Written By Mona Dixit
Published By: Mona Dixit | Published: Oct 15, 2024, 11:52 AM (IST)
IMC (Indian Mobile Congress) 2024 आज यानी 15 अक्टूबर, 2024 से शुरू हो गया है। चार दिन चलने वाले भारत के सबसे बड़े टेक इवेंट में कई बडी घोषणाएं होने वाली हैं। इस इवेंट का आयोजन दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में किया जा रहा है। यह IMC का आठवां एडिशन है। प्रधानमंत्री ने इस टेक इवेंट का उद्धघाटन किया। उद्धघाटन करने के बाद उन्होंने देश को संबोधित करते हुए टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर बात की। PM Modi ने IMC 2024 के साथ-साथ भारत में पहली बार हो रहे International Telecommunication Union World Telecommunication Standardization Assembly (ITU WTSA) 2024 का भी उद्धघाटन किया है। आइय, डिटेल में जानते हैं। और पढें: PM Modi का इंस्टाग्राम पर जलवा, ट्रंप-पुतिन को पीछे छोड़ बने सबसे ज्यादा फॉलोवर्स वाले नेता
आज प्रधानमंत्री मोदी ने World Telecommunication Standardization Assembly (ITU WTSA) 2024 का उद्घाटन कर दिया है। इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा भारत के साथ-साथ एशिया-प्रशांत में पहली बार किया जा रहा है। और पढें: India AI Impact Summit 2026: PM Modi ने AI पर दिया अपना MANAV Vision, कहा AI में भारत को भय नहीं भाग्य दिखता है
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ITU WTSA 2024 और इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2024) के सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। सिंधिया ने कहा कि हमारे बीच 160 से अधिक देशों के 3,200 प्रतिनिधि हैं, जो अपने इतिहास में किसी भी WTSA असेंबली के लिए अब तक की सबसे अधिक संख्या है। और पढें: India AI Impact Summit 2026: आ रहे स्वदेशी Sarvam Kaze स्मार्टग्लासेस, Meta Glasses को देंगे टक्कर?
उन्होंने यह भी बताया कि भारत में मोबाइल कनेक्शन की संख्या आज 904 मिलियन से बढ़कर 1.16 बिलियन हो गई है। भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के 924 मिलियन यूजर्स हैं। भारत में ओएफसी फाइबर केवल 11 मिलियन रूट किलोमीटर था, जो आज 41 मिलियन रूट किलोमीटर है। भारत में बहुत तेजी से 5G रोल आउट हुआ। केवल 21 महीनों में 98 प्रतिशत जिले और 90 प्रतिशत गांव कवर किए गए हैं।
रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने अपने संबोधन में दो जरूरी सुझाव दिए हैं। सबसे पहले, उन्होंने भारत के लिए आत्मनिर्भरता की पहल के साथ-साथ एक व्यापक रणनीति के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने की जरूरत पर जोर दिया है।
उन्होंने दूसरा सुझाव दिया है कि भारत में बहुभाषी डेटा जेनरेशन का पैमाना और स्पीड तेजी से बढ़ेगा, जो AI क्रांति को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि वह डेटा सेंटर नीति के 2020 ड्रॉफ्ट को अपडेट करने में तेजी लाएं ताकि भारतीय डेटा भारत के डेटा सेंटर में ही रहे। इस कारण एआई और एमएल डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए तैयार भारतीय कंपनियों को बिजली की खपत के लिए प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि जैसे-जैसे नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे लोगों को फिशिंग प्रयासों, धोखाधड़ी वाले कॉल और स्पैम मैसेज से बचाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि वोडाफोन आइडिया (Vi) सरकार और रेगुलेटर बॉडीज के साथ मिलकर इस समस्या से निपटने में प्रगति कर रहा है। 5G, IoT, AI और क्लाउड सर्विस जैसी तकनीक पर फोकस करते हुए Vi बिजनेस नेक्स्ट प्रोग्राम SMEs को उनकी डिजिटल तत्परता का आकलन करने में मदद कर रहा है।
PM Modi ने अपने संबोधन में बताया कि भारत में 1200 मिलियन मोबाइल फोन यूजर हैं। इसके अलावा, 95 करोड यानी 95 मिलियन इंटरनेट यूजर हैं। इसके अलावा, दुनिया का 40 प्रतिशत का रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में होता है।