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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
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	 <item>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 06:27:11 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ChatGPT से ऐसे ढूंढें सबसे सस्ती फ्लाइट, AI से ट्रैवल प्लानिंग हुई सुपर आसान]]></title>
		<description>आज के समय में AI की मदद से ट्रैवल प्लानिंग बहुत आसान हो गई है। अब ChatGPT की मदद से आप सीधे सबसे सस्ती फ्लाइट ढूंढ सकते हैं, कीमतों की तुलना कर सकते हैं और समय बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के समय में ट्रैवल प्लान बनाना पहले से काफी आसान हो गया है और इसमें AI की बड़ी भूमिका है। इसी दिशा में Skyscanner ने ChatGPT के साथ मिलकर एक नया फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से यूजर्स अब सीधे ChatGPT के अंदर ही फ्लाइट्स सर्च कर सकते हैं, उनकी कीमतों की तुलना कर सकते हैं और सबसे सस्ती टिकट आसानी से ढूंढ सकते हैं, पहले जहां लोगों को अलग-अलग वेबसाइट और ऐप्स पर जाकर टिकट देखनी पड़ती थी, अब यह पूरा काम एक ही जगह पर संभव हो गया है।</p>
<h2><strong>ChatGPT में Skyscanner का इस्तेमाल करके फ्लाइट कैसे खोजें?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ChatGPT ऐप या वेबसाइट खोलें और उसमें लॉगिन करें।</li>
<li>ऊपर बाईं तरफ दिए गए Menu बटन पर क्लिक करें और &#8216;Apps&#8217; ऑप्शन चुनें। अगर Menu नहीं दिख रहा है तो &#8216;More&#8217; पर क्लिक करें।</li>
<li>अब Skyscanner App को ChatGPT के साथ कनेक्ट करें। यह ऐप फ्लाइट की कीमतें Compare करने में मदद करता है।</li>
<li>नया चैट शुरू करके कमांड लिखें &#8216;@skyscanner दिल्ली से अमेरिका के लिए नवंबर में सबसे सस्ती फ्लाइट दिखाओ&#8217;</li>
<li>इसके बाद ChatGPT सीधे लाइव डेटा के आधार पर फ्लाइट ऑप्शन दिखाएगा। इसमें अलग-अलग एयरलाइंस, उनकी कीमतें, यात्रा का समय और बाकी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी।</li>
</ul>
<h2><strong>इस नए फीचर से यूजर्स को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह समय की बचत करता है और यूजर्स को रियल टाइम जानकारी देता है। पहले लोगों को कई वेबसाइट खोलकर अलग-अलग कीमतें चेक करनी पड़ती थीं, लेकिन अब सब कुछ एक चैट में मिल जाता है। इसके अलावा अगर यूजर अपने सर्च में बदलाव करना चाहता है, तो उसे फिर से नया चैट ओपन करने की जरूरत नहीं होती, वह पहले वाले चैट में ही अपनी डिटेल बदल सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाती है, साथ ही यह सिस्टम लगातार अपडेटेड कीमतें दिखाता है क्योंकि यह कई एयरलाइंस के लाइव डेटा से जुड़ा होता है।</p>
<h2><strong>यह फीचर सिर्फ फ्लाइट्स तक सीमित है या और भी कुछ कर सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, Skyscanner और ChatGPT का यह इंटीग्रेशन आने वाले समय में, सिर्फ फ्लाइट्स तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल और कार रेंटल जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं। इससे न केवल ट्रैवल प्लानिंग आसान होगी, बल्कि पैसे बचाने में भी मदद मिलेगी क्योंकि यूजर अलग-अलग ऑप्शन्स की तुलना करके सबसे सस्ता और बेहतर ऑप्शन चुन सकेगा। आने वाले समय में ऐसे AI टूल्स ट्रैवल इंडस्ट्री को और भी बेहतर बना सकते हैं।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>क्या इसके लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करना जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>जी हां, इसके लिए Skyscanner App को ChatGPT के साथ कनेक्ट करना पड़ता है, तभी आप फ्लाइट सर्च कर पाते हैं।</p>
<h2><strong>क्या यह रियल टाइम (live) कीमतें दिखाता है?</strong></h2>
</p>
<p>जी हां, यह सिस्टम एयरलाइंस और ट्रैवल डेटा से जुड़ा होता है, इसलिए आपको अपडेटेड कीमतें मिलती हैं।</p>
<h2><strong>क्या यह सिर्फ फ्लाइट्स के लिए है या होटल भी मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>अभी ये सुविधा सिर्फ फ्लाइट्स के लिए है, लेकिन आने वाले समय में होटल और कार रेंटल जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/ChatGPT-flights-search.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ChatGPT flights search]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 05:37:34 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google Wallet में आया बड़ा बदलाव, पूरे होमपेज से लेकर सर्च सिस्टम तक सब बदल गया]]></title>
		<description>Google Wallet ने Android यूजर्स के लिए एक बड़ा डिजाइन अपडेट जारी किया है। इस नए अपडेट में ऐप का Homepage, Passes का लुक, Search System और नीचे का बटन पूरी तरह बदला गया है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google Wallet ने अपने Android App में एक बड़ा और नया डिजाइन अपडेट रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस अपडेट का फोकस यूजर्स के &#8216;Passes&#8217; यानी टिकट, कार्ड और लॉयल्टी कार्ड के अनुभव को और आसान बनाना है, पहले जहां ऐप का होमपेज काफी साधारण था, अब इसे ज्यादा व्यवस्थित लुक दिया गया है, खास बात यह है कि होमपेज के ऊपर वाला हिस्सा, जहां क्रेडिट और डेबिट कार्ड का कैरोसेल दिखता है, उसे पहले जैसा ही रखा गया है, लेकिन इसके नीचे का पूरा सेक्शन बदल दिया गया है। यह बदलाव धीरे-धीरे सभी एंड्रॉयड यूजर्स तक पहुंच रहा है।</p>
