 99 रुपये प्रति महीना की कीमत में पेश किया है। खास बात यह है कि कंपनी ने इस प्लान के साथ 50 प्रतिशत डिस्काउंट ऑफर पेश किया है, जो कि 6 महीने तक के लिए उपलब्ध होगा।</p>
</p>
<p>Instagram की तरह Facebook Plus को भी कंपनी ने 99 रुपये प्रति महीने की कीमत में पेश किया है। इसके साथ भी आपको 50 प्रतिशत तक का ऑफ मिलेगा।</p>
</p>
<p>WhatsApp Plus को कंपनी 75 रुपये प्रति महीने की कीमत में पेश किया है। खास बात यह है कि कंपनी व्हाट्सऐप प्लस को 1 महीने के लिए बिल्कुल फ्री प्रोवाइड कर रही है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Meta-6.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1666237" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Meta-6.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<h2>Instagram Plus Features</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/Instagram-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1651338" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/Instagram-1.jpg" alt="Instagram" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>नए Instagram Plus सब्सक्रिप्शन के साथ यूजर्स को कई नए फीचर्स का एक्सेस मिलने वाला है। इन फीचर्स की लिस्ट में Stories Preview शामिल है। इसका मतलब आप स्टोरी पोस्ट करने से पहले देख सकेंगे कि स्टोरी का प्रीव्यू कैसा दिख रहा है। इसके अलावा, स्टोरी रिवॉच इनसाइट्स प्राप्त होंगे। इसका मतलब आपकी स्टोरी को किस-किस ने दोबारा देखा है&#8230; आप यह जान सकेंगे। इतना ही नहीं अब आप अब आप स्टोरी व्यूवर लिस्ट में किसी एक स्पेसिफिक इंसान को सर्च भी कर सकेंगे। इंस्टाग्राम बायो के लिए पेड सब्सक्रिप्शन के बाद आपको कस्टम फॉन्ट प्राप्त होगा। इसके अलावा, अब आप इंस्टाग्राम ऐप आइकन को भी कस्टमाइज कर सकेंगे। साथ ही अब आप दूसरों की स्टोरी में सुपरहार्ट भी भेज सकेंगे। स्टोरी ड्यूरेशन को भी बढ़ाने का ऑप्शन आपको पेड सब्सक्रिप्शन में मिलने वाला है। साथ ही अब यूजर्स अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अपने 6 फेवरेट पोस्ट को पिन कर सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ 3 पोस्ट के लिए मिलती थी। स्टोरी के लिए अब अलग-अलग ऑडियंस को भी क्रिएट कर सकेंगे, पहले आप सिर्फ क्लोज फ्रेंड्स को ही स्टोरी अलग से शेयर कर सकते थे।</p>
<h2>WhatsApp Plus Features</h2>
</p>
<div id="attachment_1663969" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-27T084747.189.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1663969" class="size-full wp-image-1663969" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-27T084747.189.jpg" alt="WhatsApp" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1663969" class="wp-caption-text">WhatsApp</p>
</div>
</p>
<p>WhatsApp Plus के पेड फीचर्स की बात करें, तो अब आपको एक्सक्लूसिव स्टिकर्स भेजने की सुविधा मिलेगी। इसके बाद आप व्हाट्सऐप ऐप के आइकन को भी कस्टमाइज कर सकेंगे। इतना ही नहीं कंपनी अब व्हाट्सऐप ऐप आइकन की थीम बदलने की भी सुविधा दे रही है। साथ ही आप अपनी चैट लिस्ट को भी अब अपग्रेड कर सकेंगे। व्हाट्सऐप में भी कंपनी आपको एक्स्ट्रा चैट्स को पिन की सुविधा दे रही है।</p>
<h2>Facebook Plus Features</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/06/Facebook-Passkey-login.jpg"><img loading="lazy" class="size-full wp-image-1565035" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/06/Facebook-Passkey-login.jpg" alt="Facebook Passkey login" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Facebook Plus के पेड सब्सक्रिप्शन की बात करें, तो यहां भी आपको अपनी स्टोरी का प्रीव्यू देखने को मिलेगा। इसमें Story Rewatch फीचर भी मौजूद है। यहां भी आप स्टोरी व्यूवर्स की लिस्ट में किसी एक शख्स को सर्च कर सकेंगे। ऐप आइकन को कस्टमाइज कर सकते हैं। स्टोरी में सुपरहार्ट दे सकते हैं। अपनी फेसबुक स्टोरी के समय को पहले से ज्यादा बढ़ा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 08:02:41 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Elon Musk का नया AI करेगा कमाल, अब AI वीडियो बनेंगे पहले से ज्यादा रियलिस्टिक]]></title>
