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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Tue, 07 Jul 2026 18:40:02 +0000</lastBuildDate>
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	 <item>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 11:17:22 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Microsoft Teams में जल्द आएंगे ये सब फीचर्स, आने वाला है बड़ा अपडेट]]></title>
		<description>Microsoft Teams में जल्द ही नए AI फीचर्स आने वाले है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इनका रोल-आउट शुरू हो गया है। आइए जानते हैं इन फीचर्स के बारे में और कैसे करेंगे काम...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Microsoft Teams जल्द कई नए AI फीचर्स रोल-आउट करेगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ऑफिस मीटिंग में होने वाली बातचीत को समझने के लिए AI Facilitator नाम का फीचर ला रही है, जिसकी मदद से ये पता चलेगा कि कौन किस बात को लेकर कन्फ्यूज है या उसे और जानकारी चाहिए। यह फीचर सिर्फ मीटिंग होस्ट और उसमें शामिल लोगों के लिए होगी और गेस्ट यूजर्स इसका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।</p>
<h2><strong>AI Facilitator कैसे काम करेगा</strong></h2>
</p>
<p>ऑफिस मीटिंग के दौरान अगर AI को लगे कि जानकारी पूरी नहीं है, तो वो इंटरनेट से पता करके सीधे मीटिंग चैट में शेयर करेगा, हालांकि यूजर चाहें तो Meeting AI ऑप्शन से ये फीचर बंद कर कर सकता है।</p>
<h2><strong>Take Notes फीचर भी होगा अपडेट</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft Teams में Take Notes फीचर को भी अपडेट किया जाएगा। अब तक ये फीचर सिर्फ शेड्यूल की गई ऑनलाइन मीटिंग्स से लिए था पर अब Teams Rooms on Windows के जरिए In-Person मीटिंग्स में भी मिलेगा।</p>
<h2><strong>कैसे काम करेगा ये फीचर</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर में AI की मदद से आप मीटिंग को रिकॉर्ड करने से साथ-साथ उसके नोट्स बना सकते है। रिपोर्ट के अनुसार, ये फीचर अगस्त में रोल-आउट होना शुरू होगा और अक्तूबर तक ज्यादातर यूजर्स को मिल जाएगा।</p>
<h2><strong>चैट सेक्शन भी होगा बेहतर</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft Teams चैट सेक्शन को भी बेहतर कर रही है। इसमें Muted और Meeting Chats नाम के दो ऑप्शन होंगे। इनका काम होगा चैट को अलग-अलग करके कैटेगरी में बंटना, जिससे जरूरी चैट ढूंढना आसान होगा।</p>
</p>
<p>Microsoft Teams पर अब मीटिंग का इनविटेशन No-Reply ईमेल की बजाय सीधे इसको होस्ट करने वाले के ईमेल से भेजा जाएगा। इससे गेस्ट को आसानी से पहचान सकेंगे कि उन्हें किसने मीटिंग के लिए बुलाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव इसी महीने के आखिर तक आ जाएगा।</p>
<h2><strong>यूजर्स के क्यों यूजफुल है ये फीचर्स</strong></h2>
</p>
<p>इन सब फीचर्स उन लोगों के लिए यूजफुल है जहां रोजाना कई मीटिंग्स होती हैं। अब आप Microsoft Teams को सिर्फ वीडियो कॉलिंग की तरह नहीं, बल्कि मीटिंग के नोट्स बनाने, उनको रिकॉर्ड करने, AI से जानकरी लेने जैसे काम कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Microsoft-Teams-AI-features.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Microsoft Teams AI features]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 07:51:06 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ई-रिक्शा के बाद ATM को बंद-चालू करने वाले ऐप का वीडियो वायरल, जानिए इस दावे का सच]]></title>
		<description>ई-रिक्शा के बाद ऐप से ATM को बंद-चालू करने की वीडियों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, लेकिन क्या ऐसा सच में संभव है? आइए जानते हैं इस दावे का सच...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दो लोग एक मोबाइल ऐप की मदद से ATM मशीन को दूर से बंद और चालू कर रहे हैं। इससे पहले BAT-BMS ऐप का यूज करके ई-रिक्शा को दूर से बंद करने के मामलों में सामने आए थे, हालांकि Techlusive इस विडियों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं क्या ऐप मदद से ATM मशीनों को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए जानते हैं&#8230;</p>
<h2><strong>वीडियो में क्या दिखाया गया है?</strong></h2>
</p>
<p>BAT-BMS जैसे मोबाइल ऐप्स कुछ समय पहले ही चर्चा में आए थे, जब लोग सोशल मीडिया पर चलते हुए ई-रिक्शा को दूर से ही बंद करके वीडियों डाल रहे थे। अब इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियों वयलरल हो रहा है, जिसमें BAT-BMS जैसा इंटरफेस वाले ऐप से ATM मशीन को बंद-चालू किया जा रहा है, हालांकि इसमें दिख रहे लोगों की अभी पहचान नहीं हुई है और न हीं ATM मशीन की देखभाल कर रहे कर्मचारी का पता चला है।</p>

