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	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Mon, 13 Jul 2026 21:10:02 +0000</lastBuildDate>
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	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 10:53:48 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म, Flipkart पर होगी सेल]]></title>
		<description>Lava Virat V1 Series की भारत में लॉन्च डेट आ गई है। यह फोन Flipkart से खरीदा जा सकेगा। आइए जानते हैं इसकी बाकी डिटेल्स...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म हो गई है। इस सीरीज में दो वेरिएंट होंगे एक 5G होगा तो दूसरा 4G। बता दें कंपनी ने लॉन्च से पहले ही इसके कलर्स और डिजाइन रिवील कर दिए हैं। जिसके 4G मॉडल में पीछे की तरफ चौकोर कैमरा मॉड्यूल देखने को मिलेगा। इस मॉडल्यूल में दो कैमरा के साथ LED फ्लैश को जगह दी गई है। इसके अलावा, फोन के बैक पर फ्लैट बैक फ्रेम भी मिलने वाला है। फोन की सेल Flipkart पर उपलब्ध होगी। फ्लिपकार्ट पर फोन की डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो चुकी है, जिसमें फोन की तस्वीर देखने को मिली है। यहां जानें फोन से जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">17 years of trust. Where legacy meets design.</p>
</p>
<p>For India&#8217;s endless dreams. A smartphone you can trust. 🤝</p>
</p>
<p>A new chapter begins with Virat V1 5G.</p>
</p>
<p>Launching on 21st July, 12 PM. Only on Flipkart.<a href="https://x.com/hashtag/ComingSoon?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#ComingSoon</a> <a href="https://x.com/hashtag/Flipkart?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#Flipkart</a> <a href="https://x.com/hashtag/LavaMobiles?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#LavaMobiles</a> <a href="https://x.com/hashtag/ProudlyIndian?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#ProudlyIndian</a> <a href="https://x.com/hashtag/Shaqhataolavauthao?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#Shaqhataolavauthao</a> <a href="https://t.co/GqVFmqiRbp" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/GqVFmqiRbp</a></p>
</p>
<p>— Lava Mobiles (@LavaMobile) <a href="https://x.com/LavaMobile/status/2075833615632519179?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 11, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2><strong>Lava Virat V1 Series India launch date</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने X के जरिए Lava Virat V1 Series की इंडिया लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। यह फोन 21 जुलाई को भारत में दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। फोन की सेल फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध होगी। फ्लिपकार्ट पर फोन को डेडिकेटेड माइक्रोसाइट लाइव हो चुकी है। आपको बता दें अब तक फोन के कैमरा, डिजाइन और कलर्स की जानकारी पता चली है। हालांकि अभी प्रोसेसर, डिस्प्ले, बैटरी और RAM-स्टोरेज जैसी स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है।</p>

<p></p>
<h2><strong>Lava Virat V1 Series Specs</strong></h2>
</p>
<p>Lava Virat V1 Series दो कलर ऑप्शन में दस्तक देगी। इस फोन में ब्लू व गोल्ड कलर ऑप्शन शामिल होंगे। फीचर्स की बात करें, तो इसके 4G मॉडल में 13 मेगापिक्सल का प्राइमरी रियर कैमरा मिलेगा। दोनों वेरिएंट के दाईं तरफ पावर बटन और वॉल्यूम बटन दिए गए हैं। नीचे की ओर USB Type-C पोर्ट, 3.5mm हेडफोन जैक, स्पीकर ग्रिल और माइक्रोफोन भी मिलेगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Lava-Virat-V1-Series.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Lava Virat V1 Series]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/lava-virat-v1-series-india-launch-confirmed-for-21-july-flipkart-sale-design-and-colors-revealed-1668797/</guid>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 09:35:32 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[WhatsApp या फिर Mail के जरिए आया PM Mudra Loan Approval Letter? फीस मांगी तो समझिए Scam है]]></title>
		<description>PM Mudra Loan Scam: क्या आपको भी WhatsApp या फिर Mail पर आया PM Mudra Loan Approval का मैसेज? अगर हां, तो तुरंत हो जाएं सावधान। 5 लाख रुपये के बदल मामूली-सी रकम मांगकर ठगी कर रहे स्कैमर्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>PM Mudra Loan Approval Letter Scam:</strong> मार्केट में इन दिनों नया स्कैम हंगामा मचा रहा है। इस स्कैम की जानकारी खुद सरकार ने दी है और लोगों को इस तरह के स्कैम से बचने की सलाह दी गई है। दरअसल, इन दिनों स्कैमर्स आपको WhatsApp, Mail या फिर Message के जरिए एक Loan Approval Letter भेज रहे हैं, जिसमें दावा किया गया है कि इसे सरकारी स्कीम Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) के तहत पास किया गया है। मैसेज में कहा जाता है कि सरकार आपका 5 लाख तक का लोन अप्रूव कर चुकी है, जिसे प्रोसेस करने के लिए आपको एक मामूली प्रोसेसिंग फीस देनी होगी&#8230;. और यहां से शुरू होता है लोगों को ठगने का प्रोसेस। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>PIB Fact Check ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए इस नए <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/amazon-flipkart-sale-delivery-scam-with-order-stuck-and-pay-extra-know-more-details-1668151/">SCAM</a> की जानकारी रिलीज की है। पोस्ट के मुताबिक, स्कैमर्स इन दिनों सोशल मीडिया के जरिए Loan Approval Letter लोगों को सर्कुलेट कर रहे हैं। इस लेटर को Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) के तहत फैलाया जा रहा है। इस लेटर में दावा किया गया है कि उन्हें 5 लाख तक का सरकारी लोन मिलने वाला है। इस लोन को प्रोसेस करने के लिए उन्हें 350 रुपये की मामूली प्रोसेसिंग फीस देनी होगी।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">🚨 SCAM ALERT!</p>
