<?xml version='1.0' encoding='UTF-8' ?><!-- generated-on='April 28, 2026 8:30 am' -->
<rss version='2.0' xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' xmlns:content='http://purl.org/rss/1.0/modules/content/'
	xmlns:wfw='http://wellformedweb.org/CommentAPI/' xmlns:dc='http://purl.org/dc/elements/1.1/'
	xmlns:atom='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:sy='http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/'
	xmlns:slash='http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/'>
  <channel>
	<title><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></title>
	<description><![CDATA[Latest Technology &amp; Gadgets - News in Hindi | News &amp; Reviews on Gadgets, Smart Phones, Mobile Apps &amp; Gaming | टेक न्यूज़ इन हिंदी | TECHLUSIVE.in Hindi]]></description>
	<lastBuildDate>Tue, 28 Apr 2026 08:30:04 +0000</lastBuildDate>
	<link>https://www.techlusive.in/hi/news/</link>
	<atom:link href='https://www.techlusive.in/rss-feeds/news-hindi.xml' rel='self' type='application/rss+xml' />
	 <item>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 07:59:56 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[बिना OTP के खाली हो रहे बैंक अकाउंट, स्कैम के नए तरीके AEPS से रहें सावधान]]></title>
		<description>AEPS Scam: साइबर क्रिमिनल्स मासूम लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके लेकर आ रहे हैं। इन दिनों एक नए तरह का स्कैम मार्केट में हो रहा है, जिसमें बिना OTP शेयर करें सामने वाला का बैंक अकाउंट खाली हो रहा है। यहां जानें इस स्कैम से जुड़ी सभी डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>AEPS Scam:</strong> डिजिटल दौर में स्कैमर्स मासूम लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीकें निकाल रहे हैं। साइबर फ्रॉड को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती जा रही है। बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई जानता है कि अनजान फोन कॉल व किसी अन्य शख्स के साथ OTP शेयर नहीं करना है। ओटीपी शेयर करने की वजह से वो स्कैम का शिकार हो सकते हैं। हालांकि, बढ़ती जागरूकता को देखते हुए स्कैमर्स दो कदम आगे बढ़ गए हैं। हाल ही में Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने एक नए तरह के स्कैम की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए दी है। इस स्कैम के तहत स्कैमर्स बिना OTP व बैंक कार्ड के भी आपको बैंक अकाउंट खाली कर सकते हैं। दरअसल, इन दिनों स्कैमर्स लोगों को ठगने के लिए एक नया तरीका AEPS का सहारा ले रहे हैं। आइए जाने क्या है यह AEPS स्कैम और इससे कैसे बचें।</p>
</p>
<p>Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) ने अपने ऑफिशियल X हैंडल के जरिए AEPS स्कैम की जानकारी दी है। AEPS (<a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/fake-aadhaar-pan-scam-how-to-check-ai-made-aadhaar-card-and-pan-card-with-these-tips-1659503/">Aadhaar</a> Enabled Payment System) एक ऐसा सिस्टम है, जहां आप आधार नंबर और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए बैंक ट्रांसजेक्शन कर सकते हैं। हालांकि, इन दिनों स्कैमर्स इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल करके मासूम लोगों को ठग रहे हैं और उनका बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="et">Bina OTP, bina card &#8211; kya sach mein aapka bank account khali ho sakta hai?</p>
</p>
<p>Aajkal scammers ek naya tareeka use kar rahe hain &#8211; AEPS (Aadhaar Enabled Payment System)</p>
</p>
<p>Iss system mein Aadhaar number aur face authentication ke through transactions kiye ja sakte hain</p>
</p>
<p>Problem tab… <a href="https://t.co/x0K5uZqEmf" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/x0K5uZqEmf</a></p>
</p>
<p>— CyberDost I4C (@Cyberdost) <a href="https://twitter.com/Cyberdost/status/2048662269068984518?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 27, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<h2>कैसे होता है AEPS (Aadhaar Enabled Payment System) स्कैम?</h2>
</p>
<p>AEPS स्कैम के तहत स्कैमर्स आपकी आधार डिटेल्स हालिस करते हैं। इसके बाद अगली तलाश आपकी फोटो की होती है। इसके लिए वो आपके पब्लिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। फोटो पाने के बाद वह AI की मदद से उस फोटो से आपका फेक फेस क्रिएट करते हैं।</p>
</p>
<p>फेक फेस व आधार नंबर हासिल होने के बाद वह बड़ी ही आसानी से AEPS (Aadhaar Enabled Payment System) स्कैम को अंजाम देकर आपका अकाउंट खाली कर सकते हैं। इस पूरे प्रोसेस में न तो किसी OTP की जरूरत पड़ती है&#8230; न ही आपको कोई कॉल आता है। बैंक ट्रांजेक्शन होने के बाद आपके पास मैसेज आता है और आपको पता चलता है कि आपका बैंक अकाउंट खाली हो चुका है।</p>
<h2>AEPS स्कैम से कैसे बचें?</h2>
</p>
<p><strong>मास्क आधार कार्ड</strong></p>
</p>
<p>इस तरह के स्कैम से बचकर रहने के लिए सबसे जरूरी कदम है कि किसी भी जगह अपना आधार कार्ड न दें। यदि किसी तरह आधार कार्ड की जरूरत पड़ रही है, तो मास्क आधार कार्ड का इस्तेमाल करें। इस तरह के कार्ड पर आपका पूरा आधार नंबर नहीं बल्कि आखिरी के 4 डिजिट ही होते हैं।</p>
</p>
<p><strong>बायोमैट्रिक लॉक करें</strong></p>
</p>
<p>आधार कार्ड में मौजूद बायोमैट्रिक्स को भी लॉक करना बेहद जरूरी है। आप UIDAI की साइट पर जाकर अपने बायोमैट्रिक्स को लॉक कर सकते है, जिसके बाद कोई दूसरा शख्स आपके फेस व फिंगरप्रिंट आदि को एक्सेस नहीं कर सकेंगे।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Scam-5.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/what-is-aeps-scam-without-otp-scammers-wipes-your-bank-account-1659709/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/what-is-aeps-scam-without-otp-scammers-wipes-your-bank-account-1659709/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Tue, 28 Apr 2026 04:42:05 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ISRO का बड़ा कदम, जल्द आम नागरिक भी कर पाएंगे अंतरिक्ष की यात्रा]]></title>
		<description>ISRO भविष्य में आम लोगों को अंतरिक्ष में भेजने वाला है। एजेंसी ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए नागरिकों को कठिक चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा और लंबी ट्रेनिंग करनी होगी।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>ISRO (Indian Space Research Organization)</strong> ने भारत को स्पेस और साइंस के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। इसके तहत Gaganyaan Mission के जरिए भविष्य में आम नागरिकों को भी अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। पहले चरण की सफलता के बाद दूसरे चरण में सिविलियन एस्ट्रोनॉट्स के चयन की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जा सकता है। इसके लिए उम्मीदवारों को कठिन चयन प्रक्रिया और 4 वर्ष की ट्रेनिंग से गुजरना होगा।</p>
