<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><!-- generated-on='May 13, 2026 7:00 pm' -->
<rss version='2.0' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/'
	xmlns:wfw='http://wellformedweb.org/CommentAPI/' xmlns:dc='http://purl.org/dc/elements/1.1/'
	xmlns:atom='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:sy='http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/'
	xmlns:slash='http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/'>
  <channel>
	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Wed, 13 May 2026 19:00:03 +0000</lastBuildDate>
	<link>https://www.techlusive.in/hi/news/</link>
	<atom:link href='https://www.techlusive.in/rss-feeds/news-hindi.xml' rel='self' type='application/rss+xml' />
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 11:24:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Char Dham Yatra ऑनलाइन बुकिंग Scam, कहीं आपकी बुकिंग भी तो Fake नहीं? ऐसे रहें सेफ]]></title>
		<description>Char Dham यात्रा की शुरुआत के साथ साइबर क्रिमिनल्स भी एक्टिव हो चुके हैं। VIP दर्शन, फ्री हेलीकॉप्टर सर्विस व आखिरी कुछ सीट उपलब्ध होने जैसे लुभावने ऑनलाइन ऑफर्स देकर वो श्रद्धालुओं को अपना शिकार बना रहे हैं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Char Dham Yatra Online Booking Scam</strong>: डिजिटल स्कैमर्स मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए एक भी मौका नहीं छोड़ते। इन दिनों चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। इसी बीच अब साइबर अपराधी लोगों की श्रद्धा का फायदा उठाते हुए उन्हें अलग-अलग तरीकों से ठग रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में कई एडवाइजरी जारी की जा चुकी है जिसमें अधिकारियों ने लोगों को चारधाम यात्रा की ऑनलाइन बुकिंग से सावधान रहने की सलाह दी है। कई साइबर क्रिमिनल्स WhatsApp मैसेज, वेबसाइट व ऐप के जरिए फेक ऑफर्स देकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>साइबर फ्रॉड पर नजर रखने वाले Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए नए Char Dham Yatra Online Booking <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/lpg-scam-alert-new-guidelines-to-curb-otp-fraud-1661848/">Scam</a> की जानकारी दी है। पोस्ट के मुताबिक, स्कैमर्स इन दिनों फेक वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज व कस्टमर केयर नंबर के जरिए लोगों को अपना टार्गेट बना रहे हैं। इन माध्यमों के जरिए स्कैमर्स श्रद्धालुओं को VIP दर्शन, फ्री हेलीकॉप्टर सर्विस व आखिरी कुछ सीट उपलब्ध होने जैसे लुभावने ऑफर का झांसा देखकर ठग रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Planning your Char Dham Yatra? Watch this before making any booking.</p>
</p>
<p>Scammers are targeting people through fake websites, fake customer care numbers, and fake helicopter booking links related to religious yatras.</p>
</p>
<p>For safe bookings:</p>
<p>• Send “Yatra” on WhatsApp to 8394833833 to… <a href="https://t.co/CeiWrU45UG" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/CeiWrU45UG</a></p>
</p>
<p>— CyberDost I4C (@Cyberdost) <a href="https://twitter.com/Cyberdost/status/2054460618607124547?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">May 13, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>साइबर ठग ऐसे बनाते हैं आपको निशाना</h2>
</p>
<p>साइबर क्रिमिनल्स सोशल मीडिया व व्हाट्सऐप के जरिए ऊपर बताए Fake Offers निकालते हैं। कई स्कैमर्स कॉल के जरिए भी आप से कनेक्ट कर सकते हैं और खुद को ट्रैवल एजेंट बताकर आपको ऑफर्स की जानकारी देते हैं। अगर आप ऑफर्स में दिलचस्पी दिखाते हैं, तो वो आपको तुरंत बुकिंग के लिए उकसाएंगे और UPI व QR Code के जरिए पेमेंट करने को कहेंगे। पेमेंट पूरी होने के बाद आपको टिकट भी रिवीस होत है, लेकिन वो टिकट पूरी फेक होगी जिसका इस्तेमाल आप चारधाम यात्रा के दौरान नहीं कर सकेंगे। इसके बाद जब आप उन एजेंट को कॉल करके संपर्क करने की कोशिश करेंगे, तो उनका नंबर नहीं लगेगा।</p>
<h2>ऐसे रहें Safe</h2>
</p>
<div id="attachment_1662166" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Whatsapp-38.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1662166" class="size-full wp-image-1662166" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Whatsapp-38.jpg" alt="" width="1280" height="900" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1662166" class="wp-caption-text">Ai generated image</p>
</div>
</p>
<p><strong>Official WhatsApp Number</strong></p>
</p>
<p>चारधाम यात्रा से जुड़ी ऑफिशियल जानकारी के लिए आपको ऑफिशियल उत्तराखंड टूरिज्म से संपर्क करना होगा। WhatsApp पर कनेक्ट करने के लिए आपको सिर्फ 8394833833 नंबर पर &#8216;Yatra&#8217; लिखकर भेजना होगा। इसके बाद सारी डिटेल्स आपके व्हाट्सऐप के जरिए आप तक पहुंच जाएगी।</p>
</p>
<p><strong>Helicopter Booking</strong></p>
</p>
<p>अगर आप अपनी चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर राइड बुक करना चाहते हैं, तो आप इसकी ऑफिशियल वेबसाइट का रूख कर सकते हैं जो कि http://heliyatra.irctc.co.in है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Scam-6.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[AI Generated image]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/char-dham-yatra-fake-booking-scam-be-aware-of-fraud-offer-messages-websites-calls-how-to-stay-safe-1662163/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/char-dham-yatra-fake-booking-scam-be-aware-of-fraud-offer-messages-websites-calls-how-to-stay-safe-1662163/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 08:14:02 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Google ने AI-Powered Laptop 'Googlebook' की दिखाई झलक, मिलेगा Android और Gemini AI का पावरफुल कॉम्बो]]></title>
		<description>Google जल्द ही अपना नया AI-Powered लैपटॉप &#039;Googlebook&#039; लॉन्च कर सकता है। इस लैपटॉप में Android और Gemini AI का पावरफुल कॉम्बो मिलेगा, जो यूजर्स के काम करने का तरीका बदल सकता है। आइए जानते हैं..</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने नए AI-Powered लैपटॉप &#8216;Googlebook&#8217; की झलक दिखा दी है। यह सिर्फ एक साधारण लैपटॉप नहीं होगा, बल्कि इसमें Android और Gemini AI का ऐसा मेल देखने को मिलेगा जो यूजर्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। Google का कहना है कि यह डिवाइस पुराने Chromebooks से कहीं ज्यादा स्मार्ट अनुभव देगा। कंपनी अब केवल क्लाउड-बेस्ड सिस्टम पर नहीं बल्कि &#8216;AI-first&#8217; यानी इंटेलिजेंस आधारित सिस्टम पर फोकस कर रही है।</p>
