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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 08:10:05 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[PFBR Explainer: भारत ने Thorium युग में रखा कदम, पहली बार हासिल की ये बड़ी उपलब्धि]]></title>
		<description>भारत ने न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तमिलनाडु में बने PFBR रिएक्टर ने पहली बार &#039;First Criticality&#039; हासिल की है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के तमिलनाडु में बने Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) ने पहली बार &#8216;First Criticality&#8217; हासिल कर ली है। इसका मतलब है कि अब यह रिएक्टर अपने आप लगातार न्यूक्लियर एनर्जी पैदा कर सकता है। आसान भाषा में समझें तो, यह रिएक्टर जितना ईंधन इस्तेमाल करता है, उससे ज्यादा नया ईंधन भी बना सकता है, यही इसकी सबसे खास बात है। यह भारत के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि अब देश अपने Thorium (एक तरह का Nuclear Fuel) का बेहतर इस्तेमाल कर सकेगा, जो भारत में काफी मात्रा में मौजूद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे देश के न्यूक्लियर प्रोग्राम में एक बड़ा और अहम कदम बताया और इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सभी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की।</p>
<h2><strong>Fast Breeder Reactor क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>भारत का Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित है। यह एक ऐसा न्यूक्लियर रिएक्टर है जो जितना Fissile material (जैसे Plutonium) इस्तेमाल करता है, उससे ज्यादा नया Fissile material Generate करता है, मतलब यह रिएक्टर अपनी जरूरत से ज्यादा ईंधन बना सकता है। यह सामान्य थर्मल रिएक्टर से अलग है क्योंकि यह Fast Neutrons का इस्तेमाल करता है, जो फिशन रिएक्शन को तेज और असरदार बनाते हैं।</p>
<h2><strong>First Criticality क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>न्यूक्लियर रिएक्टर में फर्स्ट क्रिटिकलिटी वह पहला कदम है जब रिएक्टर अपने आप लगातार एनर्जी बनाने लगता है। इसका मतलब है कि रिएक्टर में जो न्यूट्रॉन्स निकलते हैं और जो न्यूट्रॉन्स खो जाते हैं, उनकी संख्या बराबर हो जाती है। यह स्टेज दिखाती है कि रिएक्टर सुरक्षित तरीके से चलने के लिए तैयार है और अब अगले ऑपरेशन स्टेप्स शुरू किए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>PFBR क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>PFBR को इंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (IGCAR) ने डेवलप किया है। यह रिएक्टर Uranium-Plutonium Mixed Oxide (MOX) ईंधन का इस्तेमाल करता है। इसमें लिक्विड सोडियम कूलेंट के रूप में प्रयोग होता है, जो हाई टेंपरेचर पर भी रिएक्टर को सुरक्षित रखता है। इसे क्लोज्ड फ्यूल साइकिल रिएक्टर कहा जाता है क्योंकि इसमें इस्तेमाल हो चुका ईंधन फिर से रीसाइकिल और रिफाइन किया जाता है।</p>
<h2><strong>2047 तक भारत का लक्ष्य क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>Federal Budget 2025-26 में सरकार ने बताया कि 2047 तक भारत का लक्ष्य 100GW न्यूक्लियर पावर जनरेशन का है। इसके लिए न्यूक्लियर एनर्जी मिशन ने Rs. 20,000 करोड़ का बजट रखा है ताकि Small Modular Reactors (SMRs) को डिजाइन, डेवलप और ऑपरेशनल किया जा सके। उम्मीद है कि 2033 तक कम से कम 5 SMRs चालू हो जाएंगे।</p>
<h2><strong>भारत अभी कितनी बिजनी पैदा कर रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>भारत का न्यूक्लियर प्रोग्राम धीरे-धीरे देश की बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद कर रहा है। अभी यह लगभग 8.78GW बिजली पैदा कर रहा है। पिछले साल भारतीय न्यूक्लियर पावर प्लांट्स ने 56,681 मिलियन यूनिट बिजली बनाई, जो देश की कुल बिजली का 3.1% है। अगर नए 700MW और 1000MW रिएक्टर बनते हैं, तो 2032 तक न्यूक्लियर बिजली 22.38GW तक पहुंच सकती है।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[PFBR First Criticality Explained]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:53:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Claude Mythos: Anthropic ने नया AI मॉडल किया लॉन्च, जानें क्या है इसकी खासियत]]></title>
