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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 09:45:08 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[IndiGo फ्लाइट में पावर बैंक ब्लास्ट के पीछे हो सकते हैं ये बड़े कारण, जानें यहां]]></title>
		<description>हाल ही में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर खड़े Indigo विमान में पावर बैंक फटा, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में यह सवाल उठा कि आखिर क्या कारण रहे, जिससे बैटरी में ब्लास्ट हुआ। आइए जानते हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>पावर बैंक अहम गैजेट्स में से एक है। इसका इस्तेमाल स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करने के लिए किया जाता है। हालांकि, हाल ही में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में हुए ब्लास्ट ने इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके साथ यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पावर बैंक क्यों फटा और क्यों इसमें आग लगी। अगर आपके दिमाग में भी ये सवाल उठ रहे हैं, तो हम आपको यहां यह बताने जा रहे हैं कि आखिर पावर बैंक क्यों ब्लास्ट हुआ और क्या इसके कारण रहें।</p>
<h2>पावर बैंक फटने के कारण</h2>
</p>
<h3>थर्मल रनवे</h3>
</p>
<p>पावर बैंक की बैटरी लिथियम-आयन की होती है, जिसमें बहुत एर्नजी स्टोर होती है। यदि इस गैजेट में कोई खराबी आ जाए या फिर शॉर्ट सर्किट हो जाए, तो बैटरी तेजी से गर्म हो जाती है और ज्वलनशील पदार्थ छोड़ती है। इस स्थिति को थर्मल रनवे कहा जाता है। इससे आग लगने और ब्लास्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। यह खतरा लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान पड़ने वाले दबाव से और भी ज्यादा बढ़ जाता है।</p>
<h3>दबाव और तापमान</h3>
</p>
<p>विशेषज्ञों की मानें, तो विमान जब भी उड़ान भरता है, तब उसमें दबाव और तापमान बदलता रहता है, जिसका प्रभाव यात्री, उनके समान और पावर बैंक जैसे डिवाइस पर पड़ता है। अगर बैटरी पहले से खराब या फूली हुई हो, तो वे उस दबाव को झेल नहीं पाती और ब्लास्ट हो जाती है या फिर आग पकड़ लेती है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/main-4.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661351 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/main-4.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h3>बैटरी डैमेज</h3>
</p>
<p>आपका पावर बैंक फूल कर मोटा हो गया है, तो यह संकेत है कि उसकी बैटरी खराब हो गई है। ऐसी बैटरी अतिरिक्त दबाव के कारण ब्लास्ट हो जाती है या फिर आग पकड़ लेती है।</p>
<h3>गलत तरह से रखना</h3>
</p>
<p>फ्लाइट के केबिन में स्पेस कम होता है। इस वजह से Crew मेंबर्स लोगों को समान को सटाकर रख देते हैं, जिससे दबाव की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में आपके बैग में पावर बैंक रखा हो, तो उस पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है। इस दौरान पावर बैंक सिक्के या फिर चाबी जैसी चीजों के संपर्क में आए जाए, तो शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे आग लग सकती है या फिर ब्लास्ट हो सकता है।</p>
<h2>ब्लास्ट से कैसे रखें खुद को सुरक्षित ?</h2>
</p>
<p>फ्लाइट में खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। कभी लोकल पावर बैंक का इस्तेमाल करें। फोन चार्ज करने के लिए अच्छी कंपनी वाले पावर बैंक का उपयोग करें। अगर पावर बैंक फूल गया है, तो उसे तुरंत फेंक दें, क्योंकि बैटरी खराब हो चुकी है।</p>
</p>
<p>फ्लाइट में जाते वक्त भूलकर भी पावर बैंक को बैग में न रखें। ऐसा करने से डिवाइस पर अधिक दबाव नहीं पड़ेगा और न ही वो हीटअप हो जाएगा।</p>
<h2>क्या था मामला ?</h2>
</p>
<p>अंत में आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 5 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगढ़ आ रही इंडिगो फ्लाइट जब लैंड हुई, तब एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लगी और फिर ब्लास्ट हुआ। इससे पूरे विमान में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद सभी यात्रियों को स्लाइड के जरिए विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/four-reasons-behind-power-bank-blast-in-indigo-flight-at-chandigarh-1661344/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/four-reasons-behind-power-bank-blast-in-indigo-flight-at-chandigarh-1661344/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 09:21:57 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Adobe Acrobat हुआ और भी स्मार्ट, अब AI करेगा मिनटों में पूरा काम]]></title>
		<description>Adobe Acrobat अब पहले से ज्यादा स्मार्ट हो गया है। Adobe ने नया AI-Based Productivity Agent लॉन्च किया है, जो सिर्फ एक कमांड पर टेक्स्ट, इमेज, प्रेजेंटेशन और सोशल मीडिया कंटेंट तक तैयार कर सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Adobe ने अपने फेमस PDF प्लेटफॉर्म Adobe Acrobat के लिए एक नया AI-Based Productivity Agent पेश किया है। कंपनी का कहना है कि यह नया टूल यूजर्स के काम को पहले से ज्यादा आसान और तेज बना देगा। यह AI एजेंट सिर्फ टेक्स्ट लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि नेचुरल लैंग्वेज कमांड के जरिए इमेज, प्रेजेंटेशन, सोशल मीडिया पोस्ट, पॉडकास्ट और दूसरे रिच कंटेंट भी तैयार कर सकता है, यानी अब यूजर सिर्फ साधारण भाषा में निर्देश देंगे और AI उनके लिए पूरा कंटेंट बना देगा। Adobe ने इस फीचर को अपने पेड प्लान्स जैसे Acrobat AI, Acrobat Studio और Adobe Express Premium में शामिल किया है। कंपनी का मानना है कि इससे ऑफिस, एजुकेशन और क्रिएटिव काम करने वाले लोगों की प्रोडक्टिविटी काफी बढ़ेगी।</p>
<h2><strong>Adobe का नया Productivity Agent आखिर क्या-क्या कर सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>Adobe के अनुसार यह Productivity Agent एक एडवांस AI असिस्टेंट की तरह काम करता है, जो अलग-अलग टूल्स और AI मॉडल्स को जोड़कर यूजर के लिए काम पूरा करता है। यह एजेंट Adobe के दूसरे क्रिएटिव AI टूल्स के साथ-साथ थर्ड पार्टी एजेंट्स के साथ भी काम कर सकता है। यूजर अगर किसी डॉक्यूमेंट का समरी, टाइटल या विजुअल कंटेंट बनाना चाहते हैं तो उन्हें सिर्फ एक सिंपल कमांड देनी होगी, खास बात यह है कि यह AI पुराने डॉक्यूमेंट्स, ब्रांड गाइडलाइंस और यूजर की पसंद को भी समझता है ताकि तैयार किया गया कंटेंट उसी स्टाइल और टोन में हो, जैसा यूजर चाहता है। Adobe के Creativity &amp; Productivity Business के प्रेसिडेंट David Wadhwani ने कहा कि कंपनी डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस और AI एजेंट्स को मिलाकर लोगों के काम करने का तरीका बदलना चाहती है।</p>
<h2><strong>यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इसके साथ ही Adobe ने PDF Spaces फीचर में भी बड़ा अपडेट दिया है। PDF Spaces एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लोग डॉक्यूमेंट्स को शेयर और मैनेज कर सकते हैं। अब इसमें Sharing और Publishing फीचर्स मिलेंगे। यूजर अब PDFs, डॉक्यूमेंट्स, वेबसाइट लिंक और नोट्स को एक जगह जोड़कर अपना पर्सनलाइज्ड स्पेस बना सकते हैं। AI एजेंट इस स्पेस को यूजर की जरूरत के हिसाब से स्ट्रक्चर, मल्टीमीडिया और जरूरी जानकारी के साथ बेहतर बना सकता है। सबसे खास बात यह है कि PDF Spaces को देखने के लिए सामने वाले व्यक्ति के पास Adobe अकाउंट होना जरूरी नहीं होगा। इससे टीमवर्क और कंटेंट शेयरिंग पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी।</p>
<h2><strong>क्या Adobe का यह AI फीचर बदल देगा काम करने का तरीका?</strong></h2>
</p>
