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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Thu, 21 May 2026 17:40:03 +0000</lastBuildDate>
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	 <item>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 10:27:51 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[OPPO Enco Air 5 Pro बड्स 55dB ANC के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत और स्पेक्स]]></title>
		<description>OPPO Enco Air 5 Pro भारत में लॉन्च हो गए हैं। इन बड्स में आपको 12mm डायनमिक ड्राइवर्स दिए गए है। यहां जानें बड्स की कीमत और खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>OPPO Enco Air 5 Pro</strong> को OPPO Find X9s और Find X9 Ultra स्मार्टफोन के साथ भारत में लॉन्च कर दिया गया है। यह कंपनी के प्रीमियम TWS हैं। फीचर्स की बात करें, तो इन बड्स में 12mm dynamic ड्राइवर्स दिए गए हैं। साथ ही कंपनी ने इनमें 55dB ANC (एक्टिव नॉइस कैंसिलेशन) सपोर्ट दिया है। कॉलिंग के लिए इसमें आपको ट्रिपल माइक्रोफोन सेटअप मिलता है। साथ ही इनमें 47ms low-latency mode भी दिया गया है। इन बड्स में आपको 62mAh बैटरी मिलती है। कंपनी का दावा है कि ये सिंगल चार्ज पर 54 घंटे तक का प्लेटाइम प्रोवाइड करते हैं। वहीं, ANC ऑन होने पर यह 29 घंटे तक चलते हैं। आइए जानते हैं इनकी कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>OPPO Enco Air 5 Pro price in India</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/mobile/oppo-find-x9-ultra-india-launched-with-200mp-camera-along-with-oppo-find-x9s-price-and-specs-1663270/">OPPO</a> Enco Air 5 Pro को 4,999 रुपये की कीमत में पेश किया है। इन बड्स में Moonstone White और Midnight Black कलर ऑप्शन मिलते हैं। इन बड्स की सेल 28 मई से शुरू होगी। इन बड्स की सेल 28 मई से शुरू होने जा रही है।</p>
<h2>OPPO Enco Air 5 Pro specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो OPPO Enco Air 5 Pro में 12mm डायनमिक ड्राइवर्स दिए गए हैं। इसमें AAC, SBC, and LHDC 5.0 High-Resolution ऑडियो सपोर्ट मिलता है। साथ ही इसमें 55dB तक का ANC सपोर्ट मौजूद है। अलग-अलग माहौल के लिए इसमें आपको ANC On, Adaptive mode, Transparency mode और ANC Off जैसे सपोर्ट मिलते हैं। शानदार कॉलिंग के लिए कंपनी ने इसमें ट्रिपल माइक्रोफोन सेटअप जिया है, जो कि वीडियो कॉल के दौरान आउटडोर में भी आपको क्लियर वॉइस क्वालिटी प्रोवाइड करेंगे।</p>
</p>
<p>जैसे कि हमने बताया इन ईयरबड्स में आपको 47ms low-latency mode भी मिलता है, जो कि गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान लैग को कम करता है। कंपनी ने इसमें वॉल्यूम कंट्रोल के लिए टच कंट्रोल दिया है।</p>
</p>
<p>Enco Air 5 Pro में 54 घंटे तक की बैटरी मिलती है। हालांकि, यह ANC ऑफ होने पर मिलती है। वहीं, ANC ऑन होने पर यह 29 घंटे तक की बैटरी प्रोवाइड करते हैं। दोनों ही बड्स में 62mAh बैटरी दी गई है। वहीं, चार्जिंग केस में 530mAh की बैटरी मौजूद है। सिंगल चार्ज पर प्रत्येक बड्स आपको 7 घंटे का प्लेटाइम प्रोवाइड करते हैं। वहीं, ANC ऑफ होने पर यह 13 घंटे तक चलते हैं।</p>
<h2>ये बड्स देंगे OPPO बड्स को टक्कर</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/LPG-11.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663299" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/LPG-11.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Samsung Galaxy Buds Core को अमेजन सेल के दौरान 4,499 रुपये में खरीदा जा सकता है। फीचर्स की बात करें, तो इन बड्स में 6.55mm ड्राइवर्स दिए गए हैं। साथ ही इनमें अडैप्टिव नॉइस कंट्रोल सपोर्ट भी मिलता है। कॉलिंग के लिए इसमें 3 माइक का सपोर्ट मौजूद है। पानी से बचाव के लिए बड्स में IP54 रेटिंग मिलती है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Buds-2026-05-21T155323.404.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663298" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Buds-2026-05-21T155323.404.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Realme Buds Air 7 Pro को 4,940 रुपये में खरीदा जा सकता है। इन बड्स में 11mm+6mm डुअल ड्राइवर्स मिलते हैं। साथ ही यह 53 dB ANC सपोर्ट के साथ आते हैं। पानी से बचाव के लिए बड्स में IP55 रेटिंग मिलती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Buds-2026-05-21T155633.526.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/oppo-enco-air-5-pro-launched-in-india-with-55db-anc-and-up-to-54-hours-total-battery-life-price-and-specs-1663295/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 10:24:00 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Apple यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, Watch और AirPods में आए नए हेल्थ फीचर]]></title>
		<description>Apple ने भारत में अपने यूजर्स के लिए कई नए हेल्थ फीचर्स लॉन्च किए हैं। अब Apple Watch और AirPods Pro की मदद से लोग घर बैठे अपनी नींद और सुनने की क्षमता की जांच कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि ये फीचर्स यूजर्स को समय रहते हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने और जरूरी कदम उठाने में मदद करेंगे। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Apple ने भारत में अपने यूजर्स के लिए कई नए हेल्थ फीचर्स लॉन्च करने की घोषणा की है। अब Apple Watch और AirPods Pro के जरिए लोग अपनी सेहत पर पहले से ज्यादा नजर रख पाएंगे। कंपनी ने बताया कि Apple Watch में Sleep Apnea Notification और AirPods Pro में Hearing Test जैसे एडवांस फीचर्स आज से उपलब्ध होंगे। इन फीचर्स का मकसद यूजर्स को घर बैठे हेल्थ से जुड़ी जरूरी जानकारी देना है ताकि वे समय रहते जरूरी कदम उठा सकें।</p>
<h2><strong>Sleep Apnea क्या है और कैसे पता लगाएगी Apple Watch?</strong></h2>
</p>