<h2>अंतरिक्ष में जाना होगा संभव</h2>
</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/isro-roadmap-gaganyaan-to-india-space-station-revealed-check-here-1639083/">इसरो</a> </strong>की एस्ट्रोनॉट सिलेक्शन कमेटी ने सिविलियन्स को स्पेस मिशन से जोड़ने की सिफारिश की है। इस योजना से भविष्य में लोग अंतरिक्ष की यात्रा कर सकेंगे। एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स खुलने से सिर्फ फाइटर पायलट नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी स्पेस में जाने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि इस योजना से भारत स्पेस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा और नई ऊंचाइयों को भी छुएगा।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/12/ISRO-LVM3-Launch.png"><img loading="lazy" class="wp-image-1634153 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2025/12/ISRO-LVM3-Launch.png" alt="" width="1200" height="900" /></a></p>
</p>
<p>भारत के पहले मानव मिशन गगनयान की सफलता के बाद अब नागरिकों को इस खास प्रोग्राम में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पहले चरण में वायुसेना के पायलट को चुना गया है। दूसरे चरण में आम नागरिकों को चुना जाएगा। हालांकि, चुने गए उम्मीदवार को टफ ट्रेनिंग से गुजरना होगा।</p>
<h2>साइंस और टेक बैकग्राउंड वाले लोगों को मिलेगा मौका</h2>
</p>
<p>रिपोर्ट में आगे बताया गया कि दूसरे चरण में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स बैकग्राउंड वाले लोगों को चुना जाएगा। इनके साथ छह पायलट भी होंगे, जो वायुसेना से होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फील्ड से आने वाले लोगों के बीच तालमेल बेहतर होगा और संतुलन बना रहेगा। इस कदम से मिशन के सफल होने की संभावना 100 प्रतिशत हो जाएगी।</p>
<h2>योग्यता</h2>
</p>
<p>अंतरिक्ष मिशन के लिए उम्मीदवारों के पास विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि होना जरूरी है। इसके साथ ही शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और कठिन परिस्थितियों में कार्य करना आना अनिवार्य है।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2023/08/isro-2.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1403769 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2023/08/isro-2.jpg" alt="" width="1200" height="675" /></a></p>
<h2>भविष्य की तैयारी</h2>
</p>
<p>रिपोर्ट्स की मानें, तो भारत स्पेस स्टेशन खोलने की तैयारी अभी से कर रहा है, जहां से अंतरिक्ष में रहकर रिसर्च की जा सकेगी। इसके लिए काफी संख्या में एस्ट्रोनॉट्स की जरूरत पड़ेगी, जिसमें सिविलियन्स को जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे भारत को दुनिया में अलग पहचान मिलेगी और नागरिकों का भी विकास होगा।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/01/untitled-2026-01-13T095426.416.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-astronaut-cadre-open-for-public-for-gaganyaan-mission-check-detail-1659639/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/isro-astronaut-cadre-open-for-public-for-gaganyaan-mission-check-detail-1659639/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:08:31 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Dell XPS 14 और XPS 16 धांसू फीचर्स के साथ भारत में लॉन्च, जानें कीमत]]></title>
		<description>Dell के दो शानदार लैपटॉप ने भारतीय बाजार में दस्तक दे दी है। इन दोनों में सीमलेस फंक्शनिंग के लिए इंटेल कोर अल्ट्रा सीरीज 3 के प्रोसेसर दिए गए हैं। इनकी बैटरी भी पावरफुल है।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Dell</strong> ने अपने दो खास लैपटॉप Dell XPS 14 और XPS 16 को भारत में लॉन्च कर दिया है। इन दोनों लैपटॉप में सीमलेस फंक्शनिंग के लिए Intel Core Ultra series 3 के प्रोसेसर और 32GB रैम दी गई है। इनमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए 8MP का वेबकैम और क्वाड स्पीकर मिलते हैं, जो Dolby Atmos से लैस हैं। इसके अलावा, लैपटॉप में OLED डिस्प्ले और यूएसबी टाईप-सी, ऑडियो जैक, वाई-फाई जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। आइए जानते हैं डेल के नए लैपटॉप की कीमत और स्पेसिफिकेशन&#8230;</p>
<h2>Dell XPS 14</h2>
</p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">Feature</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Details</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Model</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Dell XPS 14</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Display</td>
</p>
<td style="width: 50%;">14-inch</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Display Support</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Dolby Vision, HDR</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Refresh Rate</td>
</p>
<td style="width: 50%;">120Hz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Webcam</td>
</p>
<td style="width: 50%;">8MP</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Processor</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Intel Core Ultra 7 355 / Intel Core Ultra X7 358H</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Storage</td>
</p>
<td style="width: 50%;">1TB SSD</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Operating System</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Windows 11 Home</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Touchpad</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Haptic glass</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/dell-15-2026-launched-in-india-price-features-and-full-details-1658302/">डेल</a> एक्सपीएस 14 में 14 इंच का 2के रेजलूशन वाला InfinityEdge डिस्प्ले है, जिसका रिफ्रेश रेट 120 हर्ट्ज है। इसमें Dolby Vision मिलता है। इसमें विंडो हेलो और एचडीआर सपोर्ट करने वाला 8एमपी का वेबकैम दिया गया है। इसमें डॉल्बी एटमॉस से लैस क्वाड स्पीकर मिलते हैं। इनका आउटपुट 10 वॉट है।</p>
</p>
<p>फास्ट वर्किंग और मल्टी-टास्किंग के लिए लैपटॉप में Intel Core Ultra 7 355 और Intel Core Ultra X7 358H चिपसेट मिलती है। इसके साथ 32GB की LPDDR5x रैम और 1TB की एसएसडी स्टोरेज दी गई है। यह <strong><a href="https://www.techlusive.in/hi/news/google-rollout-new-ai-powered-app-for-windows-with-ai-mode-and-system-wide-search-1657442/">विंडोज</a></strong> 11 होम ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।</p>