<p>Adobe का कहना है कि यह सिर्फ नया फीचर नहीं, बल्कि डॉक्यूमेंट शेयरिंग का एक बिल्कुल नया तरीका है। कंपनी के Document Cloud डिविजन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Abhigyan Modi ने बताया कि अब डॉक्यूमेंट शेयर करना सिर्फ फाइल भेजना नहीं रहेगा, बल्कि एक पूरा इंटरैक्टिव अनुभव होगा। कंपनियां अपने क्लाइंट्स, टीम या बड़े ऑडियंस के लिए अलग-अलग तरह के कस्टमाइज्ड स्पेसेस तैयार कर सकेंगी। अब AI की मदद से हर डॉक्यूमेंट ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट बनेगा।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/adobe-unveiled-ai-productivity-agent-for-acrobat-adds-smarter-pdf-spaces-features-1661345/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 08:30:59 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Acer Iconia iM11 5G टैबलेट 11.45 इंच स्क्रीन और 7400mAh बैटरी के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>Acer Iconia iM11 5G को कंपनी ने लेटेस्ट टैब के तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस टैब को प्रोडक्टिविटी, मनोरंजन व डेली यूज को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यहां जानें कीमत और खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Acer Iconia iM11 5G</strong> टैबलेट भारत में लॉन्च हो गया है। यह कंपनी का लेटेस्ट टैबलेट है, जिसे कंपनी ने प्रोडक्टिविटी, मनोरंजन व डेली यूज को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। फीचर्स की बात करें, तो इस टैब में आपको 11.45 IPS डिस्प्ले मिलता है। इसके अलावा, यह टैब MediaTek MT8791 प्रोसेसर से लैस है। फोटोग्राफी के लिए टैब में 1 नहीं बल्कि 2 कैमरा सेंसर दिए गए हैं। इसमें 16MP मेन व 2MP का सेकेंडरी कैमरा मिलता है। सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए टैब में फ्रंट कैमरा भी दिया गया है। टैब की बैटरी 7400mAh की है। कनेक्टिविटी के लिए टैब में 5G सपोर्ट मिलता है। सिक्योरिटी के लिए फिंगरप्रिंट सेंसर पावर बटन में मौजूद है। आइए जानते हैं टैब की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Acer Iconia iM11 5G Price in India</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/top-5-tablets-under-20000-in-india-best-deals-on-oneplus-redmi-acer-realme-many-more-1657804/">Acer</a> Iconia iM11 5G को 25,499 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया है। इस टैब को Acer स्टोर व ऑनलाइन स्टोर के साथ-साथ Amazon और Flipkart के जरिए भी खरीदा जा सकता है। कंपनी ने टैब में ब्लू व सिल्वर कलर ऑप्शन पेश किया है।</p>
<h2>Acer Iconia iM11 5G Specs</h2>
</p>
<p>फीचर्स पर नजर डालें, तो Acer Iconia iM11 5G टैब में 11.45 इंच का IPS डिस्प्ले दिया गया है। इस डिस्प्ले का रेजलूशन 1440 × 2200 पिक्सल है। इसकी ब्राइटनेस 450 Nits की है। कंपनी ने इस टैब को stylus सपोर्ट के साथ पेश किया है। परफॉर्मेंस के लिए टैब में MediaTek MT8791 प्रोसेसर दिया गया है। इसमें आपको 2 Cortex-A78 कोर, जिनकी क्लॉक स्पीड 2.4GHz है। वहीं, 6 Cortex-A55 cores की स्पीड 2.0GHz है। साथ ही चिप में AI Processing Unit (APU) क्षमता भी मौजूद है, जो कि edge-AI और on-device AI ऐप के लिए 2.6 TOPS डिलीवर करता है। यह टैबलेट Android 15 के साथ आया है। कंपनी ने इसमें 8GB RAM + 128GB स्टोरेज भी दी है। हालांकि, आप टैब की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 1TB तक बढ़ा सकते हैं।</p>
</p>
<p>इस टैब में डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है। इस सेटअप में 16MP प्राइमरी कैमरा और 2MP का सेकेंडरी कैमरा मिलता है। सेल्फी व वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है। ऑडियो के लिए कंपनी ने इस टैब में स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं। साथ ही इसकी बैटरी 7400mAh की है, जिसके साथ 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मौजूद है। कनेक्टिविटी के लिए इस टैब में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.2 और GPS सपोर्ट मिलता है। सिक्योरिटी के लिए इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर पावर बटन में मिलता है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Acer Iconia iM11 5G</th>
</p>
<th>स्पेसिफिकेशन</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>डिस्प्ले</td>
</p>
<td>11.45 इंच IPS डिस्प्ले</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रेजलूशन</td>
</p>
<td>1440 × 2200 पिक्सल</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ब्राइटनेस</td>
</p>
<td>450 Nits</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्टायलस सपोर्ट</td>
</p>
<td>हां</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>प्रोसेसर</td>
</p>
<td>MediaTek MT8791</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>CPU कॉन्फिगरेशन</td>
</p>
<td>2× Cortex-A78 @ 2.4GHz + 6× Cortex-A55 @ 2.0GHz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AI क्षमता</td>
</p>
<td>2.6 TOPS APU (Edge-AI और On-device AI सपोर्ट)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऑपरेटिंग सिस्टम</td>
</p>
<td>Android 15</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रैम</td>
</p>
<td>8GB</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्टोरेज</td>
</p>
<td>128GB</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्टोरेज एक्सपेंशन</td>
</p>
<td>माइक्रोएसडी कार्ड से 1TB तक</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रियर कैमरा</td>
</p>
<td>16MP + 2MP डुअल कैमरा</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>फ्रंट कैमरा</td>
</p>
<td>8MP</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऑडियो</td>
</p>
<td>स्टीरियो स्पीकर्स</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी</td>
</p>
<td>7400mAh</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>फास्ट चार्जिंग</td>
</p>
<td>18W</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कनेक्टिविटी</td>
</p>
<td>5G, 4G LTE, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.2, GPS</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>सिक्योरिटी</td>
</p>
<td>साइड फिंगरप्रिंट सेंसर (पावर बटन में)</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>Acer Iconia iM11 5G को ये टैब देंगे करारी टक्कर</h2>
</p>
<p><strong>Lenovo Idea Tab</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-75.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1661340" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-75.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Lenovo Idea Tab के 8GB RAM + 256GB स्टोरेज को आप 24,999 रुपये में खरीद सकते हैं। कंपनी ने इस टैब में 11 इंच का डिस्प्ले दिया है। यह टैब MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर से लैस है। वहीं, इसकी बैटरी 7040mAh की है। ऑडियो के लिए इसमें 4 स्पीकर मौजूद है।</p>
</p>
<p><strong>Motorola Pad 60 Neo</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-76.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1661339" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-76.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Motorola Pad 60 Neo के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज को आप 23,775 रुपये में खरीद सकते हैं। कंपनी ने इस टैब में 11 इंच का डिस्प्ले दिया है। यह टैब MediaTek Dimensity 6300 प्रोसेसर से लैस है। वहीं, इसकी बैटरी 7040mAh की है। कंपनी ने इसमें 8MP का रियर व 5MP का फ्रंट कैमरा दिया है।</p>