</p>
<p>A fraudulent &#8216;Loan Approval Letter&#8217; is being circulated in the name of Pradhan Mantri Mudra Yojana, falsely promising disbursal of ₹5,00,000 on payment of a ₹350 processing fee.<a href="https://x.com/hashtag/PIBFactCheck?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#PIBFactCheck</a>:</p>
</p>
<p>❌ The letter is <a href="https://x.com/hashtag/FAKE?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#FAKE</a>.</p>
</p>
<p>✅ MUDRA does NOT provide direct loans to… <a href="https://t.co/hpjghH9xx1" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/hpjghH9xx1</a></p>
</p>
<p>— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) <a href="https://x.com/PIBFactCheck/status/2075934917222174889?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 11, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>पोस्ट में इस लेटर को Fake करार दिया गया है। साथ ही साफ किया गया है कि MUDRA स्कीम के तहत न तो किसी शख्स को और न ही माइक्रो-एंटरप्रेन्योर (Micro-entrepreneur) को सीधे लोन प्रोवाइड किया जाता है। साधारण शब्दों में कहें तो यह स्कीम सीधे लोगों को लोन नहीं देती।</p>
</p>
<p>MUDRA एक रीफाइनेंस एजेंसी है, जो कि बैंको व वित्तीय संस्थाओं को फंड प्रोवाइड करता है।</p>
<h2>मैसेज आने पर क्या करें?</h2>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-50.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668795" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-50.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
</p>
<p>1. अगर आपको भी इस तरह का लोन अप्रूवल लेटर मेल, मैसेज या फिर व्हाट्सऐप के जरिए प्राप्त हुआ है, तो सबसे पहले इस तरह के लेटर पर विश्वास न करें।</p>
</p>
<p>2. इसके अलावा, यदि आपने कहीं लोन के लिए अप्लाई भी किया है तो इस मैसेज पर विश्वास न करें और न ही 350 रुपये की मामूली रकम ट्रांसफर करें।</p>
</p>
<p>3. साथ ही अपनी पर्सनल डिटेल्स व बैंकिंग डिटेल्स किसी के साथ शेयर न करें।</p>
</p>
<p>अगर आपको लोन की जरूरत भी है, तो पहले ऑफिशियल सोर्स से इस जानकारी को कंफर्म करें और तभी आगे बढ़ें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-49.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 05:44:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[सरकार ने OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स को मंत्रालयों में इस्तेमाल करने पर लगाई रोक, जानिए क्या है वजह]]></title>
		<description>देश की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालयों में OpenAI और Anthropic के AI मॉडल्स के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। आइए जानते हैं क्या है इसका कारण...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत सरकार ने मंत्रालयों को OpenAI और Anthropic जैसी विदेशी AI कंपनियों के साइबर सिक्योरिटी मॉडल को इस्तेमाल करने के लिए मना कर दिया है। हालांकि, इसे स्थायी प्रतिबंध नहीं माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) के अंदर आने वाले एक विभाग ने सभी मेमोरेंडम भेजा। जिसमें कहा गया कि इस सब AI मॉडल्स को फिलहाल मंत्रालयों में यूज न किया जाए। सूत्रों के अनुसार, ओपनएआई और एंथ्रोपिक के प्रतिनिधियों ने हाल ही में कई मंत्रालयों के अधिकारियों से मुलाकात की थी। जहां उन्होंने ये प्रस्ताव दिया कि इन AI मॉडल्स को साइबर सिक्योरिटी और बाकी सरकारी कामों में इस्तेमाल किया जाए। लेकिन सरकार का कहना है कि पहले इन टेक्नोलॉजी की सुरक्षा जांच की जाएगी, फिर सरकारी जरूरतों के हिसाब से ही कोई फैसला लिया जाएगा।</p>
<h2><strong>ये एआई मॉडल्स कैसे सरकारी काम में मदद करेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इन AI कंपनियों के अलावा वित्त मंत्रालय ने भी एक प्रस्ताव भेजा था। जिसमें कहा गया था कि Agentic AI और OpenAI के GPT-5.5 मॉडल का इस्तेमाल सरकारी कामों में किया जा सकता है। मंत्रालय ने कहा कि इसकी मदद से कई सरकार के कई काम आसानी से हो सकते हैं। जेसै&#8230;</p>
<ul>
<li>इससे साइबर सुरक्षा और मजबूत की जा सकती है।</li>
<li>किसी सरकारी सिस्टम की खामियां पता लगाई जा सकती हैं।</li>
<li>GPT-5.5 को सुरक्षा से जुड़े कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।</li>
</ul>
<p>लेकिन MeitY ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। सरकार का कहना है कि AI को सरकारी कामों में अपनाने से पहले उसकी सुरक्षा और सभी संभावित जोखिमों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है।</p>
<h2><strong>ओपनएआई और एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स में ऐसा क्या खास है?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>इन दोनों के एडवांस AI मॉडल्स को ज्यादातर बड़ी कंपनियां साइबर सिक्योरिटी के लिए इस्तेमाल करती हैं।</li>
<li>सुरक्षा से जुड़े कई काम बिना इंसानी मदद के किए जा सकते हैं।</li>
<li>इस दोनों AI मॉडल की खासियत है कि ये सॉफ्टवेयर और सिस्टम की खामियों को जल्दी पता लगा लेते हैं।</li>
<li>इनसे आप कोड की जांच और साइबर खतरों का एनालिसिस भी कर सकते हैं।</li>
</ul>
<p>लेकिन MeitY का मानना है कि अगर ये टेक्नोलॉजी गलत हाथों में चली जाए तो इसका इस्तेमाल सरकारी सिस्टम की खामी पता लगाने और साइबर हमलों हो सकते हैं। इसी वजह से इन्हें Dual-Use Technology माना जाता है। यानी ऐसी टेक्नोलॉजी जिसका इस्तेमाल अच्छे और गलत दोनों कामों के लिए हो सकता है।</p>