</p>
<p>इस लैपटॉप में हैप्टिक ग्लास टचपैड है। स्मूथ कनेक्टिविटी के लिए तीन थंडरबोल्ट चार यूएसबी टाईप-सी पोर्ट, ऑडियो जैक, वाईफाई 7 और ब्लूटूथ 6.0 दिया गया है। इसकी बैटरी 70Wh की है। इसे 100 वॉट के चार्जर से चार्ज किया जा सकता है।</p>
</p>
<p>Dell XPS 16</p>
<table style="border-collapse: collapse; width: 100%;">
<tbody>
<tr>
<td style="width: 50%;">Feature</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Detail</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Model</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Dell XPS 16</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Display</td>
</p>
<td style="width: 50%;">16-inch</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Refresh Rate</td>
</p>
<td style="width: 50%;">120Hz</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Processor</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Intel Core Ultra X7 358H</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Battery</td>
</p>
<td style="width: 50%;">70Wh</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">OS</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Windows 11 Home</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Webcam</td>
</p>
<td style="width: 50%;">8MP</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td style="width: 50%;">Touchpad</td>
</p>
<td style="width: 50%;">Haptic glass</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>एक्सपीएस 16 Intel Core Ultra X7 358H प्रोसेसर और Intel AI Boost NPU के साथ आता है। इस लैपटॉप में 16 इंच का OLED InfinityEdge टच डिस्प्ले है। इसका रिफ्रेश रेट 20 हर्ट्ज से 120 हर्ट्ज है। इसे Dolby Vision का सपोर्ट दिया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए लैपटॉप में 8MP का वेबकैम भी मिलता है।</p>
</p>
<p>इस लैपटॉप में डुअल-Array माइक्रोफोन और क्वाड स्पीकर दिए गए हैं। ये स्पीकर डॉल्बी एटमॉस से लैस हैं। इसकी रैम 32 जीबी LPDDR5x है। इसमें 1 टीबी तक की एसएसडी स्टोरेज दी गई है। इसके अलावा, बैकलिट की-बोर्ड मिलता है। इसमें 70Wh की बैटरी दी गई है, जिसे 100W के चार्जर से चार्ज किया जा सकता है।</p>
</p>
<p>फोन कनेक्ट करने के लिए लैपटॉप में ब्लूटूथ और यूएसबी टाईप-सी पोर्ट मिलते हैं। इसका वजन 1.65 किलोग्राम है।</p>
<h2>कितनी है नए लैपटॉप की कीमत ?</h2>
</p>
<p>कंपनी के अनुसार, Dell XPS 14 लैपटॉप की कीमत 2,05,990 रुपये रखी गई है, जबकि Dell XPS 16 लैपटॉप 2,78,550 रुपये में मिल रहा है। इस पर HDFC, SBI और ICICI बैंक की ओर से 15000 रुपये तक का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसे कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट, स्टोर और रिटेल आउटलेट से खरीदा जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/dell.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/dell-xps-14-xps-16-launched-in-india-price-specifications-1659508/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/dell-xps-14-xps-16-launched-in-india-price-specifications-1659508/</link>
		<dc:creator><![CDATA[ajay verma]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Mon, 27 Apr 2026 09:45:44 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Fake Aadhaar-PAN Scam: AI से फेक आधार कार्ड-पैन कार्ड बनवा रहे धोखेबाज, सिर्फ 1 QR कोड से करें असली और नकली की पहचान]]></title>
		<description>Fake Aadhaar PAN Scam: इन दिनों AI की मदद से ठग लोग फेक आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाकर धोखाधड़ी कर रहे हैं। सिर्फ 1 क्यूआर कोड से कर सकेंगे असली व नकली की पहचान। जानें यहां।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Fake Aadhaar-PAN Scam:</strong> डिजिटल दौर में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल काफी आम हो गया है। लोग सिर्फ अपने सवालों के जवाब पाने के लिए ही नहीं बल्कि अपने कई कामों को पूरा करने के लिए एआई का इस्तेमाल जमकर कर रहे हैं। इतना ही नहीं ठग अब एआई के जरिए धोखाधड़ी व लोगों को ठगने का काम भी करने लगे हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि लोग अब एआई के जरिए फर्जी सरकारी दस्तावेज बनवा रहें हैं। इसमें फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट व वोटर आईडी कार्ड आदि शामिल है। रिपोर्ट्स की मानें, तो स्कैमर्स ChatGPT Image 2.0 का इस्तेमाल करके इस तरह के फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवा रहे हैं, जो कि देखने में हूबहू ऑरिजनल डॉक्यूमेंट्स जैसे लगते हैं।</p>
<h2>AI से बनवाई Fake ID</h2>
</p>
<p>पॉपुलर माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर एक यूजर ने <a href="https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-find-cheapest-flights-using-chatgpt-ai-travel-planning-made-easy-1659179/">ChatGPT</a> की मदद से ऐसी ही फेक आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाएं हैं, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे ChatGPT आसानी से आधार कार्ड व पैन कार्ड जनरेट करके दे रहा है, जो कि सच में एक बेहद ही गंभीर सिक्योरिटी रिस्क है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">ChatGPT is generating fake Aadhaar and PAN cards instantly, which is a serious security risk.</p>
</p>
<p>This is why AI should be regulated to a certain extent.<a href="https://twitter.com/sama?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@sama</a> <a href="https://twitter.com/OpenAI?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">@OpenAI</a> <a href="https://t.co/4bsKWEkJGr" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/4bsKWEkJGr</a></p>
</p>
<p>— Yaswanth Sai Palaghat (@yaswanthtweet) <a href="https://twitter.com/yaswanthtweet/status/1908043043715842276?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 4, 2025</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>इस तरह के फर्जी दस्तावेजों से डिजिटल धोखाधड़ व फ्रॉड के केसों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा, यदि आप किराएदार हैं और किसी को अपना घर किराए पर रहने के लिए दे रहे हैं&#8230; तो भी आपको सतर्क हो जाना चाहिए। लोग इस तरह से फर्जी आधार कार्ड बनवा कर आपको धोखा दे सकते हैं। अगर आप इस तरह की धोखाधड़ी से बचकर रहना चाहते हैं, तो आपको असली व नकली आधार कार्ड में अंतर पता होना चाहिए ताकी आगे से आपको कोई धोखाधड़ी का शिकार न बना सके।</p>
<h2>फर्जी Aadhaar Card की पहचान कैसे करें?</h2>
</p>
<ul>
