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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Mon, 06 Jul 2026 21:30:03 +0000</lastBuildDate>
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	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:46:16 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले पर Google ने दिल्ली हाईकोर्ट से क्या कहा? जानें पूरा मामला]]></title>
		<description>दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले को लेकर Google का बयान आया है। आइए जानते हैं क्या कहां कंपनी ने...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले में Google ने अपने Affidavit में बताया कि वह YouTube पर कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो अपलोड होने से पहले उन्हें पहचानकर रोक नहीं सकता। अगर किसी वीडियो को अदालत गैरकानूनी घोषित करती है या उसके बारे में जानकारी दी जाती है, तभी वह उसे हटा सकता है, क्योंकि YouTube पर हर दिन लाखों वीडियो अपलोड होते हैं, ऐसे में हर वीडियो की पहले से जांच करना मुमकिन नहीं है।</p>
<h3><strong>कंपनी के अनुसार&#8230;</strong></h3>
</p>
<ul>
<li>किसी वीडियो को देखकर यह तय करना आसान नहीं होता कि वह कोर्ट की रिकॉर्डिंग है या नहीं।</li>
<li>अगर वह कोर्ट का वीडियो है भी, तो यह पता लगाना मुश्किल है कि उसे अदालत की अनुमति से रिकॉर्ड किया गया था या बिना अनुमति के।</li>
<li>अलग-अलग राज्यों और हाईकोर्ट के अपने-अपने नियम हैं, इसलिए हर वीडियो की पहले से जांच करना पॉसिबल नहीं है।</li>
</ul>
<h2><strong>वीडियो हटवानें के लिए क्या करना होगा?</strong></h2>
</p>
<p>भारत के कानून के अनुसार, किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की यह जिम्मेदारी नहीं होती कि वह यूजर्स द्वारा अपलोड किए गए हर वीडियो की निगरानी करे। कोई वीडियो कानून का उल्लंघन करता है या नहीं, इसका फैसला सिर्फ अदालत ही कर सकती है। अगर अदालत किसी वीडियो को अवैध मानती है और उसका URL कंपनी को देती है, तो उस वीडियो को हटा दिया जाएगा।</p>
<h2><strong>क्या है मामला?</strong></h2>
</p>
<p>यह मामला वकील वैभव सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया है। याचिका में कहा गया कि Arvind Kejriwal की कोर्ट में पेशी के दौरान बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया था। यह वीडियो आबकारी नीति मामले की सुनवाई के समय का बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना अदालत की अनुमति कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर डालना गलत है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<h2><strong>भारत का कानुन क्या कहता है?</strong></h2>
</p>
<p>Information Technology Act, 2000 की धारा 79 के तहत YouTube जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को कुछ कानूनी सुरक्षा मिलती है क्योंकि ये सिर्फ यूजर्स द्वारा अपलोड किया गए कंटेंट दिखाते हैं। इसलिए Google का कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी उस व्यक्ति की होती है, जिसने वीडियो रिकॉर्ड किया या अपलोड किया, न कि प्लेटफॉर्म की। अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट को करना है।</p>
<h2><strong>अदालत Google के खिलाफ फैसला लेती है तो क्या होगा?</strong></h2>
</p>
<p>अगर इस मामले में अदालत यह फैसला लेती है कि YouTube खुद ऐसे विडियों मॉनिटर करके हटाए, तो इस स्थिति में Google को अपनी Content Policy और Content Moderation सिस्टम में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। कंपनी को ऐसे टूल्स या सिस्टम डेवलप करने होंगे जो ऐसी वीडियो की पहचान करके उन्हें अपलोड होने से पहले या तुरंत बाद रोक सकें।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Google tells Delhi HC it can remove court videos only after legal identification]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:08:42 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Amazon-Flipkart Sale के दौरान तेजी से बढ़ रहे Delivery Scam, ऑर्डर डिलीवरी में होगी देरी... रहें सावधान]]></title>
		<description>Amazon Flipkart Sale: आपकी तरह ही स्कैमर्स भी इस तरह की ई-कॉमर्स सेल का बेसब्री से इंतजार करते हैं, ताकी आपको लूटकर मोटी कमाई की जा सके। सेल के दौरान अगर आपने भी कुछ ऑर्डर किया है, तो यह खबर आपके लिए ही है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Amazon</strong> और Flipkart पर इन दिनों सेल जारी है। इन सेल के दौरान देशभर के ग्राहक बंपर डील व डिस्काउंट ऑफर्स का फायदा उठाकर खरीदारी करते हैं। जहां ग्राहकों को अमेजन और फ्लिपकार्ट की सेल का बेसब्री से इंतजार रहता है वहीं स्कैमर्स भी इन्हीं सेल का इंतजार कर रहे होते हैं। जी नहीं&#8230; स्कैमर्स सेल के दौरान खरीदारी करने का नहीं बल्कि आप जैसे मासूम लोगों लूटने की फिराक में होते हैं। अभी तक आपने सेल के दौरान गलत आइटम्स की डिलीवरी वाले कई मामले सुने होंगे&#8230; वहीं स्कैमर्स हर सेल के साथ अपग्रेड हो जाते हैं और लोगों को लूटने का नया-नया तरीका ढूंढते रहते हैं। इस सेल के दौरान अलग ही Delivery Scam सुनने को मिल रहा है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>क्या है नया Delivery Scam?</h2>