<h2><strong>AI की वजह से क्या फायदा मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>Googlebook को खासतौर पर Gemini Intelligence के साथ डिजाइन किया गया है। इसमें Android का सपोर्ट मिलेगा और साथ ही Chrome ब्राउजर जैसा डेस्कटॉप एक्सपीरियंस भी देखने को मिलेगा। इसका मतलब है कि यूजर्स Google Play Store के ऐप्स को लैपटॉप पर इस्तेमाल कर पाएंगे। Google का दावा है कि यह लैपटॉप यूजर्स के काम को पहले से आसान बना देगा। उदाहरण के तौर पर, आपको बार-बार अलग-अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि सिस्टम खुद समझ जाएगा कि आप क्या करना चाहते हैं और उसी हिसाब से सुझाव देगा।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Googlebook-Magic-Pointer.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662063 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Googlebook-Magic-Pointer.jpg" alt="Googlebook Magic Pointer" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>इस लैपटॉप का सबसे खास फीचर क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>इस लैपटॉप का सबसे खास फीचर &#8216;Magic Pointer&#8217; बताया जा रहा है। जब यूजर कर्सर को हिलाएगा, तो Gemini AI स्क्रीन पर मौजूद चीजों के आधार पर सुझाव देना शुरू कर देगा, जैसे अगर किसी ईमेल में मीटिंग की तारीख लिखी हो, तो AI तुरंत उसे कैलेंडर में जोड़ने का ऑप्शन दिखा सकता है। वहीं अगर यूजर कई तस्वीरें चुनता है, तो AI उन्हें जोड़कर नया विजुअल तैयार करने में मदद करेगा। इसके अलावा &#8216;Create Your Widget&#8217; फीचर भी मिलेगा, जिसकी मदद से यूजर अपने हिसाब से कस्टम विजेट बना सकेंगे। यह Gmail, Calendar और दूसरे ऐप्स की जानकारी एक ही जगह दिखाएगा।</p>
<h2><strong>Googlebook की एक और बड़ी खासियत क्या होगी?</strong></h2>
</p>
<p>Googlebook की एक और बड़ी खासियत इसका Android इंटीग्रेशन होगा। यह लैपटॉप सीधे आपके स्मार्टफोन से जुड़कर काम करेगा। Quick Access फीचर की मदद से फोन की फाइलें सीधे लैपटॉप पर खोली जा सकेंगी और अलग से ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा ऐप्स और काम दोनों डिवाइस में सिंक रहेंगे, यानी अगर आप फोन पर कोई काम कर रहे हैं, तो उसी काम को लैपटॉप पर बिना रुकावट जारी रख पाएंगे। Google का मकसद यूजर्स को ऐसा इकोसिस्टम देना है जहां फोन और लैपटॉप एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े हों।</p>
<h2><strong>Googlebook का डिजाइन और हार्डवेयर कितना प्रीमियम होगा?</strong></h2>
</p>
<p>डिजाइन और हार्डवेयर की बात करें तो Googlebook को प्रीमियम लुक और अलग-अलग स्क्रीन साइज में पेश किया जाएगा। Google इस प्रोजेक्ट के लिए Acer, ASUS, Dell, HP और Lenovo जैसी बड़ी कंपनियों के साथ काम कर रहा है। कंपनी ने &#8216;Glowbar&#8217; नाम के एक खास डिजाइन एलिमेंट का भी जिक्र किया है, जो Googlebook लैपटॉप की पहचान बन सकता है। माना जा रहा है कि यह लैपटॉप पतले डिजाइन, बेहतर बैटरी और AI-Based इंटरफेस के साथ आएगा।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-book-Glowbar.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662059 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Google-book-Glowbar.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Googleboo कब लॉन्च होगा?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल Google ने Googlebook की सिर्फ शुरुआती झलक दिखाई है। कंपनी इसके बारे में ज्यादा जानकारी अपने बड़े इवेंट Google I/O 2026 में दे सकती है, जो 20 मई से शुरू होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह लैपटॉप इसी साल बाजार में लॉन्च हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Googlebook.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Googlebook teased as an Android-powered laptop with built-in Gemini AI features. (Image credit: Google)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/googlebook-ai-laptop-google-new-android-gemini-ai-powered-laptop-explained-1662111/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/googlebook-ai-laptop-google-new-android-gemini-ai-powered-laptop-explained-1662111/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 07:34:16 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[BSNL का नया Kavach फीचर लॉन्च, जानें ये क्या है और कैसे करें एक्टिवेट, मिलेंगे फायदें ही फायदें]]></title>
		<description>BSNL ने यूजर्स की प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के लिए नया ‘BSNL Kavach’ फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की मदद से लोग अपना असली मोबाइल नंबर छिपाकर रिचार्ज और दूसरे काम कर सकेंगे। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>BSNL ने यूजर्स की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए एक नया फीचर &#8216;BSNL Kavach&#8217; लॉन्च किया है। यह खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा और निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया गया है। इस फीचर की मदद से यूजर्स अब अपना असली मोबाइल नंबर बताए बिना फोन रिचार्ज और दूसरे काम कर सकेंगे।</p>
<h2><strong>मोबाइल नंबर शेयर करना कितना खतरनाक हो सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>आज के समय में कुछ लोग अब भी लोकल दुकानों या थर्ड-पार्टी एजेंट्स से मोबाइल रिचार्ज करवाते हैं। ऐसे में उन्हें अपना निजी मोबाइल नंबर शेयर करना पड़ता है, जिससे कभी-कभी अनचाहे कॉल्स या डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है। BSNL Kavach इसी परेशानी का समाधान लेकर आया है। यह फीचर यूजर को एक अस्थायी यानी Virtual Mobile Number देता है, जिसे वे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे असली नंबर पूरी तरह छिपा रहता है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Your phone number is personal.</p>
<p>Keep it that way.</p>
</p>
<p>Show your Kavach number at a BSNL store and recharge without revealing your real number.</p>
</p>
<p>BSNL Kavach – Recharge with Privacy.<a href="https://twitter.com/hashtag/BSNLKavach?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#BSNLKavach</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/RechargeSecurely?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#RechargeSecurely</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/WomenSafetyMatters?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#WomenSafetyMatters</a> <a href="https://twitter.com/CMDBSNL?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@CMDBSNL</a> <a href="https://twitter.com/robertravi21?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@robertravi21</a> <a href="https://t.co/U2ZJskiGcW" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/U2ZJskiGcW</a></p>
