Published By: Harshit Harsh | Published: Jun 26, 2023, 08:55 AM (IST)
Google अपनी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल Bard AI को सर्विसेज के साथ इंटिग्रेट करने लगा है। इस साल आयोजित Google I/O 2023 में कंपनी ने अपने इस टूल को 180 से ज्यादा देशों में एक साथ लॉन्च किया है। गूगल ने एक और नया आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल बेस्ड लैंग्वेज मॉडल AudioPaLM डेवलप किया है, जिसपर पिछले कई सालों से काम कर रहा था। गूगल का यह नया लैंग्वेज मॉडल सुनने, बोलने और एक्युरेट ट्रांसलेट करने की क्षमता रखता है। आइए, जानते हैं गूगल के इस नए लैंग्वेज मॉड्यूल के बारे में… और पढें: AI Impact Summit 2026: भारत में आज से होगा शुरू, PM मोदी करेंगे उद्घाटन
गूगल रिसर्चर्स द्वारा तैयार किया गया है नया लैंग्वेज मॉडल मल्टीमॉडल आर्किटेक्चर पर काम करता है, जो पहले से मौजूद दो मॉडल्स PaLM-2 और AudioLM से मिलकर बना है। यह एक टेक्स्ट बेस्ड लैंग्वेज मॉडल है, जो टेक्स्ट स्पेसिफिक लिंग्विस्टिक नॉलेज रखता है। इस टूल की खास बात यह है कि यह पैरालिंग्विस्टिक जानकारियों जैसे स्पीकर और उसके टोन की पहचान कर सकता है। दोनों लैंग्वेज मॉडल मिलने के बाद यह लिंगविस्टिक एक्सपर्टीज और पैरालिंग्विस्टिक जानकारियों को टेक्स्ट और स्पीच के माध्यम से क्रिएट कर सकता है। और पढें: Google Search में बड़ा AI अपडेट, Gemini 3 से अब सर्च हुआ और ज्यादा स्मार्ट
Google का यह नया मॉडल AudioPaLM पहले से मौजूद स्पीच ट्रांसलेशन से बेहतर है, जो जीरो शॉट स्पीच को टेक्स्ट ट्रांसलेशन में बदल सकता है। इसके अलावा यह वॉइस को अलग-अलग शॉर्ट स्पोकन प्रॉम्प्ट्स के आधार पर ट्रांसफर कर सकता है। यह एक वॉइस को अलग-अलग भाषाओं और वॉइस में बदल सकता है। और पढें: Apple का नया Siri Google Cloud और AI Chips पर चलेगा, लीक रिपोर्ट्स में हुआ खुलासा
इस महीने की शुरुआत में गूगल ने अपने Bard AI में नया प्रिसाइज लोकेशन फीचर जोड़ा था, जो यूजर्स द्वारा सर्च किए गए लोकेशन को सटीकता से बताएगा। ChatGPT की तरह ही गूगल का यह टूल भी इंसानों की तरह जबाब दे सकता है। बता दें गूगल बार्ड नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग क्षमता के साथ काम करता है, जिसमें राइटर्स को एक दमदार टूल मिलता है, जो कॉन्टेंट को इंगेज करने वाला और आकर्षक बना सकता है। इसमें कई तरह के फीचर्स मिलते हैं, जिनमें राइम के लिए इंटेलिजेंट सजेशन, वर्ड च्वॉइस आदि शामिल हैं, जो यूजर्स की लिखने की क्षमता को इंप्रूव करने में मदद करता है।