<h2><strong>स्वदेशी AI मॉडल्स के लिए भारत क्या कर रहा है?</strong></h2>
</p>
<p>सरकार का कहना है कि मंत्रालय और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में विदेशी AI मॉडल्स पर निर्भरता कम होनी चाहिए। इसलिए भारत अपने Sovereign AI पर तैजी से काम रहा है। आपको बता दें, मार्च 2024 में शुरू किए गए IndiaAI Mission के लिए करीब 10,372 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इस मिशन का मकसद खुद के AI बनाना, जरूरी कंप्यूटिंग सिस्टम तैयार करना और डेटा सेंटर बनाना है। देश में Sarvam AI और BharatGen जैसे AI प्रोजेक्ट्स पर भी तैजी से काम हो रहा है।</p>
<h2><strong>AI के इस्तेमाल को लेकर देश में क्या नियम हैं?</strong></h2>
</p>
<p>भारत में AI सिस्टम की खरीद और इस्तेमाल को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी डेटा की सुरक्षा से जुड़े नियम तो मौजूद हैं, लेकिन अभी AI मॉडल का डेटा कहां प्रोसेस होगा, कंपनी कितने समय तक लॉग सुरक्षित रखेगी और मॉडल का डेटा या वेट्स भारत से बाहर स्टोर होंगे या नहीं, इसका कोई सिस्टम नहीं है। इसलिए MeitY का यह फैसला यह संकेत देता है कि सरकार पहले AI के लिए मजबूत नियम और सुरक्षा ढांचा तैयार करना चाहती है। इसके बाद ही OpenAI, Anthropic या किसी बाकी विदेशी AI कंपनी के मॉडल्स को सरकारी साइबर सिक्योरिटी सिस्टम में इस्तेमाल करने का फैसला लिया जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/OpenAI-Anthropic.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[OpenAI Anthropic]]></media:description>
		</media:content>
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		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 13 Jul 2026 07:42:17 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ISRO ने Gaganyaan मिशन की 3 जरूरी टेस्टिंग की पूरी, जानिए कैसे सुरक्षित लौटेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्री]]></title>
		<description>गगनयान मिशन से पहले ISRO ने 3 जरूरी परीक्षण पूरे कर लिए हैं। जिसमें उन्हें बड़ी सफलता मिली हैं। आइए जानते हैं क्या हैं ये टेस्ट और क्यों हैं जरूरी...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>भारत के पहले Human Space Mission Gaganyaan की तैयारी तेजी से चल रही है। ISRO ने 12 जुलाई को बताया कि उसने गगनयान के Crew Module से जुड़े तीन अहम टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। जिसमें आते है&#8230;</p>
<ul>
<li>Crew Module Uprighting System</li>
<li>Service Module</li>
<li>Apex Cover</li>
</ul>
<p>आपको बता दें यह वही कैप्सूल है जिसमें भारतीय एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष जाएंगे और मिशन पूरा होने के बाद सुरक्षित वापस धरती पर आएंगे। इन टेस्ट को इसलिए किया गया है ताकि यह पता चल सके कि यह कैप्सूल किसी भी मुश्किल स्थिति में काम कर रहा है कि नहीं।</p>
<h2><strong>Crew Module Uprighting System क्या होता है?</strong></h2>
</p>
<p>मिशन पूरा होने के बाद Gaganyaan का क्रू मॉड्यूल पैराशूट की मदद से समुद्र में उतरेगा। लेकिन समुद्र की ऊंची लहरों की वजह से कैप्सूल पलट भी सकता है, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को बाहर निकालना और रेस्क्यू टीम के लिए उन्हें सुरक्षित निकालना मुश्किल हो सकता है। इसी समस्या से बचने के लिए ISRO ने Crew Module Uprighting System (CMUS) तैयार किया है। इस सिस्टम में लगे खास एयर बैग दबाव वाली गैस की मदद से कुछ ही सेकंड में फूल जाते हैं और अगर कैप्सूल उल्टा हो जाए तो उसे दोबारा सीधा कर देते हैं। टेस्ट के दौरान यह सिस्टम तय समय के भीतर सफलतापूर्वक काम करता पाया गया।</p>
<h2><strong>Service Module की जांच करना क्यों जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>Gaganyaan में Crew Module के साथ एक Service Module भी होता है। ये दोनों मॉड्यूल एक साथ जुड़े रहें इसके लिए Umbilical Unit का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जब धरती के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करने से पहले इस कनेक्शन का सही समय पर अलग होना काफी जरूरी होता है। अगर यह अलग नहीं हुआ तो मिशन खतरे में पड़ सकता है। बता दें इसरो ने इस सिस्टम का भी सफल परीक्षण कर लिया है।</p>
<h2><strong>Apex Cover का टेस्ट कैसे किया गया?</strong></h2>
</p>
<p>क्रू मॉड्यूल के सबसे ऊपर एक Apex Cover होता है। जो गगनयान में लगे पैराशूट को सुरक्षित रखता है। इसका यूज भी लैगिंग के लिए होता है। जब ये धरती पर वापस आएगा तभी इस कवर को अलग करने के लिए छोटे विस्फोटक थ्रस्टर का इस्तेमाल होगा। इससे कैप्सूल पर काफी दबाव पड़ेगा। इस समस्या को जांचने के लिए ISRO ने करीब 1.75 गुना ज्यादा दबाव डाला। टेस्ट में क्रू मॉड्यूल पूरी तरह सुरक्षित रहा और उसके किसी भी हिस्से को कुछ नहीं हुआ।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/ISRO-Gaganyaan-Crew-Module-Passes-3-Key-Safety-Tests.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ISRO Gaganyaan Crew Module Passes 3 Key Safety Tests]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-gaganyaan-crew-module-passes-3-key-safety-tests-for-india-first-human-space-mission-1668789/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-gaganyaan-crew-module-passes-3-key-safety-tests-for-india-first-human-space-mission-1668789/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 11:23:26 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में रचा इतिहास, पहली बार री-यूजेबल रॉकेट को उड़ाकर सुरक्षित धरती पर उतारा]]></title>