		<description>Elon Musk की AI कंपनी xAI ने अपना नया वीडियो जनरेशन मॉडल Grok Imagine Video 1.5 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह पहले से ज्यादा रियलिस्टिक वीडियो बना सकता है। नए मॉडल में बेहतर ऑडियो, नेचुरल मूवमेंट और तेज वीडियो जनरेशन जैसी खूबियां दी गई हैं, जिससे AI वीडियो बनाना पहले से आसान और बेहतर हो जाएगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Elon Musk की AI कंपनी xAI ने अपने वीडियो जनरेशन मॉडल Grok Imagine Video 1.5 को पेश कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का उसका सबसे बेहतर Image-to-Video मॉडल है। नए अपडेट के साथ यूजर्स को पहले से ज्यादा रियलिस्टिक वीडियो, बेहतर ऑडियो और तेज जनरेशन स्पीड मिलेगी। ऐसे समय में जब Google जैसी कंपनियां भी AI वीडियो टेक्नोलॉजी को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं, xAI ने इस नए मॉडल के जरिए खुद को इस दौड़ में मजबूत बनाए रखने की कोशिश की है। कंपनी के मुताबिक Grok Imagine Video 1.5 में बेहतर मोशन, ज्यादा नेचुरल फिजिक्स और ऑडियो सिंक्रोनाइजेशन जैसी कई बड़ी सुधार किए गए हैं।</p>
<h2><strong>इस नए AI मॉडल में ऑडियो को कैसे बेहतर बनाया गया है?</strong></h2>
</p>
<p>xAI का कहना है कि नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसका बिल्ट-इन ऑडियो सिस्टम है। अब वीडियो बनाते समय साउंड इफेक्ट्स, बैकग्राउंड एम्बियंस और डायलॉग्स भी उसी प्रक्रिया में तैयार होंगे और वीडियो के साथ बेहतर तरीके से सिंक रहेंगे। आमतौर पर AI वीडियो टूल्स में ऑडियो को अलग से जोड़ा जाता है, लेकिन xAI का दावा है कि उसका नया मॉडल विजुअल और ऑडियो दोनों को एक साथ तैयार करता है। इससे तैयार वीडियो ज्यादा नेचुरल और रियलिस्टिक महसूस होंगे। कंपनी के अनुसार स्पीच क्वालिटी और लिप-सिंकिंग में भी पहले के मुकाबले सुधार किया गया है।</p>
<h2><strong>वीडियो में क्या सुधार हुआ है?</strong></h2>
</p>
<p>AI वीडियो बनाने में सबसे बड़ी दिक्कत यह रही है कि कई बार वीडियो में चीजें और लोगों की हरकतें असली जैसी नहीं लगतीं। कई बार ऑब्जेक्ट्स अजीब तरीके से हिलते हैं या किरदारों की मूवमेंट्स नकली दिखाई देती हैं। xAI का कहना है कि Grok Imagine Video 1.5 इस समस्या को काफी हद तक सुधारता है। कंपनी के मुताबिक नया मॉडल चीजों की स्पीड, वजन और मूवमेंट को पहले से ज्यादा नेचुरल तरीके से दिखाता है। इसके साथ ही वीडियो बनने की स्पीड भी बढ़ गई है। xAI के अनुसार Grok Imagine Video 1.5 Fast अब लगभग दोगुनी तेजी से काम करता है और 720p क्वालिटी का 6 सेकंड का वीडियो करीब 25 सेकंड में तैयार कर सकता है, जबकि पुराने मॉडल को इसमें 40 सेकंड से ज्यादा समय लगता था।</p>
<h2><strong>क्रिएटर्स को कौन-कौन से नए फीचर्स मिलने वाले हैं?</strong></h2>
</p>
<p>xAI ने क्रिएटर्स के लिए कुछ नए और यूजफुल फीचर्स भी जोड़े हैं, जल्द ही यूजर्स अपने इमेज और वीडियो प्रोजेक्ट्स को Projects फीचर की मदद से आसानी से रियलिस्टिक कर सकेंगे, जो साइडबार में दिखाई देंगे। इसके अलावा Parallel Agents फीचर के जरिए एक साथ कई प्रॉम्प्ट्स पर काम करना संभव होगा, जिससे कंटेंट बनाना और तेज हो जाएगा। कंपनी एक नया Search फीचर भी ला रही है, जिससे यूजर्स अपनी पुरानी बनाई गई तस्वीरें और वीडियो आसानी से ढूंढ सकेंगे। Grok Imagine Video 1.5 अब टेस्टिंग फेज से बाहर आ चुका है और xAI API में उपलब्ध है। वहीं Video 1.5 Fast को grok.com/imagine के साथ-साथ iOS और Android ऐप्स पर भी जारी कर दिया गया है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Grok-Imagine-Video-1.5.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Grok Imagine Video 1.5]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 06:52:18 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Apple के नए फैसले ने बढ़ाई टेंशन, क्या ऑनलाइन प्राइवेसी पर होगा खतरा?]]></title>