<li>यदि कोई अपनी पहचान के लिए आपको आधार कार्ड देता है, लेकिन आपको उन पर व उनके डॉक्यूमेंट्स पर शक हो तो सबसे पहले आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड को स्कैन कर लें। अगर क्यूआर कोड स्कैन नहीं होता, तो समझ जाएं कि वो फर्जी आधार कार्ड है जिसे एआई से जनरेट किया हो सकता है।</li>
<li>इसके अलावा, आधार कार्ड की सच्चाई जानने के लिए आप ऑफिशियल UIDAI की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं, जहां आपको आधार कार्ड नंबर डालना होगा। नंबर यदि असली होगा, तो वो साइट पर वेरिफाइ हो जाएगा।</li>
</ul>
<h2>फर्जी Pan Card की पहचान कैसे करें?</h2>
</p>
<ul>
<li>फर्जी पैन कार्ड की पहचान के लिए आपको सबसे पहले कार्ड पर लिखे अल्फान्यूमेरिक कोड को देखना होगा। यह कोड आप आयकर विभाग की ऑफिशियल साइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।</li>
<li>AI से बने दस्तावेजों में अक्सर स्पेलिंग मिस्टेक व अन्य प्रकार की गड़बड़ होती है। अगर आप पैन कार्ड को गौर से देखें, तो आपको गलतियां पकड़ में आ सकती है और आप पहचान कर सकते हैं कि पैन कार्ड फेक है।</li>
</ul>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Fake-aadhaar-card.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Fake Aadhaar PAN Scam]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/fake-aadhaar-pan-scam-how-to-check-ai-made-aadhaar-card-and-pan-card-with-these-tips-1659503/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/fake-aadhaar-pan-scam-how-to-check-ai-made-aadhaar-card-and-pan-card-with-these-tips-1659503/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 09:09:20 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Laptop Free: स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप दे रही सरकार? मैसेज से रहें सावधान, भूलकर भी न करें लिंक पर क्लिक]]></title>
		<description>Free Laptop Scam: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि सरकार स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप दे रही है। अगर आपको भी ऐसा मैसेज रिसीव हुआ है, तो सावधान हो जाएं।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Laptop Free:</strong> क्या आपको भी मैसेज या फिर WhatsApp मैसेज के जरिए फ्री लैपटॉप स्कीम वाला लिंक प्राप्त हुआ है? अगर हां, तो उस लिंक पर क्लिक करने से पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। दरअसल, इन दिनों एक फेक मैसेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप देने वाली स्कीम लेकर आई है। स्कीम में हिस्सा लेने के लिए मैसेज में एक लिंक भी दिया जाता है, जो कि आपको फ्री लैपटॉप देने के लिए सरकारी वेबसाइट पर ले जाने का वादा करता है। हालांकि, यह एक फेक मैसेज है, जिसकी सच्चाई सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB ने साफ की है&#8230; साथ ही अलर्ट किया गया है कि इस तरह के किसी मैसेज या फिर पोस्ट पर क्लिक न करें। आइए जानते हैं सभी डिटेल्स।</p>
<h2>Free Laptop Scheme या Scam</h2>
</p>
<p>PIB Fact Check ने हाल ही में अपने ऑफिशियल <a href="https://www.techlusive.in/hi/apps/xchat-app-launch-for-iphone-features-security-and-how-to-use-new-x-messaging-platform-1659291/">X</a> हैंडल के जरिए इस तरह के स्कैम से सतर्क रहने की जानकारी दी गई है। अपने पोस्ट में पीआईबी ने बताया कि &#8216;धोखेबाजों से सावधान।&#8217; इन दिनों एक मैसेज जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार स्टूडेंट्स को फ्री लैपटॉप प्रोवाइड कर रही है। इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन करने के लिए मैसेज में एक फेक लिंक भी दिया गया है। पोस्ट के मुताबिक, यह मैसेज पूरी तरह से फेक है। साथ ही अलर्ट किया गया है कि यदि आपको इस तरह के मैसेज प्राप्त हों, तो किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। इस तरह की स्कीम की जानकारी हमेशा ऑफिशियल सोर्स के जरिए वेरिफाई करें।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en">Beware of Fraudsters❗️</p>
</p>
<p>A message is being circulated with a link claiming that the central government is providing free laptops to students.<a href="https://twitter.com/hashtag/PIBFactCheck?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#PIBFactCheck</a></p>
</p>
<p>❌ This message is <a href="https://twitter.com/hashtag/fake?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">#fake</a></p>
</p>
<p>🚫 Do not click on suspicious links</p>
</p>
<p>▶️ Always verify information through official sources <a href="https://t.co/scDCTk5iln" rel="nofollow" target="_blank">pic.twitter.com/scDCTk5iln</a></p>
</p>
<p>— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) <a href="https://twitter.com/PIBFactCheck/status/2045818431526855159?ref_src=twsrc%5Etfw" rel="nofollow" target="_blank">April 19, 2026</a></p></blockquote>
<p><script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script></p>
<p>आपको बता दें, डिजिटल युग में डिजिटल स्कैम काफी ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं। स्कैमर्स मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए आए दिन नए-नए तरीके लेकर आते रहते हैं। फेक मैसेज के तहत मैलिशियस लिंक लोगों तक पहुंचाना काफी आम हो गया है। कई बार लोग बिना कुछ सोचे समझे इस तरह के फेक लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं, जिसके बाद आपके निजी डेटा व अकाउंट का एक्सेस स्कैमर्स के हाथों लग जाता है और कई बार 1 क्लिक में आपको पूरा का पूरा बैंक अकाउंट भी खाली हो सकता है।</p>
<h2>कैसे बचें</h2>
</p>
<p><strong>1. अनजान लिंक पर क्लिक न करें</strong></p>
</p>
<p>अगर व्हाट्सऐप, ईमेल या फिर नॉर्मल मैसेज के तहत आपको किसी तरह की कोई जानकारी रिसीव होती है और उसके साथ कोई लिंक मौजूद है, तो उस पर क्लिक करने से बचे।</p>
</p>
<p><strong>2. पर्सनल डिटेल्स न दें</strong></p>
</p>
<p>यदि इस तरह के मैसेज के जरिए आपके आपकी पर्सनल डिटेल्स जैसे नाम, फोन नंबर, आधार नंबर, बैंक अकाउंट या फिर OTP मांगा जाता है, तो तुरंत सावधान हो जाएं।</p>
</p>
<p><strong>3. ऑफिशियल सोर्स पर भरोसा करें</strong></p>
</p>
<p>यदि किसी स्कीम की जानकारी मैसेज के जरिए हाथ लगी है, तो पहले उसके ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल व वेबसाइट पर जाकर स्कीम को वेरिफाई करें।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Scam-4.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Free Laptop Scam]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/laptop-free-scheme-for-students-fake-message-circulated-online-with-link-1659406/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/laptop-free-scheme-for-students-fake-message-circulated-online-with-link-1659406/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sun, 26 Apr 2026 03:25:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[आखिर क्यों Apple ने मांगी Samsung से मदद? 20वीं सालगिरह पर iPhone 20 को लेकर हो रही खास तैयारी!]]></title>