		<description>जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने बार-बार इस्तेमाल होने वाले रॉकेट का सफल लॉन्च और सुरक्षित लैंडिंग टेस्ट किया है। आइए जातने हैं इसके बारे में...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>जापान ने स्पेस टेक्नोलॉजी में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस देश की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA (Japan Aerospace Exploration Agency) ने पहली बार अपने री-यूजेबल रॉकेट यानी बार-बार इस्तेमाल किए जा सकने वाले प्रोटोटाइप का सफल लॉन्च और लैंडिंग टेस्ट पूरा किया है। आपको बता दें ये करीब 10 मीटर की ऊंचाई तक ऊपर गया था और फिर वापस जमीन पर आ गया। इस सफलता के बाद जापान उन देशों की लिस्ट में आ गाय है, जो कम लागत वाले री-यूजेबल रॉकेट बना पाएं हैं। अभी इस क्षेत्र में एलन मस्क की कंपनी SpaceX सबसे आगे मानी जाती है।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों ने क्या कहा?</strong></h2>
</p>
<p>इस प्रोजेक्ट की टेस्टिंग अकिता प्रीफेक्चर के नोशिरो शहर के टेस्ट सेंटर हुई। जहां इसका नेतृत्व ताकाशी इटो ने किया है। इस टेस्टिंग के बाद उन्होंने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहां कि अब एजेंजी इस टेस्ट से मिले सभी डेटा का अच्छे से एनालिसिस करेगी। जिससे भविष्य में ऐसे रॉकेट बनाने में मदद मिलेगी, जो बार-बार इस्तेमाल किए जा सके।</p>
</p>
<div id="attachment_1668740" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Japan-reusable-rocket.jpg"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1668740" class="wp-image-1668740 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Japan-reusable-rocket.jpg" alt="Japan reusable rocket" width="1280" height="720" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1668740" class="wp-caption-text">Japan reusable rocket</p>
</div>
<h2><strong>री-यूजेबल रॉकेट और आम रॉकेट में क्या अंतर होता है?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>आम रॉकेट एक बार लॉन्च होने के बाद दोबारा इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। ये समुद्र में गिर जाते हैं, वायुमंडल में जल जाते हैं या अंतरिक्ष में मलबा बन जाते हैं।</li>
<li>री-यूजेबल रॉकेट का पहला हिस्सा सुरक्षित वापस धरती पर आ जाता है। जो हिस्सा वापस आता है उसे दोबारा उड़ान के लिए यूज किया जा सकता है</li>
<li>रॉकेट का पहला स्टेज सबसे महंगा हिस्सा होता है। इसे दोबारा इस्तेमाल करने से लॉन्च की लागत काफी कम हो जाती है। यही वजह है कि कई अंतरिक्ष एजेंसियां और प्राइवेट कंपनियां इस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं।</li>
<li>SpaceX का Falcon 9 रॉकेट इसी टेक्नोलॉजी पर काम करता है। जिससे एक ही रॉकेट का कई बार इस्तेमाल हो जाता है और अंतरिक्ष मिशन का लागत काफी कम हो जाती हैं।</li>
</ul>
<h2><strong>कितने देशों के पास है ये टेक्नोलॉजी?</strong></h2>
</p>
<p>दुनिया के कई देश री-यूजेबल रॉकेट बनाने में लगे हुए है। अभी ये टेक्नोलॉजी सिर्फ अमेरिका की SpaceX और Blue Origin के पास है। आपको बता दें जापान के अलावा चीन भी री-यूजेबल रॉकेट की सफल लॉन्च और लैंडिंग कर चुका है। इसके अलावा, जापान की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी से साथ-साथ निजी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही हैं। जैसे पिछले साल जून में Honda की एक सहयोगी कंपनी री-यूजेबल रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च और लैंड कराने वाली पहली प्राइवेट कंपनी बनी थी।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/JAXA.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Japan's Reusable Rocket Test Brings It Closer To Lower-Cost Space Missions (Image: AI Generated)]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/japan-successfully-tests-reusable-rocket-prototype-marks-major-space-technology-milestone-1668737/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/japan-successfully-tests-reusable-rocket-prototype-marks-major-space-technology-milestone-1668737/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 12 Jul 2026 06:10:07 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[EPFO 2.01: लाइव हुआ नाया पोर्टल, अब PF निकालना और क्लेम करना होगा आसान, जानिए क्या-क्या बदला]]></title>
		<description>ईपीएफओ 2.01 पोर्टल शुरू हो गया है। इस नए सिस्टम का मकसद PF, क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन जैसी सेवाओं को पहले से ज्यादा आसान और तेज बनाना है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>EPFO 2.01 के जरिए पीएफ अकाउंट, क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। EPFO के मुताबिक,, इसका इस्तेमाल Financial Year 2025-26 के लिए EPF पर मिलने वाले 8.25 प्रतिशत ब्याज को खातों में जमा करने के लिए भी किया जाएगा। बता दें करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये का ब्याज 34 करोड़ से ज्यादा खातों में आने वाले दिनों में भेजा जाएगा। फील्ड लेवल जांच पूरी होने के बाद 15 जुलाई तक पासबुक में इसकी एंट्री दिखाई देगी।</p>
<h2><strong>ईपीएफओ 2.01 का सबसे बड़ा बदलाव क्या होगा</strong></h2>
</p>
<p>अब पूरे देश के EPF रिकॉर्ड एक ही राष्ट्रीय डेटाबेस में रखे जाएंगे। पहले हर क्षेत्रीय EPFO कार्यालय का अलग-अलग डेटाबेस होता था। जिससे रिकॉर्ड ट्रांसफर करने और कई सेवाओं का यूज करने में समय लगता था। अब 120 से ज्यादा पुराने डेटाबेस को मिलाकर एक यूनिफाइड सिस्टम बनाया गया है, जिसमें करीब 34 करोड़ सदस्य खातों को जोड़ा गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों को मिलेगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति ने बेंगलुरु में नौकरी की और बाद में गुरुग्राम चला गया, तो अब उसे अपने पुराने रिकॉर्ड के लिए बेंगलुरु के EPFO कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वह अपने राज्य के किसी भी ऑथराइज्ड EPFO ऑफिस से सेवाएं ले सकेगा।</p>