		<description>Anthropic ने अपना नया AI मॉडल Claude Mythos Preview लॉन्च किया है, जो पुराने मॉडल और बाकी AI से भी ज्यादा स्मार्ट है। यह मॉडल साइबर सुरक्षा खामियों का पता लगाने में सक्षम है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Anthropic ने हाल ही में अपना सबसे नया AI मॉडल Claude Mythos Preview लॉन्च किया है। यह मॉडल उनके पुराने मॉडल Claude Opus 4.6 और बाकी AI जैसे Gemini 3.1 से भी बेहतर माना जा रहा है, लेकिन इस नए AI की ताकत इतनी ज्यादा है कि कंपनी इसे आम जनता के लिए अभी उपलब्ध कराने की योजना नहीं बना रही है। Anthropic ने घोषणा की है कि यह मॉडल अब 40 से अधिक बड़ी टेक कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें Apple, Google, Microsoft, Amazon Web Services जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का मकसद है कि Claude Mythos की मदद से वे अपने सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम में मौजूद साइबर सुरक्षा खामियों को खोजकर सुधारें।</p>
<h2><strong>Claude Mythos ने कौन-कौन सी सुरक्षा खामियां का पता लगाया?</strong></h2>
</p>
<p>Anthropic के अनुसार, Claude Mythos Preview ने हजारों ऐसी सुरक्षा खामियों का पता लगाया जो इंसानों की नजर से बच गई थीं। इसे विशेष रूप से वेब ब्राउजर और ऑपरेटिंग सिस्टम में &#8216;Zero-Day Vulnerabilities&#8217; खोजने के लिए सक्षम बताया गया है। उदाहरण के लिए, इसने OpenBSD ऑपरेटिंग सिस्टम में 27 साल पुरानी खामियों का पता लगाया, जो आमतौर पर फायरवॉल और सर्वर में इस्तेमाल होती हैं। इसके अलावा Linux kernel में भी कई खामियां मिलीं, जो दुनिया के अधिकतर सर्वर चलाने के लिए प्रयोग में आती हैं। Anthropic ने कहा कि इन खामियों का गलत इस्तेमाल करने पर कोई भी हैकर सामान्य यूजर से पूरी मशीन पर नियंत्रण हासिल कर सकता है।</p>
<h2><strong>Project Glasswing क्या है और क्यों शुरू किया गया?</strong></h2>
</p>
<p>इसलिए Anthropic ने Claude Mythos को सीधे लोगों के लिए रिलीज करने की बजाय Project Glasswing शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट में कंपनी बड़ी टेक कंपनियों के साथ मिलकर AI की खामियों को ढूंढेगी और सही करेगी। CEO Dario Amodei ने X पर लिखा, &#8216;अगर हम इसे सही तरीके से इस्तेमाल करें, तो AI की मदद से इंटरनेट और पूरी दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित बन सकती है&#8217; इस प्रोजेक्ट के लिए Anthropic ने $100 मिलियन तक के मॉडल इस्तेमाल करने के क्रेडिट्स रखे हैं। पार्टनर कंपनियां उसके बाद ज्यादा इस्तेमाल करने पर भुगतान करेंगी।</p>
<h2><strong>Anthropic का क्या कहना है?</strong></h2>
</p>
<p>Anthropic का कहना है कि Claude Mythos दिखाता है कि AI अब बहुत स्मार्ट और एडवांस हो गया है, ध्यान देने वाली बात ये है कि Claude Mythos को खासतौर पर साइबर सुरक्षा के लिए नहीं बनाया गया था लेकिन इसकी सामान्य प्रोग्रामिंग और कोडिंग की ताकत ने इसे खामियां ढूंढने में मदद की। कंपनी अमेरिकी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर यह देख रही है कि इतना पावरफुल AI सही और सुरक्षित तरीके से ही इस्तेमाल हो। इस साल Dario Amodei की कंपनी को अमेरिकी पेंटागन के साथ डिफेंस डील में विवाद हुआ था क्योंकि कंपनी ने AI का अनियंत्रित इस्तेमाल करने पर विरोध किया था।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Claude-Mythos-Preview-Anthropic.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Claude Mythos Preview Anthropic]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:22:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google ने Gemini में Notebooks फीचर किया लॉन्च, अब यूजर्स को मिलेगा ये बड़ा फायदा]]></title>
		<description>Google ने अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini में Notebooks फीचर लॉन्च किया है, जो यूजर्स को चैट, फाइल्स और रिसर्च को एक जगह मैनेज करने में मदद करेगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini में एक नया और काम का फीचर Notebooks लॉन्च किया है। इस फीचर का मकसद यूजर्स को उनके लंबे चैट, फाइल्स और रिसर्च को एक ही जगह पर व्यवस्थित करने में मदद करना है। कंपनी के अनुसार, अब यूजर्स न सिर्फ नए चैट शुरू कर सकते हैं बल्कि पुराने चैट्स को भी Notebooks में ट्रांसफर कर सकते हैं। यह फीचर खासतौर पर स्टूडेंट्स, कंटेंट क्रिएटर्स और प्रोफेशनल्स के लिए काफी यूजफुल साबित हो सकता है, जो एक साथ कई कामों को मैनेज करते हैं।</p>