<p>Sleep Apnea एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसमें सोते समय व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक जाती है। इससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और लंबे समय में हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। Apple Watch का नया &#8216;Breathing Disturbances&#8217; फीचर नींद के दौरान कलाई की हलचल और सांस लेने के पैटर्न को ट्रैक करेगा। अगर 30 दिनों के डेटा में मध्यम या गंभीर Sleep Apnea के संकेत मिलते हैं, तो वॉच यूजर को नोटिफिकेशन भेजेगी ताकि वह डॉक्टर से सलाह ले सके।</p>
<h2><strong>Health Data को PDF में कैसे सेव और शेयर करेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने यह भी बताया कि यूजर्स अपने हेल्थ डेटा को आसानी से PDF फॉर्मेट में एक्सपोर्ट कर सकेंगे। इसमें पिछले तीन महीनों तक का Breathing Disturbance डेटा और बाकी जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। यह रिपोर्ट डॉक्टर के साथ शेयर की जा सकेगी, जिससे बीमारी की पहचान और इलाज में मदद मिलेगी। Apple का कहना है कि इस फीचर से लोग अपनी नींद और सांस से जुड़ी समस्याओं को समय रहते समझ पाएंगे और गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकेंगे।</p>
<h2><strong>AirPods Pro का Hearing Test फीचर कैसे काम करेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा AirPods Pro में नया Hearing Test फीचर भी जोड़ा गया है। यह फीचर यूजर्स को घर बैठे लगभग पांच मिनट में अपनी सुनने की क्षमता जांचने की सुविधा देगा। यह टेस्ट Pure-Tone Audiometry टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर क्लिनिक में किया जाता है। टेस्ट पूरा होने के बाद यूजर को दोनों कानों की Hearing Level रिपोर्ट, उसकी स्थिति और जरूरी सुझाव मिलेंगे। यह रिपोर्ट भी Health App में सेव रहेगी और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर के साथ शेयर की जा सकेगी। Apple का मानना है कि ये नए फीचर्स लोगों को अपनी हेल्थ को बेहतर तरीके से मॉनिटर करने में मदद करेंगे।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Apple-Health-Features.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Apple Health Features]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-launches-sleep-apnea-hearing-test-features-for-apple-watch-and-airpods-pro-in-india-1663296/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 09:56:16 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Instagram और Facebook पर बच्चे क्या देखते हैं, अब जान पाएंगे माता-पिता, Meta ने इस टूल्स को किया और ज्यादा एडवांस]]></title>
		<description>आज के समय में बच्चे कम उम्र में ही Instagram और Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे में माता-पिता को यह चिंता रहती है कि उनके बच्चे ऑनलाइन क्या देख रहे हैं और किससे जुड़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए Meta ने अपने सुपरविजन टूल्स को और ज्यादा एडवांस बनाया है, ताकि पैरेंट्स बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर बेहतर नजर रख सकें। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के दौर में बच्चे कम उम्र में ही स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से करने लगे हैं। ऐसे में माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि उनके बच्चे मोबाइल पर क्या देख रहे हैं, किस तरह का कंटेंट उनकी फीड में आ रहा है और वे किन लोगों से बातचीत कर रहे हैं। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए Meta ने Instagram और Facebook के लिए अपने सुपरविजन टूल्स को और ज्यादा एडवांस बना दिया है। कंपनी का कहना है कि इन नए फीचर्स का मकसद बच्चों के लिए सोशल मीडिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना और पैरेंट्स को बेहतर मॉनिटरिंग की सुविधा देना है। अब माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर पहले से ज्यादा नजर रख सकेंगे और यह समझ पाएंगे कि उनका बच्चा इंटरनेट पर कितना समय बिता रहा है।</p>
<h2><strong>अब पैरेंट्स कैसे रख पाएंगे स्क्रीन टाइम पर नजर?</strong></h2>
</p>
<p>नए अपडेट के बाद पैरेंट्स बच्चों के Instagram और Facebook अकाउंट की एक्टिविटी को आसान तरीके से ट्रैक कर सकेंगे। इसमें स्क्रीन टाइम की पूरी जानकारी दिखाई जाएगी, जिससे माता-पिता जान पाएंगे कि बच्चा दिनभर में कितने घंटे सोशल मीडिया का यूज कर रहा है। इसके अलावा यह फीचर यह भी बताएगा कि बच्चा किस तरह की रील्स, वीडियो या पोस्ट सबसे ज्यादा देख रहा है। अगर किसी खास तरह का कंटेंट बार-बार सामने आ रहा है, तो माता-पिता उस पर ध्यान दे सकेंगे। इससे बच्चों की ऑनलाइन आदतों को समझना आसान होगा और जरूरत पड़ने पर उन्हें सही दिशा में गाइड किया जा सकेगा।</p>
<h2><strong>कौन कर रहा है बच्चों को फॉलो, कैसे चलेगा पता?</strong></h2>
</p>
<p>Meta ने अपने फैमिली सेंटर फीचर को भी अपडेट किया है। अब माता-पिता यह देख पाएंगे कि उनके बच्चे ने हाल ही में किन नए लोगों को फॉलो किया है और किन लोगों ने उन्हें फॉलो करना शुरू किया है। यह फीचर खासतौर पर सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे अनजान लोगों से बढ़ते संपर्क पर नजर रखना आसान होगा। कई बार बच्चे बिना जानकारी के ऐसे लोगों से जुड़ जाते हैं जो उनके लिए सुरक्षित नहीं होते। ऐसे में यह नया सिस्टम पैरेंट्स को समय रहते सतर्क रहने में मदद करेगा। कंपनी का कहना है कि इन टूल्स का उद्देश्य बच्चों की प्राइवेसी को बनाए रखते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल माहौल देना है।</p>