</p>
<p>— BSNL India (@BSNLCorporate) <a href="https://twitter.com/BSNLCorporate/status/2031303819045515626?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">March 10, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>BSNL Kavach यूजर्स की प्राइवेसी को कैसे बचाता है?</strong></h2>
</p>
<p>BSNL Kavach असल में एक 10 अंकों का वर्चुअल नंबर है, जो यूजर के मुख्य BSNL नंबर से जुड़ा रहता है। जब भी यूजर किसी दुकान या व्यक्ति को रिचार्ज के लिए नंबर देता है, तो वह अपना असली नंबर देने के बजाय यही Kavach नंबर इस्तेमाल कर सकता है। खास बात यह है कि रिचार्ज सीधे यूजर के असली BSNL अकाउंट में ही जुड़ जाएगा। यानी काम भी हो जाएगा और प्राइवेसी भी सुरक्षित रहेगी।</p>
<h2><strong>BSNL Kavach को एक्टिवेट कैसे किया जा सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर को एक्टिवेट करना भी काफी आसान है। यूजर्स BSNL SelfCare App के जरिए Kavach नंबर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ऐप डाउनलोड करके लॉगिन करना होगा और फिर Kavach सेवा के लिए आवेदन करना होगा। इसके अलावा BSNL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी यह सुविधा ली जा सकती है। अगर कोई ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं करना चाहता, तो वह BSNL Customer Care पर कॉल करके भी अपना वर्चुअल नंबर एक्टिवेट करवा सकता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद यूजर को SMS के जरिए उसका Kavach नंबर भेज दिया जाएगा।</p>
<h2><strong>महिलाओं के लिए यह फीचर कितना फायदेमंद है?</strong></h2>
</p>
<p>BSNL का मानना है कि यह फीचर खासतौर पर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। कई बार लोकल दुकानों पर नंबर शेयर करने के बाद अनचाहे कॉल्स या मैसेज आने लगते हैं। Kavach ऐसे मामलों में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत देता है, हालांकि यह सेवा फिलहाल महिलाओं को ध्यान में रखकर पेश की गई है, लेकिन इसका फायदा हर वह व्यक्ति उठा सकता है जो अपनी मोबाइल प्राइवेसी को सुरक्षित रखना चाहता है।</p>
<h2><strong>क्या BSNL Kavach भविष्य में बड़ा प्राइवेसी टूल बन सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>फिलहाल कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि BSNL Kavach सेवा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा या नहीं, लेकिन अगर यह फीचर मुफ्त या कम कीमत में उपलब्ध कराया जाता है, तो यह यूजर्स के बीच काफी फेमस हो सकता है। डिजिटल फ्रॉड और डेटा लीक के बढ़ते मामलों के बीच BSNL Kavach जैसे फीचर्स लोगों को अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने में बड़ी मदद दे सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/BSNL-Kavach.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[BSNL Kavach]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/bsnl-kavach-launches-virtual-mobile-number-feature-for-privacy-and-secure-recharge-1662094/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/bsnl-kavach-launches-virtual-mobile-number-feature-for-privacy-and-secure-recharge-1662094/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 06:40:54 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Android 17 आते ही स्कैमर्स की छुट्टी! Google ने पेश किए खतरनाक सिक्योरिटी फीचर्स]]></title>
		<description>Google ने Android 17 के साथ मोबाइल सिक्योरिटी को पहले से ज्यादा बेहतर बना दिया है। अब यह नया सिस्टम फर्जी बैंक कॉल, UPI स्कैम, चोरी और खतरनाक ऐप्स से यूजर्स को बचाने में मदद करेगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Google ने अपने हालिया इवेंट The Android Show: I/O Edition में Android 17 पेश किया है। इस बार कंपनी का पूरा फोकस सिर्फ AI फीचर्स पर नहीं बल्कि यूजर्स की सुरक्षा पर रहा। Google ने Scam Detection, Banking Fraud Protection, Theft Protection और AI Security जैसे कई नए फीचर्स लॉन्च किए हैं। कंपनी का कहना है कि अब Android सिर्फ एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं रहेगा, बल्कि यह रियल-टाइम सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा जो फर्जी कॉल, ऑनलाइन फ्रॉड और चोरी से यूजर्स को बचाएगा।</p>
<h2><strong>नकली/ बैंक कॉल और UPI स्कैम से Android 17 कैसे बचाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>आज के समय में डिजिटल फ्रॉड तेजी से बढ़ रहे हैं। नकली बैंक कॉल, OTP चोरी, UPI स्कैम, स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड और AI से बनाई गई फर्जी आवाजें लोगों को निशाना बना रही हैं, खासकर भारत जैसे देशों में, जहां करोड़ों लोग मोबाइल बैंकिंग और UPI का इस्तेमाल करते हैं। इसी को देखते हुए Google ने Android 17 में नया Anti-Bank Scam Calling सिस्टम जोड़ा है। अगर कोई स्कैमर बैंक बनकर कॉल करता है, तो Android यह पहचानने की कोशिश करेगा कि कॉल असली है या नकली। अगर सिस्टम को शक होगा, तो वह यूजर को तुरंत चेतावनी देगा।</p>
<h2><strong>ये खास फीचर भी किया पेश?</strong></h2>
</p>
<p>Google ने Android 17 में Live Threat Detection नाम का नया फीचर भी पेश किया है। यह फीचर फोन में मौजूद ऐप्स की एक्टिविटी पर नजर रखेगा। अगर कोई ऐप चोरी-छिपे मैसेज फॉरवर्ड करे, बैकग्राउंड में संदिग्ध काम करे या Accessibility फीचर्स का गलत इस्तेमाल करे, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा। खास बात यह है कि यह सुरक्षा सिर्फ पुराने एंटीवायरस की तरह वायरस ढूंढने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि AI की मदद से संदिग्ध व्यवहार को भी पहचान सकेगी।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-13T101027.616.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662051 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-13T101027.616.jpg" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>क्या Android अब धीरे-धीरे कम ओपन और ज्यादा कंट्रोल्ड बन रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि इन नए सिक्योरिटी फीचर्स के साथ Android धीरे-धीरे कम ओपन भी होता जा रहा है, पहले जहां यूजर्स थर्ड-पार्टी ऐप्स और कस्टम फीचर्स आसानी से इस्तेमाल कर सकते थे, लेकिन अब Google कई ऐप्स के Accessibility Access को सीमित कर रहा है ताकि फ्रॉड रोका जा सके। इसका मतलब यह है कि Android अब धीरे-धीरे Apple के ज्यादा कंट्रोल वाले सिस्टम की तरफ बढ़ रहा है।</p>
<h2><strong>चोरी होने पर Android 17 आपका फोन कैसे सुरक्षित रखेगा?</strong></h2>
</p>