</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो Amazon और Flipkart सेल के दौरान स्कैमर्स नया Delivery Scam लेकर आ गए हैं। इस स्कैम के तहत स्कैमर्स डिलीवरी एजेंट बनकर आप कॉल या फिर मैसेज करते हैं और कहते हैं कि आपका ऑर्डर डिलीवर होने में समय लगेगा या फिर आपका ऑर्डर कहीं बीच में अटक गया है। समय पर ऑर्डर डिलीवरी के लिए ग्राहकों को अपना एड्रेस अपडेट करने को कहा जाता है, जिसके लिए स्कैमर्स एक Fake Link उन्हें मैसेज के जरिए भेज देते हैं।</p>
</p>
<p>जैसे ही आप स्कैमर्स की बातों में आते हैं और एड्रेस अपडेट करने के लिए लिंक पर क्लिक करते हैं वैसे ही आप अमेजन या फिर फ्लिपकार्ट जैसी दिखने वाली नकली साइट पर पहुंच जाते हैं। यहां आप साइट दोबारा से लॉग-इन करने के लिए नंबर, पासवर्ड, अपनी कार्ड व बैंकिंग डिटेल्स भर देते हैं। आपको पता भी नहीं चलता कि कुछ सेकेंड्स में आपकी सभी डिटेल्स स्कैमर्स के हाथों लग चुकी है।</p>
<h2>एक्स्ट्रा चार्ज की भी डिमांड</h2>
</p>
<p>कई स्कैमर्स डिलीवरी एजेंट बनकर लोगों को ऑर्डर डिलीवरी के लिए एक्स्ट्रा चार्ज की भी डिमांड कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के कॉल्स व मैसेज पर आसानी से भरोसा न करें।</p>
<h2>Sale के दौरान इन बातों का न करें इग्नोर</h2>
</p>
<p>1. डिलीवरी के दौरान डिलीवरी एजेंट किसी तरह की एक्स्ट्रा फीस वसूल नहीं कर सकता।</p>
</p>
<p>2. कॉल और मैसेज के जरिए आप लिंक पर क्लिक करने से पहले 2 बार सोचे।</p>
</p>
<p>3. सेल के दौरान मिलने वाले ज्यादा ही सस्ते ऑफर्स देखकर तुरंत ऑर्डर प्लेस न करें।</p>
</p>
<p>4. असली व नकली साइट में पहचान करना जरूर सीखें।</p>
<h2>Amazon-Flipkart सेल</h2>
</p>
<p>Amazon पर इन दिनों Prime Day Sale चल रही है, जो कि 4 जुलाई को शुरू हुई थी। आज सेल का आखिरी दिन है, जो कि 6 जुलाई की आधी रात से खत्म होने वाली है। वहीं, Flipkart Goat सेल भी 4 जुलाई को शुरू हुई थी।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 08:41:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[SIR 2026: साल 2002 की वोटर लिस्ट में अपना नाम घर बैठे फोन पर ऐसे ढूंढे, बहुत आसान है तरीका]]></title>
		<description>SIR 2026 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगर आपका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं थी, तो ऐसे ढूंढे माता-पिता या फिर दादा-दादी का नाम। बहुत आसान है प्रक्रिया, घर बैठे फोन पर होगा सब काम।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>SIR 2026: Election Commission of India (ECI)</strong> ने 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। सरकार ने मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध व सटीक बनाने के लिए SIR की शुरुआत की है, जिसके तहत सभी मतदाओं का एक बार फिर से सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत घर-घर एक फॉर्म प्रोवाइड किया गया है, जिसमें आपको 2002 की अपनी मतदाता डिटेल्स भरनी होंगी। यदि आप 2002 में 18 वर्ष के नहीं थे और आपका नाम मतदाता सूची में नहीं था, तो आपको अपने उन रिश्तेदार का नाम फॉर्म में डालना है जो कि उस वक्त सूची में शामिल थे। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया दिल्ली समेत कई राज्यों में शुरू हो चुकी है। लोगों के घर फॉर्म भी पहुंच चुके हैं&#8230; लेकिन लोगों के बीच कंफ्यूजन है कि वो इस फॉर्म को कैसे भरें। आपकी इसी कंफ्यूजन को आज हम इस आर्टिकल में दूर करने जा रहे हैं और इसके अलावा, साल 2002 में आपके किस रिश्तेदार का नाम मतदाता सूची में मौजूद था&#8230; उसे जानने का ऑनलाइन प्रोसेस भी हम आपको यहां देने जा रहे हैं।</p>

<p></p>
<h2>SIR फॉर्म में किसकी डिटेल्स भरनी है?</h2>
</p>
<p>SIR फॉर्म में आपको उस शख्स की डिटेल्स भरनी है, जो कि साल 2002 में मतदाता सूची में शामिल था। अगर आपकी उम्र साल 2002 में 18 साल से ज्यादा की थी और आपका नाम मतदाता सूची में था तो आप फॉर्म के पहले कॉलम में अपनी डिटेल्स भरेंगे।</p>
</p>
<p>इसके अलावा, कुछ लोग उस समय 18 साल से कम के थे&#8230; उनका नाम मतदाता सूची में मौजूद नहीं था। ऐसे लोग अपना सत्यापन अपने रिश्तेदार के नाम पर करेंगे, जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में मौजूद था। इसमें आपके माता-पिता व दादा-दादी मौजूद हो सकते हैं। अगर आप अपनी जगह अपने रिश्तेदार की डिटेल्स भर रहे हैं, तो आपको फॉर्म का दूसरा कॉलम भरना होगा और पहला कॉलम खाली छोड़ना है।</p>
<h2>साल 2002 में माता-पिता या फिर रिश्तेदार का नाम वोटर लिस्ट में कैसे ढूंढें?</h2>
</p>
<p>साल 2002 की वोटर लिस्ट देखने की प्रक्रिया बहुत आसान है। हालांकि, इसके लिए आपको सभी डिटेल्स अच्छी तरह से पता होनी चाहिए। घर बैठे अपने स्मार्टफोन पर देखें 2002 की पूरी वोटर लिस्ट। यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस।</p>
</p>
<p>1. सबसे पहले आपको अपने स्मार्टफोन में ECINET की ऑफिशियल ऐप डाउनलोड करके इंस्टॉल करनी होगी।</p>
</p>
<p>2. इसके बाद आपको ऐप को लॉग-इन भी नहीं करना होगा। यहां आपको कई ऑप्शन दिखेंगे।</p>
</p>
<p>3. आपको Search Your Name in Last SIR वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।</p>
</p>
<p>4. अब By Elector Details वाले सेक्शन को भरें।</p>
</p>
<p>5. यहां आपको उस शख्स की डिटेल्स भरनी है, जो 2002 में वोटर लिस्ट में मौजूद था। उदाहरण के तौर पर आपके पापा उस वक्त वोटर लिस्ट में मौजूद थे, तो आपको उनकी डिटेल्स भरनी है।</p>
</p>
