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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Sun, 17 May 2026 08:10:03 +0000</lastBuildDate>
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		<pubDate>Sun, 17 May 2026 07:47:33 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या बंद हो जाएंगे Ola और Uber जैसे Apps? सरकार ने भेजा नोटिस]]></title>
		<description>महाराष्ट्र में Ola, Uber और Rapido की बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर विवाद बढ़ गया है। सरकार ने Google और Apple को नोटिस भेजकर इन ऐप्स को हटाने की मांग की है, आरोप है कि कंपनियां बिना जरूरी नियमों और सुरक्षा इंतजामों के सेवाएं चला रही हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में Ola, Uber और Rapido जैसी बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने इन कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए Google और Apple को कानूनी नोटिस भेजा है। सरकार का आरोप है कि ये ऐप्स बिना जरूरी नियमों और मंजूरी के राज्य में बाइक टैक्सी सेवाएं चला रहे हैं। इसके चलते यात्रियों की सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 15 मई को IT ACT की धारा 79(3)(b) के तहत नोटिस जारी किया। इसमें Google Play Store और Apple App Store से इन ऐप्स को हटाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है, हालांकि फिलहाल Ola, Uber और Rapido तीनों ऐप्स अब भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं।</p>
<h2><strong>क्या यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है?</strong></h2>
</p>
<p>राज्य सरकार का कहना है कि बाइक टैक्सी कंपनियां जरूरी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं कर रही हैं। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik के मुताबिक कई जरूरी सुरक्षा सुविधाएं इन सेवाओं में नहीं हैं। इनमें ड्राइवर वेरिफिकेशन, यात्रियों के लिए इंश्योरेंस, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और सुरक्षा मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन कमियों के कारण यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है। पिछले कुछ समय में बाइक टैक्सी से जुड़े हादसों और महिलाओं के साथ बदसलूकी के मामले भी सामने आए हैं, जिससे सरकार की चिंता और बढ़ गई है।</p>
<h2><strong>क्या सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को मिलेगी अनुमति?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार ने यह भी साफ किया है कि वह पूरी तरह बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ नहीं है। महाराष्ट्र में इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी सेवाओं को अनुमति दी गई है, लेकिन कंपनियों को तय नियमों और शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने Ola, Uber और Rapido को जरूरी डॉक्यूमेंट और जानकारी जमा करने के लिए समय दिया था, लेकिन कंपनियां तय समय सीमा के अंदर सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सकीं। इसी वजह से सरकार ने अब सख्त रुख अपनाते हुए टेक कंपनियों Google और Apple तक को नोटिस भेज दिया है।</p>
<h2><strong>क्या लाखों यूजर्स और ड्राइवर्स पर पड़ेगा असर?</strong></h2>
</p>
<p>अगर भविष्य में इन ऐप्स को Play Store और App Store से हटाया जाता है, तो इसका असर लाखों यूजर्स और बाइक टैक्सी ड्राइवर्स पर पड़ सकता है। कई लोग रोजाना सस्ते और तेज सफर के लिए बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। वहीं हजारों ड्राइवर्स की कमाई भी इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर करती है। अब सबकी नजर सरकार और कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ हो पाएगा कि कंपनियां नियमों का पालन करके अपनी सेवाएं जारी रख पाएंगी या फिर महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/bike-taxi-crackdown.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[AI-generated image]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 17 May 2026 05:47:02 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[अब AI बताएगा आपके इलाके में कब होगी बारिश, IMD ने पेश किया ये खास प्लेटफॉर्म]]></title>
		<description>भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है, ऐसे में सही और समय पर बारिश की जानकारी बेहद जरूरी हो गई है। अब IMD ने एक नया AI आधारित प्लेटफॉर्म पेश किया है, जो गांव और स्थानीय स्तर तक ज्यादा सटीक बारिश और मानसून का अनुमान देने में मदद करेगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>India Meteorological Department (IMD) ने अब मानसून की भविष्यवाणी को और ज्यादा सटीक बनाने के लिए एक नया AI आधारित प्लेटफॉर्म पेश किया है। अब तक मौसम की जानकारी ज्यादातर राज्य या बड़े क्षेत्रों के हिसाब से दी जाती थी, जैसे कहां भारी बारिश होगी, कहां तूफान आ सकता है या किस इलाके में मानसून पहुंचेगा, हालांकि यह जानकारी आम लोगों के लिए यूजफुल होती थी, लेकिन किसानों और स्थानीय प्रशासन को कई बार ज्यादा सटीक जानकारी नहीं मिल पाती थी। अब IMD का नया AI प्लेटफॉर्म इस समस्या को कम करने की कोशिश करेगा। यह सिस्टम केवल मानसून आने की जानकारी नहीं देगा, बल्कि यह भी बताएगा कि आने वाले हफ्तों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश किस तरह आगे बढ़ सकती है, बदलते मौसम और अनियमित बारिश के दौर में यह टेक्नोलॉजी काफी अहम मानी जा रही है।</p>
<h2><strong>नए AI प्लेटफॉर्म में क्या होगा खास?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए सिस्टम को IMD ने Indian Institute of Tropical Meteorology और National Centre for Medium Range Weather Forecasting के साथ मिलकर तैयार किया है। खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म सिर्फ पुराने मौसम मॉडल पर निर्भर नहीं रहेगा। इसमें AI आधारित Forecasting Models, Statistical Methods, Extended-Range Prediction Systems और Real-Time Weather Observation Data को एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म हर बुधवार को अगले चार हफ्तों तक के लिए संभावित मानसून और बारिश का अनुमान जारी करेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिल सकता है क्योंकि वे समय रहते बुवाई, सिंचाई, फसल कटाई और फसल सुरक्षा से जुड़े फैसले बेहतर तरीके से ले पाएंगे। इससे अचानक होने वाले मौसम बदलाव से नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।</p>