<h2><strong>रातभर मोबाइल चलाने की आदत कैसे रुकेगी?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा बच्चों की नींद और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए रात के समय नोटिफिकेशन को सीमित करने वाला फीचर भी जोड़ा गया है। तय समय के बाद ऐप कम नोटिफिकेशन भेजेगा ताकि बच्चे देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल न करें। आजकल कई बच्चे रातभर सोशल मीडिया स्क्रॉल करते रहते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में यह फीचर बच्चों को हेल्दी डिजिटल आदतें अपनाने में मदद कर सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोशल मीडिया का सही और संतुलित यूज जरूरी है, खासकर बच्चों के लिए। यही वजह है कि कंपनियां अब ऐसे टूल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, जिससे पैरेंट्स और बच्चों दोनों के लिए ऑनलाइन दुनिया सुरक्षित और बेहतर बन सके।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-supervision-tools.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Meta supervision tools]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 06:45:54 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Solar Storm ने खोल दिया मंगल ग्रह का सबसे बड़ा रहस्य, जानिए कैसे खत्म हो रहा है यहां का Atmosphere]]></title>
		<description>मंगल ग्रह को लेकर नई रिसर्च ने बड़ा खुलासा किया है, हाल ही में आए एक शक्तिशाली Solar Storm ने यह समझने में मदद की कि मंगल का Atmosphere धीरे-धीरे क्यों खत्म हो रहा है। आइए जातने हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मंगल ग्रह को लेकर वैज्ञानिक लंबे समय से यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वह एक समय पानी और घने वायुमंडल वाला ग्रह था, लेकिन आज एक ठंडा और सूखा रेगिस्तान क्यों बन गया, हाल ही में दिसंबर 2023 में आए एक बड़े सौर तूफान (Solar Storm) ने इस रहस्य का खुलासा करने में मदद की है। इस तूफान के दौरान सूर्य से निकले तेज चार्ज कणों ने मंगल के वातावरण पर गहरा असर डाला और वैज्ञानिकों को पहली बार कुछ छिपी हुई Plasma Structures देखने का मौका मिला। यह जानकारी NASA के MAVEN मिशन से मिली, जो मंगल ग्रह के Atmosphere का अध्ययन करता है।</p>
<h2><strong>Solar Storm ने मंगल ग्रह में क्या बड़ा बदलाव किया?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के अनुसार इस सौर तूफान ने मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल यानी ionosphere में बड़े बदलाव किए। West Virginia University के शोधकर्ताओं ने पाया कि 10 दिसंबर 2023 को मंगल ग्रह के ऊपर, लगभग 185 किलोमीटर की ऊंचाई पर पांच बड़े Plasma Structures देखे गए। यह घटना एक इंटरप्लानेटरी कोरोनल मास इजेक्शन (ICME) की वजह से हुई थी। यह सूर्य से निकलने वाली बहुत तेज और पावरफुल एनर्जी की लहर होती है, जो अंतरिक्ष में फैलती है। इस सौर तूफान के कारण मंगल ग्रह के वायुमंडल में मौजूद Plasma की घनता (Density) लगभग 30 से 40% तक कम हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सूर्य से आने वाली तेज &#8216;Solar Wind&#8217; ने इन कणों को एक दिशा में धकेल दिया और दबा दिया।</p>
<h2><strong>यह मंगल ग्रह के Atmosphere को कैसे प्रभावित करता है?</strong></h2>
</p>
<p>इस प्रक्रिया को समझाने के लिए वैज्ञानिकों ने &#8216;Zwan-Wolf Effect&#8217; का नाम दिया है। इसका मतलब आसान भाषा में यह है कि जब सूर्य से आने वाली तेज सौर हवा (Solar Wind) मंगल ग्रह के वायुमंडल से टकराती है, तो वह वहां मौजूद कणों को पीछे की ओर धकेल देती है। धीरे-धीरे इस धक्के की वजह से मंगल का वायुमंडल (Atmosphere) कमजोर हो जाता है और उसका कुछ हिस्सा अंतरिक्ष में फैलकर खोने लगता है। यह असर आम दिनों में बहुत साफ नहीं दिखता, लेकिन जब बहुत बड़ा सौर तूफान आता है, तब यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। इसी वजह से MAVEN Satellite को इस बार काफी जरूरी डेटा मिला। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि मंगल का वायुमंडल धीरे-धीरे कैसे खत्म हो रहा है।</p>
</p>
<div id="attachment_1663247" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mars-atmosphere-loss.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1663247" class="wp-image-1663247 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mars-atmosphere-loss.jpg" alt="Mars atmosphere loss" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1663247" class="wp-caption-text">image credit: AI image</p>
</div>
<h2><strong>क्या मंगल ग्रह जैसा प्रभाव बाकी ग्रहों पर भी हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>यह अध्ययन यह भी बताता है कि मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों वाले ग्रहों पर यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है, लेकिन कमजोर Solar Activity में इसे पकड़ पाना मुश्किल होता है। पृथ्वी की तरह मंगल के पास मजबूत Magnetic Field नहीं है, इसलिए वह सूर्य की खतरनाक Solar winds से सुरक्षित नहीं रह पाता। यही कारण है कि उसका वायुमंडल धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा ही प्रभाव Venus और Saturn Moon Titan जैसे बाकी ग्रहों पर भी हो सकता है। यह खोज भविष्य में मंगल पर भेजे जाने वाले मानव मिशनों के लिए एक अहम चेतावनी भी है, क्योंकि वहां का वातावरण स्थिर नहीं है और कई तरह के जोखिम मौजूद हैं।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Storm क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>Solar Storm सूर्य से निकलने वाली तेज एनर्जी और चार्ज कणों की लहर होती है, जो अंतरिक्ष में फैलकर ग्रहों के वातावरण को प्रभावित कर सकती है।</p>
<h2><strong>इस Solar Storm ने मंगल पर क्या असर डाला?</strong></h2>
</p>
<p>इस तूफान ने मंगल के ऊपरी वायुमंडल (ionosphere) में बदलाव किया और Plasma की घनता लगभग 30–40% तक कम कर दी।</p>
<h2><strong>क्या मंगल का Atmosphere सच में खत्म हो रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिक मानते हैं कि सूर्य की Solar Wind धीरे-धीरे मंगल के वायुमंडल को अंतरिक्ष में उड़ा रही है, जिससे वह कमजोर होता जा रहा है।</p>
<h2><strong>MAVEN मिशन क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>MAVEN, NASA का एक अंतरिक्ष मिशन है जो मंगल के Atmosphere और उसकी समय के साथ होने वाली बदलावों का अध्ययन करता है।</p>