<h2><strong>नए पोर्टल में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?</strong></h2>
</p>
<p>पहले पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस, सदस्यता की जानकारी, पेंशन से जुड़ी डिटेल और बाकी जरूरी रिकॉर्ड की जानकारी देखने के लिए अलग-अलग सेक्शन या डैशबोर्ड में जाना पड़ता था। वहीं अब ईपीएफओ 2.01 में एक नया यूनिफाइड मेंबर पोर्टल भी दिया गया है। जिसकी मदद से ये सब सुविधाएं एक ही जगह मिल जाएंगी।</p>
</p>
<p>नौकरी बदलने वालों के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। जैसे कि अगर आपका UAN आधार से लिंक है, तो नई नौकरी में आपका PF अकाउंट अपने आप ट्रांसफर हो जाएगा और पूरी सर्विस हिस्ट्री भी अपने आप नए रिकॉर्ड में जुड़ जाएगी।</p>
<h2><strong>नए सिस्टम में क्लेम प्रोसेस आसान होगा</strong></h2>
</p>
<p>नया EPFO सिस्टम क्लेम जमा होने से पहले ही जरूरी जानकारी और दस्तावेजों की जांच करेगा।</p>
<ul>
<li>अगर किसी दस्तावेज में कमी होगी या जानकारी अधूरी होगी, तो इसकी सूचना SMS या EPFO पोर्टल के जरिए पहले ही मिल जाएगी।</li>
<li>नया सिस्टम यह भी बताएगा कि अलग-अलग कैटेगरी में आप अधिकतम कितना पैसा निकाल सकते हैं।</li>
<li>पूरी KYC और सभी शर्तें पूरी करने वाले सदस्यों के 5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम अब ऑटो-सेटलमेंट के जरिए जल्दी निपटाए जाएंगे।</li>
<li>अब EPS पेंशनधारक देश के किसी भी EPFO कार्यालय में जाकर पेंशन से जुड़ी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।</li>
<li>Centralised Pension Payment System (CPPS) के जरिए पेंशनधारक देश के किसी भी बैंक खाते में अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।</li>
</ul>
<h2><strong>EPFO 2.01 के सभी फीचर कब तक शुरू होंगे</strong></h2>
</p>
<p>हालांकि EPFO 2.01 अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। फिलहाल वेबसाइट पर कुछ ही फीचर उपलब्ध हैं और बाकी सुविधाएं धीरे-धीरे आएंगी। इसके अलावा, अगले वित्त वर्ष से ब्याज जमा करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाने की योजना है। भविष्य में UPI के जरिए PF निकालने की सुविधा भी शुरू की जाएगी। फिलहाल ईपीएफओ ने सभी फीचर शुरू होने की कोई तारीख नहीं बताई है, लेकिन मानना है कि इस महीने के अंत तक नई सुविधाएं शुरू हो सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/EPFO-2.01.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[EPFO 2.01]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/epfo-2-01-portal-goes-live-new-pf-claim-transfer-pension-features-explained-1668728/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/epfo-2-01-portal-goes-live-new-pf-claim-transfer-pension-features-explained-1668728/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sat, 11 Jul 2026 08:26:55 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[अब कोई नहीं कर पाएगा आपकी Instagram फोटो का AI से गलत इस्तेमाल, Meta ने बंद किया ये विवादित फीचर]]></title>
		<description>मेटा ने इंस्टाग्राम का एक नए AI फीचर हटा दिया है, क्योंकि इसका भारी विरोध हो रहा था। दरअसल, इसकी मदद से कोई भी आपके पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट में जाकर फोटो को AI बदल सकता था।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मेटा ने फाइनली Muse Image के सबसे विवादित AI फीचर को बंद कर दिया है। इस फीचर की मदद से कोई भी किसी के पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग करके उसकी AI इमेज बना सकता था या उसे बदल सकता था। इसके लॉन्च होते ही सोशल मीडिया पर प्राइवेसी को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया। इसके बाद कंपनी ने माना कि यह फैसला सही नहीं था और अब इस सुविधा को हटा दिया गया है। लेकिन आपको बता दें Muse Image के बाकी AI फीचर पहले के जैसे उपलब्ध रहेंगे।</p>
<h2><strong>कंपनी ने क्या कहा?</strong></h2>
</p>
<p>कंपनी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस फीचर का मकसद लोगों को एक क्रिएटिव टूल देना था और उन्हें यह कंट्रोल देना था कि उनका पब्लिक अकाउंट का कंटेंट AI के लिए इस्तेमाल हो सकता है या नहीं। लेकिन लोगों को ये फीचर बिल्कुल पसंद नहीं आया। यूजर्स से मिले फीडबैक के बाद कंपनी ने इस फीचर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।</p>
<h2><strong>इस AI फीचर को लेकर क्यों विवाद हो रहा था?</strong></h2>
</p>
<p>Muse Image के फोटो टैगिंग फीचर की मदद से आप किसी के भी पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट में जाकर AI की मदद से उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर सकते थे और दूसरी इमेज बना सकते थे। सबसे बड़ी बात थी कि अगर किसी ने आपकी प्रोफाइल का इस्तेमाल करके AI इमेज बनाई, तो उसका कोई नोटिफिकेशन नहीं मिलता था। इतना ही नहीं, ये फीचर डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता था। यानी यूजर्स को खुद सेटिंग्स में जाकर इसे बंद करना पड़ता था।</p>
<h2><strong>इसके बंद होने से क्या बदलाव आया?</strong></h2>
</p>
<p>अब आप किसी के इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग करके उसकी फोटो को AI से बदलने की कोशिश करेंगे, तो चैटबॉट ऐसा नहीं करने देगा। इसके साथ ही मेटा ने इंस्टाग्राम की सेटिंग्स से &#8216;Allow people to reuse your content on Instagram and with AI features on Meta&#8217; वाला ऑप्शन भी हटा दिया है। कंपनी का कहना है कि वह आगे इस AI फीचर्स को और बेहतर बनाने पर काम करेगी।</p>
</p>
<p>इस फीचर का विरोध सिर्फ हम जैसे आम यूजर्स के अलावा हॉलीवुड में टॉम क्रूज, जेंडाया और मेरिल स्ट्रीप जैसे बड़े सितारों का काम संभालने वाली बड़ी एजेंसी Creative Artists Agency (CAA) ने भी किया। एजेंसी का कहना था कि AI में किसी की तस्वीर इस्तेमाल करने की अनुमति डिफॉल्ट रूप से बंद होनी चाहिए, न कि पहले से चालू।</p>