<p>Android 17 में Theft Protection फीचर भी काफी चर्चा में है। अब अगर किसी का फोन चोरी हो जाता है, तो चोर के लिए उसे इस्तेमाल करना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। Google ने &#8216;Mark as Lost&#8217; फीचर जोड़ा है, जिससे फोन चोरी होने के बाद भी सुरक्षित रहेगा। अगर चोर को PIN पता भी हो, तब भी वह आसानी से Tracking बंद नहीं कर पाएगा। Quick Settings छिप जाएंगी और नए Wi-Fi या Bluetooth कनेक्शन ब्लॉक हो जाएंगे। इसके अलावा कई बार गलत PIN डालने पर सिस्टम ज्यादा देर का लॉक लगाएगा, जिससे Brute Force Attack करना मुश्किल होगा।</p>
<h2><strong>फोन असली Android चल रहा है या नकली ये भी कर सकेंगे पता?</strong></h2>
</p>
<p>Google ने Android 17 में Verification System भी पेश किया है, जो यह जांचने में मदद करेगा कि फोन में असली Android चल रहा है या नकली और छेड़छाड़ किया गया वर्जन। कंपनी ने Google Apps के लिए Cryptographic Verification System भी शुरू किया है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-13T100024.789.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Android 17 Shows Google Is Preparing For An AI Scam Epidemic]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/android-17-brings-advanced-scam-detection-theft-protection-ai-security-features-1662087/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/android-17-brings-advanced-scam-detection-theft-protection-ai-security-features-1662087/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 06:09:51 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Airtel ने लॉन्च की नई सर्विस, अब Mobile, WiFi और DTH का आएगा सिर्फ एक बिल, जानें कैसे]]></title>
		<description>Airtel ने ‘One Airtel’ सेवा लॉन्च की है। अब यूजर्स Mobile, WiFi, DTH और IPTV जैसी सभी सेवाओं का सिर्फ एक ही बिल भर सकेंगे। इस सुविधा से अलग-अलग बिल और अकाउंट संभालने की परेशानी खत्म होगी। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Airtel ने भारत में अपनी नई &#8216;One Airtel&#8217; सेवा लॉन्च कर दी है। यह सेवा पहले मौजूद Airtel Black का नया और अपग्रेडेड वर्जन मानी जा रही है। इस नए प्लान के जरिए यूजर्स अब मोबाइल, WiFi ब्रॉडबैंड, DTH और IPTV जैसी सभी सेवाओं को एक ही अकाउंट से जोड़ सकेंगे और हर महीने केवल एक बिल भरना होगा। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए अलग-अलग बिल और अकाउंट संभालने की परेशानी को कम करना है, खासतौर पर उन परिवारों को इसका फायदा मिलेगा जो पहले से Airtel की कई सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>
<h2><strong>कैसे एक ही अकाउंट में जुड़ेंगी मोबाइल, WiFi और DTH सेवाएं?</strong></h2>
</p>
<p>One Airtel सेवा के तहत ग्राहक अपने Airtel पोस्टपेड मोबाइल नंबर के साथ Airtel Xstream Fiber ब्रॉडबैंड, DTH और IPTV कनेक्शन को लिंक कर सकते हैं। इसके बाद सभी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखाई देंगी और यूजर एक जगह से बिल पेमेंट, अकाउंट मैनेजमेंट और सर्विस कंट्रोल कर पाएंगे। कंपनी ने नए यूजर्स के लिए कई ऑफर्स भी दिए हैं। इसमें एक साथ कई सेवाएं लेने पर डिस्काउंट और आसान कस्टमर सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। Airtel का मानना है कि इससे यूजर्स को बेहतर डिजिटल अनुभव मिलेगा और उन्हें अलग-अलग ऐप या अकाउंट संभालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।</p>
<h2><strong>कितना देना होगा एडवांस पेमेंट और क्या मिलेंगे फायदे?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन के लिए कोई एडवांस पेमेंट नहीं देना होगा, लेकिन होम सर्विसेज के लिए कुछ शुरुआती पेमेंट लागू रहेंगे। नए WiFi कनेक्शन और WiFi + IPTV प्लान के लिए 1500 रुपये जमा करने होंगे, वहीं केवल IPTV कनेक्शन और सेकेंडरी टीवी कनेक्शन के लिए 500 रुपये देने होंगे। DTH कनेक्शन के लिए भी 1500 रुपये की राशि तय की गई है। कंपनी के अनुसार यह पैसा इंस्टॉलेशन फीस नहीं है, बल्कि बाद में आने वाले बिलों में एडजस्ट कर दिया जाएगा। यानी ग्राहकों को भविष्य के बिल में उतनी रकम की छूट मिल जाएगी। इसके अलावा योग्य कनेक्शन पर अलग से इंस्टॉलेशन चार्ज भी नहीं लिया जाएगा।</p>
<h2><strong>क्यों तेजी से बढ़ रहा है बंडल डिजिटल सर्विस का ट्रेंड?</strong></h2>
</p>
<p>टेलीकॉम इंडस्ट्री में अब बंडल सर्विसेज का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है और Airtel का यह कदम उसी दिशा में माना जा रहा है। आजकल कंपनियां मोबाइल, इंटरनेट, OTT और टीवी सेवाओं को एक साथ जोड़कर ग्राहकों को लंबे समय तक अपने साथ बनाए रखना चाहती हैं। One Airtel सेवा में ग्राहकों को एक सिंगल बिल, आसान अकाउंट मैनेजमेंट, केंद्रीकृत कस्टमर सपोर्ट और नए यूजर्स के लिए 100 रुपये तक का प्रमोशनल डिस्काउंट भी मिलेगा। माना जा रहा है कि यह सेवा उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी जो घर में Airtel की कई सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं और हर महीने अलग-अलग बिल भरने से बचना चाहते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/11/Airtel-8-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/airtel-launches-one-airtel-service-in-india-single-bill-for-mobile-wifi-dth-iptv-1662081/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/airtel-launches-one-airtel-service-in-india-single-bill-for-mobile-wifi-dth-iptv-1662081/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 05:42:54 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[अगर पृथ्वी के अलावा बाकी ग्रह पर चले जाएं तो इंसान के शरीर का क्या होगा?]]></title>
		<description>हमारा सौरमंडल कई ग्रहों से भरा है, लेकिन पृथ्वी को छोड़कर बाकी सभी ग्रह इंसानों के लिए बेहद खतरनाक हैं। कहीं भयानक गर्मी है, कहीं कड़ाके की ठंड, तो कहीं जहरीली गैसें और भारी दबाव। आइए जानते हैं अगर इंसान इन ग्रहों पर जाए तो उसके शरीर के साथ क्या होगा...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>पृथ्वी हमारे सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जहां इंसान आराम से जिंदा रह सकता है क्योंकि यहां सही Atmosphere, Oxygen और Protective Magnetic Field मौजूद है, लेकिन बाकी सात ग्रह बहुत अलग और खतरनाक हैं। कुछ ग्रहों पर इतनी ज्यादा गर्मी या ठंड है कि इंसान तुरंत मर सकता है, तो कुछ पर हवा इतनी जहरीली या भारी है कि सांस लेना भी नामुमकिन है। कुछ ग्रहों की कोई ठोस सतह ही नहीं है, इसलिए वहां खड़ा होना भी संभव नहीं है। आइए जानते हैं अगर कोई इंसान सौरमंडल के अलग-अलग ग्रहों पर जाए तो उसके शरीर के साथ क्या होगा और वह कितनी देर तक जीवित रह पाएगा&#8230;</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mercury.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662070 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mercury.jpg" alt="Mercury" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Mercury</strong></h2>