<h2><strong>क्या ऐसा असर पृथ्वी पर भी हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>पृथ्वी पर ऐसा असर बहुत कम होता है क्योंकि हमारे पास मजबूत Magnetic Field है, जो Solar Wind से सुरक्षा देता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mars-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Mars atmosphere loss
image credit: AI image]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/solar-storm-reveals-how-mars-is-losing-its-atmosphere-nasa-maven-discovery-1663244/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/solar-storm-reveals-how-mars-is-losing-its-atmosphere-nasa-maven-discovery-1663244/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 21 May 2026 06:08:40 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाएगा इस बैंक का डबल OTP सिस्टम, जानिए कैसे करेगा काम]]></title>
		<description>वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए HDFC बैंक ने ‘Double OTP System’ शुरू किया है। इसमें पैसे ट्रांसफर करने के लिए दो OTP की जरूरत होगी। यह नई सुरक्षा व्यवस्था डिजिटल अरेस्ट जैसे फ्रॉड को रोकने में मदद करेगी और बैंकिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाएगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>गुरुग्राम और फरीदाबाद में वरिष्ठ नागरिकों के बैंक खातों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक नई सुरक्षा व्यवस्था शुरू की गई है। HDFC Bank ने ‘Double OTP System’ लागू किया है, जिसमें पैसे ट्रांसफर करने के लिए सिर्फ एक नहीं बल्कि दो OTP की जरूरत होगी, पहला OTP खाताधारक के मोबाइल पर आएगा और दूसरा OTP उसके द्वारा चुने गए किसी विश्वसनीय व्यक्ति या परिवार के सदस्य के मोबाइल पर जाएगा। दोनों की पुष्टि के बाद ही ट्रांजेक्शन पूरा होगा, नहीं तो पैसा ट्रांसफर नहीं होगा।</p>
<h2><strong>Double OTP System कैसे काम करता है और इसमें क्या खास है?</strong></h2>
</p>
<p>इस सिस्टम में बैंकिंग ट्रांजेक्शन को एक अतिरिक्त सुरक्षा परत दी गई है। सामान्य स्थिति में केवल एक OTP से लेन-देन पूरा हो जाता है, लेकिन अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए दूसरा OTP उनके ‘Trusted Contact’ को भी भेजा जाएगा। इसका मतलब है कि अगर कोई साइबर अपराधी किसी बुजुर्ग को डराकर या भ्रमित करके OTP ले भी ले, तब भी बिना दूसरे OTP के ट्रांजेक्शन पूरा नहीं होगा। यह व्यवस्था पूरी तरह वैकल्पिक (voluntary) है और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए बनाई गई है ताकि वे साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रह सकें।</p>
<h2><strong>साइबर ठगी से बचाने में यह सिस्टम कितना असरदार है?</strong></h2>
</p>
<p>साइबर विशेषज्ञों के अनुसार यह सिस्टम खासकर ‘Digital Arrest’ जैसे फ्रॉड से बचाव में बहुत मददगार हो सकता है। इस तरह के घोटालों में अपराधी खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर करते हैं। ऐसे में दूसरा OTP एक सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगा, जिससे लेन-देन में एक रुकावट आएगी। Haryana Police की SP Upasana ने भी बताया कि यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक दबाव और धोखाधड़ी से बचाने के लिए एक जरूरी कदम है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi">वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक अहम पहल — “डबल OTP प्रणाली”।</p>
</p>
<p>अब बैंकिंग ट्रांजैक्शन के दौरान खाताधारक के साथ-साथ उनके Trusted Contact/परिवारजन के मोबाइल पर भी Authentication OTP भेजा जाएगा। दोनों OTP की पुष्टि के बाद ही राशि ट्रांसफर होगी।</p>
</p>
<p>यह सुविधा 60 वर्ष से अधिक आयु के… <a href="https://t.co/YqIyfgNWAo" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/YqIyfgNWAo</a></p>
</p>
<p>— Haryana Police (@police_haryana) <a href="https://twitter.com/police_haryana/status/2056621393098547371?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 19, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>यह योजना आगे क्या बदलाव ला सकती है और इसका भविष्य क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार इस योजना पर अप्रैल 2026 से काम शुरू किया गया था और अब इसे गुरुग्राम और पंचकूला की कई शाखाओं में लागू किया जा रहा है। Haryana Police के अधिकारियों का मानना है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे और शहरों में भी लागू किया जा सकता है। बैंक और पुलिस मिलकर इसे तकनीकी रूप से और मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं। इससे वरिष्ठ नागरिकों का बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा और साइबर अपराधों में कमी आने की उम्मीद है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Bank-double-OTP-system.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Bank double OTP system]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/hdfc-bank-introduces-double-otp-system-for-senior-citizens-to-prevent-cyber-fraud-1663221/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/hdfc-bank-introduces-double-otp-system-for-senior-citizens-to-prevent-cyber-fraud-1663221/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 20 May 2026 10:19:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Acer Aspire 5 AI लैपटॉप भारत में 14 इंच स्क्रीन और Intel Core Ultra 7 प्रोसेसर के साथ लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>Acer Aspire 5 AI लैपटॉप ने भारत में एंट्री मार ली है। यह कंपनी का लेटेस्ट एआई लैपटॉप है, जिसमें आपको 14 इंच स्क्रीन और Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H प्रोसेसर मिलता है। यहां जानें कीमत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Acer Aspire 5 AI</strong> लैपटॉप फाइनली भारत में लॉन्च हो गया है। फीचर्स की बात करें, तो इस लैपटॉप में कंपनी ने 14 इंच का WUXGA डिस्प्ले दिया गया है। इसके अलावा, यह Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H