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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 09:49:02 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[StepFun लाया दुनिया का पहला AI स्मार्टफोन StepX Neo, बिना ऐप्स ओपन किए एआई एजेंट करेगा आपके सारे काम]]></title>
		<description>StepX Neo नाम का AI फोन मार्केट में दस्तक दे चुका है। इस फोन में मौजूद एआई एजेंट आपके लिए मल्टी-टास्किंग करते हुए कई टास्क पूरे करेगा। यहां जानें फोन से जुड़ी सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>StepX Neo World&#8217;s First Agentic Smartphone:</strong> चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी StepFun ने दुनिया का पहला AI एजेंटिक स्मार्टफोन StepX Neo मार्केट में पेश किया है। यह समान्य स्मार्टफोन से बिल्कुल अलग है। यह iOS या फिर Android जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम पर नहीं बल्कि एआई पर चलता है। अभी तक फोन में एआई यूज करने के लिए आपको अलग-अलग तरह की कमांड देनी होती थी&#8230; लेकिन इस एआई फोन के साथ ऐसा नहीं है। कंपनी का दावा है कि यह पहला कंज्यूमर हार्डवेयर प्रोडक्ट है, जो कि AI एजेंट से इंटीग्रेटेड है और यह खुद-ब-खुद कई मुश्किल टास्क को आपके लिए पूरा कर देता है, जिसमें यूजर्स को कम से कम कमांड देने की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं इस एआई फोन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<h2>StepX Neo के AI फीचर्स</h2>
</p>
<p>चीनी <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/anthropic-introduces-claude-ai-pro-and-claude-ai-max-price-in-indian-rupee-1668861/">AI</a> कंपनी StepFun ने अपने यूजर्स के लिए पहला एआई स्मार्टफोन StepX Neo को पेश कर दिया है। फिलहाल, कंपनी ने इस फोन की कीमत और स्पेसिफिकेशन की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि, इसकी एआई क्षमताओं से जुड़ी डिटेल्स रिवील कर दी गई हैं। कई ग्लोबल टिप्स्टर्स इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">🚨 Exclusive: OpenAI hasn&#8217;t released an AI phone yet, but StepX Neo has already beaten it to the punch.</p>
<p>StepX has officially unveiled StepX Neo, the world&#8217;s first Agentic Phone built around a native large language model.</p>
</p>
<p>Powered by the native Step AOS operating system and the… <a href="https://t.co/xdQKUOfd78" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/xdQKUOfd78</a></p>
</p>
<p>— Ice Universe (@UniverseIce) <a href="https://x.com/UniverseIce/status/2076634518640037977?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 13, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>खूबियों की बात करें, तो StepX Neo स्मार्टफोन में एआई असिस्टेंट जिसका नाम Step Amoo दिया गया है। यह सिर्फ एक चैटबॉट नहीं है बल्कि इसे कंपनी ने OS के साथ इंटीग्रेट किया है, ताकी यह आपके लिए मल्टीटास्किंग को खुद परफॉर्म कर सके। आम फोन में जहां ऐप्स व टूल्स को यूजर खुद से ऑपरेट करते हैं&#8230; लेकिन इस एआई फोन के साथ ऐसा नहीं है। कहा जा रहा है कि इस फोन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह डिवाइस में मौजूद ऐप्स, वेब टूल्स, सिस्टम फंक्शन, बिल्ट-इन टूल्स व वेब सर्विस का इस्तेमाल करके खुद टास्क परफॉर्म करता है&#8230; इसके लिए इसे यूजर की ज्यादा कमांड की जरूरत भी नहीं होती।</p>
</p>
<p>यह यूजर की जरूरत को मद्देनजर रखते हुए एक्टिविटीज को पूरा करता है। इस फोन में इन-हाउस Step Edge foundation दिया गया है। साथ ही यह कंपनी के कस्टम Step AOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।</p>
<h2>ऐसे आपके कामों को करेगा पूरा</h2>
</p>
<p>उदाहरण देते हुए कंपनी ने समझाया कि इस एजेंट की मदद से यूजर इस फोन को अपनी एक पूरी ट्रिप प्लान करने को कह सकते हैं। अब फोन में मौजूद AI एजेंट खुद आपके लिए विभिन्न ऐप्स को ओपन करके आपके लिए ट्रिप प्लान करेगा, जिसमें फ्लाइट बुकिंग, स्टे, ट्रैवल डिटेल्स आदि सब शामिल होगा। इसके लिए यूजर को मैनुअली सभी ऐप्स को ओपन नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, कंपनी का दावा है कि यह फोन समय के साथ यूजर की इच्छाओं व जरूरतों को भी समझने की क्षमता रखता है।</p>
</p>
<p>सिर्फ बुकिंग व ट्रिपल प्लान ही नहीं बल्कि StepX Neo फोन में ट्रैवलर्स के लिए कई बिल्ट-इन एआई फीचर्स मौजूद हैं, जिसमें Translate live Conversations मौजूद है। यह आपकी लाइव बातों को, फोन कॉल्स, मैसेज और कैमरे से कैप्चर किए हुए टेक्स्ट को आपके लिए तुरंत ट्रांसलेट कर सकता है। कंपनी का दावा है कि यह फोन 32 भाषाओं को सपोर्ट करता है।</p>
<h2>डिजाइन</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-62.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668873" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-62.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>फोन के डिजाइन की बात करें, तो इसका बैक पैनल Nothing फोन्स से प्रेरित लगता है। फोन के बैक पर नथिंग जैसा डॉट मैट्रिक्स एलईडी डिस्प्ले पैनल भी देखने को मिल रहा है। इसके साथ कैमरा के लिए फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप मौजूद है, जिसके किनारों पर लाल रिंग दी गई है।</p>
<h2>OpenAI डिवाइस का इंतजार है</h2>
</p>
<p>आपको बता दें, OpenAI को लेकर भी चर्चाएं है कि कंपनी जल्द ही मार्केट में अपना पहला हार्डवेयर एआई डिवाइस लेकर आने वाली है। फिलहाल, इस डिवाइस से जुड़ी किसी प्रकार की जानकारी सामने नहीं आई है। ओपनएआई से पहले StepFu कंपनी अपना एआई फोन लाकर सुर्खियों में आ चुकी है।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 07:54:04 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Anthropic ने Claude AI Pro और Claude AI Max को भारतीय कीमतें की लॉन्च, जानें ChatGPT से सस्ता है या फिर महंगा?]]></title>
