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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Wed, 06 May 2026 08:30:04 +0000</lastBuildDate>
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	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 08:26:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[OpenAI ने पेश किया ChatGPT 5.5 Instant, मिलेंगे ये सब फीचर्स]]></title>
		<description>OpenAI ने नया ChatGPT 5.5 Instant पेश किया है, जो पहले से ज्यादा तेज और समझदार है। यह मॉडल रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>OpenAI ने नया मॉडल ChatGPT 5.5 Instant पेश किया है, जो अब पुराने GPT 5.3 Instant की जगह डिफॉल्ट मॉडल बन रहा है। इस नए मॉडल का मुख्य मकसद यूजर्स को तेज, आसान और ज्यादा बेहतर जवाब देना है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल रोजमर्रा के काम जैसे सवाल-जवाब, लिखना, समझाना और जानकारी देना पहले से ज्यादा स्मूथ तरीके से करेगा। खास बात यह है कि यह मॉडल पहले के मुकाबले तेजी से जवाब देता है और बातचीत को बेहतर तरीके से समझता है।</p>
<h2><strong>क्या ChatGPT 5.5 Instant रोजमर्रा के कामों को आसान बनाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>ChatGPT 5.5 Instant को खासतौर पर स्पीड और बेहतर जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यह भारी और मुश्किल मॉडल्स की तरह ज्यादा Deep रिसर्च पर नहीं, बल्कि रोज के सामान्य कामों पर ज्यादा फोकस करेगा। यूजर्स को इससे जल्दी और सटीक जवाब मिलेंगे। कंपनी ने बताया कि यह मॉडल टेक्स्ट के साथ-साथ इमेज और कॉन्टेक्स्ट को भी बेहतर तरीके से समझ सकता है। यही वजह है कि यह पढ़ाई, जानकारी खोजने और सामान्य सवालों के जवाब देने में पहले से ज्यादा यूजफुल होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">GPT-5.5 Instant is starting to roll out in ChatGPT.</p>
</p>
<p>It’s a big upgrade, giving you smarter, clearer, and more personalized answers in a warmer, more natural tone.</p>
</p>
<p>And it&#8217;s also more concise, which we heard you wanted. We think you&#8217;ll love chatting with it. <a href="https://t.co/HSQOhjqxp7" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/HSQOhjqxp7</a></p>
</p>
<p>— OpenAI (@OpenAI) <a href="https://twitter.com/OpenAI/status/2051709028250915275?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 5, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>क्या नया मॉडल पहले से ज्यादा बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर एक्यूरेसी और कम गलतियां हैं। ChatGPT 5.5 Instant को इस तरह बनाया गया है कि यह गलत या भ्रमित करने वाले जवाब (हैलुसिनेशन) कम दे। खासकर फाइनेंस, कानून और हेल्थ जैसे संवेदनशील विषयों में यह ज्यादा सावधानी से जवाब देता है। कंपनी के टेस्ट के मुताबिक, इस मॉडल ने मैथ, साइंस और लॉजिक जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है, साथ ही यह अब बेहतर तरीके से तय कर सकता है कि कब उसे इंटरनेट से जानकारी लेनी है और कब अपने खुद से जवाब देना है।</p>
<h2><strong>ChatGPT 5.5 Instant क्या नया फीचर मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा OpenAI ने इसमें ‘Memory Source’ नाम का नया फीचर भी जोड़ा है। इस फीचर की मदद से ChatGPT अब पुराने चैट्स, फाइल्स और कुछ कनेक्टेड सर्विसेज जैसे Gmail से जानकारी लेकर पर्सनलाइज्ड जवाब दे सकता है, अच्छी बात यह है कि यूजर्स अपनी मेमोरी को खुद कंट्रोल कर सकते हैं, चाहें तो डेटा हटा सकते हैं या बदल सकते हैं। कंपनी ने प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखा है, यह नया मॉडल धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट हो रहा है और आने वाले समय में मोबाइल और बाकी प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध होगा।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>OpenAI का ChatGPT 5.5 Instant क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>यह ChatGPT का नया और अपग्रेडेड AI मॉडल है, जो पहले से ज्यादा तेज, स्मार्ट और सटीक जवाब देने के लिए बनाया गया है। यह रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने पर फोकस करता है।</p>
<h2><strong>क्या ChatGPT 5.5 Instant पुराने वर्जन से बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<p>यह GPT 5.3 Instant से बेहतर है। इसमें कम गलतियां होती हैं, जवाब जल्दी मिलता है और यह बातचीत को ज्यादा अच्छे से समझता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-66.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[How gpt-5.5 instant reduces hallucinations in chatgpt]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-introduces-chatgpt-5-5-instant-faster-smarter-more-accurate-ai-model-1661065/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-introduces-chatgpt-5-5-instant-faster-smarter-more-accurate-ai-model-1661065/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 07:52:59 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[CMF Watch 3 Pro स्मार्टवॉच GPS और Bluetooth Calling के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन]]></title>
		<description>CMF Watch 3 Pro एडवांस फीचर्स के साथ भारत में एंट्री मार चुकी है। इस वॉच के साथ आपको बदलने वाले बेजल्स और स्ट्रैप ऑप्शन मिलते हैं। यहां जानें वॉच की कीमत और सेल डेट।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>CMF Watch 3 Pro</strong> स्मार्टवॉच फाइनली भारत में लॉन्च हो गई है। यह CMF Watch 2 Pro का ही अपग्रेड वर्जन है, जिसे कंपनी ने 2 साल पहले भारतीय बाजार में पेश किया था। लंबे इंतजार के बाद अब Nothing सब-ब्रांड ने इस स्मार्टवॉच को भारत में पेश कर दिया है। फीचर्स की बात करें, तो इस बार भी कंपनी ने सर्कुलर डायल डिजाइन पेश किया है, जिसके 3 बेजल्स डिजाइन मिलेंगे जिसे आप बदल सकते हैं। वॉच में 1.43 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है। फिटनेस के लिए इसमें 131 स्पोर्ट्स मोड दिए गए हैं। वहीं, वॉच की बैटरी 350mAh की है, जो कि सिंगल चार्ज पर 13 दिन तक की यूसेज प्रोवाइड करती है। आइए जानते हैं वॉच की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>CMF Watch 3 Pro price in India</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/cmf-watch-3-pro-india-launch-date-announced-these-top-5-smartwatches-giving-tough-competition-1660647/">CMF Watch 3 Pro</a> को 7,999 रुपये की कीमत में पेश किया है। लॉन्च ऑफर के तहत इसे 6,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इस ऑफर के साथ आप वॉच के Light Grey, Light Green और Dark Grey कलर ऑप्शन को खरीद सकेंगे। वहीं, इसका ऑरेंज कलर ऑप्शन आपको 7,499 रुपये में मिलेगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Watch 3 Pro early access starts tomorrow in India.</p>
<p>7 May, 12 PM <a href="https://t.co/zDlq1syPXY" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/zDlq1syPXY</a></p>
</p>
<p>— CMF by Nothing (@cmfbynothing) <a href="https://twitter.com/cmfbynothing/status/2051912345698644147?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 6, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>CMF Watch 3 Pro Sale Date</h2>
</p>
<p>लॉन्च के दौरान कंपनी ने सीएमएफ वॉच 3 प्रो की सेल डेट का भी खुलासा कर दिया है। वॉच की सेल भारत में 8 मई से शुरू होने जा रही है, जिसे आप Flipkart कके जरिए खरीद सकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें, 2 साल पहले लॉन्च हुई CMF Watch 2 Pro को कंपनी ने 4,999 रुपये की कीमत में पेश किया था।</p>