<p></p>
<h2><strong>क्या ATM हैक हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>Cyber ​​security एक्सपर्ट्स के अनुसार, ATM और ई-रिक्शा में काम कर रही टेक्नोलॉजी एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है।</p>
<ul>
<li>ई-रिक्शा के कुछ मॉडल सस्ते Battery Management System (BMS) और असुरक्षित कनेक्शन की वजह से हैक हो सकते हैं।</li>
<li></li>
<li>ATM मशीनें बैंक के सुरक्षित नेटवर्क, VPN, एन्क्रिप्शन, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी और फायरवॉल जैसी कई सुरक्षा सिस्टम पर काम करती हैं। ऐसे में किसी मोबाइल ऐप से उन्हें कंट्रोल करना लगभग असंभव है।</li>
</ul>
<h2><strong>सरकार ने क्या कार्रवाई की?</strong></h2>
</p>
<p>Ministry of Electronics and Information Technology(MeitY) ने गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से BAT-BMS ऐप हटा दिया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के नाम वाले कई फर्जी ऐप्स अभी भी है और इनकों डाउनलोड न करें क्योंकि इनमें मैलवेयर हो सकता है।</p>
<h2><strong>वीडियों में किया गया दावा सहीं है या गलत?</strong></h2>
</p>
<p>सोशल मीडिया पर ज्यादा व्यूज और वायरल होने के चक्कर में इस तरह के वीडियो बनाए जाते हैं। फिलहाल किसी बैंक ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और इसका कोई आधिकारिक सबूत भी सामने नहीं आया है। इसलिए ऐसे विडियों पर भरोसा न करें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/ATM-viral-video.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ATM viral video]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/can-a-mobile-app-control-an-atm-truth-behind-the-viral-atm-shutdown-video-1668199/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 07:42:18 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[WhatsApp Boss Scam: स्कैमर्स के निशाने पर हैं नौकरीपेशा लोग, .ZIP files भूलकर भी न करें डाउनलोड]]></title>
		<description>WhatsApp Boss Scam: OTP मांगकर लोगों को ठगने का प्रोसेस पुराना हो चुका है। अब स्कैमर्स आपके बॉस बनकर आपको ठगने की कोशिश में लगे हैं। बॉस के नाम से आई ZIP files पर भूलकर भी न करें क्लिक।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>WhatsApp Boss Scam:</strong> डिजिटल दौर में स्कैमर्स मासूम लोगों की जमा-पूंजी को लूटने के लिए नए-नए तरीके निकालते रहते हैं। फोन कॉल के जरिए OTP मांगने जैसे स्कैम अब पुराने हो चुके हैं। स्कैमर्स अब सीधे आपको WhatsApp कॉल व मैसेज करके अपना शिकार बनाने की फिराक में होते हैं। इन दिनों व्हाट्सऐप पर नया स्कैम देखा जा रहा है, जिसका नाम है &#8216;Boss Scam&#8217;। इस स्कैम के जरिए हैकर्स वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपना टारगेट बना रहे हैं। अगर आप भी कॉरपोरेट में जॉब करते हैं, तो आपको इस स्कैम की पूरी जानकारी होना जरूरी है&#8230; वरना आप भी अपनी जमा-पूंजी को मिनटों में गंवा बैठेंगे। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<h2>क्या है WhatsApp Boss Scam?</h2>
</p>
<p>Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल CyberDost I4C के जरिए मार्केट के नए स्कैम की जानकारी सार्वजनिक की है। इस स्कैम के जरिए हैकर्स आपके बॉस की DP और नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद वो आपको एक <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/5-tips-to-remember-while-creating-username-on-whatsapp-1668191/">WhatsApp</a> मैसेज करेंगे, जिसमें .ZIP File मौजूद होगी। बॉस का नाम देखते ही आप हडबड़ी में मैसेज ओपन कर लेते हैं और ZIP फाइल को बिना कुछ सोचे-समझे डाउनलोड कर लेते हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">🚨 New Boss Scam Alert!</p>
</p>
<p>Cyber criminals are targeting working professionals with malicious .ZIP files <a href="https://t.co/9o1GX2mksi" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/9o1GX2mksi</a></p>
</p>
<p>— CyberDost I4C (@Cyberdost) <a href="https://x.com/Cyberdost/status/2072908115918635346?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 3, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>फाइल डाउनलोड करते ही आपके व्हाट्सऐप का एक्सेस हैकर के हाथ में पहुंच जाता है। इसके अलावा, वो इस तरह के अकाउंट के जरिए Finance Team से भी कनेक्ट कर सकते हैं और तुरंत Urgent Payment की डिमांड करने लगते हैं। बॉस का नाम देखकर कोई भी धोखा खा सकता है।</p>
<h2>कैसे करें बचाव?</h2>
</p>
<p>1. भले ही बॉस का नाम हो&#8230; लेकिन अगर आपको किसी नए या फिर अज्ञात नंबर से मैसेज आ रहा है, जो आपको अलर्ट हो जाने की जरूरत है।</p>