चिप से लैस है। कंपनी ने इसमें 32GB RAM व 1TB स्टोरेज दी है। यह लैपटॉप Windows 11 Home 64-bit पर काम करता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए डिवाइस में FHD वेबकैम मिलता है। साथ ही इसमें बिल्ट-इन माइक्रोफोन दिए गए हैं। ऑडियो के लिए डुअल स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जिसके साथ HD ऑडियो सपोर्ट मिलता है। आइए जानते हैं इस लैपटॉप की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Acer Aspire 5 AI Price in India, Availability</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/acer-iconia-im11-5g-launched-in-india-with-11-45-screen-size-7400mah-battery-price-and-specs-1661337/">Acer</a> Aspire 5 AI को 79,999 रुपये की कीमत में पेश किया गया है। इस लैपटॉप में आपको सिंगल सिल्वर कलर ऑप्शन मिलता है। इसे आप Acer Exclusive Stores, the Acer India online store, Amazon India, Croma, Reliance Digital और Vijay Sales के जरिए खरीद सकेंगे।</p>
<h2>Acer Aspire 5 AI Specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो इस लैपटॉप में कंपनी ने 14 इंच का WUXGA IPS डिस्प्ले दिया गया है। इस डिस्प्ले का रेजलूशन 1,920 x 1,200 पिक्सल है। ग्लेयर को कम करने के लिए कंपनी ने इसमें Acer ComfyView टेक्नोलॉजी दी है। जैसे कि हमने बताया इ स लैपटॉप में Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H प्रोसेसर दिया गया है। एक मॉडल Intel Core Ultra 5 125H चिप के साथ लिस्ट है। इसके साथ 32GB LPDDR5 RAM और 1TB PCIe Gen 4 NVMe SSD स्टोरेज मिलती है। यह लैपटॉप Windows 11 Home 64-bit पर काम करता है और यह Copilot+ PC के तौर पर लिस्ट है।</p>
</p>
<p>वीडियो कॉलिंग के लिए कंपनी ने लैपटॉप में FHD वेबकैम दिया है, जो कि फिजिकल प्राइवेसी शटर के साथ आता है। इसके साथ इसमें बिल्ट-इन माइक्रोफोन सपोर्ट मिलता है। ऑडियो के लिए डुअल स्टीरियो दिया गया है, जिसके साथ HD ऑडियो सपोर्ट मौजूद है।</p>
</p>
<p>कनेक्टिविटी के लिए कंपनी ने लैपटॉप में Wi-Fi 6 का सपोर्ट दिया है। इसके साथ इसमें Bluetooth 5.1 सपोर्ट मौजूद है। कंपनी ने इसमें 53.8Wh lithium-ion बैटरी दी है, जिसके साथ 65W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मौजूद है। कीबोर्ड में Copilot की मिलती है। लैपटॉप के साथ 65W पावर अडैप्टर मिलता है। इस लैपटॉप का डायमेंशन 312.5 x 218.5 x 17.5mm है। वहीं, इसका भार 1.2 KG है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Acer Aspire 5 AI</th>
</p>
<th>Specifications</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>डिस्प्ले</td>
</p>
<td>14 इंच WUXGA IPS डिस्प्ले</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रेजलूशन</td>
</p>
<td>1,920 x 1,200 पिक्सल</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>डिस्प्ले फीचर</td>
</p>
<td>Acer ComfyView टेक्नोलॉजी</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>प्रोसेसर</td>
</p>
<td>Intel Core Ultra 5 / Intel Core Ultra 7 H</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>चिपसेट</td>
</p>
<td>Intel Core Ultra 5 125H</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>RAM</td>
</p>
<td>32GB LPDDR5</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्टोरेज</td>
</p>
<td>1TB PCIe Gen 4 NVMe SSD</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऑपरेटिंग सिस्टम</td>
</p>
<td>Windows 11 Home 64-bit</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI फीचर</td>
</p>
<td>Copilot+ PC</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>वेबकैम</td>
</p>
<td>FHD Webcam</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>प्राइवेसी फीचर</td>
</p>
<td>Physical Privacy Shutter</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>माइक्रोफोन</td>
</p>
<td>Built-in Microphone</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऑडियो</td>
</p>
<td>Dual Stereo Speakers, HD Audio</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कनेक्टिविटी</td>
</p>
<td>Wi-Fi 6, Bluetooth 5.1</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी</td>
</p>
<td>53.8Wh Lithium-ion</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>चार्जिंग</td>
</p>
<td>65W Fast Charging</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कीबोर्ड फीचर</td>
</p>
<td>Copilot Key</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>पावर अडैप्टर</td>
</p>
<td>65W Adapter</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>डायमेंशन</td>
</p>
<td>312.5 x 218.5 x 17.5mm</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>वजन</td>
</p>
<td>1.2KG</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Laptop-37.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/acer-aspire-5-ai-laptop-launched-in-india-with-14-inch-screen-up-to-intel-core-ultra-7-cpu-price-and-features-1663129/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/acer-aspire-5-ai-laptop-launched-in-india-with-14-inch-screen-up-to-intel-core-ultra-7-cpu-price-and-features-1663129/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 20 May 2026 09:56:30 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[2023 में Chandrayaan-3 मिशन के Vikram Lander ने लगाया था छोटा Jump, अब ISRO को मिली ये बड़ी सफलता]]></title>