<h2>CMF Watch 3 Pro specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो इस वॉच में 1.43 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। डिस्प्ले में 650 Nits ब्राइटनेस मिलती है। वहीं, इसका रिफ्रेश रेट 60Hz का है। जैसे कि हमने बताया इस वॉच के साथ बदलने वाले किनारे (बेजल्स) मिलते हैं। इसके अलावा, इसमें कई सिलिकॉन स्ट्रैप के ऑप्शन भी मिलेंगे। कंपनी ने वॉचफेस में 120 वॉच फेस दिए हैं। इस वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन के साथ पेयर करके इस वॉच से आप म्यूजिक कंट्रोल व मैसेज के रिप्लाई देने जैसे काम भी कर सकते हैं।</p>
</p>
<p>फिटनेस के लिए इसमें आपको 131 स्पोर्ट्स मोड मिलेंगे, जिसके साथ डुअल-बैंड, मल्टी सिस्टम GPS सपोर्ट मिलता है। यह सटिक आउटडोर वर्कआउट के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है। इसके अलावा, स्पोर्ट्स पंसद करने वाले लोगों के लिए इसमें पर्सनलाइज्ड रनिंग कोच मिलता है, जो कि यूजर के लिए 8 से 16 हफ्ते की ट्रेनिंग को प्लान करता है। इतना ही नहीं इसमें आपको Automatic Heart Rate Measurement, 24-hour Heart Rate Measurement, Active Score, Sleep Detection, Blood Oxygen Measurement, Women’s Physiological Health Records, Stress Monitoring, Calories, Distance, Exercise Duration, Water Reminder, Stand Up Reminder जैसे हेल्थ फीचर्स भी मिलेंगे।</p>
</p>
<p>यह वॉच Android 6.0 व इससे नए वर्जन व iOS 13 व इससे नए वर्जन पर काम करती है। यह वॉच Nothing X ऐप के साथ काम करती है। इस वॉच की बैटरी 350mAh की है, जो कि सिंगल चार्ज पर 10 दिन की यूसेज प्रोवाइड करती है। वहीं, हैवी यूज पर इसका इस्तेमाल 10 दिन तक किया जा सकता है। ऑलवेज ऑन डिस्प्ले के साथ यह वॉच 4.5 दिन तक एक्टिव रहेगी। वहीं, पावर सेविंग मोड पर इसका इस्तेमाल 60 दिन तक किया जा सकता है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th><strong>CMF Watch 3 Pro</strong></th>
</p>
<th>स्पेक्स</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>डिस्प्ले</td>
</p>
<td>1.43 इंच AMOLED</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ब्राइटनेस</td>
</p>
<td>650 निट्स</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रिफ्रेश रेट</td>
</p>
<td>60Hz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>डिजाइन</td>
</p>
<td>इंटरचेंजेबल बेज़ल्स, सिलिकॉन स्ट्रैप ऑप्शन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>वॉच फेस</td>
</p>
<td>120+ वॉच फेस</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कॉलिंग फीचर</td>
</p>
<td>ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्मार्ट फीचर्स</td>
</p>
<td>म्यूजिक कंट्रोल, मैसेज रिप्लाई</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्पोर्ट्स मोड</td>
</p>
<td>131 स्पोर्ट्स मोड</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>GPS</td>
</p>
<td>डुअल-बैंड, मल्टी-सिस्टम GPS</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>फिटनेस फीचर</td>
</p>
<td>पर्सनलाइज्ड रनिंग कोच (8–16 हफ्ते)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>हेल्थ ट्रैकिंग</td>
</p>
<td>हार्ट रेट, स्लीप ट्रैकिंग, SpO2, स्ट्रेस मॉनिटरिंग, एक्टिव स्कोर</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>अतिरिक्त हेल्थ फीचर</td>
</p>
<td>महिलाओं की हेल्थ ट्रैकिंग, कैलोरी, डिस्टेंस, एक्सरसाइज ड्यूरेशन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रिमाइंडर</td>
</p>
<td>वाटर रिमाइंडर, स्टैंड अप रिमाइंडर</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कम्पैटिबिलिटी</td>
</p>
<td>Android 6.0+, iOS 13+</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऐप सपोर्ट</td>
</p>
<td>Nothing X ऐप</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी</td>
</p>
<td>350mAh</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी बैकअप</td>
</p>
<td>10 दिन (नॉर्मल/हेवी यूज)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AOD बैटरी</td>
</p>
<td>4.5 दिन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>पावर सेविंग मोड</td>
</p>
<td>60 दिन तक</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>CMF Watch 3 Pro इन स्मार्टवॉच को देगी टक्कर!</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Untitled-design.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1661056" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Untitled-design.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>कीमत के लिहाज से देखें, तो 8000 से कम की रेंज में आपको Amazfit Bip 6 जैसे धाकड़ ऑप्शन मिल जाएंगे। इस वॉच में कंपनी ने 1.97 इंच का डिस्प्ले दिया है। इसमें भी ब्लूटूथ कॉलिंग का सपोर्ट भी मिलता है। कंपनी ने इसमें 5 satellite systems वाला GPS कनेक्शन दिया है। सिंगल चार्ज पर यह वॉच 14 दिन तक चलती है। इसके अलावा, Noise ColorFit Pro 6 Max को भी आप 7999 रुपये में खरीद सकेंगे। यह वॉच 1.96 इंच डिस्प्ले के साथ आती है। इसमें बिल्ट-इन GPS जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/CMF-Watch-3-Pro-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 07:43:48 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या होता है Dark Web और यह आम इंटरनेट से अलग क्यों है? भारत के लोग हो रहे शिकार, ऐसे बचें]]></title>
		<description>Dark Web इंटरनेट का एक ऐसा छुपा हिस्सा है, जहां हम सीधे नहीं जा सकते, यहां जाने के लिए खास तरीका और ऐप चाहिए, हालांकि कुछ लोग इसे प्राइवेसी के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन ज्यादातर लोग वहां गलत काम करते हैं, इसलिए यह आम लोगों के लिए खतरनाक है क्योंकि वहां आपका डेटा चोरी हो सकता है और पैसे का नुकसान भी हो सकता है। आइए जनते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के दौर में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसी दुनिया का एक ऐसा हिस्सा भी है जो आम लोगों की नजर से दूर है, इसे &#8216;Dark Web&#8217; कहा जाता है। यह इंटरनेट का वह छिपा हुआ कोना है, जहां पहुंचने के लिए सामान्य ब्राउजर जैसे Chrome या Safari काम नहीं करते। इसके लिए खास टूल्स जैसे Tor ब्राउजर की जरूरत होती है, जो यूजर की पहचान और लोकेशन को छिपा देता है, हालांकि कुछ लोग इसका इस्तेमाल प्राइवेसी के लिए करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि डार्क वेब पर बड़ी मात्रा में गैरकानूनी एक्टिविटी भी चलती हैं, जो इसे खतरनाक बनाती हैं।</p>
<h2><strong>Dark Web को खतरनाक क्या बनाता है और यहां क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>Dark Web की सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां सब कुछ गुप्त और एन्क्रिप्टेड होता है। इसका फायदा उठाकर अपराधी खुलेआम गैरकानूनी काम करते हैं। यहां अवैध मार्केटप्लेस मौजूद हैं, जहां ड्रग्स, हथियार और चोरी किया गया डेटा बेचा जाता है। यहां पहचान छिपी रहती है, इसलिए अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि पुलिस और साइबर एजेंसियों के लिए इन एक्टिविटी पर नियंत्रण पाना चुनौतीपूर्ण बन जाता है। आम यूजर भले ही सीधे इसमें शामिल न हो, लेकिन इसका असर उसकी जिंदगी पर जरूर पड़ सकता है।</p>
<h2><strong>भारत में Dark Web से आम लोगों को कैसे खतरा है?</strong></h2>
</p>
<h3><strong>Dark Web पर मिलेगा सीक्रेट गैर-कानूनी मार्केट</strong></h3>
</p>