<h2><strong>इस अपडेट में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>नए डिजाइन में सबसे बड़ा बदलाव &#8216;Passes&#8217; के दिखने के तरीके में किया गया है। अब &#8216;Passes&#8217; पहले की तरह पूरी स्क्रीन की चौड़ाई में नहीं दिखेंगे। इसकी जगह अब हर लाइन में दो &#8216;Passes&#8217; दिखाई देंगे, जिससे स्क्रीन ज्यादा व्यवस्थित और साफ लगती है। हर पास को अलग पहचान देने के लिए उसमें थीम आधारित बैकग्राउंड भी जोड़ा गया है, जिससे यूजर्स को अपने कार्ड या टिकट पहचानने में आसानी होगी। इसके अलावा अब यूजर्स किसी भी &#8216;Pass&#8217; को दबाकर और खींचकर (Drag &amp; Hold) अपनी पसंद के अनुसार क्रम बदल सकते हैं, साथ ही यह भी कंट्रोल किया जा सकता है कि कौन-कौन से &#8216;Pass&#8217; होमपेज पर दिखें।</p>
</p>
<p>इस अपडेट में एक और बड़ा बदलाव App के नीचे दिए गए बटन (Floating Action Button) में किया गया है, पहले जहां नीचे दाईं तरफ एक बड़ा &#8216;+&#8217; बटन होता था, अब उसे बदलकर एक नया सेंटर में रखा गया स्प्लिट बटन बना दिया गया है। इस नए बटन में &#8216;+&#8217; ऑप्शन पहले की तरह ही काम करता है और यूजर्स को &#8216;Add to Wallet&#8217; स्क्रीन पर ले जाता है, जहां वे नए &#8216;Card&#8217;, &#8216;Pass&#8217; या बाकी चीजें जोड़ सकते हैं। यह बदलाव ऐप को ज्यादा साफ-सुथरा और यूज में आसान बनाने के लिए किया गया है, जिससे यूजर इंटरफेस ज्यादा मॉडर्न लगता है।</p>
<h2><strong>नया सर्च फीचर कैसे काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा Google Wallet में &#8216;View more&#8217; नाम का नया ऑप्शन भी जोड़ा गया है, जो यूजर्स को एक नए पेज पर ले जाता है। इस पेज पर यूजर्स अपने वॉलेट में मौजूद ट्रांजैक्शन, पेमेंट मेथड और लॉयल्टी कार्ड को सर्च कर सकते हैं। यहां एक बड़ा सर्च सिस्टम दिया गया है, जिससे जरूरी जानकारी जल्दी मिल जाती है। इसी पेज पर &#8216;Transactions&#8217; और &#8216;Passes&#8217; के अलग-अलग सेक्शन भी दिए गए हैं, जहां हाल के इस्तेमाल किए गए आइटम दिखते हैं, साथ ही &#8216;Manage passes on home&#8217; ऑप्शन से यूजर्स अपने होमपेज पर दिखने वाले &#8216;Passes&#8217; को स्टार या हटाकर पूरी तरह कस्टमाइज कर सकते हैं। यह नया अपडेट फिलहाल कुछ चुनिंदा डिवाइस पर दिख रहा है और जल्द ही सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Google Wallet का नया अपडेट क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>Google Wallet ने Android यूजर्स के लिए नया डिजाइन अपडेट जारी किया है, जिसमें Homepage, Passes, Search System और नीचे का बटन पूरी तरह बदल दिया गया है ताकि ऐप ज्यादा साफ दिखे।</p>
<h2><strong>इस अपडेट में सबसे बड़ा बदलाव क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>सबसे बड़ा बदलाव Passes के डिजाइन में किया गया है। अब एक लाइन में दो Pass दिखेंगे, जिससे स्क्रीन ज्यादा व्यवस्थित लगेगी और हर पास को अलग पहचान देने के लिए नया थीम बैकग्राउंड भी जोड़ा गया है।</p>
<h2>क्या अब Passes को कस्टमाइज किया जा सकता है?</h2>
</p>
<p>जी हां, अब यूजर्स किसी भी Pass को दबाकर और खींचकर (Drag &amp; Hold) उसका क्रम बदल सकते हैं और यह भी तय कर सकते हैं कि कौन सा Pass होमपेज पर दिखेगा या नहीं।</p>
<h2><strong>नया सर्च फीचर क्या काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>नया सर्च सिस्टम &#8216;View More&#8217; पेज में दिया गया है, जहां यूजर्स ट्रांजैक्शन, पेमेंट मेथड और लॉयल्टी कार्ड आसानी से सर्च कर सकते हैं और अपने वॉलेट को जल्दी मैनेज कर सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Google-Wallet-update.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Wallet update]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:42:17 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Strait of Hormuz में हो रहा डिजिटल स्कैम, फंसे जहाजों को ऐसे लूट रहे ठग, चेतावनी जारी]]></title>
		<description>Strait of Hormuz संकट के बीच अब वहां डिजिटल स्कैम देखने को मिल रहा है, जिसमें स्कैमर्स क्रिप्टो में पेमेंट लेकर समुद्री रास्तों में फंसे जहाजों को वहां से निकालने का झांसा दे रहे हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Strait of Hormuz Scam</strong>: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच Strait of Hormuz एक युद्ध क्षेत्र के तौर पर बनकर उभर रहा है। ईरान द्वारा बार-बार इस क्षेत्र को बंद करने की धमकी दी जा रही है। आपको बता दें हॉर्मुज दुनिया के सबसे बड़ी समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल व LNG सप्लाई होती है। इस जगह पर बढ़ रहे तनाव के बाद व्यापार काफी प्रभावित है, जिसकी वजह से भारत में भी LPG की किल्लत देखने को मिल रही है। इतना काफी नहीं था कि अब स्कैमर्स ने इस संकट पर अपनी रोटी सेकनी शुरू कर दी है। लेटेस्ट रिपोर्ट्स की मानें, तो Strait of Hormuz के समुद्री रास्तों में अब डिजिटल स्कैम को अनजाम दिया जा रहा है। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Strait of Hormuz Scam क्या है?</h2>
</p>
<p>Reuters की लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो कुछ साइबर क्रिमिनल्स अब <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/us-israel-iran-war-what-is-gps-jamming-how-it-works-and-its-role-in-modern-warfare-1652852/">Strait of Hormuz</a> में फंसे जहाजों को निशाना बना रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ साइबर क्रिमिनल्स खुद को ईरान के अधिकारी बता रहे हैं और फंसे जहाजों से क्रिप्टो पैसों की मांग कर रहे हैं। बदले में वो उनके जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाकर वहां से बाहर निकलने का दावा भी कर रहे हैं। इस तरह के मैसेज एक स्कैम है। इसके अलावा, कहा जा रहा है कि ईरानी अधिकारियों ने इस तरह का कोई मैसेज जारी नहीं किया है।</p>