		<description>भारत के Chandrayaan-3 मिशन ने एक बार फिर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। 2023 में विक्रम लैंडर द्वारा किया गया छोटा सा &#039;Hop Experiment&#039; अब बड़ी वैज्ञानिक खोज बन गया है। इस टेस्ट से वैज्ञानिकों को चांद की मिट्टी और उसकी अलग-अलग परतों के बारे में अहम जानकारी मिली है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के Chandrayaan-3 मिशन ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। साल 2023 में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाले विक्रम लैंडर का एक छोटा सा &#8216;हॉप एक्सपेरिमेंट&#8217; अब वैज्ञानिकों के लिए बड़ी खोज बन गया है। मिशन खत्म होने से ठीक पहले ISRO वैज्ञानिकों ने बचा हुआ ईंधन इस्तेमाल करने का फैसला लिया और विक्रम लैंडर को हल्का सा ऊपर उठाकर कुछ दूरी पर उतारा गया। उस समय इसे सिर्फ टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग मानी गई थी, लेकिन अब इससे चांद की सतह के बारे में बेहद अहम जानकारी मिली है। यह खोज भविष्य में चांद पर इंसानों के बेस बनाने की योजना के लिए भी काफी यूजफुल मानी जा रही है।</p>
<h2><strong>Chandrayaan-3 ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर कौन सा इतिहास रचा था?</strong></h2>
</p>
<p>भारत ने 23 अगस्त 2023 को इतिहास रचते हुए चंद्रयान-3 को चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतारा था। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का पहला देश बना था। मिशन के साथ भेजे गए प्रज्ञान रोवर और कई वैज्ञानिक उपकरणों ने चांद की मिट्टी यानी &#8216;Regolith&#8217; का अध्ययन किया। ChaSTE नाम के उपकरण ने पहली बार इस इलाके की मिट्टी के तापमान और उसकी संरचना को मापा। मिशन को लगभग 14 दिनों तक काम करना था, लेकिन अंत में वैज्ञानिकों ने बचा हुआ ईंधन बेकार न जाने देने का फैसला किया और विक्रम लैंडर को करीब 40 से 50 सेंटीमीटर तक ऊपर उठाकर दूसरी जगह उतार दिया। यही छोटा सा हॉप अब बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि बन गया है।</p>
<h2><strong>आखिर चांद की मिट्टी के अंदर वैज्ञानिकों को क्या नया मिला?</strong></h2>
</p>
<p>इस हॉप के दौरान लैंडर के इंजनों से निकली गैस ने चांद की ऊपरी सतह की लगभग 3 सेंटीमीटर मोटी ढीली परत को हटा दिया। इसके नीचे मौजूद मिट्टी का अध्ययन करने का मौका मिला, जो पहले कभी सामने नहीं आई थी। वैज्ञानिकों ने पाया कि चांद की मिट्टी एक जैसी नहीं है, बल्कि अलग-अलग परतों में बंटी हुई है। ऊपर की सतह हल्की और ज्यादा ढीली है, जबकि नीचे की परत ज्यादा सख्त और घनी है। सिर्फ कुछ सेंटीमीटर के अंदर मिट्टी के गुण बदलते देख वैज्ञानिक भी हैरान रह गए। इससे पता चला कि चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह काफी अलग-अलग प्रकार की है।</p>
<h2><strong>NASA और भविष्य के Moon Mission के लिए यह खोज क्यों है बेहद अहम?</strong></h2>
</p>
<p>ISRO की यह खोज भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए बेहद जरूरी मानी जा रही है। NASA का Artemis मिशन आने वाले समय में चांद पर इंसानों को भेजने और वहां स्थायी बेस बनाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में चांद की मिट्टी कितनी मजबूत है, वहां मशीनें और इंसान कैसे काम करेंगे, यह समझना बहुत जरूरी है। चंद्रयान-3 के इस छोटे से हॉप ने वैज्ञानिकों को ऐसी जानकारी दी है, जो पहले कभी नहीं मिली थी। भारत के लिए यह एक और बड़ी उपलब्धि है क्योंकि Chandrayaan-1 ने जहां चांद पर पानी के संकेत खोजे थे, वहीं अब Chandrayaan-3 चांद की सतह की गहराई से नई परतें और रहस्य सामने ला रहा है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Chandrayaan-3.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Chandrayaan 3]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/chandrayaan-3-vikram-lander-hop-experiment-reveals-new-secrets-of-moon-surface-1663116/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/chandrayaan-3-vikram-lander-hop-experiment-reveals-new-secrets-of-moon-surface-1663116/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 20 May 2026 08:20:13 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google I/O 2026: पूरी तरह से बदल गया Google Search, अब AI की तरह करेगा काम]]></title>
		<description>Google I/O 2026 के दौरान कंपनी ने गूगल सर्च में कई बड़े बदलावों के ऐलान किए हैं। अब गूगल सर्च कई एआई फीचर्स से लैस है। साथ ही इसमें Search agents की भी एंट्री हो गई है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Google I/O 2026</strong> के दौरान कंपनी ने कई नए धाकड़ फीचर्स को पेश किया है। इसी दौरान कंपनी ने अपने गूगल सर्च सिस्टम को भी पूरी तरह से बदल दिया है। कंपनी का दावा है कि उन्होंने अपने 25 साल में अब-तक का सबसे बड़ा बदलाव गूगल सर्च में पेश किया है, जिसमें एआई पावर्ड सर्च एक्सपीरियंस, इंटेलीजेंस सर्च एजेंट, जनरेटिव यूआई टूल्स आदि शामिल है। गूगल ने AI Mode queries में भी बड़े बदलाव किए हैं। अब आप गूगल पर लंबे-लंबे सवाल व क्वैरी लिखकर सर्च कर सकते हैं। इसके अलावा, अब गूगल सर्च मल्टीमॉडल इनपुट को भी सपोर्ट करता है, जिसका मतलब यह है कि अब सिर्फ लिखकर ही नहीं बल्कि टेक्स्ट, इमेज, फाइल्स, वीडियो व क्रोम टैब के जरिए भी गूगल सर्च कर सकेंगे। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Google Search with Gemini 3.5 Flash</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-36.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663105" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-36.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-antigravity-2-0-launched-at-google-i-o-2026-with-ai-coding-agents-cli-tool-sdk-1663089/">Google</a> ने अपने Search फीचर को Gemini 3.5 Flash के साथ अपग्रेड कर दिया है। यह गूगल सर्च के AI Mode में नया डिफॉल्ट मॉडल बन चुका है। कंपनी का दावा है कि यह मॉडल अन्य एआई मॉडल की तुलना में तेजी से काम करेगा।</p>
<h2>Search now supports multimodal inputs</h2>
</p>
<p>गूगल पर अब आप सर्च के लिए मल्टीमॉडल इनपुट मिलने वाले हैं। इसमें आप टेक्स्ट, इमेज, फाइल्स, वीडियो व क्रोम टैब इनपुट के जरिए सर्च कर सकेंगे। सर्च करने पर आपको पहले की तरह ही कई तरह के रिजल्ट मिलेंगे। Intelligent Search box को ग्लोबली रोलआउट कर दिया गया है, जिसे उन सभी देशों में उपलब्ध कराया गया है जहां AI Mode मौजूद है।</p>