<p>Dark Web पर ऐसे कई गुप्त मार्केट होते हैं जहां लोग ड्रग्स, हथियार और चोरी किया हुआ डेटा खरीदते-बेचते हैं। ये सब काम बिना पहचान बताए (anonymous) होता है, इसलिए पुलिस के लिए असली अपराधी तक पहुँचना मुश्किल हो जाता है। आम लोगों के लिए खतरा ये है कि ऐसे गैर-कानूनी काम समाज में अपराध को बढ़ाते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से सभी को नुकसान पहुँचाते हैं।</p>
<h3><strong>Dark Web पर अपराध करने के लिए मिलती है सर्विस</strong></h3>
</p>
<p>Dark Web पर सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि अपराध करने की सेवाएं भी मिलती हैं, जैसे किसी का ईमेल हैक करना, वेबसाइट पर हमला करना या ऑनलाइन स्कैम चलाना। Bitcoin जैसी डिजिटल करेंसी की वजह से पेमेंट करना आसान और ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इससे अपराध और तेजी से बढ़ते हैं, जिसका असर आम इंटरनेट यूजर्स पर भी पड़ता है।</p>
<h3><strong>Dark Web पर नही होती कोई भी सुरक्षा</strong></h3>
</p>
<p>Dark Web पर अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हो जाए, तो उसके पास शिकायत करने का कोई सुरक्षित तरीका नहीं होता, क्योंकि खुद वह भी गैर-कानूनी चीज में शामिल होता है। इसका मतलब है कि वहां कोई सुरक्षा या कानून की मदद नहीं मिलती, जिससे लोगों का पैसा और डेटा दोनों खतरे में रहते हैं।</p>
<h3><strong>डाटा चोरी और पहचान का होता है गलत इस्तेमाल</strong></h3>
</p>
<p>अगर किसी का पर्सनल डेटा जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड लीक हो जाता है, तो वह Dark Web पर बिक सकता है। ठग लोग इस डेटा का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं या किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>भारत में Dark Web की असली घटनाएं क्या हुईं हैं?</strong></h2>
</p>
<p>अगर भारत के कुछ बड़े मामलों की बात करें, तो डार्क वेब की भूमिका साफ नजर आती है। 2022 में AIIMS दिल्ली पर हुए साइबर अटैक के बाद मरीजों का डेटा चोरी हुआ, जो बाद में डार्क वेब पर पहुंच गया। इसी तरह कई बार आधार और बैंकिंग डेटा लीक होने की खबरें सामने आती रहती हैं। पुलिस ने कई ऐसे गैंग भी पकड़े हैं, जो डार्क वेब के जरिए क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुराकर फ्रॉड करते थे। इतना ही नहीं, मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में ड्रग्स की तस्करी के मामलों में भी डार्क वेब का इस्तेमाल सामने आया है, जहां ऑर्डर ऑनलाइन दिए जाते थे और डिलीवरी सामान्य कूरियर से होती थी।</p>
<h2>आप खुद को Dark Web के खतरों से कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?</h2>
</p>
<ul>
<li>अगर आपको कोई अनजान लिंक या ईमेल में अटैचमेंट मिले, तो उसे खोलने से बचें। कई बार हैकर्स ऐसे लिंक में वायरस छिपाकर रखते हैं, जिससे आपका डेटा चोरी हो सकता है।</li>
<li>हमेशा ऐसा पासवर्ड रखें जो आसान न हो (जैसे नाम या जन्मतिथि नहीं)। अलग-अलग अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड बनाएं, साथ ही 2-Factor Authentication (OTP या ऐप से) ऑन करें, ताकि सुरक्षा और मजबूत हो जाए।</li>
<li>अपना आधार नंबर, बैंक डिटेल या OTP किसी के साथ शेयर न करें। अगर ये जानकारी गलत हाथों में चली गई, तो आपका नुकसान हो सकता है।</li>
<li>समय-समय पर अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट देखें। अगर कोई अजीब या अनजान ट्रांजैक्शन दिखे, तो तुरंत बैंक को बताएं, ताकि फ्रॉड रोका जा सके।</li>
</ul>
<h2><strong>क्या Dark Web का इस्तेमाल करना भी गैरकानूनी है?</strong></h2>
</p>
<p>Dark Web इंटरनेट का एक ऐसा हिस्सा है, जिसे आम लोग सीधे इस्तेमाल नहीं करते। इसे एक्सेस करने के लिए खास सॉफ्टवेयर की जरूरत होती है, सिर्फ Dark Web का इस्तेमाल करना गलत या गैरकानूनी नहीं है, लेकिन समस्या यह है कि Dark Web पर बहुत सारी गैरकानूनी एक्टिविटी होती हैं, जैसे डेटा चोरी, हैकिंग, फर्जी सामान की खरीद-बिक्री और धोखाधड़ी।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Dark Web क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>Dark Web इंटरनेट का छिपा हुआ हिस्सा होता है, जहां सामान्य ब्राउजर से नहीं जाया जा सकता। यहां जाने के लिए खास सॉफ्टवेयर (जैसे Tor Browser) की जरूरत होती है और यहां लोग अपनी पहचान छिपाकर काम करते हैं।</p>
<h2><strong>क्या Dark Web इस्तेमाल करना गैरकानूनी है?</strong></h2>
</p>
<p>सिर्फ Dark Web इस्तेमाल करना गैरकानूनी नहीं है, लेकिन वहां होने वाली कई चीजें जैसे हैकिंग, डेटा चोरी और गैरकानूनी खरीद-बिक्री कानून के खिलाफ होती हैं।</p>
<h2><strong>Dark Web आम लोगों के लिए खतरनाक क्यों है?</strong></h2>
</p>
<p>क्योंकि यहां चोरी किया हुआ डेटा बेचा जाता है। अगर आपका पर्सनल डेटा लीक हो जाए, तो उसका इस्तेमाल करके आपके बैंक अकाउंट या पहचान का गलत यूज किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>क्या भारत में भी लोग Dark Web का शिकार हो रहे हैं?</strong></h2>
</p>
<p>भारत में कई मामलों में आधार डेटा, बैंक डिटेल्स और अस्पतालों का डेटा लीक होकर Dark Web पर बिकने की खबरें सामने आई हैं।</p>
<h2><strong>Dark Web से खुद को सुरक्षित कैसे रखें?</strong></h2>
</p>
<p>हमेशा मजबूत पासवर्ड रखें, किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP या बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें और अपने अकाउंट की एक्टिविटी पर नजर रखें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Dark-Web.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Dark Web]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/dark-web-explained-what-it-is-why-it-dangerous-how-indians-can-stay-safe-1661052/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 06:01:37 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ISRO किसानों के लिए बना रहा खास मॉडल, अब ये बचाएगा जलवायु बदलाव से आपकी फसल]]></title>
		<description>ISRO और RPCAU मिलकर किसानों के लिए एक खास &#039;Climate Smart Agriculture Model&#039; बना रहे हैं। यह किसानों को मौसम के बदलते असर से बचाने, फसल बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करेगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि Rajendra Prasad Central Agricultural University (RPCAU) और Indian Space Research Organisation (ISRO) मिलकर &#8216;Climate Smart Agriculture Model&#8217; डेवलप करने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य बदलते मौसम और जलवायु संकट के बीच किसानों को ऐसी खेती के तरीके देना है, जिससे प्रोडक्शन बढ़े और पर्यावरण पर नकारात्मक असर कम हो। RPCAU जल्द ही एक &#8216;Carbon Budget Map&#8217; भी जारी करने जा रहा है, जो राज्य के अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों के अनुसार सबसे बेहतर फसल पैटर्न की पहचान करने में मदद करेगा। यह मैप किसानों के लिए एक गाइड की तरह काम करेगा, जिससे वे समझ पाएंगे कि किस इलाके में कौन-सी फसल सबसे ज्यादा फायदेमंद और पर्यावरण के अनुकूल है।</p>
<h2><strong>क्या होता है Climate Smart Agriculture?</strong></h2>
</p>
<p>आज के समय में Climate Change बहुत तेजी से हमारी खेती और खाने की व्यवस्था को बदल रहा है। कभी ज्यादा बारिश, कभी सूखा, तो कभी तापमान में अचानक बदलाव, ये सब खेती को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में &#8216;Climate-Smart Agriculture&#8217; का मतलब है ऐसी खेती करना, जिससे फसल अच्छी भी हो और पर्यावरण को नुकसान भी कम पहुंचे, यानी किसान ऐसी नई टेक्नोलॉजी और तरीके अपनाएं, जिससे प्रोडक्शन बना रहे, खाने की सुरक्षा (Food Security) बनी रहे और प्रदूषण भी कम हो। इस खेती के तीन मुख्य लक्ष्य हैं&#8230;</p>
<ul>
<li>फसल की पैदावार बढ़ाना या बनाए रखना</li>