</p>
<p>2. DP व बॉस का नाम लगा लेने से जरूरी नहीं सामने वाला सच में आपको बॉस व मैनेजर हो।</p>
</p>
<p>3. इस तरह के नंबर से आने वाली किसी तरह की ZIP फाइल या फाइल को बिल्कुल डाउनलोड न करें।</p>
</p>
<p>4. व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें। अगर सामने से ऐसा कभी कोई मैसेज आता है, तो पहले उनके असली नंबर पर कॉल करके मामले को वेरिफाई करें।</p>
</p>
<p>5. अगर आपने गलती से इस तरह की फाइल डाउनलोड कर ली है और फाइल पूरी ब्लैंक हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत करें।</p>
<h2>WhatsApp सेफ्टी फीचर्स पर रखें नजर</h2>
</p>
<p>1. समय-समय पर अपने WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर Linked Devices की लिस्ट देखते रहे। अगर आपका व्हाट्सऐप हैक हुआ है, तो इस लिस्ट में अज्ञात फोन व डिवाइस का नाम मौजूद हो सकता है।</p>
</p>
<p>2. WhatsApp पर हमेशा Two-Step Verification (2FA) सेफ्टी को इनेबल रखें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-10.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 02:00:09 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Microsoft ने लिया बड़ा फैसला, 4,800 कर्मचारियों की होगी छंटनी, जानिए वजह]]></title>
		<description>Microsoft ने करीब 4,800 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। आइए जानते हैं कंपनी ने यह फैसला क्यों लिया और किन कर्मचारियों पर पड़ेगा असर।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Microsoft ने फिर छंटनी का ऐलान किया है। इस बार करीब 4,800 लोगों की नौकरियां जाएंगी और यह कुल कर्मचारियों का लगभग 2 प्रतिशत है। कंपनी का कहना है यह फैसला AI की वजह से नहीं, बल्कि Organizational Restructuring की वजह से लिया गया है, ताकि भविष्य में नई टेक्नोलॉजी के साथ बेहतर तरीके से काम कर सके। इसलिए Commercial Business और Xbox डिवीजन में बड़े बदलाव होंगे, साथ ही AI पर निवेश भी तेजी से बढ़ाया जाएगा।</p>
<h2><strong>Xbox डिवीजन में सबसे बड़ी छंटनी </strong></h2>
</p>
<p>इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर Xbox डिवीजन पर पड़ेगा। आने वाले Financial Year में करीब 3200 Gaming Jobs खत्म की जाएंगी। कंपनी इस प्रक्रिया के तहत 4 गेम स्टूडियो को अलग करेगी या बेच देगी, वहीं 5वें स्टूडियो का Review किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें बेचने या बंद करने का फैसला लिया जाएगा।</p>
<h2><strong>Microsoft ने क्या कहा</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft की Chief People Officer &#8216;Amy Coleman&#8217; ने कर्मचारियों को भेजे गए मेमो में लिखा कि दुनिया तेजी से AI की तरफ बढ़ रही है इसलिए हमें भी नए तरीके से काम करना होगा और जिन कर्मचारियों की नौकरी जाएगी, उनकी जगह सीधे AI नहीं लेगा।</p>
<h2><strong>1600 कर्मचारियों की तुरंत होगी छुट्टी</strong></h2>
</p>
<p>AFP के मुताबिक, Xbox की CEO Asha Sharma ने कर्मचारियों को भेजे गए एक अलग मेमो में बताया कि 1600 कर्मचारियों की नौकरी अभी जाएगी, जबकि बाकी कर्मचारियों की छंटनी वित्तीय वर्ष 2027 तक धीरे-धीरे की जाएगी।</p>
</p>
<p>Asha Sharma का लक्ष्य 2027 तक Xbox के गेमिंग बिजनेस को बेतहर करना है लेकिन कंपनी का मुनाफा अभी बड़े कंपीटीटर के मुकाबले 3 से 10 गुना कम है।</p>
<h2><strong>Microsoft के अलावा ये कंपनियां भी कर चुकी है छंटनी</strong></h2>
</p>
<p>Microsoft ही नहीं दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां भी AI पर भारी निवेश कर रही हैं। AI Data Centres और AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के लिए प्रॉफिट बनाए रखना बड़ी चुनौती है। इसलिए Microsoft के अलावा Amazon, Oracle, Cognizant और Meta भी  इस साल हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 के शुरुआती छह महिनों में लगभग 1.54 लाख से ज्यादा लोगों की नौकरी जा चुकी है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Microsoft.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Microsoft]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 07 Jul 2026 03:55:20 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Apple ने भारत में दोबारा शुरू की कार्ड पेमेंट सर्विस, ऐप स्टोर पर कर पाएंगे Debit-Credit Card से पेमेंट]]></title>