<h2><strong>हाइपर-लोकल Weather Forecast क्यों जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>भारत जैसे बड़े देश में मौसम बहुत तेजी से बदलता है। कई बार एक शहर में भारी बारिश होती है जबकि कुछ किलोमीटर दूर सूखा जैसा हाल रहता है। यही वजह है कि हाइपर-लोकल यानी बेहद स्थानीय स्तर की मौसम जानकारी अब जरूरी बन गई है। सरकार का कहना है कि यह नया AI सिस्टम 16 राज्यों और 3000 से ज्यादा सब-डिस्ट्रिक्ट्स के किसानों की मदद करेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 1 किलोमीटर रिजॉल्यूशन वाला एक पायलट रेनफॉल फोरकास्ट सिस्टम भी शुरू किया गया है, जो 10 दिन पहले तक बारिश का अनुमान दे सकता है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में मौसम की जानकारी सिर्फ शहर या जिले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मोहल्ले और गांव स्तर तक पहुंच सकती है। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी यात्रा, काम और डेली एक्टिविटी की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<h2><strong>क्या AI भारत के मौसम अनुमान को ज्यादा सटीक बना पाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>अब AI केवल चैटबॉट या फोटो बनाने वाली टेक्नोलॉजी तक सीमित नहीं रह गया है। मौसम विभाग भी AI का इस्तेमाल करके सैटेलाइट डेटा, रडार ऑब्जर्वेशन, बारिश के रिकॉर्ड और पुराने मौसम पैटर्न का तेजी से एनालिसिस कर रहा है। इससे मौसम का अनुमान पहले की तुलना में ज्यादा तेज और सटीक बनने की उम्मीद है। भारत का Weather Monitoring System भी पिछले कुछ वर्षों में काफी बेहतर हुआ है। सरकार के मुताबिक पहले देश में केवल 16 से 17 डॉप्लर वेदर रडार थे, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर करीब 50 हो चुकी है और Mission Mausam के तहत आगे और रडार लगाए जाएंगे।</p>
]]></content:encoded>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[How IMD Is Using AI to Make Monsoon Forecasts More Local (Image: AI Generated)]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 17 May 2026 05:05:14 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[एलियन खोजने की आई नई टेक्नोलॉजी, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा दावा]]></title>
		<description>अंतरिक्ष में एलियन लाइफ की तलाश कर रहे वैज्ञानिकों को अब एक नई और बेहद खास टेक्नोलॉजी मिली है। यह टेक्नोलॉजी सिर्फ Molecules खोजने के बजाय उनके पैटर्न और बनावट का अध्ययन करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे Mars और Europa जैसे ग्रहों पर जीवन के संकेत पहचानना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>वैज्ञानिक लंबे समय से अंतरिक्ष में एलियन की तलाश कर रहे हैं। अब उन्हें एक नई और बेहद खास टेक्नोलॉजी मिली है, जो भविष्य में एलियन लाइफ खोजने का तरीका पूरी तरह बदल सकती है। अभी तक वैज्ञानिक अंतरिक्ष में जीवन के संकेत ढूंढने के लिए अमीनो एसिड और फैटी एसिड जैसे खास Organic Molecules यानी बायोसिग्नेचर खोजते थे, लेकिन दिक्कत यह थी कि ये Molecules बिना किसी Living Organism के भी प्राकृतिक रासायनिक प्रक्रियाओं से बन सकते हैं। ऐसे में यह पता लगाना मुश्किल हो जाता था कि कोई सैंपल सच में किसी Living Organism से जुड़ा है या नहीं। अब इजराइल के Weizmann Institute of Science के वैज्ञानिक Gideon Yoffe और उनकी टीम ने एक नई टेक्नोलॉजी बनाई है। इस टेक्नोलॉजी में सिर्फ Molecules की मौजूदगी नहीं देखी जाती, बल्कि यह समझा जाता है कि वे Molecules किस तरह व्यवस्थित हैं और उनका पैटर्न कैसा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि Living Organisms में Molecules का पैटर्न अलग और ज्यादा व्यवस्थित होता है। यह रिसर्च प्रतिष्ठित जर्नल Nature Astronomy में प्रकाशित हुई है।</p>
<h2><strong>Living &amp; Non-Living Molecules में क्या बड़ा फर्क मिला?</strong></h2>
</p>
<p>इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने करीब 100 अलग-अलग तरह के सैंपल्स की जांच की। इनमें Asteroids, meteorites, fossils, soil और छोटे-छोटे Microbes भी शामिल थे। जांच में पता चला कि Living Organisms से बने Molecules का एक खास पैटर्न होता है, जो सामान्य निर्जीव रसायनों में नहीं मिलता। वैज्ञानिकों ने देखा कि जैविक तरीके से बने अमीनो एसिड ज्यादा तरह के और संतुलित रूप में फैले हुए थे, जबकि फैटी एसिड में कम विविधता और बिखरा हुआ पैटर्न मिला। वैज्ञानिकों का मानना है कि यही खास पैटर्न भविष्य में जीवन की पहचान करने में मदद कर सकता है। सबसे बड़ी बात यह रही कि यह पैटर्न उन सैंपल्स में भी मिला जो बहुत खराब हालत में थे। यहां तक कि डायनासोर के अंडों में भी ऐसे संकेत मिले। इससे वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि भविष्य में Mars पर प्राचीन Microbial Life के सबूत खोजे जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>NASA का Europa Clipper मिशन क्यों बना उम्मीद की नई किरण?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों का कहना है कि यह नई टेक्नोलॉजी सिर्फ पृथ्वी पर ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष मिशनों में भी बहुत काम आ सकती है। खासतौर पर NASA का Europa Clipper मिशन इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह मिशन इस समय बृहस्पति के चंद्रमा Europa की ओर जा रहा है और उम्मीद है कि साल 2031 तक वहां पहुंच जाएगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि यूरोपा की मोटी बर्फीली सतह के नीचे एक बहुत बड़ा महासागर छिपा हो सकता है। माना जाता है कि वहां मौजूद पानी पृथ्वी के सभी महासागरों के पानी से भी ज्यादा हो सकता है। इसी वजह से यूरोपा को एलियन की खोज के लिए सबसे अहम जगहों में माना जाता है। इस मिशन में लगा खास उपकरण &#8216;Surface Dust Analyzer&#8217; यूरोपा की सतह से निकलने वाले बर्फीले कणों की जांच करेगा। यह उन कणों में मौजूद अमीनो एसिड और दूसरे Molecules का अध्ययन करेगा, ताकि पता लगाया जा सके कि वहां कभी जीवन के संकेत मौजूद थे या नहीं।</p>
<h2><strong>क्या इस नई टेक्नोलॉजी से मिल सकता है एलियन का सबसे बड़ा सबूत?</strong></h2>
</p>