<h2><strong>मेटा के और कौन-से फीचर्स पर हो चुका है विवाद?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>साल 2019 Cambridge Analytica मामले में कंपनी को 5 अरब डॉलर का जुर्माना झेलना पड़ा था। वजह थी यूजर्स के डेटा का गलत इस्तेमाल किया गाय था।</li>
<li>साल 2021 में लोगों की बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा करने के आरोप लगा था। बाद में कंपनी ने फेस रिकॉग्निशन सिस्टम भी बंद कर दिया था।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/Instagram-1.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Meta has removed its controversial Instagram AI image feature]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-removes-controversial-instagram-ai-image-feature-after-privacy-backlash-muse-image-1668704/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-removes-controversial-instagram-ai-image-feature-after-privacy-backlash-muse-image-1668704/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 10:36:19 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ASUS Vivobook 14 और Vivobook 15 लैपटॉप Intel Core 7 Series 3 प्रोसेसर के साथ लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>ASUS Vivobook 14 और Vivobook 15 भारत में लॉन्च हो गए हैं, जिसमें आपको Intel Core 7 Series 3 चिप मिलेगी। लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी इन लैपटॉप के साथ 100GB क्लाउड स्टोरेज भी फ्री दे रही है। जानें कीमत।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ASUS Vivobook 14</strong> और Vivobook 15 लैपटॉप भारत में लॉन्च हो गए हैं। कंपनी ने इन लैपटॉप्स को Intel Core 7 Series 3 प्रोसेसर के साथ पेश किया है। अन्य फीचर्स की बात करें, तो दोनों ही लैपटॉप्स में 17 TOPS तक NPU दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इनमें 720p HD कैमरा मिलता है, जिसके साथ प्राइवेसी शटर मौजूद है। इसमें 42WHrs बैटरी दी गई है। इन लैपटॉप के साथ यूजर्स को ऑन-डिवाइस एआई फीचर्स का एक्सेस मिलेगा। आइए जानते हैं इनकी कीमत, उपलब्धता और फीचर्स से जुड़ी डिटेल्स।</p>
<h2>ASUS Vivobook 14 and Vivobook 15 Price and Availability</h2>
</p>
<p>कंपनी ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/asus-vivobook-15-2026-india-launched-with-intel-core-5-series-3-cpu-price-and-specs-1667933/">Vivobook</a> 15 (X1504MA) को 75,990 रुपये में लॉन्च किया है। इसे आप ASUS Exclusive Stores, Reliance Digital, Croma, Vijay Sales, ASUS eShop, Amazon, Flipkart के जरिए खरीद सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर Vivobook 14 (X1404MA) की कीमत 1,07,990 रुपये है, जिसे आप 26 जुलाई से ASUS Exclusive Stores व ASUS eShop से खरीद सकेंगे। ऑफर की बात करें, तो इन लैपटॉप को खरीदनेवाले ग्राहकों को Microsoft Office Home 2024 और 1 साल तक 100GB OneDrive cloud स्टोरेज फ्री मिलेगी। इनमें आपको Cool Silver, Terra Cotta और Quiet Blue कलर ऑप्शन मिलते हैं।</p>
<h2>ASUS Vivobook 14 and Vivobook 15 Specifications</h2>
</p>
<p>फीचर्स की बात करें, तो Vivobook 14 में आपको 14 इंच की स्क्रीन मिलती है। वहीं, Vivobook 15 में 15 इंच की स्क्रीन दी गई है। ये दोनों ही FHD IPS डिस्प्ले हैं। इनमें आपको 250 Nits ब्राइटनेस मिलती है। साथ ही इनमें 84% screen-to-body ratio दिया गया है। इसके अलावा, ये दोनों ही लैपटॉप मॉडल्स Intel Core 7 350 प्रोसेसर से लैस है, जिसके साथ कंपनी ने NPU दिया है जो कि ऑन डिवाइस एआई टास्क के लिए 17 TOPS डिलीवर करता है।</p>
</p>
<p>इसके साथ आपको 16GB DDR5 RAM व 512GB PCIe 4.0 NVMe SSD स्टोरेज दी गई है। साथ ही लैपटॉप Windows 11 Home पर काम करता है। ग्राफिक्स के लिए इसमें Intel Graphics दिया गया है।</p>
</p>
<p>वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए इन लैपटॉप के फ्रंट में 720p वेबकैम दिए गए हैं। सिक्योरिटी के लिए इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर भी मौजूद है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें आपको USB Type-C, Type-A ports के साथ 3.5mm audio jack भी दिया गया है। इनकी बैटरी 42Wh और 45Wh तक की हैं।</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>फीचर</th>
</p>
<th>ASUS Vivobook 14</th>
</p>
<th>ASUS Vivobook 15</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td><strong>डिस्प्ले</strong></td>
</p>
<td>14-इंच FHD IPS</td>
</p>
<td>15-इंच FHD IPS</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ब्राइटनेस</strong></td>
</p>
<td>250 nits</td>
</p>
<td>250 nits</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो</strong></td>
</p>
<td>84%</td>
</p>
<td>84%</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>प्रोसेसर</strong></td>
</p>
<td>Intel Core 7 350</td>
</p>
<td>Intel Core 7 350</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>NPU (AI Performance)</strong></td>
</p>
<td>17 TOPS (On-device AI)</td>
</p>
<td>17 TOPS (On-device AI)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ग्राफिक्स</strong></td>
</p>
<td>Intel Graphics</td>
</p>
<td>Intel Graphics</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>रैम</strong></td>
</p>
<td>16GB DDR5</td>
</p>
<td>16GB DDR5</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>स्टोरेज</strong></td>
</p>
<td>512GB PCIe 4.0 NVMe SSD</td>
</p>
<td>512GB PCIe 4.0 NVMe SSD</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>ऑपरेटिंग सिस्टम</strong></td>