<h2><strong>Notebooks फीचर कैसे काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>Notebooks फीचर को एक तरह का पर्सनल नॉलेज हब माना जा रहा है, जहां यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से कंटेंट को कस्टमाइज कर सकते हैं। इसमें आप PDF, डॉक्यूमेंट्स और दूसरे फाइल्स अपलोड कर सकते हैं और Gemini को खास निर्देश देकर बेहतर जवाब हासिल कर सकते हैं। जब Notebook सेट हो जाता है, तो Gemini उसी कंटेंट के आधार पर ज्यादा सटीक और संदर्भित जवाब देता है। इससे बार-बार एक ही जानकारी देने की जरूरत खत्म हो जाती है और यूजर आसानी से अपने चल रहे काम को आगे बढ़ा सकता है।</p>
<h2><strong>यूजर्स इसे कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर की एक और बड़ी खासियत यह है कि यह NotebookLM के साथ इंटीग्रेटेड है, यानी अगर आप Gemini में कोई Notebook बनाते हैं, तो वह अपने आप NotebookLM में भी सिंक हो जाता है। इससे यूजर दोनों प्लेटफॉर्म के बीच आसानी से स्विच कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई स्टूडेंट Gemini में स्टडी मटेरियल अपलोड कर सकता है, फिर NotebookLM में उसका वीडियो या इन्फोग्राफिक बना सकता है, और फिर वापस Gemini में आकर उसी डेटा से नोट्स या आर्टिकल तैयार कर सकता है।</p>
<h2><strong>यह फीचर कब तक सभी यूजर्स को मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल यह फीचर Gemini AI Ultra, Pro और Plus सब्सक्राइबर्स के लिए वेब पर रोलआउट हो रहा है और जल्द ही मोबाइल यूजर्स व फ्री यूजर्स के लिए भी उपलब्ध होगा। आने वाले समय में इसमें और भी नए फीचर्स जोड़े जाएंगे, जिससे बड़े और मुश्किल प्रोजेक्ट्स को मैनेज करना और आसान हो जाएगा। खास बात यह है कि इस फीचर की तुलना ChatGPT Projects से भी की जा रही है, जिसे OpenAI ने 2024 में लॉन्च किया था। दोनों फीचर्स का मकसद यूजर्स को एक ऑर्गनाइज्ड और स्मार्ट वर्कस्पेस देना है, जिससे काम करना पहले से ज्यादा आसान और तेज हो सके।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Google-Gemini-Notebooks.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Gemini Notebooks]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:06:21 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Meta लेकर आया अब तक का सबसे स्मार्ट AI मॉडल, सेकेंडों में करेगा मुश्किल टास्क पूरा]]></title>
		<description>Meta ने Muse Spark एआई मॉडल से पर्दा उठाया है। यह कंपनी के मौजूदा मॉडल से अधिक स्मार्ट व इंटेलिजेंट है। यह मुश्किल समस्या को हल करने में सक्षम है और हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए काम के सुझाव भी देता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Meta</strong> ने AI क्षेत्र में अपने कदम मजबूत करने के लिए खास एआई मॉडल लॉन्च किया है। यह Muse Spark है, जिसे कंपनी की Superintelligence Labs ने तैयार किया है। इसकी खूबी है कि यह एक साथ कई सारे टेक्स्ट प्रोड्यूस करने के साथ इमेज बना सकता है। इसके जरिए चुटकियों में मुश्किल-से-मुश्किल सवालों को हल किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल हर काम को आसान बनाने के साथ हमें आधुनिक भविष्य की ओर ले जाएगा।</p>
<h2>क्या है Muse Spark ?</h2>
</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, Muse Spark एडवांस एआई मॉडल है। यह Muse सीरीज का हिस्सा है। इसे खासतौर पर कठिन टास्क को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। इसमें विजुअल चेन-ऑफ-थॉट रीसिंग और मल्टी एजेंट जैसे टूल दिए गए हैं। इनके साथ मॉडल में Contemplating Mode भी दिया गया है। इसके एक्टिव होने पर मॉडल एक साथ कई टूल का इस्तेमाल करके टास्क को पूरा करता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Today we’re introducing Muse Spark, our most powerful model yet, giving you a faster and smarter Meta AI.</p>
</p>
<p>Muse Spark currently powers the Meta AI app and website and will be rolling out to <a href="https://twitter.com/WhatsApp?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@whatsapp</a>, <a href="https://twitter.com/instagram?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@Instagram</a>, <a href="https://twitter.com/facebook?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@facebook</a>, <a href="https://twitter.com/messenger?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@messenger</a>, and AI glasses in the coming weeks.…</p>
</p>
<p>— Meta Newsroom (@MetaNewsroom) <a href="https://twitter.com/MetaNewsroom/status/2041909669745074491?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
</p>