		<description>Apple ने चार साल बाद ऐप स्टोर और क्लाउड जैसी सेवाओं के लिए क्रेडिट व डेबिट कार्ड से पेमेंट करने का ऑप्शन देना शुरू कर दिया है। इस विकल्प को साल 2022 में RBI के पेमेंट नियम के कारण बंद किया गया था।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Apple</strong> ने एक बार फिर से भारत में क्रेडिट और डेबिट कार्ड पेमेंट सर्विस को शुरू किया है। इस कदम से यूजर्स को ऐप स्टोर (App Store) और आइक्लाउड (iCloud) पर क्रेडिट व डेबिट कार्ड से पेमेंट करने का विकल्प मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2022 में अमेरिकन कंपनी एप्पल ने RBI (Reserve Bank of India) के पेमेंट फ्रेमवर्क को ध्यान में रखकर इस सर्विस को बंद किया था। हालांकि, अब चार साल बाद इस सेवा को दोबारा लाया गया है।</p>
<h2>सभी के लिए रोलआउट हुए पेमेंट ऑप्शन</h2>
</p>
<p>टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/apple-macbook-air-macbook-pro-ipad-air-price-hike-in-india-1667223/">Apple</a></strong> ने ऐप स्टोर और आइक्लाउड पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने का ऑप्शन देना शुरू कर दिया है। इससे अब यूजर्स अपने Visa-Master Card के डेबिट व क्रेडिट कार्ड को जोड़कर ऐप स्टोर से खरीदारी करने के साथ iCloud+ और Apple Music जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए पेमेंट कर पाएंगे।</p>
</p>
<p>डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पहले यूजर्स को सर्विस का भुगतान करने के लिए UPI का उपयोग करना पड़ता था, लेकिन अब कार्ड्स से भी पेमेंट की जा सकेगी। इस पेमेंट ऑप्शन को चुनिंदा यूजर्स के लिए रोलआउट किया गया है। आने वाले दिनों में इस विकल्प को सभी यूजर्स के लिए रिलीज कर दिया जाएगा।</p>
<h2>कब आया RBI का पेमेंट नियम ?</h2>
</p>
<p>आरबीआई यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने साल 2021 में पेमेंट से जुड़े नियम को लागू किया था, जिससे कारोबारियों और पेमेंट कंपनियों को कार्ड से होने वाली नियमित पेमेंट को सिक्योर बनाना पड़ा। साथ ही, कार्ड्स की डिटेल को सामान्य डिटेल के रूप की बजाय डिजिटल टोकन के रूप में स्टोर करने को कहा गया।</p>
<h2>Apple Pay हो सकता है लॉन्च</h2>
</p>
<p>एप्पल के डेबिट और क्रेडिट पेमेंट ऑप्शन के आने से एप्पल पे (Apple Pay) के आने का संकेत मिल रहा है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर एप्पल पे की लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।</p>
<h2>FAQs</h2>
</p>
<p>1. Apple की कौन-सी सर्विस भारत में दोबारा शुरू हुई है ?</p>
<p>उत्तर. Apple ने भारत में App Store और iCloud पर क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट करने का विकल्प दोबारा दिया है।</p>
</p>
<p>2. पहले यूजर्स पेमेंट कैसे करते थे?</p>
<p>उत्तर. कार्ड से पेमेंट करने से पहले यूजर्स को App Store और iCloud जैसी सेवाओं के लिए UPI से भुगतान करने का ऑप्शन मिलता था।</p>
</p>
<p>3. Apple ने 2022 में कार्ड पेमेंट क्यों बंद कर दिया था?</p>
<p>उत्तर. कंपनी ने RBI के पेमेंट नियम और कार्ड टोकनाइजेशन फ्रेमवर्क के कारण कार्ड पेमेंट सेवा को बंद किया था।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/APPL.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-card-payments-service-restore-in-india-after-four-years-1668184/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-card-payments-service-restore-in-india-after-four-years-1668184/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:46:16 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले पर Google ने दिल्ली हाईकोर्ट से क्या कहा? जानें पूरा मामला]]></title>
		<description>दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले को लेकर Google का बयान आया है। आइए जानते हैं क्या कहां कंपनी ने...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कोर्ट रिकॉर्डिंग मामले में Google ने अपने Affidavit में बताया कि वह YouTube पर कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो अपलोड होने से पहले उन्हें पहचानकर रोक नहीं सकता। अगर किसी वीडियो को अदालत गैरकानूनी घोषित करती है या उसके बारे में जानकारी दी जाती है, तभी वह उसे हटा सकता है, क्योंकि YouTube पर हर दिन लाखों वीडियो अपलोड होते हैं, ऐसे में हर वीडियो की पहले से जांच करना मुमकिन नहीं है।</p>
<h3><strong>कंपनी के अनुसार&#8230;</strong></h3>
</p>
<ul>
<li>किसी वीडियो को देखकर यह तय करना आसान नहीं होता कि वह कोर्ट की रिकॉर्डिंग है या नहीं।</li>
<li>अगर वह कोर्ट का वीडियो है भी, तो यह पता लगाना मुश्किल है कि उसे अदालत की अनुमति से रिकॉर्ड किया गया था या बिना अनुमति के।</li>
<li>अलग-अलग राज्यों और हाईकोर्ट के अपने-अपने नियम हैं, इसलिए हर वीडियो की पहले से जांच करना पॉसिबल नहीं है।</li>
</ul>
<h2><strong>वीडियो हटवानें के लिए क्या करना होगा?</strong></h2>
</p>
<p>भारत के कानून के अनुसार, किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की यह जिम्मेदारी नहीं होती कि वह यूजर्स द्वारा अपलोड किए गए हर वीडियो की निगरानी करे। कोई वीडियो कानून का उल्लंघन करता है या नहीं, इसका फैसला सिर्फ अदालत ही कर सकती है। अगर अदालत किसी वीडियो को अवैध मानती है और उसका URL कंपनी को देती है, तो उस वीडियो को हटा दिया जाएगा।</p>