		<description>Claude AI की फाइनली भारतीय कीमतें रिवील हो गई है। कंपनी ने साइट पर Claude AI Pro और Claude AI Max सब्सक्रिप्शन प्लान की जानकारी दे दी है। यहां जानें सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Anthropic Claude AI</strong> के पेड सब्सक्रिप्शन को लेने के लिए अभी तक भारतीय यूजर्स को भी डॉलर्स में पेमेंट करनी पड़ती थी। हालांकि, अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि अब कंपनी ने फाइनली अपने इन एआई मॉडल्स को भारतीय कीमतों में पेश कर दिया है। इसका मतलब यह है कि भारतीय यूजर्स को इन एआई मॉडल्स के पेड सब्सक्रिप्शन के लिए डॉलर में पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी अब वे सीधे रुपये में इन्हें एक्टिवेट कर सकते हैं। आपको बता दें, डॉलर में पेमेंट करना भारतीय यूजर्स को काफी महंगा पड़ता था। सब्सक्रिप्शन प्लान की कीमत के साथ उन्हें फॉरेक्स ट्रांजैक्शन चार्ज व GST चार्ज आदि भी देना पड़ता था। वहीं, अब उन्हें एक्स्ट्रा पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी अब वे सीधे रुपये में पेमेंट करके Claude का सब्सक्रिप्शन ले सकेंगे। आइए जानते हैं भारतीय कीमत से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Claude AI Pricing For Indian users</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/anthropic-claude-sonnet-5-ai-model-with-enhanced-agentic-capabilities-mythos-5-fable-5-return-1667765/">Claude</a> ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर भारतीय कीमतों का ऐलान कर दिया है। साइट के मुताबिक, Claude का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल फ्री है। वहीं, अगर आप Claude Pro वाला पेड सब्सक्रिप्शन लेना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 2,033 रुपये प्रति महीना है। वहीं, यदि आप एक-साथ सालाना प्लान एक्टिवेट कराना चाहते हैं, तो इसकी कीमत 23,999 रुपये है। ऐसे में इस प्लान में आप हर महीने 1695 रुपये अदा कर रहे हैं। Claude Max प्लान की बात करें, तो इसकी मंथली कीमत 11,999 रुपये है। वहीं, एनुअल सब्सक्रिप्शन के लिए आपको 23,999 रुपये देने होंगे।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-60.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668863" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-60.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
<h2>How to get Claude AI subscription in Rs</h2>
</p>
<p>1. सबसे पहले आपको Claude AI की वेबसाइट पर जाना होगा।</p>
</p>
<p>2. यहां आपको Claude AI की भारतीय कीमत साइट पर दिखाई देंगी।</p>
</p>
<p>3. इसके बाद जो भी प्लान आप एक्टिवेट कराना चाहते हैं, उसे चुनें।</p>
</p>
<p>4. अब उसी के नीचे आपको बिलिंग से जुड़ी जानकारी देनी होगी।</p>
</p>
<p>5. इसमें सबसे पहले अपना नाम डालें।</p>
</p>
<p>6. इसके बाद अपने देश का नाम, घर का पता व Business Name एंटर करें। बिजनेस नाम ऑप्शन है।</p>
</p>
<p>7. सारी जानकारी भरने के बाद आपको पेमेंट पर आना है।</p>
</p>
<p>8. इसके लिए आपको अपना Card Number, Expiration date और Security code डालना होगा।</p>
</p>
<p>9. इसके बाद टर्म्स एंड कंडिशन को एक्सेप्ट कर लें और सब्सक्राइब का बटन दबा दें। फिलहाल, यहां कंपनी UPI पेमेंट की सुविधा अभी नहीं दे रही है।</p>
<h2>Claude Free Benefits</h2>
</p>
<p>Claude के फ्री सब्सक्रिप्शन प्लान में आपको वेब, आईओएस या फिर एंड्रॉइड चैट की सुविधा मिलती है। इसके अलावा, आप कोड जनरेट कर सकते है। डेटा को विजुअलाइज कर सकते हैं। इसके अलावा, यह आपको लिखने, एडिट करने व कॉन्टेंट बनाने में भी मदद करता है। इसके जरिए आप टेक्स्ट व इमेज को एनालाइज कर सकते हैं।</p>
<h2>ChatGPT Price in India</h2>
</p>
<p>आपको बता दें, ChatGPT का बेसिक वर्जन फ्री है। वहीं, ChatGPT Go की कीमत 399 रुपये प्रति महीना है। Plus प्लान आपको 1999 रुपये प्रति महीना में मिलता है। वहीं, Team की कीमत 2,099 रुपये है। इसका Pro वर्जन 19,900 रुपये प्रति महीने की कीमत में आता है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Claude AI]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 07:25:42 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Android यूजर्स सावधान, ये नया Malware कर रहा बैंक अकाउंट खाली, ऐसे करता है फोन पर कब्जा, जानें कैसे बचें]]></title>
		<description>अगर आप Android फोन इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाएं। ये नया मैलवेयर आपके बैंकिंग डिटेल्स और पासवर्ड की जानकारी चुरा सकता है। जानें यह कैसे काम करता है और इससे कैसे बचें...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>एंड्रॉइड फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए एक नई साइबर सुरक्षा चेतावनी आई है। AndroidAuthority के अनुसार, साइबर सिक्योरिटी रिसर्च फर्म Group-IB ने एक नए Android Remote Access Trojan (RAT) का पता लगाया है। जिसका नाम RedHook है। आपको बात दें यह एक खतरनाक Malware है। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी इसका इस्तेमाल करके SMS, ईमेल, फोन कॉल या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं और खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को जाल में फंसाते हैं। इसके बाद एक फर्जी वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल कराया जाता है। फिर ये वायरस बिना पता चले आपके मोबाइल में घुसकर बैंकिंग डेटा, पासवर्ड, मैसेज और दूसरी जानकारी चुरा लेता है।</p>
<h2><strong>कैसे काम करता है RedHook</strong></h2>
</p>