		<description>Apple-Samsung हमेशा से एक-दूसरे की राइवल कंपनियां रही है। हालांकि, जल्द ही ये दोनों कंपनी मिलकर खास iPhone 20 लेकर आने वाली है। रिपोर्ट की मानें, तो इसके लिए एप्पल ने खास सैमसंग से मदद मांगी है। यहां जानें डिटेल्स।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p><strong>Apple</strong> और <strong>Samsung</strong> हमेशा से ही एक-दूसरे के बड़े प्रतिद्वंदी के तौर पर देखे गए हैं। हालांकि, दोनों ही स्मार्टफोन निर्माता ब्रांड्स अक्सर एक-दूसरे की टांग खींचते व नीचा दिखाते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि, आपको सुनकर हैरानी होगी कि ये दोनों ही ब्रांड्स राइवल के साथ-साथ पार्टनर भी रहे हैं। एब एक बार फिर दोनों ही कंपनियां मिलकर काम करने वाली है। लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो अगले साल Apple कंपनी iPhone की 20वीं सालगिरह मनाने वाला है। इस दौरान कंपनी अपना एक स्पेशल आईफोन मार्केट में पेश करने वाली है। इस आईफोन के लिए एप्पल कंपनी ने Samsung से मदद मांगी है। आइए जानते हैं आखिर वो कौन-सी मदद है जिसके जरिए एप्पल ने अपना राइवल को फिर से दोस्त बना लिया है।</p>
<h2>iPhone 20</h2>
</p>
<p>Macrumors की लेटेस्ट रिपोर्ट में Digital Chat Station का हवाला देते हुए जानकारी दी है कि <a href="https://www.techlusive.in/hi/news/apple-may-launch-200mp-periscope-telephoto-camera-for-future-iphone-models-compete-to-samsung-oppo-vivo-1658796/">Apple</a> कंपनी अगले साल यानी साल 2027 में iPhone की 20वीं सालगिरह मानने वाली है। इस दौरान कंपनी एक स्पेशल आईफोन पेश करेगी, जिसे iPhone 20 के नाम से लाया जा सकता है। रिपोर्ट की मानें, तो कंपनी ने इस आईफोन 20 के लिए Samsung से एक OLED डिस्प्ले बनवाकर तैयार कर रही है। यह कंपनी का खास &#8216;Micro-Curved&#8217; OLED डिस्प्ले होगा, जो कि बेजल-लेस डिजाइन के साथ दस्तक देगा, जिसमें न के बराबर किनारे होने वाले हैं।</p>
</p>
<p>आपको बता दें, इससे पहले एक अन्य रिपोर्ट में जानकारी सामने आई थी कि जल्द ही एप्पल कंपनी सैमसंग की OLED टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने वाली है, जिसे COE (Color Filter Encapsulation) कहा जाता है। यह टेक्नोलॉजी डिस्प्ले पतला व ब्राइट बनाती है। आईफोन 20 में कंपनी अंडर-डिस्प्ले FaceID का इस्तेमाल करने वाली है। इसे कंपनी पूरे ग्लास डिजाइन के साथ पेश कर सकती है, जिसके चारों तरफ ग्लास कॉर्नर होंगे</p>
</p>
<p>आपको बता दें, Macrumors की लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि एप्पल इसके लिए सैमसंग की मदद लेने वाला है। हालांकि, कंपनी ने इस संबंध में अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इसमें कई संदेह नहीं कंपनी आईफोन की 20वीं सालगिरह पर यदि कोई आईफोन मॉडल लेकर आई, तो वो बेहद ही खास हो सकता है।</p>
<h2>Apple ने पहली बार नहीं ली Samsung की मदद</h2>
</p>
<p>ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि एप्पल अपने किसी आईफोन के लिए सैमसंग के साथ हाथ मिल रहा हो। इससे पहले भी कंपनी ने iPhone X व कई अन्य नए मॉडल्स के लिए OLED स्क्रीन सैमसंग से बनावाई है। इसके अलावा, iPhone 4 व iPhone 5 के लिए चिप को भी सैमसंग सप्लाई करता था।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/iPhone-16-6.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[iPhone 20 New Display]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-iphone-20-may-use-samsung-made-micro-curved-polarizer-less-coe-oled-display-on-20th-anniversary-1659354/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/apple-iphone-20-may-use-samsung-made-micro-curved-polarizer-less-coe-oled-display-on-20th-anniversary-1659354/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Manisha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Sat, 25 Apr 2026 05:19:38 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[क्या Uranus के बाहरी रिंग्स में छिपे हैं रहस्यमयी चंद्रमा? वैज्ञानिकों ने किया ये बड़ा दावा]]></title>
		<description>7th Planet Uranus एक बर्फीला ग्रह है, जो अपने रिंग सिस्टम और झुके हुए रोटेशन के लिए जाना जाता है, हाल के अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इसकी बाहरी रिंग्स में बर्फ और कार्बन पदार्थ पाए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यहां अब तक अनदेखे छोटे चंद्रमा मौजूद हो सकते हैं। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>7th Planet Uranus एक बर्फीला विशाल ग्रह है जो अपने अनोखे रूप और झुके हुए रोटेशन के लिए जाना जाता है। यह ग्रह अपने चारों ओर मौजूद रिंग सिस्टम के कारण भी खास है, जो Saturn Planet के रिंग्स जितना चमकदार नहीं है लेकिन इसमें वैज्ञानिकों के लिए काफी रहस्यमय छुपे है, हाल ही में वैज्ञानिकों ने Uranus की बाहरी रिंग्स का अध्ययन किया है और पाया है कि इनमें पानी की बर्फ और कार्बन आधारित जैविक पदार्थ मौजूद हो सकते हैं। यह खोज संकेत देती है कि इन रिंग्स के भीतर कुछ छोटे और अब तक अनदेखे चंद्रमा (Moonlets) मौजूद हो सकते हैं, जो इन रिंग्स को आकार दे रहे हैं।</p>
<h2><strong>वैज्ञानिकों ने Uranus की रिंग्स में क्या नया पाया?</strong></h2>
</p>
<p>यह रिसर्च &#8216;Journal of Geophysical Research: Planets&#8217; में प्रकाशित हुआ है। इसे University of California, Berkeley scientist &#8216;Imke de Pater&#8217; की टीम ने किया है। इस अध्ययन में James Webb Space Telescope (JWST), Hubble Space Telescope और Keck Observatory की मदद ली गई। वैज्ञानिकों ने Uranus की बाहरी μ (Mew) और ν (New) रिंग्स का पहला कंबाइंड अध्ययन किया। μ रिंग नीले रंग की दिखती है और इसमें बर्फ के छोटे कण पाए गए हैं। माना जाता है कि यह बर्फ छोटे चंद्रमा &#8216;Mab&#8217; की सतह से टकराते हुए उल्कापिंडों के कारण निकलती है, वहीं दूसरी ओर ν रिंग लाल रंग की है और इसमें लगभग 10–15% कार्बन आधारित जैविक पदार्थ पाए गए हैं, जो इसे और भी रहस्यमय बनाते हैं।</p>
</p>
<p><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Uranus-1.jpg"><img loading="lazy" class="alignnone wp-image-1659289 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Uranus-1.jpg" alt="Uranus " width="1200" height="900" /></a></p>
<h2><strong>क्या Uranus के आसपास छिपे हुए चंद्रमा हो सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों का मानना है कि ν रिंग के आसपास ऐसे छोटे-छोटे चंद्रमा हो सकते हैं, जो इतने छोटे और धुंधले हैं कि अभी तक हमारे टेलीस्कोप उन्हें नहीं देख पाए हैं। इन अनदेखे पिंडों की वजह से रिंग में धूल और जैविक पदार्थ इकट्ठा हो रहे हैं। यह भी पाया गया है कि Uranus के भीतर मौजूद चंद्रमाओं और इन बाहरी रिंग्स के बीच अंतर काफी बड़ा है, जो कई सवाल खड़े करता है। इसी बीच 2025 में James Webb Space Telescope ने एक नया छोटा चंद्रमा S/2025 U1 खोजा, जिसका आकार लगभग 10 किलोमीटर है। यह खोज बताती है कि Uranus के आसपास अभी भी कई छोटे पिंड छिपे हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>क्या वैज्ञानिक इन रहस्यों को सुलझा पाएगा?</strong></h2>