		<description>Apple के Hide My Email फीचर में होने वाला नया बदलाव प्राइवेसी को लेकर नई बहस छेड़ सकता है। अब नए गुमनाम ईमेल एड्रेस एक अलग डोमेन (@private.icloud.com) पर बनाए जाएंगे, जिससे वेबसाइट्स और ऐप्स के लिए उन्हें पहचानना आसान हो सकता है। इससे कुछ यूजर्स को ऑनलाइन प्राइवेसी को लेकर चिंता हो सकती है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Apple अपने प्राइवेसी फीचर Hide My Email में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। यह फीचर iCloud+ सब्सक्रिप्शन का हिस्सा है और उन यूजर्स के बीच काफी फेमस है जो ऑनलाइन अकाउंट बनाते समय अपना असली ईमेल एड्रेस शेयर नहीं करना चाहते। Hide My Email की मदद से यूजर्स को एक अलग और रैंडम ईमेल एड्रेस मिलता है, जिसके जरिए वे किसी वेबसाइट या ऐप पर Sign Up कर सकते हैं। उस एड्रेस पर आने वाले सभी ईमेल अपने आप यूजर के असली ईमेल इनबॉक्स में फॉरवर्ड हो जाते हैं। इससे स्पैम कम होता है और व्यक्तिगत जानकारी भी सुरक्षित रहती है, लेकिन अब Apple इस फीचर में ऐसा बदलाव करने जा रहा है, जिसे लेकर प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ सकती है।</p>
<h2><strong>Apple इस फीचर में क्या बड़ा बदलाव करने जा रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>Apple ने डेवलपर्स को भेजे गए एक नोट में बताया है कि आने वाले हफ्तों में Hide My Email के जरिए बनाए जाने वाले नए ईमेल एड्रेस को एक नए डोमेन @private.icloud.com पर शिफ्ट किया जाएगा। अभी तक ये ईमेल एड्रेस सामान्य @icloud.com डोमेन के तहत बनाए जाते थे। पहली नजर में यह बदलाव छोटा लग सकता है, क्योंकि Apple ने साफ किया है कि पहले से मौजूद सभी Hide My Email एड्रेस पहले की तरह काम करते रहेंगे और ईमेल फॉरवर्डिंग में भी कोई रुकावट नहीं आएगी, हालांकि नए डोमेन की वजह से इन ईमेल एड्रेस की पहचान करना पहले की तुलना में काफी आसान हो सकता है।</p>
<h2><strong>नए डोमेन से यूजर्स की पहचान करना कैसे आसान हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>एक्सर्ट्स का मानना है कि नए @private.icloud.com डोमेन से वेबसाइट्स और ऐप्स आसानी से पहचान सकेंगे कि कोई यूजर असली ईमेल की बजाय Hide My Email का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में कुछ प्लेटफॉर्म चाहें तो इस तरह के ईमेल एड्रेस से बनाए गए अकाउंट्स को ब्लॉक भी कर सकते हैं या उन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगा सकते हैं, यानी जिस फीचर का मकसद यूजर्स की पहचान छिपाना था, वही अब एक अलग डोमेन की वजह से आसानी से पहचाना जा सकेगा।</p>
<h2><strong>प्राइवेसी और ऑनलाइन पहचान को लेकर बहस क्यों बढ़ रही है?</strong></h2>
</p>
<p>Apple ने यह नहीं बताया है कि यह बदलाव जानबूझकर गुमनाम ईमेल की पहचान आसान बनाने के लिए किया जा रहा है या नहीं, लेकिन यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में Online Safety, Misinformation और Age Verification जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो रही है। कई सरकारें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इंटरनेट पर यूजर्स की पहचान को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहे हैं, जबकि दूसरी ओर लोग अपनी Privacy और Digital Security को बचाने के लिए नए तरीके तलाश रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/11/Apple.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Apple]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 05:27:09 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[धरती के बाहर मिला गैस और पानी का खजाना! NASA की रिपोर्ट ने चौंकाया]]></title>