</p>
<p>Mercury ग्रह सूरज के सबसे करीब है, इसलिए यहां दिन में बहुत ज्यादा गर्मी होती है, लगभग 800°F तक। यहां कोई Atmosphere नहीं है, सिर्फ बहुत पतली गैसों की परत है, इसलिए सूरज की किरणें सीधे सतह तक पहुंचती हैं। रात में यहां तापमान -290°F तक गिर जाता है, यानी बहुत ज्यादा ठंड। यहां हवा नहीं है, इसलिए इंसान सांस भी नहीं ले सकता। दिन में जलकर और रात में जमकर मरने जैसी स्थिति होती है। इसलिए बुध ग्रह इंसानों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Venus.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662069 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Venus.jpg" alt="Venus" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Venus</strong></h2>
</p>
<p>Venus ग्रह आकार में पृथ्वी जैसा है, लेकिन यहां की स्थिति बहुत खतरनाक है। इसका Atmosphere बहुत घना है और इसमें ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड है। यह गैसें गर्मी को रोक लेती हैं, जिससे यहां तापमान इतना ज्यादा हो जाता है कि सीसा भी पिघल सकता है। यहां हवा इतनी भारी है कि इंसान का शरीर दब सकता है। साथ ही यहां सांस लेना भी नामुमकिन है। अगर कोई इंसान यहां जाए, तो वह गर्मी, दबाव और जहरीली हवा के कारण जिंदा नहीं रह सकता।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mars.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662068 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Mars.jpg" alt="Mars" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Mars</strong></h2>
</p>
<p>Mars ग्रह को भविष्य में इंसानों के रहने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है। यहां गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी का लगभग एक-तिहाई है, इसलिए आप हल्का महसूस करेंगे और ऊंची छलांग लगा सकते हैं, लेकिन यहां हवा बहुत पतली है और ऑक्सीजन बहुत कम है। तापमान दिन में थोड़ा गर्म और रात में बहुत ठंडा हो जाता है। यहां धूल भरी तेज हवाएं भी चलती हैं। इंसानों को यहां रहने के लिए स्पेशल सूट और बंद घरों की जरूरत होगी।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Jupiter.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662067 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Jupiter.jpg" alt="Jupiter" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Jupiter</strong></h2>
</p>
<p>Jupiter सबसे बड़ा ग्रह है और यह एक गैस जाइंट है, यानी इसकी कोई ठोस सतह नहीं है। यह ज्यादातर हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से बना है, जिन्हें इंसान सांस के रूप में नहीं ले सकता। यहां बहुत खतरनाक रेडिएशन होता है जो इंसान को जल्दी नुकसान पहुंचा सकता है। अगर कोई नीचे जाने की कोशिश करे, तो दबाव और तापमान इतना बढ़ जाता है कि जिंदा रहना नामुमकिन है। यह ग्रह इंसानों के लिए पूरी तरह खतरनाक है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Saturn.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662066 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Saturn.jpg" alt="Saturn" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Saturn</strong></h2>
</p>
<p>Saturn भी एक गैस से भरा हुआ ग्रह है और इसकी कोई ठोस जमीन नहीं है। यहां आप नीचे जाते ही गैसों के अंदर गिरते चले जाएंगे। यहां हाइड्रोजन और हीलियम गैसें हैं, जिन्हें सांस नहीं लिया जा सकता। Saturn पर बहुत तेज हवाएं चलती हैं जो 1000 mph से भी ज्यादा हो सकती हैं। अंदर जाने पर दबाव इतना बढ़ जाता है कि कोई भी चीज कुचल सकती है। इसलिए यहां इंसानों का रहना बिल्कुल असंभव है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Uranus-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662065 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Uranus-2.jpg" alt="Uranus " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Uranus</strong></h2>
</p>
<p>Uranus ग्रह बहुत दूर होने की वजह से बेहद ठंडा है। यहां तापमान -320°F तक गिर जाता है। यह एक Ice Giant है जिसमें पानी, अमोनिया और मीथेन मौजूद हैं। यहां बहुत तेज हवाएं भी चलती हैं, जैसे-जैसे आप अंदर जाते हैं, दबाव बहुत बढ़ जाता है। नीचे जाकर तापमान बहुत ज्यादा गर्म भी हो सकता है। यानी यहां पहले ठंड से जमना और फिर अंदर गर्मी से पिघलना दोनों स्थितियां हो सकती हैं।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Neptune.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662064 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Neptune.jpg" alt="Neptune" width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>Neptune</strong></h2>
</p>
<p>Neptune ग्रह भी एक Ice Giant है और बहुत दूर होने के कारण यहां बहुत ठंड है, लगभग -346°F तक। यहां की हवाएं सौरमंडल में सबसे तेज होती हैं, लगभग 1200 mph तक। यहां का वातावरण हाइड्रोजन, हीलियम और मीथेन से बना है, इसलिए यहां सांस लेना संभव नहीं है। अंदर की तरफ जाने पर दबाव और तापमान बहुत बढ़ जाता है, जहां शायद पानी जैसी गर्म परतें मौजूद हो सकती हैं। यह ग्रह भी इंसानों के लिए बहुत खतरनाक है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Space-Survival-Explained.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Space Survival Explained]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/what-happens-to-your-body-on-each-planet-in-the-solar-system-space-survival-explained-1662062/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/what-happens-to-your-body-on-each-planet-in-the-solar-system-space-survival-explained-1662062/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Wed, 13 May 2026 04:41:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[चीन की इस नई टेक्नोलॉजी ने दुनिया को किया हैरान, हवा में ही बन रही है बिजली]]></title>
		<description>चीन ने एक नई टेक्नोलॉजी &#039;Flying Wind Turbine&#039; डेवलप कर दुनिया को चौंका दिया है। यह टरबाइन जमीन पर नहीं बल्कि हवा में उड़कर तेज हवाओं से बिजली बनाती है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>चीन ने एक बार फिर Renewable Energy के क्षेत्र में दुनिया को चौंका दिया है, हाल ही में चीन ने एक &#8216;उड़ने वाली विंड टरबाइन&#8217; (Flying Wind Turbine) का सफल टेस्ट किया है। यह टेक्नोलॉजी बहुत अलग है क्योंकि आम विंड टरबाइन जमीन पर लगती है, लेकिन यह हवा में उड़कर बिजली बनाती है। इसका मतलब है कि यह ऊंचाई पर तेज हवा का इस्तेमाल करके ज्यादा बिजली पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह टेक्नोलॉजी आगे चलकर बड़े स्तर पर सफल हो जाती है, तो बिजली बनाने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। इससे दूर-दराज के इलाकों में, जहां बिजली पहुंचाना मुश्किल होता है, वहां भी आसानी से बिजली मिल सकती है। यह भविष्य में एनर्जी की कमी को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662047 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-1.jpg" alt="Flying Wind Turbine " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>यह उड़ने वाली विंड टरबाइन कैसे काम करती है?</strong></h2>
