Written By Harshit Harsh
Edited By: Harshit Harsh | Published By: Harshit Harsh | Published: Sep 05, 2023, 10:19 AM (IST)
WhatsApp ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय यूजर्स के 72 लाख अकाउंट्स बैन किए हैं। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म द्वारा अप्रैल में 74 लाख अकाउंट्स बैन किया गया था। नए आईटी नियम (IT Rules 2021) के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने जुलाई 2023 का कम्प्लायेंस रिपोर्ट जारी किया है। इस इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के भारत में 500 मिलियन यानी 50 करोड़ से भी ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को जुलाई 2023 में रिकॉर्ड 11,067 शिकायतें मिली थी, जिनमें से रिकॉर्ड 72 शिकायतों पर कंपनी द्वारा ऐक्शन लिया गया। और पढें: WhatsApp प्रोफाइल में लगा पाएंगे अपने पसंद की बैकग्राउंड इमेज, आ रहा खास फीचर
मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म द्वारा लिए गए ऐक्शन का मतलब है कि उन अकाउंट्स को या तो बैन किया गया है, या फिर पहले बैन किए अकाउंट्स को रिस्टोर किया गया है। WhatsApp ने अपने कम्प्लायेंस रिपोर्ट में बताया कि 1 जुलाई 2023 से लेकर 31 जुलाई 2023 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने 72,28,000 अकाउंट्स बैन किए हैं। इनमें से 31,08,000 अकाउंट्स को बिना किसी यूजर के रिपोर्ट करने से पहले प्रोएक्टिवली बैन किया गया है। और पढें: WhatsApp में एक साथ आए तीन शानदार फीचर, ग्रुप चैट करने में आएगा बहुत मजा
WhatsApp ने अपने कम्प्लायेंस रिपोर्ट में बताया कि यूजर सेफ्टी रिपोर्ट में यूजर्स द्वारा मिली शिकायत के साथ-साथ व्हाट्सऐप द्वारा खुद से लिए गए प्रिवेंटिव ऐक्शन की जानकारी शामिल होती हैं। कंपनी यूजर्स के रिपोर्ट करने से पहले भी कई अकाउंट्स पर प्रिवेंटिव ऐक्शन के तहत बैन लगा देती है। व्हाट्सऐप को ग्रीवांस अपीलेट कमिटी द्वारा 1 जुलाई 2023 से 31 जुलाई 2023 के बीच 5 आदेश मिले थे, जिनमें पांचो ऑर्डर्स का कम्प्लायेंस पूरा हो चुका है। देश के लाखों सोशल मीडिया यूजर्स के लिए सरकार ने हाल ही में ग्रीवांस अपीलेट कमिटी (GAC) का गठन किया है, जो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कॉन्टैंट्स एवं अन्य मुद्दों को देखते हैं। और पढें: WhatsApp Group में नए मेंबर भी पढ़ पाएंगे पुरानी चैट! आ रहा काम का फीचर
इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड की संख्यां तेजी से बढ़ी है। इसे लेकर सरकार के साथ-साथ सोशल मीडिया कंपनियां भी सख्त हैं। सरकार ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को इस तरह की एक्टिविटी में शामिल अकाउंट्स की पहचान करके उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने के लिए कहा है। हाल में DoT यानी दूरसंचार विभाग ने भी 6 मिलियन यानी 60 लाख फर्जी मोबाइल नंबर को बंद किया है, जिसका इस्तेमाल ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।