<h2><strong>क्या है मामला?</strong></h2>
</p>
<p>यह मामला वकील वैभव सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया है। याचिका में कहा गया कि Arvind Kejriwal की कोर्ट में पेशी के दौरान बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया था। यह वीडियो आबकारी नीति मामले की सुनवाई के समय का बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना अदालत की अनुमति कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करके इंटरनेट पर डालना गलत है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<h2><strong>भारत का कानुन क्या कहता है?</strong></h2>
</p>
<p>Information Technology Act, 2000 की धारा 79 के तहत YouTube जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को कुछ कानूनी सुरक्षा मिलती है क्योंकि ये सिर्फ यूजर्स द्वारा अपलोड किया गए कंटेंट दिखाते हैं। इसलिए Google का कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी उस व्यक्ति की होती है, जिसने वीडियो रिकॉर्ड किया या अपलोड किया, न कि प्लेटफॉर्म की। अब इस पूरे मामले पर अंतिम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट को करना है।</p>
<h2><strong>अदालत Google के खिलाफ फैसला लेती है तो क्या होगा?</strong></h2>
</p>
<p>अगर इस मामले में अदालत यह फैसला लेती है कि YouTube खुद ऐसे विडियों मॉनिटर करके हटाए, तो इस स्थिति में Google को अपनी Content Policy और Content Moderation सिस्टम में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। कंपनी को ऐसे टूल्स या सिस्टम डेवलप करने होंगे जो ऐसी वीडियो की पहचान करके उन्हें अपलोड होने से पहले या तुरंत बाद रोक सकें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/untitled-2026-07-06T155337.583.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google tells Delhi HC it can remove court videos only after legal identification]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-tells-delhi-high-court-it-cannot-proactively-monitor-court-videos-on-youtube-what-the-case-means-1668154/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-tells-delhi-high-court-it-cannot-proactively-monitor-court-videos-on-youtube-what-the-case-means-1668154/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 11:08:42 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Amazon-Flipkart Sale के दौरान तेजी से बढ़ रहे Delivery Scam, ऑर्डर डिलीवरी में होगी देरी... रहें सावधान]]></title>
		<description>Amazon Flipkart Sale: आपकी तरह ही स्कैमर्स भी इस तरह की ई-कॉमर्स सेल का बेसब्री से इंतजार करते हैं, ताकी आपको लूटकर मोटी कमाई की जा सके। सेल के दौरान अगर आपने भी कुछ ऑर्डर किया है, तो यह खबर आपके लिए ही है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Amazon</strong> और Flipkart पर इन दिनों सेल जारी है। इन सेल के दौरान देशभर के ग्राहक बंपर डील व डिस्काउंट ऑफर्स का फायदा उठाकर खरीदारी करते हैं। जहां ग्राहकों को अमेजन और फ्लिपकार्ट की सेल का बेसब्री से इंतजार रहता है वहीं स्कैमर्स भी इन्हीं सेल का इंतजार कर रहे होते हैं। जी नहीं&#8230; स्कैमर्स सेल के दौरान खरीदारी करने का नहीं बल्कि आप जैसे मासूम लोगों लूटने की फिराक में होते हैं। अभी तक आपने सेल के दौरान गलत आइटम्स की डिलीवरी वाले कई मामले सुने होंगे&#8230; वहीं स्कैमर्स हर सेल के साथ अपग्रेड हो जाते हैं और लोगों को लूटने का नया-नया तरीका ढूंढते रहते हैं। इस सेल के दौरान अलग ही Delivery Scam सुनने को मिल रहा है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>क्या है नया Delivery Scam?</h2>
</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो Amazon और Flipkart सेल के दौरान स्कैमर्स नया Delivery Scam लेकर आ गए हैं। इस स्कैम के तहत स्कैमर्स डिलीवरी एजेंट बनकर आप कॉल या फिर मैसेज करते हैं और कहते हैं कि आपका ऑर्डर डिलीवर होने में समय लगेगा या फिर आपका ऑर्डर कहीं बीच में अटक गया है। समय पर ऑर्डर डिलीवरी के लिए ग्राहकों को अपना एड्रेस अपडेट करने को कहा जाता है, जिसके लिए स्कैमर्स एक Fake Link उन्हें मैसेज के जरिए भेज देते हैं।</p>
</p>
<p>जैसे ही आप स्कैमर्स की बातों में आते हैं और एड्रेस अपडेट करने के लिए लिंक पर क्लिक करते हैं वैसे ही आप अमेजन या फिर फ्लिपकार्ट जैसी दिखने वाली नकली साइट पर पहुंच जाते हैं। यहां आप साइट दोबारा से लॉग-इन करने के लिए नंबर, पासवर्ड, अपनी कार्ड व बैंकिंग डिटेल्स भर देते हैं। आपको पता भी नहीं चलता कि कुछ सेकेंड्स में आपकी सभी डिटेल्स स्कैमर्स के हाथों लग चुकी है।</p>