</p>
<p>इस अध्ययन ने वैज्ञानिकों के सामने कई नए रहस्य खोल दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि Uranus के चंद्रमा &#8216;Mab&#8217; की बर्फीली प्रकृति और बाकी चंद्रमाओं के बीच इतना अंतर क्यों है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर भविष्य में Uranus पर एक अंतरिक्ष मिशन भेजा जाए, तो इन रहस्यों का जवाब मिल सकता है। इससे न केवल ग्रह की रिंग सिस्टम को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी पता चल सकेगा कि हमारे सौर मंडल में छोटे चंद्रमा और रिंग्स कैसे बनते हैं और डेवलप होते हैं।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Uranus की रिंग्स में क्या खास पाया गया है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों ने पाया है कि Uranus की बाहरी रिंग्स में बर्फ के छोटे कण और कार्बन आधारित जैविक पदार्थ मौजूद हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>क्या सच में Uranus के आसपास नए चंद्रमा हो सकते हैं?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों का मानना है कि कुछ बहुत छोटे और अब तक अनदेखे चंद्रमा (Moonlets) हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>नया खोजा गया चंद्रमा S/2025 U1 क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>यह एक छोटा चंद्रमा है, जिसका आकार लगभग 10 किलोमीटर बताया गया है। इसकी खोज से संकेत मिलता है कि Uranus के आसपास और भी छोटे पिंड हो सकते हैं।</p>
<h2><strong>क्या भविष्य में इन रहस्यों का पूरा पता चल सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर Uranus पर भविष्य में स्पेस मिशन भेजा जाए, तो रिंग्स और छिपे चंद्रमाओं के कई रहस्य सामने आ सकते हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Uranus.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Uranus]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/uranus-outer-rings-reveal-hidden-moonlets-and-organic-material-new-jwst-study-reports-1659287/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/uranus-outer-rings-reveal-hidden-moonlets-and-organic-material-new-jwst-study-reports-1659287/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 11:54:23 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[Meta का बड़ा फैसला, 8000 लोगों की नौकरियों पर खतरा, जानें क्या है वजह]]></title>
		<description>Meta Platforms करीब 8000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में है और AI पर फोकस बढ़ा रही है, बढ़ते खर्च और बदलती रणनीति के चलते यह फैसला लिया गया है, जिसका असर हजारों लोगों की नौकरियों पर पड़ेगा। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>Meta Platforms एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी (Layoffs) की तैयारी कर रही है। internal memo के अनुसार, कंपनी मई महीने में अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 10% यानी करीब 8000 लोगों को नौकरी से निकालने की योजना बना रही है, प्रभावित कर्मचारियों को 20 मई के आसपास सूचना दी जा सकती है। इसके साथ ही कंपनी ने यह भी तय किया है कि जिन हजारों पदों पर भर्ती करने की योजना थी, उन्हें फिलहाल भरा नहीं जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब Meta अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए AI पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रही है।</p>
<h2><strong>क्या AI पर बढ़ता खर्च छंटनी की सबसे बड़ी वजह है?</strong></h2>
</p>
<p>छंटनी के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी का बढ़ता खर्च और बदलती प्राथमिकताएं हैं। Meta Platforms इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 135 अरब डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रही है, जो पिछले सालों की तुलना में काफी ज्यादा है। ऐसे में लागत को संतुलित रखने के लिए कंपनी बाकी विभागों में खर्च घटा रही है। कंपनी का मानना है कि AI टूल्स के बेहतर होने से अब कम लोगों के साथ भी ज्यादा काम किया जा सकता है। इसलिए Meta Lean टीम्स बनाकर अपने संसाधनों को AI डेवलपमेंट में लगाना चाहती है।</p>
<h2><strong>क्या Meta के अलावा भी बाकी कंपनियां कर चुकी हैं छटनी?</strong></h2>
</p>
<p>यह ट्रेंड सिर्फ Meta तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में देखने को मिल रहा है। Amazon और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियां भी पिछले कुछ समय में हजारों नौकरियां कम कर चुकी हैं। इसका मुख्य कारण है AI, क्लाउड और ऑटोमेशन में भारी निवेश। कंपनियां अब कम लागत में ज्यादा काम करने की दिशा में बढ़ रही हैं, जिससे कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है।</p>
</p>
<p>2026 में टेक इंडस्ट्री में बड़ी संख्या में नौकरियों की छंटनी देखी जा रही है। layoffs.fyi के डेटा के अनुसार, अभी तक करीब 84,000 लोगों की नौकरी जा चुकी है। अगर Meta के लगभग 8,000 कर्मचारियों की छंटनी भी जोड़ दी जाए, तो यह संख्या 92,000 से ज्यादा हो जाएगी। इससे साफ पता चलता है कि इस साल टेक सेक्टर में layoffs काफी बड़े स्तर पर हो रहे हैं।</p>
</p>
<p>कई बड़ी कंपनियों ने हाल ही में कर्मचारियों को निकाला है, जैसे&#8230;</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>Company</th>
</p>
<th>Jobs Cut</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Snap</td>
</p>
<td>1,000</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Oracle</td>
</p>
<td>30,000</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Epic Games</td>
</p>
<td>1,000</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Dell</td>
</p>
<td>11,000</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Amazon</td>
</p>
<td>16,100</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2><strong>क्या Meta पहले भी इस तरह की छंटनी कर चुकी है?</strong></h2>
</p>
<p>अगर पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो Meta Platforms पहले भी कई बार छंटनी कर चुकी है। 2022 में कंपनी ने करीब 11,000 कर्मचारियों को निकाला था, जबकि 2023 में &#8216;Year Of Efficiency&#8217; के तहत लगभग 10,000 नौकरियां खत्म की गई थीं। इसके बाद भी छोटे-छोटे राउंड में छंटनी जारी रही, जिसमें Reality Labs डिवीजन से 1500 और फिर 700 कर्मचारियों को निकाला गया।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>Meta Platforms कितने लोगों की छंटनी करने जा रही है?</strong></h2>