</p>
<p><strong>HONOR Pad X9</strong></p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-77.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1661338" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Tab-77.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>HONOR Pad X9 के 4GB RAM + 128GB स्टोरेज को आप 24,999 रुपये में खरीद सकते हैं। कंपनी ने इस टैब में 11.5 इंच का डिस्प्ले दिया है। यह टैब Snapdragon 685 प्रोसेसर से लैस है। ऑडियो के लिए इसमें 6 स्पीकर मौजूद है।</p>
]]></content:encoded>
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		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/acer-iconia-im11-5g-launched-in-india-with-11-45-screen-size-7400mah-battery-price-and-specs-1661337/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 07:34:02 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[इंसानों के बाद अब रोबोट करेगा पूजा-पाठ, आ गया Robot Monk]]></title>
		<description>दक्षिण कोरिया में टेक्नोलॉजी और अध्यात्म का अनोखा मेल देखने को मिला है। यहां देश का पहला रोबोट भिक्षु (Monk) ‘Gabi’ लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। यह रोबोट मंत्र पढ़ सकता है, पूजा में शामिल हो सकता है और लोगों के सवालों के जवाब भी दे सकता है। अब AI और रोबोटिक्स धर्म की दुनिया में भी कदम रख रहे हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>दक्षिण कोरिया में अब टेक्नोलॉजी और अध्यात्म का ऐसा अनोखा मेल देखने को मिला है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजधानी सियोल के प्रसिद्ध बौद्ध मंदिर में देश के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु (Monk) &#8216;Gabi&#8217; को पेश किया गया। यह रोबोट सिर्फ मशीन नहीं है, बल्कि इसे बौद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक में शामिल होने के लिए तैयार किया गया है। खास बात यह है कि गाबी मंत्रोच्चार कर सकता है, प्रार्थना के दौरान झुक सकता है और लोगों के सवालों का जवाब भी दे सकता है। दक्षिण कोरिया के बौद्ध धार्मिक संगठन का मानना है कि आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से युवाओं को अध्यात्म और बौद्ध धर्म के करीब लाया जा सकता है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-5.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661311 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-5.jpg" alt="Robot Monk" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>धार्मिक समारोह में Gabi ने क्या-क्या किया?</strong></h2>
</p>
<p>Gabi को सियोल के जोग्ये मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा समारोह से पहले आयोजित एक खास धार्मिक कार्यक्रम में पेश किया गया। करीब चार फीट लंबे इस रोबोट को पारंपरिक भूरे और ग्रे कलर के भिक्षु वस्त्र पहनाए गए थे। समारोह के दौरान यह बाकी भिक्षुओं के साथ बैठा, मंत्रोच्चार में शामिल हुआ और धार्मिक परंपराओं का पालन करता दिखाई दिया। जब एक भिक्षु ने उससे पूछा कि क्या वह बुद्ध और उनकी शिक्षाओं के प्रति समर्पित रहेगा, तो Gabi ने जवाब दिया, &#8216;हां, मैं खुद को समर्पित करूंगा।&#8217; रोबोट ने प्रार्थना की मुद्रा में हाथ जोड़े, पगोडा के चारों ओर घूमकर अनुष्ठान पूरा किया और 108 मोतियों वाली माला भी ग्रहण की।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661315 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-1.jpg" alt="Robot Monk" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Gabi रोबोट को कैसे बनाया गया और उसके नाम का क्या मतलब है?</strong></h2>
</p>
<p>Gabi को चीन की कंपनी के यूनिट्री G1 ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया है। इसका शरीर इंसानों की तरह डिजाइन किया गया है ताकि यह चल सके, हाथ हिला सके और धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सके। इसके नाम के पीछे भी खास आध्यात्मिक अर्थ छिपा है। &#8216;Gabi&#8217; नाम गौतम बुद्ध के बचपन के नाम सिद्धार्थ और कोरियाई शब्द &#8216;जाबी&#8217; से मिलकर बना है, जिसका अर्थ दया और करुणा होता है। मंदिर से जुड़े भिक्षुओं का कहना है कि नाम ऐसा चुना गया ताकि यह सुनने में आसान लगे और साथ ही बौद्ध मूल्यों को भी दर्शाए। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी गाबी को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता देखने को मिल रही है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-4.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661312 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-4.jpg" alt="Robot Monk" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>इस रोबोट के लिए कौन-कौन से खास नियम बनाए गए हैं?</strong></h2>
</p>
<p>इस रोबोट को सिर्फ धार्मिक कार्यक्रमों में दिखाने के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि इसके लिए खास &#8216;रोबोट बौद्ध नियम&#8217; भी तैयार किए गए हैं। इन नियमों में जीवन का सम्मान करना, किसी रोबोट या वस्तु को नुकसान न पहुंचाना, इंसानों की बात मानना, झूठ न बोलना और जरूरत से ज्यादा बैटरी चार्ज न करना जैसी बातें शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन नियमों को तैयार करने में AI चैटबॉट्स जैसे ChatGPT और Gemini की भी मदद ली गई। धार्मिक संगठनों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे रोबोट मंदिरों में लोगों को बौद्ध शिक्षाओं के बारे में जानकारी देंगे और युवाओं के साथ संवाद बनाने में मदद करेंगे।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661314 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-2.jpg" alt="Robot Monk" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>क्या Gabi जैसे और भी रोबोट है?</strong></h2>
</p>
<p>Gabi अकेला ऐसा रोबोट नहीं है जो अध्यात्म की दुनिया में कदम रख रहा हो। हाल ही में जापान की क्योटो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने &#8216;Buddharoid&#8217; नाम का AI आधारित रोबोट डेवलप किया था। यह रोबोट लोगों से बातचीत कर सकता है, बौद्ध धर्मग्रंथों को सीख सकता है और आध्यात्मिक सवालों के जवाब भी दे सकता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जापान में धार्मिक गुरुओं की उम्र बढ़ रही है और नए युवा इस क्षेत्र में कम आ रहे हैं। ऐसे में AI आधारित रोबोट भविष्य में धार्मिक परंपराओं को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। बुद्धारॉयड को इस तरह तैयार किया गया है कि वह इंसानों के साथ बातचीत करते हुए लगातार नई बातें सीख सके और समय के साथ खुद को बेहतर बना सके।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661316 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk.jpg" alt="Robot Monk" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>क्या भविष्य में टेक्नोलॉजी और अध्यात्म साथ-साथ चलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>टेक्नोलॉजी और अध्यात्म का यह मेल अब दुनिया में नई बहस को जन्म दे रहा है। कुछ लोग इसे भविष्य की जरूरत मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि आध्यात्मिकता केवल इंसानी भावनाओं और अनुभवों से जुड़ी होती है, जिसे मशीन पूरी तरह समझ नहीं सकती, हालांकि दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों में AI और रोबोटिक्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए धार्मिक संस्थाएं भी समय के साथ खुद को बदलने की कोशिश कर रही हैं। Gabi जैसे रोबोट यह दिखाते हैं कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी सिर्फ कामकाज या फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इंसानों की संस्कृति, धर्म और अध्यात्म का भी हिस्सा बन सकती है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Robot-Monk-1-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Robot Monk]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/humanoid-robot-monk-gabi-south-korea-first-learning-buddhism-and-spiritual-practices-1661310/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 06:36:30 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सूरज की वजह से धरती पर गिर रहे पुराने सैटेलाइट! ISRO ने किया बड़ा खुलासा]]></title>