</p>
<td>Windows 11 Home</td>
</p>
<td>Windows 11 Home</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>वेबकैम</strong></td>
</p>
<td>720p HD</td>
</p>
<td>720p HD</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>फिंगरप्रिंट सेंसर</strong></td>
</p>
<td>हां</td>
</p>
<td>हां</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>पोर्ट्स</strong></td>
</p>
<td>USB Type-C, USB Type-A, 3.5mm Audio Jack</td>
</p>
<td>USB Type-C, USB Type-A, 3.5mm Audio Jack</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td><strong>बैटरी</strong></td>
</p>
<td>42Wh</td>
</p>
<td>45Wh</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-44.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/asus-vivobook-14-and-vivobook-15-india-launched-with-intel-core-series-3-chips-100gb-onedrive-cloud-storage-price-and-specs-1668657/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/asus-vivobook-14-and-vivobook-15-india-launched-with-intel-core-series-3-chips-100gb-onedrive-cloud-storage-price-and-specs-1668657/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 07:26:58 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Netflix सब्सक्रिप्शन FREE पाएं, क्या आपको मिला 30 दिन का Trial सब्सक्रिप्शन? ऐसे करें चेक]]></title>
		<description>Netflix अपने चुनिंदा ग्राहकों के लिए फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर लेकर आई है, जिसका फायदा 30 दिन या फिर 15 दिन के लिए उठाया जा सकता है। अगर आपने भी अभी तक नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन नहीं लिया है, तो यहां जानें इस ऑफर से जुड़ी सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Netflix Free:</strong> ओटीटी के जमाने में अगर आपने अभी तक Netflix का सब्सक्रिप्शन नहीं लिया था, तो अब आपके लिए एक खुशखबरी है। दरअसल, नेटफ्लिक्स कुछ यूजर्स को 30 दिन तक का फ्री नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन प्रोवाइड कर रहा है। कई यूजर्स ने दावा किया है कि उन्हें साइन-अप करते हुए 30-Day Trial Subscription का ऑफर प्राप्त हुआ है, जिसके लिए उन्हें 1 रुपये भी देने की जरूरत नहीं है। ध्यान देने वाली बात यह है कि स्ट्रीमिंग कंपनी ने इस ऑफर को चुनिंदा लोगों व रीजन के लिए लाइव किया है। आपको बता दें, यह पहली बार नहीं है कि कंपनी ने इस तरह का ऑफर निकाला हो। इससे पहले भी कंपनी फ्री ट्रायल ऑफर लेकर आती थी, लेकिन साल 2020 में इस ग्लोबली बंद कर दिया गया था। वहींस, अब 6 साल बाद एक बार फिर कंपनी कथित तौर पर यह ऑफर लेकर आ चुकी है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/games/netflix-fifa-world-cup-launch-edition-game-launching-on-11-june-2026-how-to-play-features-availability-1665126/">Netflix</a> ने अपने Help Centre के जरिए Netflix Free Trial की जानकारी को कंफर्म किया है। पोस्ट के मुताबिक, कंपनी इन दिनों लिमिटेड फ्री ट्रायल ऑफर लेकर आई है, जो कि चुनिंदा देशों में सिर्फ नए यूजर्स को प्रोवाइड किया जाएगा।</p>
</p>
<div id="attachment_1668638" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-42.png"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1668638" class="size-full wp-image-1668638" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-42.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1668638" class="wp-caption-text">Netflix</p>
</div>
</p>
<p>आपको यह ऑफर मिलेगा या नहीं इसे जानने के लिए आपको नया नेटफ्लिक्स अकाउंट बनाना होगा। जैसे ही आप नया अकाउंट क्रिएट करने के लिए साइन-अप करेंगे, तो यदि आप ऑफर के लिए एलिजिबल हुए तो आपको साइन-अप के दौरान ही फ्री ट्रायल का ऑप्शन दिख जाएगा। अगर साइन-अप करते हुए आपको फ्री ट्रायल का ऑप्शन नहीं दिखा, तो इसका मतलब यह है कि आपके डिवाइस या फिर लोकेशन पर फिलहाल यह ऑफर रिलीज नहीं हुआ है।</p>
</p>
<p>ध्यान देने वाली बात यह है कि ट्रायल ड्यूरेशन अकाउंट के आधार पर अलग-अलग भी हो सकती है। जी हां, जहां कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें 30 दिन का फ्री नेटफ्लिक्स ट्रायल मिल रहा है&#8230; तो कुछ लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर करके जानकारी दी कि उन्हें 14 दिन का फ्री ट्रायल प्राप्त हुआ है।</p>
</p>
<div id="attachment_1668639" style="width: 1290px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-43.png"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1668639" class="wp-image-1668639 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-43.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1668639" class="wp-caption-text">reddit</p>
</div>
<h2>How to Check if You Can Claim Free Netflix Trial</h2>
</p>
<p>1. सबसे पहले अपने फोन में Netflix app डाउनलोड कर लें।</p>
</p>
<p>2. इसके बाद नया अकाउंट बनाने के लिए अपना ईमेल आईडी डालें।</p>
</p>
<p>3. आईडी डालने के बाद जब आप साइन-अप करेंगे, तो आपको &#8220;Try 30 days for ₹0&#8221; या फिर &#8220;14-day free trial&#8221; ऑफर दिखेगा। कई यूजर्स को इस दौरान कोई ऑफर नहीं दिखा, जिसका मतलब वो इस ऑफर के लिए एलिजेबल नहीं हैं।</p>
</p>
<p>4. ऑफर चुनने के बाद पेमेंट का जरिया डालें। आप कार्ड व UPI के जरिए ट्रायल खत्म होने के बाद पेमेंट करके सर्विस को आगे इन्जॉय कर सकते हैं।</p>
<h2>Netflix Free trial Offer</h2>
</p>