<p>इस एआई मॉडल की खूबी है कि यह ऑब्जेक्ट्स को मॉनिटर करके उनके इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल बना सकता है। इसके साथ यह हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी देता है। बता दें कि कंपनी ने इसके लिए 1000 से ज्यादा डॉक्टर के साथ मिलकर काम किया है। इसे AI stack के तहत बनाया गया है, जिसने इसे अन्य एआई मॉडल की तुलना में बेहतर साबित किया है।</p>
</p>
<p>कंपनी का कहना है कि इस मॉडल का इस्तेमाल एजुकेशन, हेल्थ और मुश्किल प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके आने से जीवन जीने का तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। भविष्य में इससे अधिक स्मार्ट व इंटेलिजेंट एआई मॉडल देखने को मिलेंगे।</p>
<h2>कहां है अवेलेबल ?</h2>
</p>
<p><strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/indian-government-plans-to-open-tech-museum-soon-showcase-future-technology-1410408/">मेटा</a></strong> का लेटेस्ट Muse Spark मॉडल Meta AI और Meta AI ऐप पर उपलब्ध है, जहां से इसके उपयोग किया जा सकता है। चुनिंदा यूजर्स के लिए मॉडल का प्राइवेट API प्रीव्यू भी अवेलेबल है। आने वाले दिनों में इसका सपोर्ट व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम में मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/untitled-2026-04-09T091624.678.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Meta Muse Spark AI: The Revolutionary Model Outperforming GPT, Gemini, and Grok in 2026]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 04:51:54 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[X का नया ऑटो ट्रांसलेशन फीचर क्या है और यूजर्स को कैसे फायदा मिलेगा?]]></title>
		<description>X और Elon Musk ने यूजर्स के लिए नया ऑटो ट्रांसलेशन फीचर शुरू किया है। इससे किसी भी भाषा में लिखे पोस्ट अपने-आप आपकी भाषा में दिखेंगे।  आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Elon Musk की सोशल मीडिया कंपनी X ने अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा अपडेट रोल आउट करना शुरू कर दिया है। अब प्लेटफॉर्म पर ऑटोमैटिक पोस्ट ट्रांसलेशन फीचर आ रहा है, जो दुनिया भर में धीरे-धीरे रोलआउट हो रहा है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी भी भाषा में लिखे पोस्ट को अपनी पसंद की भाषा में आसानी से पढ़ सकेंगे। यह फीचर Grok नाम के AI चैटबॉट से चलता है, जिसे xAI ने बनाया है।</p>
<h2><strong>ऑटो ट्रांसलेशन कैसे काम करेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए ऑटो-ट्रांसलेशन फीचर के आने से अब यूजर्स को किसी पोस्ट को मैन्युअली ट्रांसलेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जैसे ही आप स्क्रॉल करेंगे, अलग-अलग भाषाओं में लिखे पोस्ट अपने-आप आपकी समझ में आने वाली भाषा में बदल जाएंगे। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई पोस्ट अरबी, हिंदी या किसी बाकी भाषा में है और आप उसे नहीं समझते, तो यह फीचर उसे तुरंत अंग्रेजी या आपकी सेट की गई भाषा में बदल देगा। इससे न केवल यूजर्स का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि कंटेंट क्रिएटर्स के पोस्ट भी ज्यादा लोगों तक पहुंच पाएंगे, हालांकि अगर कोई यूजर ओरिजिनल भाषा में ही पोस्ट पढ़ना चाहता है, तो वह सेटिंग्स में जाकर इस फीचर को बंद भी कर सकता है।</p>
<h2><strong>कंपनी ने इस फीचर को लेकर क्या कहा?</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर की जानकारी X के प्रोडक्ट हेड Nikita Bier ने दी। उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य है कि हर भाषा में लिखे पोस्ट को ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचाया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में Grok की ट्रांसलेशन क्वालिटी में काफी सुधार हुआ है, यानी अब ट्रांसलेशन पहले से ज्यादा सटीक और नेचुरल होगा। यह कदम X के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे प्लेटफॉर्म पर यूजर एंगेजमेंट बढ़ने की उम्मीद है और लोग ज्यादा समय तक ऐप पर एक्टिव रहेंगे।</p>