<p>6. सबसे पहले राज्य वो किस राज्य के वोटर लिस्ट में मौजूद थे। इसके बाद जिला, निर्वाचन क्षेत्र, पोलिंग स्टेशन नंबर और नाम, सेक्शन नंबर, मतदाता का पूरा नाम, उस समय उनकी उम्र वो आपके क्या लगते हैं का रिश्ता, इसके बाद Relative Type में उनके पिता जी जानकारी और फिर उनका पूरा नाम डालकर सर्च करें। इसके बाद नेक्स्ट पेज पर आपको 2002 की पूरी डिटेल्स मिल जाएगी, जिसे आप फॉर्म में भर सकते हैं।</p>

<p></p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Ai generated image]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 04:20:31 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Heatwave में क्यों फेल होने लगते हैं Solar Panel? जानिए इसके पीछे की वजह]]></title>
		<description>गर्मी बढ़ते ही लोग सोचते हैं कि तेज धूप में Solar Panel ज्यादा बिजली बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता। Heatwave के दौरान ज्यादा टेंपरेचर की वजह से Solar Panel की क्षमता कम होने लगती है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अक्सर लोग मानते हैं कि जितनी तेज धूप होगी, Solar Panel उतनी ही ज्यादा बिजली बनाएंगे लेकिन सच इससे थोड़ा अलग है। Solar Panel को अच्छी धूप की जरूरत होती है पर इसका मतलब यह नहीं कि बहुत ज्यादा तेज धूप भी उनके लिए बेहतर हो। जब टेंपरेचर जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तो उनकी बिजली बनाने की पावर धीरे-धीरे कम होने लगती है। यही कारण है कि Heatwave के दौरान, जब AC और कूलर चलाने की वजह से बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है, तब Solar Panel हमेशा अपनी पूरी पावर से बिजली नहीं बना पाते। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि Solar Panel रोशनी से बिजली बनाते हैं, गर्मी से नहीं।</p>
<h2><strong>Heatwave में Solar Panel की पावर क्यों कम हो जाती है?</strong></h2>
</p>
<p>Solar Panel सूरज की रोशनी से आने वाले Photons की मदद से बिजली बनाते हैं। जब ये Photons Solar Cell पर पड़ते हैं, तो उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉन एक्टिव हो जाते हैं और बिजली बनने लगती है, लेकिन टेंपरेचर बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया पहले जितनी बेहतर तरीके से नहीं होती। ज्यादा गर्मी की वजह से इलेक्ट्रॉन जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिससे Solar Panel का Voltage कम होने लगता है और बिजली का प्रोडक्ट घट जाता है। आमतौर पर Solar Panel की क्षमता 25°C टेंपरेचर पर मापी जाती है। इसके बाद टेंपरेचर में हर 1°C की बढ़ोतरी पर उनकी कार्यक्षमता लगभग 0.5% तक कम हो सकती है। Heatwave के दौरान जब Panel का तापमान 65°C या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तो उसकी बिजली बनाने की क्षमता करीब 20 से 25% तक घट सकती है।</p>
<h2><strong>Solar Panel को ज्यादा हीट होने से कैसे बचाएं?</strong></h2>
</p>
<p>इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि Heatwave के दौरान Solar Panel काम करना बंद कर देते हैं। अगर उन्हें सही तरीके से लगाया जाए, तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, Solar Panel को छत से थोड़ा ऊपर लगाना बेहतर होता है, ताकि उनके नीचे से हवा आसानी से गुजरती रहे। इससे Panel ठंडे बने रहते हैं और उनकी बिजली बनाने की क्षमता भी बेहतर रहती है, वहीं हल्के कलर या ज्यादा Reflective चीजों से बने Solar Cell कम गर्म होते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहती है।</p>
<h2><strong>Solar Panel में Inverter की जरूरत क्यों होती है?</strong></h2>
</p>
<p>Solar System में सिर्फ Panel ही नहीं, बल्कि Inverter भी बेहद जरूरी होता है। यही Panel से बनने वाली DC बिजली को घर में इस्तेमाल होने वाली AC बिजली में बदलता है। अगर Inverter जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए, तो पूरे Solar System की परफॉर्मेंस असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, Inverter को ऐसी जगह लगाया जाए, जहां उस पर सीधी धूप न पड़े और हवा का अच्छा फ्लो बना रहे। Solar Panel को छाया में भी नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि उन्हें बिजली बनाने के लिए भरपूर रोशनी की जरूरत होती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Solar-Panel.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Solar Panel]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:12:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सरकार ने Telegram को भेजा नोटिस, बस 15 दिन में देना होगा जवाब]]></title>
		<description>भारत सरकार ने फिल्मों और OTT कंटेंट की कथित पायरेसी को लेकर Telegram को नोटिस जारी किया है। कंपनी को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब और Action Taken Report (ATR) सौंपने के लिए कहा गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>टेलीग्राम एक बार फिर भारत सरकार की सख्ती का सामना कर रहा है। इस बार वजह प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और OTT कंटेंट की कथित पायरेसी है। Ministry of Information and Broadcasting(I&amp;B) ने कंपनी को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) मांगी है। सरकार का कहना है कि सिर्फ शिकायत आने के बाद कंटेंट हटाना पर्याप्त नहीं है। प्लेटफॉर्म को ऐसे मजबूत सिस्टम भी बनाने होंगे, जो पायरेटेड कंटेंट के बार-बार फैलने पर पहले से रोक लगा सकें। अधिकारियों के अनुसार अब फोकस केवल किसी एक चैनल या पोस्ट पर कार्रवाई करने का नहीं, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म पर पायरेसी रोकने की जिम्मेदारी तय करने का है। इसी वजह से सरकार ने टेलीग्राम से यह भी पूछा है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाएगा और उसकी आगे की रणनीति क्या होगी।</p>
