comscore

भारत सरकार ने Kissht समेत इन लोन देने वाले ऐप्स से हटाया प्रतिबंध, जानें वजह

केंद्र सरकार ने LazyPay और Kissht समेत कई लोन देने वाले मोबाइल ऐप्स से बैन हटाने का निर्णय लिया है। बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में 94 लोन पर प्रतिबंध लगाया गया था।

Published By: Ajay Verma | Published: Feb 10, 2023, 09:03 PM (IST)

  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

Highlights

  • सरकार ने LazyPay और Kissht समेत कई लोन देने वाले ऐप्स से बैन हटाने का आदेश दिया है।
  • लोन देने वाले ऐप्स ने दस्तावेज जमा कर सिद्ध की विश्वसनीयता।
  • इस सप्ताह की शुरुआत में 138 बेटिंग और 94 लोन ऐप पर प्रतिबंध लगा था।
  • whatsapp
  • twitter
  • facebook

भारत सरकार ने कुछ दिन पहले लोन देने वाले LazyPay और Kissht जैसे कई मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाया था। अब उन ऐप्स के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने इन मोबाइल ऐप्स पर से प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया है। साथ ही, केंद्र सरकार कई अन्य ऑनलाइन कर्ज देने वाले मोबाइल ऐप्स पर से भी बैन हटाने की तैयारी कर रही है। news और पढें: भारत सरकार के फोन ट्रैकिंग प्रस्ताव पर छिड़ी बहस, Apple और Google ने किया विरोध

इन लोन देने वाले ऐप्स से हटा बैन

ईटी की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) और Google को लोन देने वाले ऐप व वेबसाइट्स को अनब्लॉक करने के लिए कहा है। इनमें लेजीपे, किश्त, बडीलोन्स, इंडियाबुल्स होम लोन, फेयरसेंट और एमपॉकेट शामिल हैं। news और पढें: क्या वाकई चीनी ऐप TikTok भारत में होगा दोबारा लॉन्च ? सरकार व कंपनी ने बताई सच्चाई

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि इन कंपनियों ने अपने डॉक्यूमेंट्स सरकार के पास जमा करा दिए हैं, जिनसे सिद्ध हो गया है कि ये कंपनियां फर्जी नहीं हैं। news और पढें: डिलीट कर दें ये 15 फर्जी Loan Apps, 80 लाख से ज्यादा यूजर्स को बनाया शिकार

बैन हटाए जाने पर किश्त मोबाइल ऐप के फाउंडर रणवीर सिंह ने कहा कि किश्त को ब्लॉक करने के आदेश को रद्द करने के लिए हम भारत सरकार और MeitY के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

उन्होंने आगे ये भी कहा कि केंद्र सरकार ने हम पर विश्वास जताया है। हम देश में अधिक से अधिक वित्तीय समावेशन की दिशा में काम करना जारी रखेंगे।

चल रही है जांच

मीडिया रिपोर्ट की मानें, तो केंद्र सरकार इस समय यह भी जांच रही है कि अगर इन लोन देने वाले ऐप का डेटा बेस भारत से बाहर है, तो क्या भारतीय यूजर्स के निजी डेटा को स्टोर किया जा रहा है या नहीं। इस संबंध में सरकार की तरफ से फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।

138 बेटिंग और 94 लोन ऐप पर लगा बैन

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में भारत सरकार ने 138 ऑनलाइन बेटिंग ऐप और 94 डिजिटल लोन मोबाइल ऐप पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था, जिनपर चीन के साथ कथित संबंध होने का आरोप लगा था। सरकार ने यह सख्त कदम यूजर्स की शिकायतों को ध्यान में रखकर उठाया था।