<p>जैसे कि हमने बताया यह पहली बार नहीं है कि नेटफ्लिक्स ऐसा कोई ऑफर लेकर आया हो। कंपनी 6 साल पहले भी ऐसा ऑफर लेकर आती थी, लेकिन साल 2020 में कंपनी ने इस ऑफर को बंद कर दिया था।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/d24e66e3-3e48-4471-8957-f4e622dfcf55.png' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Ai Generated image]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/apps/netflix-free-30-days-trial-subscription-offer-how-to-get-it-know-full-process-step-by-step-1668637/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/apps/netflix-free-30-days-trial-subscription-offer-how-to-get-it-know-full-process-step-by-step-1668637/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Thu, 09 Jul 2026 08:22:39 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Truecaller के CEO ने आखिर क्यों कहा, भारत में SPAM कॉल्स की समस्या और खराब होने वाली है?]]></title>
		<description>Truecaller और TRAI दोनों ही Anti-Spam System के कारण अब एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं। ट्रूकॉलर के CEO ने एक बड़ा नोट लिखकर ट्राई के फैसले पर अपनी नराजगी जाहिर की है। यहां पढ़ें पूरी खबर।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>TRAI</strong> और Truecaller इन दिनों Anti-Spam System की वजह से आमने-सामने खड़ हो चुके हैं। डिजिटल इंडिया में पिछले काफी समय से स्पैम व फ्रॉड कॉल्स की समस्या देखने को मिल रही है। इसी से लड़ने के लिए ट्राई नए-नए नियम लेकर आता रहता है। कुछ समय पहले ही ट्राई एक नया नियम लेकर आया था, जिसमें कमर्शियल कम्युनिकेशन के लिए एक स्पेशल नंबर सीरीज 1400 और 1600 पेश की गई थी। जो भी बिजनेस, टेलीमार्केटिंग या फिर सर्विस कॉल होंगी.. उनका नंबर 1400 या फिर 1600 से शुरू होगा। ट्राई का कहना था कि इस तरह यूजर्स असली बिजनेस कॉल्स को पहचान सकेंगे। हालांकि, Truecaller इससे इतेफाक नहीं रखता। ट्रूकॉलर का कहना है कि इस तरह की सीरीज का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और स्पैम कॉल्स के केस पहले से ज्यादा बढ़ गए हैं। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
</p>
<p>Truecaller के CEO Rishit Jhunjhunwala ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए <a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/trai-dnd-app-launched-block-spam-calls-promotional-sms-easily-1666325/">TRAI</a> के फैसले पर अपना विरोध जाहिर किया। इस पोस्ट की शुरुआत करते हुए उन्होंने जनता से एक सवाल पूछा&#8230; क्या आपने कभी सोचा है कि Spam Call भारत इतने बढ़ते क्यों जा रहे हैं? असल में यह स्थिति और भी ज्यादा खराब होने वाली है&#8230; यहां जानें कैसे।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Wondering why spam calls have increased SIGNIFICANTLY in India recently? Well, it&#8217;s actually going to get worse, here’s why:</p>
</p>
<p>In late 2025, TRAI enforced businesses to call consumers using 140 (for telemarketing calls) and 1600 (for BFSI companies to make service/transaction… <a href="https://t.co/Gy5ykiBxrL" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/Gy5ykiBxrL</a></p>
</p>
<p>— Rishit Jhunjhunwala (@rishj) <a href="https://x.com/rishj/status/2074765090813854114?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">July 8, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>इसके बाद उन्होंने बताया कि साल 2025 के अंत में TRAI ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें टेलीमार्केटिंग कॉल के लिए 1400 नंबर सीरीज और कंपनियों द्वारा सर्विस कॉल के लिए 1600 नंबर सीरीज इस्तेमाल करने को कहा गया था। यह सुनने में भले ही अच्छा लग रहा हो, लेकिन असल में समस्या तब उत्पन्न हुई जब ट्राई ने ट्रूकॉलर को भी आदेश किया कि वो इस नंबर सीरीज को SPAM लेबल के साथ लिस्ट न करें।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-34.png"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668533" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/story-34.png" alt="" width="1280" height="720" /></a></p>
<h2>8 महीनों में लाखों कॉल्स हुई Block</h2>
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<p>ट्रूलकॉलर ने ट्राई के इस फैसले पर अपनी नराजगी भी जाहिर की और बताया कि 1400 और 1600 नंबर सीरीज से आने वाली स्पैम कॉल्स का सिलसिला बढ़ता चला गया। 1 दिन में इन दोनों ही नंबर सीरीज के 51 मिलियन फोन कॉल्स को यूजर्स द्वारा इग्नोर किया जाता है। ट्रूकॉलर के डेटा की मानें, तो 1400 नंबर सीरीज से आने वाली कॉल्स को पिछले 8 महीने में 81 प्रतिशत यूजर्स द्वारा इग्नोर किया गया है। वहीं, 1600 सीरीज वाली कॉल को 79 प्रतिशत यूजर्स द्वारा उठाया नहीं गया है। अभी की बात करें, तो ट्रूकॉलर यूजर्स 1400 सीरीज के नंबर वाली 4 लाख से ज्यादा कॉल्स को ब्लॉक कर चुके हैं। वहीं, 1600 सीरीज वाली कॉल्स के साथ यह आंकड़ा 1.25 लाख का है।</p>
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<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/HMsKDtxbIAADWGw.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone size-full wp-image-1668530" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/07/HMsKDtxbIAADWGw.jpg" alt="" width="1216" height="812" /></a></p>
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<p>इसी के साथ उन्होंने अंत में ट्राई के लेटेस्ट मांग की भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने MEITY को कहा है कि कॉलर आईडी ऐप्स को कहा जाए कि 1400/1600 नंबर्स की जानकारी डिस्प्ले न करें। झुनझुनवाला का कहना है कि ट्रूकॉलर जैसे प्लेटफॉर्म हर दिन भारतीयों को स्पैम कॉल्स से बचने में मदद करते हैं। ऐसे में इस तरह की पाबंदी लगाना.. सीधे तौर पर गलत काम करने वालों को फायदा पहुंचाना है।</p>
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		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
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