<h2><strong>सरकार ने टेलीग्राम को क्या नोटिस दिया है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार ने अपने नोटिस में साफ कहा है कि टेलीग्राम को उन चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, यूजर अकाउंट्स और एडमिन्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, जो कॉपीराइट वाला कंटेंट शेयर कर रहे हैं। इसके अलावा कंपनी से यह भी पूछा गया है कि फिल्म निर्माताओं, OTT प्लेटफॉर्म और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मिलने वाली शिकायतों पर वह किस तरह कार्रवाई करती है और उन्हें कितनी जल्दी निपटाती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट उल्लंघन को सिर्फ एक सामान्य विवाद नहीं माना जा सकता। कई मामलों में यह Copyright Act, 1957 और Cinematograph Act, 1952 के तहत आपराधिक अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर टेलीग्राम का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ या प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड कंटेंट लगातार मिलता रहा, तो उसके खिलाफ आगे और सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>टेलीग्राम पर पहले क्या कार्रवाई हुई थी?</strong></h2>
</p>
<p>यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है, जब सरकार पहले ही पायरेसी से जुड़े 3000 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई कर चुकी है। अब सरकार सिर्फ पायरेटेड कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसकी कोशिश है कि प्लेटफॉर्म खुद ऐसे कंटेंट की पहचान करें और उसे फैलने से रोकने के लिए मजबूत मॉडरेशन सिस्टम लागू करें। खास बात यह है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर टेलीग्राम को मिला यह दूसरा सरकारी नोटिस है। इससे पहले Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने Telegram, WhatsApp और Signal को उनके Username फीचर को लेकर नोटिस भेजा था, वहीं जून में NEET (UG) 2026 Re-Examination के प्रश्नपत्र लीक होने की आशंकाओं के बीच 16 जून से 22 जून तक भारत में टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक भी लगाई गई थी। इसी दौरान National Testing Agency (NTA) की सिफारिश पर सरकार ने टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक बंद रखने का भी निर्देश दिया था।</p>
<h2><strong>सरकार ये कार्रवाई क्यों कर रही है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य Film Industry, Broadcasters, OTT Platforms, Producers और बाकी Copyright Holders के हितों की रक्षा करना है, जिन्हें पायरेसी की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ कंटेंट मालिकों की शिकायत आने का इंतजार नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म खुद ऐसी टेक्नोलॉजी और बेहतर सिस्टम तैयार करें, जो अवैध कंटेंट की समय रहते पहचान कर उस पर तुरंत कार्रवाई कर सकें। सरकार का मानना है कि यह कदम Information Technology Act, 2000 और Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules 2021 के तहत प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारियों को और स्पष्ट करता है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर लगातार गैरकानूनी एक्टिविटी सामने आती हैं, तो वह सिर्फ खुद को &#8216;Intermediary&#8217; बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Telegram.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Telegram has been asked by the government to strengthen anti-piracy measures and submit an Action Taken Report within 15 days.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/telegram-india-government-sends-notice-over-movie-piracy-seeks-atr-in-15-days-1668027/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 12:37:24 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Asus Vivobook 15 (2026) लैपटॉप Intel Core 5 Series 3 CPU के साथ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स]]></title>
		<description>Asus Vivobook 15 (2026) ने भारत में एंट्री मार ली है। इस लैपटॉप में 15.6 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। साथ ही यह Intel Core 5 Series 3 चिपसेट से लैस है। यहां जानें कीमत और खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Asus Vivobook 15 (2026)</strong> लैपटॉप भारत में लॉन्च हो गया है। यह कंपनी का पहला ऐसा लैपटॉप है, जो कि नए Intel Core 5 Series 3 प्रोसेसर से लैस है। अन्य फीचर्स की बात करें, तो इस लैपटॉप में आपको 15.6 इंच का FHD का डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, यह Intel Core 5 Series 3 प्रोसेसर से लैस है। इसमें 16GB RAM व 512GB स्टोरेज मिलती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कंपनी ने इस लैपटॉप में HD वेबकैम दिया है। साथ ही इसमें आपको MIL-STD-810H military-grade ड्यूरिबिल्टी स्टैंडर्ड मिलते हैं। आइए जानते हैं इनकी कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Asus Vivobook 15 Price in India, Availability</h2>