		<description>सूरज की बढ़ती एक्टिविटी अब सिर्फ धरती के मौसम को ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में घूम रहे पुराने सैटेलाइट्स को भी प्रभावित कर रही है। ISRO की नई रिसर्च में बड़े खुलासे हुए हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अंतरिक्ष में घूम रहे पुराने और खराब सैटेलाइट्स, जिन्हें स्पेस डेब्रिस या स्पेस जंक कहा जाता है, दुनिया भर की स्पेस एजेंसियों के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं। अब भारत की स्पेस एजेंसी ISRO से जुड़ी एक नई रिसर्च में इस बारे में बेहद दिलचस्प बात सामने आई है। वैज्ञानिकों ने पहली बार साफ सबूत पाया है कि सूरज की बढ़ती एक्टिविटी पुराने और बेकार सैटेलाइट्स को तेजी से पृथ्वी की तरफ खींचने में मदद करती है। यह रिसर्च Vikram Sarabhai Space Centre के वैज्ञानिकों ने की है। रिसर्च के मुताबिक जब सूरज ज्यादा एक्टिव होता है, तो पृथ्वी के आसपास का वातावरण थोड़ा फैल जाता है। इससे अंतरिक्ष में घूम रहे पुराने सैटेलाइट्स और स्पेस जंक की स्पीड कम होने लगती है और वे धीरे-धीरे नीचे आने लगते हैं। आखिर में ये पृथ्वी के वातावरण में घुसकर जल जाते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भविष्य में सुरक्षित स्पेस मिशन बनाने में काफी मदद करेगी। इस स्टडी में 34 साल से अंतरिक्ष में घूम रहे 17 अलग-अलग स्पेस ऑब्जेक्ट्स पर नजर रखी गई। लंबे समय से माना जा रहा था कि सूरज की गतिविधियों का असर स्पेस जंक पर पड़ता है, लेकिन अब पहली बार इसे साफ तौर पर साबित किया गया है।</p>
<h2><strong>आखिर सूरज की एक्टिविटी से कैसे गिरते हैं पुराने सैटेलाइट</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के अनुसार सूरज लगभग 11 साल के एक सोलर साइकिल पर काम करता है। इस दौरान कभी उसकी गतिविधियां कम रहती हैं तो कभी बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं। जब सूरज अपने एक्टिव फेज में पहुंचता है, तब उसकी सतह पर सनस्पॉट्स यानी काले धब्बों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। इसी दौरान सूरज से निकलने वाली तेज रेडिएशन पृथ्वी के ऊपरी वातावरण को गर्म करने लगती है। पृथ्वी के वातावरण की सबसे ऊपरी परत, जिसे थर्मोस्फीयर कहा जाता है, गर्म होकर ऊपर की तरफ फैलने लगती है। यही बदलाव अंतरिक्ष में घूम रहे पुराने सैटेलाइट्स और स्पेस डेब्रिस के लिए मुश्किल पैदा करता है। दरअसल जब यह परत फैलती है तो वहां हवा का घनत्व बढ़ जाता है। इससे अंतरिक्ष में मौजूद बेकार सैटेलाइट्स को ज्यादा एयर ड्रैग यानी घर्षण का सामना करना पड़ता है। यह घर्षण उनकी स्पीड कम कर देता है और उनकी ऑर्बिट धीरे-धीरे नीचे आने लगती है। आखिरकार वे पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश कर जलकर खत्म हो जाते हैं। रिसर्च में शामिल वैज्ञानिक Ayesha M. Ashraf ने बताया कि जैसे ही सोलर एक्टिविटी अपने पीक लेवल के करीब 70 प्रतिशत तक पहुंचती है, स्पेस डेब्रिस की ऊंचाई तेजी से कम होने लगती है। यह पैटर्न लगातार तीन सोलर साइकल्स में देखा गया, जिससे इस थ्योरी को मजबूत वैज्ञानिक आधार मिला है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/ISRO-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661276 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/ISRO-1.jpg" alt="ISRO " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>34 साल की स्टडी में मिले बेहद अहम संकेत</strong></h2>
</p>
<p>इस रिसर्च के दौरान वैज्ञानिकों ने 1986 से 2024 तक तीन अलग-अलग सोलर साइकल्स का एनालिसिस किया। उन्होंने पृथ्वी से करीब 160 से 2000 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद 17 स्पेस ऑब्जेक्ट्स को ट्रैक किया। ये ऑब्जेक्ट्स हर 90 से 120 मिनट में पृथ्वी का चक्कर लगा रहे थे। रिसर्च में पाया गया कि जैसे ही सूरज की गतिविधियां बढ़ीं, इन सभी ऑब्जेक्ट्स की ऊंचाई कई किलोमीटर तक तेजी से घटने लगी। वैज्ञानिकों के लिए सबसे दिलचस्प बात यह रही कि यह बदलाव हर बार लगभग एक जैसे पैटर्न में दिखाई दिया। इसका मतलब यह है कि भविष्य में वैज्ञानिक पहले से अनुमान लगा सकते हैं कि किस समय स्पेस डेब्रिस तेजी से पृथ्वी की ओर लौटेगा। आज दुनिया भर में हजारों निष्क्रिय सैटेलाइट्स और लाखों छोटे-बड़े मलबे के टुकड़े पृथ्वी की ऑर्बिट में घूम रहे हैं। ये एक्टिव सैटेलाइट्स और स्पेस मिशनों के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। कई बार छोटे टुकड़े भी तेज रफ्तार के कारण भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में यह रिसर्च स्पेस एजेंसियों को बेहतर तरीके से मिशन प्लान करने में मदद दे सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर सोलर एक्टिविटी के समय को ध्यान में रखकर लॉन्च प्लान किए जाएं, तो भविष्य में स्पेस ट्रैफिक और टक्कर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>भविष्य के स्पेस मिशनों के लिए यह खोज बेहद जरूरी</strong></h2>
</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स की संख्या बहुत तेजी से बढ़ने वाली है। कई प्राइवेट कंपनियां भी हजारों नए सैटेलाइट लॉन्च कर रही हैं। इसी वजह से पृथ्वी के आसपास ऑर्बिट अब पहले से ज्यादा हो गई है। ऐसे में अंतरिक्ष में फैले कचरे यानी स्पेस डेब्रिस को कंट्रोल करना पूरी दुनिया के लिए जरूरी बन गया है। ISRO की यह नई रिसर्च इस समस्या का हल ढूंढने में बड़ी मदद कर सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर पहले से पता चल जाए कि सूरज की कौन-सी गतिविधियां पुराने सैटेलाइट्स को जल्दी नीचे लाएंगी, तो नए मिशनों की प्लानिंग ज्यादा सुरक्षित तरीके से की जा सकती है। इससे भविष्य में स्पेस स्टेशन, कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स और दूसरे वैज्ञानिक मिशनों को अंतरिक्ष में टक्कर से बचाने में मदद मिलेगी। यह रिसर्च यह भी दिखाती है कि प्रकृति खुद भी अंतरिक्ष की सफाई करने में मदद करती है, हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि सिर्फ सूरज की एक्टिविटी पर भरोसा करना काफी नहीं होगा। स्पेस एजेंसियों को पुराने सैटेलाइट्स को सुरक्षित तरीके से हटाने और अंतरिक्ष में कचरा कम करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम करना होगा, फिर भी सूरज की इस प्राकृतिक प्रक्रिया को समझना भविष्य के सुरक्षित और बेहतर स्पेस मिशनों के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>स्पेस डेब्रिस या स्पेस जंक क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>स्पेस डेब्रिस उन पुराने, खराब या बेकार सैटेलाइट्स और रॉकेट के टुकड़ों को कहा जाता है जो अंतरिक्ष में पृथ्वी की ऑर्बिट में घूमते रहते हैं। ये एक्टिव सैटेलाइट्स और स्पेस मिशनों के लिए खतरा बन सकते हैं।</p>
<h2><strong>सूरज की एक्टिविटी पुराने सैटेलाइट्स को कैसे प्रभावित करती है?</strong></h2>
</p>
<p>जब सूरज ज्यादा एक्टिव होता है, तब उसकी रेडिएशन पृथ्वी के ऊपरी वातावरण को गर्म कर देती है। इससे वातावरण फैलता है और स्पेस डेब्रिस पर एयर ड्रैग बढ़ जाता है, जिससे उनकी स्पीड कम होकर वे धीरे-धीरे पृथ्वी की तरफ आने लगते हैं।</p>