<p>इस नई रिसर्च से वैज्ञानिकों को उम्मीद मिली है कि भविष्य में सिर्फ Molecules ढूंढकर ही नहीं, बल्कि उनके पैटर्न और बनावट को देखकर भी जीवन के संकेत पहचाने जा सकेंगे। इससे Mars, Europa और दूसरे ग्रहों या चंद्रमाओं पर जीवन खोजने की संभावना पहले से ज्यादा बढ़ गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह टेक्नोलॉजी सफल रहती है, तो आने वाले समय में एलियन की खोज में बड़ा बदलाव आ सकता है। अब अंतरिक्ष एजेंसियां सिर्फ यह नहीं देखेंगी कि कौन से Molecules मौजूद हैं, बल्कि यह भी समझेंगी कि वे किस तरह व्यवस्थित हैं और उनका पैटर्न कैसा है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यही नई टेक्नोलॉजी एक दिन इंसानों को इस बड़े सवाल का जवाब दे सकती है कि क्या हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं या कहीं और भी जीवन मौजूद है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Alien-Life-Search.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Alien Life Search
(AI Image)]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 12:45:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google पर क्या अब सिर्फ 5GB स्टोरेज FREE मिलेगी? 15GB स्टोरेज पाने के लिए रखी यह शर्त!]]></title>
		<description>Google कथित रूप पर अपने स्टोरेज पॉलिसी में बदलाव करने वाली है। अब कंपनी अपने नए यूजर्स को 15GB नहीं बल्कि 5GB स्टोरेज फ्री देने वाली है। 15GB स्टोरेज फ्री पाने के लिए माननी होगी यह शर्त।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Google</strong> कंपनी अपने यूजर्स को नया अकाउंट बनाने के बाद अभी-तक 15GB फ्री स्टोरेज प्रोवाइड करता था। इस स्टोरेज में आप Gmail, Photos व Drive का डेटा सेव रख सकते हैं। हालांकि, कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में अब गूगल अपनी स्टोरेज पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने वाला है। इस बदलाव के बाद यूजर्स को 15GB की जगह सिर्फ 5GB स्टोरेज ही फ्री मिलेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि अब आपको 15GB स्टोरेज उपलब्ध नहीं होगी। हालांकि, 15GB स्टोरेज का फ्री एक्सेस पाने के लिए गूगल ने यूजर्स के सामने एक खास शर्त रख दी है। आइए जानते हैं इस संबंध में सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Reddit पर कुछ स्क्रीनशॉट शेयर किए जा रहे हैं। इन स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/googlebook-ai-laptop-google-new-android-gemini-ai-powered-laptop-explained-1662111/">Google</a> अपनी स्टोरेज पॉलिसी में बदलाव करने वाला है। इस बदलाव के बाद यूजर्स को कंपनी सिर्फ 5GB स्टोरेज ही प्रोवाइड करने वाली है। हालांकि, यूजर्स को 15GB स्टोरेज पाने का भी ऑप्शन मिलेगा, जिसके लिए यूजर्स को कंपनी की एक शर्त माननी पड़ेगी। शर्त यह है कि यूजर्स को 15GB स्टोरेज एक्सेस पाने के लिए अपना मोबाइल नंबर अकाउंट से लिंक करना होगा।</p>
</p>
<div id="attachment_1662526" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Post-6.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1662526" class="size-full wp-image-1662526" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Post-6.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1662526" class="wp-caption-text">Reddit Post</p>
</div>
<h2>कंपनी ने दिया जवाब</h2>
</p>
<p>Androidauthority की लेटेस्ट रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि Google ने इस संबंध में अपना बयान भी दे दिया है। गूगल के मुताबिक, वह कुछ रीजन में नए अकाउंट के साथ नई स्टोरेज पॉलिसी की टेस्टिंग कर रहे हैं। यह पॉलिसी यूजर्स को हाई-क्वालिटी स्टोरेज सर्विस प्रोवाइड करने वाली है।</p>
<h2>Google ने क्यों बदली पॉलिसी?</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Post-7.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1662527" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Post-7.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
</p>
<p>कहा जा रहा है कि गूगल के इस फैसले के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें से सबसे अहम फ्री स्टोरेज के लिए फर्जी अकाउंट बनाने की प्रक्रिया का कारण भी हो सकता है। दरअसल, लोग ज्यादा स्टोरेज पाने के लिए एक से ज्यादा गूगल अकाउंट बना लेते हैं, जिनके साथ उन्हें हर अकाउंट में 15GB स्टोरेज फ्री मिलती है। हालांकि, अब जब आप नया अकाउंट बनाएंगे, जो आपको 15GB स्टोरेज फ्री पाने के लिए अपना नंबर अकाउंट से लिंक करना होगा। इस तरह आप ज्यादा अकाउंट क्रिएट नहीं कर सकेंगे।</p>
<h2>इन्हें अभी भी मिलेगा 15GB डेटा</h2>
</p>
<p>ध्यान देने वाली बात यह है कि गूगल की नई पॉलिसी सिर्फ और सिर्फ नए यूजर्स के लिए ही लागू होने वाली है। मौजूदा यूजर्स को इस नए नियम से फर्क नहीं पड़ेगा। उन्हें अभी भी अकाउंट के तहत 15GB स्टोरेज फ्री मिलने वाली है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-32.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Storage AI Generated Image]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 11:02:30 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[घूमने के शौकीनों के काम आएंगे ये गैजेट, यात्रा बनेगी आरामदायक और यादगार]]></title>
		<description>अगर आपको ट्रैवल करना पसंद है और आप हर 3 से 4 महीने में यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके काम आने वाली है। यहां कुछ गैजेट्स के बारे में बताया गया है, जो आपके काम आने के साथ सफर को आसान बनाएंगे।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Travel Friendly Gadgets:</strong> आज के समय में ट्रैवलिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। अब लोग सुकूनभरे पल बिताने के लिए कम भीड़भाड़ वाली जगह को चुनते हैं, लेकिन आरामदायक यात्रा के लिए सिर्फ रिमोट लोकेशन ही नहीं स्मार्ट गैजैट का साथ होना भी बहुत जरूरी है। इन गैजेट से न सिर्फ यात्रा आसान होती है बल्कि यात्रा यादगार भी बनती है। हम आपको इस गाइड में ट्रैवल फ्रेंडली गैजेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके बहुत काम आएंगे।</p>