<li>जलवायु परिवर्तन के असर से बचाव करना</li>
<li>ग्रीनहाउस गैसों (प्रदूषण) को कम करना</li>
</ul>
<p>इसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी, सही समय पर सिंचाई, फसल बदल-बदल कर उगाना और कम नुकसान वाली खेती के तरीके शामिल होते हैं, यानी Climate-Smart Agriculture ऐसी समझदारी वाली खेती है, जो किसान और पर्यावरण दोनों के लिए फायदेमंद है।</p>
<h2><strong>इस परियोजना की सबसे खास बात क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें नई टेक्नोलॉजी और तुरंत मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल हो रहा है। RPCAU के Vice-Chancellor P.S. Pandey के अनुसार, यूनिवर्सिटी में Eddy Covariance Tower लगाया गया है, जो 24 घंटे लगातार जानकारी रिकॉर्ड करता है, पिछले 4 महीनों से यह टावर किसानों और वैज्ञानिकों को मौसम, कार्बन गैस, पानी की भाप और गर्मी से जुड़ी जरूरी जानकारी दे रहा है। इस जानकारी की मदद से वैज्ञानिक समझ पा रहे हैं कि कौन-सी खेती पर्यावरण के लिए सही है और कौन-सी ज्यादा नुकसान करती है, खासकर धान और गेहूं की खेती में मिले डेटा से यह पता चल रहा है कि किस तरीके से खेती करने पर प्रदूषण (कार्बन) कम किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>किसानों को क्या मिल रहा है इस नई टेक्नोलॉजी का फायदा?</strong></h2>
</p>
<p>इस टेक्नोलॉजी का फायदा सिर्फ वैज्ञानिकों तक ही नहीं, बल्कि इसे सीधे किसानों तक भी पहुंचाया जा रहा है। समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के करीब 200 प्रगतिशील किसानों को इस योजना से जोड़ा गया है। इन किसानों को उनके खेत और इलाके के हिसाब से सही सलाह दी जा रही है, जैसे कब पानी देना है, कितनी और कब खाद डालनी है और किस फसल के बाद कौन-सी फसल उगानी चाहिए। इस वैज्ञानिक सलाह का असर अब साफ दिखने लगा है। जिन खेतों में यह तरीका अपनाया गया है, वहां पानी का इस्तेमाल लगभग 25% तक बेहतर हो गया है। इससे किसानों का खर्च कम हो रहा है और पानी की भी बचत हो रही है।</p>
<h2><strong>कैसे कम हो रहा कार्बन उत्सर्जन और बढ़ रही मिट्टी की ताकत?</strong></h2>
</p>
<p>पर्यावरण के हिसाब से भी इस रिसर्च के नतीजे बहुत जरूरी हैं। RPCAU के रिसर्च डायरेक्टर A. K. Singh के अनुसार, जिन खेतों में Zero Tillage (बिना जुताई वाली खेती) और फसल के बचे हुए हिस्सों का सही इस्तेमाल किया जाता है, वहां पुरानी खेती के मुकाबले करीब 30% कम कार्बन गैस निकलती है। इसके अलावा, अगर फसल बदल-बदल कर उगाई जाए और उसमें दाल वाली फसलें (जैसे चना, मसूर) शामिल की जाएं, तो मिट्टी में कार्बन जमा करने की क्षमता 18 से 22% तक बढ़ जाती है। इससे मिट्टी ज्यादा उपजाऊ बनती है और जलवायु परिवर्तन का असर भी कम होता है। एक और दिलचस्प बात यह है कि लीची और आम के बागान हर हेक्टेयर में लगभग 3.2 टन कार्बन अपने अंदर सोख लेते हैं। इससे किसानों को &#8216;कार्बन क्रेडिट&#8217; के जरिए अतिरिक्त कमाई का मौका भी मिल सकता है।</p>
<h2><strong>किसानों तक जानकारी पहुंचाने के लिए क्या है योजना?</strong></h2>
</p>
<p>इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए RPCAU, कृषि विज्ञान केंद्र (KVKs) के जरिए किसानों को लगातार जानकारी दे रहा है। हर हफ्ते मौसम और खेती से जुड़ी जानकारी दी जाती है, जैसे तापमान कितना है, हवा में नमी कितनी है, पानी कितनी तेजी से सूख रहा है और कार्बन से जुड़ी जानकारी। इससे किसान सही समय पर सही फैसले ले पाते हैं, विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि अगले एक साल में बिहार के लिए एक पूरा &#8216;क्लाइमेट-रेजिलिएंट फसल कैलेंडर&#8217; तैयार किया जाए। यह एक गाइड की तरह होगा, जिससे किसानों को पता चलेगा कि कब कौन-सी फसल लगानी है और कैसे खेती करनी है। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो यह सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के किसानों के लिए एक अच्छा उदाहरण बन सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Climate-Smart-Agriculture-Model.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Climate Smart Agriculture Model

(AI Image)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/climate-smart-agriculture-model-in-bihar-by-rpcau-and-isro-carbon-mapping-sustainable-agriculture-1661014/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/climate-smart-agriculture-model-in-bihar-by-rpcau-and-isro-carbon-mapping-sustainable-agriculture-1661014/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 13:28:12 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Deepinder Goyal Temple: आ गया दिमाग पढ़ने वाला वियरेबल डिवाइस, 100 यूनिट्स तैयार, ऐसे करें अप्लाई]]></title>
		<description>आखिर क्या है Temple डिवाइस? जिसे माथे पर पहनकर चर्चा में आए थे Zomato के फाउंडर Deepinder Goyal.. अब इस डिवाइस की 100 यूनिट्स तैयार कर दी गई है, जिसके यूजर्स की तलाश शुरू हो चुकी है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Zomato</strong> के फाउंडर Deepinder Goyal ने अपने बहु-चर्चित वियरेबल डिवाइस Temple की शिपमेंट शुरू कर दी है। शुरुआती रूप में Temple के सिर्फ 100 यूनिट्स को शिप किया जाएगा। आपको बता दें, Temple टेक इंडस्ट्री नया इनोवेशन वियरेबल डिवाइस है, जिसे बैंड या फिर स्मार्टवॉच की तरह नहीं पहना जाता। सबसे पहले इस डिवाइस को फूड डिलवरी ऐप के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ही एक पॉडकास्ट के दौरान पहने दिखे थे, जिसके बाद से ही यह टेक इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया। आखिर क्या है यह Temple डिवाइस और किसे किसके लिए पेश किया गया? यहां जानें सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-play-best-of-2025-best-app-district-by-zomato-and-best-game-cookierun-in-india-1622145/">Zomato </a>के फाउंडर Deepinder Goyal ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए Temple डिवाइस की शिपमेंट की जानकारी दी है। पोस्ट में उन्होंने जानकारी दी है कि टेम्पल डिवाइस के पहले 100 यूनिट्स शिपमेंट के पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए उन्होंने एथलीट, साइंटिस्ट, फाउंडर, डॉक्टर, क्रिएटर व इंडिविजुअल्स को इनवाइट किया है&#8230; जो न केवल इन डिवाइस को पहनेंगे बल्कि इन्हें पहनकर इसका फीडबैक कंपनी को प्रोवाइड करेंगे। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने Early Access के लिए एक लिंक भी पोस्ट किया है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Hello world. The first 100 Temples are ready to ship. We&#8217;re now inviting athletes, scientists, founders, doctors, creators, and individuals who care deeply about their physical and cognitive health to be the founding users of Temple.</p>
</p>
<p>Apply for early access at… <a href="https://t.co/aljDp0iKVi" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/aljDp0iKVi</a></p>
</p>
<p>— Deepinder Goyal (@deepigoyal) <a href="https://twitter.com/deepigoyal/status/2051596122750320864?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 5, 2026</a></p></blockquote>
<h2><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>कैसे पाएं Temple का अर्ली एक्सेस?</h2>
</p>
<p>इसके लिए आपको http://temple.com पर जाना होगा। इसके बाद Get Access पर क्लिक करना होगा। अब आपके सामने टेम्पल डिवाइस की माइक्रोसाइट ओपन हो जाएगी। यहां आपको अपनी कुछ डिटेल्स भरनी है, जैसे नाम, ईमेल एड्रेस, फोन नंबर व सोशल हैंडल। इसके बाद आपको एक बॉक्स में Temple डिवाइस से जुड़ी अपनी उम्मीदे बतानी होगी। आप इस साइट के जरिए न केवल खुद के लिए बल्कि किसी और के लिए भी डिवाइस का अर्ली एक्सेस पा सकेंगे। इसमें This is for Me या फिर Someone Else का ऑप्शन मौजूद है। सबसे अंत में आपको Terms of use को टिक करके फॉर्म सबमिट कर देना है। यदि आप लकी हुए, तो आपको टेम्पल डिवाइस का अर्ली एक्सेस प्राप्त होगा।</p>