</p>
<p>कहा जा रहा है कि साइबर ठग इस तरह की ठगी के लिए बेहद ही व्यवस्थित मैसेज व प्रोसेस का सहारा ले रहे हैं, ताकी किसी को शक न हो कि वो फेक हैं। ग्रीक मैरीटाइम रिस्क फर्म MARISKS ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। अलर्ट करते हुए कहा गया है कि शिपिंग कंपनियों को स्कैमर्स द्वारा ऐसे मैसेज रिसीव हो रहे हैं, जिसमें इसमें स्कैमर्स उन्हें ईरानी अधिकारी Strait of Hormuz पार कराने का दावा कर रहे हैं, इसके लिए उन्हें क्रिप्टो में पैसों की डिमांड की गई है।</p>
<h2>Strait of Hormuz क्या है?</h2>
</p>
<p>Strait of Hormuz की बात करें, तो यह फारस की खाड़ी व ओमान की खाड़ी के बीच का एक समुद्री रास्ता है, जो कि काफी संकरा है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े तेल व गैस का यातायात होता है। युद्ध के दौरान ईरान इस रास्ते को बंद करने की धमकी देता है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में इजाफा संभव है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Scam-3.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/strait-of-hormuz-scam-messages-offering-ships-safe-transit-through-hormuz-1659120/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/strait-of-hormuz-scam-messages-offering-ships-safe-transit-through-hormuz-1659120/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 10:29:43 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google Workspace में आए ये कमाल के AI फीचर्स, भर-भर के मिलेंगे यूजर्स को फायदे]]></title>
		<description>Google ने अपने Google Workspace में नए AI फीचर्स जोड़कर काम को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना दिया है। अब यूजर्स कम मेहनत में ज्यादा काम कर सकेंगे, मीटिंग्स और डेटा मैनेजमेंट ऑटोमैटिक हो जाएगा, जिससे समय की बचत और प्रोडक्टिविटी दोनों बढ़ेंगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने Google Cloud Next 2026 में अपने Google Workspace के लिए कई नए AI फीचर्स पेश किए हैं। कंपनी का मुख्य फोकस अब काम को ज्यादा स्मार्ट और ऑटोमैटिक बनाने पर है। इसी दिशा में &#8216;Workspace Intelligence&#8217; नाम का नया सिस्टम लाया गया है, जो Docs, Slides और Gmail जैसे ऐप्स के बीच फाइल्स, प्रोजेक्ट्स और लोगों के रिश्ते को समझकर काम को आसान बना देगा। इसका मतलब है कि अब कम मेहनत में ज्यादा काम हो सकेगा और कई टास्क अपने आप पूरे हो जाएंगे। कंपनी का कहना है कि ये फीचर्स धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचेंगे और समय के साथ और बेहतर बनाए जाएंगे।</p>
<h2><strong>Google Meet, Sheets और Gemini में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?</strong></h2>
</p>
<p>Google Meet, Google Sheets और Gemini में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। Meet का &#8216;Take Notes for me&#8217; फीचर अब सिर्फ ऑनलाइन मीटिंग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऑफलाइन मीटिंग और Zoom या Microsoft Teams जैसे प्लेटफॉर्म पर भी काम करेगा। इससे मीटिंग का सार और जरूरी काम अपने आप तैयार हो जाएंगे, वहीं Sheets में Gemini की मदद से अब HubSpot और Salesforce जैसे प्लेटफॉर्म से डेटा सीधे लिया जा सकेगा। इसके अलावा नया कैनवास फीचर मिलेगा, जिसमें यूजर्स डैशबोर्ड, हीट मैप और Kanban बोर्ड जैसी चीजें आसानी से बना सकेंगे।</p>
<h2><strong>डेवलपर्स के लिए Google ने कौन से नए टूल्स और फीचर्स दिए हैं?</strong></h2>
</p>
<p>डेवलपर्स के लिए भी Google ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने नया MCP सर्वर लॉन्च किया है, जिससे बाहरी ऐप्स और AI टूल्स सीधे Workspace से जुड़ सकेंगे। इससे Drive, Gmail, Calendar और Chat जैसी सेवाओं के साथ सुरक्षित तरीके से काम किया जा सकेगा, साथ ही &#8216;Skills&#8217; नाम के नए टूल्स भी पेश किए गए हैं, जो बार-बार होने वाले कामों को ऑटोमैटिक तरीके से पूरा करेंगे। उदाहरण के तौर पर, कोई टीम इनवॉइस चेक करने और गलती पकड़ने के लिए एक स्किल बना सकती है। इसके अलावा Google Vids में नए अवतार और कस्टमाइजेशन फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जिससे वीडियो बनाना और आसान हो जाएगा।</p>
<h2><strong>सुरक्षा और एंटरप्राइज यूजर्स के लिए क्या नए अपडेट आए हैं?</strong></h2>
</p>
<p>सुरक्षा और एंटरप्राइज यूजर्स को ध्यान में रखते हुए भी कई नए फीचर्स आए हैं। Google Chrome Enterprise में ऑटो-ब्राउज फीचर जोड़ा गया है, जो मुश्किल कामों को खुद पूरा करने में मदद करेगा। Gemini Enterprise App अब Workspace के साथ अब यूजर्स सीधे Calendar मैनेज कर सकेंगे और Docs या Slides पर काम कर सकेंगे। डेटा सुरक्षा के लिए नए कंट्रोल और क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन दिए गए हैं, साथ ही Microsoft 365 से Workspace में शिफ्ट करना अब पहले से आसान हो जाएगा, क्योंकि नया माइग्रेशन सिस्टम डेटा ट्रांसफर को तेज और स्मूद बनाएगा। कंपनी ने बताया कि ये सभी फीचर्स आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे जारी किए जाएंगे।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Google Workspace के नए AI फीचर्स से क्या फायदा होगा?</strong></h2>