		<description>Saturn planet का सबसे बड़ा चंद्रमा टाइटन (Titan) एक बार फिर वैज्ञानिकों की चर्चा का केंद्र बन गया है। NASA की मदद से किए गए एक नए अध्ययन में पता चला है कि टाइटन पर प्राकृतिक गैसों और पानी की बर्फ का विशाल भंडार मौजूद है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Saturn planet का सबसे बड़ा चंद्रमा टाइटन (Titan) भविष्य में इंसानों के लिए पृथ्वी के बाहर एक बेहद जरूरी जगह बन सकता है। NASA की मदद से किए गए एक नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने टाइटन पर मौजूद प्राकृतिक संसाधनों का अध्ययन किया है। रिपोर्ट के मुताबिक वहां Methane और Ethane जैसी गैसों, पानी की बर्फ और कई यूजफुल रासायनिक तत्वों का विशाल भंडार मौजूद है। इन संसाधनों का इस्तेमाल भविष्य में अंतरिक्ष यानों के ईंधन, इमारतें बनाने और अंतरिक्ष यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। इसी वजह से कुछ वैज्ञानिक टाइटन को अंतरिक्ष का &#8216;Persian Gulf&#8217; भी कह रहे हैं। यह अध्ययन NASA के Goddard Space Flight Center के वैज्ञानिक Conor A. Nixon और उनकी टीम ने Cassini-Huygens मिशन से मिले कई सालों के डेटा के आधार पर किया है।</p>
<h2><strong>टाइटन की झीलों में ऐसा क्या है जो अंतरिक्ष मिशनों के काम आ सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>टाइटन सौरमंडल की सबसे अनोखी दुनियाओं में से एक है। यह एकमात्र ऐसा चंद्रमा है जिसके पास घना वायुमंडल है और इसकी सतह पर स्थायी झीलें, नदियां और समुद्र मौजूद हैं, हालांकि इनमें पानी नहीं बल्कि तरल Methane और Ethane भरे हुए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार टाइटन पर मौजूद मीथेन भविष्य में रॉकेट ईंधन के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है, जबकि बाकी हाइड्रोकार्बन से प्लास्टिक, रसायन, सिंथेटिक चीजें और औद्योगिक प्रोडक्ट तैयार किए जा सकते हैं। टाइटन पर मीथेन का अपना मौसम चक्र भी चलता है, जहां यह Vapour बनकर बादलों में बदलती है और फिर बारिश के रूप में वापस सतह पर गिरती है। यही कारण है कि इसे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>टाइटन पर मौजूद पानी क्यों माना जा रहा है सबसे कीमती संसाधन?</strong></h2>
</p>
<p>टाइटन की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ उसकी प्राकृतिक गैसें नहीं हैं, बल्कि वहां मौजूद पानी भी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि टाइटन का लगभग आधा हिस्सा पानी की बर्फ से बना हुआ है। इसकी बर्फीली सतह के नीचे एक विशाल तरल पानी का महासागर भी हो सकता है, जिसमें नमक और अमोनिया मिले हुए हैं। पानी इंसानों के लिए सबसे जरूरी संसाधनों में से एक है, क्योंकि इससे पीने का पानी, सांस लेने के लिए ऑक्सीजन और ईंधन बनाने के लिए हाइड्रोजन हासिल की जा सकती है। वैज्ञानिक पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग करके रॉकेट का ईंधन भी बना सकते हैं। यही वजह है कि टाइटन पर पानी की इतनी बड़ी मात्रा भविष्य में इंसानों के रहने और अंतरिक्ष मिशनों के लिए इसे एक बेहद अहम जगह बना सकती है।</p>
<h2><strong>क्या टाइटन भविष्य में अंतरिक्ष का बड़ा ईंधन केंद्र बन सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>अध्ययन के मुताबिक टाइटन भविष्य में सिर्फ अंतरिक्ष यानों के लिए ईंधन भरने की जगह नहीं होगा, बल्कि एक बड़ा औद्योगिक केंद्र भी बन सकता है। वहां मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करके इमारतें बनाने की चीजें, खेती के लिए जरूरी चीजें, 3D प्रिंटिंग का कच्चा माल और अंतरिक्ष मिशनों में काम आने वाले उपकरण तैयार किए जा सकते हैं। टाइटन की स्थिति भी काफी अहम है, क्योंकि यह Saturn के दूसरे चंद्रमाओं और सौरमंडल के दूर-दराज इलाकों में जाने वाले मिशनों के लिए एक पड़ाव की तरह काम कर सकता है, हालांकि वहां का तापमान करीब -179 डिग्री सेल्सियस रहता है और यह पृथ्वी से लगभग 1.4 अरब किलोमीटर दूर है, इसलिए वहां इंसानों की बस्ती बसाना अभी आसान नहीं है। आने वाले समय में NASA का Dragonfly Mission टाइटन की सतह का अध्ययन करेगा, जिससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि भविष्य में यह चंद्रमा इंसानों के लिए कितना यूजफुल साबित हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/Titan-moon.