</p>
<p>कीमत की बात करें, तो कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/asus-chromebook-cm32-detachable-cm14-and-cm15-launched-in-india-starting-price-rs-26990-specs-1666747/">Asus</a> Vivobook 15 को 1,07,990 रुपये की कीमत में पेश किया है। वैसे इसकी कीमत 1,59,990 रुपये है। इस लैपटॉप को आप Amazon व Flipkart के जरिए खरीद सकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें, Amazon Prime Day Sale और Flipkart GOAT Sale कल से सभी लोगों के लिए लाइव हो जाएगी। इस लैपटॉप में आपको Cool Silver, Quiet Blue और Terra Cotta कलर ऑप्शन मिलते हैं।</p>
</p>
<p>Asus TUF Gaming A15 को कंपनी Amazon Price Day सेल के दौरान पेश करने वाली है। यह लैपटॉप Graphite Black कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। इसकी कीमत 1,55,990 रुपये है। हालांकि, लॉन्च ऑफर के तहत इसे 1,18,990 रुपये में खरीदा जा सकता है।</p>
<h2>Asus Vivobook 15 Features</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो Asus Vivobook 15 में 15.6 इंच का FHD डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, यह लैपटॉप Intel Core 5 Series 3 चिपसेट से लैस है। कंपनी ने इसमें 16GB RAM व 512GB स्टोरेज दी है। मजबूती के लिए कंपनी ने इसमें MIL-STD-810H military-grade स्टैंडर्ड प्रोवाइड किए हैं। इसके साथ backlit कीबोर्ड मिलता है, जिसमें Copilot को डेडिकेटेड की भी दी गई है। इसके साथ बायोमेट्रिक के लिए लैपटॉप में फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।</p>
</p>
<p>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कंपनी ने इस लैपटॉप में HD वेबकैम मिलता है, जिसके साथ प्राइवेसी शटर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए लैपटॉप में वाई-फाई 6 सपोर्ट मिलता है। इस लैपटॉप का वजन 1.7kg है।</p>
<h2>इन लैपटॉप से मिलेगी टक्कर</h2>
</p>
<p><strong>Acer Nitro V 16 ANV16-71</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1667934" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1-1.jpg" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>Acer Nitro V 16 ANV16-71 को 1,07,999 रुपये है। इस लैपटॉप में 14th Gen Intel Core i5 प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ आपको 16GB RAM व 512GB स्टोरेज मिलती है।</p>
</p>
<p><strong>Samsung Galaxy Book3 360 Evo</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1667935" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1.jpg" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>Samsung Galaxy Book3 360 Evo की कीमत 1,07,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, यह Intel Core 7 (14th Gen) प्रोसेसर से लैस है। इसमें 16GB RAM व 512GB स्टोरेज मिलती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/asus-vivobook-15-2026-india-launched-with-intel-core-5-series-3-cpu-price-and-specs-1667933/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 11:12:38 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Huawei Band 11 सीरीज स्मार्टवॉच भारत में लॉन्च, सिंगल चार्ज पर चलेंगे 14 दिन]]></title>
		<description>Huawei Band 11 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है, जिसमें कंपनी ने Huawei Band 11, Huawei Band 11 Metal और Huawei Band 11 Pro को पेश किया है। यहां जानें कीमत और खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Huawei Band 11</strong> सीरीज भारत नें लॉन्च हो गई है। इस सीरीज के तहत कंपनी ने दो स्मार्टवॉच मार्केट में पेश की है, जिसमें Band 11 और Band 11 Pro शामिल है। कंपनी ने Huawei Band 11 में Aluminium ऑप्शन भी पेश किया है, जिसे कंपनी ने Huawei Band 11 Metal नाम दिया है। फीचर्स की बात करें, तो ये स्मार्टवॉच 1.62 इंच AMOLED डिस्प्ले से लैस है। इसके अलावा, इसमें आपको 5 ATM रेटिंग मिलती है। हार्ट रेट के लिए कंपनी ने इसमें SpO2 सेंसर दिया है। इन सब के साथ इसमें कई हेल्थ व फिटनेट फीचर्स भी मौजूद है। कंपनी का दावा है कि ये वॉच सिंगल चार्ज पर 14 दिन तक की यूसेज प्रोवाइड करती है। आइए जानते हैं इन बड्स की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Huawei Band 11 Price in India</h2>
</p>
<p>कीमत की बात करें, तो <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/huawei-matepad-11-5-matepad-se-11-india-launch-soon-price-features-revealed-flipkart-listings-1652521/">Huawei</a> Band 11 को कंपनी ने 6,499 रुपये की कीमत में पेश किया है। इसका Metal ऑप्शन 7,999 रुपये का है। वहीं, Huawei Band 11 Pro को कंपनी ने 8,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया है। इन स्मार्टवॉच को आप Flipkart के जरिए खरीद सकेंगे। लॉन्च ऑफर के तहत इसे आप 3,999 रुपये में खरीद सकेंगे। बेस मॉडल में Black, Black (Polymer), Beige, Green, Purple, Purple (Polymer) और White कलर ऑप्शन पेश किया गया है। वहीं, प्रो मॉडल में Black, Blue और Green कलर ऑप्शन आता है।</p>