</p>
<p>इन नए AI फीचर्स से यूजर्स का काम काफी आसान हो जाएगा। कई टास्क अपने आप पूरे होंगे, जिससे समय बचेगा और प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी।</p>
<h2><strong>Workspace Intelligence क्या है और यह कैसे काम करता है?</strong></h2>
</p>
<p>Workspace Intelligence एक स्मार्ट सिस्टम है, जो Docs, Slides और Gmail के बीच फाइल्स और डेटा को समझकर काम को ऑटोमैटिक बना देता है।</p>
<h2><strong>Google Meet का ‘Take Notes for me’ फीचर कितना यूजफुल है?</strong></h2>
</p>
<p>यह फीचर मीटिंग के दौरान अपने आप नोट्स और समरी तैयार कर देता है, जिससे यूजर्स को अलग से नोट्स बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।</p>
<h2><strong>Google Sheets में Gemini से क्या नया बदलाव आया है?</strong></h2>
</p>
<p>अब Sheets में Gemini की मदद से HubSpot और Salesforce जैसे प्लेटफॉर्म से डेटा सीधे लिया जा सकता है और आसानी से एनालिसिस किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>क्या ये नए फीचर्स सभी यूजर्स को मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>हां, Google इन फीचर्स को धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचा रहा है और समय के साथ इन्हें और बेहतर भी बनाया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Google-Cloud-Next-2026.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Cloud Next 2026]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 07:37:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[1 मई से ऑनलाइन गेमिंग में होगा बड़ा बदलाव, MeitY के ये नए नियम होंगे लागू]]></title>
		<description>भारत में ऑनलाइन गेमिंग के नियम 1 मई से बदलने जा रहे हैं। MeitY ने इस बार सख्त नियमों की जगह आसान &#039;Light-touch&#039; तरीका अपनाया है। इससे छोटे गेम डेवलपर्स को राहत मिलेगी और यूजर्स की सुरक्षा भी बेहतर होगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नए नियम आने वाले हैं और इस बार सरकार का रुख पहले से थोड़ा आसान नजर आ रहा है। Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने 1 मई से लागू होने वाले &#8216;Light-touch&#8217; फ्रेमवर्क की घोषणा की है। आसान भाषा में समझें तो अब हर छोटे-बड़े गेम पर सख्त नियम नहीं लगाए जाएंगे, बल्कि जरूरत के हिसाब से ही नियम लागू होंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सोशल और कैजुअल गेम्स (जैसे टाइमपास गेम्स) को अब हर बार रजिस्ट्रेशन या अलग से क्लासिफिकेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे गेम बनाने वाली कंपनियों (डेवलपर्स) को काफी राहत मिलेगी और वे आसानी से नए गेम बना सकेंगे। आइए जानते हैं&#8230;</p>
<h2><strong>क्या अब सभी ऑनलाइन गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी?</strong></h2>
</p>
<p>नए नियमों के तहत अब केवल कुछ खास मामलों में ही गेम्स को रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी, जैसे अगर कोई नया Online Gaming Authority किसी गेम की जांच करना चाहे या कोई प्लेटफॉर्म खुद अपने गेम को क्लासिफाई करवाना चाहे (खासकर Esports के लिए) या फिर केंद्र सरकार किसी खास कैटेगरी के गेम्स को चिन्हित करे। इसका सबसे बड़ा फायदा छोटे गेम डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को होगा, जो अब बिना ज्यादा कागजी प्रक्रिया के अपने गेम्स लॉन्च कर सकेंगे। इससे भारत में गेमिंग इनोवेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।</p>
<h2><strong>किन गेम्स पर नजर रखीं जाएंगी?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार ने एक नया Online Gaming Authority बनाने का भी फैसला किया है, जिसमें अलग-अलग मंत्रालयों जैसे फाइनेंस, हेल्थ, स्पोर्ट्स और जस्टिस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह अथॉरिटी गेम्स की निगरानी करेगी, रजिस्ट्रेशन और अपील से जुड़े मामलों को संभालेगी और यूजर सेफ्टी सुनिश्चित करेगी। जिन गेम्स में असली पैसे का इस्तेमाल होता है, बहुत ज्यादा यूजर्स होते हैं या जिन्हें हाई-रिस्क माना जाता है, उन्हें खासतौर पर इस अथॉरिटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ई-स्पोर्ट्स से जुड़े गेम्स भी इसी दायरे में आएंगे।</p>
<h2><strong>क्या नए नियमों से यूजर्स की सुरक्षा और गेमिंग एक्सपीरियंस बेहतर होगा?</strong></h2>
</p>
<p>यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए नियमों में कई जरूरी प्रावधान जोड़े गए हैं। अब गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को शिकायत दर्ज करने की सुविधा, बेहतर साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षित रखने के नियम, सुरक्षित पेमेंट सिस्टम और नियमित रिपोर्टिंग जैसी चीजें लागू करनी होंगी। भारत में ज्यादातर लोग मोबाइल पर गेम खेलते हैं, इसलिए ये बदलाव सीधे तौर पर Android और iPhone यूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाएंगे।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>1 मई से ऑनलाइन गेमिंग में क्या बड़ा बदलाव होगा?</strong></h2>
</p>
<p>1 मई से नए नियम लागू होंगे, जिनमें सख्त नियमों की जगह &#8216;Light-Touch&#8217; तरीका अपनाया गया है, यानी अब हर गेम पर एक जैसे नियम नहीं होंगे, बल्कि जरूरत के हिसाब से कंट्रोल होगा।</p>
<h2><strong>क्या अब सभी गेम्स को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा?</strong></h2>
</p>
