Written By Ashutosh Ojha
Published By: Ashutosh Ojha | Published: Nov 14, 2025, 04:58 PM (IST)
smartphone screen coating
आज स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे सोशल मीडिया चलाना हो, ऑनलाइन पेमेंट करना हो या ऑफिस का काम, मोबाइल हर जगह साथ रहता है। समय के साथ फोन बेहद एडवांस्ड हो गए हैं और अब 120Hz या उससे ज्यादा रिफ्रेश रेट वाले डिस्प्ले भी आम हो चुके हैं। ऐसे डिस्प्ले बेहद स्मूथ एक्सपीरियंस देते हैं लेकिन यह तो फोन के अंदर की टेक्नोलॉजी है, असली समस्या तब होती है जब फोन की स्क्रीन बाहर से खराब होने लगती है, वह भी आपकी ही एक छोटी सी गलती की वजह से। हम दिन में 100–150 बार फोन अनलॉक करते हैं और लगभग 2500 बार स्क्रीन को टच करते हैं, जिससे स्क्रीन पर लगातार दबाव और घर्षण पड़ता है।
स्मार्टफोन की स्क्रीन पर एक बेहद पतली, ट्रांसपेरेंट लेयर होती है जिसे ओलियोफोबिक कोटिंग कहा जाता है। यह कोटिंग स्क्रीन को फिंगरप्रिंट, तेल और धूल से बचाती है। यही वजह है कि नई स्क्रीन हमेशा स्मूद महसूस होती है और उस पर दाग कम लगते हैं। अगर यह कोटिंग न हो तो स्क्रीन जल्दी गंदी हो जाएगी और उंगलियां उस पर चिपकने लगेंगी। यह कोटिंग फोन निर्माता कंपनियों के लिए भी बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे यूजर को प्रीमियम टच एक्सपीरियंस मिलता है लेकिन यह कोटिंग हमेशा के लिए नहीं होती, यह समय के साथ और गलत आदतों से कमजोर पड़ने लगती है।
कई लोग दिन में कई बार स्क्रीन पोंछते हैं, कभी शर्ट से, कभी रूमाल या टिश्यू से। कुछ लोग स्क्रीन को साफ करने के लिए अल्कोहल बेस्ड केमिकल्स भी इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन यही आदत सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है। स्क्रीन को बार-बार दबाव से रगड़ना या गलत कपड़े से साफ करना ओलियोफोबिक कोटिंग को तेजी से हटाता है। नतीजा यह होता है कि स्क्रीन कुछ ही महीनों में धुंधली दिखने लगती है, उंगलियां आसानी से फिसलती नहीं हैं और टच रिस्पॉन्स भी कम हो जाता है। कई यूजर्स को लगता है कि फोन स्लो हो गया है, जबकि असल में उनकी स्क्रीन की कोटिंग खराब हो चुकी होती है। एक बार यह कोटिंग उतर गई तो उसे वापस नहीं लगाया जा सकता।
अगर आप चाहते हैं कि आपके फोन की स्क्रीन लंबे समय तक नई जैसी स्मूथ और साफ रहे तो कुछ बातें हमेशा याद रखें। सबसे पहले, स्क्रीन को कभी भी कपड़े, टिश्यू या रफ मटेरियल से साफ न करें। इसके लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा सबसे अच्छा है। दूसरे किसी भी तरह के केमिकल या अल्कोहल बेस्ड क्लीनर से स्क्रीन कभी भी न पोंछें। तीसरे सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है टेम्पर्ड ग्लास का इस्तेमाल करना। यह न सिर्फ स्क्रीन को टूटने से बचाता है बल्कि कोटिंग को भी सुरक्षित रखता है। अगर टेम्पर्ड ग्लास की कोटिंग खराब भी हो जाए, तो उसे आसानी से बदलकर फिर से सुरक्षित स्क्रीन का आनंद लिया जा सकता है।