<h2>Huawei Band 11 Specifications in India</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो Huawei Band 11, Huawei Band 11 Metal और Huawei Band 11 Pro तीनों ही स्मार्टवॉच में 1.62 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। यह ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले है। प्रो मॉडल को कंपनी ने 2000 Nits ब्राइटनेस के साथ पेश किया है। वहीं, स्टैंडर्ड मॉडल में सिर्फ 1500 Nits ब्राइटनेस दी गई है। पानी से बचाव के लिए वॉच में 5 ATM रेटिंग दी है, जो कि वॉच को 50 मीटर पानी के अंदर 10 मिनट तक काम करती है। ये बैंड Android 9 और iOS 13 व इससे नए वर्जन पर काम करते हैं।</p>
</p>
<p>इसके अलावा, Huawei Band 11 सीरीज में कंपनी ने हार्ट रेट सेंसर व ब्लड ऑक्सिजन मॉनिटरिंग के लिए SpO2 सेंसर जैसे फीचर दिए हैं। इतना ही नहीं ये वॉच सोते समय हार्ट-रेट को भी मॉनिटर करती है। फिटनेस की बात करें, तो ये वॉच 100 से ज्यादा वर्कआइट मोड्स के साथ आती है। इसके साथ 100 से ज्यादा वॉच फेस का सपोर्ट इसमें मिलता है।</p>
</p>
<p>बैटरी की बात करें, तो कंपनी का दावा है कि यह स्मार्टवॉच सिंगल चार्ज पर बैटरी सेवर मोड पर 14 दिन तक की बैटरी प्रोवाइड करती है। इसके अलावा, नॉर्मल इस्तेमाल पर यह 8 दिन तक चालू रहेगी। कनेक्टिविटी के लिए इसमें डुअल-बैंड वाई-फाई और ब्लूटूथ का सपोर्ट मौजूद है।</p>
<h2>Huawei Band 11 को मिलेंगी इनसे टक्कर</h2>
</p>
<p><strong>Boat Valour Watch 1</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/09/boAt-Valour-Watch-1-GPS.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1604472 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/09/boAt-Valour-Watch-1-GPS.jpg" alt="" width="1000" height="1000" /></a></p>
</p>
<p>Boat Valour Watch 1 को 5,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस स्मार्टवॉच में 1.43 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, यह एडवांस X2 चिप से लैस स्मार्टवॉच है। पानी से बचाव के लिए इसमें 3 ATM सपोर्ट मिलता है। सिंगल चार्ज पर यह वॉच 15 दिन चलती है।</p>
</p>
<p><strong>Noise Alt Watch 1</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1667930" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Noise-Alt-Watch-1.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>Noise Alt Watch 1 को आप 5,999 रुपये में खरीद सकते हैं। इस स्मार्टवॉच में 1.32 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। इसके साथ बिल्ट-इन GPS सपोर्ट दिया गया है। यह वॉच सिंगल चार्ज पर 14 दिन तक चलती है। इसमें भी आपको हेल्थ व फिटनेट जैसे फीचर्स दिए गए हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-design-17.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/huawei-band-11-series-launched-in-india-with-14-days-battery-life-price-and-specifications-1667928/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 08:11:05 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[आखिर क्या है BAT-BMS ऐप? जो कुछ ही सेकेंड्स में ई-रिक्शा को बीच सड़क पर कर रहा बंद, जानें डिटेल्स]]></title>
		<description>BAT BMS App: क्या आपने भी सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखी है, जहां कुछ लोग फोन पर 1 क्लिक करते ही चलते ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक रहे हैं? अगर हां, तो यहां जानें इसके पीछे की वजह।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>BAT-BMS App:</strong> सोशल मीडिया पर इन दिनों कुछ वीडियो जमकर वायरल हो रही हैं। इन वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग फोन की मदद से चलते ई-रिक्शा को बीच सड़क पर रोक रहे हैं। जी हां, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि वो इस ऐप के जरिए साथ में चलने वाले ई-रिक्शा की बैटरी ऑफ करके उसे कुछ ही सेकेंड्स में बंद कर सकते हैं। आखिर यह BAT-BMS App क्या है और कैसे यह ऐप चलते ई-रिक्शा को रोक पा रही है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रही है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग अपने स्मार्टफोन में कथित रूप से BAT-BMS (battery management system) ऐप ओपन करके साथ जा रहे ई-रिक्शा या फिर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स रोक रहे हैं। इस ऐप में वो ई-रिक्शा को ब्लूटूथ के जरिए कनेक्ट करते हैं। इसके बाद बैटरी को बंद करने का ऑप्शन मिलता है। जैसे ही बैटरी ऑफ होती है, साथ का ई-रिक्शा अपने आप रूक जाता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">BAT-BMS नाम के एक चीनी ऐप को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह ब्लूटूथ के माध्यम से आसपास मौजूद ई-रिक्शों के BMS (Battery Management System) से कनेक्ट हो जाता है।</p>
</p>
<p>लोग दावा कर रहे हैं कि किसी भी ई-रिक्शे की सप्लाई को ब्लूटूथ से ऑन/ऑफ किया जा सकता है।</p>
</p>
<p>क्या ये संभव है? <a href="https://t.co/HpswKL3ju2" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/HpswKL3ju2</a></p>
</p>
<p>— Mr. Rumi (@Mahsar_khan) <a href="https://x.com/Mahsar_khan/status/2072349201329971682?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 1, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>BAT-BMS ऐप क्या है?</h2>
</p>
<p>BAT-BMS (battery management system) ऐप है, जो कि एक चीनी ऐप है। यह ऐप इलेक्ट्रिक व्हिकल के माइंड के तौर पर काम करती है, जिसमें बैटरी के टेम्परेचर, वॉल्टेज व चार्जिंग को कंट्रोल करने की सुविधा उपलब्ध है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में मिलने वाले कई इलेक्ट्रिक व्हिकल में बैटरी मैनेजमेंट के लिए चीनी BMS सर्किट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी मदद से यूजर्स अब इस ऐप को व्हिकल से कनेक्ट करके ऑफ कर पा रहे हैं। यह सिस्टम 10 से 15 मीटर तक की रेंज में काम करता है।</p>