<p>अब समझते हैं ये काम कैसे करता है, इस APK को इंस्टॉल करने के बाद ये एक Accessibility Permission मांगता है। जैसे ही आप यह अनुमति देते है, वैसे ही RedHook फोन की Developer Settings में जाकर Wireless ADB (Android Debug Bridge) को ऑन कर देता है। इससे फोन का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों के पास आ जाता है। अब वो फोन पर होने वाली हर एक्टिविटी, बैंकिंग ऐप्स की लॉगिन डिटेल्स, आपके पासवर्ड और यहां तक कि लाइव स्क्रीन भी देख सकता हैं।</p>
<h2><strong>इस मैलवेयर को फोन से हटाना आसान नहीं</strong></h2>
</p>
<p>यह मोबाइल डिस्प्ले पर एक छोटे 1×1 पिक्सल की विंडो पर भी चलता है। जिससे एंड्रॉइड सिस्टम को इसका पता नहीं चलता। ये खुद को एक्टिव रखने के लिए WakeLock जैसी टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल करता है।</p>
</p>
<p>RedHook के दो अलग-अलग हिस्से होते हैं, जो इसे दोबारा चालू कर सकते हैं। मान लीजिए डिवाइस का एंड्रॉइड सिस्टम इसके किसी एक हिस्से को बंद भी कर दें, तो दूसरा हिस्सा उसे फिर से एक्टिव कर देता है।</p>
<h2><strong>इस खतरनाक Malware से खुद को कैसे रखें सुरक्षित</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>ऐप को डाउनलोड करेने के लिए हमेशा Google Play Store का ही इस्तेमाल करें।</li>
<li>अगर किसी वजह से APK फाइल इंस्टॉल करनी पड़े, तो पहले उसकी पूरी तरह जांच कर लें।</li>
<li>किसी भी अनजान ऐप को Accessibility, Developer Options या दूसरी परमिशन न दें।</li>
<li>इसके अलावा SMS, ईमेल, WhatsApp या सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।</li>
<li>व्हाट्सएप, ईमेल या सोशल मीडिया पर मिलने वाले लिंक पर क्लिक न करें।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Android-Malware-Alert.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Android Malware Alert]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 14 Jul 2026 05:50:46 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Apple ने रोलआउट करना शुरू किया iOS 27 Public Beta, Siri AI में आया सबसे बड़ा अपडेट, जानें कैसे करें इंस्टॉल और क्या बदला]]></title>
		<description>एप्पल ने iOS 27 Public Beta जारी कर दिया है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव नए Siri AI है। जानिए इस अपग्रेड में क्या चेंज आया, कौन-से iPhone इसे चला पाएंगे और इसे कैसे फोन में डालें...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Apple ने iOS 27 का Public Beta वर्जन रिलीज कर दिया है। कंपनी ने पिछले महीने WWDC 2026 इवेंट में इसे पेश किया था। अब बीटा यूजर्स पहले से ही इसके नए फीचर्स को इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको बता दें इस अपडेट की सबसे बड़ी खासियत Siri AI है, जो कफी स्मार्ट हो चुकी है। इसके अलावा Photos, Safari, Passwords, Calendar, Shortcuts, Messages और AirPods जैसे कई ऐप्स और फीचर्स में भी बड़े अपग्रेड दिए गए हैं। लेकिन इसमें अभी कुछ बग, बैटरी से जुड़ी समस्याएं या कुछ ऐप्स के साथ दिक्कत देखने को मिल सकती है, क्योंकि ये अभी बीटा वर्जन में है। वहीं एप्पल का कहना है कि इसका फाइनल वर्जन इस साल सितंबर में iPhone 18 सीरीज के साथ जारी किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>Siri AI में बदलाव आया है</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>अब Siri सिर्फ सवालों के जवाब ही नहीं देगी, बल्कि लिखने में भी आपकी मदद करेगी। यह स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों को अपने आप ठीक करेगी।</li>
<li>Siri अब लगातार बातचीत कर सकती है और आपके फॉलो-अप सवाल को भी समझ सकती है।</li>
<li>Mail, Messages, Notes, Calendar और Reminders की जानकारी का इस्तेमाल करके बेहतर उत्तर देती है।</li>
<li>फोन की स्क्रीन पर क्या दिख रहा है, Siri उसे समझकर उसी के हिसाब से काम कर सकती है।</li>
<li>कई ऐप्स के अंदर के कुछ काम अपने आप कर सकती है और आपको एप्लिकेशन खोलने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।</li>
<li>कंपनी के अनुसार, Siri AI को Google Gemini का भी स्पोर्ट मिलेगा और इसके लिए अलग ऐप भी दिया गया है।</li>
<li>यूजर्स Siri की आवाज, स्पीड और बोलने का अंदाज अपनी पसंद के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं।</li>
<li>आपको बता दें Siri की वॉइस बदलने वाला फीचर सिर्फ Apple Intelligence सपोर्ट वाले iPhone 15 Pro और उससे नए मॉडल्स पर उपलब्ध होगा।</li>
</ul>
<h2><strong>Photos App में क्या नए AI फीचर्स मिलेंगे</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>Clean Up टूल को पहले से काफी बेहतर बना दिया है। अब आप इसकी मदद से किसी भी तस्वीर से अनचाहे ऑब्जेक्ट्स को आसानी से हटा सकते हैं।</li>
<li>फोटो का फ्रेम बड़ा करने के लिए नया Extend फीचर भी दिया गया है।</li>
<li>फोटो खींचने के बाद उसका एंगल बदलने के लिए Spatial Reframing फीचर मिलेगा।</li>
<li>Safari ब्राउजर में भी आया बदलाव</li>
<li>अब यह आपके टैब्स को अपने आप अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर व्यवस्थित कर देगा।</li>
<li>वहीं Bookmarks और Reading List को बेहतर तरीके से मैनेज भी करेगा।</li>
<li>अगर किसी वेबसाइट पर कोई बड़ा बदलाव होता है, तो ब्राउजर पर इसकी जानकारी भी मिलेगी।</li>
<li>अब आप अपनी भाषा में बोलकर Safari के लिए एक्सटेंशन भी बना सकते हैं।</li>
</ul>
<h2><strong>बाकी फीचर्स</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>Passwords ऐप अब कमजोर या लीक हो चुके पासवर्ड की खुद पहचान करके और उन्हें बदलने का सुझाव भी देगा।</li>
<li>Calendar में अब सिर्फ सामान्य भाषा में लिखकर नया इवेंट बनाया जा सकेगा।</li>
<li>Shortcuts ऐप भी आसान भाषा में दिए गए निर्देशों के आधार पर ऑटोमेशन तैयार करेगा।</li>