<h2>Conversation with Search</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-34.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663100" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-34.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>गूगल पर अब एआई की तरह बातचीत करते हुए भी सर्च कर सकते हैं, जिसके लिए Conversation with Search टूल रिलीज हो गया है। जैसे ही आप गूगल सर्च करके सवाल करते हैं, वैसे आपको AI Mode में कई जवाब प्राप्त होते हैं। आप Ask Anything में जाकर बातचीत करत हुए भी अपने सावलों के जवाब पा सकेंगे। यह फीचर भी मोबाइल व डेस्कटॉप यूजर्स के लिए दुनियाभर में रिलीज कर दिया गया है।</p>
<h2>Search agents</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-35.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1663101" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-35.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>गूगल ने नया Search agent भी रिलीज किया है। जहां आप अपने विभिन्न टास्क के लिए एआई एजेंट क्रिएट, कस्टमाइज व मैनेज कर सकते हैं। यह एआई एजेंट 24/7 काम करते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-37.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-i-o-2026-google-search-upgrades-with-ai-agents-gemini-3-5-flash-and-multimodal-inputs-1663096/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-i-o-2026-google-search-upgrades-with-ai-agents-gemini-3-5-flash-and-multimodal-inputs-1663096/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 20 May 2026 08:14:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google I/O 2026: अब Gmail Inbox खुद देंगे आपके सवालों के जवाब, आया नया AI फीचर]]></title>
		<description>Google ने अपने इवेंट Google I/O 2026 में Gmail के लिए नया AI फीचर ‘Gmail Live’ लॉन्च किया है। अब यूजर्स अपने Inbox से सीधे सवाल पूछ सकेंगे और Gemini AI जरूरी Emails से तुरंत जवाब ढूंढकर देगा। यह फीचर Email Search को आसान, तेज और पहले से ज्यादा स्मार्ट बनाने वाला है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने बड़े इवेंट Google I/O 2026 में Gmail के लिए एक नया AI फीचर पेश किया है, जिसका नाम &#8216;Gmail Live&#8217; रखा गया है। यह फीचर यूजर्स को अपने Gmail Inbox से बातचीत करने की सुविधा देगा, यानी अब लोगों को किसी जरूरी ईमेल को ढूंढने के लिए बार-बार अलग-अलग Keywords टाइप नहीं करने पड़ेंगे। यूजर सीधे सामान्य भाषा में सवाल पूछ सकेंगे और Gemini AI उनके Inbox से जवाब निकालकर देगा। Google का कहना है कि यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद मददगार होगा, जिनके Inbox में हजारों Emails मौजूद रहते हैं और जरूरी जानकारी ढूंढना मुश्किल हो जाता है। कंपनी ने इसे Gmail के AI Inbox Experience का अगला बड़ा कदम बताया है।</p>
<h2><strong>Gmail Live कैसे ढूंढेगा आपके जरूरी Emails की जानकारी?</strong></h2>
</p>
<p>Google के मुताबिक Gmail Live यूजर्स के सवालों को इंसानों की तरह समझ सकेगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी यूजर को अपनी Flight Timing, Dentist Appointment, Airbnb Door Code या बच्चों के स्कूल इवेंट की जानकारी चाहिए, तो वह सीधे पूछ सकेगा। Gmail Live संबंधित Emails को स्कैन करके तुरंत जवाब देगा। Google की Product Lead Devanshi Bhandari ने बताया कि यह फीचर Follow-up Questions को भी समझता है और बातचीत के दौरान Topic बदलने पर भी सही जवाब देने की क्षमता रखता है। डेमो के दौरान Gmail Live ने &#8216;Trip&#8217; और &#8216;Field Trip&#8217; जैसे शब्दों का फर्क भी समझा और अलग-अलग Emails से जरूरी Details निकालकर दिखाई।</p>
</p>
<div id="attachment_1663097" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-I_O-2026-Gmail-Live-AI-1.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1663097" class="wp-image-1663097 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-I_O-2026-Gmail-Live-AI-1.jpg" alt="Google I_O 2026 Gmail Live AI " width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1663097" class="wp-caption-text">Image Credits:Google</p>
</div>
<h2><strong>क्या Gmail अब AI Assistant की तरह जवाब देगा?</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने बताया कि Gmail Live केवल Search Tool नहीं होगा, बल्कि यह एक Conversational AI Assistant की तरह काम करेगा। यूजर्स इसे आवाज के जरिए भी इस्तेमाल कर पाएंगे, ठीक वैसे ही जैसे लोग Gemini या ChatGPT जैसे AI Chatbots से बात करते हैं। Google का मानना है कि AI को लोगों के रोजमर्रा के कामों में यूजफुल बनाना जरूरी है और Gmail Live उसी दिशा में एक बड़ा कदम है, हालांकि Google ने साफ किया कि पुराने Gmail Search को हटाया नहीं जा रहा है। यूजर्स चाहें तो पहले की तरह Keyword Search का इस्तेमाल भी कर सकेंगे। इससे पहले Google Photos में AI Search Feature को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद कंपनी को AI Search को Optional बनाना पड़ा था।</p>
</p>
<div id="attachment_1663098" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-I_O-2026-Gmail-Live-AI.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1663098" class="wp-image-1663098 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-I_O-2026-Gmail-Live-AI.jpg" alt="Google I_O 2026 Gmail Live AI " width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1663098" class="wp-caption-text">Image Credits:Google</p>
</div>