<h2>Power Bank</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Power-Bank.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662496 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Power-Bank.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>पावर बैंक सबसे काम आने वाले गैजेट्स में से एक है। यात्रा के दौरान इस गैजेट को कैरी करना न भूलें। इसकी मदद से फोन या अन्य वायरलेस सपोर्टिंग डिवाइस को बिना वायर के आसानी से चार्ज किया जा सकता है।</p>
<h2>Universal Adaptor</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Universal-Adaptor.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662497 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Universal-Adaptor.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>अगर आप विदेश यात्रा करते हैं, तो अपने साथ यूनिवर्सल अडैप्टर जरूर ले जाएं। आप इसे हर प्रकार के चार्जिंग सॉकेट में कनेक्ट करके किसी भी डिवाइस को चार्ज कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलग-अलग देशों में विभन्न प्रकार के प्लग-इन प्वाइंट और सॉकेट होते हैं, जिससे चार्ज करने में दिक्कत आ सकती है। इस वजह से यूनिवर्सल अडैप्टर को साथ ले जाने की सलाह दी जाती है।</p>
<h2>Portable WIFI Device</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Portable-WIFI-Device.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662498 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Portable-WIFI-Device.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>पोर्टेबल वाई-फाई डिवाइस को आप अपनी ट्रैवल गैजेट्स की लिस्ट शामिल कर सकते हैं। इसके इस्तेमाल से कहीं भी इंटरनेट का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह डिवाइस सबसे ज्यादा उन जगहों पर काम आएगा, जहां कनेक्टिविटी नहीं है।</p>
<h2>Camera</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/gorpo.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662499 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/gorpo.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>आप यात्रा के दौरान ट्रैकिंग या राफ्टिंग जैसी एक्टिविटी करते हैं, तो आप GoPro जैसे कैमरे का इस्तेमाल करके अपने यादगार पलों को कैप्चर कर सकते हैं। ये कैमरा वॉटरप्रूफ और आकार में छोटे होते हैं, जिससे इन्हें कैरी करना आसान होता है।</p>
<h2>Tag</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/tag.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662500 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/tag.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>ट्रैवलिंग के दौरान टैग को साथ रखें। यह खास प्रकार का ट्रैकर है। इसे आप अपने बैग में लगा सकते हैं। इससे सामान खोने का डर पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। यदि कोई सामान खो जाए, तो आप स्मार्टफोन के जरिए उसे ढूंढ सकते हैं।</p>
<h2>Kindle</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/kindle.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662501 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/kindle.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>आपको सफर के दौरान किताब पढ़ना पसंद है, लेकिन मोटी-मोटी किताबे साथ नहीं ले जाना चाहते हैं, तो आप किंडल यूज कर सकते हैं। यह एक टैब की तरह है। इसमें पेपर व्हाइट डिस्प्ले है, जो किताब की पेज की तरह दिखता है। इसके जरिए आप एक साथ कई सारी बुक को डाउनलोड करके पढ़ सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/pic-19.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/5-gadgets-for-travelers-makes-journey-comfortable-and-memorable-1662494/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/5-gadgets-for-travelers-makes-journey-comfortable-and-memorable-1662494/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 08:05:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[NEET UG री-एग्जाम की तारीखों का ऐलान, 14 जून को Admit Card होंगे जारी, ऐसे करें Download ]]></title>
		<description>NEET UG re exam 2026: पेपर लीक हो जाने के बाद अब एक बार फिर से नीट की परीक्षा आयोजित होंगी। इस परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 14 जून को जारी किए जाएंगे। यहां जानें एडमिट कार्ड घर बैठे कैसे करें डाउनलोड।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>NEET UG 2026 Re-Exam Date</strong>: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) पेपर लीक के बाद परीक्षाएं रद्द कर दी गई थी। वहीं, अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-री एग्जाम की तारीखों का ऐलान कर दिया है। आपको बता दें, नीट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए एक सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा होती है, जिस पर लाखों स्टूडेंट्स का भविष्य टिका होता है। हालांकि, री-एग्जाम का ऐलान होने के बाद स्टूडेंट्स ने राहत की सांस ली है और अब उनके साथ परीक्षा की तैयारी के लिए 1 और महीने का समय मिल चुका है। अगर आप भी इस साल यह परीक्षा देने वाले हैं, तो यहां जानें कब से परीक्षा शुरू हो रही हैं और आप कब री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।</p>
<h2>NEET UG 2026 Re-Exam कब होंगे?</h2>
</p>
<p>National Testing Agency ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-gemini-launches-free-neet-ug-mock-tests-for-students-in-india-1657185/">NEET</a> UG 2026 Re-Exam की तारीखें रिवील कर दी है। यह परीक्षा अब अगले महीने 21 जून 2026 रविवार को आयोजित की जाएंगी। वहीं, स्टूडेंट्स 14 जून से नीट री एग्जाम का एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">📢 NEET (UG) 2026 — Examination Date Announced</p>
<p>The National Testing Agency, with the approval of the Government of India, has scheduled the re-examination of NEET (UG) 2026 on Sunday, 21 June 2026.</p>
<p>Candidates and parents are requested to rely only on the official channels of NTA.…</p>
</p>
<p>— National Testing Agency (@NTA_Exams) <a href="https://twitter.com/NTA_Exams/status/2055137455981183411?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 15, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>NEET UG 2026 Re-Exam के लिए एडमिट कार्ड कैसे करें डाउनलोड?</h2>
</p>