<li>अब Messages ऐप को बंद करने के बाद भी फोटो और वीडियो बैकग्राउंड में ट्रांसफर होते रहेंगे।</li>
<li>यूजर्स अब आखिरकार Alarm की आवाज को सिस्टम वॉल्यूम से अलग कंट्रोल कर सकेंगे।</li>
<li>AirPods के लिए नया Custom Equaliser भी दिया गया है, जिससे Low, Mid और High साउंड को अलग-अलग एडजस्ट किया जा सकता है।</li>
</ul>
<h2><strong>यूजर एक्सपीरियंस में क्या बदलाव होगा</strong></h2>
</p>
<p>Apple ने इस अपडेट में परफॉर्मेंस और यूजर एक्सपीरियंस पर भी खास ध्यान दिया है। कंपनी का दावा है कि iOS 27 में ऐप्स पहले के मुकाबले 30 प्रतिशत तक तेजी से खुलेंगे, नई फोटो 70 प्रतिशत तक जल्दी दिखाई देंगी और AirDrop की स्पीड 80 प्रतिशत तक तेज हो जाएगी। इसके अलावा Liquid Glass डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। अब यूजर्स एक नए स्लाइडर की मदद से इसकी पारदर्शिता अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा कर पाएंगे।</p>
<h2><strong>iOS 27 Public Beta कैसे इंस्टॉल करें</strong></h2>
</p>
<p>सबसे पहले iPhone में Safari खोलें और Apple के Beta Program पेज पर जाएं। अपने Apple Account से साइन इन करें और अगर पहली बार शामिल हो रहे हैं तो Beta Program की शर्तें स्वीकार करें। इसके बाद Settings के अंदर General पर जाएं फिर Software Update में जाकर iOS 27 Public Beta डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं।</p>
<h2><strong>किन बातों का ध्यान रखें</strong></h2>
</p>
<p>अगर आप iOS 27 Public Beta इंस्टॉल करना चाहते हैं तो इसके लिए किसी डेवलपर अकाउंट की जरूरत नहीं है। यह अपडेट iPhone 11 और उसके बाद के सभी मॉडल्स के लिए उपलब्ध है, बशर्ते आपका फोन iOS 26 को सपोर्ट करता हो। हालांकि, Siri AI जैसे Apple Intelligence फीचर्स का इस्तेमाल केवल iPhone 15 Pro और उससे ऊपर के मॉडल्स में ही किया जा सकेगा। बस आपको इंस्टॉल करने से पहले iPhone का बैकअप iCloud या कंप्यूटर पर जरूर बना लें, क्योंकि Beta सॉफ्टवेयर में बग, बैटरी ड्रेन और कुछ ऐप्स के साथ कम्पैटिबिलिटी की समस्या हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Apple-iOS-27-Public-Beta.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Apple iOS 27 Public Beta]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 10:53:48 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म, Flipkart पर होगी सेल]]></title>
		<description>Lava Virat V1 Series की भारत में लॉन्च डेट आ गई है। यह फोन Flipkart से खरीदा जा सकेगा। आइए जानते हैं इसकी बाकी डिटेल्स...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म हो गई है। इस सीरीज में दो वेरिएंट होंगे एक 5G होगा तो दूसरा 4G। बता दें कंपनी ने लॉन्च से पहले ही इसके कलर्स और डिजाइन रिवील कर दिए हैं। जिसके 4G मॉडल में पीछे की तरफ चौकोर कैमरा मॉड्यूल देखने को मिलेगा। इस मॉडल्यूल में दो कैमरा के साथ LED फ्लैश को जगह दी गई है। इसके अलावा, फोन के बैक पर फ्लैट बैक फ्रेम भी मिलने वाला है। फोन की सेल Flipkart पर उपलब्ध होगी। फ्लिपकार्ट पर फोन की डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो चुकी है, जिसमें फोन की तस्वीर देखने को मिली है। यहां जानें फोन से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">17 years of trust. Where legacy meets design.</p>
</p>
<p>For India&#8217;s endless dreams. A smartphone you can trust. 🤝</p>
</p>
<p>A new chapter begins with Virat V1 5G.</p>
</p>
<p>Launching on 21st July, 12 PM. Only on Flipkart.<a href="https://x.com/hashtag/ComingSoon?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#ComingSoon</a> <a href="https://x.com/hashtag/Flipkart?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#Flipkart</a> <a href="https://x.com/hashtag/LavaMobiles?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#LavaMobiles</a> <a href="https://x.com/hashtag/ProudlyIndian?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#ProudlyIndian</a> <a href="https://x.com/hashtag/Shaqhataolavauthao?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#Shaqhataolavauthao</a> <a href="https://t.co/GqVFmqiRbp" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/GqVFmqiRbp</a></p>
</p>
<p>— Lava Mobiles (@LavaMobile) <a href="https://x.com/LavaMobile/status/2075833615632519179?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 11, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>Lava Virat V1 Series India launch date</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने X के जरिए Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। यह फोन 21 जुलाई को भारत में दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। फोन की सेल फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होगी। फ्लिपकार्ट पर फोन को डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो चुकी है। आपको बता दें अब तक फोन के कैमरा, डिजाइन और कलर्स की जानकारी पता चली है। हालांकि अभी प्रोसेसर, डिस्प्ले, बैटरी और RAM-स्टोरेज जैसी स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है।</p>

<p></p>
<h2><strong>Lava Virat V1 Series Specs</strong></h2>
</p>