</p>
<p>इस प्रोजेक्ट को बीजिंग की एक कंपनी Beijing Linyi Yunchuan Energy Technology ने बनाया है। इस सिस्टम का नाम S2000 Airborne Wind Energy System (AWES) रखा गया है। यह सिस्टम एक बड़े एयरशिप (हवा में उड़ने वाले गुब्बारे) जैसा होता है, जो हीलियम गैस से भरा रहता है। इसी वजह से यह हवा में आसानी से तैर सकता है और एक जगह स्थिर भी रह सकता है। इसके अंदर 12 छोटे-छोटे विंड टरबाइन लगाए गए हैं। ये टरबाइन तेज हवा का इस्तेमाल करके बिजली बनाते हैं। यह सिस्टम जमीन से बहुत ऊपर, हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ता है। वहां हवा ज्यादा तेज और लगातार चलती है, इसलिए ज्यादा बिजली आसानी से बनाई जा सकती है।</p>
<h2><strong>इस टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग कितनी सफल रही?</strong></h2>
</p>
<p>इस टेक्नोलॉजी का टेस्ट चीन के सिचुआन प्रांत में किया गया। इस दौरान S2000 एयरशिप को लगभग 2000 मीटर (करीब 6560 फीट) की ऊंचाई तक सफलतापूर्वक उड़ाया गया। टेस्ट में इस सिस्टम ने करीब 385 किलोवॉट-घंटा (kWh) बिजली बनाई। कंपनी का कहना है कि इतनी बिजली एक सामान्य घर को लगभग 2 हफ्ते तक चलाने के लिए काफी होती है। यह परीक्षण दिखाता है कि आने वाले समय में यह टेक्नोलॉजी छोटे स्तर पर बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-2.jpg"><img loading="lazy" class="wp-image-1662046 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-2.jpg" alt="Flying Wind Turbine " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>इस एयरशिप की बनावट कैसी है?</strong></h2>
</p>
<p>इस एयरशिप की बनावट भी काफी खास है। यह लगभग 60 मीटर लंबी और 40 मीटर चौड़ी और ऊंची है। इसका आकार एक बड़े हवाई जहाज या बड़े गुब्बारे जैसा दिखता है। इसके साथ एक लंबी केबल जुड़ी होती है। इसी के जरिए जो बिजली हवा में बनती है, उसे नीचे जमीन तक भेजा जाता है। फिर इस बिजली को पावर ग्रिड से जोड़ दिया जाता है ताकि घरों और शहरों में इस्तेमाल हो सके। इस सिस्टम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बहुत ऊंचाई पर मौजूद तेज और लगातार चलने वाली हवाओं का इस्तेमाल करता है। वहां की हवा जमीन की तुलना में ज्यादा तेज होती है, इसलिए ज्यादा बिजली आसानी से बनाई जा सकती है।</p>
<h2><strong>यह टेक्नोलॉजी किन जगहों के लिए सबसे ज्यादा यूजफुल हो सकती है?</strong></h2>
</p>
<p>एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह टेक्नोलॉजी आने वाले समय में उन जगहों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है, जहां बिजली के तार (ग्रिड) पहुंचाना मुश्किल होता है।</p>
<p>जैसे कि पहाड़ी इलाके, सीमा चौकियां और दूर-दराज के गांव, जहां बिजली पहुंचाना बहुत महंगा और कठिन होता है। इसके अलावा इस टेक्नोलॉजी को पुराने विंड फार्म (जमीन पर लगे पवन टरबाइन) के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे एक तरह का &#8216;3D Energy System&#8217; बन सकता है, जो और भी ज्यादा बिजली पैदा करेगा। इस तरह भविष्य में एनर्जी प्रोडक्शन ज्यादा आसान, सस्ता और प्रभावी हो सकता है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-3.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1662045 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Flying-Wind-Turbine-3.jpg" alt="Flying Wind Turbine " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>इस टेक्नोलॉजी में क्या कमियां हैं?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि इस टेक्नोलॉजी के साथ कुछ समस्याएं भी हैं। सबसे बड़ी चिंता 2000 मीटर लंबी केबल को लेकर है क्योंकि यह हवाई जहाजों की उड़ान के लिए खतरा बन सकती है। इसके अलावा इस सिस्टम की देखभाल और मरम्मत भी आसान नहीं है। अगर कोई तकनीकी खराबी आती है, तो पूरे एयरशिप को वापस जमीन पर लाना पड़ेगा, जो मुश्किल काम है, फिर भी वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इन समस्याओं का हल मिल गया, तो यह उड़ने वाली विंड टरबाइन भविष्य में सस्ती और Renewable Energy का बहुत बड़ा स्रोत बन सकती है। इससे दुनिया तेजी से ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ सकती है।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>उड़ने वाली विंड टरबाइन क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>यह एक नई टेक्नोलॉजी है जिसमें टरबाइन जमीन पर नहीं बल्कि हवा में एक एयरशिप की तरह उड़ती है और तेज हवाओं से बिजली बनाती है।</p>
<h2><strong>यह टरबाइन बिजली कैसे बनाती है?</strong></h2>
</p>
<p>एयरशिप के अंदर लगे छोटे विंड टरबाइन ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा से बिजली प्रोडक्शन करते हैं, जिसे केबल के जरिए नीचे भेजा जाता है।</p>
<h2><strong>क्या यह टेक्नोलॉजी टेस्ट में सफल हो चुकी है?</strong></h2>
</p>
<p>चीन में इसका सफल टेस्ट किया गया है और इसने लगभग 385 kWh बिजली भी बनाई है, जो छोटे घर के लिए कुछ दिनों की जरूरत पूरी कर सकती है।</p>
<h2><strong>यह टेक्नोलॉजी किन जगहों पर ज्यादा यूजफुल होगी?</strong></h2>
</p>
<p>यह दूर-दराज के इलाके, पहाड़ी क्षेत्र और ऐसे स्थानों के लिए यूजफुल होगी जहां बिजली ग्रिड पहुंचाना मुश्किल होता है।</p>
<h2><strong>इसमें सबसे बड़ी समस्या क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>इसकी सबसे बड़ी चुनौती लंबी केबल, हवाई जहाजों सुरक्षा का खतरा और तकनीकी खराबी होने पर पूरे सिस्टम को नीचे लाने की कठिनाई है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/China-Flying-Wind-Turbine.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[China Flying Wind Turbine]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/china-flying-wind-turbine-breakthrough-s2000-airborne-wind-energy-system-test-success-1662041/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/china-flying-wind-turbine-breakthrough-s2000-airborne-wind-energy-system-test-success-1662041/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 12:20:28 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[धरती से 8 अरब Light Years दूर अंतरिक्ष में मिला एक खास सिग्नल, वैज्ञानिकों की खुली रह गई आंखें!]]></title>