<p>1. NEET UG 2026 Re-Exam के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए आपको सबसे पहले neet.nta.nic.in की वेबसाइट पर जाना होगा।</p>
</p>
<p>2. इसके बाद साइट के होम पेज पर आपको NEET UG 2026 Admit Card का लाइव लिंक दिखाई देगा। आपको बस उस लिंक पर क्लिक करना है।</p>
</p>
<p>3. इस पेज पर आपको अपना Application Number और डेट ऑफ बर्थ या फिर पासवर्ड एंटर करना होगा।</p>
</p>
<p>4. इसके बाद सिक्योरिटी पिन एंटर करें।</p>
</p>
<p>5. अब आपको अपना एडमिट कार्ड दिखाई देगा।</p>
</p>
<p>6. डाउनलोड के बटन पर क्लिक करके आप अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।</p>
<h2>अगले साल NEET परीक्षा Online होगी</h2>
</p>
<p>इस साल नीट पेपर लीक के बाद से ही देशभर में लोगों का गुस्सा देखने को मिला था। इसी को देखते हुए ऐलान किया गया है कि अगले साल से नीट की परीक्षा को ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। अभी तक एग्जाम OMR शीट पर हुआ करती थी, लेकिन अगले साल से यह परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी। शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑनलाइन परीक्षा का ऐलान किया। परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी हासिल करने के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, जो कि 011 40759000 व 011 69227700 हैं।</p>
<h2>NEET पेपर लीक</h2>
</p>
<p>आपकी जानकारी के लिए बत दें, इस साल नीट का एग्जाम 3 मई को होने वाला था। हालांकि, 7 मई को खबर आई की यह पेपर लीक हो चुका था। पहले कहा जा रहा था कि पेपर नहीं बल्कि गेस पेपर लीक हुए हैं। हालांकि, बाद में जांच के बाद पाया गया कि यह मामला पेपर लीक का है। इसी को देखते हुए परीक्षा को रद्द कर दिया गया है और अब दोबारा से यह परीक्षा आयोजित की जाएंगी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/NEET.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/neet-ug-re-exam-2026-on-june-21-how-to-download-admit-card-know-full-process-1662490/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/neet-ug-re-exam-2026-on-june-21-how-to-download-admit-card-know-full-process-1662490/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 15 May 2026 03:53:09 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Meta Ray-Ban Display स्मार्ट ग्लासेस में आया खास फीचर, हाथ के इशारों से लिख सकेंगे मैसेज]]></title>
		<description>Meta Ray-Ban Display स्मार्ट ग्लासेस में खास फीचर आया है, जिसके जरिए हाथ के इशारों से किसी टेबल या दिवार पर बिना फोन निकाले मैसेज लिखा जा सकता है। इसके अलावा, डिस्प्ले रिकॉर्डिंग की सुविधा दी गई है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Meta</strong> ने अपने सबसे एडवांस स्मार्ट ग्लासेस Meta Ray-Ban Display में खास फीचर जोड़ा है। इस सुविधा की मदद से यूजर्स हाथ के इशारों (Hand Gesture) से मैसेज लिख सकते हैं। इसका इस्तेमाल कंपनी के स्पेश न्यूरल रिस्टबैंड के जरिए किया जा सकता है। इसका सपोर्ट व्हाट्सएप (WhatsApp), फेसबुक मैसेंजर (Facebook Messenger), इंस्टाग्राम (Instagram) से लेकर एंड्रॉइड (Android) और आईफोन (iPhone) तक में मिलेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फंक्शन की पहली झलक स्मार्ट ग्लासेज के लॉन्च के समय दिखाई गई थी।</p>
<h2>बिना फोन निकाले लिख सकेंगे मैसेज</h2>
</p>
<p>रिपोर्ट के अनुसार, <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/whatsapp-incognito-chat-with-meta-ai-announced-for-private-conversations-1662186/">मेटा</a></strong> के Neural Handwriting फीचर की खासियत है कि यूजर इसके माध्यम से बिना स्मार्टफोन निकाले हाथ के जेस्चर की मदद से टेबल या दिवार पर मैसेज लिखकर भेज सकते हैं। उनके द्वारा लिखे गए मैसेज स्मार्ट ग्लासेज के डिस्प्ले में दिखाई देंगे। इसके लिए फिजिकल कीबोर्ड यूज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-Ray-Ban-Display-Smart-Glasses.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662434 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-Ray-Ban-Display-Smart-Glasses.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2>इन फीचर को भी किया रिलीज</h2>
</p>
<p>टेक जाइंट मेटा ने हैंडराइटिंग फीचर के अलावा डिस्प्ले रिकॉर्डिंग नाम के फीचर को भी पेश किया है। इस फीचर से यूजर्स स्मार्ट ग्लास के जरिए सामने सड़क, लोग, पक्षी और आसपास की आवाज को रिकॉर्ड कर सकेंगे। इसके अलावा, वॉकिंग नेविगेशन के माध्यम से गंतव्य स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकेगा।</p>
<h2>कहां मिलेंगे नए फीचर्स</h2>
</p>
<p>मेटा द्वारा जारी किए गए फीचर्स का सपोर्ट सबसे पहले अमेरिका के यूजर्स को मिलेगा। इसके बाद इन फंक्शन को दुनियाभर के यूजर्स के लिए रिलीज किया जाएगा।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-Ray-Ban-Display-Smart-Glasses-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662435 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-Ray-Ban-Display-Smart-Glasses-2.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2>ऐसे हैं स्मार्ट ग्लासेस के फीचर्स</h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Feature</th>
</p>
<th>Details</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Display</td>
</p>
<td>Right-side color display</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Resolution</td>
</p>
<td>600 × 600 pixels</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Brightness</td>
</p>
<td>5000 nits</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Privacy</td>
</p>
<td>Visible only to the wearer</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Neural Band</td>
</p>
<td>Gesture-based controls</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Messaging</td>
</p>
<td>Write messages with hand gestures</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Live Captions</td>
</p>
<td>Translates spoken languages</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Search</td>
</p>
<td>Ask questions about objects</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Navigation</td>
</p>