</p>
<p>Meta Platforms करीब 8000 कर्मचारियों को निकालने की योजना बना रही है, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% है।</p>
<h2><strong>इस छंटनी की सबसे बड़ी वजह क्या है?</strong></h2>
</p>
<p>सबसे बड़ी वजह AI पर बढ़ता खर्च और कंपनी की बदलती रणनीति है। Meta अब AI डेवलपमेंट पर ज्यादा निवेश करना चाहती है, इसलिए दूसरे विभागों में लागत कम कर रही है।</p>
<h2><strong>क्या सिर्फ Meta ही छंटनी कर रही है?</strong></h2>
</p>
<p>नहीं, Amazon और Microsoft जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी पिछले कुछ समय में हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं।</p>
<h2><strong>क्या Meta पहले भी इतनी बड़ी छंटनी कर चुकी है?</strong></h2>
</p>
<p>जी हां, Meta Platforms 2022 में लगभग 11,000 और 2023 में करीब 10,000 कर्मचारियों को निकाल चुका है और इसके बाद भी छोटे-छोटे राउंड में छंटनी होती रही है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/03/untitled-2026-03-26T105610.428.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[Meta plans another round of layoffs as it increases spending on AI infrastructure.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-layoffs-2026-round-to-impact-8000-jobs-at-risk-as-company-shifts-focus-to-ai-investment-1659212/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/meta-layoffs-2026-round-to-impact-8000-jobs-at-risk-as-company-shifts-focus-to-ai-investment-1659212/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 07:34:15 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[OpenAI GPT-5.5: ये मॉडल क्यों खास है, बकी AI Tools से कैसे बेहतर है और क्या है कीमत, जानें सब कुछ]]></title>
		<description>OpenAI का नया GPT-5.5 एक स्मार्ट AI टूल है जो आपके काम को आसान बना देता है। यह जल्दी समझ जाता है कि आपको क्या चाहिए और बार-बार समझाने की जरूरत नहीं पड़ती। लिखने, पढ़ने या कोडिंग जैसे काम यह तेजी से और बेहतर तरीके से कर सकता है। आइए जानते हैं...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>OpenAI ने अपना नया AI मॉडल GPT-5.5 रिलीज किया है। इस बार कंपनी का ध्यान सिर्फ नए फीचर्स जोड़ने पर नहीं, बल्कि AI के काम करने के तरीके को आसान बनाने पर रहा है। कंपनी का कहना है कि यह मॉडल पहले से ज्यादा समझदार है और जल्दी समझ जाता है कि यूजर क्या चाहता है, यानी अब आपको बार-बार छोटे-छोटे निर्देश देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप कुछ लिख रहे हैं, डेटा पर काम कर रहे हैं या कोड ठीक कर रहे हैं, तो GPT-5.5 खुद ही आगे बढ़कर काम पूरा करने की कोशिश करता है।</p>
<h2><strong>GPT-5.5 में क्या नए बदलाव किए गए हैं और यह क्यों खास है?</strong></h2>
</p>
<p>इस नए मॉडल में सबसे बड़ा बदलाव इसका लंबे और थोड़े मुश्किल टास्क को संभालने का तरीका है, पहले आपको हर स्टेप पर AI को समझाना पड़ता था, लेकिन अब आप सिर्फ एक बड़ा निर्देश दे सकते हैं और GPT-5.5 खुद ही आगे का काम समझने की कोशिश करेगा। कंपनी के अनुसार, यह मॉडल पुराने GPT-5.4 से कम टोकन (यानी कम डेटा/खर्च) इस्तेमाल करता है। इसका मतलब है कि आपको बार-बार दोबारा पूछने की जरूरत कम पड़ेगी और पैसे भी बचेंगे। इसके साथ ही इसकी स्पीड भी लगभग पहले जैसी ही रखी गई है, जिससे काम जल्दी और स्मूथ तरीके से हो सके।</p>
<h2><strong>पुराने मॉडल और बाकी AI Tools से GPT-5.5 कितना बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>फीचर</th>
</p>
<th>GPT-5.4</th>
</p>
<th>GPT-5.5</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>लंबे काम (Long Tasks)</td>
</p>
<td>जल्दी भूल सकता है, बार-बार गाइड करना पड़ता है</td>
</p>
<td>लंबे और मुश्किल काम खुद संभाल लेता है</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Context (याद रखने की क्षमता)</td>
</p>
<td>कम समय तक याद रखता है</td>
</p>
<td>ज्यादा देर तक चीजें याद रखता है</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>यूजर की जरूरत समझना</td>
</p>
<td>हर स्टेप पर बताना पड़ता है</td>
</p>
<td>एक बार में समझकर आगे काम करता है</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>कोडिंग और रिसर्च</td>
</p>
<td>ज्यादा मदद लेनी पड़ती है</td>
</p>
<td>खुद स्टेप्स ले सकता है, गलती सुधार सकता है</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>टोकन/खर्च</td>
</p>
<td>ज्यादा खर्च</td>
</p>
<td>कम खर्च (कम टोकन)</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>स्पीड</td>
</p>
<td>ठीक-ठाक</td>
</p>
<td>लगभग वही, स्मूथ काम</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>भरोसेमंद (Stability)</td>
</p>
<td>ठीक</td>
</p>
<td>ज्यादा stable और भरोसेमंद</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<h2>दूसरे AI टूल्स से तुलना</h2>
</p>
<table>
<thead>
<tr>
<th>टूल</th>
</p>
<th>खास बात</th>
</p>
</tr>
</thead>
<tbody>
<tr>
<td>Claude Opus 4.7</td>
</p>
<td>अच्छा है, लेकिन लंबे कामों में कभी-कभी Consistency कम</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>Gemini 3.1 Pro</td>
</p>
<td>powerful है, लेकिन Multi-Step Tasks में उतना Smooth नहीं</td>
</p>
</tr>
<tr>
<td>GPT-5.5</td>
</p>
<td>Long, Multi-Step कामों के लिए ज्यादा Reliable और Stable है</td>
</p>
</tr>
</tbody>
</table>
<p>&nbsp;</p>
</p>
<div id="attachment_1659177" style="width: 1432px" class="wp-caption alignnone"><a href="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Artificial-Analysis-Intelligence-Index.png"><img loading="lazy" aria-describedby="caption-attachment-1659177" class="wp-image-1659177 size-full" src="https://www.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/Artificial-Analysis-Intelligence-Index.png" alt="" width="1422" height="982" /></a></p>
<p id="caption-attachment-1659177" class="wp-caption-text">Artificial Analysis Intelligence Index (Source: OpenAI)</p>
</div>
<h2><strong>इसे कौन-कौन इस्तेमाल कर सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>OpenAI का नया मॉडल GPT-5.5 धीरे-धीरे उन यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, जो ChatGPT के Paid Plans जैसे Plus, Pro, Business और Enterprise इस्तेमाल करते हैं। इसका एक खास वर्जन GPT-5.5 Pro भी है, जो ज्यादा Advanced यूजर्स के लिए बनाया गया है। यह मॉडल अब Codex में भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे Coding और Workflow वाले काम और आसान हो जाते हैं। डेवलपर्स के लिए इसका API भी जल्द आने वाला है।</p>
<h2><strong>कितनी होगी कीमत?</strong></h2>
</p>