<h2><strong>क्या पुराने सैटेलाइट्स धरती पर गिरकर नुकसान पहुंचाते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>ज्यादातर पुराने सैटेलाइट्स पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते ही जलकर खत्म हो जाते हैं, हालांकि कुछ बड़े हिस्से कभी-कभी धरती तक पहुंच सकते हैं, इसलिए वैज्ञानिक लगातार उनकी निगरानी करते हैं।</p>
<h2><strong>ISRO की इस रिसर्च में क्या खास पता चला?</strong></h2>
</p>
<p>ISRO के वैज्ञानिकों ने पहली बार साफ सबूत दिया है कि सोलर एक्टिविटी बढ़ने पर स्पेस डेब्रिस तेजी से नीचे आने लगता है। यह पैटर्न लगातार तीन सोलर साइकल्स में देखा गया।</p>
<h2><strong>इस रिसर्च से भविष्य के स्पेस मिशनों को क्या फायदा होगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस खोज से वैज्ञानिक पहले से अनुमान लगा सकेंगे कि कब स्पेस डेब्रिस बढ़ सकता है। इससे सैटेलाइट लॉन्च और स्पेस मिशनों की प्लानिंग ज्यादा सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/ISRO.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ISRO Research Reveals Sun Activity Helps Pull Space Debris Back to Earth

(AI Image)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-research-reveals-sun-activity-helps-pull-space-debris-back-to-earth-1661264/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 03:42:53 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Thomson Google 5.0 QLED TV सीरीज भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत 11000 रुपये से कम]]></title>
		<description>Thomson के नए स्मार्ट टीवी ने भारतीय बाजार में दस्तक दे दी है, जो 32 से 43 इंच स्क्रीन साइज में उपलब्ध हैं। इनमें गूगल असिस्टेंट और गूगल टीवी ओएस जैसे लेटेस्ट फीचर्स मिलते हैं। इनकी शुरुआती कीमत 11000 रुपये से कम है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Thomson Google 5.0 QLED TV Launched:</strong> स्मार्ट टीवी मेकर थॉमसन ने बजट सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर गूगल 5.0 क्यूएलईडी टीवी रेंज को लॉन्च कर दिया है। इस लाइनअप में 32 इंच से लेकर 43 इंच के टीवी को शामिल किया गया है। इनमें गूगल टीवी ऑपरेटिंग सिस्टम मिलता है। इसके अलावा, लेटेस्ट टीवी में 40 वॉट पावर वाले डुअल स्पीकर मिलते हैं, जो शानदार साउंड प्रोड्यूस करते हैं। बेहतर कंट्रोल के लिए वॉइस असिस्टेंट की सुविधा मिलती है। इसमें एचडीएमआई और यूएसबी जैसे कनेक्टिविटी स्पेक्स भी दिए गए हैं।</p>
<h2>नए स्मार्ट टीवी की कीमत</h2>
</p>
<p>Thomson Google 5.0 QLED TV सीरीज के तहत 32 इंच, 40 इंच और 43 इंच के टीवी को उतारा गया है। इन तीनों टीवी की कीमत क्रमश: 10,999 रुपये, 15,999 रुपये और 16,999 रुपये रखी गई है। इन तीनों मॉडल पर 10 प्रतिशत का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। इन टीवी को ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट फ्लिपकार्ट (Flipkart) से खरीदा जा सकता है।</p>
<h2>स्मार्ट टीवी के फीचर्स</h2>
</p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;"><strong>Detail</strong></td>
</p>
<td style="width: 50%;"><strong>Features</strong></td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Screen</td>
</p>
<td style="width: 50%;">QLED</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">OTT App</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Netflix, Amazon Prime and Youtube</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">OS</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Google 5.0</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Connectivity</td>
</p>
<td style="width: 50%;">HDMI, Bluetooth, Wifi, Headphone Jack</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>थॉमसन की गूगल 5.0 QLED टीवी सीरीज में आने वाले स्मार्ट टीवी तीन स्क्रीन साइज 32, 40 और 43 इंच में अवेलेबल हैं। इन टीवी में शानदार साउंड के लिए 40 वॉट के डुअल स्पीकर दिए गए हैं। इनमें गूगल टीवी 5.0 ऑपरेटिंग सिस्टम मिलता है, जिसमें Netflix, Prime Video और Youtube मिलता है।</p>
</p>
<p>स्मूथ फंक्शनिंग और बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए नए टीवी में ARM Cortex A55 क्वाड-कोर प्रोसेसर, 1 जीबी रैम और 8 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। इसके साथ क्रोमकास्ट और गूगल असिस्टेंट दिया गया है, जिससे यूजर बोलकर टीवी को चला सकते हैं।</p>
<h2>कनेक्टिविटी</h2>
</p>
<p>नए टीवी में सीमलेस कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए ब्लूटूथ 5.0, वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूटूथ, हेडफोन जैक और ऑप्टिकल पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं।</p>
<h2>इन टीवी से मिलेगी जोरदार टक्कर</h2>
</p>
<p>भारतीय बाजार में बजट रेंज में आने वाले कई स्मार्ट टीवी हैं, जिनसे थॉमसन के लेटेस्ट टीवी को कड़ी टक्कर मिल सकती है।</p>
<h2>VW Pro HD Ready Smart QLED Google TV</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/VW-4.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661227 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/VW-4.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>VW का यह स्मार्ट टीवी 32 इंच के डिस्प्ले के साथ आता है। इसका रिफ्रेश रेट 60 हर्ट्ज है। इसमें गूगल टीवी ओएस, गूगल कास्ट, गूगल असिस्टेंट, वॉइस फंक्शन से लैस रिमोट, नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो और यूट्यूब ऐप का सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, टीवी में क्वाड कोर प्रोसेसर और ब्लूटूथ-एचडीएमआई जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स मिलते हैं। इसकी कीमत 9,999 रुपये है। इसे अमेजन इंडिया से खरीदा जा सकता है।</p>
<h2>Blaupunkt Quantum Dot QLED Google Android TV</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Blaupunkt-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661229 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Blaupunkt-1.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>Blaupunkt के 32 इंच वाले टीवी से थॉमसन के नए टीवी को चुनौती मिलेगी। इस टीवी में 32 इंच की स्क्रीन है। इसका रिफ्रेश रेट 60 हर्ट्ज है। कनेक्टिविटी के लिए टीवी में डुअल बैंड वाई-फाई, 3 एचडीएमआई और 2 यूएसबी पोर्ट दिए गए हैं। इसमें ब्लूटूथ भी मिलता है। इसके साथ टीवी में 48 वॉट वाला स्पीकर मिलता है, जो डॉल्बी डिजिटल प्लस से लैस है।</p>
</p>
<p>इस स्मार्ट टीवी में गूगल एंड्रॉइड टीवी ओएस, गूगल असिस्टेंट, स्क्रीन मिरर, 1 जीबी रैम, 8 जीबी स्टोरेज के साथ-साथ नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, यूट्यूब और जी5 जैसे ओटीटी ऐप दिए गए हैं। इसकी कीमत 9,999 रुपये है। इसे भी अमेजन इंडिया से घर लाया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/thomson.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/thomson-google-5-0-qled-tv-launched-in-india-starting-price-under-11000-1661224/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/thomson-google-5-0-qled-tv-launched-in-india-starting-price-under-11000-1661224/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 11:04:59 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Elon Musk को टक्कर देंगे Mukesh Ambani, सीधे सैटेलाइट से आपके घर इंटरनेट पहुंचाएगा Reliance Jio!]]></title>