<p>नहीं, अब सिर्फ कुछ खास गेम्स को ही रजिस्ट्रेशन की जरूरत होगी, जैसे रियल मनी वाले गेम्स, हाई-रिस्क गेम्स या जिनकी जांच जरूरी समझी जाए।</p>
<h2><strong>छोटे गेम डेवलपर्स को इससे क्या फायदा होगा?</strong></h2>
</p>
<p>छोटे डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को कम कागजी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। वे बिना ज्यादा परेशानी के नए गेम बना और लॉन्च कर पाएंगे।</p>
<h2><strong>किन गेम्स पर सरकार ज्यादा नजर रखेगी?</strong></h2>
</p>
<p>जिन गेम्स में असली पैसे का इस्तेमाल होता है, ज्यादा यूजर्स होते हैं या जिन्हें रिस्की माना जाता है, उन पर खास निगरानी रखी जाएगी।</p>
<h2><strong>क्या यूजर्स के लिए गेमिंग अब ज्यादा सुरक्षित होगी?</strong></h2>
</p>
<p>हां, नए नियमों में शिकायत सिस्टम, डेटा सुरक्षा, सुरक्षित पेमेंट और साइबर सिक्योरिटी जैसे फीचर्स शामिल हैं, जिससे यूजर्स का एक्सपीरियंस और सुरक्षा बेहतर होगी।</p>
]]></content:encoded>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 06:53:47 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या आपके फोन में भी है Virtual RAM फीचर? जानिए इसके फायदें और नुकसान]]></title>
		<description>आजकल स्मार्टफोन में Virtual RAM फीचर तेजी से फेमस हो रहा है। कई लोग सोचते हैं कि इससे फोन सुपरफास्ट हो जाता है, लेकिन सच थोड़ा अलग है। यह फीचर कुछ स्थितियों में मदद करता है, जबकि कभी-कभी नुकसान भी दे सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>स्मार्टफोन यूजर्स के बीच इन दिनों RAM एक्सपैंशन (Virtual RAM) फीचर काफी चर्चा में है। आजकल कई कंपनियां जैसे Samsung, Xiaomi और Realme अपने डिवाइस में यह फीचर दे रही हैं, जिससे फोन की परफॉर्मेंस बेहतर करने का दावा किया जाता है। आसान भाषा में समझें तो यह फीचर फोन की इंटरनल स्टोरेज के एक हिस्से को वर्चुअल RAM में बदल देता है। जब फोन की असली RAM फुल हो जाती है, तब यह एक्स्ट्रा स्पेस देकर ऐप्स को स्मूद तरीके से चलाने में मदद करता है। खासकर बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन में यह फीचर ज्यादा देखने को मिलता है।</p>
<h2><strong>RAM एक्सपैंशन का सबसे बड़ा फायदा क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>RAM एक्सपैंशन का सबसे बड़ा फायदा मल्टीटास्किंग में देखने को मिलता है। अगर आप एक साथ कई ऐप्स इस्तेमाल करते हैं या बार-बार ऐप्स के बीच स्विच करते हैं, तो यह फीचर आपके काम को थोड़ा आसान बना देता है। 4GB या 6GB RAM वाले फोन में यह फीचर ज्यादा काम का साबित होता है, क्योंकि इसमें ऐप्स जल्दी बंद होने की समस्या कम हो जाती है। इससे यूजर को फोन थोड़ा स्मूद और तेज महसूस होता है। आम इस्तेमाल जैसे सोशल मीडिया, वीडियो देखना या हल्की-फुल्की ऐप्स के लिए यह फीचर मददगार साबित हो सकता है।</p>
<h2><strong>वर्चुअल RAM के क्या नुकसान हैं?</strong></h2>
</p>
<p>लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक वर्चुअल RAM असली RAM जितनी तेज नहीं होती, क्योंकि यह स्टोरेज पर आधारित होती है और स्टोरेज की स्पीड RAM से काफी कम होती है। ऐसे में अगर आप हाई-परफॉर्मेंस काम जैसे गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या हेवी ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तो RAM एक्सपैंशन फीचर फायदा देने के बजाय फोन को स्लो भी कर सकता है। यानी यह फीचर हर स्थिति में परफेक्ट नहीं है।</p>
<h2><strong>क्या RAM एक्सपैंशन को हमेशा ऑन रखना सही है?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा RAM एक्सपैंशन ऑन रखने से फोन की इंटरनल स्टोरेज पर लगातार दबाव बना रहता है, जिससे लंबे समय में स्टोरेज की लाइफ पर असर पड़ सकता है। साथ ही कुछ मामलों में बैटरी कंजप्शन भी बढ़ जाती है। इसलिए अगर आपके फोन में पहले से ही 8GB या उससे ज्यादा RAM है, तो इस फीचर को ऑन रखने की ज्यादा जरूरत नहीं होती, वहीं कम RAM वाले यूजर्स जरूरत पड़ने पर इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। कुल मिलाकर RAM एक्सपैंशन फीचर यूजफुल है, लेकिन इसे हमेशा ऑन रखना जरूरी नहीं है, इसे अपने इस्तेमाल के हिसाब से ही ऑन या ऑफ करना ज्यादा बेहतर रहेगा।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Virtual RAM क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>Virtual RAM एक ऐसा फीचर है जिसमें फोन की इंटरनल स्टोरेज का कुछ हिस्सा RAM की तरह इस्तेमाल किया जाता है, ताकि फोन में ज्यादा ऐप्स एक साथ चल सकें।</p>
<h2><strong>क्या Virtual RAM से फोन तेज हो जाता है?</strong></h2>
</p>
<p>थोड़ा-बहुत हां, लेकिन पूरी तरह नहीं। यह फीचर सिर्फ मल्टीटास्किंग में मदद करता है, असली RAM जितनी स्पीड नहीं देता।</p>
<h2><strong>किन लोगों के लिए Virtual RAM ज्यादा फायदेमंद है?</strong></h2>
</p>
<p>जिनके फोन में 4GB या 6GB RAM है, उनके लिए यह फीचर ज्यादा काम का है। इससे ऐप्स जल्दी बंद नहीं होते और फोन थोड़ा स्मूद लगता है।</p>
<h2><strong>क्या Virtual RAM से फोन स्लो भी हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>हां, अगर आप हेवी गेमिंग या वीडियो एडिटिंग करते हैं तो यह फीचर फोन को स्लो कर सकता है, क्योंकि स्टोरेज की स्पीड RAM से कम होती है।</p>
<h2><strong>क्या Virtual RAM को हमेशा ON रखना चाहिए?</strong></h2>
</p>