<h2><strong>Gmail में और कौन-कौन से नए AI फीचर्स आए हैं?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा Gmail में कई नए AI फीचर्स भी जोड़े जा रहे हैं। इनमें Ready-to-Send Drafts, Instant File Access और To-Do Tasks को सीधे Manage करने की सुविधा शामिल है। Google ने बताया कि AI Inbox Experience अब केवल Google AI Ultra Subscribers तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे Google AI Pro और Plus Subscribers के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा, हालांकि Voice-Based Gmail Live फीचर की शुरुआत इस साल गर्मियों के अंत तक होगी और शुरुआती दौर में यह सिर्फ Google AI Ultra Subscribers को मिलेगा। Google का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे AI फीचर्स लोगों के Email इस्तेमाल करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Gmail-4.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-i-o-2026-gmail-live-ai-feature-lets-users-talk-to-their-gmail-inbox-1663094/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-i-o-2026-gmail-live-ai-feature-lets-users-talk-to-their-gmail-inbox-1663094/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 20 May 2026 07:51:03 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google I/O 2026: आखिर क्या है Antigravity 2.0 AI Tool, मिलेगा ये बड़ा फायदा]]></title>
		<description>Google I/O 2026 में Google ने अपना नया AI Coding Platform &#039;Antigravity 2.0&#039; पेश किया है। यह एक स्मार्ट AI Tool है, जो Coding, Automation और कई टेक्निकल काम खुद समझकर तेजी से पूरा कर सकता है। नए Desktop App, CLI Tool और SDK की मदद से Developers अब आसान तरीके से Custom AI Agents और Workflows तैयार कर सकेंगे। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने बड़े इवेंट Google I/O 2026 में AI Coding Platform &#8216;Antigravity 2.0&#8217; का नया और ज्यादा एडवांस वर्जन पेश किया है। इस बार कंपनी ने इसे ऐसा बनाया है, जो Coding के कई काम खुद समझकर कर सके। नए अपडेट के साथ Google ने नया Desktop App, CLI Tool और खास SDK भी पेश किया है। इनकी मदद से Developers अपने Custom AI Agents और अलग-अलग Workflows आसानी से बना सकेंगे। Google ने पहली बार Antigravity को पिछले साल लॉन्च किया था। इसे खासतौर पर Cursor जैसे AI Coding Tools को टक्कर देने के लिए लाया गया था। अब नया Antigravity 2.0 पहले से ज्यादा स्मार्ट, तेज और Multitasking वाला बन गया है, यानी यह एक साथ कई Coding और Automation Tasks को बेहतर तरीके से संभाल सकता है।</p>
<h2><strong>नया Desktop App कैसे करेगा काम आसान?</strong></h2>
</p>
<p>Google के अनुसार नया Desktop App यूजर्स को एक साथ कई AI Agents चलाने की सुविधा देगा, यानी अलग-अलग काम एक ही समय पर पूरे किए जा सकेंगे, जिससे काम तेजी से होगा। इसके अलावा Developers अब अपने हिसाब से Custom Subagents भी बना सकेंगे। इन AI Workflows को ऐसे सेट किया जा सकेगा कि वे अपने आप Background में तय समय पर काम करते रहें। कंपनी ने बताया कि नया सिस्टम Google AI Studio, Android और Firebase जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ आसानी से जुड़ जाता है। इससे Developers को अलग-अलग Google Services के साथ काम करना आसान होगा। इस पूरे सिस्टम को Google के नए Gemini 3.5 Flash AI Model की ताकत मिल रही है। Google का दावा है कि इस मॉडल को बनाने में भी Antigravity का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से Gemini 3.5 Flash Coding और Automation से जुड़े कामों में पहले से ज्यादा तेज और बेहतर प्रदर्शन करता है।</p>
<h2><strong>Google के Antigravity में और क्या-क्या फीचर्स मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>Google ने Antigravity में अब Voice Command फीचर भी जोड़ दिया है, यानी यूजर्स अब सिर्फ बोलकर भी Coding से जुड़े कई काम कर पाएंगे। इससे Coding करना पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। कंपनी ने इसके साथ नया Antigravity CLI Tool भी लॉन्च किया है। यह खास उन Programmers के लिए बनाया गया है, जो Terminal या Command Window में काम करना पसंद करते हैं। Google ने पुराने Gemini CLI Tool इस्तेमाल करने वाले यूजर्स से नए Antigravity CLI पर आने की सलाह दी है। इसके अलावा Google ने नया Antigravity SDK भी पेश किया है। इसकी मदद से Developers अपने खुद के Custom AI Agents बना सकेंगे, यानी कंपनियां और डेवलपर्स अपनी जरूरत के हिसाब से AI Tools तैयार कर पाएंगे। Google Cloud इस्तेमाल करने वाले यूजर्स अब Antigravity को सीधे अपने Projects से जोड़ सकेंगे। वहीं AI Studio में Enterprise Users को पहले से तैयार Agent Templates भी मिलेंगे, जिससे AI Agents बनाना और आसान हो जाएगा। कंपनी ने एक नया Export Tool भी दिया है। इसकी मदद से Developers AI Studio में बने अपने Projects को Export करके अपने कंप्यूटर पर आगे काम जारी रख सकेंगे।</p>
<h2><strong>आम यूजर्स को भी मिलेगा इसका फायदा?</strong></h2>
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<p>Google अब Antigravity की AI Coding टेक्नोलॉजी को अपने आम यूजर्स वाले प्रोडक्ट्स में भी इस्तेमाल करेगा। कंपनी के मुताबिक, अब Google Search में कुछ सवाल सर्च करने पर यूजर्स को सिर्फ टेक्स्ट जवाब नहीं मिलेगा, बल्कि Real-time Custom UI और छोटे Mini Apps भी दिखाई देंगे। इससे Search करना पहले से ज्यादा आसान और मजेदार हो जाएगा। इसके साथ ही Google ने नया AI Ultra Subscription Plan भी लॉन्च किया है, जिसकी कीमत 100 डॉलर रखी गई है। कंपनी का कहना है कि इस प्लान में Pro Plan के मुकाबले 5 गुना ज्यादा AI इस्तेमाल करने की लिमिट मिलेगी, वहीं Google ने अपने पुराने सबसे महंगे AI Ultra Plan की कीमत भी कम कर दी है। पहले इसकी कीमत 250 डॉलर थी, जिसे अब घटाकर 200 डॉलर कर दिया गया है। इस प्लान में यूजर्स को Pro Plan से 20 गुना ज्यादा Usage Limits मिलेंगी। Google के अलावा OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियां भी पिछले कुछ सालों में कई Premium AI Plans लॉन्च कर चुकी हैं, ताकि अलग-अलग जरूरत वाले यूजर्स को बेहतर AI फीचर्स और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें।</p>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
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