<h2>एक्स्ट्रा चार्ज की भी डिमांड</h2>
</p>
<p>कई स्कैमर्स डिलीवरी एजेंट बनकर लोगों को ऑर्डर डिलीवरी के लिए एक्स्ट्रा चार्ज की भी डिमांड कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के कॉल्स व मैसेज पर आसानी से भरोसा न करें।</p>
<h2>Sale के दौरान इन बातों का न करें इग्नोर</h2>
</p>
<p>1. डिलीवरी के दौरान डिलीवरी एजेंट किसी तरह की एक्स्ट्रा फीस वसूल नहीं कर सकता।</p>
</p>
<p>2. कॉल और मैसेज के जरिए आप लिंक पर क्लिक करने से पहले 2 बार सोचे।</p>
</p>
<p>3. सेल के दौरान मिलने वाले ज्यादा ही सस्ते ऑफर्स देखकर तुरंत ऑर्डर प्लेस न करें।</p>
</p>
<p>4. असली व नकली साइट में पहचान करना जरूर सीखें।</p>
<h2>Amazon-Flipkart सेल</h2>
</p>
<p>Amazon पर इन दिनों Prime Day Sale चल रही है, जो कि 4 जुलाई को शुरू हुई थी। आज सेल का आखिरी दिन है, जो कि 6 जुलाई की आधी रात से खत्म होने वाली है। वहीं, Flipkart Goat सेल भी 4 जुलाई को शुरू हुई थी।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 08:41:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[SIR 2026: साल 2002 की वोटर लिस्ट में अपना नाम घर बैठे फोन पर ऐसे ढूंढे, बहुत आसान है तरीका]]></title>
		<description>SIR 2026 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगर आपका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं थी, तो ऐसे ढूंढे माता-पिता या फिर दादा-दादी का नाम। बहुत आसान है प्रक्रिया, घर बैठे फोन पर होगा सब काम।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>SIR 2026: Election Commission of India (ECI)</strong> ने 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) लॉन्च किया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। सरकार ने मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध व सटीक बनाने के लिए SIR की शुरुआत की है, जिसके तहत सभी मतदाओं का एक बार फिर से सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत घर-घर एक फॉर्म प्रोवाइड किया गया है, जिसमें आपको 2002 की अपनी मतदाता डिटेल्स भरनी होंगी। यदि आप 2002 में 18 वर्ष के नहीं थे और आपका नाम मतदाता सूची में नहीं था, तो आपको अपने उन रिश्तेदार का नाम फॉर्म में डालना है जो कि उस वक्त सूची में शामिल थे। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया दिल्ली समेत कई राज्यों में शुरू हो चुकी है। लोगों के घर फॉर्म भी पहुंच चुके हैं&#8230; लेकिन लोगों के बीच कंफ्यूजन है कि वो इस फॉर्म को कैसे भरें। आपकी इसी कंफ्यूजन को आज हम इस आर्टिकल में दूर करने जा रहे हैं और इसके अलावा, साल 2002 में आपके किस रिश्तेदार का नाम मतदाता सूची में मौजूद था&#8230; उसे जानने का ऑनलाइन प्रोसेस भी हम आपको यहां देने जा रहे हैं।</p>

<p></p>
<h2>SIR फॉर्म में किसकी डिटेल्स भरनी है?</h2>
</p>
<p>SIR फॉर्म में आपको उस शख्स की डिटेल्स भरनी है, जो कि साल 2002 में मतदाता सूची में शामिल था। अगर आपकी उम्र साल 2002 में 18 साल से ज्यादा की थी और आपका नाम मतदाता सूची में था तो आप फॉर्म के पहले कॉलम में अपनी डिटेल्स भरेंगे।</p>
</p>
<p>इसके अलावा, कुछ लोग उस समय 18 साल से कम के थे&#8230; उनका नाम मतदाता सूची में मौजूद नहीं था। ऐसे लोग अपना सत्यापन अपने रिश्तेदार के नाम पर करेंगे, जिनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में मौजूद था। इसमें आपके माता-पिता व दादा-दादी मौजूद हो सकते हैं। अगर आप अपनी जगह अपने रिश्तेदार की डिटेल्स भर रहे हैं, तो आपको फॉर्म का दूसरा कॉलम भरना होगा और पहला कॉलम खाली छोड़ना है।</p>
<h2>साल 2002 में माता-पिता या फिर रिश्तेदार का नाम वोटर लिस्ट में कैसे ढूंढें?</h2>
</p>
<p>साल 2002 की वोटर लिस्ट देखने की प्रक्रिया बहुत आसान है। हालांकि, इसके लिए आपको सभी डिटेल्स अच्छी तरह से पता होनी चाहिए। घर बैठे अपने स्मार्टफोन पर देखें 2002 की पूरी वोटर लिस्ट। यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रोसेस।</p>
</p>
<p>1. सबसे पहले आपको अपने स्मार्टफोन में ECINET की ऑफिशियल ऐप डाउनलोड करके इंस्टॉल करनी होगी।</p>
</p>
<p>2. इसके बाद आपको ऐप को लॉग-इन भी नहीं करना होगा। यहां आपको कई ऑप्शन दिखेंगे।</p>
</p>
<p>3. आपको Search Your Name in Last SIR वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।</p>
</p>
<p>4. अब By Elector Details वाले सेक्शन को भरें।</p>
</p>
<p>5. यहां आपको उस शख्स की डिटेल्स भरनी है, जो 2002 में वोटर लिस्ट में मौजूद था। उदाहरण के तौर पर आपके पापा उस वक्त वोटर लिस्ट में मौजूद थे, तो आपको उनकी डिटेल्स भरनी है।</p>
</p>