		<description>मुकेश अंबानी की कंपनी Reliance जल्द ही मार्केट में नया तहलका मचाने वाली है। कहा जा रहा है कि कंपनी Elon Musk की Starlink कंपनी को टक्कर देने लिए सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस लाने वाली है। यहां जानें डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Elon Musk</strong> की Starlink कंपनी जल्द ही भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी को दूरसंचार विभाग (DoT) से जरूरी लाइसेंस भी मिल चुके है। हालांकि, अब लगता है कि सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस के क्षेत्र में देसी कंपनी ने विदेशी कंपनी को टक्कर देने के लिए अपनी कमर कस दी है। यह और कोई नहीं बल्कि Mukesh Ambani की Reliance कंपनी है। लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो जल्द ही रिलायंस कंपनी एक नए प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, जिसके तहत देशभर में सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट नेटवर्क प्रोवाइड किया जाने वाला है। यह सर्विस भारत में Starlink को टक्कर देने वाली है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>ET की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, Mukesh Ambani की कंपनी <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/reliance-jio-wrong-recharge-refund-feature-how-to-use-it-and-get-refund-1660762/">Reliance</a> इंडस्ट्री सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट नेटवर्क प्रोवाइड करने के लिए बिलियन डॉलर का निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने कई टीमें बनाई है, जो कि सैटेलाइट, लॉन्च, पेलोड और यूजर टर्मिनल्स पर काम करने वाले हैं। रिपोर्ट की मानें, तो रिलायंस कंपनी अपना खुद का Low Earth Orbit (LEO) लॉन्च करने वाली है। यह सैटेलाइट सीधे स्पेस से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड इंटरनेट प्रोवाइड करेगी।</p>
</p>
<p>Reliance इंडस्ट्री को ITU (Internationa Telecommunication Union) के साथ मिलकर Orbital slots और frequencies के लिए अप्लाई करना होगा। इस संबंध में कंपनी DoT (Department of Telecommunications) से पहले ही बातचीत कर चुकी है।</p>
</p>
<p>कहा तो यह भी जा रहा है रिलायंस कंपनी अपने इस प्रोजेक्ट के लिए मौजूदा Satellite Entity को एक्वायर कर सकती है। ताकी इस सर्विस को जल्द से जल्द भारत में लॉन्च किया जा सके। फिलहाल, कंपनी ने इस संबंध में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी रिवील नहीं की है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कंपनी इस संबंध में ऑफिशियल ऐलान करें।</p>
<h2>Starlink को मिलेगी टक्कर!</h2>
</p>
<p>ऐसे में देखा जा सकता है कि रिलायंस इंडस्ट्री का नया प्रोजेक्ट भारत में सीधे तौर पर Starlink को टक्कर देने वाला है। जैसे कि हमने बताया स्टालिंक Elon Musk की कंपनी है, जो कि दुनियाभर में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस प्रोवाइड करती है। कंपनी पिछले काफी समय से इस सर्विस को भारत लाने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में कंपनी को कई जरूरी लाइसेंस भी जारी हो चुके हैं, लेकिन अभी भी रेग्युलेटरी अप्रूवल की वजह से इसे भारत में लॉन्च नहीं किया गया है।</p>
</p>
<p>आपको बता दें, Reliance पहले से ही स्पेस ब्रॉडबैंड सैगमेंट में मौजूद है। हालांकि, इसके लिए Jio कंपनी SES S.A के साथ जॉइंट वेंचर में जुड़ी है, जिसका नाम Jio Space Technology Limited है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Untitled-design-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/mukesh-ambani-reliance-plans-leo-satellite-space-to-compete-starlink-tipped-via-report-1661128/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/mukesh-ambani-reliance-plans-leo-satellite-space-to-compete-starlink-tipped-via-report-1661128/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 08:59:31 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[खिलाड़ियों की पहली पसंद है बिना स्क्रीन वाला फिटनेस बैंड, जानें क्या है ये और इसके फायदे]]></title>
		<description>बिना स्क्रीन वाले फिटनेस स्मार्ट बैंड बेहद यूनीक डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल खिलाड़ी अपनी हेल्थ और फिटनेस को मॉनिटर करने के लिए करते हैं। अगर आप भी इस बैंड के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह गाइड आपके लिए है। यहां डिटेल में स्मार्ट बैंड के बारे में बताया गया है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अगर आप क्रिकेट प्रेमी हैं, तो आपने कभी-न-कभी विराट कोहली (Virat Kohli) या सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के हाथ में बिना स्क्रीन वाला बैंड बंधा हुआ देखा होगा। यह बेहद ही खास डिवाइस है, जिसमें हार्ट-रेट, स्लीप और वर्कआउट जैसे एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इनकी मदद से हेल्थ और फिटनेस को बारीकी से मॉनिटर किया जा सकता है। साथ ही, परफॉर्मेंस को बेहतर बनाया जा सकता है। अगर आप भी इस स्मार्ट बैंड के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। यहां आपको स्क्रीनलेस बैंड, उसके फीचर और उसके फायदे जैसी बातों की जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।</p>
<h2>क्या है Screenless Smart Band ?</h2>
</p>
<p>स्क्रीनलेस स्मार्ट बैंड एक वियरेबल डिवाइस है, जो बिना डिजिटल डिस्प्ले के साथ आता है। इस उपकरण को खासतौर पर सेहत और फिटनेस को गहराई से ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है। इसके द्वारा ट्रैक किए गए डेटा को फोन में मौजूद ऐप में देखा जा सकता है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-1-13.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661068 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-1-13.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2>कैसे करता है बैंड काम ?</h2>
</p>
<p>स्क्रीनलेस स्मार्ट बैंड आम स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से बहुत अलग है। इस बैंड में स्क्रीन नहीं होती है। इसमें सेंसर लगे होते हैं, जो बारीकी से आपके हार्ट-रेट, स्लीप, स्टेप और ब्लड ऑक्सीजन जैसी डिटेल को मॉनिटर करते हैं और सेव कर लेते हैं। फिर ब्लूटूथ के माध्यम से उस रिकॉर्डेड डेटा को ऐप में ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे आप उसे ग्राफिक्स और नंबर की फॉर्म में देख सकते हैं।</p>
</p>
<p>इस बैंड के जरिए आप यह जान सकते हैं कि आपने पूरे दिन में कितने कदम चले, आपका हार्ट रेट कितना रहा और वर्कआउट के दौरान कितनी कैलोरी बर्न हुई। इसके साथ आप फिटनेस को भी मॉनिटर कर सकते हैं।</p>
<h2>Band के फीचर्स</h2>
</p>
<p>स्मार्ट बैंड में स्क्रीन न देकर डिस्ट्रैक्शन फ्री बनाया गया है। साधारण शब्दों में कहें, तो स्क्रीन न होने से फोन में आने वाली एक भी नोटिफिकेशन नहीं मिलेगी, जिससे यूजर अपने कार्य को पूरे फोकस के साथ कर पाएगा। यह सॉफ्ट मटेरियल का बना होता है और वजन बहुत कम होती है, जिससे इसे पूरे दिन पहना जा सकता है और हाथ पर दबाव नहीं पड़ता है। यह वॉटर रसिस्टेंट होता है।</p>
</p>
<div id="attachment_1661069" style="width: 1210px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-2-10.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1661069" class="wp-image-1661069 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-2-10.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1661069" class="wp-caption-text">AI Generated</p>
</div>
</p>