<h2>क्या है Temple डिवाइस?</h2>
</p>
<p>Temple एक छोटे बटन जैसा दिखने वाला वियरेबल डिवाइस है, जिसे माथे के साइड में पहना जाता है। इस तरह के डिवाइस को आपने इससे पहले फिल्मों व सीरीज आदि में देखा होगा। यह छोटा-सा दिखने वाला डिवाइस आपके दिमाग में ब्लड फ्लो और एक्टिविटी को रियल टाइम मॉनिटर करता है। कहा जा रहा है यह डिवाइस ग्रेविटी एजिंग हाइपोथिसिस&#8217; (Gravity Ageing Hypothesis) रिसर्च पर बेस्ड होने वाली है, जिसके मुताबिक समय के साथ Gravity का असर दिमाग के ब्लड फ्लो व हेल्थ पर पड़ता है। फिलहाल, कंपनी ने इस डिवाइस की कीमत व फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स रिवील नहीं की है।</p>
</p>
<p>फिलहाल, कंपनी ने इसे ऑफिशियली लॉन्च करने की वजह इसकी पहली 100 यूनिट्स ही रिलीज की है, जिसकी टेस्टिंग कुछ लोगों पर होगी। फीडबैक के बाद ही कंपनी इस डिवाइस को ऑफिशियली सभी लोगों के लिए लॉन्च कर सकती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Temple.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Temple 100 units]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/deepinder-goyal-temple-wearable-device-100-units-ready-for-shipment-how-to-get-early-access-1660903/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/deepinder-goyal-temple-wearable-device-100-units-ready-for-shipment-how-to-get-early-access-1660903/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 10:18:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[देसी ब्रांड Lenskart भारत लाया कैमरे वाले B स्मार्ट ग्लासेस, जो बढ़ा देंगे Meta Glasses की टेंशन!]]></title>
		<description>Lenskart ने अपने B Smart Glasses को भारतीय मार्केट में पेश कर दिया है, जिनकी कीमत और फीचर्स कंफर्म हो चुके हैं। भारतीय मार्केट में Ray-Ban Meta Glasses को ये ग्लासेस देंगे कड़ी टक्कर।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Lenskart</strong> ने अपने और भारत के पहले Smart Glasses से पर्दा उठा दिया है, जिसका नाम B है। इन ग्लासेस को सबसे पहले पिछले साल नंबर में रिवील किया गया था, लेकिन उस वक्त इसे सिर्फ डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, अब कंपनी ने इन ग्लासेस के लिए Early Access Registrations ओपन कर दिए हैं। इसके साथ ही इनकी कीमत व फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स भी रिवील कर दी गई है। फीचर्स की बात करें, तो भारत के देसी स्मार्ट ग्लासेस Qualcomm Snapdragon AR1 Gen 1 चिप से लैस हैं। इसमें कंपनी ने 32GB स्टोरेज दी है। इसके अलावा, इसमें 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है। ये ग्लासेस iOS 18 व इससे नए और Android 12 व इससे नए वर्जन डिवाइस पर काम करने में सक्षम हैं। आइए जानते हैं इनकी कीमत, उपलब्धता व फीचर्स से जुड़ी हर एक डिटेल्स।</p>
<h2>B by Lenskart Price in India</h2>
</p>
<p>कंपनी ने B <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/apple-ai-smart-glasses-launch-2026-2027-features-design-price-meta-ray-ban-rival-accroding-to-leak-reports-1656951/">Smart Glasses</a> को 27,000 रुपये की कीमत में पेश किया है। हालांकि, भारत में इसका Early Access रिजस्ट्रेशन ओपन हो गया है और ग्लासेस के लिए Early Access पाने वाले ग्राहकों को यह ग्लासेस 22,000 रुपये में प्राप्त होगा। कंपनी ने इन्हें दो कलर ऑप्शन ब्लैक व सिल्वर में पेश किया है।</p>
<h2>How to get Early Access</h2>
</p>
<div id="attachment_1660828" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/B-by-Lenskart-2.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1660828" class="wp-image-1660828 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/B-by-Lenskart-2.jpg" alt="B Smart glasses Box" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1660828" class="wp-caption-text">B Smart glasses Box</p>
</div>
</p>
<p>B के लिए <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/lenskart-to-launch-india-first-ai-powered-smart-glasses-with-upi-support-be-by-lenskart-smartglasses-1616539/">Lenskart</a> ने एक डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव की है। इस साइट के जरिए आप स्मार्ट ग्लासेस के अर्ली एक्सेस के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।</p>
<h2>B Smart Glasses Specs</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो B स्मार्ट ग्लासेस में कंपनी ने Japanese ultra-thin ब्लू लाइट लेंस दिए हैं, जो कि -6 से लेकर +6 Eye Power के लिए सक्षम है। इसके अलावा, ये ग्लासेस Qualcomm Snapdragon AR1 Gen 1 चिप से लैस है। इसके साथ ग्लासेस में 32GB स्टोरेज की क्षमता मिलती है। जैसे कि हमने बताया ये ग्लासेस iOS 18 व इससे नए और Android 12 व इससे नए वर्जन डिवाइस पर सपोर्ट करेंगे। इन ग्लासेस को आप टच के जरिए कंट्रोल कर सकेंगे। इसके अलावा, इनमें वॉइस कंट्रोल सपोर्ट भी मौजूद है, जो कि Google Gemini AI असिस्टेंट के साथ काम करता है। कंपनी ने इनमें 40 भाषाओं का सपोर्ट दिया है। इतना ही नहीं इनमें Look &amp; Tell, Live AI और Live Note Taking जैसे फीचर्स शामिल है।</p>
</p>
<p>इन स्मार्ट ग्लासेस में 12MP का अल्ट्रा-वाइड सिंगल कैमरा मिलता है, जिसमें 16mm focal length मिलती है। ऑडियो के लिए इसमें डुअल-डायरेक्शनल स्पीकर्स भी दिए गए हैं। इसके साथ साथ कंपनी ने 3 माइक्रफोन दिया है। बैटरी की बात करें, तो ये ग्लासेस वायरलेस चार्जिंग केस के साथ सिंगल चार्ज पर 48 घंटे तक चलते हैं। इसके अलावा, 5 मिनट की चार्जिंग पर यह 50 प्रतिशत चार्ज हो जाते हैं।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>B Smart Glasses</th>
</p>
<th><strong>स्पेसिफिकेशन</strong></th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>लेंस</strong></td>
</p>
<td>Japanese ultra-thin ब्लू लाइट लेंस</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>आई पावर सपोर्ट</strong></td>
</p>
<td>-6 से +6</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>प्रोसेसर</strong></td>
</p>
<td>Qualcomm Snapdragon AR1 Gen 1</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्टोरेज</strong></td>
</p>
<td>32GB</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>OS सपोर्ट</strong></td>
</p>
<td>iOS 18+ और Android 12+</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>कंट्रोल</strong></td>
</p>
<td>टच कंट्रोल + वॉइस कंट्रोल</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>AI सपोर्ट</strong></td>
</p>
<td>Google Gemini</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>लैंग्वेज सपोर्ट</strong></td>
</p>
<td>40 भाषाएं</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>AI फीचर्स</strong></td>
</p>
<td>Look &amp; Tell, Live AI, Live Note Taking</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>कैमरा</strong></td>
</p>
<td>12MP अल्ट्रा-वाइड (16mm focal length)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ऑडियो</strong></td>
</p>
<td>डुअल-डायरेक्शनल स्पीकर्स</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>माइक्रोफोन</strong></td>
</p>
<td>3 माइक्रोफोन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>बैटरी</strong></td>