<p>Lava Virat V1 Series दो कलर ऑप्शन में दस्तक देगी। इस फोन में ब्लू व गोल्ड कलर ऑप्शन शामिल होंगे। फीचर्स की बात करें, तो इसके 4G मॉडल में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी रियर कैमरा मिलेगा। दोनों वेरिएंट के दाईं तरफ पावर बटन और वॉल्यूम बटन दिए गए हैं। नीचे की ओर USB Type-C पोर्ट, 3.5mm हेडफोन जैक, स्पीकर ग्रिल और माइक्रोफोन भी मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Lava-Virat-V1-Series.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Lava Virat V1 Series]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/lava-virat-v1-series-india-launch-confirmed-for-21-july-flipkart-sale-design-and-colors-revealed-1668797/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/lava-virat-v1-series-india-launch-confirmed-for-21-july-flipkart-sale-design-and-colors-revealed-1668797/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 09:35:32 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[WhatsApp या फिर Mail के जरिए आया PM Mudra Loan Approval Letter? फीस मांगी तो समझिए Scam है]]></title>
		<description>PM Mudra Loan Scam: क्या आपको भी WhatsApp या फिर Mail पर आया PM Mudra Loan Approval का मैसेज? अगर हां, तो तुरंत हो जाएं सावधान। 5 लाख रुपये के बदल मामूली-सी रकम मांगकर ठगी कर रहे स्कैमर्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>PM Mudra Loan Approval Letter Scam:</strong> मार्केट में इन दिनों नया स्कैम हंगामा मचा रहा है। इस स्कैम की जानकारी खुद सरकार ने दी है और लोगों को इस तरह के स्कैम से बचने की सलाह दी गई है। दरअसल, इन दिनों स्कैमर्स आपको WhatsApp, Mail या फिर Message के जरिए एक Loan Approval Letter भेज रहे हैं, जिसमें दावा किया गया है कि इसे सरकारी स्कीम Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) के तहत पास किया गया है। मैसेज में कहा जाता है कि सरकार आपका 5 लाख तक का लोन अप्रूव कर चुकी है, जिसे प्रोसेस करने के लिए आपको एक मामूली प्रोसेसिंग फीस देनी होगी&#8230;. और यहां से शुरू होता है लोगों को ठगने का प्रोसेस। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>PIB Fact Check ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए इस नए <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/amazon-flipkart-sale-delivery-scam-with-order-stuck-and-pay-extra-know-more-details-1668151/">SCAM</a> की जानकारी रिलीज की है। पोस्ट के मुताबिक, स्कैमर्स इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए Loan Approval Letter लोगों को सर्कुलेट कर रहे हैं। इस लेटर को Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) के तहत फैलाया जा रहा है। इस लेटर में दावा किया गया है कि उन्हें 5 लाख तक का सरकारी लोन मिलने वाला है। इस लोन को प्रोसेस करने के लिए उन्हें 350 रुपये की मामूली प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">🚨 SCAM ALERT!</p>
</p>
<p>A fraudulent &#8216;Loan Approval Letter&#8217; is being circulated in the name of Pradhan Mantri Mudra Yojana, falsely promising disbursal of ₹5,00,000 on payment of a ₹350 processing fee.<a href="https://x.com/hashtag/PIBFactCheck?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#PIBFactCheck</a>:</p>
</p>
<p>❌ The letter is <a href="https://x.com/hashtag/FAKE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#FAKE</a>.</p>
</p>
<p>✅ MUDRA does NOT provide direct loans to… <a href="https://t.co/hpjghH9xx1" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/hpjghH9xx1</a></p>
</p>
<p>— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) <a href="https://x.com/PIBFactCheck/status/2075934917222174889?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 11, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>पोस्ट में इस लेटर को Fake करार दिया गया है। साथ ही साफ किया गया है कि MUDRA स्कीम के तहत न तो किसी शख्स को और न ही माइक्रो-एंटरप्रेन्योर (Micro-entrepreneur) को सीधे लोन प्रोवाइड किया जाता है। साधारण शब्दों में कहें तो यह स्कीम सीधे लोगों को लोन नहीं देती।</p>
</p>
<p>MUDRA एक रीफाइनेंस एजेंसी है, जो कि बैंको व वित्तीय संस्थाओं को फंड प्रोवाइड करता है।</p>
<h2>मैसेज आने पर क्या करें?</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-50.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668795" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-50.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>1. अगर आपको भी इस तरह का लोन अप्रूवल लेटर मेल, मैसेज या फिर व्हाट्सऐप के जरिए प्राप्त हुआ है, तो सबसे पहले इस तरह के लेटर पर विश्वास न करें।</p>
</p>
<p>2. इसके अलावा, यदि आपने कहीं लोन के लिए अप्लाई भी किया है तो इस मैसेज पर विश्वास न करें और न ही 350 रुपये की मामूली रकम ट्रांसफर करें।</p>
</p>
<p>3. साथ ही अपनी पर्सनल डिटेल्स व बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें।</p>
</p>
<p>अगर आपको लोन की जरूरत भी है, तो पहले ऑफिशियल सोर्स से इस जानकारी को कंफर्म करें और तभी आगे बढ़ें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-49.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/pm-mudra-loan-approval-letter-scam-rs-5-lakh-loan-for-rs-350-processing-fee-1668793/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/pm-mudra-loan-approval-letter-scam-rs-5-lakh-loan-for-rs-350-processing-fee-1668793/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 05:44:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सरकार ने OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स को मंत्रालयों में इस्तेमाल करने पर लगाई रोक, जानिए क्या है वजह]]></title>