<p>6. सबसे पहले राज्य वो किस राज्य के वोटर लिस्ट में मौजूद थे। इसके बाद जिला, निर्वाचन क्षेत्र, पोलिंग स्टेशन नंबर और नाम, सेक्शन नंबर, मतदाता का पूरा नाम, उस समय उनकी उम्र वो आपके क्या लगते हैं का रिश्ता, इसके बाद Relative Type में उनके पिता जी जानकारी और फिर उनका पूरा नाम डालकर सर्च करें। इसके बाद नेक्स्ट पेज पर आपको 2002 की पूरी डिटेल्स मिल जाएगी, जिसे आप फॉर्म में भर सकते हैं।</p>

<p></p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Ai generated image]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 06 Jul 2026 04:20:31 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Heatwave में क्यों फेल होने लगते हैं Solar Panel? जानिए इसके पीछे की वजह]]></title>
		<description>गर्मी बढ़ते ही लोग सोचते हैं कि तेज धूप में Solar Panel ज्यादा बिजली बनाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं होता। Heatwave के दौरान ज्यादा टेंपरेचर की वजह से Solar Panel की क्षमता कम होने लगती है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अक्सर लोग मानते हैं कि जितनी तेज धूप होगी, Solar Panel उतनी ही ज्यादा बिजली बनाएंगे लेकिन सच इससे थोड़ा अलग है। Solar Panel को अच्छी धूप की जरूरत होती है पर इसका मतलब यह नहीं कि बहुत ज्यादा तेज धूप भी उनके लिए बेहतर हो। जब टेंपरेचर जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तो उनकी बिजली बनाने की पावर धीरे-धीरे कम होने लगती है। यही कारण है कि Heatwave के दौरान, जब AC और कूलर चलाने की वजह से बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है, तब Solar Panel हमेशा अपनी पूरी पावर से बिजली नहीं बना पाते। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि Solar Panel रोशनी से बिजली बनाते हैं, गर्मी से नहीं।</p>
<h2><strong>Heatwave में Solar Panel की पावर क्यों कम हो जाती है?</strong></h2>
</p>
<p>Solar Panel सूरज की रोशनी से आने वाले Photons की मदद से बिजली बनाते हैं। जब ये Photons Solar Cell पर पड़ते हैं, तो उसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉन एक्टिव हो जाते हैं और बिजली बनने लगती है, लेकिन टेंपरेचर बढ़ने के साथ यह प्रक्रिया पहले जितनी बेहतर तरीके से नहीं होती। ज्यादा गर्मी की वजह से इलेक्ट्रॉन जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जिससे Solar Panel का Voltage कम होने लगता है और बिजली का प्रोडक्ट घट जाता है। आमतौर पर Solar Panel की क्षमता 25°C टेंपरेचर पर मापी जाती है। इसके बाद टेंपरेचर में हर 1°C की बढ़ोतरी पर उनकी कार्यक्षमता लगभग 0.5% तक कम हो सकती है। Heatwave के दौरान जब Panel का तापमान 65°C या उससे ऊपर पहुंच जाता है, तो उसकी बिजली बनाने की क्षमता करीब 20 से 25% तक घट सकती है।</p>
<h2><strong>Solar Panel को ज्यादा हीट होने से कैसे बचाएं?</strong></h2>
</p>
<p>इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि Heatwave के दौरान Solar Panel काम करना बंद कर देते हैं। अगर उन्हें सही तरीके से लगाया जाए, तो गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, Solar Panel को छत से थोड़ा ऊपर लगाना बेहतर होता है, ताकि उनके नीचे से हवा आसानी से गुजरती रहे। इससे Panel ठंडे बने रहते हैं और उनकी बिजली बनाने की क्षमता भी बेहतर रहती है, वहीं हल्के कलर या ज्यादा Reflective चीजों से बने Solar Cell कम गर्म होते हैं, जिससे उनकी कार्यक्षमता लंबे समय तक बनी रहती है।</p>
<h2><strong>Solar Panel में Inverter की जरूरत क्यों होती है?</strong></h2>
</p>
<p>Solar System में सिर्फ Panel ही नहीं, बल्कि Inverter भी बेहद जरूरी होता है। यही Panel से बनने वाली DC बिजली को घर में इस्तेमाल होने वाली AC बिजली में बदलता है। अगर Inverter जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाए, तो पूरे Solar System की परफॉर्मेंस असर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, Inverter को ऐसी जगह लगाया जाए, जहां उस पर सीधी धूप न पड़े और हवा का अच्छा फ्लो बना रहे। Solar Panel को छाया में भी नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि उन्हें बिजली बनाने के लिए भरपूर रोशनी की जरूरत होती है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[Solar Panel]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 15:12:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सरकार ने Telegram को भेजा नोटिस, बस 15 दिन में देना होगा जवाब]]></title>