</p>
<td>48 घंटे (वायरलेस चार्जिंग केस के साथ)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>फास्ट चार्जिंग</strong></td>
</p>
<td>5 मिनट में 50% चार्ज</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>चार्जिंग</strong></td>
</p>
<td>वायरलेस चार्जिंग केस</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>Ray-Ban Meta Glasses देंगे टक्कर!</h2>
</p>
<div id="attachment_1660824" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Ray-Ban-Meta-Glasses.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1660824" class="size-full wp-image-1660824" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Ray-Ban-Meta-Glasses.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1660824" class="wp-caption-text">Ray-Ban Meta Glasses</p>
</div>
</p>
<p>आपको भारतीय बाजार में Ray-Ban Meta Glasses पहले से ही मौजूद है। इन ग्लासेस को कंपनी ने 29,900 रुपये की कीमत में पेश किया था। फीचर्स की बात करें, तो इन ग्लासेस में कंपनी ने 12MP का कैमरा दिया है। इन ग्लासेस से ली गई तस्वीरों को आप चश्मों के साथ सीधे सोशल मीडिया अकाउंट जैसे फेसबुक-इंस्टाग्राम पर शेयर कर सकते हैं। कंपनी ने इन ग्लासेस में Snapdragon AR1 Gen1 चिप दी है। इसमें भी आपको 32GB स्टोरेज मिलत है। इन्हें भी आप अपनी आवाज से कंट्रोल कर सकेंगे, जिसके लिए आपको Hey Meta AI जैसे वॉइस कमांड का इस्तेमाल करना हेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/B-by-Lenskart-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[B Smart glasses Box]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/b-by-lenskart-smart-glasses-price-in-india-specifications-early-access-registrations-open-will-get-in-rs-22000-1660822/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/b-by-lenskart-smart-glasses-price-in-india-specifications-early-access-registrations-open-will-get-in-rs-22000-1660822/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 08:12:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Reliance Jio Wrong Recharge: गलत नंबर पर हो गया है रिचार्ज? टेंशन लेने की जरूरत नहीं अब ऐसे पाएं पूरा रिफंड]]></title>
		<description>Jio ने अपने यूजर्स के लिए खास फीचर पेश किया है। इस फीचर के तहत आप गलत नंबर पर रिचार्ज करने के बाद भी रिफंड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। यहां जानें पूरा प्रोसेस।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Reliance Jio Wrong Recharge:</strong> मोबाइल रिचार्ज कराते हुए अक्सर होता है कि हम गलत नंबर पर फोन रिचार्ज कर देते हैं। अभी तक इस गलती को सुधारने का कोई ऑप्शन उपलब्ध नहीं था, लेकिन अब आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। जियो ने अपने ग्राहकों के लिए एक खास फीचर निकाला है। इस फीचर के तहत यदि आपने किसी गलत नंबर पर रिचार्ज कर दिया है, तो आप तुरंत रिफंड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कंपनी ने इस फीचर को Recharge Reversal नाम के साथ पेश किया है। हालांकि, गलत रिचार्ज के रिफंड लेने के लिए आपको देरी नहीं करनी है। कंपनी के मुताबिक, गलत रिचार्ज के रिफंड के लिए आपको 3 घंटे के अंदर-अंदर अप्लाई करना होगा&#8230; वरना आप इसका फायदा नहीं उठा सकेंगे। आइए जानते हैं इस फीचर से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/recharge-plan/jio-vs-airtel-rs-219-plan-comparison-data-validity-price-and-benefits-1660313/">Jio</a> ने अपने ब्लॉग पोस्ट के जरिए इस खास फीचर की जानकारी दी है। पोस्ट के मुताबिक, अगर आपसे गलत नंबर पर कोई रिचार्ज हो गया है, तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। अब आप कुछ ही क्लिक में गलत रिचार्ज को कैंसिल कर सकेंगे और रिचार्ज का रिफंड प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए आपके पास 3 घंटे होंगे। ध्यान देने वाली बात यह है कि जियो पहली ऐसी कंपनी है, जिसने गलत रिचार्ज पर रिफंड देने का फैसला किया है। Airtel-Vodafone Idea में गलत रिचार्ज नॉन-रिफंडेबल होते हैं।</p>
<h2>How to Cancel Your Wrong Jio Recharge</h2>
</p>
<p>1. सबसे पहले अपने फोन में MyJio App को ओपन करें।</p>
</p>
<p>2. इसके बाद &#8220;Recharges &amp; History&#8221; वाले सेक्शन पर जाएं।</p>
</p>
<p>3. प्रीपेड यूजर्स को उस प्लान पर जाना है, जिसे वे कैंसिल करना चाहते हैं। इसके लिए View Details पर क्लिक करें।</p>
</p>
<p>4. पोस्टपेड यूजर्स को Invoice History पर जाना होगा। जहां उन्हें &#8220;Recharge Transaction History&#8221; का ऑप्शन दिखेगा। इसके बाद View Details पर क्लिक करें।</p>
</p>
<p>5. यहां आपको Cancel के ऑप्शन पर टैप करना है।</p>
</p>
<p>6. इसके बाद Cancel Plan पर क्लिक कर दें।</p>
</p>
<p>7. कई लोगों के ऐप में कैंसिल का ऑप्शन तुरंत नहीं दिखाता।</p>
</p>
<div id="attachment_1660763" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Jio-18.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1660763" class="size-full wp-image-1660763" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Jio-18.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1660763" class="wp-caption-text">Jio Wrong Number Recharge Refund</p>
</div>
<h2>ध्यान देने वाली जरूरी बातें</h2>
</p>
<p>1. Jio का यह फीचर आप सिर्फ MyJio App से किए रिचार्ज पर ही एक्सेस कर सकेंगे। अगर आपके GPay या अन्य किसी थर्ड पार्टी ऐप के जरिए रिचार्ज किया है, तो आप इस फीचर का फायदा नहीं उठा सकते हैं।</p>
</p>
<p>2. इसके अलावा, Cancel का ऑप्शन हर किसी को तुरंत नहीं दिखता है। ऐसे में आपको रिचार्ज के 30 मिनट तक का इंतजार करना होगा।</p>
</p>
<p>3. साथ ही Cancel का ऑप्शन ऐप पर सिर्फ 3 घंटे तक ही उपलब्ध रहता है। ऐसे में जल्द से जल्द इसे इस्तेमाल करना होगा।</p>
</p>
<p>3. अगर आपको Error Message after clicking Cancel का मैसेज दिख रहा है, तो समझ जाइए कि अब आप प्लान को कैंसिल नहीं कर पाएंगे।</p>
<h2>रिफंड के ऑप्शन</h2>
</p>
<p>अगर आप रिफंड के लिए योग्य है, तो ऐप आपसे पूछेगा कि आप रिफंड किस माध्यम से प्राप्त करना चाहेंगे। इसमें ऑप्शम 1 में MyJio Store Credit wallet का ऑप्शन मिलेगा। वहीं, ऑप्शन 2 में आप UPI व बैंक अकाउंट का चयन भी कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह भी है कि रिफंड का पैसा अगले 21 दिनों तक आपके पास आएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Jio-19.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/reliance-jio-wrong-recharge-refund-feature-how-to-use-it-and-get-refund-1660762/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/reliance-jio-wrong-recharge-refund-feature-how-to-use-it-and-get-refund-1660762/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 07:12:38 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Smart Mirror क्या है और कैसे करता है काम? जानें इस अनोखे गैजेट की पूरी डिटेल]]></title>
		<description>Smart Mirror एक आधुनिक टेक्नोलॉजी है जो साधारण आईने को स्मार्ट डिवाइस में बदल देती है। इसमें छिपी स्क्रीन आपको मौसम, समय और जरूरी जानकारी दिखाती है। यह दिखने में आम आईने जैसा होता है, लेकिन काम में बहुत एडवांस और यूजफुल है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के समय में हमारी रोजमर्रा की चीजें भी धीरे-धीरे स्मार्ट बनती जा रही हैं। अब एक नई टेक्नोलॉजी आई है जिसे Smart Mirror कहते हैं। यह दिखने में बिल्कुल एक साधारण आईने जैसा ही होता है, लेकिन इसके अंदर एक खास स्क्रीन लगी होती है। इस स्क्रीन पर आपको मौसम, समय, खबरें, कैलेंडर और आपकी सेहत से जुड़ी जानकारी दिखाई देती रहती है। जब आप इसके सामने खड़े होते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे ये सारी जानकारी आपके चेहरे के साथ ही आईने में दिख रही है। यही खास बात इसे एक आम आईने से अलग बनाती है और इसी वजह से लोग इसे काफी पसंद भी करने लगे हैं।</p>