		<description>धरती से करीब 8 अरब Light Years दूर वैज्ञानिकों ने एक बेहद ताकतवर माइक्रोवेव सिग्नल खोजा है, जिसे ‘Gigamaser’ नाम दिया गया है। यह खोज इतनी खास है कि वैज्ञानिक भी हैरान रह गए, माना जा रहा है कि यह सिग्नल दो विशाल आकाशगंगाओं की टक्कर से बना और ब्रह्मांड के पुराने रहस्यों को समझने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक ऐसी चीज खोजी है जिसने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है, उन्होंने धरती से करीब 8 अरब Light Years दूर एक बहुत ही तेज और ताकतवर माइक्रोवेव सिग्नल खोजा है। इसे &#8216;Maser&#8217; कहा जाता है, जो लेजर की तरह काम करता है। यह अब तक मिला सबसे दूर और सबसे ताकतवर Maser माना जा रहा है। इसकी रोशनी इतनी ज्यादा तेज है कि वैज्ञानिकों को इसके लिए &#8216;Gigamaser&#8217; नाम की नई कैटेगरी बनानी पड़ी। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिग्नल एक सामान्य तारे से करीब 1 लाख गुना ज्यादा चमकदार है। यह खोज दक्षिण अफ्रीका के शक्तिशाली रेडियो टेलीस्कोप MeerKAT Radio Telescope की मदद से हुई।</p>
<h2><strong>&#8216;Gigamaser&#8217; क्या होता है और यह कैसे बनता है?</strong></h2>
</p>
<p>असल में &#8216;Maser&#8217; एक खास तरह का लेजर होता है, लेकिन यह रोशनी की जगह रेडियो तरंगें छोड़ता है। इन तरंगों को इंसानी आंखों से देखा नहीं जा सकता। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे खास Maser तब बनते हैं जब अंतरिक्ष में दो बहुत बड़ी आकाशगंगाएं आपस में टकराती हैं। टक्कर के दौरान गैसें बहुत ज्यादा दब जाती हैं और कुछ खास Molecule बेहद एक्टिव हो जाते हैं। इसके बाद वे बहुत ताकतवर रेडियो सिग्नल अंतरिक्ष में भेजते हैं। यह नया &#8216;Gigamaser&#8217; HATLAS J142935.3–002836 नाम की गैलेक्सी में मिला है, जहां दो बड़ी आकाशगंगाएं जोरदार तरीके से टकरा रही हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में हमारी Milky Way गैलेक्सी भी दूसरी गैलेक्सी से टकरा सकती है, लेकिन उसका असर इतना खतरनाक नहीं होगा।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Gigamaser-discovery-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1661993 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Gigamaser-discovery-1.jpg" alt="Gigamaser discovery " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>किस्मत ने इस रिकॉर्ड तोड़ स्पेस लेजर की खोज में कैसे मदद की?</strong></h2>
</p>
<p>इस खोज की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें किस्मत का भी बड़ा हाथ रहा। इतनी दूर से आने वाले इस कमजोर सिग्नल को पकड़ना लगभग नामुमकिन था, लेकिन पृथ्वी और उस गैलेक्सी के बीच एक दूसरी गैलेक्सी बिल्कुल सही जगह पर आ गई। उस गैलेक्सी की बहुत ज्यादा गुरुत्वाकर्षण शक्ति ने स्पेस को मोड़ दिया, जिससे यह सिग्नल पहले से कई गुना ज्यादा ताकतवर दिखाई देने लगा। इसे &#8216;Gravitational Lensing&#8217; कहा जाता है। इसी वजह से यह कमजोर सिग्नल दक्षिण अफ्रीका के MeerKAT Radio Telescope तक पहुंच सका। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह खास कॉस्मिक संयोग नहीं होता, तो शायद यह रिकॉर्ड तोड़ &#8216;स्पेस लेजर&#8217; कभी दिखाई ही नहीं देता, सबसे दिलचस्प बात यह है कि हम इस सिग्नल को आज वैसे देख रहे हैं जैसा यह अरबों साल पहले था, जब पृथ्वी भी मौजूद नहीं थी।</p>
<h2><strong>यह खोज ब्रह्मांड और आकाशगंगाओं के बारे में क्या बता सकती है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज हमें ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकती है। दक्षिण अफ्रीका का MeerKAT Radio Telescope दुनिया के सबसे ताकतवर रेडियो टेलीस्कोप में से एक है। यह हर घंटे बहुत बड़ी मात्रा में डेटा इकट्ठा करता है। इस डेटा को समझने के लिए वैज्ञानिक तेज कंप्यूटर और खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में ऐसे कई और &#8216;Gigamaser&#8217; खोजे जा सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे मेसर अक्सर वहां बनते हैं जहां दो आकाशगंगाएं टकराती हैं। इस टक्कर से नए तारों का बनना तेज हो जाता है और बड़े ब्लैक होल भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। इन खोजों से वैज्ञानिक यह समझ पाएंगे कि अरबों साल पहले आकाशगंगाएं कैसे बनीं और समय के साथ उनमें क्या बदलाव आए।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>‘Gigamaser’ आखिर क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>‘Gigamaser’ एक बेहद ताकतवर माइक्रोवेव सिग्नल होता है, जो लेजर की तरह काम करता है लेकिन रोशनी की जगह रेडियो तरंगें छोड़ता है। यह सामान्य Maser से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली होता है।</p>
<h2><strong>यह खास सिग्नल कितनी दूर मिला है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों को यह सिग्नल धरती से करीब 8 अरब Light Years दूर मिला है, जो अब तक खोजे गए सबसे दूर और ताकतवर Maser में से एक माना जा रहा है।</p>
<h2><strong>यह Gigamaser कैसे बना?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिग्नल दो विशाल आकाशगंगाओं की टक्कर के दौरान बना। टक्कर से गैसें दब गईं और कुछ खास Molecule बहुत ज्यादा एक्टिव होकर ताकतवर रेडियो तरंगें छोड़ने लगे।</p>
<h2><strong>इस खोज से वैज्ञानिकों को क्या फायदा होगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस खोज से वैज्ञानिक यह समझ पाएंगे कि अरबों साल पहले आकाशगंगाएं कैसे बनीं, ब्लैक होल कैसे एक्टिव हुए और ब्रह्मांड समय के साथ कैसे बदलता गया।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/Gigamaser-discovery.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Gigamaser discovery
(AI Image)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-discover-record-breaking-gigamaser-8-billion-light-years-away-using-meerkat-telescope-1661988/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/scientists-discover-record-breaking-gigamaser-8-billion-light-years-away-using-meerkat-telescope-1661988/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 09:49:52 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[iOS 26.5 में आए 5 धमाकेदार फीचर्स, अब iPhone चलाना होगा और भी मजेदार]]></title>
		<description>iOS 26.5 अपडेट अब iPhone यूजर्स के लिए जारी हो चुका है और इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। यह अपडेट आपके फोन को पहले से ज्यादा स्मार्ट, सुरक्षित और आसान बनाता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Apple ने आखिरकार iPhone यूजर्स के लिए iOS 26.5 अपडेट जारी कर दिया है और इस बार भी कई ऐसे फीचर्स आए हैं जो आपके फोन को पहले से ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित बना देंगे, भले ही लोगों को लंबे समय से इंतजार किया जा रहा नया Siri नहीं मिला, लेकिन Apple ने इस अपडेट में कई काम की चीजें जोड़ दी हैं। अब RCS मैसेजिंग पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी, Apple Maps और App Store का एक्सपीरियंस भी बेहतर हो गया है। Liquid Glass डिजाइन में छोटे-छोटे बदलाव और नए सिक्योरिटी अपडेट भी देखने को मिल रहे हैं। अगर आपके पास iPhone है, तो यह अपडेट आपके लिए काफी खास साबित हो सकता है।</p>