<h2><strong>कौन-कौन से नए फीचर्स मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इसके साथ ही X ने एक नया AI-Powered इमेज एडिटर भी पेश किया है, जो फिलहाल iOS App पर उपलब्ध है। इस एडिटर में कई क्रिएटिव और एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इसमें &#8216;Blur&#8217; Tools शामिल है, जिससे यूजर्स फोटो में चेहरे, नंबर प्लेट या संवेदनशील जानकारी को आसानी से छिपा सकते हैं। इसके अलावा एक खास फीचर &#8216;Natural Language Editing&#8217; भी है, जिसमें यूजर सिर्फ टेक्स्ट लिखकर फोटो को एडिट कर सकता है, जैसे &#8216;इस फोटो को म्यूजियम पेंटिंग जैसा बना दो।&#8217; Grok AI इसे तुरंत उसी स्टाइल में बदल देगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि जल्द ही ये फीचर्स Android यूजर्स के लिए भी उपलब्ध होंगे, जिससे सभी यूजर्स को बेहतर और स्मार्ट अनुभव मिल सकेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/Elon-Musk-X.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Elon Musk X New summarise feature]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:43:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Oppo Find X9s Pro लॉन्च से पहले गीकबेंच पर हुआ स्पॉट! परफॉर्मेंस डिटेल्स हुई लीक]]></title>
		<description>Oppo Find X9s Pro फोन 21 अप्रैल को लॉन्च होने वाला है। लॉन्च से पहले फोन गीकबेंच पर स्पॉट किया गया है। इस लिस्टिंग के जरिए फोन से जुड़ी कई डिटेल्स सामने आई है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Oppo Find X9s Pro</strong> स्मार्टफोन जल्द ही मार्केट में दस्तक दे सकता है। फोन से जुड़ी लीक्स सामने आने लगी है। लेटेस्ट लीक की मानें, तो यह फोन गीकबेंच पर स्पॉट किया गया है। गीकबेंच लिस्टिंग के जरिए फोन के कई फीचर्स की जानकारी मिली है। यह फोन MediaTek Dimensity 9500 प्रोसेसर से लैस हो सकता है। इसके अलावा फोन में कंपनी 7025mAh की जंबो बैटरी देने वाली है, जिसके साथ 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। फोटोग्राफी के लिए फोन में 200MP का कैमरा दिया जा सकता है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Gizmochina की लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो <a href="https://www.techlusive.in/hi/mobile/oppo-find-x9s-pro-tipped-to-launch-with-7000mah-battery-key-specification-leak-online-1651136/">Oppo Find X9s Pro</a> स्मार्टफोन गीकबेंच पर मॉडल नंबर PME110 के साथ स्पॉट किया गया है। गीकबेंच पर फोन का सिंगल कोर स्कोर 3559 व मल्टी-कोर स्कोर 10475 है। माना जा रहा है कि यह फोन MediaTek Dimensity 9500 प्रोसेसर से लैस होगा।</p>
<h2>Oppo Find X9s Pro leak Specs</h2>
</p>
<p>अन्य फीचर्स की बात करें, तो लीक के मुताबिक ओप्पो के फोन में 6.32 इंच का OLED डिस्प्ले मिल सकता है। इस डिस्प्ले का रेजलूशन 1.5K होगा। इसके अलावा, डिस्प्ले का रिफ्रेश रेट 144Hz का होगा। फोटोग्राफी के लिए फोन में 200MP का प्राइमरी कैमरा मिल सकता है। वहीं, 200MP का ही पेरिस्कोप टेलीफोटो सेंसर इस सेटअप का हिस्सा होगा।</p>
</p>
<p>फोन की बैटरी 7025mAh की होगी। इस फोन में 80W फास्ट चार्जिंग व 50W वायरलेस चार्जिंग मिल सकती है। ओप्पो का यह फोन Natural White, Native Titanium, Vibrant Orange और Wind Chaser Green कलर ऑप्शन में दस्तक दे सकता है। इन सब के अलावा फोन से जुड़े अन्य फीचर्स सामने नहीं आए है। हालांकि, लॉन्च के वक्त सभी फीचर्स से पर्दा उठा दिया जाएगा।</p>
</p>
<p>Oppo Find X9s Pro फोन चीनी मार्केट में 21 अप्रैल को लॉन्च होगा। अभी तक कंपनी फोन के कुछ कैमरा फीचर्स टीज कर चुकी है। फिलहाल, कंपनी ने यह कंफर्म नहीं किया है कि यह फोन भारत में लॉन्च होगा या नहीं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/02/Oppo-Find-X9-5G-2-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/oppo-find-x9s-pro-spotted-on-geekbench-with-performance-chip-details-1656325/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:23:07 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Adobe ने स्टूडेंट्स को दिया खास तोहफा, ये AI फीचर किया लॉन्च, अब फ्री में बनाएं स्टडी मटेरियल]]></title>
		<description>Adobe ने स्टूडेंट्स के लिए एक नया AI फीचर Student Spaces लॉन्च किया है, जो पढ़ाई को आसान और स्मार्ट बनाता है। इस टूल से छात्र अपने नोट्स, क्विज और प्रेजेंटेशन खुद-ब-खुद बना सकते हैं और खास बात यह है कि इसका बीटा वर्जन फिलहाल फ्री में उपलब्ध है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Adobe ने स्टूडेंट्स के लिए एक नया और खास AI फीचर लॉन्च किया है, जिसका नाम Student Spaces है। यह फीचर उसके PDF सॉफ्टवेयर Adobe Acrobat के अंदर जोड़ा गया है। इसका मकसद छात्रों की पढ़ाई को आसान और स्मार्ट बनाना है। इस टूल की मदद से छात्र अपने नोट्स, प्रेजेंटेशन, फ्लैशकार्ड और क्विज खुद-ब-खुद तैयार कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसका बीटा वर्जन फिलहाल फ्री में उपलब्ध है और शुरुआत में इसे इस्तेमाल करने के लिए लॉगिन की भी जरूरत नहीं है।</p>