		<description>भारत सरकार ने फिल्मों और OTT कंटेंट की कथित पायरेसी को लेकर Telegram को नोटिस जारी किया है। कंपनी को 15 दिनों के भीतर अपना जवाब और Action Taken Report (ATR) सौंपने के लिए कहा गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>टेलीग्राम एक बार फिर भारत सरकार की सख्ती का सामना कर रहा है। इस बार वजह प्लेटफॉर्म पर फिल्मों और OTT कंटेंट की कथित पायरेसी है। Ministry of Information and Broadcasting(I&amp;B) ने कंपनी को नोटिस भेजकर 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) मांगी है। सरकार का कहना है कि सिर्फ शिकायत आने के बाद कंटेंट हटाना पर्याप्त नहीं है। प्लेटफॉर्म को ऐसे मजबूत सिस्टम भी बनाने होंगे, जो पायरेटेड कंटेंट के बार-बार फैलने पर पहले से रोक लगा सकें। अधिकारियों के अनुसार अब फोकस केवल किसी एक चैनल या पोस्ट पर कार्रवाई करने का नहीं, बल्कि पूरे प्लेटफॉर्म पर पायरेसी रोकने की जिम्मेदारी तय करने का है। इसी वजह से सरकार ने टेलीग्राम से यह भी पूछा है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाएगा और उसकी आगे की रणनीति क्या होगी।</p>
<h2><strong>सरकार ने टेलीग्राम को क्या नोटिस दिया है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार ने अपने नोटिस में साफ कहा है कि टेलीग्राम को उन चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, यूजर अकाउंट्स और एडमिन्स के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी होगी, जो कॉपीराइट वाला कंटेंट शेयर कर रहे हैं। इसके अलावा कंपनी से यह भी पूछा गया है कि फिल्म निर्माताओं, OTT प्लेटफॉर्म और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मिलने वाली शिकायतों पर वह किस तरह कार्रवाई करती है और उन्हें कितनी जल्दी निपटाती है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कॉपीराइट उल्लंघन को सिर्फ एक सामान्य विवाद नहीं माना जा सकता। कई मामलों में यह Copyright Act, 1957 और Cinematograph Act, 1952 के तहत आपराधिक अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर टेलीग्राम का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ या प्लेटफॉर्म पर पायरेटेड कंटेंट लगातार मिलता रहा, तो उसके खिलाफ आगे और सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>टेलीग्राम पर पहले क्या कार्रवाई हुई थी?</strong></h2>
</p>
<p>यह नोटिस ऐसे समय में जारी किया गया है, जब सरकार पहले ही पायरेसी से जुड़े 3000 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई कर चुकी है। अब सरकार सिर्फ पायरेटेड कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसकी कोशिश है कि प्लेटफॉर्म खुद ऐसे कंटेंट की पहचान करें और उसे फैलने से रोकने के लिए मजबूत मॉडरेशन सिस्टम लागू करें। खास बात यह है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर टेलीग्राम को मिला यह दूसरा सरकारी नोटिस है। इससे पहले Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने Telegram, WhatsApp और Signal को उनके Username फीचर को लेकर नोटिस भेजा था, वहीं जून में NEET (UG) 2026 Re-Examination के प्रश्नपत्र लीक होने की आशंकाओं के बीच 16 जून से 22 जून तक भारत में टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी रोक भी लगाई गई थी। इसी दौरान National Testing Agency (NTA) की सिफारिश पर सरकार ने टेलीग्राम के मैसेज एडिट फीचर को 30 जून तक बंद रखने का भी निर्देश दिया था।</p>
<h2><strong>सरकार ये कार्रवाई क्यों कर रही है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य Film Industry, Broadcasters, OTT Platforms, Producers और बाकी Copyright Holders के हितों की रक्षा करना है, जिन्हें पायरेसी की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। अधिकारियों के मुताबिक अब सिर्फ कंटेंट मालिकों की शिकायत आने का इंतजार नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म खुद ऐसी टेक्नोलॉजी और बेहतर सिस्टम तैयार करें, जो अवैध कंटेंट की समय रहते पहचान कर उस पर तुरंत कार्रवाई कर सकें। सरकार का मानना है कि यह कदम Information Technology Act, 2000 और Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules 2021 के तहत प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारियों को और स्पष्ट करता है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर किसी प्लेटफॉर्म पर लगातार गैरकानूनी एक्टिविटी सामने आती हैं, तो वह सिर्फ खुद को &#8216;Intermediary&#8217; बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Telegram.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Telegram has been asked by the government to strengthen anti-piracy measures and submit an Action Taken Report within 15 days.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/telegram-india-government-sends-notice-over-movie-piracy-seeks-atr-in-15-days-1668027/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/telegram-india-government-sends-notice-over-movie-piracy-seeks-atr-in-15-days-1668027/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
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