		<description>देश की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालयों में OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। आइए जानते हैं क्या है इसका कारण...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत सरकार ने मंत्रालयों को OpenAI और Anthropic जैसी विदेशी AI कंपनियों के साइबर सिक्योरिटी मॉडल को इस्तेमाल करने के लिए मना कर दिया है। हालांकि, इसे स्थायी प्रतिबंध नहीं माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के अंदर आने वाले एक विभाग ने सभी मेमोरेंडम भेजा। जिसमें कहा गया कि इस सब AI मॉडल्स को फिलहाल मंत्रालयों में यूज न किया जाए। सूत्रों के अनुसार, ओपनएआई और एंथ्रोपिक के प्रतिनिधियों ने हाल ही में कई मंत्रालयों के अधिकारियों से मुलाकात की थी। जहां उन्होंने ये प्रस्ताव दिया कि इन AI मॉडल्स को साइबर सिक्योरिटी और बाकी सरकारी कामों में इस्तेमाल किया जाए। लेकिन सरकार का कहना है कि पहले इन टेक्नोलॉजी की सुरक्षा जांच की जाएगी, फिर सरकारी जरूरतों के हिसाब से ही कोई फैसला लिया जाएगा।</p>
<h2><strong>ये एआई मॉडल्स कैसे सरकारी काम में मदद करेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इन AI कंपनियों के अलावा वित्त मंत्रालय ने भी एक प्रस्ताव भेजा था। जिसमें कहा गया था कि Agentic AI और OpenAI के GPT-5.5 मॉडल का इस्तेमाल सरकारी कामों में किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि इसकी मदद से कई सरकार के कई काम आसानी से हो सकते हैं। जेसै&#8230;</p>
<ul>
<li>इससे साइबर सुरक्षा और मजबूत की जा सकती है।</li>
<li>किसी सरकारी सिस्टम की खामियां पता लगाई जा सकती हैं।</li>
<li>GPT-5.5 को सुरक्षा से जुड़े कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>लेकिन MeitY ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। सरकार का कहना है कि AI को सरकारी कामों में अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और सभी संभावित जोखिमों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।</p>
<h2><strong>ओपनएआई और एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स में ऐसा क्या खास है?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>इन दोनों के एडवांस AI मॉडल्स को ज्यादातर बड़ी कंपनियां साइबर सिक्योरिटी के लिए इस्तेमाल करती हैं।</li>
<li>सुरक्षा से जुड़े कई काम बिना इंसानी मदद के किए जा सकते हैं।</li>
<li>इस दोनों AI मॉडल की खासियत है कि ये सॉफ्टवेयर और सिस्टम की खामियों को जल्दी पता लगा लेते हैं।</li>
<li>इनसे आप कोड की जांच और साइबर खतरों का एनालिसिस भी कर सकते हैं।</li>
</ul>
<p>लेकिन MeitY का मानना है कि अगर ये टेक्नोलॉजी गलत हाथों में चली जाए तो इसका इस्तेमाल सरकारी सिस्टम की खामी पता लगाने और साइबर हमलों हो सकते हैं। इसी वजह से इन्हें Dual-Use Technology माना जाता है। यानी ऐसी टेक्नोलॉजी जिसका इस्तेमाल अच्छे और गलत दोनों कामों के लिए हो सकता है।</p>
<h2><strong>स्वदेशी AI मॉडल्स के लिए भारत क्या कर रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार का कहना है कि मंत्रालय और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में विदेशी AI मॉडल्स पर निर्भरता कम होनी चाहिए। इसलिए भारत अपने Sovereign AI पर तैजी से काम रहा है। आपको बता दें, मार्च 2024 में शुरू किए गए IndiaAI Mission के लिए करीब 10,372 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस मिशन का मकसद खुद के AI बनाना, जरूरी कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करना और डेटा सेंटर बनाना है। देश में Sarvam AI और BharatGen जैसे AI प्रोजेक्ट्स पर भी तैजी से काम हो रहा है।</p>
<h2><strong>AI के इस्तेमाल को लेकर देश में क्या नियम हैं?</strong></h2>
</p>
<p>भारत में AI सिस्टम की खरीद और इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी डेटा की सुरक्षा से जुड़े नियम तो मौजूद हैं, लेकिन अभी AI मॉडल का डेटा कहां प्रोसेस होगा, कंपनी कितने समय तक लॉग सुरक्षित रखेगी और मॉडल का डेटा या वेट्स भारत से बाहर स्टोर होंगे या नहीं, इसका कोई सिस्टम नहीं है। इसलिए MeitY का यह फैसला यह संकेत देता है कि सरकार पहले AI के लिए मजबूत नियम और सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहती है। इसके बाद ही OpenAI, Anthropic या किसी बाकी विदेशी AI कंपनी के मॉडल्स को सरकारी साइबर सिक्योरिटी सिस्टम में इस्तेमाल करने का फैसला लिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/OpenAI-Anthropic.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[OpenAI Anthropic]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/india-puts-openai-anthropic-ai-cybersecurity-models-on-hold-for-government-use-1668773/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/india-puts-openai-anthropic-ai-cybersecurity-models-on-hold-for-government-use-1668773/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 07:42:17 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ISRO ने Gaganyaan मिशन की 3 जरूरी टेस्टिंग की पूरी, जानिए कैसे सुरक्षित लौटेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री]]></title>
		<description>गगनयान मिशन से पहले ISRO ने 3 जरूरी परीक्षण पूरे कर लिए हैं। जिसमें उन्हें बड़ी सफलता मिली हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये टेस्ट और क्यों हैं जरूरी...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के पहले Human Space Mission Gaganyaan की तैयारी तेजी से चल रही है। ISRO ने 12 जुलाई को बताया कि उसने गगनयान के Crew Module से जुड़े तीन अहम टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। जिसमें आते है&#8230;</p>
<ul>
<li>Crew Module Uprighting System</li>
<li>Service Module</li>
<li>Apex Cover</li>
</ul>
<p>आपको बता दें यह वही कैप्सूल है जिसमें भारतीय एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष जाएंगे और मिशन पूरा होने के बाद सुरक्षित वापस धरती पर आएंगे। इन टेस्ट को इसलिए किया गया है ताकि यह पता चल सके कि यह कैप्सूल किसी भी मुश्किल स्थिति में काम कर रहा है कि नहीं।</p>