<p>इस फिटनेस बैंड में 24 घंटे हार्ट-रेट मॉनिटर करने की सुविधा दी गई है। इससे नींद को भी ट्रैक किया जा सकता है, जिससे आप नींद की गुणवत्ता के बारे में जान सकते हैं। इसके अलावा, आपको बैंड से यह भी जानकारी मिलेगी कि आपके ब्लड में ऑक्सीजन लेवल क्या है। इसके माध्यम से स्ट्रेस व रिकवरी को भी ट्रैक किया जा सकता है।</p>
<h2>बैटरी लाइफ</h2>
</p>
<p>इस बिना स्क्रीन वाले फिटनेस बैंड की बैटरी लाइफ बहुत बढ़िया होती है। इसका इस्तेमाल सिंगल चार्ज में 8 से 9 दिन तक किया जा सकता है। इस मामले में यह आम स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से बेहतर है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-3-9.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661070 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-3-9.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2>स्मार्ट बैंड के फायदे</h2>
</p>
<p>इस स्मार्ट बैंड में सोच-समझकर स्क्रीन नहीं दी गई है, जिससे यूजर का ध्यान नहीं भटकेगा और उनका फोकस बना रहेगा। इस डिवाइस से हार्ट-रेट से लेकर स्टेप तक को ट्रैक किया जा सकता है, जिससे सेहत और फिटनेस का ख्याल रखा जा सकता है। इसका वेट कम होने से इसे सोते समय भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यही कारण हैं कि अधिकतर खिलाड़ी इस बैंड का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<h2>क्या भारत में है उपलब्ध ?</h2>
</p>
<p>जी हां, भारतीय बाजार में Pebble और Polar Watch जैसे ब्रांड के बिना स्क्रीन वाले स्मार्ट फिटनेस बैंड मौजूद हैं। इन बैंड की कीमत मिड और प्रीमियम रेंज में है। इन्हें कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट के साथ-साथ Amazon और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्म से खरीदा जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-1-13.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/what-is-screenless-smart-fitness-band-how-it-works-benefits-features-explained-1661057/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/what-is-screenless-smart-fitness-band-how-it-works-benefits-features-explained-1661057/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 08:26:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[OpenAI ने पेश किया ChatGPT 5.5 Instant, मिलेंगे ये सब फीचर्स]]></title>
		<description>OpenAI ने नया ChatGPT 5.5 Instant पेश किया है, जो पहले से ज्यादा तेज और समझदार है। यह मॉडल रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>OpenAI ने नया मॉडल ChatGPT 5.5 Instant पेश किया है, जो अब पुराने GPT 5.3 Instant की जगह डिफॉल्ट मॉडल बन रहा है। इस नए मॉडल का मुख्य मकसद यूजर्स को तेज, आसान और ज्यादा बेहतर जवाब देना है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल रोजमर्रा के काम जैसे सवाल-जवाब, लिखना, समझाना और जानकारी देना पहले से ज्यादा स्मूथ तरीके से करेगा। खास बात यह है कि यह मॉडल पहले के मुकाबले तेजी से जवाब देता है और बातचीत को बेहतर तरीके से समझता है।</p>
<h2><strong>क्या ChatGPT 5.5 Instant रोजमर्रा के कामों को आसान बनाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>ChatGPT 5.5 Instant को खासतौर पर स्पीड और बेहतर जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यह भारी और मुश्किल मॉडल्स की तरह ज्यादा Deep रिसर्च पर नहीं, बल्कि रोज के सामान्य कामों पर ज्यादा फोकस करेगा। यूजर्स को इससे जल्दी और सटीक जवाब मिलेंगे। कंपनी ने बताया कि यह मॉडल टेक्स्ट के साथ-साथ इमेज और कॉन्टेक्स्ट को भी बेहतर तरीके से समझ सकता है। यही वजह है कि यह पढ़ाई, जानकारी खोजने और सामान्य सवालों के जवाब देने में पहले से ज्यादा यूजफुल होगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">GPT-5.5 Instant is starting to roll out in ChatGPT.</p>
</p>
<p>It’s a big upgrade, giving you smarter, clearer, and more personalized answers in a warmer, more natural tone.</p>
</p>
<p>And it&#8217;s also more concise, which we heard you wanted. We think you&#8217;ll love chatting with it. <a href="https://t.co/HSQOhjqxp7" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/HSQOhjqxp7</a></p>
</p>
<p>— OpenAI (@OpenAI) <a href="https://twitter.com/OpenAI/status/2051709028250915275?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 5, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>क्या नया मॉडल पहले से ज्यादा बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहतर एक्यूरेसी और कम गलतियां हैं। ChatGPT 5.5 Instant को इस तरह बनाया गया है कि यह गलत या भ्रमित करने वाले जवाब (हैलुसिनेशन) कम दे। खासकर फाइनेंस, कानून और हेल्थ जैसे संवेदनशील विषयों में यह ज्यादा सावधानी से जवाब देता है। कंपनी के टेस्ट के मुताबिक, इस मॉडल ने मैथ, साइंस और लॉजिक जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है, साथ ही यह अब बेहतर तरीके से तय कर सकता है कि कब उसे इंटरनेट से जानकारी लेनी है और कब अपने खुद से जवाब देना है।</p>
<h2><strong>ChatGPT 5.5 Instant क्या नया फीचर मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा OpenAI ने इसमें ‘Memory Source’ नाम का नया फीचर भी जोड़ा है। इस फीचर की मदद से ChatGPT अब पुराने चैट्स, फाइल्स और कुछ कनेक्टेड सर्विसेज जैसे Gmail से जानकारी लेकर पर्सनलाइज्ड जवाब दे सकता है, अच्छी बात यह है कि यूजर्स अपनी मेमोरी को खुद कंट्रोल कर सकते हैं, चाहें तो डेटा हटा सकते हैं या बदल सकते हैं। कंपनी ने प्राइवेसी का भी खास ध्यान रखा है, यह नया मॉडल धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए रोलआउट हो रहा है और आने वाले समय में मोबाइल और बाकी प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध होगा।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>OpenAI का ChatGPT 5.5 Instant क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>यह ChatGPT का नया और अपग्रेडेड AI मॉडल है, जो पहले से ज्यादा तेज, स्मार्ट और सटीक जवाब देने के लिए बनाया गया है। यह रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने पर फोकस करता है।</p>
<h2><strong>क्या ChatGPT 5.5 Instant पुराने वर्जन से बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<p>यह GPT 5.3 Instant से बेहतर है। इसमें कम गलतियां होती हैं, जवाब जल्दी मिलता है और यह बातचीत को ज्यादा अच्छे से समझता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-66.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[How gpt-5.5 instant reduces hallucinations in chatgpt]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-introduces-chatgpt-5-5-instant-faster-smarter-more-accurate-ai-model-1661065/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-introduces-chatgpt-5-5-instant-faster-smarter-more-accurate-ai-model-1661065/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 07:52:59 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[CMF Watch 3 Pro स्मार्टवॉच GPS और Bluetooth Calling के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन]]></title>