<h2><strong>Student Spaces कैसे काम करता है और क्या-क्या बना सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>Student Spaces का इस्तेमाल करना काफी आसान है। छात्र इसमें 100 से ज्यादा फाइल्स अपलोड कर सकते हैं, जैसे PDF, Word डॉक्यूमेंट, PowerPoint, Excel, वेबसाइट लिंक, हैंडरिटन नोट्स और ट्रांसक्रिप्ट। इन सभी इनपुट्स के आधार पर यह AI टूल खुद ही पढ़ाई से जुड़ी चीजें तैयार कर देता है। इसमें फ्लैशकार्ड, क्विज, माइंड मैप, वीडियो, पॉडकास्ट और एडिटेबल प्रेजेंटेशन जैसी चीजें शामिल हैं। इसके पीछे Adobe Express का इस्तेमाल किया गया है, जो क्लाउड पर काम करता है और कंटेंट बनाने में मदद करता है।</p>
<h2><strong>क्या AI चैटबॉट सच में पढ़ाई को आसान बना पाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस प्लेटफॉर्म में एक AI चैटबॉट भी दिया गया है, जिससे छात्र सीधे सवाल पूछ सकते हैं और तुरंत जवाब पा सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह AI सिर्फ उन्हीं डॉक्यूमेंट्स के आधार पर जवाब देता है जो यूजर ने अपलोड किए हैं, जिससे गलत जानकारी मिलने की संभावना कम हो जाती है। Adobe के मुताबिक, इस फीचर को 500 से ज्यादा छात्रों के साथ टेस्ट किया गया है, जिनमें Harvard University, University of California, Berkeley और Brown University जैसे बड़े संस्थानों के छात्र भी शामिल थे।</p>
<h2><strong>क्या Adobe का यह टूल बाकी AI स्टडी प्लेटफॉर्म्स को टक्कर दे पाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि Student Spaces पहला ऐसा टूल नहीं है जो पढ़ाई को आसान बनाने के लिए आया हो। इससे पहले भी NotebookLM, Goodnotes और Turbo AI जैसे प्लेटफॉर्म इस तरह की सुविधाएं दे चुके हैं। Adobe ने जनवरी में PDF Spaces नाम का एक और फीचर लॉन्च किया था, जिसमें यूजर्स मिलकर काम कर सकते हैं और डॉक्यूमेंट्स से प्रेजेंटेशन बना सकते हैं। अब उसी टेक्नोलॉजी को Student Spaces में भी जोड़ा गया है, जिसमें AI पॉडकास्ट फीचर भी मिलेगा। इससे छात्र अपनी पढ़ाई को सुनकर भी समझ सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Adobe-Student-Spaces-AI-Feature.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Adobe Student Spaces AI Feature]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:17:34 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[MSI Raider 18 Max HX और MSI Prestige 13 AI+ लैपटॉप भारत में लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां]]></title>
		<description>MSI Raider 18 Max HX और MSI Prestige 13 AI+ लैपटॉप ने भारत में एंट्री मार ली है। Intel Core Ultra 9 सीरीज व Intel Core Ultra 7 प्रोसेसर मिलता है। यहां जानें इनकी कीमत और फीचर्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>MSI Raider 18 Max HX</strong> और MSI Prestige 13 AI+ लैपटॉप भारत में लॉन्च हो गए हैं। फीचर्स की बात करें, तो MSI Raider 18 Max HX लैपटॉप Intel Core Ultra 9 सीरीज प्रोसेसर से लैस है। कंपनी ने इसमें 18 इंच का UHD+ डिस्प्ले दिया है। वहीं, MSI Prestige 13 AI+ में Intel Core Ultra 7 प्रोसेसर दिया गया है। यह लैपटॉप 13.3 इंच स्क्रीन के साथ आता है। दोनों ही लैपटॉप को कंपनी ने Windows 11 Home के साथ पेश किया है। आइए जानते हैं इन लैपटॉप की कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>MSI Raider 18 Max HX, MSI Prestige 13 AI+ Price in India</h2>
</p>
<p>कीमत की बात करें, तो <a href="https://www.techlusive.in/hi/best-deals/amazon-mega-electronics-days-gaming-laptops-under-50000-including-hp-victus-gaming-laptop-lenovo-ideapad-gaming-1487085/">MSI</a> Raider 18 Max HX के Nvidia GeForce RTX 5090 GPU, 64GB of RAM और 2TB SSD वेरिएंट की कीमत 5,89,990 रुपये है। इसमें आपको Core Black कलर ऑप्शन मिलता है। वहीं, दूसरी ओर MSI Prestige 13 AI+ को कंपनी ने 1,54,990 रुपये की कीमत में पेश किया है। यह दाम फोन के 16GB RAM + 1TB SSD मॉडल का है। इसमें आपको Platinum Gray कलर ऑप्शन मिलते हैं। इसे आप MSI स्टोर ते जरिए ही खरीद सकते हैं।</p>
<h2>MSI Raider 18 Max HX Specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो इस लैपटॉप में 18 इंच का UHD + डिस्प्ले मिलता है। इस डिस्प्ले का रेजलूशन 3,840x 2,400 पिक्सल है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz का है। इसके अलावा, यह लैपटॉप Intel Core Ultra 9 290HX Plus प्रोसेसर से लैस है। इसमें Nvidia GeForce RTX 5090 GPU मिलता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस लैपटॉप में IR Full-HD दिया गया है, जो कि 1080p/30 fps तक वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है। साथ ही इसमें HDR व 3D Noise Reduction+ सपोर्ट मिलता है। इस लैपटॉप में 99.9Wh बैटरी दी गई है, जिसके साथ 400W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है। यह लैपटॉप Windows 11 Home पर काम करता है।</p>