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Titan moon]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 17 Jun 2026 03:53:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[शानदार फीचर्स के साथ Android 17 हुआ लॉन्च, इन यूजर्स को मिलेगा सबसे पहले Update]]></title>
		<description>Android 17 को ऑफिशियली लॉन्च कर दिया गया है। इस ओएस का सपोर्ट सबसे पहले Google Pixel यूजर्स को मिलेगा। इसमें बबल्स, स्क्रीन रीएक्शन और फोल्डेबल गेमिंग मोड जैसे शानदार फीचर्स दिए गए हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Android 17 Launched:</strong> दिग्गज टेक कंपनी गूगल (Google) ने पिछले कई महीनों से खबरों में बने ऑपरेटिंग सिस्टम Android 17 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। नए OS को यूजर्स को बेहतर प्रोडक्टिविटी, तेज परफॉर्मेंस, शानदार एंटरटेनमेंट एक्सपीरियंस और मजबूत प्राइवेसी देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें स्क्रीन रीएक्शन (Screen Reaction), फोल्डेबल गेमिंग मोड (Foldable Gaming Mode) और एंटी थेफ्ट (Anti-Theft) जैसे एडवांस फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनके इस्तेमाल से न सिर्फ यूजर्स का अनुभव बेहतर होगा बल्कि उनका निजी डेटा भी सुरक्षित रहेगा।</p>
<h2>Bubbles</h2>
</p>
<p><strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/android-17-brings-advanced-scam-detection-theft-protection-ai-security-features-1662087/">Android 17</a></strong> में मल्टीटास्किंग को आसान बनाने के लिए अपग्रेडेड बबल फीचर दिया गया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी भी ऐप के आइकन को देर तक दबाकर उसे एक छोटे फ्लोटिंग विंडो में बदल सकते हैं, जो दूसरी ऐप्स के ऊपर दिखाई देगी। इससे आप किसी ऐप को बंद किए बिना दूसरे ऐप का उपयोग कर सकते हैं।</p>
</p>
<p>अब टैबलेट और फोल्डेबल फोन की बात करें, तो इन दोनों डिवाइस की स्क्रीन के नीचे एक नया बबल बार (Bubble Bar) दिया गया है। इसके जरिए आप एक टैप करके अलग-अलग ऐप में स्विच करने के साथ उनका इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
<h2>Screen Reactions</h2>
</p>
<p>लेटेस्ट ओएस में स्क्रीन रिएक्शन फीचर को जगह दी गई है। इस फीचर के जरिए यूजर्स अपने फोन के सेल्फी कैमरा का इस्तेमाल करके स्क्रीन रिकॉर्ड कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि इस टूल के माध्यम से रीएक्शन वीडियो आसानी से रिकॉर्ड की जा सकती है। इसके लिए ग्रीन स्क्रीन या फिर अलग से एडिटिंग सॉफ्टवेयर यूज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<h2>Foldable Gaming Mode</h2>
</p>
<p>बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस देने के लिए इस बार एंड्रॉइड 17 में फोल्डेबल गेमिंग मोड दिया गया है। इस फीचर के एक्टिव होने पर स्क्रीन दो भाग में बंट जाती है। ऊपर वाले हिस्से में गेम और नीचे वाले हिस्से में गेमिंग पैड देखने को मिलता है। इसकी मदद से आसानी से गेम खेला जा सकता है। अच्छी बात यह है कि इस पैड को अपने हिसाब से कस्टामाइज भी किया जा सकता है।</p>
<h2>Visual and Privacy</h2>
</p>
<p>फोन के इंटरफेस को शानदार लुक देने के लिए एंड्रॉइड 17 में स्क्रीन सेटिंग दी गई है, जिससे ऐप के नाम और उनके आइकन को छिपाया जा सकता है। इसमें वर्चुअल असिस्टेंट के लिए अलग से वॉल्यूम कंट्रोल दिया गया है। डार्क थीम को भी बेहतर बनाया गया है। इतना ही नहीं Parental Controls की सुविधा भी दी गई है।</p>