<h2><strong>स्मार्ट मिरर काम कैसे करता है?</strong></h2>
</p>
<p>Smart Mirror कैसे काम करता है, ये समझना बहुत आसान है। इसमें एक खास तरह का कांच होता है जिसे Two-way mirror (दो तरफा शीशा) कहते हैं। सामने से देखने पर यह बिल्कुल सामान्य आईने जैसा दिखता है, लेकिन यह पीछे से आने वाली थोड़ी रोशनी को बाहर आने देता है। इस कांच के पीछे एक LED या LCD स्क्रीन लगाई जाती है। जब इस स्क्रीन पर काले बैकग्राउंड पर सफेद या चमकीले अक्षरों में जानकारी दिखाई जाती है, तो वो रोशनी कांच के जरिए बाहर नजर आने लगती है। इसी वजह से हमें ऐसा लगता है कि सारी जानकारी सीधे आईने पर ही दिखाई दे रही है, जबकि असल में वह पीछे लगी स्क्रीन से आ रही होती है।</p>
<h2><strong>घर पर स्मार्ट मिरर बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?</strong></h2>
</p>
<p>अगर आप इसे घर पर बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ बेसिक चीजों की जरूरत होती है, जैसे&#8230;</p>
<ul>
<li>Two-way mirror या मिरर फिल्म लगा हुआ कांच</li>
<li>एक पुराना LED या LCD मॉनिटर</li>
<li>एक छोटा कंप्यूटर जैसे Raspberry Pi, HDMI केबल और पावर सप्लाई</li>
<li>एक मजबूत लकड़ी का फ्रेम</li>
</ul>
<p>कम बजट वाले लोग साधारण कांच पर Two-Way Mirror फिल्म लगाकर भी यह बना सकते हैं। सबसे पहले मॉनिटर का बाहरी केस हटाकर उसे पतला किया जाता है, फिर उसे फ्रेम के पीछे फिट किया जाता है। इसके बाद Raspberry Pi को कनेक्ट किया जाता है और सामने से मिरर लगाया जाता है, जिससे पूरा सेटअप तैयार हो जाता है।</p>
<h2><strong>स्मार्ट मिरर में कौन-सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता है?</strong></h2>
</p>
<p>इस पूरे सिस्टम का असली दिमाग उसका सॉफ्टवेयर होता है। स्मार्ट मिरर के लिए सबसे फेमस ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म &#8216;MagicMirror²&#8217; है, जिसे Raspberry Pi पर चलाया जाता है। इस सॉफ्टवेयर में अलग-अलग मॉड्यूल जोड़े जा सकते हैं, जैसे मौसम की जानकारी, न्यूज अपडेट, डिजिटल घड़ी, कैलेंडर और ट्रैफिक अलर्ट। यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से इन फीचर्स को कस्टमाइज भी कर सकता है। इसके अलावा, अगर इसमें AI जोड़ा जाए, तो यह और भी स्मार्ट बन जाता है, जैसे कैमरा लगाने पर यह फेस रिकग्निशन कर सकता है और माइक्रोफोन जोड़ने पर वॉयस कमांड से काम कर सकता है।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Smart Mirror क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>Smart Mirror एक ऐसा आईना होता है जिसमें अंदर एक और स्क्रीन और सॉफ्टवेयर होता है। यह आपको समय, मौसम, न्यूज और दूसरी जरूरी जानकारी आईने पर ही दिखाता है।</p>
<h2><strong>Smart Mirror में कौन-कौन सी जानकारी दिखाई देती है?</strong></h2>
</p>
<p>इसमें आप मौसम अपडेट, डिजिटल घड़ी, कैलेंडर, न्यूज, ट्रैफिक अपडेट और हेल्थ से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। इसे अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज भी किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>Smart Mirror कैसे काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>यह Two-way mirror और पीछे लगी LED/LCD स्क्रीन की मदद से काम करता है। स्क्रीन की रोशनी कांच से होकर बाहर दिखती है, जिससे जानकारी आईने पर दिखाई देती है।</p>
<h2><strong>क्या Smart Mirror घर पर बनाया जा सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>आप इसे घर पर बना सकते हैं। इसके लिए Two-Way Mirror, LED स्क्रीन, Raspberry Pi 4 और कुछ बेसिक पार्ट्स की जरूरत होती है।</p>
<h2><strong>Smart Mirror में कौन-सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल होता है?</strong></h2>
</p>
<p>सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर MagicMirror² है, जो ओपन-सोर्स है और इसमें कई फीचर्स आसानी से जोड़े जा सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Smart-Mirror.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Smart Mirror]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/smart-mirror-what-it-is-how-it-works-how-to-build-one-at-home-1660745/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 05 May 2026 05:52:24 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ब्रह्मांड का नया राज खुला, वैज्ञानिकों ने खोजे दो सूरज वाले 27 रहस्यमयी ग्रह]]></title>
		<description>हाल ही में वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक बेहद मजेदार खोज की है। उन्होंने ऐसे 27 संभावित ग्रह ढूंढे हैं जो दो सूरज के चारों ओर घूमते हैं। यह खोज हमें ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद करती है और बताती है कि हमारे सौरमंडल के बाहर भी अद्भुत दुनियाएं मौजूद हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>हाल ही में एस्ट्रोनॉमी की दुनिया में एक बड़ी और दिलचस्प खोज सामने आई है, जिसने साइंस फिक्शन को हकीकत के और करीब ला दिया है। वैज्ञानिकों ने ऐसे 27 संभावित ग्रहों की पहचान की है, जो एक नहीं बल्कि दो तारों (सूरज जैसे सितारों) के चारों ओर घूमते हैं। ये ग्रह बिल्कुल Tatooine जैसे हो सकते हैं, जहां आसमान में दो सूरज दिखाई देते हैं। यह खोज NASA के स्पेस टेलीस्कोप Transiting Exoplanet Survey Satellite (TESS) के डेटा से की गई है। इस खोज से यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारे सौरमंडल के बाहर ग्रह किस तरह बनते और विकसित होते हैं।</p>
<h2><strong>ये नए ग्रह कितनी दूर हैं और इनकी खोज क्यों खास है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के अनुसार, इन ग्रहों को &#8216;Circumbinary Planet&#8217; कहा जाता है, यानी ऐसे ग्रह जो दो सितारों के चारों ओर घूमते हैं। अब तक केवल करीब 18 ऐसे ग्रहों की पुष्टि हो पाई है, जबकि 6000 से ज्यादा ग्रह ऐसे मिले हैं जो सिर्फ एक तारे के चारों ओर घूमते हैं, जैसे पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है। इस नई खोज में जो 27 संभावित ग्रह मिले हैं, वे पृथ्वी से लगभग 650 से लेकर 18,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित हैं। खास बात यह है कि इस खोज की घोषणा 4 मई के आसपास की गई, जिसे दुनियाभर में Star Wars Day के रूप में मनाया जाता है, इसलिए यह खबर और भी रोमांचक बन गई।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/NASA-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1660713 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/NASA-1.jpg" alt="NASA " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>पहले वैज्ञानिक ग्रहों को खोजने के लिए क्या करते थे?</strong></h2>
</p>
<p>इस रिसर्च के मुख्य वैज्ञानिक Ben Montet ने बताया कि एस्ट्रोनॉमी में कई ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें समझना आसान नहीं होता, लेकिन Star Wars की वजह से लोग अब यह आसानी से कल्पना कर सकते हैं कि दो सूरज वाला ग्रह कैसा दिख सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रह्मांड में आधे से ज्यादा तारे जोड़े (binary) या मल्टीपल सिस्टम में होते हैं, इसलिए ऐसे ग्रहों का होना संभव है। पहले वैज्ञानिक ग्रहों को खोजने के लिए &#8216;Transit Method&#8217; का इस्तेमाल करते थे, जिसमें ग्रह के तारे के सामने से गुजरने पर उसकी रोशनी में कमी देखी जाती है, लेकिन यह तरीका हर बार काम नहीं करता।</p>