<p>नहीं, अगर आपके फोन में पहले से 8GB या ज्यादा RAM है तो इसे ON रखना जरूरी नहीं है। जरूरत के हिसाब से ON/OFF करना ही बेहतर होता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Virtual-RAM.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Virtual RAM]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/virtual-ram-in-smartphones-benefits-drawbacks-should-you-enable-it-1659003/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/virtual-ram-in-smartphones-benefits-drawbacks-should-you-enable-it-1659003/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 23 Apr 2026 04:35:02 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Asus ExpertBook Ultra के साथ ExpertBook P3 और P5 सीरीज से उठा पर्दा, जानें कीमत]]></title>
		<description>Asus ExpertBook Ultra लैपटॉप से पर्दा उठा दिया गया है। इसके साथ ExpertBook P3 और P5 सीरीज को भी पेश किया गया है। इन सभी में दमदार बैटरी से लेकर Copilot+ तक मिलता है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Asus</strong> ने इंडियन मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन को ध्यान में रखकर Asus ExpertBook Ultra को लॉन्च किया है। इसके साथ ExpertBook P3 और P5 लाइनअप को पेश किया गया है। इन सभी को खासतौर पर बिजनेस यूजर्स के लिए लाया गया है। इनमें OLED स्क्रीन, AI टेक्नोलॉजी से लैस Copilot+ और इंटेल की चिप दी गई हैं। इनके साथ लेटेस्ट लैपटॉप्स में लंबा चलने वाली बैटरी भी मिलती हैं। आइए जानते हैं आसुस लैपटॉप के फीचर्स और कीमत&#8230;</p>
<h2>Asus ExpertBook Ultra</h2>
</p>
<p><strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/asus-zenbook-vivobook-series-new-laptops-india-launched-with-intel-core-ultra-and-snapdragon-x2-chip-price-in-india-specs-1657244/">आसुस</a></strong> एक्सपर्टबुक अल्ट्रा में 14 इंच का WQXGA+ OLED टच सपोर्टेड डिस्प्ले है। इसका रेजलूशन 2880 x 1800 पिक्सल, पीक ब्राइटनेस 1400 निट्स और 100 प्रतिशत डीसीआई-पी3 कलर गेमट है। इस पर प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass Victus लगा है। पावर व परफॉर्मेंस के लिए लैपटॉप में Intel Core Ultra Series 3 प्रोसेसर, Intel Arc B390, 64 जीबी रैम और 2TB इंटरनल स्टोरेज दी गई है। यह विंडोज 11 प्रो ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।</p>
</p>
<p>वीडियो कॉलिंग के लिए इस लैपटॉप में 1080p FHD IR वेबकैम दिया गया है, जो प्राइवेसी शटर से लैस है। शानदार साउंड के लिए 6 स्पीकर का सेटअप मिलता है। ये सभी Dolby Atmos के साथ आते हैं। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई 7, ब्लूटूथ, थंडरबोल्ट 4, यूएसबी टाईप-ए, एचडीएमआई और 3.5एमएम ऑडियो जैक दिया गया है।</p>
</p>
<p>इस लैपटॉप में 70Wh की बैटरी लगी है। इसे 90W चार्जिंग का साथ मिला है। इसको MIL-STD-810H का सर्टिफिकेशन दिया गया है। इसका मतलब है कि इसकी बॉडी बहुत मजबूत है। इसकी डायमेंशन 310.9 × 212.8 × 10.9–16.4 mm है।</p>
<h2>Asus ExpertBook P3 और ExpertBook P5</h2>
</p>
<p>एक्सपर्टबुक पी3 और पी5 सीरीज में 14 इंच व 16 इंच की स्क्रीन दी गई है। यह एंटी-ग्लेयर है। इनका स्क्रीन टू बॉडी रेश्यो बहुत ज्यादा है। पी3 सीरीज में आने वाले लैपटॉप में Intel Core Ultra 5 और Ultra 7 H सीरीज का प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ Intel Arc ग्राफिक कार्ड मिलता है।</p>
</p>
<p>पी5 सीरीज में Core Ultra 7 356H चिप दी गई है। इसके साथ 32 जीबी व इससे अधिक रैम और 1टीबी तक स्टोरेज दी गई है। इस लाइनअप के लैपटॉप में Copilot+ मिलता है। ये सभी लैपटॉप विंडोज 11 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं।</p>
<h2>कितनी है Asus के नए लैपटॉप की कीमत ?</h2>
</p>
<p>कंपनी के मुताबिक, Asus ExpertBook Ultra की कीमत 2,39,990 रुपये है। इस दाम में Intel Core Ultra X7 Series 3 वेरिएंट मिलता है। यह Morn Grey और Jet Fog कलर ऑप्शन में अवेलेबल है। वहीं, ExpertBook P3 सीरीज की कीमत 94,990 रुपये से शुरू होती है, जबकि ExpertBook P5 सीरीज के लैपटॉप को 2,14,990 रुपये की शुरुआती कीमत पर खरीदा जा सकता है।</p>
</p>
<p>आसुस का एक्सपर्टबुक अल्ट्रा ऑनलाइन वेबसाइट Flipkart पर लिस्ट है। इसकी प्री-बुकिंग लाइव हो चुकी है। इस पर 20,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस मिलेगा। साथ ही, 24 महीने की नो-कॉस्ट EMI भी मिलेगी।</p>
</p>
<p>Asus ExpertBook P3 सीरीज की बात करें, तो यह 6000 रुपये के डिस्काउंट के साथ उपलब्ध है। एक्सपर्टबुक पी5 को जल्द बिक्री के लिए शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर अवेलेबल कराया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Asus-ExpertBook-Ultra.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/asus-expertbook-ultra-expertbook-p3-p5-series-launched-in-india-know-price-features-1658958/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:29:12 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Boat Aavante Prime X साउंडबार Wireless Satellite स्पीकर के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>Boat Aavante Prime X साउंडबार भारत में लॉन्च हो गए हैं। इनमें 7.1.4-channel surround साउंड सेटअप व Dolby Atmos सपोर्ट शामिल है। यहां जानें इनकी कीमत व खूबियां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Boat Aavante Prime X</strong> साउंडबार भारत में लॉन्च हो गया है। यह कंपनी का वायरलेस साउंडबार है। फीचर्स की बात करें, तो इसमें कंपनी ने 7.1.4-channel surround साउंड सेटअप दिया गया है, जिसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट मौजूद है। साथ ही इसमें अप-फायरिंग ड्राइवर्स दिए गए हैं, जिसके साथ वायरलेस सबवूफर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.3 और HDMI eARC आदि का सपोर्ट मिलता है। इस सिस्टम में 8 इंच का सबवूफर ड्राइवर दिया गया है। इसमें 4500mAh की बैटरी दी गई है, जो कि सिंगल चार्ज पर 12 घंटे तक का प्लेटाइम प्रोवाइड करता है। आइए जानते हैं इस साउंडबार की कीमत और खूबियों से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>Boat Aavante Prime X Price in India, Availability</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/boat-ultima-prime-and-ultima-ember-india-launched-with-bluetooth-calling-price-in-india-specifications-1547478/">Boat</a> Aavante Prime X तो 37,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया है। यह इस साउंडबार का लॉन्च-ऑफर प्राइस है। हालांकि, ऑफर खत्म होने के बाद इसे आप 39,999 रुपये में खरीद सकेंगे। इस साउंडबार को आप कंपनी की साइट के अलावा, Amazon व Flipkart के जरिए खरीद सकते हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">The King of Soundbars, boAt Aavante Prime X, is now available 👑</p>
</p>
<p>Its truly wireless setup with Dolby Atmos, 700W output, detachable speakers, and 7.1.4 channels delivers a stadium like experience 🏏</p>
</p>
<p>Disclaimer: Flipkart and Amazon are not official partners of RCB <a href="https://t.co/QOL9MLrdLB" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/QOL9MLrdLB</a></p>
</p>
<p>— boAt (@RockWithboAt) <a href="https://twitter.com/RockWithboAt/status/2046878660951769091?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 22, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>Boat Aavante Prime X Specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो इस सबवूफर में कंपनी ने 7.1.4-channel surround साउंड सेटअप मिलता है, जिसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट मिलता है। कंपनी का दावा है कि इस सबवूफर को ऐसे डिजाइन किया गया है, जो कि मल्टी-डायरेक्शनल ऑडियो प्रोवाइड करता है। इस सेटअप में टॉप-फायरिंग ड्राइवर्स, वायरलेस सबवूफर व डिटैचेबल रियर सैटेलाइट स्पीकर्स दिए गए हैं।</p>
</p>
<p>इसमें 8 इंच का सबवूफर ड्राइवर, 2.25 इंच मल्टीपल ड्राइवर्स और सैटेलाइट स्पीकर्स शामिल है। यह सब मिलकर 700W आउटपुट प्रोवाइड करते हैं। कंपनी ने इनमें अलग-अलग कॉन्टेंट मोड्स दिए हैं, जिसमें स्पोर्ट्स, मूवी, म्यूजिक व गेम आदि शामिल है। कंपनी ने इनमें वायरलेस सैटेलाइट स्पीकर्स दिए है, जो कि साउंडबार से अलग हो जाते हैं और इन्हें आप कमरे में कहीं भी रख सकते हैं।</p>
</p>
<p>यह वायरलेस सैटेलाइट स्पीकर्स 4500mAh बैटरी के साथ आते हैं। इनमें आपको 12 घंटे तक का प्लेबैक मिलता है, जिसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट मौजूद होगा। वहीं, 60 प्रतिशत वॉल्यूम पर यह 14.5 घंटे तक का प्लेटाइम प्रोवाइड करता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.3, HDMI (e-ARC) व 3.5mm हेडफोन जैक आदि का सपोर्ट मिलता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Boat-10.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/boat-aavante-prime-x-soundbar-and-wireless-satellite-speakers-launched-in-india-price-and-specs-1658895/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/boat-aavante-prime-x-soundbar-and-wireless-satellite-speakers-launched-in-india-price-and-specs-1658895/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:37:12 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google Photos का नया अपडेट हुआ जारी, मिलेगा ये खास फीचर्स]]></title>
		<description>Google Photos के नए अपडेट ने यूजर्स के लिए सेल्फी एडिटिंग को और आसान बना दिया है। अब यूजर्स को एक खास फीचर्स मिलेगा, जो तस्वीर को नेचुरल और शानदार बनाने में मदद करेगा, जिससे फोटो ज्यादा रियल लगेगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google Photos ने अपने यूजर्स के लिए एक नया अपडेट जारी किया है, जिसमें खासतौर पर सेल्फी एडिटिंग को आसान और नेचुरल बनाने पर ध्यान दिया गया है। आजकल सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करना आम बात हो गई है और लोग चाहते हैं कि उनकी फोटो अच्छी दिखे लेकिन ज्यादा एडिटेड न लगे। इसी जरूरत को समझते हुए Google ने अपने ऐप में नए टच-अप टूल्स जोड़े हैं। इस अपडेट का मकसद फोटो को पूरी तरह बदलना नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सुधार करके उसे बेहतर बनाना है, ताकि तस्वीर असली जैसी ही लगे और ओवर-एडिटिंग का असर न दिखे।</p>
<h2><strong>क्या अब चेहरे के अलग-अलग हिस्सों को आसानी से एडिट किया जा सकेगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए अपडेट में यूजर्स को कई फेस-फोकस्ड एडिटिंग ऑप्शन मिलेंगे। अब आप आसानी से स्किन को स्मूथ कर सकते हैं, आंखों को ब्राइट बना सकते हैं, अंडर-आई एरिया को ठीक कर सकते हैं और दांतों को थोड़ा सफेद भी कर सकते हैं। पहले जहां फिल्टर्स पूरी फोटो पर एक जैसा असर डालते थे, वहीं अब ये टूल्स सिर्फ चेहरे के खास हिस्सों पर काम करते हैं। ऐप खुद ही चेहरे को पहचान लेता है और उसी के अनुसार एडिटिंग के ऑप्शन देता है। इससे यूजर्स को ज्यादा कंट्रोल मिलता है और फोटो ज्यादा नेचुरल दिखती है।</p>