</p>
<p>यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखकर मार्क एस लॉस्ट फीचर को एड किया गया है, जो यूजर्स को डिवाइस के गुम या फिर चोरी होने पर लॉक करने की सुविधा प्रदान करता है। इसके साथ ही स्कैम प्रोटेक्शन, Thief deterrent और Targeted privacy जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।</p>
<h2>इन यूजर्स को मिलेगा सबसे पहले Update</h2>
</p>
<p>आपको बता दें कि लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम का अपडेट सबसे पहले <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/google-pixel-10-discount-in-india-vijay-sales-smartphones-offers-1659088/">Pixel</a></strong> यूजर्स को मिलेगा। इसके बाद अन्य Android यूजर्स को अपडेट दिया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने अभी तक रोलआउट की टाइलाइन अभी तक साझा नहीं की है।</p>
<h2>Wear OS 7</h2>
</p>
<p>एंड्रॉइड 17 के अलावा गूगल ने पिक्सल स्मार्टवॉच के लिए Wear OS 7 ऑपरेटिंग सिस्टम को पेश किया है। इस ओएस का मुख्य फीचर एंड्रॉइड लाइव अपडेट है, जो यूजर को रियल-टाइम जानकारी जैसे डिलीवरी, फिटनेस ट्रैकिंग व स्पोर्ट्स आदि को मॉनिटर करने की सुविधा देता है। इसमें म्यूजिक प्लेबैक और स्पीकर कंट्रोल करने का विकल्प भी दिया गया है। वहीं, यूजर की सेफ्टी के लिए अलर्ट इमरजेंसी कॉन्टैक्ट फीचर भी दिया है, जिससे दुर्घटना होने पर परिवार के सदस्य को नोटिफिकेशन मिल जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/android-17-launched-with-bubbles-screen-reactions-many-more-features-for-google-pixel-users-1666162/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/android-17-launched-with-bubbles-screen-reactions-many-more-features-for-google-pixel-users-1666162/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:26:27 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Gen-Zs का नया स्ट्रेस बस्टर बन गई हैं ये Dopamine sites! जमकर हो रही शॉपिंग.. लेकिन पैसे नहीं हो रहे खर्च, जानें कैसे]]></title>
		<description>Dopamine sites का क्रेज युवाओं के बीच काफी बढ़ता जा रहा है। इन साइट्स के जरिए Gen Z जमकर शॉपिंग करके अपना स्ट्रेस रिलीज करते हैं। खास बात यह है कि इन साइट्स के जरिए शॉपिंग करने पर उनका 1 भी रुपया खर्च नहीं होता। आइए जानते हैं कैसे।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Dopamine sites:</strong> Gen-Zs ऐसी जनरेशन हैं, जो नए-नए ट्रेंड्स लाकर अपने से पुरानी जनरेशन के लोगों को हमेशा चौंका देती है। कुछ ऐसा ही ट्रेंड एक बार फिर Gen Z लेकर आ गए हैं, जिसको सुनकर हर कोई हैरान हो रहा है। दरअसल, Gen Z के बीच इन दिनों नया डिजिटल ट्रेंड फेमस हो रहा है। यह Dopamine sites का क्रेज है, जहां से वो लोग जमकर शॉपिंग तो कर रहे हैं&#8230; लेकिन उनके एक भी पैसे खर्च नहीं हो रहे हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कैसे संभव है??? संभव है&#8230; दरअसल, ये Dopamine sites असल में कोई कोई शॉपिंग साइट्स नहीं है। ये बस देखने में असल वेबसाइट की तरह लगती है, जहां से आप अपने फेवरेट ऑर्डर को कार्ट में डालकर ऑर्डर तो करते हैं&#8230; लेकिन न तो उस ऑर्डर के पैसे कटते हैं और न ही वो ऑर्डर उन्हें कभी रिसीव होता है। इन साइट्स का उद्देश्य पैसे खर्च करके की गई शॉपिंग से मिलने वाली खुशी या फिर डोपामिन को बिना पैसे खर्च किए आप-तक पहुंचाना है। खास बात यह है कि जेन-जी इन साइट्स का काफी बढ़-चढ़कर इस्तेमाल कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>क्या है Dopamine sites?</h2>
</p>