<h2><strong>Crew Module Uprighting System क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>मिशन पूरा होने के बाद Gaganyaan का क्रू मॉड्यूल पैराशूट की मदद से समुद्र में उतरेगा। लेकिन समुद्र की ऊंची लहरों की वजह से कैप्सूल पलट भी सकता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकालना और रेस्क्यू टीम के लिए उन्हें सुरक्षित निकालना मुश्किल हो सकता है। इसी समस्या से बचने के लिए ISRO ने Crew Module Uprighting System (CMUS) तैयार किया है। इस सिस्टम में लगे खास एयर बैग दबाव वाली गैस की मदद से कुछ ही सेकंड में फूल जाते हैं और अगर कैप्सूल उल्टा हो जाए तो उसे दोबारा सीधा कर देते हैं। टेस्ट के दौरान यह सिस्टम तय समय के भीतर सफलतापूर्वक काम करता पाया गया।</p>
<h2><strong>Service Module की जांच करना क्यों जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>Gaganyaan में Crew Module के साथ एक Service Module भी होता है। ये दोनों मॉड्यूल एक साथ जुड़े रहें इसके लिए Umbilical Unit का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जब धरती के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से पहले इस कनेक्शन का सही समय पर अलग होना काफी जरूरी होता है। अगर यह अलग नहीं हुआ तो मिशन खतरे में पड़ सकता है। बता दें इसरो ने इस सिस्टम का भी सफल परीक्षण कर लिया है।</p>
<h2><strong>Apex Cover का टेस्ट कैसे किया गया?</strong></h2>
</p>
<p>क्रू मॉड्यूल के सबसे ऊपर एक Apex Cover होता है। जो गगनयान में लगे पैराशूट को सुरक्षित रखता है। इसका यूज भी लैगिंग के लिए होता है। जब ये धरती पर वापस आएगा तभी इस कवर को अलग करने के लिए छोटे विस्फोटक थ्रस्टर का इस्तेमाल होगा। इससे कैप्सूल पर काफी दबाव पड़ेगा। इस समस्या को जांचने के लिए ISRO ने करीब 1.75 गुना ज्यादा दबाव डाला। टेस्ट में क्रू मॉड्यूल पूरी तरह सुरक्षित रहा और उसके किसी भी हिस्से को कुछ नहीं हुआ।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/ISRO-Gaganyaan-Crew-Module-Passes-3-Key-Safety-Tests.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ISRO Gaganyaan Crew Module Passes 3 Key Safety Tests]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-gaganyaan-crew-module-passes-3-key-safety-tests-for-india-first-human-space-mission-1668789/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-gaganyaan-crew-module-passes-3-key-safety-tests-for-india-first-human-space-mission-1668789/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 11:23:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में रचा इतिहास, पहली बार री-यूजेबल रॉकेट को उड़ाकर सुरक्षित धरती पर उतारा]]></title>
		<description>जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने बार-बार इस्तेमाल होने वाले रॉकेट का सफल लॉन्च और सुरक्षित लैंडिंग टेस्ट किया है। आइए जातने हैं इसके बारे में...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस देश की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA (Japan Aerospace Exploration Agency) ने पहली बार अपने री-यूजेबल रॉकेट यानी बार-बार इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रोटोटाइप का सफल लॉन्च और लैंडिंग टेस्ट पूरा किया है। आपको बता दें ये करीब 10 मीटर की ऊंचाई तक ऊपर गया था और फिर वापस जमीन पर आ गया। इस सफलता के बाद जापान उन देशों की लिस्ट में आ गाय है, जो कम लागत वाले री-यूजेबल रॉकेट बना पाएं हैं। अभी इस क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी SpaceX सबसे आगे मानी जाती है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों ने क्या कहा?</strong></h2>
</p>
<p>इस प्रोजेक्ट की टेस्टिंग अकिता प्रीफेक्चर के नोशिरो शहर के टेस्ट सेंटर हुई। जहां इसका नेतृत्व ताकाशी इटो ने किया है। इस टेस्टिंग के बाद उन्होंने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहां कि अब एजेंजी इस टेस्ट से मिले सभी डेटा का अच्छे से एनालिसिस करेगी। जिससे भविष्य में ऐसे रॉकेट बनाने में मदद मिलेगी, जो बार-बार इस्तेमाल किए जा सके।</p>
</p>
<div id="attachment_1668740" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Japan-reusable-rocket.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1668740" class="wp-image-1668740 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Japan-reusable-rocket.jpg" alt="Japan reusable rocket" width="1280" height="720" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1668740" class="wp-caption-text">Japan reusable rocket</p>
</div>
<h2><strong>री-यूजेबल रॉकेट और आम रॉकेट में क्या अंतर होता है?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>आम रॉकेट एक बार लॉन्च होने के बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। ये समुद्र में गिर जाते हैं, वायुमंडल में जल जाते हैं या अंतरिक्ष में मलबा बन जाते हैं।</li>
<li>री-यूजेबल रॉकेट का पहला हिस्सा सुरक्षित वापस धरती पर आ जाता है। जो हिस्सा वापस आता है उसे दोबारा उड़ान के लिए यूज किया जा सकता है</li>
<li>रॉकेट का पहला स्टेज सबसे महंगा हिस्सा होता है। इसे दोबारा इस्तेमाल करने से लॉन्च की लागत काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि कई अंतरिक्ष एजेंसियां और प्राइवेट कंपनियां इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं।</li>
<li>SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इसी टेक्नोलॉजी पर काम करता है। जिससे एक ही रॉकेट का कई बार इस्तेमाल हो जाता है और अंतरिक्ष मिशन का लागत काफी कम हो जाती हैं।</li>