		<description>CMF Watch 3 Pro एडवांस फीचर्स के साथ भारत में एंट्री मार चुकी है। इस वॉच के साथ आपको बदलने वाले बेजल्स और स्ट्रैप ऑप्शन मिलते हैं। यहां जानें वॉच की कीमत और सेल डेट।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>CMF Watch 3 Pro</strong> स्मार्टवॉच फाइनली भारत में लॉन्च हो गई है। यह CMF Watch 2 Pro का ही अपग्रेड वर्जन है, जिसे कंपनी ने 2 साल पहले भारतीय बाजार में पेश किया था। लंबे इंतजार के बाद अब Nothing सब-ब्रांड ने इस स्मार्टवॉच को भारत में पेश कर दिया है। फीचर्स की बात करें, तो इस बार भी कंपनी ने सर्कुलर डायल डिजाइन पेश किया है, जिसके 3 बेजल्स डिजाइन मिलेंगे जिसे आप बदल सकते हैं। वॉच में 1.43 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है। फिटनेस के लिए इसमें 131 स्पोर्ट्स मोड दिए गए हैं। वहीं, वॉच की बैटरी 350mAh की है, जो कि सिंगल चार्ज पर 13 दिन तक की यूसेज प्रोवाइड करती है। आइए जानते हैं वॉच की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>CMF Watch 3 Pro price in India</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/cmf-watch-3-pro-india-launch-date-announced-these-top-5-smartwatches-giving-tough-competition-1660647/">CMF Watch 3 Pro</a> को 7,999 रुपये की कीमत में पेश किया है। लॉन्च ऑफर के तहत इसे 6,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा। इस ऑफर के साथ आप वॉच के Light Grey, Light Green और Dark Grey कलर ऑप्शन को खरीद सकेंगे। वहीं, इसका ऑरेंज कलर ऑप्शन आपको 7,499 रुपये में मिलेगा।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Watch 3 Pro early access starts tomorrow in India.</p>
<p>7 May, 12 PM <a href="https://t.co/zDlq1syPXY" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/zDlq1syPXY</a></p>
</p>
<p>— CMF by Nothing (@cmfbynothing) <a href="https://twitter.com/cmfbynothing/status/2051912345698644147?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 6, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>CMF Watch 3 Pro Sale Date</h2>
</p>
<p>लॉन्च के दौरान कंपनी ने सीएमएफ वॉच 3 प्रो की सेल डेट का भी खुलासा कर दिया है। वॉच की सेल भारत में 8 मई से शुरू होने जा रही है, जिसे आप Flipkart कके जरिए खरीद सकेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें, 2 साल पहले लॉन्च हुई CMF Watch 2 Pro को कंपनी ने 4,999 रुपये की कीमत में पेश किया था।</p>
<h2>CMF Watch 3 Pro specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो इस वॉच में 1.43 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। डिस्प्ले में 650 Nits ब्राइटनेस मिलती है। वहीं, इसका रिफ्रेश रेट 60Hz का है। जैसे कि हमने बताया इस वॉच के साथ बदलने वाले किनारे (बेजल्स) मिलते हैं। इसके अलावा, इसमें कई सिलिकॉन स्ट्रैप के ऑप्शन भी मिलेंगे। कंपनी ने वॉचफेस में 120 वॉच फेस दिए हैं। इस वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट मिलता है। इसके अलावा, फोन के साथ पेयर करके इस वॉच से आप म्यूजिक कंट्रोल व मैसेज के रिप्लाई देने जैसे काम भी कर सकते हैं।</p>
</p>
<p>फिटनेस के लिए इसमें आपको 131 स्पोर्ट्स मोड मिलेंगे, जिसके साथ डुअल-बैंड, मल्टी सिस्टम GPS सपोर्ट मिलता है। यह सटिक आउटडोर वर्कआउट के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है। इसके अलावा, स्पोर्ट्स पंसद करने वाले लोगों के लिए इसमें पर्सनलाइज्ड रनिंग कोच मिलता है, जो कि यूजर के लिए 8 से 16 हफ्ते की ट्रेनिंग को प्लान करता है। इतना ही नहीं इसमें आपको Automatic Heart Rate Measurement, 24-hour Heart Rate Measurement, Active Score, Sleep Detection, Blood Oxygen Measurement, Women’s Physiological Health Records, Stress Monitoring, Calories, Distance, Exercise Duration, Water Reminder, Stand Up Reminder जैसे हेल्थ फीचर्स भी मिलेंगे।</p>
</p>
<p>यह वॉच Android 6.0 व इससे नए वर्जन व iOS 13 व इससे नए वर्जन पर काम करती है। यह वॉच Nothing X ऐप के साथ काम करती है। इस वॉच की बैटरी 350mAh की है, जो कि सिंगल चार्ज पर 10 दिन की यूसेज प्रोवाइड करती है। वहीं, हैवी यूज पर इसका इस्तेमाल 10 दिन तक किया जा सकता है। ऑलवेज ऑन डिस्प्ले के साथ यह वॉच 4.5 दिन तक एक्टिव रहेगी। वहीं, पावर सेविंग मोड पर इसका इस्तेमाल 60 दिन तक किया जा सकता है।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th><strong>CMF Watch 3 Pro</strong></th>
</p>
<th>स्पेक्स</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>डिस्प्ले</td>
</p>
<td>1.43 इंच AMOLED</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ब्राइटनेस</td>
</p>
<td>650 निट्स</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रिफ्रेश रेट</td>
</p>
<td>60Hz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>डिजाइन</td>
</p>
<td>इंटरचेंजेबल बेज़ल्स, सिलिकॉन स्ट्रैप ऑप्शन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>वॉच फेस</td>
</p>
<td>120+ वॉच फेस</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कॉलिंग फीचर</td>
</p>
<td>ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्मार्ट फीचर्स</td>
</p>
<td>म्यूजिक कंट्रोल, मैसेज रिप्लाई</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्पोर्ट्स मोड</td>
</p>
<td>131 स्पोर्ट्स मोड</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>GPS</td>
</p>
<td>डुअल-बैंड, मल्टी-सिस्टम GPS</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>फिटनेस फीचर</td>
</p>
<td>पर्सनलाइज्ड रनिंग कोच (8–16 हफ्ते)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>हेल्थ ट्रैकिंग</td>
</p>
<td>हार्ट रेट, स्लीप ट्रैकिंग, SpO2, स्ट्रेस मॉनिटरिंग, एक्टिव स्कोर</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>अतिरिक्त हेल्थ फीचर</td>
</p>
<td>महिलाओं की हेल्थ ट्रैकिंग, कैलोरी, डिस्टेंस, एक्सरसाइज ड्यूरेशन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>रिमाइंडर</td>
</p>
<td>वाटर रिमाइंडर, स्टैंड अप रिमाइंडर</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कम्पैटिबिलिटी</td>
</p>
<td>Android 6.0+, iOS 13+</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>ऐप सपोर्ट</td>
</p>
<td>Nothing X ऐप</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी</td>
</p>
<td>350mAh</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>बैटरी बैकअप</td>
</p>
<td>10 दिन (नॉर्मल/हेवी यूज)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>AOD बैटरी</td>
</p>
<td>4.5 दिन</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>पावर सेविंग मोड</td>
</p>
<td>60 दिन तक</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>CMF Watch 3 Pro इन स्मार्टवॉच को देगी टक्कर!</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Untitled-design.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1661056" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Untitled-design.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>कीमत के लिहाज से देखें, तो 8000 से कम की रेंज में आपको Amazfit Bip 6 जैसे धाकड़ ऑप्शन मिल जाएंगे। इस वॉच में कंपनी ने 1.97 इंच का डिस्प्ले दिया है। इसमें भी ब्लूटूथ कॉलिंग का सपोर्ट भी मिलता है। कंपनी ने इसमें 5 satellite systems वाला GPS कनेक्शन दिया है। सिंगल चार्ज पर यह वॉच 14 दिन तक चलती है। इसके अलावा, Noise ColorFit Pro 6 Max को भी आप 7999 रुपये में खरीद सकेंगे। यह वॉच 1.96 इंच डिस्प्ले के साथ आती है। इसमें बिल्ट-इन GPS जैसे एडवांस फीचर्स मिलते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/CMF-Watch-3-Pro-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/cmf-watch-3-pro-launched-in-india-with-gps-bluetooth-calling-support-price-specifications-sale-offer-1661051/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/cmf-watch-3-pro-launched-in-india-with-gps-bluetooth-calling-support-price-specifications-sale-offer-1661051/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
</rss>