<h2><strong>इस अपडेट में क्या एडवांस फीचर्स मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इसके अलावा इस अपडेट में कुछ एडवांस फीचर्स भी शामिल किए गए हैं, जैसे लिप और आइब्रो एडजस्टमेंट। एक खास बात यह है कि हर टूल के साथ एक इंटेंसिटी स्लाइडर दिया गया है, जिससे आप तय कर सकते हैं कि एडिट कितना हल्का या गहरा होना चाहिए। इससे यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार फोटो को कस्टमाइज कर सकते हैं। अगर फोटो में एक से ज्यादा लोग हैं, तो आप हर व्यक्ति के चेहरे को अलग-अलग एडिट कर सकते हैं। यह फीचर ग्रुप फोटो के लिए काफी यूजफुल साबित हो सकता है, क्योंकि हर चेहरे पर अलग तरह से सुधार किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>क्या यह नया फीचर सभी यूजर्स के लिए तुरंत उपलब्ध होगा?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल यह नया फीचर धीरे-धीरे सभी यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है, इसलिए हर किसी को तुरंत यह अपडेट नहीं मिलेगा। जब आपके ऐप में यह अपडेट आएगा, तब आपको Google Photos के एडिटर सेक्शन में ये नए टूल्स दिखने लगेंगे। इसके लिए जरूरी है कि आपके पास एक नया Android डिवाइस हो और उसमें पर्याप्त RAM हो, ताकि ये फीचर्स स्मूथ तरीके से काम कर सकें।</p>
</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Google-Photos-Selfie-update.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Google Photos update brings smarter touch-up tools for portraits]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-photos-selfie-editing-update-new-natural-touch-up-tools-explained-1658880/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-photos-selfie-editing-update-new-natural-touch-up-tools-explained-1658880/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:41:40 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[MeitY ने सख्त नियम प्रस्तावित किए, AI से बना कंटेंट पहचानना होगा आसान]]></title>
		<description>भारत में Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने AI से बने कंटेंट को लेकर सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं। अब फोटो, वीडियो और टेक्स्ट पर AI लेबल हमेशा दिखाना जरूरी होगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत में AI से बने फोटो, वीडियो और टेक्स्ट तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक, अब AI एंकर और डीपफेक वीडियो आम होते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों के लिए असली और नकली कंटेंट में फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी चुनौती को देखते हुए Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने AI कंटेंट को लेकर नए और सख्त नियम प्रस्तावित किए हैं, जिनका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और यूजर्स को गुमराह होने से बचाना है।</p>
<h2><strong>क्या है AI कंटेंट पर नया लेबल नियम?</strong></h2>
</p>
<p>MeitY के नए प्रस्ताव के अनुसार, अब AI से बने किसी भी कंटेंट पर लगाया गया लेबल पूरे समय दिखाई देना जरूरी होगा। पहले यह नियम था कि AI लेबल स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए, लेकिन अब इसे और कड़ा बना दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अगर आप कोई वीडियो देख रहे हैं, फोटो देख रहे हैं या AI से लिखा गया टेक्स्ट पढ़ रहे हैं, तो उस पर लगा AI लेबल बीच में गायब नहीं होना चाहिए। यह लेबल शुरू से अंत तक लगातार स्क्रीन पर बना रहना चाहिए, ताकि यूजर को हर समय पता रहे कि वह AI-Generated कंटेंट देख रहा है।</p>
<h2><strong>नए नियम से क्या फर्क पड़ेगा?</strong></h2>
</p>
<p>यह बदलाव देखने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका असर काफी बड़ा होगा। अभी कई प्लेटफॉर्म्स AI लेबल को कुछ सेकंड के लिए दिखाकर हटा देते हैं, जिससे लोग भ्रमित हो सकते हैं, खासकर डीपफेक वीडियो के बढ़ते मामलों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। नए नियम इस तरह की चालाकियों पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं, हालांकि इससे प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौतियां भी बढ़ेंगी, क्योंकि उन्हें अपने सिस्टम और डिजाइन में बदलाव करना होगा ताकि हर फॉर्मेट में लेबल लगातार दिखता रहे।</p>
<h2><strong>आगे क्या हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>इसके साथ ही MeitY ने Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 में प्रस्तावित बदलावों पर फीडबैक देने की समयसीमा भी बढ़ा दी है। पहले इसकी आखिरी तारीख 29 अप्रैल थी, जिसे अब 7 मई 2026 कर दिया गया है। इससे कंपनियों और बाकी Stakeholders को अपनी राय देने के लिए ज्यादा समय मिल जाएगा, फिलहाल ये नियम ड्राफ्ट स्टेज में हैं, यानी आगे और बदलाव संभव हैं, लेकिन साफ है कि सरकार AI कंटेंट को लेकर ज्यादा सख्ती और पारदर्शिता लाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।</p>
]]></content:encoded>
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		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/india-proposes-strict-ai-content-labelling-rules-meity-mandates-always-visible-labels-1658869/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/india-proposes-strict-ai-content-labelling-rules-meity-mandates-always-visible-labels-1658869/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
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