</p>
<p>लोगों की इस तरह की हरकत व शैतानियों की वजह से कई ई-रिक्शा चालक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इसी को देखते हुए अब सरकार ने Google Play Store और App Store से इस ऐप को हटाने के आदेश दिए हैं।</p>
<h2>पासवर्ड की पड़ेगी जरूरत</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-design-16.png"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1667901 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-design-16.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब BAT-BMS ऐप के जरिए बैटरी को ऑफ करने के लिए एक पासवर्ड की जरूरत पड़ेगी। भले ही एक ऐप सिक्योर हो चुकी है, लेकिन अभी भी कई ऐप्स मौजूद है जिसमें इस तरह के फंक्शन मौजूद है। इसमें Epoch Li-ion ऐप मौजूद है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/App.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[AI Generated image]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/apps/what-bat-bms-app-which-stopping-erickshaws-on-mid-ride-across-delhi-know-more-details-1667900/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/apps/what-bat-bms-app-which-stopping-erickshaws-on-mid-ride-across-delhi-know-more-details-1667900/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:06:22 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Sony के इस ऐलान से PlayStation यूजर्स को बड़ा झटका, 2028 से नहीं मिलेगी Game की Disc]]></title>
		<description>Sony ने बड़ा फैसला लिया है कि जनवरी 2028 से PlayStation के सभी नए गेम फिजिकल डिस्क पर नहीं मिलेंगे। यूजर्स इन्हें सिर्फ डिजिटल तरीके से डाउनलोड कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि ज्यादातर लोग अब ऑनलाइन गेम खरीद रहे हैं, लेकिन इस फैसले से कई गेमर्स निराश भी हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Sony ने बड़ा ऐलान किया है कि जनवरी 2028 से PlayStation के लिए लॉन्च होने वाले सभी नए गेम फिजिकल डिस्क (Blu-ray) पर नहीं मिलेंगे, यानी PS5 और भविष्य में आने वाले PS6 के नए गेम सिर्फ डिजिटल रूप में PlayStation Store और Authorized Retailers के जरिए डाउनलोड किए जा सकेंगे, हालांकि जनवरी 2028 से पहले रिलीज होने वाले गेम और पुराने टाइटल्स पहले की तरह डिस्क में उपलब्ध रहेंगे। कंपनी का कहना है कि अब ज्यादातर गेमर्स डिस्क की बजाय डिजिटल तरीके से गेम खरीदना पसंद कर रहे हैं। इसी बदलते ट्रेंड को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। Sony का मानना है कि इससे वह गेम्स तक पहुंच और डाउनलोड का अनुभव बेहतर बना पाएगी। वहीं रिटेल स्टोर्स पर डिजिटल डाउनलोड कोड की बिक्री जारी रहेगी।</p>
<h2><strong>क्या GTA 6 की डिस्क मिलेगी?</strong></h2>
</p>
<p>Sony का यह फैसला पूरी तरह नया नहीं है। हाल ही में Rockstar Games ने भी पुष्टि की थी कि नवंबर में आने वाला Grand Theft Auto VI (GTA 6) भले ही बॉक्स पैक में बिके, लेकिन उसमें खेलने वाली डिस्क नहीं होगी। यूजर्स को सिर्फ डाउनलोड कोड मिलेगा, यानी AAA गेम्स में डिजिटल मॉडल की शुरुआत पहले ही हो चुकी है, हालांकि इस बदलाव से कई गेमर्स परेशान हैं। फिजिकल डिस्क होने पर गेम को दोस्तों के साथ शेयर किया जा सकता था, दोबारा बेचा जा सकता था या सेकेंड-हैंड मार्केट में खरीदा जा सकता था, लेकिन डिजिटल गेम्स के साथ ऐसा संभव नहीं होगा। इससे 2028 के बाद नए सेकेंड-हैंड गेम्स का बाजार भी काफी प्रभावित हो सकता है।</p>
<h2><strong>क्या डिजिटल गेम खरीदने का मतलब हमेशा के लिए आपका गेम होना है?</strong></h2>
</p>
<p>Sony के इस फैसले के साथ गेम ओनरशिप को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है। जब कोई यूजर PlayStation Store से डिजिटल गेम खरीदता है, तो वह गेम का मालिक नहीं बनता बल्कि उसे सिर्फ उस गेम को खेलने का लाइसेंस मिलता है। अगर भविष्य में किसी कारण से गेम को स्टोर से हटा दिया जाता है या उसका लाइसेंस खत्म हो जाता है, तो यूजर उस गेम को नहीं खेल पाएगा है। ऐसा पहले भी देखा जा चुका है, हाल ही में रिपोर्ट्स आई थीं कि Sony ने कुछ यूजर्स को बताया था कि StudioCanal की फिल्में और टीवी शोज लाइसेंस खत्म होने के कारण उनके अकाउंट से हटाए जाएंगे।</p>
<h2><strong>क्या Sony अपना फैसला बदल सकती है?</strong></h2>
</p>