</ul>
<h2><strong>कितने देशों के पास है ये टेक्नोलॉजी?</strong></h2>
</p>
<p>दुनिया के कई देश री-यूजेबल रॉकेट बनाने में लगे हुए है। अभी ये टेक्नोलॉजी सिर्फ अमेरिका की SpaceX और Blue Origin के पास है। आपको बता दें जापान के अलावा चीन भी री-यूजेबल रॉकेट की सफल लॉन्च और लैंडिंग कर चुका है। इसके अलावा, जापान की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी से साथ-साथ निजी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही हैं। जैसे पिछले साल जून में Honda की एक सहयोगी कंपनी री-यूजेबल रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च और लैंड कराने वाली पहली प्राइवेट कंपनी बनी थी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/JAXA.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Japan's Reusable Rocket Test Brings It Closer To Lower-Cost Space Missions (Image: AI Generated)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/japan-successfully-tests-reusable-rocket-prototype-marks-major-space-technology-milestone-1668737/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/japan-successfully-tests-reusable-rocket-prototype-marks-major-space-technology-milestone-1668737/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 06:10:07 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[EPFO 2.01: लाइव हुआ नाया पोर्टल, अब PF निकालना और क्लेम करना होगा आसान, जानिए क्या-क्या बदला]]></title>
		<description>ईपीएफओ 2.01 पोर्टल शुरू हो गया है। इस नए सिस्टम का मकसद PF, क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन जैसी सेवाओं को पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाना है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>EPFO 2.01 के जरिए पीएफ अकाउंट, क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। EPFO के मुताबिक,, इसका इस्तेमाल Financial Year 2025-26 के लिए EPF पर मिलने वाले 8.25 प्रतिशत ब्याज को खातों में जमा करने के लिए भी किया जाएगा। बता दें करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज 34 करोड़ से ज्यादा खातों में आने वाले दिनों में भेजा जाएगा। फील्ड लेवल जांच पूरी होने के बाद 15 जुलाई तक पासबुक में इसकी एंट्री दिखाई देगी।</p>
<h2><strong>ईपीएफओ 2.01 का सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा</strong></h2>
</p>
<p>अब पूरे देश के EPF रिकॉर्ड एक ही राष्ट्रीय डेटाबेस में रखे जाएंगे। पहले हर क्षेत्रीय EPFO कार्यालय का अलग-अलग डेटाबेस होता था। जिससे रिकॉर्ड ट्रांसफर करने और कई सेवाओं का यूज करने में समय लगता था। अब 120 से ज्यादा पुराने डेटाबेस को मिलाकर एक यूनिफाइड सिस्टम बनाया गया है, जिसमें करीब 34 करोड़ सदस्य खातों को जोड़ा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति ने बेंगलुरु में नौकरी की और बाद में गुरुग्राम चला गया, तो अब उसे अपने पुराने रिकॉर्ड के लिए बेंगलुरु के EPFO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वह अपने राज्य के किसी भी ऑथराइज्ड EPFO ऑफिस से सेवाएं ले सकेगा।</p>
<h2><strong>नए पोर्टल में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?</strong></h2>
</p>
<p>पहले पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सदस्यता की जानकारी, पेंशन से जुड़ी डिटेल और बाकी जरूरी रिकॉर्ड की जानकारी देखने के लिए अलग-अलग सेक्शन या डैशबोर्ड में जाना पड़ता था। वहीं अब ईपीएफओ 2.01 में एक नया यूनिफाइड मेंबर पोर्टल भी दिया गया है। जिसकी मदद से ये सब सुविधाएं एक ही जगह मिल जाएंगी।</p>
</p>
<p>नौकरी बदलने वालों के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। जैसे कि अगर आपका UAN आधार से लिंक है, तो नई नौकरी में आपका PF अकाउंट अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा और पूरी सर्विस हिस्ट्री भी अपने आप नए रिकॉर्ड में जुड़ जाएगी।</p>
<h2><strong>नए सिस्टम में क्लेम प्रोसेस आसान होगा</strong></h2>
</p>
<p>नया EPFO सिस्टम क्लेम जमा होने से पहले ही जरूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच करेगा।</p>
<ul>
<li>अगर किसी दस्तावेज में कमी होगी या जानकारी अधूरी होगी, तो इसकी सूचना SMS या EPFO पोर्टल के जरिए पहले ही मिल जाएगी।</li>
<li>नया सिस्टम यह भी बताएगा कि अलग-अलग कैटेगरी में आप अधिकतम कितना पैसा निकाल सकते हैं।</li>
<li>पूरी KYC और सभी शर्तें पूरी करने वाले सदस्यों के 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम अब ऑटो-सेटलमेंट के जरिए जल्दी निपटाए जाएंगे।</li>
<li>अब EPS पेंशनधारक देश के किसी भी EPFO कार्यालय में जाकर पेंशन से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।</li>
<li>Centralised Pension Payment System (CPPS) के जरिए पेंशनधारक देश के किसी भी बैंक खाते में अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>EPFO 2.01 के सभी फीचर कब तक शुरू होंगे</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि EPFO 2.01 अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल वेबसाइट पर कुछ ही फीचर उपलब्ध हैं और बाकी सुविधाएं धीरे-धीरे आएंगी। इसके अलावा, अगले वित्त वर्ष से ब्याज जमा करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने की योजना है। भविष्य में UPI के जरिए PF निकालने की सुविधा भी शुरू की जाएगी। फिलहाल ईपीएफओ ने सभी फीचर शुरू होने की कोई तारीख नहीं बताई है, लेकिन मानना है कि इस महीने के अंत तक नई सुविधाएं शुरू हो सकती हैं।</p>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[EPFO 2.01]]></media:description>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
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