<h2>MSI Prestige 13 AI Plus Specifications</h2>
</p>
<p>वहीं, इस लैपटॉप में कंपनी ने 13.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिलता है। इस डिस्प्ले का रेजलूशन 2,880&#215;1,800 पिक्सल है। इसके अलावा, यह लैपटॉप Intel Core Ultra 7 355 प्रोसेसर से लैस है। इसमें Intel Graphics चिप दी गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इस लैपटॉप में भी IR Full-HD दिया गया है, जो कि 1080p/30 fps तक वीडियो रिकॉर्ड करने में सक्षम है। ऑडियो के लिए इसमें 2W डुअल स्पीकर्स सेटअप मिलता है। इसके साथ इसमें 3 माइक्रोफोन मौजूद हैं। कंपनी ने इसमें 53.8Wh बैटरी दी है, जिसके साथ 65W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Laptop-25.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/msi-raider-18-max-hx-and-msi-prestige-13-ai-launched-in-india-with-intel-core-ultra-9-and-intel-core-ultra-7-chip-price-and-specs-1656256/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/msi-raider-18-max-hx-and-msi-prestige-13-ai-launched-in-india-with-intel-core-ultra-9-and-intel-core-ultra-7-chip-price-and-specs-1656256/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:20:21 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[IPX4 VS IP67 VS IP68: जानें बाशिश में कितना सेफ है आपका फोन, समझें क्या होती हैं IP Rating?]]></title>
		<description>बारिश में फोन भीगने का डर हर किसी को होता है, लेकिन आपका फोन कितना सुरक्षित है, ये उसकी IP Rating पर निर्भर करता है। IPX4, IP67 और IP68 जैसे रेटिंग्स बताती हैं कि आपका फोन पानी और धूल से कितना बच सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Delhi-NCR में लगातार बदलते मौसम और अचानक होने वाली बारिश ने लोगों को राहत तो दी है, लेकिन साथ ही एक नई चिंता भी बढ़ा दी है। अक्सर ऐसा होता है कि हम बाहर होते हैं और अचानक बारिश शुरू हो जाती है, जिससे फोन भीग जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि क्या फोन खराब हो जाएगा या वह सुरक्षित है। इसी सवाल का जवाब छिपा है आपके फोन की IP Rating में, जो यह तय करती है कि आपका डिवाइस पानी और धूल से कितनी हद तक सुरक्षित है।</p>
<h2><strong>आखिर IP Rating क्या होती है और यह कैसे काम करती है?</strong></h2>
</p>
<p>IP Rating का पूरा नाम &#8216;Ingress Protection Rating&#8217; होता है। यह एक इंटरनेशनल स्टैंडर्ड है, जिसके जरिए यह बताया जाता है कि कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बाहरी चीजों जैसे धूल और पानी से कितनी सुरक्षा देता है। आपने अक्सर स्मार्टफोन के साथ IP67, IP68 या IPX4 जैसे नंबर देखे होंगे। इसमें पहला अंक धूल से सुरक्षा का स्तर बताता है, जबकि दूसरा अंक पानी से बचाव की क्षमता को दर्शाता है। जितना बड़ा नंबर, उतनी ज्यादा सुरक्षा मानी जाती है।</p>
<h2><strong>IPX4, IP67 और IP68 में क्या फर्क है, कौन सा ज्यादा सुरक्षित है?</strong></h2>
</p>
<p>अगर आसान भाषा में समझें, तो IPX4 रेटिंग वाले फोन हल्की बारिश या पानी के छींटों से सुरक्षित रहते हैं, वहीं IP67 रेटिंग का मतलब है कि फोन करीब 1 मीटर गहरे पानी में लगभग 30 मिनट तक सुरक्षित रह सकता है। इससे एक कदम आगे IP68 रेटिंग आती है, जिसमें फोन 1.5 मीटर या उससे ज्यादा गहराई में भी कुछ समय तक बिना नुकसान के रह सकता है, हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी टेस्ट लैब कंडीशन में किए जाते हैं, इसलिए असल जिंदगी में यह परफॉर्मेंस थोड़ी अलग हो सकती है।</p>