<h2><strong>End-to-End RCS Encryption</strong></h2>
</p>
<p>iOS 26.5 में Apple ने iPhone और Android यूजर्स के बीच चैट को ज्यादा सुरक्षित बना दिया है। अब RCS मैसेजिंग में End-to-end encryption मिलेगा, यानी आपके मैसेज सिर्फ भेजने और पाने वाले ही पढ़ पाएंगे, बीच में कोई तीसरा व्यक्ति उन्हें नहीं देख सकेगा। इससे फोटो, वीडियो और रिएक्शन शेयर करना पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा।</p>
<h2><strong>Apple Maps में Suggested Places</strong></h2>
</p>
<p>Apple Maps में अब Suggested Places फीचर जोड़ा गया है। यह फीचर आसपास की जगहों, यूजर की हाल की सर्च और ट्रेंडिंग लोकेशन्स के आधार पर सुझाव देगा। अगर आप किसी नए इलाके में हैं, तो ऐप खुद आपको खाने, घूमने या जरूरी जगहों की जानकारी दिखा सकता है, हालांकि इसमें Ads भी दिखाई देंगे।</p>
<h2><strong>App Store में नए Subscription Options</strong></h2>
</p>
<p>अब डेवलपर्स यूजर्स को नया सब्सक्रिप्शन तरीका दे सकेंगे, उदाहरण के लिए अगर किसी ऐप का सालाना प्लान ₹10,000 का है, तो अब यूजर उसे हर महीने थोड़ा-थोड़ा करके चुका सकेगा। इससे लोगों को एक साथ बड़ी रकम खर्च नहीं करनी पड़ेगी, हालांकि यूजर को पूरे 12 महीने का कमिटमेंट देना होगा।</p>
<h2><strong>Magic Accessories Pair करना हुआ आसान</strong></h2>
</p>
<p>iOS 26.5 में एक और शानदार फीचर जोड़ा गया है, जिससे अब Magic Keyboard, Magic Mouse और Magic Trackpad को iPhone या iPad से कनेक्ट करना पहले से बहुत आसान हो गया है। अब यूजर्स को बार-बार Bluetooth सेटिंग्स में जाकर पेयरिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बस इन एक्सेसरीज को USB-C केबल से iPhone या iPad से एक बार कनेक्ट करना होगा। इसके बाद ये अपने आप वायरलेस तरीके से कनेक्ट हो जाएंगी और जब तक आप इस्तेमाल करेंगे, तब तक जुड़ी रहेंगी। इससे टाइपिंग, नेविगेशन और मल्टीटास्किंग आसान और स्मूद हो जाएगी।</p>
<h2><strong>iPhone से Android में Data Transfer बेहतर</strong></h2>
</p>
<p>Apple ने iPhone से Android में डेटा ट्रांसफर को और बेहतर बनाया है। अब यूजर चुन सकते हैं कि उन्हें सिर्फ पिछले 30 दिनों का डेटा भेजना है, पूरे साल का या सभी Message Attachments ट्रांसफर करने हैं। इससे फोटो, वीडियो और फाइल्स को Android फोन में ले जाना ज्यादा आसान और कंट्रोल में हो जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/05/untitled-2026-05-12T114726.152.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[iOS 26.5 brings encrypted Android chats, Maps upgrades and sideloading changes]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/ios-26-5-update-5-amazing-new-features-for-iphone-users-1661942/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/ios-26-5-update-5-amazing-new-features-for-iphone-users-1661942/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 12 May 2026 05:36:21 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या Google सच में हुआ डाउन? कुछ लोगों को Search पर दिखा ‘Server Error’]]></title>
		<description>सोमवार सुबह अचानक Google Search और दूसरी सेवाओं में आई दिक्कत ने भारत में हजारों यूजर्स को परेशान कर दिया। कई लोगों को ‘Server Error’ मैसेज दिखाई दिया, जबकि कुछ यूजर्स के लिए वेबसाइट बहुत धीमी चल रही थी। कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर #GoogleDown ट्रेंड करने लगा और लोगों ने अपनी शिकायतें शेयर करनी शुरू कर दीं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>सोमवार सुबह भारत में अचानक Google की कई सेवाएं ठप पड़ गईं, जिससे हजारों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने शिकायत की कि Google Search सही से काम नहीं कर रहा था और स्क्रीन पर बार-बार ‘Server Error’ मैसेज दिखाई दे रहा था। कई यूजर्स वेबसाइट खोलने की कोशिश करते रहे, लेकिन पेज या तो लोड नहीं हो रहे थे या फिर बहुत धीमी स्पीड से खुल रहे थे। दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सर्च प्लेटफॉर्म में आई इस दिक्कत ने कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी और लोग लगातार अपनी समस्याएं शेयर करने लगे।</p>
<h2><strong>Downdetector पर कितनी शिकायतें आईं?</strong></h2>
</p>
<p>आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector पर भी शिकायतों की बाढ़ आ गई। शुरुआती रिपोर्ट्स में 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुईं, लेकिन कुछ ही देर में यह संख्या तेजी से बढ़ने लगी। सुबह करीब 10:23 बजे तक शिकायतों का आंकड़ा 3300 के पार पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 57% यूजर्स को Google Search इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई, जबकि 28% लोगों ने बताया कि वेब कंटेंट सही तरीके से लोड नहीं हो रहा था। इसके अलावा करीब 11% यूजर्स को वेबसाइट की ओवरऑल फंक्शनिंग में परेशानी आई। इससे साफ संकेत मिला कि यह केवल इंटरनेट या ब्राउजर की सामान्य समस्या नहीं थी।</p>
<h2><strong>इस आउटेज की वजह से क्या-क्या परेशानी आई?</strong></h2>
</p>
<p>इस आउटेज का असर सभी यूजर्स पर एक जैसा नहीं दिखा। कुछ लोग Google Search को पूरी तरह एक्सेस नहीं कर पा रहे थे, जबकि कुछ यूजर्स के लिए वेबसाइट खुल तो रही थी लेकिन रिजल्ट लोड होने में काफी समय लग रहा था। कई लोगों ने बताया कि Search करने के बाद स्क्रीन खाली रह जा रही थी या Error मैसेज दिखाई दे रहा था। यही वजह रही कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर &#8216;Google Down&#8217; तेजी से ट्रेंड करने लगा। यूजर्स ने X और बाकी प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स और पोस्ट शेयर करते हुए अपनी नाराजगी और हैरानी जाहिर की।</p>
<h2><strong>क्या अभी भी Google सर्विस आउटेज है?</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि कुछ समय बाद सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य होती दिखाई दीं, लेकिन Google की तरफ से शुरुआत में इस आउटेज को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह तकनीकी खराबी कितनी देर तक रही और इसकी असली वजह क्या थी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/11/Google-5-2.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/google-down-in-india-thousands-report-server-error-and-search-issues-according-to-downdetector-1661902/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/google-down-in-india-thousands-report-server-error-and-search-issues-according-to-downdetector-1661902/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
</rss>