<p>इसकी कीमत की बात करें तो बेसिक रेट $5 प्रति 10 लाख Input Tokens और $30 प्रति 10 लाख Output Tokens से शुरू होती है और इसमें 10 लाख Tokens तक का बड़ा Context Window मिलता है, यानी यह एक बार में ज्यादा जानकारी समझ सकता है, साथ ही Batch और Flex जैसे सस्ते ऑप्शन भी होंगे, जबकि Priority प्रोसेसिंग महंगी होगी। वहीं GPT-5.5 Pro ज्यादा सटीक (Accurate) रिजल्ट देने के लिए बनाया गया है, जिसकी कीमत और ज्यादा हो सकती है, लगभग $30 प्रति 10 लाख input tokens और $180 प्रति 10 लाख output tokens।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>GPT-5.5 क्या है और यह क्या करता है?</strong></h2>
</p>
<p>GPT-5.5 एक एडवांस AI मॉडल है जो लिखने, पढ़ने, कोडिंग और रिसर्च जैसे काम जल्दी और बेहतर तरीके से करता है। यह यूजर की बात जल्दी समझ जाता है और कम निर्देश में ही काम पूरा कर देता है।</p>
<h2><strong>GPT-5.5 बाकी AI टूल्स से कैसे बेहतर है?</strong></h2>
</p>
<p>यह लंबे और मुश्किल कामों को बिना रुके पूरा कर सकता है, ज्यादा समय तक चीजें याद रखता है (Context) और खुद गलतियां पकड़कर सुधार सकता है।</p>
<h2><strong>क्या GPT-5.5 फ्री में मिलेगा?</strong></h2>
</p>
<p>नहीं, यह अभी ChatGPT के Paid Plans (Plus, Pro, Business, Enterprise) यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा। फ्री यूजर्स को यह धीरे-धीरे मिल सकता है या लिमिटेड एक्सेस मिल सकता है।</p>
<h2><strong>GPT-5.5 की कीमत कितनी है?</strong></h2>
</p>
<p>इसकी कीमत $5 प्रति 10 लाख Input Tokens और $30 प्रति 10 लाख Output Tokens से शुरू होती है। वहीं इसका Pro वर्जन ज्यादा महंगा है, लेकिन ज्यादा सटीक और एडवांस रिजल्ट देता है।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/OpenAI-GPT-5.5.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[OpenAI introduces GPT-5.5 with improved task handling and coding performance.]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-gpt-5-5-launch-smarter-ai-with-fewer-prompts-better-performance-pricing-explained-1659182/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/news/openai-gpt-5-5-launch-smarter-ai-with-fewer-prompts-better-performance-pricing-explained-1659182/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
	 <item>
		<pubDate>Fri, 24 Apr 2026 06:27:11 +0000</pubDate>
		<title><![CDATA[ChatGPT से ऐसे ढूंढें सबसे सस्ती फ्लाइट, AI से ट्रैवल प्लानिंग हुई सुपर आसान]]></title>
		<description>आज के समय में AI की मदद से ट्रैवल प्लानिंग बहुत आसान हो गई है। अब ChatGPT की मदद से आप सीधे सबसे सस्ती फ्लाइट ढूंढ सकते हैं, कीमतों की तुलना कर सकते हैं और समय बचा सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे...</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>आज के समय में ट्रैवल प्लान बनाना पहले से काफी आसान हो गया है और इसमें AI की बड़ी भूमिका है। इसी दिशा में Skyscanner ने ChatGPT के साथ मिलकर एक नया फीचर पेश किया है, जिसकी मदद से यूजर्स अब सीधे ChatGPT के अंदर ही फ्लाइट्स सर्च कर सकते हैं, उनकी कीमतों की तुलना कर सकते हैं और सबसे सस्ती टिकट आसानी से ढूंढ सकते हैं, पहले जहां लोगों को अलग-अलग वेबसाइट और ऐप्स पर जाकर टिकट देखनी पड़ती थी, अब यह पूरा काम एक ही जगह पर संभव हो गया है।</p>
<h2><strong>ChatGPT में Skyscanner का इस्तेमाल करके फ्लाइट कैसे खोजें?</strong></h2>
</p>
<ul>
<li>सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ChatGPT ऐप या वेबसाइट खोलें और उसमें लॉगिन करें।</li>
<li>ऊपर बाईं तरफ दिए गए Menu बटन पर क्लिक करें और &#8216;Apps&#8217; ऑप्शन चुनें। अगर Menu नहीं दिख रहा है तो &#8216;More&#8217; पर क्लिक करें।</li>
<li>अब Skyscanner App को ChatGPT के साथ कनेक्ट करें। यह ऐप फ्लाइट की कीमतें Compare करने में मदद करता है।</li>
<li>नया चैट शुरू करके कमांड लिखें &#8216;@skyscanner दिल्ली से अमेरिका के लिए नवंबर में सबसे सस्ती फ्लाइट दिखाओ&#8217;</li>
<li>इसके बाद ChatGPT सीधे लाइव डेटा के आधार पर फ्लाइट ऑप्शन दिखाएगा। इसमें अलग-अलग एयरलाइंस, उनकी कीमतें, यात्रा का समय और बाकी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी।</li>
</ul>
<h2><strong>इस नए फीचर से यूजर्स को क्या-क्या फायदे मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह समय की बचत करता है और यूजर्स को रियल टाइम जानकारी देता है। पहले लोगों को कई वेबसाइट खोलकर अलग-अलग कीमतें चेक करनी पड़ती थीं, लेकिन अब सब कुछ एक चैट में मिल जाता है। इसके अलावा अगर यूजर अपने सर्च में बदलाव करना चाहता है, तो उसे फिर से नया चैट ओपन करने की जरूरत नहीं होती, वह पहले वाले चैट में ही अपनी डिटेल बदल सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाती है, साथ ही यह सिस्टम लगातार अपडेटेड कीमतें दिखाता है क्योंकि यह कई एयरलाइंस के लाइव डेटा से जुड़ा होता है।</p>
<h2><strong>यह फीचर सिर्फ फ्लाइट्स तक सीमित है या और भी कुछ कर सकता है?</strong></h2>
</p>
<p>रिपोर्ट्स के अनुसार, Skyscanner और ChatGPT का यह इंटीग्रेशन आने वाले समय में, सिर्फ फ्लाइट्स तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि होटल और कार रेंटल जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं। इससे न केवल ट्रैवल प्लानिंग आसान होगी, बल्कि पैसे बचाने में भी मदद मिलेगी क्योंकि यूजर अलग-अलग ऑप्शन्स की तुलना करके सबसे सस्ता और बेहतर ऑप्शन चुन सकेगा। आने वाले समय में ऐसे AI टूल्स ट्रैवल इंडस्ट्री को और भी बेहतर बना सकते हैं।</p>
<h2><strong>FAQ</strong></h2>
</p>
<h2><strong>क्या इसके लिए कोई अलग ऐप डाउनलोड करना जरूरी है?</strong></h2>
</p>
<p>जी हां, इसके लिए Skyscanner App को ChatGPT के साथ कनेक्ट करना पड़ता है, तभी आप फ्लाइट सर्च कर पाते हैं।</p>
<h2><strong>क्या यह रियल टाइम (live) कीमतें दिखाता है?</strong></h2>
</p>
<p>जी हां, यह सिस्टम एयरलाइंस और ट्रैवल डेटा से जुड़ा होता है, इसलिए आपको अपडेटेड कीमतें मिलती हैं।</p>
<h2><strong>क्या यह सिर्फ फ्लाइट्स के लिए है या होटल भी मिलेंगे?</strong></h2>
</p>
<p>अभी ये सुविधा सिर्फ फ्लाइट्स के लिए है, लेकिन आने वाले समय में होटल और कार रेंटल जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं।</p>
]]></content:encoded>
		<media:content url='https://st1.techlusive.in/wp-content/uploads/2026/04/ChatGPT-flights-search.jpg' type='image/jpg' expression='full' width='805' >
		<media:description type='plain'><![CDATA[ChatGPT flights search]]></media:description>
		</media:content>
		<guid isPermaLink='true'>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-find-cheapest-flights-using-chatgpt-ai-travel-planning-made-easy-1659179/</guid>
		<link>https://www.techlusive.in/hi/tips-and-tricks/how-to-find-cheapest-flights-using-chatgpt-ai-travel-planning-made-easy-1659179/</link>
		<dc:creator><![CDATA[Ashutosh Ojha]]></dc:creator>
	 </item>
  </channel>
</rss>