<td>Turn-by-turn directions</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>मेटा के स्मार्ट डिस्प्ले स्मार्ट ग्लासेस के राइट साइड में कलर डिस्प्ले लगा है। इसका रेजलूशन 600 x 600 पिक्सल और ब्राइटनेस 5000 निट्स है। इसकी खासियत है कि यह सिर्फ पहनने वाले यूजर को ही दिखती है। बाहर से देखने पर यह सामान्य चश्मे की तरह लगता है।</p>
</p>
<p>इस स्मार्ट ग्लासेस के साथ Neural Band मिलता है। इसकी मदद से चश्मे को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है। इसके जरिए आप हाथ से मैसेज मिल सकते हैं। इसके साथ चश्मे में लाइव सब-टाइटल की सुविधा दी गई है, जो विदेशी भाषा सुनकर आपकी भाषा में ट्रांसलेट कर सकता है।</p>
</p>
<p>इसमें सर्च करने की सुविधा दी गई है। इससे जरिए यूजर किसी भी चीज को देखकर उसके बारे में सवाल पूछ कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ स्मार्ट ग्लासेस में नेविगेशन भी मिलता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Meta-Ray-Ban-Display-Smart-Glasses-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-ray-ban-display-smart-glasses-feature-allow-users-message-through-hand-gesture-1662432/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-ray-ban-display-smart-glasses-feature-allow-users-message-through-hand-gesture-1662432/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 12:07:45 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या चांद पर नहीं उतरेगा NASA का Artemis III? Mission के नए प्लान हुआ खुलासा]]></title>
		<description>NASA का Artemis III मिशन अब सीधे चांद पर लैंडिंग नहीं करेगा। इस बार NASA पहले अंतरिक्ष में जरूरी टेक्नोलॉजी और सिस्टम्स की टेस्टिंग पर फोकस करेगा। मिशन के जरिए स्पेसक्राफ्ट, लैंडर, स्पेससूट और सेफ्टी सिस्टम्स को जांचा जाएगा, ताकि भविष्य में इंसानों को सुरक्षित तरीके से चंद्रमा पर उतारा जा सके। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने अपने Artemis III मिशन को लेकर नई योजना तैयार की है, पहले माना जा रहा था कि यह मिशन सीधे इंसानों को चांद की सतह पर उतारेगा लेकिन अब NASA ने फैसला किया है कि Artemis III फिलहाल चंद्रमा पर लैंडिंग नहीं करेगा। इसके बजाय यह मिशन पृथ्वी की कक्षा में रहकर कई जरूरी टेक्नोलॉजी और सिस्टम्स की टेस्टिंग करेगा। NASA का मानना है कि भविष्य में &#8216;Safe Moon Mission&#8217; के लिए पहले सभी जरूरी सिस्टम्स को सही तरह से जांचना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि Artemis III को अब एक बड़े &#8216;Orbital Test Mission&#8217; के रूप में तैयार किया जा रहा है।</p>
<h2><strong>Artemis III मिशन में कौन-से रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल होगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस मिशन में NASA का ताकतवर Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion स्पेसक्राफ्ट सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। चार अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष में भेजा जाएगा, लेकिन इस बार रॉकेट में पहले इस्तेमाल होने वाला खास क्रायोजेनिक इंजन वाला हिस्सा नहीं लगाया जाएगा। उसकी जगह एक खास ढांचा लगाया जाएगा, जो आकार और वजन में वैसा ही होगा, लेकिन रॉकेट को आगे बढ़ाने का काम नहीं करेगा। NASA के वैज्ञानिक इस सिस्टम पर अलबामा के मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर में काम कर रहे हैं। जब Orion पृथ्वी की कक्षा में पहुंचेगा, तब उसका यूरोप में बना सर्विस मॉड्यूल उसकी गति और दिशा को संभालने में मदद करेगा।</p>
<h2><strong>Artemis III मिशन का सबसे बड़ा मकसद क्या होगा?</strong></h2>
</p>
<p>Artemis III मिशन का सबसे बड़ा मकसद अलग-अलग स्पेसक्राफ्ट और चंद्रमा पर उतरने वाले लैंडर सिस्टम्स की जांच करना होगा। NASA इस मिशन में SpaceX और Blue Origin के बनाए जा रहे खास लैंडर्स का भी इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। मिशन के दौरान Orion स्पेसक्राफ्ट और लैंडर्स को अंतरिक्ष में आपस में जोड़कर टेस्ट किया जाएगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अंतरिक्ष यात्री एक स्पेसक्राफ्ट से दूसरे में सुरक्षित तरीके से कैसे जा सकते हैं। खबरों के मुताबिक अंतरिक्ष यात्री टेस्ट लैंडर के अंदर जाकर वहां रहने और काम करने की सुविधाओं को भी परख सकते हैं, ताकि भविष्य के Moon Mission और ज्यादा सुरक्षित बन सकें।</p>
<h2><strong>मिशन में कौन-कौन सी नई टेक्नोलॉजी की जांच की जाएगी?</strong></h2>
</p>
<p>NASA इस मिशन के जरिए कई नई टेक्नोलॉजी की भी जांच करेगा। Artemis III के अंतरिक्ष यात्री Orion में पहले के मुकाबले ज्यादा समय बिताएंगे। इस दौरान लाइफ सपोर्ट सिस्टम, डॉकिंग टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशन सिस्टम्स की टेस्टिंग की जाएगी। सबसे खास बात यह है कि NASA Orion के नए हीट शील्ड को भी टेस्ट करेगा, जो पृथ्वी पर वापसी के दौरान अत्यधिक गर्मी से स्पेसक्राफ्ट की सुरक्षा करेगा। इसके अलावा एजेंसी Axiom Space के नए AxEMU स्पेससूट से जुड़े सिस्टम्स की भी जांच करने की योजना बना रही है। यह स्पेससूट भविष्य में चंद्रमा पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।</p>
<h2><strong>NASA अभी किन मिशन तैयारियों पर काम कर रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>NASA अभी भी मिशन के कई हिस्सों पर काम कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक अंतरिक्ष यात्रियों के नाम, मिशन की अवधि और वैज्ञानिक उद्देश्यों की पूरी जानकारी शेयर नहीं की है, हालांकि यह मिशन पृथ्वी की निचली कक्षा में रहेगा, इसलिए NASA इस बार Deep Space Network का यूज नहीं करेगा। इसकी जगह नई कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम किया जा रहा है। NASA घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पार्टनर्स को CubeSats भेजने का मौका देने पर भी विचार कर रहा है। इससे दूसरे देशों और निजी कंपनियों को भी इस मिशन का हिस्सा बनने का अवसर मिल सकता है।</p>
<h2><strong>Artemis प्रोग्राम का अब तक का सफर कितना खास रहा है?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>NASA का Artemis प्रोग्राम पहले ही दो बड़े मिशन पूरे कर चुका है। Artemis I साल 2022 में बिना क्रू वाला मिशन था, जिसने Orion को चंद्रमा के चारों ओर भेजा था।</li>