<h2><strong>इन ग्रहों को खोजने के लिए कौन-सी नई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल हुई?</strong></h2>
</p>
<p>इस बार वैज्ञानिकों ने एक नई टेक्नोलॉजी &#8216;Apsidal precession&#8217; का इस्तेमाल किया, जिसमें दो तारों के बीच होने वाले हल्के डगमगाने (wobble) को ध्यान से देखा जाता है। इस शोध की लीड लेखक Margo Thornton ने बताया कि उन्होंने 1,590 स्टार सिस्टम्स का अध्ययन किया, जिनमें से 36 सिस्टम ऐसे पाए गए जहां तीसरे ऑब्जेक्ट की मौजूदगी के संकेत मिले। इनमें से 27 ऑब्जेक्ट्स ऐसे हैं जो ग्रह के आकार के हो सकते हैं, हालांकि अभी यह पूरी तरह पुष्टि नहीं हुई है कि ये वास्तव में ग्रह हैं या फिर ब्राउन ड्वार्फ (छोटे तारे) या कोई और खगोलीय पिंड।</p>
<h2><strong>क्या इन ग्रहों पर जीवन संभव है?</strong></h2>
</p>
<p>इस खोज पर प्रतिक्रिया देते हुए Sara Webb ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी भविष्य में और भी ग्रहों की खोज में मदद कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे ग्रहों का वातावरण बहुत अलग और चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह संभव है कि दो तारों के बीच एक स्थिर क्षेत्र हो, जहां तापमान जीवन के अनुकूल हो सकता है। यह रिसर्च Monthly Notices of the Royal Astronomical Society में प्रकाशित हुई है। इस खोज से यह साबित होता है कि जो चीजें पहले सिर्फ फिल्मों में दिखाई जाती थीं, वे अब विज्ञान की मदद से हकीकत बनती जा रही हैं।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>दो सूरज वाले ग्रह क्या होते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>दो सूरज वाले ग्रहों को Circumbinary Planets कहा जाता है। ये ऐसे ग्रह होते हैं जो एक नहीं बल्कि दो तारों (सूरज जैसे सितारों) के चारों ओर घूमते हैं। यानी वहां आसमान में एक साथ दो सूरज दिख सकते हैं।</p>
<h2><strong>इन 27 ग्रहों की खोज कैसे हुई?</strong></h2>
</p>
<p>इन ग्रहों की पहचान Transiting Exoplanet Survey Satellite (TESS) के डेटा से की गई है। वैज्ञानिकों ने एक नई टेक्नोलॉजी Apsidal Precession का इस्तेमाल किया, जिससे तारों की हल्की-सी हरकत (wobble) को देखकर ग्रहों का अंदाजा लगाया गया।</p>
<h2><strong>ये ग्रह पृथ्वी से कितनी दूर हैं?</strong></h2>
</p>
<p>ये संभावित ग्रह पृथ्वी से लगभग 650 से 18,000 प्रकाश वर्ष दूर हैं। यानी ये हमारे सौरमंडल से बहुत दूर, दूसरी आकाशगंगाओं या तारों के सिस्टम में मौजूद हैं।</p>
<h2><strong>क्या इन ग्रहों पर जीवन संभव है?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ ग्रहों पर ऐसा स्थिर क्षेत्र हो सकता है, जहां तापमान जीवन के अनुकूल हो, फिर भी वहां का वातावरण काफी अलग और चुनौतीपूर्ण होगा।</p>
<h2><strong>इस खोज की खास बात क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>अब तक सिर्फ लगभग 18 ऐसे ग्रह कन्फर्म हुए थे, लेकिन इस खोज में 27 नए संभावित ग्रह मिले हैं। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि ब्रह्मांड में ग्रह कैसे बनते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/NASA-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[NASA Astronomers Discover 27 Potential Tatooine-Like Circumbinary Planets

(AI Image)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/astronomers-discover-27-potential-tatooine-like-circumbinary-planets-using-tess-data-1660705/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 15:36:05 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Artemis II की सफलता के Artemis III की तैयारी शुरू, एक बार फिर चांद पर कदम रखेगा इंसान!]]></title>
		<description>NASA Artemis II मिशन की सफलता के बाद अब Artemis III की तैयारी शुरू हो गई है। इस मिशन में एक बार फिर इंसान चांद पर कदम रखेगा। यहां जानें सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Artemis III:</strong> Artemis II मिशन की सफलता के बाद अब अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA नए Artemis III मिशन की तैयारी में लग गई है। हालांकि, नया मिशन पिछले मिशन से अलग होने वाला है। आर्टेमिस 2 मिशन के तहत 50 साल बाद इंसानों को फिर से चांद की कक्षा में भेजा गया था। हालांकि, इस मिशन में चांद की सतह पर लैंडिंग नहीं की थी बल्कि चार अंतरिक्ष यात्री चांद की परिक्रमा करते रहे। इस दौरान उन्होंने न केवल चांद को खुद अपनी आंखों से देखा बल्कि चांद की अद्भुत तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी, जिसमें चंद्रमा के गड्ढे, मैदान व पहाड़ी आदि शामिल थी। यह मिशन लगभग 10 दिन चला, जिसमें 1 अप्रैल 2026 को चार अंतरिक्ष यात्रियों ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर चांद का रूख किया था। वहीं, 10 अप्रैल 2026 को उन्होंने सफलापूर्वक प्रशांत महासागर में सफल लैंडिंग करते हुए मिशन को विराम लगाया।</p>
<h2>साल 2027 में Artemis III की तैयारी</h2>
</p>
<p>Sciencedaily की लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/nasa-artemis-ii-lunar-flyby-livestream-on-ott-how-to-watch-mission-live-on-netflix-1655719/">Artemis</a> II मिशन की सफलता के बाद अब NASA ने Artemis III की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, नए मिशन के तहत इंसानों को फिर से चांद की सतह पर उतारा जाने वाला है। जी हां, नासा के मुताबिक, इस मिशन को साल 2027 में लॉन्च किया जाने वाला है।</p>
</p>
<p>नए मिशन की लॉन्चिंग से पहले नासा ने आर्टेमिस II मिशन की सफल लैंडिंग के बाद मौजूदा डेटा को बारीकी से समीक्षा करनी शुरू कर दी है। उनका उद्देश्य Orion स्पेसक्राफ्ट, SLS (Space Launch System) रॉकेट और फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में मौजूद जमीनी बुनियादी ढांचे व प्रदर्शन का मूल्यांकन करना है। Artemis II मिशन अपने मकसद में सफल रहा। इसके अलावा, इस मिशन ने अपनी सफलता के साथ भविष्य में आयोजित होने वाले मिशनों का रास्ता भी खोल दिया है, जिसमें Artemis III मिशन, लंबे सय तक चांद पर रहने और रिसर्च करना व मंगल ग्रह पर इंसानों को भेजना आदि शामिल है।</p>
<h2>Orion स्पेसक्राफ्ट ने किया शानदार प्रदर्शन</h2>
</p>
<p>आपको बता दें, इस मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट ने तकरीबन 694,481 लाख मील की यात्रा पूरी की। इसके बाद तेजी से पृथ्वी की ओर सुरक्षित वापसी की। थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम से लेकर हीट शील्ड ने उम्मीद के मुताबिक काम किया।</p>
<h2>SLS रॉकेट और लॉन्च सिस्टम</h2>
</p>
<p>इस मिशन में नासा का पावरफुल Space Launch System (SLS) रॉकेट भी सफल रहा, जो कि Artemis II को अंतरिक्ष में ले गया। इस रॉकेट ने सही ट्रैजेक्टरी में Orion को भेजा। इस स्पेसक्राफ्ट ने 18,000 मील प्रति घंटे की गति से यात्रा की थी।</p>
</p>
<p>Artemis II की सफलता को देखकर नासा को साफ हो गया है कि इंसान एक बार फिर से चांद पर जाने के लिए तैयार हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए Artemis III की तैयारी शुरू हो चुकी है, जिसे साल 2027 में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन के दौरान एक बार फिर से इंसान को चांद पर उतारा जाने वाला है।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/nasa-next-moon-mission-artemis-iii-in-2027-after-artemis-ii-success-1660671/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/nasa-next-moon-mission-artemis-iii-in-2027-after-artemis-ii-success-1660671/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
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