<p>जैसे कि हमने बताया <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/doomscrolling-dopamine-how-social-media-scrolling-impacts-your-brain-stress-and-cravings-1654083/">Dopamine</a> sites असल जैसी दिखने वाली वेबसाइट्स हैं, जो कि असल में कुछ बेच नहीं रही हैं। आपने महसूस किया होगा कि शॉपिंग के बाद आपको एक अलग-सी खुशी मिलती है या फिर डोपामिन रश प्राप्त होता है&#8230; उसी खुशी को ये साइट्स बिना पैसे खर्च किए आपको प्रोवाइड कर रही हैं। ये साइट्स देखने में बिल्कुल असली लगती हैं, जिसमें शॉपिंग करने के लिए काफी सामान मौजूद होता है। आप अपने मनपसंद के सामान को कार्ट में डालते हैं और फिर ऑर्डर कर देते हैं। लेकिन असल में कोई असली ऑर्डर प्लेस नहीं हो रहा है&#8230; न ही आपके पैसे खर्च हो रहे हैं&#8230; और न ही आपको कोई ऑर्डर रिसीव होने वाला है। हालांकि, ये पूरी प्रक्रिया आपको असल-सी लगती है और आपको कुछ मिनटों खुशी प्राप्त होती है।</p>
</p>
<div id="attachment_1666092" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/1-22-1.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1666092" class="size-full wp-image-1666092" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/1-22-1.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1666092" class="wp-caption-text">reddit</p>
</div>
<h2>Gen-Zs के बीच क्यों पॉपुलर हो रही ऐसी साइट्स?</h2>
</p>
<div id="attachment_1666093" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/1-23.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1666093" class="size-full wp-image-1666093" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/1-23.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1666093" class="wp-caption-text">AI Generated Image</p>
</div>
</p>
<p>आपको बता दें, फिलहाल ये क्रेज दक्षिण कोरिया के युवाओं के बीच देखा जा रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में दूसरे देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। Jungwon University के प्रोफेसर Kim Heon-sik ने इन साइट्स की बढ़ती लोकप्रियता को लेकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी छोटे-छोटे डिजिटल एक्सपीरियंस से अपना स्ट्रेस कम करने की कोशिश करती है। इसी वजह से अब इन फेक साइट्स का क्रेज बढ़ता जा रहा है, जहां शॉपिंग का एक्सपीरियंस भी मिल जाता है और कोई पैसे भी खर्च नहीं होते।</p>
</p>
<p>इस तरह की साइट्स की लोकप्रियता का बढ़ना, दिखाता है कि अब डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ आपके आराम या फिर मनोरंजन तक ही सीमित नहीं रह गया है। अब लोग अपने तनाव को कम करने व इमोशनल सपोर्ट के लिए भी डिजिटल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/06/1-24.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/dopamine-sites-viral-among-gen-z-stress-relief-trend-where-nothing-gets-delivered-1666091/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/dopamine-sites-viral-among-gen-z-stress-relief-trend-where-nothing-gets-delivered-1666091/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:11:40 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[दो बार फेल होने के बाद फिर उड़ान भरेगा PSLV, ISRO ने किया बड़ा ऐलान]]></title>
		<description>ISRO एक बार फिर अपने भरोसेमंद रॉकेट PSLV को लॉन्च करने की तैयारी में है, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद यह उड़ान अंतरिक्ष एजेंसी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। साथ ही Skyroot के Vikram-I मिशन और Gaganyaan की तैयारियों को लेकर भी बड़े अपडेट सामने आए हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>ISRO अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट PSLV (Polar Satellite Launch Vehicle) को एक बार फिर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद यह लॉन्च ISRO के लिए काफी जरूरी माना जा रहा है। Union Minister of Science