<li>Artemis II हाल ही में सफलतापूर्वक पूरा हुआ, जिसमें 50 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के पास भेजा गया।</li>
<li>अब Artemis III को भविष्य के चंद्र मिशनों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। NASA का अंतिम लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर इंसानों की मौजूदगी स्थापित करना और आगे चलकर मंगल ग्रह तक इंसान भेजना है।</li>
</ul>
<p>यही कारण है कि एजेंसी जल्दबाजी की बजाय हर टेक्नोलॉजी को सुरक्षित और सफल बनाने पर फोकस कर रही है।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>क्या NASA का Artemis III मिशन अब चांद पर नहीं उतरेगा?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल NASA ने Artemis III मिशन को सीधे चंद्रमा पर लैंडिंग मिशन की बजाय एक बड़े Orbital Test Mission के रूप में तैयार करने की योजना बनाई है। इस मिशन में अंतरिक्ष में जरूरी सिस्टम्स और टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग की जाएगी।</p>
<h2><strong>Artemis III मिशन का सबसे बड़ा मकसद क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>इस मिशन का मकसद स्पेसक्राफ्ट, लैंडर, डॉकिंग सिस्टम, लाइफ सपोर्ट सिस्टम और स्पेससूट जैसी जरूरी टेक्नोलॉजी की जांच करना है, ताकि भविष्य में इंसानों को सुरक्षित तरीके से चांद पर भेजा जा सके।</p>
<h2><strong>Artemis III में कौन-सा रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट इस्तेमाल होगा?</strong></h2>
</p>
<p>NASA इस मिशन में अपने शक्तिशाली Space Launch System (SLS) रॉकेट और Orion स्पेसक्राफ्ट का इस्तेमाल करेगा। इसके जरिए चार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा में भेजा जाएगा।</p>
<h2><strong>मिशन में कौन-कौन सी नई टेक्नोलॉजी टेस्ट होगी?</strong></h2>
</p>
<p>इस मिशन में नए Heat Shield, Docking Technology, Communication Systems, Life Support Systems और Axiom Space के AxEMU स्पेससूट से जुड़े सिस्टम्स की जांच की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Artemis-III.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[NASA’s Artemis III mission will test Orion, SLS, and lunar lander systems in Earth orbit. (Image credit: NASA)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/nasa-artemis-iii-mission-update-2026-no-moon-landing-orbital-test-mission-explained-1662357/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/nasa-artemis-iii-mission-update-2026-no-moon-landing-orbital-test-mission-explained-1662357/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 14 May 2026 06:29:27 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[X में आया कमाल का ‘History’ फीचर, अब नहीं खोएंगे पुराने पोस्ट]]></title>
		<description>X ने अपने यूजर्स के लिए नया ‘History’ फीचर लॉन्च किया है, जिससे अब पुराने पोस्ट, वीडियो और आर्टिकल दोबारा ढूंढना आसान हो जाएगा। यह फीचर यूजर्स की देखी और लाइक की गई एक्टिविटी को एक जगह सेव करेगा, ताकि जरूरी कंटेंट टाइमलाइन में खो न जाए। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म &#8216;X&#8217; ने अपने यूजर्स के लिए नया ‘History’ फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर का मकसद यूजर्स को उनकी पुरानी एक्टिविटी एक ही जगह पर आसानी से दोबारा देखने की सुविधा देना है। अब यूजर्स उन पोस्ट, वीडियो, आर्टिकल और लाइक किए गए कंटेंट तक जल्दी पहुंच सकेंगे, जिन्हें उन्होंने पहले देखा था। कंपनी ने इस फीचर को खासतौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया है, जो अक्सर टाइमलाइन पर कोई जरूरी पोस्ट देखने के बाद उसे बाद में ढूंढ नहीं पाते। फिलहाल यह फीचर सबसे पहले iOS यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है और धीरे-धीरे बाकी प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध कराया जाएगा, नया History सेक्शन पुराने Bookmarks फीचर की जगह लेगा और यूजर्स को ज्यादा व्यवस्थित अनुभव देगा।</p>
<h2><strong>टाइमलाइन से गायब होने वाले पोस्ट की समस्या कैसे होगी खत्म?</strong></h2>
</p>
<p>X पर लंबे समय से एक बड़ी समस्या यह रही है कि यहां कंटेंट बहुत तेजी से टाइमलाइन में नीचे चला जाता है। ब्रेकिंग न्यूज, वायरल वीडियो या किसी बड़े ट्रेंड के दौरान पोस्ट कुछ ही मिनटों में गायब जैसी हो जाती हैं। ऐसे में यूजर्स को वही पोस्ट दोबारा ढूंढने के लिए काफी देर तक स्क्रॉल करना पड़ता था। इसी परेशानी को कम करने के लिए कंपनी ने नया History फीचर पेश किया है। यह फीचर एक पर्सनल एक्टिविटी आर्काइव की तरह काम करेगा, जहां यूजर्स अपनी पुरानी इंटरैक्शन हिस्ट्री देख सकेंगे। इससे लोगों को हर जरूरी पोस्ट को अलग से सेव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी का कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म का अनुभव पहले से ज्यादा आसान और कम फ्रस्ट्रेटिंग बनेगा।</p>
<h2><strong>नए History फीचर में कौन-कौन से टैब और सुविधाएं मिलेंगी?</strong></h2>
</p>
<p>नए History फीचर की सबसे खास बात यह है कि यह मैन्युअल और ऑटोमैटिक दोनों तरह की एक्टिविटी को एक साथ जोड़ता है। उदाहरण के लिए Bookmarks और Likes वे चीजें हैं जिन्हें यूजर्स खुद सेव या लाइक करते हैं, जबकि Videos और Articles सेक्शन में X अपने आप उन वीडियो और आर्टिकल्स को ट्रैक करेगा जिन्हें यूजर ने देखा या खोला है। इससे प्लेटफॉर्म यूजर्स की कंटेंट देखने की आदतों को बेहतर तरीके से समझ सकेगा। यह फीचर काफी हद तक YouTube और दूसरी स्ट्रीमिंग ऐप्स के वॉच-हिस्ट्री सिस्टम जैसा माना जा रहा है, जहां लोग बाद में आसानी से अपनी देखी हुई चीजों तक पहुंच सकते हैं। नए अपडेट के बाद History सेक्शन के अंदर चार अलग-अलग टैब दिखाई देंगे Bookmarks, Likes, Videos और Articles, इससे अधूरे आर्टिकल, जरूरी पोस्ट या पहले देखे गए वीडियो दोबारा खोजना बेहद आसान हो जाएगा।</p>