<p>Sony का यह कदम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि साल 2013 में Microsoft ने Xbox One के लिए ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन और डिजिटल प्रतिबंधों की बात की थी, तब Sony ने मजाकिया वीडियो जारी कर दिखाया था कि PlayStation की डिस्क को आसानी से किसी दोस्त को दिया जा सकता है। अब एक दशक बाद Sony खुद डिजिटल-ओनली मॉडल की ओर बढ़ रही है। इसके अलावा गेम प्रिजर्वेशन को लेकर भी चिंता बढ़ी है, क्योंकि कंपनी पहले ही PS3 और PS Vita जैसे पुराने प्लेटफॉर्म के PlayStation Store को बंद करने की घोषणा कर चुकी है, हालांकि नए नियम जनवरी 2028 से लागू होंगे, इसलिए अभी कंपनी के पास अपने फैसले पर दोबारा विचार करने का समय है। अगर गेमर्स की ओर से बड़ा विरोध देखने को मिलता है, तो संभव है कि Sony भविष्य में इस योजना में कुछ बदलाव करे।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Sony-to-End-Physical-PlayStation-Game-Discs-From-2028.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Sony to End Physical PlayStation Game Discs From 2028]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/games/sony-to-end-physical-playstation-game-discs-from-2028-ps5-ps6-games-go-digital-only-1667768/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/games/sony-to-end-physical-playstation-game-discs-from-2028-ps5-ps6-games-go-digital-only-1667768/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 02 Jul 2026 06:41:18 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[चीन की कंपनी ने बनाया इंसानों जैसा Robot, समझेगा आपकी भावनाएं भी, Emotional AI से होगा लैस]]></title>
		<description>चीन की रोबोटिक्स कंपनी UBTech ने इंसानों जैसा नया Humanoid Robot UWORLD U1 पेश किया है। यह रोबोट सिर्फ काम करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों का साथी बनने के लिए बनाया गया है। कंपनी का दावा है कि यह आपकी भावनाएं समझ सकता है, बातें याद रखता है और इंसानों की तरह बातचीत भी करता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>चीन की रोबोटिक्स कंपनी UBTech ने एक नया Humanoid Robot UWORLD U1 पेश किया है, जिसे फैक्ट्री के काम के लिए नहीं बल्कि लोगों का साथी बनने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट इंसानों की तरह बातचीत कर सकता है, आपकी भावनाओं को समझ सकता है और पहले हुई बातचीत को भी याद रख सकता है। इसे खासतौर पर घरों, बुजुर्गों की देखभाल, शिक्षा, होटल, रिसेप्शन और प्रीमियम सर्विस जैसे कामों के लिए डिजाइन किया गया है। इस रोबोट को पेश 30 जून को चीन के Shenzhen शहर में किया गया। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे AI रोबोट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन सकते हैं।</p>
<h2><strong>इस Humanoid Robot में क्या-क्या खास फीचर्स मिलते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>UWORLD U1 तीन वेरिएंट Lite, Pro और Ultra में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 1,19,800 युआन (करीब 14 लाख रुपये) है, जबकि सबसे महंगे मॉडल की कीमत 9,90,000 युआन (करीब 1.15 करोड़ रुपये) तक जाती है। कंपनी के मुताबिक लॉन्च के दिन ही इस सीरीज के 13,361 ऑर्डर मिल चुके थे। यह रोबोट पुरुष और महिला दोनों रूपों में उपलब्ध है। पुरुष मॉडल की लंबाई 183 सेंटीमीटर और महिला मॉडल की लंबाई 168 सेंटीमीटर है। इसमें 88 Servo Joints दिए गए हैं, जिससे यह इंसानों की तरह हाथ-पैर और शरीर को आसानी से हिला सकता है। इसके ऊपर सिलिकॉन स्किन लगाई गई है, जिससे इसका लुक और एक्सप्रेशन काफी हद तक इंसानों जैसे दिखाई देते हैं।</p>
<h2><strong>इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>इस रोबोट की सबसे बड़ी खासियत इसका Emotional AI सिस्टम है। कंपनी का दावा है कि यह 20 से ज्यादा तरह की भावनाओं को पहचान सकता है, बातचीत के दौरान सामने वाले की आंखों में देखकर बात करता है और पिछली बातचीत को याद रखकर अगली बार उसी हिसाब से जवाब देता है। इसमें Rockchip RK3588 प्रोसेसर लगा है, जिसकी मदद से AI ज्यादातर काम सीधे रोबोट के अंदर ही करता है। यानी बातचीत और डेटा प्रोसेस करने के लिए इसे हर समय क्लाउड सर्वर पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। कंपनी का कहना है कि यूजर का डेटा भी रोबोट के अंदर ही स्टोर होता है, जिससे प्राइवेसी बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा इसमें तीन-स्तरीय सुरक्षा सिस्टम दिया गया है, ताकि यूजर अपने डेटा पर पूरा नियंत्रण रख सके।</p>
<h2><strong>क्या भविष्य में ऐसे AI Robot इंसानों के साथी बन जाएंगे?</strong></h2>
</p>
<p>UBTech का कहना है कि यह रोबोट सिर्फ Adult Buyers के लिए बनाया गया है और इसे इंडस्ट्रियल रोबोट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। लॉन्च इवेंट में कंपनी के संस्थापक और CEO जेम्स झोउ ने कहा कि रोबोटिक्स इंडस्ट्री अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। पहले रोबोट खतरनाक और दोहराए जाने वाले काम करते थे, अब वे लोगों के साथी और सहायक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कंपनी ने इसके साथ अपना नया UWORLD Platform भी पेश किया है, जिसमें सिलिकॉन स्किन, Embodied AI, Emotion AI, Long-Term Memory और Agent Memory OS जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह रोबोट बिना &#8216;Wake Word&#8217; बोले भी आसपास के माहौल को समझकर खुद प्रतिक्रिया दे सकता है, जिससे इंसानों और AI के बीच बातचीत पहले से कहीं ज्यादा नेचुरल हो सकेगी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Humanoid-Robot.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Humanoid Robot]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/chinese-company-humanoid-robot-emotional-ai-ubtech-uworld-u1-silicone-skin-and-long-term-memory-1667772/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/chinese-company-humanoid-robot-emotional-ai-ubtech-uworld-u1-silicone-skin-and-long-term-memory-1667772/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
</rss>