and Technology Dr. Jitendra Singh ने सोमवार को बताया कि PSLV की अगली उड़ान जून के आखिर या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है, पिछले कुछ महीनों से ISRO ने कोई रॉकेट लॉन्च नहीं किया है। इसकी वजह यह है कि जनवरी 2026 में PSLV के जरिए लॉन्च किया गया EOS-N1 Satellite अपनी तय कक्षा में नहीं पहुंच सका था। इससे पहले मई 2025 में भी PSLV, EOS-09 सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में नहीं पहुंचा पाया था, लगातार दो मिशन फेल होने के बाद ISRO ने दोनों मामलों की गहराई से जांच की और रॉकेट में जरूरी बदलाव किए। अब ISRO को उम्मीद है कि अगला PSLV मिशन सफल रहेगा और वह एक बार फिर अपनी भरोसेमंद पहचान साबित कर पाएगा।</p>
<h2><strong>पिछले दो PSLV मिशन आखिर क्यों हुए फेल?</strong></h2>
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<p>जानकारी के अनुसार, दोनों मिशनों में रॉकेट के तीसरे चरण (Third Stage) में तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। ISRO ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों विफलताओं के कारण अलग-अलग थे, हालांकि दोनों मामलों में समस्या रॉकेट के उसी चरण में हुई। सूत्रों का कहना है कि कुछ ऐसे पुर्जों में खराबी मिली थी, जिनका निर्माण ISRO ने नहीं बल्कि बाहरी कंपनियों ने किया था। इसी वजह से आने वाले मिशनों के लिए संबंधित कंपोनेंट्स के सप्लायर बदल दिए गए हैं। हालांकि विफलता जांच समिति (Failure Assessment Committee) की पूरी रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन ISRO ने जरूरी सुधारों के बाद अगली उड़ान के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। यह लॉन्च एजेंसी के लिए भरोसा बहाल करने और PSLV की विश्वसनीयता साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।</p>
<h2><strong>Skyroot का Vikram-I मिशन क्यों है खास?</strong></h2>
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<p>PSLV के अलावा भारत की Private Space Companies भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। Private Space Companies Skyroot Aerospace अपने पहले ऑर्बिटल मिशन Vikram-I की तैयारी कर रही है। अप्रैल के आखिर में रॉकेट का पेलोड फेयरिंग (वह हिस्सा जिसमें सैटेलाइट रखी जाती है) श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट पहुंचा दिया गया था। माना जा रहा है कि Skyroot Aerospace अगले कुछ महीनों में अपना यह बड़ा लॉन्च कर सकती है। अगर यह मिशन सफल रहता है, तो यह भारत की Private Space Companies के लिए बड़ी उपलब्धि होगी और देश में अंतरिक्ष कारोबार को और तेजी से बढ़ाने में मदद करेगा।</p>
<h2><strong>Gaganyaan Mission को लेकर ISRO की क्या तैयारी है?</strong></h2>
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<p>इस समय ISRO का सबसे बड़ा ध्यान Gaganyaan Mission पर है, जिसके जरिए भारत पहली बार अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। केंद्रीय मंत्री Jitendra Singh ने बताया कि कोविड-19 महामारी और कुछ बाकी कारणों की वजह से इस मिशन में देरी हुई थी। उस समय रूस में ट्रेनिंग ले रहे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को भी वापस बुलाना पड़ा था, जिससे तैयारियां प्रभावित हुईं। अब ISRO का लक्ष्य इस साल के अंत तक सभी जरूरी परीक्षण पूरे करना है। मिशन भेजने से पहले एजेंसी कम से कम दो बिना अंतरिक्ष यात्री वाले (Uncrewed) मिशन लॉन्च करेगी, जरूरत पड़ने पर एक अतिरिक्त परीक्षण भी किया जा सकता है। इन सभी टेस्ट के सफल होने के बाद ही भारत अपने अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने का ऐतिहासिक कदम उठाएगा।</p>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[ISRO PSLV launch 2026]]></media:description>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
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