<h2><strong>क्या IP Rating वाले फोन पूरी तरह WaterProof होते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>सबसे जरूरी बात यह है कि IP Rating वाले फोन को पूरी तरह WaterProof समझना एक बड़ी गलती है। असल में ये फोन &#8216;Water-Resistant&#8217; होते हैं, यानी ये सीमित मात्रा में पानी को सहन कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय तक पानी में रखने पर नुकसान हो सकता है। इसलिए अगर आपका फोन IP67 या IP68 रेटिंग के साथ आता है, तब भी उसे जानबूझकर पानी में डालने या बारिश में ज्यादा देर तक इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/phone-fell-in-water-what-to-do.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[phone fell in water what to do]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/what-is-ip-rating-in-phone-ipx4-vs-ip67-vs-ip68-1656217/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/what-is-ip-rating-in-phone-ipx4-vs-ip67-vs-ip68-1656217/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 09:34:52 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Claude AI फिर हुआ डाउन, Android, iOS और Web सभी यूजर्स हुए प्रभावित]]></title>
		<description>Claude AI एक बार फिर से डाउन हो गया है। यूजर्स ने शिकायत की कि वह एआई चैट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों के डिवाइस में ऐप ही काम नहीं कर रहा है। यहां जानें डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Claude AI down:</strong> Anthropic का मशहूर चैटबॉट Claude AI ग्लोबल स्तर पर डाउन हो गया है। लोगों ने शिकायत की है कि वो चैटबॉट की चैट को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, उन्हें कोड से जुड़ी भी परेशानी झेलने को मिल रही है। इसके अलावा, कुछ यूजर्स का कहना है कि वो इस ऐप को ही एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। Claude AI सर्विस एंड्रॉइड, आईओस व वेब प्लेटफॉर्म सभी जगह प्रभावित हुई है।</p>
<h2>Downdetector रिपोर्ट</h2>
</p>
<p>Outage डिटेक्ट करने वाली वेबसाइट Downdetector ने भी <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/anthropic-updates-claude-ai-mobile-work-tools-smart-assistant-features-auto-mode-1653741/">Claude</a> AI down की पुष्टि की है। डाउन डिटेक्टर के मुताबिक, दोपहर 12.36 तक 466 यूजर्स ने Claude AI के डाउन होने को रिपोर्ट किया। इनमें 51 प्रतिशत यूजर्स ने जानकारी दी कि वो Claude Chat को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा, 28 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें Claude Code को लेकर दिक्कत आ रही है। वहीं, 14 प्रतिशत लोगों ने ऐप में आ रही दिक्कत को रिपोर्ट किया।</p>
</p>
<p>फिलहाल, Anthropic कंपनी ने Claude AI डाउन होने के संबंध में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने रिवील नहीं किया है कि आखिर बार-बार एआई में किस वजह से आउटेज की समस्या देखी जा रही है।</p>
</p>
<p>कई लोगों ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X के जरिए भी Claude के डाउन होने की जानकारी दी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">claude down?</p>
</p>
<p>— jeff 🇦🇹 (@jeffecom) <a href="https://twitter.com/jeffecom/status/2041735023959654512?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">claude down again&#8230;</p>
</p>
<p>— luke (@lukefr09) <a href="https://twitter.com/lukefr09/status/2041735241916719294?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">claude down again&#8230;</p>
</p>
<p>— luke (@lukefr09) <a href="https://twitter.com/lukefr09/status/2041735241916719294?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<blockquote class="twitter-tweet"><p>&nbsp;</p></blockquote>
<p>&nbsp;</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">claude down 🙁</p>
</p>
<p>— isaac (@isaac2lazy) <a href="https://twitter.com/isaac2lazy/status/2041735236455723199?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>Anthropic Claude AI</h2>
</p>
<p>आपको बता दें, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में Anthropic पिछले काफी महीनों से चर्चा में बना हुआ है। Anthropic ने अपने एआई चैटबॉट Claude को पेश किया था, जो न केवल चैट में आपके सवालों के जवाब देता है बल्कि वो खुद आपके लिए आपका कंप्यूटर कंट्रोल करके आपके लिए काम करता है। इसका मतलब यह एआई सिर्फ आपकी कमांड नहीं मानता बल्कि अपने निर्णय खुद भी ले सकता है। इसी वजह से यह एआई पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Claude.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/claude-ai-outage-users-are-facing-issues-accessing-chatbot-on-android-ios-and-web-1656182/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/claude-ai-outage-users-are-facing-issues-accessing-chatbot-on-android-ios-and-web-1656182/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
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