<h2><strong>क्या History फीचर से प्राइवेसी पर पड़ेगा असर?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि इस फीचर के साथ प्राइवेसी को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है क्योंकि अब X यूजर्स की देखने और पढ़ने की आदतों का ज्यादा डेटा इकट्ठा करेगा। कुछ लोगों को यह प्राइवेसी के लिहाज से चिंता का विषय लग सकता है, लेकिन कंपनी का कहना है कि इससे रिकमेंडेशन सिस्टम बेहतर होगा और यूजर्स को उनकी पसंद के अनुसार ज्यादा रिलेटेड कंटेंट दिखाई देगा। X ने साफ किया है कि History सेक्शन पूरी तरह प्राइवेट रहेगा और इसे केवल अकाउंट ओनर ही देख पाएगा, फिलहाल यह फीचर सीमित यूजर्स तक पहुंच रहा है लेकिन शुरुआती टेस्टिंग और फीडबैक के बाद जल्द ही इसे एंड्रॉयड और बाकी डिवाइसेज पर भी लॉन्च किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-14T103335.180.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[X’s new History section could change how people use the app]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/x-history-feature-launch-users-can-revisit-watched-videos-likes-articles-easily-1662235/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/x-history-feature-launch-users-can-revisit-watched-videos-likes-articles-easily-1662235/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 11:24:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Char Dham Yatra ऑनलाइन बुकिंग Scam, कहीं आपकी बुकिंग भी तो Fake नहीं? ऐसे रहें सेफ]]></title>
		<description>Char Dham यात्रा की शुरुआत के साथ साइबर क्रिमिनल्स भी एक्टिव हो चुके हैं। VIP दर्शन, फ्री हेलीकॉप्टर सर्विस व आखिरी कुछ सीट उपलब्ध होने जैसे लुभावने ऑनलाइन ऑफर्स देकर वो श्रद्धालुओं को अपना शिकार बना रहे हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Char Dham Yatra Online Booking Scam</strong>: डिजिटल स्कैमर्स मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए एक भी मौका नहीं छोड़ते। इन दिनों चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। इसी बीच अब साइबर अपराधी लोगों की श्रद्धा का फायदा उठाते हुए उन्हें अलग-अलग तरीकों से ठग रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई एडवाइजरी जारी की जा चुकी है जिसमें अधिकारियों ने लोगों को चारधाम यात्रा की ऑनलाइन बुकिंग से सावधान रहने की सलाह दी है। कई साइबर क्रिमिनल्स WhatsApp मैसेज, वेबसाइट व ऐप के जरिए फेक ऑफर्स देकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
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<p>साइबर फ्रॉड पर नजर रखने वाले Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए नए Char Dham Yatra Online Booking <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/lpg-scam-alert-new-guidelines-to-curb-otp-fraud-1661848/">Scam</a> की जानकारी दी है। पोस्ट के मुताबिक, स्कैमर्स इन दिनों फेक वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज व कस्टमर केयर नंबर के जरिए लोगों को अपना टार्गेट बना रहे हैं। इन माध्यमों के जरिए स्कैमर्स श्रद्धालुओं को VIP दर्शन, फ्री हेलीकॉप्टर सर्विस व आखिरी कुछ सीट उपलब्ध होने जैसे लुभावने ऑफर का झांसा देखकर ठग रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Planning your Char Dham Yatra? Watch this before making any booking.</p>
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<p>Scammers are targeting people through fake websites, fake customer care numbers, and fake helicopter booking links related to religious yatras.</p>
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<p>For safe bookings:</p>
<p>• Send “Yatra” on WhatsApp to 8394833833 to… <a href="https://t.co/CeiWrU45UG" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/CeiWrU45UG</a></p>
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<p>— CyberDost I4C (@Cyberdost) <a href="https://twitter.com/Cyberdost/status/2054460618607124547?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 13, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>साइबर ठग ऐसे बनाते हैं आपको निशाना</h2>
</p>
<p>साइबर क्रिमिनल्स सोशल मीडिया व व्हाट्सऐप के जरिए ऊपर बताए Fake Offers निकालते हैं। कई स्कैमर्स कॉल के जरिए भी आप से कनेक्ट कर सकते हैं और खुद को ट्रैवल एजेंट बताकर आपको ऑफर्स की जानकारी देते हैं। अगर आप ऑफर्स में दिलचस्पी दिखाते हैं, तो वो आपको तुरंत बुकिंग के लिए उकसाएंगे और UPI व QR Code के जरिए पेमेंट करने को कहेंगे। पेमेंट पूरी होने के बाद आपको टिकट भी रिवीस होत है, लेकिन वो टिकट पूरी फेक होगी जिसका इस्तेमाल आप चारधाम यात्रा के दौरान नहीं कर सकेंगे। इसके बाद जब आप उन एजेंट को कॉल करके संपर्क करने की कोशिश करेंगे, तो उनका नंबर नहीं लगेगा।</p>
<h2>ऐसे रहें Safe</h2>
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<div id="attachment_1662166" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Whatsapp-38.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1662166" class="size-full wp-image-1662166" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Whatsapp-38.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1662166" class="wp-caption-text">Ai generated image</p>
</div>
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<p><strong>Official WhatsApp Number</strong></p>
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<p>चारधाम यात्रा से जुड़ी ऑफिशियल जानकारी के लिए आपको ऑफिशियल उत्तराखंड टूरिज्म से संपर्क करना होगा। WhatsApp पर कनेक्ट करने के लिए आपको सिर्फ 8394833833 नंबर पर &#8216;Yatra&#8217; लिखकर भेजना होगा। इसके बाद सारी डिटेल्स आपके व्हाट्सऐप के जरिए आप तक पहुंच जाएगी।</p>
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<p><strong>Helicopter Booking</strong></p>
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<p>अगर आप अपनी चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर राइड बुक करना चाहते हैं, तो आप इसकी ऑफिशियल वेबसाइट का रूख कर सकते हैं जो कि http://heliyatra.irctc.co.in है।</p>
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		<media:description type='plain'><![CDATA[AI Generated image]]></media:description>
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		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/char-dham-yatra-fake-booking-scam-be-aware-of-fraud-offer-messages-websites-calls-how-to-stay-safe-1662163/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
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